Аль-МухтасарАль‑Касас · 28:1–42

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

القصص

Аль-Касас

Рассказ · Мекканская · 88 аятов

28:1Страница 385

طسٓمٓ ١

Та. Син. Мим.

(ता, सीन, मीम) सूरतुल-बक़रा की शुरुआत में इस प्रकार के अक्षरों के बारे में बात गुज़र चुकी है।

28:2Страница 385

تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡمُبِينِ ٢

Это - аяты ясного Писания.

ये स्पष्ट क़ुरआन की आयतें हैं l

28:3Страница 385

نَتۡلُواْ عَلَيۡكَ مِن نَّبَإِ مُوسَىٰ وَفِرۡعَوۡنَ بِٱلۡحَقِّ لِقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ ٣

Мы правдиво прочтем тебе для верующих людей историю Мусы (Моисея) и Фараона.

हम संदेह-रहित सच्चाई के साथ आपके सामने मूसा एवं फ़िरऔन के कुछ समाचार पढ़ते हैं, उन लोगों के लिए जो ईमान रखते हैं; क्योंकि केवल वही लोग इससे लाभ उठाते हैं।

28:4Страница 385

إِنَّ فِرۡعَوۡنَ عَلَا فِي ٱلۡأَرۡضِ وَجَعَلَ أَهۡلَهَا شِيَعٗا يَسۡتَضۡعِفُ طَآئِفَةٗ مِّنۡهُمۡ يُذَبِّحُ أَبۡنَآءَهُمۡ وَيَسۡتَحۡيِۦ نِسَآءَهُمۡۚ إِنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلۡمُفۡسِدِينَ ٤

Фараон возгордился на земле и разделил ее жителей на группы. Одних он ослаблял, убивая их сыновей и оставляя в живых их женщин. Воистину, он был одним из тех, кто распространял нечестие.

फ़िरऔन ने मिस्र की धरती में सरकशी की और उसपर अधिकार जमा लिया, तथा उसके निवासियों को अलग-अलग गुटों में कर दिया। वह उनमें से एक गुट अर्थात् बनी इसराईल को कमज़ोर कर रखा था। उनके पुरुषों को मार देता और उन्हें और अधिक अपमानित करने के लिए उनकी महिलाओं को सेवा में रखने के लिए जीवित छोड़ देता था। निःसंदेह वह अत्याचार, सरकशी तथा अहंकार के साथ धरती पर बिगाड़ पैदा करने वालों में से था।

28:5Страница 385

وَنُرِيدُ أَن نَّمُنَّ عَلَى ٱلَّذِينَ ٱسۡتُضۡعِفُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَنَجۡعَلَهُمۡ أَئِمَّةٗ وَنَجۡعَلَهُمُ ٱلۡوَٰرِثِينَ ٥

Мы пожелали оказать милость тем, кто был унижен на земле, сделать их предводителями и наследниками,

और हम चाहते थे कि बनी इसराईल पर, जिन्हें फ़िरऔन ने मिस्र की धरती में कमज़ोर बना दिया था, उनके दुश्मन को नष्ट करके और उनकी निर्बलता को दूर करके उपकार करें, तथा उन्हें पेशवा बना दें जिनका सच्चाई में अनुकरण किया जाए और उन्हें फ़िरऔन के विनाश के बाद शाम की मुबारक (धन्य) भूमि का वारिस बनादें, जैसा कि अल्लाह तआला ने फरमाया : "وَأَوْرَثْنَا الْقَوْمَ الَّذِينَ كَانُوا يُسْتَضْعَفُونَ مَشَارِقَ الأَرْضِ وَمَغَارِبَهَا الَّتِي بَارَكْنَا فِيهَاۖ" "हमने उस जाति (बनी इसराईल) को, जो निर्बल समझे जा रहे थे धरती के पूरब के हिस्सों और पश्चिम के हिस्सों का उत्तराधिकारी बना दिया, जिसमें हमने बरकत दी थी...)

28:6Страница 386

وَنُمَكِّنَ لَهُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَنُرِيَ فِرۡعَوۡنَ وَهَٰمَٰنَ وَجُنُودَهُمَا مِنۡهُم مَّا كَانُواْ يَحۡذَرُونَ ٦

даровать им власть на земле и показать Фараону, Хаману и их воинам то, чего они остерегались.

और हम चाहते थे कि उन्हें राजपाट देकर धरती में सत्ता प्रदान करें तथा फिरऔन और राज में उसके सबसे बड़े समर्थक हामान और उनके सैनिकों को, जो उनकी हुकूमत में उनकी मदद करने वाले थे, वह चीज़ दिखाएँ जिससे वे डरते थे कि बनी इसराईल के एक बच्चे के हाथ से उनके राज्य की समाप्ति हो जाएगी।

28:7Страница 386

وَأَوۡحَيۡنَآ إِلَىٰٓ أُمِّ مُوسَىٰٓ أَنۡ أَرۡضِعِيهِۖ فَإِذَا خِفۡتِ عَلَيۡهِ فَأَلۡقِيهِ فِي ٱلۡيَمِّ وَلَا تَخَافِي وَلَا تَحۡزَنِيٓۖ إِنَّا رَآدُّوهُ إِلَيۡكِ وَجَاعِلُوهُ مِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ ٧

Мы внушили матери Мусы (Моисея): «Корми его грудью. Когда же станешь опасаться за него, то брось его в реку. Не бойся и не печалься, ибо Мы вернем его тебе и сделаем одним из посланников».

और हमने मूसा अलैहिस्सलाम की माता के हृदय में यह बात डाल दी कि तुम उन्हें दूध पिलाती रहो, यहाँ तक कि जब तुम्हें फ़िरऔन तथा उसकी जाति की ओर से भय हो कि वे उन्हें मार डालेंगे, तो उन्हें संदूक़ में रखकर नील नदी में डाल दो और उसके डूबने का तथा फ़िरऔन की ओर से कोई कष्ट पहुँचने का भय न करो। तथा उनकी जुदाई के कारण शोक मत करो। हम उन्हें तुम्हारे पास जीवित लौटाने वाले हैं तथा उन्हें अपने उन रसूलों में से बनाने वाले हैं, जिन्हें अल्लाह अपने बंदों की ओर भेजता है।

28:8Страница 386

فَٱلۡتَقَطَهُۥٓ ءَالُ فِرۡعَوۡنَ لِيَكُونَ لَهُمۡ عَدُوّٗا وَحَزَنًاۗ إِنَّ فِرۡعَوۡنَ وَهَٰمَٰنَ وَجُنُودَهُمَا كَانُواْ خَٰطِـِٔينَ ٨

Семья Фараона подобрала его, чтобы он стал их врагом и печалью. Воистину, Фараон, Хаман и их воины были грешниками.

जब उन्होंने उसका पालन किया जो हमने उन्हें एक संदूक़ में रखकर नदी में डालने के लिए प्रेरित किया था, तो फ़िरऔन के घर वालों ने उसे पाया और उठा लिया, ताकि वह पूरा हो जाए जो अल्लाह चाहता था कि मूसा शीघ्र ही फ़िरऔन का शत्रु होगा, जिनके हाथ से अल्लाह उसके राज्य को विनष्ट कर देगा, जो उन लोगों के शोक का कारण होगा l निःसंदेह फ़िरऔन तथा उसका मंत्री हामान और उनके सहयोगी अपने कुफ़्र, सरकशी तथा धरती में उपद्रव मचाने के कारण पापी थे।

28:9Страница 386

وَقَالَتِ ٱمۡرَأَتُ فِرۡعَوۡنَ قُرَّتُ عَيۡنٖ لِّي وَلَكَۖ لَا تَقۡتُلُوهُ عَسَىٰٓ أَن يَنفَعَنَآ أَوۡ نَتَّخِذَهُۥ وَلَدٗا وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ ٩

Жена Фараона сказала: «Вот услада очей для меня и тебя. Не убивайте его! Быть может, он принесет нам пользу, или же мы усыновим его». Они ни о чем не подозревали.

जब फ़िरऔन ने उसे मार डालना चाहा, तो उसकी पत्नी ने उससे कहा : यह शिशु मेरे और तुम्हारे लिए आनंद का कारण है। इसे मत मारो, हो सकता है कि यह हमें सेवा से लाभ पहुँचाए, या हम इसे दत्तक पुत्र बना लें। और वे नहीं जानते थे कि उसके हाथ से उनके राज्य का परिणाम क्या होगा।

28:10Страница 386

وَأَصۡبَحَ فُؤَادُ أُمِّ مُوسَىٰ فَٰرِغًاۖ إِن كَادَتۡ لَتُبۡدِي بِهِۦ لَوۡلَآ أَن رَّبَطۡنَا عَلَىٰ قَلۡبِهَا لِتَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١٠

Сердце матери Мусы (Моисея) опустело (переполнилось тревогой и оказалось лишено всех иных чувств). Она готова была раскрыть его (свой поступок), если бы Мы не укрепили ее сердце, чтобы она оставалась верующей.

मूसा अलैहिस्सलाम की माता का दिल मूसा के मामले के सिवा किसी भी प्रकार की सांसारिक वस्तु से रहित हो गया। वह अब धीरज नहीं रख पा रही थीं, यहाँ तक कि उसके साथ उनके गहरे लगाव के कारण वह इस बात के क़रीब थीं कि यह प्रकट कर देतीं कि वह उनका बेटा है, यदि ऐसा न होता कि हमने उनके दिल को मज़बूत करके उसका ढारस बँधा दिया तथा उन्हें सब्र प्रदान किया। ताकि वह उन ईमान वालों में शामिल हो जाएँ, जो अपने रब पर भरोसा रखते हैं और उसके फ़ैसले पर सब्र करते हैं।

28:11Страница 386

وَقَالَتۡ لِأُخۡتِهِۦ قُصِّيهِۖ فَبَصُرَتۡ بِهِۦ عَن جُنُبٖ وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ ١١

Она сказала его сестре: «Следуй за ним». Она наблюдала за ним издали, и они не замечали этого.

मूसा अलैहिस्सलाम की माता ने उन्हें नदी में डालने के बाद उनकी बहन से कहा : उसके पीछे-पीछे जाओ, ताकि जान सको कि उसके साथ क्या किया जाता है। अतः वह उन्हें दूर ही दूर से देखती रही, ताकि उसका मामला प्रकट न होने पाए। जबकि फ़िरऔन और उसकी जाति के लोगों को पता नहीं था कि यह उनकी बहन है और उनकी सूचना प्राप्त कर रही है।

28:12Страница 386

۞ وَحَرَّمۡنَا عَلَيۡهِ ٱلۡمَرَاضِعَ مِن قَبۡلُ فَقَالَتۡ هَلۡ أَدُلُّكُمۡ عَلَىٰٓ أَهۡلِ بَيۡتٖ يَكۡفُلُونَهُۥ لَكُمۡ وَهُمۡ لَهُۥ نَٰصِحُونَ ١٢

Мы запретили ему брать грудь кормилиц, пока она (сестра Мусы) не сказала: «Показать ли вам семью, которая будет заботиться о нем для вас и будет желать ему добра?».

इससे पहले कि हम मूसा को उनकी माँ के पास लौटाएँ, उन्होंने अल्लाह की योजना के अनुसार किसी भी स्त्री का दूध पीने से इनकार कर दिया। अतः जब मूसा की बहन ने उन लोगों को देखा कि वे उसे दूध पिलाने के लिए उत्सुक हैं, तो उसने उनसे कहा : क्या मैं तुम्हें ऐसे घरवाले बताऊँ, जो इसे दूध पिलाएँ और इसकी देखभाल करें और वे इसके शुभचिंतक हों?

28:13Страница 386

فَرَدَدۡنَٰهُ إِلَىٰٓ أُمِّهِۦ كَيۡ تَقَرَّ عَيۡنُهَا وَلَا تَحۡزَنَ وَلِتَعۡلَمَ أَنَّ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقّٞ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ١٣

Так Мы вернули его матери, чтобы утешились ее глаза, чтобы она не печалилась и знала, что обещание Аллаха истинно. Но большинство их не ведает этого.

इस प्रकार हमने मूसा को उनकी माँ के पास लौटा दिया, ताकि उसकी आँखें उन्हें क़रीब से देखकर ठंडी रहें तथा उनकी जुदाई के कारण शोक न करें, और ताकि वह जान लें कि मूसा को उनके पास वापस लाने का अल्लाह का वादा सत्य है, जिसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन उनमें से अधिकांश लोग इस वादे के बारे में नहीं जानते, और न ही कोई यह जानता कि वह उनकी माता हैं।

28:14Страница 387

وَلَمَّا بَلَغَ أَشُدَّهُۥ وَٱسۡتَوَىٰٓ ءَاتَيۡنَٰهُ حُكۡمٗا وَعِلۡمٗاۚ وَكَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ ١٤

Когда он достиг зрелого возраста, Мы даровали ему власть (мудрость или пророчество) и знание. Так Мы воздаем творящим добро.

और जब वह शरीर के मज़बूत होने की आयु को पहुँचे तथा अपनी ताकत में दृढ़ हो गए, तो हमने उन्हें पैग़ंबरी प्रदान करने से पूर्व बनी इसराईल के धर्म की समझ तथा ज्ञान दिया। और जिस प्रकार हमने मूसा को उनकी आज्ञाकारिता का प्रतिफल दिया, उसी तरह हम हर समय और स्थान में सदाचारियों को प्रतिफल देते हैं।

28:15Страница 387

وَدَخَلَ ٱلۡمَدِينَةَ عَلَىٰ حِينِ غَفۡلَةٖ مِّنۡ أَهۡلِهَا فَوَجَدَ فِيهَا رَجُلَيۡنِ يَقۡتَتِلَانِ هَٰذَا مِن شِيعَتِهِۦ وَهَٰذَا مِنۡ عَدُوِّهِۦۖ فَٱسۡتَغَٰثَهُ ٱلَّذِي مِن شِيعَتِهِۦ عَلَى ٱلَّذِي مِنۡ عَدُوِّهِۦ فَوَكَزَهُۥ مُوسَىٰ فَقَضَىٰ عَلَيۡهِۖ قَالَ هَٰذَا مِنۡ عَمَلِ ٱلشَّيۡطَٰنِۖ إِنَّهُۥ عَدُوّٞ مُّضِلّٞ مُّبِينٞ ١٥

Войдя в город, когда его жители были невнимательны, он встретил двух мужчин, которые дрались друг с другом. Один был из числа его сторонников, а другой был из числа его врагов. Тот, кто был из числа его сторонников, попросил его помочь ему против того, кто был из числа его врагов. Муса (Моисей) ударил его кулаком и прикончил. Он сказал: «Это - одно из деяний дьявола. Воистину, он является явным врагом, вводящим в заблуждение».

(एक दिन) मूसा अलैहिस्सलाम उस समय नगर में आए, जब लोग अपने घरों में विश्राम कर रहे थे। उन्होंने वहाँ दो आदमियों को वाद-विवाद करते और आपस में झगड़ते हुए पाया। उनमें से एक मूसा अलैहिस्सलाम की जाति बनी इसराईल से और दूसरा क़िब्तियों में से अर्थात् मूसा के दुश्मन फिरऔन की जाति से था। अतः जो व्यक्ति उनकी जाति से था, उसने मूसा से अपने शत्रु क़िब्ती के विरुद्ध सहायता की गुहार लगाई। चुनाँचे मूसा ने क़िब्ती को एक घूँसा मारा, जिसकी ताक़त से वह तुरंत मर गया। यह देखकर मूसा अलैहिस्सलाम ने कहा : यह शैतान के (गलत कार्यों को) सुंदर बनाकर पेश करने और उसके प्रलोभन से है। निःसंदेह शैतान एक दुश्मन है जो अपने पीछे चलने वालों को गुमराह करने वाला है, जिसकी दुश्मनी स्पष्ट है। अतः जो कुछ मुझसे हुआ, वह उसकी दुश्मनी के कारण हुआ, और इस कारण कि वह एक गुमराह करने वाला है, जो मुझे गुमराह करना चाहता है।

28:16Страница 387

قَالَ رَبِّ إِنِّي ظَلَمۡتُ نَفۡسِي فَٱغۡفِرۡ لِي فَغَفَرَ لَهُۥٓۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ ١٦

Он сказал: «Господи! Я поступил несправедливо по отношению к себе. Прости же меня!». Он простил его, ибо Он - Прощающий, Милосердный.

मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने रब से प्रार्थना करते हुए और जो कुछ उनसे हुआ उसे स्वीकारते हुए कहा : ऐ मेरे रब! मैंने इस क़िब्ती को मारकर अपने आप पर अत्याचार किया है। अतः तू मेरे पाप को क्षमा कर दे। तो अल्लाह ने हमें मूसा के लिए अपनी क्षमा स्पष्ट कर दी। निःसंदेह वह अपने क्षमा याचना करने वाले बंदों के लिए क्षमाशील तथा उनपर अत्यंत दयावान् है।

28:17Страница 387

قَالَ رَبِّ بِمَآ أَنۡعَمۡتَ عَلَيَّ فَلَنۡ أَكُونَ ظَهِيرٗا لِّلۡمُجۡرِمِينَ ١٧

Он сказал: «Господи, за то, что Ты оказал мне милость, я никогда не буду пособлять грешникам».

फिर उसने मूसा की उस दुआ के बारे में सूचना दी, जिसमें उन्होंने कहा : ऐ मेरे रब! तूने मुझे जो शक्ति, हिकमत और ज्ञान प्रदान किया है, उसके कारण अब मैं अपराधियों का उनके अपराधों के लिए कभी सहायक नहीं बनूँगा।

28:18Страница 387

فَأَصۡبَحَ فِي ٱلۡمَدِينَةِ خَآئِفٗا يَتَرَقَّبُ فَإِذَا ٱلَّذِي ٱسۡتَنصَرَهُۥ بِٱلۡأَمۡسِ يَسۡتَصۡرِخُهُۥۚ قَالَ لَهُۥ مُوسَىٰٓ إِنَّكَ لَغَوِيّٞ مُّبِينٞ ١٨

Утром он отправился в город, оглядываясь со страхом, и вдруг тот, кто попросил его о помощи накануне, вновь позвал его на помощь. Муса (Моисей) сказал ему: «Ты являешься явным заблудшим».

जब उनसे एक क़िब्ती का क़त्ल हो गया, तो उन्होंने नगर में डरते हुए सुबह की, इस इंतज़ार में कि अब क्या होगा। अचानक क्या देखते हैं कि वही व्यक्ति जिसने कल उनसे अपने क़िब्ती दुश्मन के विरुद्ध सहायता माँगी थी, आज एक अन्य क़िब्ती के ख़िलाफ़ उनसे मदद माँग रहा है। मूसा ने उससे कहा : निश्चय तू एक स्पष्ट और खुला गुमराह है।

28:19Страница 387

فَلَمَّآ أَنۡ أَرَادَ أَن يَبۡطِشَ بِٱلَّذِي هُوَ عَدُوّٞ لَّهُمَا قَالَ يَٰمُوسَىٰٓ أَتُرِيدُ أَن تَقۡتُلَنِي كَمَا قَتَلۡتَ نَفۡسَۢا بِٱلۡأَمۡسِۖ إِن تُرِيدُ إِلَّآ أَن تَكُونَ جَبَّارٗا فِي ٱلۡأَرۡضِ وَمَا تُرِيدُ أَن تَكُونَ مِنَ ٱلۡمُصۡلِحِينَ ١٩

Когда же он захотел схватить того, кто был их врагом, тот сказал: «О Муса (Моисей)! Неужели ты хочешь убить меня, как убил человека вчера? Ты лишь хочешь стать тираном на земле и не хочешь быть в числе тех, кто примиряет людей».

फिर जब मूसा अलैहिस्सलाम ने क़िब्ती को पकड़ना चाहा, जो उनका तथा उस इसराईली का शत्रु था, तो इसराईली ने सोचा कि मूसा उसे पकड़ना चाहते हैं क्योंकि उसने उन्हें यह कहते हुए सुना था कि : "निश्चय तू खुला गुमराह है।", इसलिए उसने मूसा से कहा : क्या तुम मुझे भी मार डालना चाहते हो, जैसे तुमने कल एक व्यक्ति को मार डाला था? तुम तो केवल यह चाहते हो कि धरती पर अत्याचारी बन जाओ, लोगों को मारो और उनपर अत्याचार करो। तुम झगड़ने वाले लोगों के बीच सुलह कराने वालों में से नहीं होना चाहते हो।

28:20Страница 387

وَجَآءَ رَجُلٞ مِّنۡ أَقۡصَا ٱلۡمَدِينَةِ يَسۡعَىٰ قَالَ يَٰمُوسَىٰٓ إِنَّ ٱلۡمَلَأَ يَأۡتَمِرُونَ بِكَ لِيَقۡتُلُوكَ فَٱخۡرُجۡ إِنِّي لَكَ مِنَ ٱلنَّٰصِحِينَ ٢٠

С окраины города второпях пришел мужчина и сказал: «О Муса (Моисей)! Знать договаривается о том, чтобы убить тебя. Уходи! Воистину, я даю тебе добрый совет».

और जब यह समाचार फैल गया और नगर के सबसे दूर किनारे से एक व्यक्ति कार्रवाई के डर से मूसा पर तरस खाकर दौड़ता हुआ आया, और उसने कहा : ऐ मूसा! फ़िरऔन की जाति के प्रमुख लोग आपको मार डालने का परामर्श कर रहे हैं। इसलिए आप नगर से निकल जाएँ। मैं आपका शुभचिंतक हूँ। मुझे भय है कि कहीं वे आपको पकड़कर मार न डालें।

28:21Страница 387

فَخَرَجَ مِنۡهَا خَآئِفٗا يَتَرَقَّبُۖ قَالَ رَبِّ نَجِّنِي مِنَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلظَّٰلِمِينَ ٢١

Муса (Моисей) покинул город, оглядываясь со страхом, и сказал: «Господи! Спаси меня от несправедливых людей!».

चुनाँचे मूसा ने उस शुभचिंतक व्यक्ति की बात मान ली और डरते हुए उस शहर से निकल पड़े, इंतज़ार कर रहे थे कि अब उनके साथ क्या होता है। उन्होंने अपने रब से विनती करते हुए कहा : ऐ मेरे रब! मुझे इन अत्याचारियों से बचा ले, कि वे मुझे कोई हानि न पहुँचा सकें।

28:22Страница 388

وَلَمَّا تَوَجَّهَ تِلۡقَآءَ مَدۡيَنَ قَالَ عَسَىٰ رَبِّيٓ أَن يَهۡدِيَنِي سَوَآءَ ٱلسَّبِيلِ ٢٢

Направившись в сторону Мадьяна, он сказал: «Быть может, мой Господь наставит меня на правильный путь».

और जब वह मदयन की ओर मुँह करके चले, तो उन्होंने कहा : आशा है कि मेरा रब मुझे सबसे अच्छे रास्ते पर ले जाए, ताकि मैं उससे न भटकूँ।

28:23Страница 388

وَلَمَّا وَرَدَ مَآءَ مَدۡيَنَ وَجَدَ عَلَيۡهِ أُمَّةٗ مِّنَ ٱلنَّاسِ يَسۡقُونَ وَوَجَدَ مِن دُونِهِمُ ٱمۡرَأَتَيۡنِ تَذُودَانِۖ قَالَ مَا خَطۡبُكُمَاۖ قَالَتَا لَا نَسۡقِي حَتَّىٰ يُصۡدِرَ ٱلرِّعَآءُۖ وَأَبُونَا شَيۡخٞ كَبِيرٞ ٢٣

Когда он прибыл к колодцу в Мадьяне, то обнаружил возле него людей, которые поили скотину. Неподалеку от них он увидел двух женщин, которые отгоняли свое стадо. Он сказал: «Что с вами?». Они сказали: «Мы не поим скотину, пока пастухи не уведут свои стада. Наш отец очень стар».

जब वह मदयन के पानी पर पहुँचे, जिससे वे लोग पानी पीते थे, तो लोगों के एक दल को अपने पशुओं को पानी पिलाते हुए पाया। उनके अतिरिक्त, दो स्त्रियों को पाया जो अपनी भेड़-बकरियों को पानी से रोक रही थीं यहाँ तक कि लोग पानी पिला लें। मूसा अलैहिस्सलाम ने उन दोनों से पूछा : तुम्हारा क्या मामला है, तुम लोगों के साथ पानी क्यों नहीं पिलातीं? उन्होंने कहा : हमारी आदत है कि जब तक चरवाहे न चले जाएँ, तब तक हम रुके रहते हैं और पानी नहीं पिलाते; ताकि उनके साथ मिश्रण से बच सकें। और हमारे पिता एक बूढ़े आदमी हैं, जो पानी नहीं पिला सकते, इसलिए हमें अपनी बकरियों को पानी पिलाना पड़ता है।

28:24Страница 388

فَسَقَىٰ لَهُمَا ثُمَّ تَوَلَّىٰٓ إِلَى ٱلظِّلِّ فَقَالَ رَبِّ إِنِّي لِمَآ أَنزَلۡتَ إِلَيَّ مِنۡ خَيۡرٖ فَقِيرٞ ٢٤

Он напоил для них скотину, а затем вернулся в тень и сказал: «Господи! Воистину, я нуждаюсь в любом благе, которое Ты ниспошлешь мне».

चुनाँचे मूसा अलैहिस्सलाम को उनपर दया आ गई और उनकी बकरियों को पानी पिला दिया। फिर छाया में जाकर विश्राम करने लगे और वहाँ अपने रब के सामने अपनी ज़रूरत को रखते हुए दुआ की : ऐ मेरे रब! तू जो भी भलाई मुझपर उतारे, मैं उसका ज़रूरतमंद हूँ।

28:25Страница 388

فَجَآءَتۡهُ إِحۡدَىٰهُمَا تَمۡشِي عَلَى ٱسۡتِحۡيَآءٖ قَالَتۡ إِنَّ أَبِي يَدۡعُوكَ لِيَجۡزِيَكَ أَجۡرَ مَا سَقَيۡتَ لَنَاۚ فَلَمَّا جَآءَهُۥ وَقَصَّ عَلَيۡهِ ٱلۡقَصَصَ قَالَ لَا تَخَفۡۖ نَجَوۡتَ مِنَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلظَّٰلِمِينَ ٢٥

Одна из двух женщин подошла к нему застенчиво и сказала: «Мой отец зовет тебя, чтобы вознаградить тебя за то, что ты напоил для нас скотину». Когда он пришел к отцу и поведал ему рассказ, он сказал: «Не бойся. Ты спасся от несправедливых людей».

जब वे दोनों घर गईं, तो अपने पिता को उनके बारे में बताया। उनके पिता ने उन दोनों में से एक को उन्हें बुलाने के लिए भेजा। वह उनके पास लजाते हुए आई और बोली : मेरे पिता आपको बुला रहे हैं, ताकि वह आपको हमारे लिए पानी पिलाने का बदला दें। जब मूसा उन दोनों के पिता के पास आए और उन्हें अपना समाचार सुनाया, तो उन्होंने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा : भय न करो। तुम अत्याचारी लोगों फ़िरऔन तथा उसके प्रमुखों से नजात पा चुके। क्योंकि मदयन पर उनका अधिकार नहीं है। इसलिए वे तुम्हें कोई हानि नहीं पहुँचा सकते।

28:26Страница 388

قَالَتۡ إِحۡدَىٰهُمَا يَٰٓأَبَتِ ٱسۡتَـٔۡجِرۡهُۖ إِنَّ خَيۡرَ مَنِ ٱسۡتَـٔۡجَرۡتَ ٱلۡقَوِيُّ ٱلۡأَمِينُ ٢٦

Одна из двух женщин сказала: «Отец мой! Найми его, ведь лучшим из тех, кого ты наймешь, будет тот, кто силен и заслуживает доверия».

उनकी एक बेटी ने कहा : ऐ पिता जी! आप इन्हें हमारी बकरियाँ चराने के लिए मज़दूरी पर रख लें। क्योंकि वह बलवान और अमानतदार होने के कारण मज़दूरी पर रखे जाने के योग्य हैं। वह बल द्वारा अपनी ज़िम्मेदारियाँ अदा करेंगे और अमानतदारी के कारण उस अमानत का संरक्षण करेंगे जो उन्हें सौंपी जाएगी।

28:27Страница 388

قَالَ إِنِّيٓ أُرِيدُ أَنۡ أُنكِحَكَ إِحۡدَى ٱبۡنَتَيَّ هَٰتَيۡنِ عَلَىٰٓ أَن تَأۡجُرَنِي ثَمَٰنِيَ حِجَجٖۖ فَإِنۡ أَتۡمَمۡتَ عَشۡرٗا فَمِنۡ عِندِكَۖ وَمَآ أُرِيدُ أَنۡ أَشُقَّ عَلَيۡكَۚ سَتَجِدُنِيٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ مِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ ٢٧

Он сказал: «Воистину, я хочу сочетать тебя браком с одной из моих дочерей этих при условии, что ты наймешься ко мне на восемь лет. Если же ты останешься на все десять, то это будет милостью от тебя. Я не собираюсь обременять тебя, и ты увидишь, если пожелает Аллах, что я являюсь одним из праведников».

उन दोनों के पिता ने मूसा अलैहिस्सलाम को संबोधित करते हुए कहा : मैं चाहता हूँ कि अपनी इन दोनों बेटियों में से एक की तुमसे शादी कर दूँ, इस शर्त पर कि इसका महर यह रहे कि तुम आठ वर्ष तक हमारी बकरियाँ चराओ, और यदि दस वर्ष पूरा कर दो, तो यह तुम्हारी कृपा होगी, तुम इसके बाध्य नहीं हो। क्योंकि अनुबंध केवल आठ साल के लिए है। अतः जो उससे अधिक है वह स्वैच्छिक है, और मैं तुम्हें ऐसी चीज़ के लिए बाध्य नहीं करना चाहता, जिसमें तुम्हारे लिए कठिनाई हो। तुम (इन शा अल्लाह) मुझे सदाचारियों में से पाओगे, जो अनुबंधों को पूरा करते हैं और प्रतिज्ञाओं को नहीं तोड़ते।

28:28Страница 388

قَالَ ذَٰلِكَ بَيۡنِي وَبَيۡنَكَۖ أَيَّمَا ٱلۡأَجَلَيۡنِ قَضَيۡتُ فَلَا عُدۡوَٰنَ عَلَيَّۖ وَٱللَّهُ عَلَىٰ مَا نَقُولُ وَكِيلٞ ٢٨

Он сказал: «Договорились. Какой бы из этих двух сроков я ни отработал, пусть со мной не поступают несправедливо. Аллах является Попечителем и Хранителем того, что мы говорим».

मूसा अलैहिस्सलाम ने कहा : यह बात मेरे और तुम्हारे बीच तय हो चुकी, जैसा कि हमने अनुबंध किया है। अतः मैं तुम्हारे लिए दोनों अवधियों में से जिसके लिए भी काम करूँ : आठ साल हो या दस साल, मैं अपनी ज़िम्मेदारी को पूरा करने वाला समझा जाऊँगा। अतः तुम मुझसे इसे बढ़ाने के लिए मत कहना। और हमने जो अनुबंध किया है, उसपर अल्लाह गवाह तथा निरीक्षक है।

28:29Страница 389

۞ فَلَمَّا قَضَىٰ مُوسَى ٱلۡأَجَلَ وَسَارَ بِأَهۡلِهِۦٓ ءَانَسَ مِن جَانِبِ ٱلطُّورِ نَارٗاۖ قَالَ لِأَهۡلِهِ ٱمۡكُثُوٓاْ إِنِّيٓ ءَانَسۡتُ نَارٗا لَّعَلِّيٓ ءَاتِيكُم مِّنۡهَا بِخَبَرٍ أَوۡ جَذۡوَةٖ مِّنَ ٱلنَّارِ لَعَلَّكُمۡ تَصۡطَلُونَ ٢٩

Когда Муса (Моисей) отработал срок и двинулся в путь со своей семьей, он увидел со стороны горы огонь и сказал своей семье: «Оставайтесь здесь! Я увидел огонь. Возможно, я принесу вам оттуда известие или горящую головню, чтобы вы могли согреться».

जब मूसा अलैहिस्सलाम अधिकतम अवधि अर्थात् दस वर्ष पूरा करके अपने परिवार को लेकर मदयन से मिस्र की ओर चल पड़े, तो उन्हें तूर पर्वत की दिशा में एक आग दिखाई दी। उन्होंने अपने परिवार से कहा : यहाँ ठहरो, मुझे एक आग दिखाई दी है। शायद मैं वहाँ से तुम्हारे लिए कोई सूचना लाऊँ, अथवा आग का कोई अंगारा ले आऊँ, जिससे तुम आग जलाओ; ताकि तुम ठंड से गर्म हो सको।

28:30Страница 389

فَلَمَّآ أَتَىٰهَا نُودِيَ مِن شَٰطِيِٕ ٱلۡوَادِ ٱلۡأَيۡمَنِ فِي ٱلۡبُقۡعَةِ ٱلۡمُبَٰرَكَةِ مِنَ ٱلشَّجَرَةِ أَن يَٰمُوسَىٰٓ إِنِّيٓ أَنَا ٱللَّهُ رَبُّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٣٠

Подойдя туда, он услышал глас со стороны дерева, которое росло в благословенном месте на правой стороне долины: «О Муса (Моисей)! Я- Аллах, Господь миров.

फिर जब मूसा अलैहिस्सलाम उस आग के पास पहुँचे, जो उन्हें दिखाई दी थी, तो उनके महिमावान एवं सर्वशक्तिमान रब ने घाटी की दाहिनी ओर से, उस स्थान में जिसे अल्लाह ने मूसा से बात करके बरकत वाला बनाया था, एक पेड़ से पुकार कर कहा : ऐ मूसा! निःसंदेह मैं ही अल्लाह हूँ, जो सारी सृष्टियाों का पालनहार है।

28:31Страница 389

وَأَنۡ أَلۡقِ عَصَاكَۚ فَلَمَّا رَءَاهَا تَهۡتَزُّ كَأَنَّهَا جَآنّٞ وَلَّىٰ مُدۡبِرٗا وَلَمۡ يُعَقِّبۡۚ يَٰمُوسَىٰٓ أَقۡبِلۡ وَلَا تَخَفۡۖ إِنَّكَ مِنَ ٱلۡأٓمِنِينَ ٣١

Брось свой посох!». Когда же он увидел, как тот извивается, словно змея, он бросился бежать и не вернулся (или не обернулся). Аллах сказал: «О Муса (Моисей)! Подойди и не бойся, ибо ты являешься одним из тех, кто находится в безопасности.

और यह कि अपनी लाठी को फेंक दो। तो मूसा ने अपने रब के आदेश का पालन करते हुए उसे फेंक दिया। पर जब उसे एक साँप की तरह तेज़ी से हिलते और लहराते देखा, तो उसके डर से पीठ फेरकर चल पड़े और पीछे मुड़कर भी नहीं देखा। इस पर उनके रब ने उन्हें आवाज़ दी : ऐ मूसा! आगे आओ और उससे मत डरो। क्योंकि आप उससे तथा उसके अलावा जिससे भी आप डरते हैं, उन सब से सुरक्षित कर दिए गए हैं।

28:32Страница 389

ٱسۡلُكۡ يَدَكَ فِي جَيۡبِكَ تَخۡرُجۡ بَيۡضَآءَ مِنۡ غَيۡرِ سُوٓءٖ وَٱضۡمُمۡ إِلَيۡكَ جَنَاحَكَ مِنَ ٱلرَّهۡبِۖ فَذَٰنِكَ بُرۡهَٰنَانِ مِن رَّبِّكَ إِلَىٰ فِرۡعَوۡنَ وَمَلَإِيْهِۦٓۚ إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَوۡمٗا فَٰسِقِينَ ٣٢

Сунь свою руку за пазуху, и она выйдет белой (цвета молока, светящейся), без следов болезни. Прижми к себе руку, чтобы избавиться от страха. Это - два доказательства от твоего Господа для Фараона и его знати. Воистину, они являются людьми нечестивыми».

अपना दाहिना हाथ अपने गिरेबान में डालो, वह बरस (कुष्ठरोग) के बिना सफ़ेद (चमकता हुआ) निकलेगा। अतः मूसा ने हाथ गिरेबान में डाला, तो वह बर्फ के समान सफेद (चमकदार) निकला। तथा अपने डर को शांत करने के लिए अपना हाथ अपने (पहलू) से मिला लो। तब मूसा ने उसे मिला लिया, तो उनका भय दूर हो गया l ये दोनों निशानियाँ (लाठी और हाथ) आपके पालनहार की ओर से फ़िरऔन तथा उसकी जाति के प्रमुखों की ओर भेजे जाने वाले दो प्रमाण हैं। निःसंदेह वे कुफ़्र और पाप करके अल्लाह के आज्ञापालन से निकल जाने वाले लोग हैं।

28:33Страница 389

قَالَ رَبِّ إِنِّي قَتَلۡتُ مِنۡهُمۡ نَفۡسٗا فَأَخَافُ أَن يَقۡتُلُونِ ٣٣

Он сказал: «Господи! Я убил одного из них и боюсь, что они убьют меня.

मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने रब से प्रार्थना करते हुए कहा : मैंने उनमें से एक व्यक्ति को मार डाला था। इसलिए मुझे डर है कि अगर मैं उनके पास उन्हें वह संदेश पहुँचाने के लिए गया, जिसे देकर मुझे भेजा गया है, तो वे मुझे मार डालेंगे।

28:34Страница 389

وَأَخِي هَٰرُونُ هُوَ أَفۡصَحُ مِنِّي لِسَانٗا فَأَرۡسِلۡهُ مَعِيَ رِدۡءٗا يُصَدِّقُنِيٓۖ إِنِّيٓ أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِ ٣٤

Мой брат Харун (Аарон) более красноречив, чем я. Пошли же его со мною помощником, чтобы он подтвердил мою правдивость. Я действительно боюсь, что они сочтут меня лжецом».

और मेरा भाई हारून बोलने में मुझसे अधिक स्पष्ट है। इसलिए उसे मेरे साथ मेरा सहायक बनाकर भेज कि वह मेरी बात में मेरा समर्थन करे, यदि फ़िरऔन और उसकी जाति वाले मुझे झुठला दें। मुझे भय है कि वे मुझे झुठला देंगे, जिस तरह कि उन समुदायों की रीति रही है जिनके पास मुझसे पहले रसूल भेजे गए, तो उन्होंने उन रसूलों को झुठला दिया।

28:35Страница 389

قَالَ سَنَشُدُّ عَضُدَكَ بِأَخِيكَ وَنَجۡعَلُ لَكُمَا سُلۡطَٰنٗا فَلَا يَصِلُونَ إِلَيۡكُمَا بِـَٔايَٰتِنَآۚ أَنتُمَا وَمَنِ ٱتَّبَعَكُمَا ٱلۡغَٰلِبُونَ ٣٥

Он сказал: «Мы укрепим твою руку посредством твоего брата и одарим вас доказательством (или силой). Они не смогут навредить вам. Благодаря Нашим знамениям вы и те, кто последует за вами, станете победителями».

अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम की प्रार्थना स्वीकार करते हुए कहा : (ऐ मूसा!) हम अवश्य तुम्हें शक्ति देंगे तुम्हारे साथ तुम्हारे भाई हारून को सहायक रसूल बनाकर। तथा हम तुम दोनों को तर्क एवं समर्थन प्रदान करेंगे। अतः वे तुम दोनों तक उस बुराई के साथ नहीं पहुँच सकेंगे जिसे तुम नापसंद करते हो। हमारी उन निशानियों के कारण जिनके साथ हमने तुम दोनों को भेजा है, तुम दोनों और तुम्हारा अनुसरण करने वाले ईमान वाले लोग ही विजयी रहेंगे।

28:36Страница 390

فَلَمَّا جَآءَهُم مُّوسَىٰ بِـَٔايَٰتِنَا بَيِّنَٰتٖ قَالُواْ مَا هَٰذَآ إِلَّا سِحۡرٞ مُّفۡتَرٗى وَمَا سَمِعۡنَا بِهَٰذَا فِيٓ ءَابَآئِنَا ٱلۡأَوَّلِينَ ٣٦

Когда Муса (Моисей) явился к ним с Нашими ясными знамениями, они сказали: «Это - всего лишь вымышленное колдовство. Мы не слышали об этом от наших праотцев».

फिर जब मूसा अलैहिस्सलाम उनके पास हमारी स्पष्ट निशानियाँ लेकर आए, तो उन लोगों ने कहा : यह तो केवल एक गढ़ा हुआ झूठ है, जिसे मूसा ने गढ़ लिया है। और हमने अपने पूर्वजों के बीच इसके बारे में कभी नहीं सुना।

28:37Страница 390

وَقَالَ مُوسَىٰ رَبِّيٓ أَعۡلَمُ بِمَن جَآءَ بِٱلۡهُدَىٰ مِنۡ عِندِهِۦ وَمَن تَكُونُ لَهُۥ عَٰقِبَةُ ٱلدَّارِۚ إِنَّهُۥ لَا يُفۡلِحُ ٱلظَّٰلِمُونَ ٣٧

Тогда Муса (Моисей) сказал: «Мой Господь лучше знает, кто пришел с верным руководством от Него и чей исход в Последней жизни окажется счастливым. Воистину, беззаконники не преуспеют».

तथा मूसा अलैहिस्सलाम ने फ़िरऔन को संबोधित करते हुए कहा : मेरा रब उस सत्यवान् को भली-भाँति जनता है, जो उस महिमावान के पास से मार्गदर्शन लेकर आया है, तथा वह उसे भी जनता है जिसका आख़िरत में परिणाम सराहनीय होगा।निःसंदेह अत्याचारी लोग उस चीज़ की प्राप्ति में सफल नहीं होते, जो वे चाहते हैं और न उस चीज़ से बच पाते हैं, जिससे वे डरते हैं।

28:38Страница 390

وَقَالَ فِرۡعَوۡنُ يَٰٓأَيُّهَا ٱلۡمَلَأُ مَا عَلِمۡتُ لَكُم مِّنۡ إِلَٰهٍ غَيۡرِي فَأَوۡقِدۡ لِي يَٰهَٰمَٰنُ عَلَى ٱلطِّينِ فَٱجۡعَل لِّي صَرۡحٗا لَّعَلِّيٓ أَطَّلِعُ إِلَىٰٓ إِلَٰهِ مُوسَىٰ وَإِنِّي لَأَظُنُّهُۥ مِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ ٣٨

Фараон сказал: «О знать! Я не знаю для вас иного бога, кроме меня. О Хаман! Разожги огонь над глиной и сооруди для меня башню, чтобы я смог подняться к Богу Мусы. Воистину, я полагаю, что он является одним из лжецов».

फ़िरऔन ने अपनी जाति के प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा : ऐ प्रमुखो! मैं तुम्हारे लिए अपने सिवा कोई पूज्य नहीं जानता। अतः ऐ हामान! मेरे लिए मिट्टी पर आग जलाओ, यहाँ तक कि वह पक (कर ईंट बन) जाए। फिर उससे मेरे लिए एक ऊँचे भवन का निर्माण करो, ताकि मैं मूसा के पूज्य को देख सकूँ और उससे परिचित हो सकूँ। निश्चय मैं मूसा को अपने इस दावे में झूठा समझता हूँ कि वह अल्लाह की ओर से मेरी तथा मेरी जाति की ओर रसूल बनाकर भेजा गया है।

28:39Страница 390

وَٱسۡتَكۡبَرَ هُوَ وَجُنُودُهُۥ فِي ٱلۡأَرۡضِ بِغَيۡرِ ٱلۡحَقِّ وَظَنُّوٓاْ أَنَّهُمۡ إِلَيۡنَا لَا يُرۡجَعُونَ ٣٩

Он и его воины несправедливо возгордились на земле и предположили, что они не вернутся к Нам.

फ़िरऔन तथा उसके सैनिकों का अहंकार बढ़ गया और वे मिस्र की भूमि में बिना कारण के बड़े बन बैठे, तथा उन्होंने मृत्यु के पश्चात पुनः जीवित कर उठाए जाने का इनकार कर दिया और यह सोचा कि वे क़ियामत के दिन हिसाब-किताब और दंड के लिए हमारे पास नहीं लौटाए जाएँगे।

28:40Страница 390

فَأَخَذۡنَٰهُ وَجُنُودَهُۥ فَنَبَذۡنَٰهُمۡ فِي ٱلۡيَمِّۖ فَٱنظُرۡ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلظَّٰلِمِينَ ٤٠

Мы схватили его и его воинов и бросили их в море. Посмотри же, каким был конец беззаконников!

तो हमने उसको और उसके सैनिकों को पकड़ लिया और उन्हें समुद्र में डूबने के लिए फेंक दिया, यहाँ तक कि वे सभी नष्ट हो गए। अतः (ऐ रसूल!) आप ग़ौर करें कि अत्याचारियों का परिणाम और उनका अंत कैसा था। निश्चय उनका परिणाम और अंत विनाश था।

28:41Страница 390

وَجَعَلۡنَٰهُمۡ أَئِمَّةٗ يَدۡعُونَ إِلَى ٱلنَّارِۖ وَيَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ لَا يُنصَرُونَ ٤١

Мы сделали их предводителями, которые призывают в Огонь, и в День воскресения им не окажут помощи.

और हमने उन्हें सरकश और गुमराह लोगों का अगुआ बना दिया, जो कुफ़्र और गुमराही फैलाकर लोगों को आग की ओर बुलाते हैं। क़ियामत के दिन उन्हें यातना से बचाकर उनकी सहायता नहीं की जाएगी। बल्कि बुरे कार्यों को रिवाज देने और गुमराही की ओर बुलाने के कारण, उनके लिए यातना दोगुनी कर दी जाएगी। उन्हें अपने कार्यों का बोझ और उन लोगों के कार्यों का भी बोझ उठाना पड़ेगा, जिन्होंने उन कार्यों के करने में उनका पालन किया।

28:42Страница 390

وَأَتۡبَعۡنَٰهُمۡ فِي هَٰذِهِ ٱلدُّنۡيَا لَعۡنَةٗۖ وَيَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ هُم مِّنَ ٱلۡمَقۡبُوحِينَ ٤٢

Мы сделали так, что проклятие следует за ними в этом мире, а в День воскресения они будут в числе отдаленных от милости.

और हमने इस दुनिया में उनके दंड के अलावा उनके पीछे अपमान और तिरस्कार लगा दिया, तथा क़ियामत के दिन वे अल्लाह की दया से दूर रखे गए निंदनीय लोगों में से होंगे।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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