Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
الأنفال
Аль-Анфаль
Трофеи · Мединская · 75 аятов
8:1Страница 177
يَسۡـَٔلُونَكَ عَنِ ٱلۡأَنفَالِۖ قُلِ ٱلۡأَنفَالُ لِلَّهِ وَٱلرَّسُولِۖ فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَصۡلِحُواْ ذَاتَ بَيۡنِكُمۡۖ وَأَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥٓ إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ ١
Они спрашивают тебя о трофеях. Скажи: «Трофеи принадлежат Аллаху и Посланнику». Побойтесь же Аллаха и урегулируйте разногласия между собой. Повинуйтесь Аллаху и Его Посланнику, если вы являетесь верующими.
(ऐ रसूल!) आपके साथी आपसे ग़नीमतों (युद्ध में प्राप्त होने वाले धन) के विषय में पूछते हैं कि उन्हें कैसे विभाजित किया जाएगा? और किन लोगों में वितरण किया जाएगा? (ऐ रसूल!) उनके प्रश्न का उत्तर देते हुए कह दें : ग़नीमतें (युद्ध में प्राप्त धन) अल्लाह और उसके रसूल के लिए हैं और उन्हें खर्च करने और बाँटने के विषय में निर्णय का अधिकार अल्लाह और उसके रसूल का है। तुम्हारा काम केवल मान लेना और आज्ञापालन करना है। अतः (ऐ मोमिनो!) तुम अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से दूर रहकर, डरो। तथा तुम्हारे बीच जो संबंध-विच्छेद और वियोग है, उसे आपसी प्रेम, परस्पर संपर्क (संयोग), अच्छे शिष्टाचार और क्षमा के द्वारा सुधार लो। और अगर तुम सच में ईमान वाले हो, तो अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो। क्योंकि ईमान आज्ञापालन करने और गुनाहों से दूर रहने की प्रेरणा देता है। यह प्रश्न बद्र के युद्ध के बाद किया गया था।
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إِنَّمَا ٱلۡمُؤۡمِنُونَ ٱلَّذِينَ إِذَا ذُكِرَ ٱللَّهُ وَجِلَتۡ قُلُوبُهُمۡ وَإِذَا تُلِيَتۡ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتُهُۥ زَادَتۡهُمۡ إِيمَٰنٗا وَعَلَىٰ رَبِّهِمۡ يَتَوَكَّلُونَ ٢
Верующими являются только те, сердца которых испытывают страх при упоминании Аллаха, вера которых усиливается, когда им читают Его аяты, которые уповают на своего Господа,
वास्तव में, ईमान वाले वही लोग हैं कि जब अल्लाह का वर्णन किया जाए, तो उनके दिल काँप उठते हैं, और उनके दिल और शरीर आज्ञापालन की ओर आकर्षित हो जाते हैं, और जब उनके सामने अल्लाह की आयतें पढ़ी जाती हैं, तो उनपर चिंतन करते हैं, जिसके फलस्वरूप उनका ईमान बढ़ जाता है, तथा वे अपने हितों को प्राप्त करने और अपनी बुराइयों को दूर करने में केवल अपने पालनहार ही पर भरोसा करते हैं।
8:3Страница 177
ٱلَّذِينَ يُقِيمُونَ ٱلصَّلَوٰةَ وَمِمَّا رَزَقۡنَٰهُمۡ يُنفِقُونَ ٣
которые совершают намаз и расходуют из того, чем Мы их наделили.
जो लोग समय पर पूर्ण रूप से नमाज़ अदा करते हैं और हमारे दिए हुए धन से उन जगहों में खर्च करते हैं, जहाँ खर्च करना वाजिब या मुस्तहब है।
8:4Страница 177
أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ حَقّٗاۚ لَّهُمۡ دَرَجَٰتٌ عِندَ رَبِّهِمۡ وَمَغۡفِرَةٞ وَرِزۡقٞ كَرِيمٞ ٤
Они являются истинно верующими. Им уготованы высокое положение у их Господа, прощение и щедрый удел.
इन्हीं विशेषताओं के मालिक लोग सच्चे ईमान वाले हैं; क्योंकि उनके अंदर ईमान और इस्लाम की ज़ाहिरी विशेषताएँ मौजूद हैं। और उनका बदला उनके पालनहार के पास ऊँचे-ऊँचे घर, उनके गुनाहों की क्षमा और सम्मानित (उत्तम) जीविका है। ये वही नेमतें हैं, जो अल्लाह ने उनके लिए तैयार कर रखी हैं।
8:5Страница 177
كَمَآ أَخۡرَجَكَ رَبُّكَ مِنۢ بَيۡتِكَ بِٱلۡحَقِّ وَإِنَّ فَرِيقٗا مِّنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ لَكَٰرِهُونَ ٥
Таким же образом твой Господь побудил тебя выйти из дома (в направлении Бадра) ради истины, хотя некоторые из верующих не хотели этого.
जिस प्रकार अल्लाह पाक ने, युद्ध में प्राप्त धन को विभाजित करने का मामला, उसके विभाजन के बारे में तुम्हारी असहमति और विवाद के बाद, तुम्हारे हाथ से ले लिया और उसे अल्लाह एवं उसके रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के अधिकार में दे दिया, उसी तरह आपके पालनहार ने (ऐ रसूल!) आपपर वह़्य उतारकर, बहुदेववादियों से युद्ध करने के लिए आपको मदीना से निकलने का आदेश दिया है, हालाँकि मोमिनों के एक गिरोह को यह पसंद नहीं था।
8:6Страница 177
يُجَٰدِلُونَكَ فِي ٱلۡحَقِّ بَعۡدَ مَا تَبَيَّنَ كَأَنَّمَا يُسَاقُونَ إِلَى ٱلۡمَوۡتِ وَهُمۡ يَنظُرُونَ ٦
Они препирались с тобой относительно истины после того, как она стала очевидна, словно их вели на смерть, и они наблюдали за этим.
(ऐ रसूल!) मोमिनों का यह समूह बहुदेववादियों से युद्ध करने के बारे में आपके साथ बहस कर रहा था, जबकि उनके लिए यह स्पष्ट हो चुका था कि युद्ध होनी ही है। ऐसा मालूम हो रहा था कि वे मौत की ओर हाँके जा रहे हैं और वे उसे अपनी आँखों से देख रहे हैं। ऐसा इसलिए था कि उन्हें युद्ध के लिए निकलना सख़्त नापसंद था; क्योंकि उन्होंने उसके लिए कोई तैयारी नहीं की थी।
8:7Страница 177
وَإِذۡ يَعِدُكُمُ ٱللَّهُ إِحۡدَى ٱلطَّآئِفَتَيۡنِ أَنَّهَا لَكُمۡ وَتَوَدُّونَ أَنَّ غَيۡرَ ذَاتِ ٱلشَّوۡكَةِ تَكُونُ لَكُمۡ وَيُرِيدُ ٱللَّهُ أَن يُحِقَّ ٱلۡحَقَّ بِكَلِمَٰتِهِۦ وَيَقۡطَعَ دَابِرَ ٱلۡكَٰفِرِينَ ٧
Вот Аллах обещал вам, что вам достанется один из двух отрядов (торговый караван или вооруженный отряд мекканцев). Вы пожелали, чтобы вам достался невооруженный отряд. Но Аллах желает подтвердить истину своими словами и искоренить неверующих,
और ऐ (झगड़ने वाले मोमिनो!) उस समय को याद करो, जब अल्लाह तुम्हें वचन दे रहा था कि तुम्हें बहुदेववादियों के दो गिरोहों में से एक पर विजय ज़रूर प्राप्त होगी। यह गिरोह या तो काफ़िला की शक्ल में होगा, जिसपर क़ब्ज़ा करके तुम उसके साथ मौजूद धन को ग़नीमत के धन के तौर पर प्राप्त कर लोगे, या मक्का से आए हुए जत्थे की शक्ल में होगा, जिससे लड़ाई करके उसपर विजय प्राप्त करोगे। और तुम चाहते थे कि तुम्हारा सामना क़ाफ़िले ही से हो, क्योंकि उसे बिना किसी लड़ाई के अपने नियंत्रण में करना आसान था। और अल्लाह चाहता था कि तुम्हें लड़ने का आदेश देकर सत्य को सत्य कर दिखाए; ताकि तुम बहुदेववादियों के सरदारों को क़त्ल करो, और उनमें से बहुतों को बंदी बना लो, और इस तरह इस्लाम की शक्ति का प्रदर्शन हो।
8:8Страница 177
لِيُحِقَّ ٱلۡحَقَّ وَيُبۡطِلَ ٱلۡبَٰطِلَ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡمُجۡرِمُونَ ٨
чтобы восторжествовала истина и исчезла ложь, даже если это ненавистно грешникам.
ताकि अल्लाह इस्लाम और मुसलमानों को विजय प्रदान करके सत्य को सत्य कर दिखाए, इस प्रकार कि उसकी सत्यता के सबूत प्रदर्शित कर दे। तथा असत्य के असत्य होने के प्रमाण सामने लाकर उसकी असत्यता को साबित कर दे। यद्यपि काफ़िरों को यह बुरा लगे, लेकिन अल्लाह इसे प्रकट ही करने वाला था।
8:9Страница 178
إِذۡ تَسۡتَغِيثُونَ رَبَّكُمۡ فَٱسۡتَجَابَ لَكُمۡ أَنِّي مُمِدُّكُم بِأَلۡفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ مُرۡدِفِينَ ٩
Вот вы попросили своего Господа о помощи, и Он ответил вам: «Я помогу вам тысячью ангелов, следующих друг за другом».
बद्र के दिन को याद करो, जब तुमने अल्लाह से अपने दुश्मन के विरुद्ध सहायता माँगी, तो अल्लाह ने तुम्हारी दुआ क़बूल कर ली कि वह एक हज़ार फ़रिश्तों के द्वारा (ऐ मोमिनो!) तुम्हारी मदद करने वाला है, जो एक-दूसरे के पीछे आएँगे।
8:10Страница 178
وَمَا جَعَلَهُ ٱللَّهُ إِلَّا بُشۡرَىٰ وَلِتَطۡمَئِنَّ بِهِۦ قُلُوبُكُمۡۚ وَمَا ٱلنَّصۡرُ إِلَّا مِنۡ عِندِ ٱللَّهِۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ ١٠
Аллах сделал это доброй вестью, дабы ваши сердца обрели покой. Победа может быть только от Аллаха. Воистину, Аллах - Могущественный, Мудрый.
अल्लाह ने फ़रिश्तों के द्वारा सहायता को तुम्हारे लिए (ऐ मोमिनो!) केवल इस बात की शुभ सूचना बनाया है कि वह तुम्हारे दुश्मनों के विरुद्ध तुम्हारी मदद करने वाला है, और ताकि मदद के यक़ीन के साथ तुम्हारे दिलों को संतोष प्राप्त हो जाए। और (दरअसल) विजय संख्याओं की अधिकता और उपकरणों की प्रचुरता के आधार पर प्राप्त नहीं होती, बल्कि विजय अल्लाह की ओर से मिलती है। निःसंदेह अल्लाह अपने राज्य में प्रभुत्वशाली है, उसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता। अपने विधान और निर्णय (नियति) में हिकमत वाला है।
8:11Страница 178
إِذۡ يُغَشِّيكُمُ ٱلنُّعَاسَ أَمَنَةٗ مِّنۡهُ وَيُنَزِّلُ عَلَيۡكُم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ لِّيُطَهِّرَكُم بِهِۦ وَيُذۡهِبَ عَنكُمۡ رِجۡزَ ٱلشَّيۡطَٰنِ وَلِيَرۡبِطَ عَلَىٰ قُلُوبِكُمۡ وَيُثَبِّتَ بِهِ ٱلۡأَقۡدَامَ ١١
Вот Он наслал на вас дремоту, чтобы вы почувствовали себя в безопасности, и ниспослал вам с неба воду, чтобы очистить вас ею и удалить c вас скверну дьявола, чтобы сделать ваши сердца стойкими и утвердить этим ваши стопы.
(ऐ मोमिनो!) उस समय को याद करो, जब अल्लाह तुम्हें अपने दुश्मन से होने वाले भय को दूर करने के लिए तुमपर ऊँघ डाल रहा था, तथा तुमपर आकाश से जल बरसा रहा था; ताकि तुम्हें मलिनता से पवित्र कर दे, और ताकि तुमसे शैतान के बुरे ख़यालों को दूर कर दे, और ताकि उसके द्वारा तुम्हारे दिलों को सुदृढ़ कर दे, ताकि मुठभेड़ के समय तुम्हारे शरीर स्थिर रहें, और ताकि उसकी वजह से रेतीली ज़मीन को ठोस करके तुम्हारे क़दमों को जमा दे ताकि उसमें तुम्हारे पाँव न धँसें।
8:12Страница 178
إِذۡ يُوحِي رَبُّكَ إِلَى ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ أَنِّي مَعَكُمۡ فَثَبِّتُواْ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْۚ سَأُلۡقِي فِي قُلُوبِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ ٱلرُّعۡبَ فَٱضۡرِبُواْ فَوۡقَ ٱلۡأَعۡنَاقِ وَٱضۡرِبُواْ مِنۡهُمۡ كُلَّ بَنَانٖ ١٢
Вот твой Господь внушил ангелам: «Я - с вами. Укрепите тех, которые уверовали! Я же вселю ужас в сердца тех, которые не веруют. Рубите им головы и рубите им все пальцы».
(ऐ नबी!) जब आपका पालनहार उन फ़रिश्तों की ओर वह़्य कर रहा था, जिन्हें बद्र के दिन मोमिनों की सहायता के लिए भेजा था कि (ऐ फ़रिश्तो!) मैं मदद और समर्थन के द्वारा तुम्हारे साथ हूँ। अतः अपने दुश्मनों से लड़ने में मोमिनों के संकल्प को मज़बूत करो। मैं शीघ्र ही काफ़िरों के दिलों में अत्यधिक भय डाल दूँगा। इसलिए तुम (ऐ मोमिनो!) काफ़िरों की गरदनें उड़ाते जाओ, ताकि उनका काम तमाम हो जाए, और उनके जोड़ों और शरीर के अंगों पर वार किए जाओ, ताकि तुमसे युद्ध करने से असमर्थ हो जाएँ।
8:13Страница 178
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ شَآقُّواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥۚ وَمَن يُشَاقِقِ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ فَإِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ ١٣
Это потому, что они воспротивились Аллаху и Его Посланнику. А если кто противится Аллаху и Его Посланнику, то ведь Аллах суров в наказании.
काफ़िरों के क़त्ल किए जाने और उनके अंगों के भंग किए जाने का कारण यह है कि उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का विरोध किया। चुनाँचे उन्हें जो आदेश दिया गया था, उसका उन्होंने पालन नहीं किया, और उन्हें जिस चीज़ से मना किया गया था, उससे नहीं रुके। तथा जो कोई भी अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करे, तो अल्लाह उसे दुनिया में क़त्ल और क़ैद, तथा आख़िरत में जहन्नम की आग के द्वारा, कठोर यातना देने वाला है।
8:14Страница 178
ذَٰلِكُمۡ فَذُوقُوهُ وَأَنَّ لِلۡكَٰفِرِينَ عَذَابَ ٱلنَّارِ ١٤
Вот так! Вкусите же его! Воистину, неверующим уготованы мучения в Огне.
(ऐ अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करने वालो!) यह उक्त सज़ा तुम्हारे लिए है। तो इसे दुनिया के जीवन में अग्रिम ही चखो, और आख़िरत में तुम्हारे लिए आग की यातना है, यदि तुम अपने कुफ़्र और हठ की अवस्था में मर गए।
8:15Страница 178
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِذَا لَقِيتُمُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ زَحۡفٗا فَلَا تُوَلُّوهُمُ ٱلۡأَدۡبَارَ ١٥
О те, которые уверовали! Когда вы встретитесь с неверующими на поле битвы, то не поворачивайтесь к ним спиной.
ऐ अल्लाह पर ईमान लाने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! जब युद्ध के मैदान में मुश्रिकों से आमने-सामना हो जाओ, तो उनसे हार न मानो और उनसे पीठ फेरकर न भागो, बल्कि उनके सामने डट जाओ और धैर्य के साथ उनका मुक़ाबला करो। क्योंकि अल्लाह अपनी मदद और समर्थन के द्वारा तुम्हारे साथ है।
8:16Страница 178
وَمَن يُوَلِّهِمۡ يَوۡمَئِذٖ دُبُرَهُۥٓ إِلَّا مُتَحَرِّفٗا لِّقِتَالٍ أَوۡ مُتَحَيِّزًا إِلَىٰ فِئَةٖ فَقَدۡ بَآءَ بِغَضَبٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَمَأۡوَىٰهُ جَهَنَّمُۖ وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ ١٦
Те, которые в такой день повернутся спиной к неверующим, кроме тех, кто разворачивается для боя или для присоединения с отрядом, навлекут на себя гнев Аллаха. Их пристанищем будет Геенна. Как же скверно это место прибытия!
और जो व्यक्ति उनसे भागते हुए अपनी पीठ फेरे, जबकि वह उनसे लड़ाई के लिए मुड़ने वाला नहीं है कि वह चाल के तौर पर उनसे भागने का दिखावा करे, जबकि वह पलटकर उनपर हमला करना चाहता हो, या वह मदद लेने के लिए मुसलमानों के किसी उपस्थित समूह में शामिल होने वाला नहीं है, तो निश्चय वह अल्लाह के प्रकोप के साथ लौटा और उसका हक़दार हो गया, और आख़िरत में उसका ठिकाना जहन्नम है और उसका वह ठिकाना बहुत बुरा है और उसके पलटने की वह जगह बहुत बुरी है।
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فَلَمۡ تَقۡتُلُوهُمۡ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ قَتَلَهُمۡۚ وَمَا رَمَيۡتَ إِذۡ رَمَيۡتَ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ رَمَىٰ وَلِيُبۡلِيَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ مِنۡهُ بَلَآءً حَسَنًاۚ إِنَّ ٱللَّهَ سَمِيعٌ عَلِيمٞ ١٧
Не вы убили их, а Аллах убил их. Не ты бросил горсть песку, когда бросал, а Аллах бросил, дабы подвергнуть верующих прекрасному испытанию от Себя. Воистину, Аллах - Слышащий, Знающий.
(ऐ मोमिनो!) तुमने बद्र के दिन मुश्रिकों को अपनी ताक़त और शक्ति से नहीं मारा, बल्कि अल्लाह ने इसमें तुम्हारी मदद की। और (ऐ नबी!) जब आपने मुश्रिकों की ओर मिट्टी फेंकी, तो आपने मिट्टी नहीं फेंकी, बल्कि अल्लाह ही ने फेंकी, जब आपकी फेंकी हुई मिट्टी को उनके पास पहुँचा दिया। और ताकि वह मोमिनों को अपने इस उपकार के साथ आज़माए कि उसने उन्हें संख्याबल और उपकरणों की कमी के बावजूद उनके दुश्मन पर विजय प्रदान किया ताकि वे उसका शुक्रिया अदा करें। निश्चय अल्लाह तुम्हारी दुआओं और बातों को सुनने वाला, तथा तुम्हारे कर्मों और हितों को जानने वाला है।
8:18Страница 179
ذَٰلِكُمۡ وَأَنَّ ٱللَّهَ مُوهِنُ كَيۡدِ ٱلۡكَٰفِرِينَ ١٨
Вот так! Воистину, Аллах ослабляет козни неверующих.
यह उल्लिखित बातें, जैसे मुश्रिकों को क़त्ल करना, उनकी ओर मिट्टी फेंकना यहाँ तक कि वे पराजित हो गए और पीठ फेरकर भाग गए, तथा मुसलमानों को उनके दुश्मन पर विजय प्रदान करना; यह सब अल्लाह की ओर से है। और अल्लाह काफ़िरों की उस चाल को कमज़ोर कर देने वाला है, जो वे इस्लाम के खिलाफ़ चल रहे हैं।
8:19Страница 179
إِن تَسۡتَفۡتِحُواْ فَقَدۡ جَآءَكُمُ ٱلۡفَتۡحُۖ وَإِن تَنتَهُواْ فَهُوَ خَيۡرٞ لَّكُمۡۖ وَإِن تَعُودُواْ نَعُدۡ وَلَن تُغۡنِيَ عَنكُمۡ فِئَتُكُمۡ شَيۡـٔٗا وَلَوۡ كَثُرَتۡ وَأَنَّ ٱللَّهَ مَعَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١٩
Если вы (неверующие) просили вынести приговор, то приговор уже явился к вам. Если вы прекратите, то так будет лучше для вас. Но если вы возобновите, то и Мы возобновим (если вы вновь станете сражаться против верующих, то Мы вновь нанесем вам поражение), и ваш отряд не принесет вам никакой пользы, даже если будет многочисленным. Воистину, Аллах - с верующими.
(ऐ बहुदेववादियो!) अगर तुम यह चाहते हो कि अल्लाह अपराधियों व अत्याचारियों पर अपनी यातना उतार दे, तो अल्लाह ने तुमपर वह यातना उतार दी है, जो तुमने माँगी थी। क्योंकि वह तुम्हें ऐसी सज़ा दे चुका है, जो तुम्हारे लिए शिक्षाप्रद और अल्लाह का भय रखने वालों के लिए नसीहत (इबरत) का कारण है। और यदि तुम इसकी माँग से बाज़ आ जाओ, तो यह तुम्हारे लिए उत्तम है। क्योंकि हो सकता है कि अल्लाह तुम्हें मोहलत दे दे और तुमसे बदला लेने में जल्दी न करे। और अगर तुम दोबारा उसकी माँग करने और मुसलमानों से युद्ध करने की ओर लौट आए, तो हम फिर से तुम्हें यातना में डालेंगे और मोमिनों को विजय प्रदान करेंगे। और तुम्हारा जत्था और तुम्हारे सहायक, चाहे वे बहुत अधिक संख्या एवं उपकरण वाले हों और ईमान वालों की संख्या कम हो, तुम्हारे कुछ काम न आएँगे। और इसलिए कि निश्चय अल्लाह की सहायता और समर्थन मोमिनों के साथ है। और जिसके साथ अल्लाह हो, उसे कोई पराजित नहीं कर सकता।
8:20Страница 179
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ أَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ وَلَا تَوَلَّوۡاْ عَنۡهُ وَأَنتُمۡ تَسۡمَعُونَ ٢٠
О те, которые уверовали! Повинуйтесь Аллаху и Его Посланнику и не отворачивайтесь от него, пока вы слышите.
ऐ अल्लाह पर ईमान लाने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! अल्लाह की आज्ञा का पालन और उसके रसूल की आज्ञा का पालन, उसके आदेशों पर अमल करके और उसकी मना की हुई चीज़ों से दूर रहकर, करो। तथा उसके आदेश की अवहेलना करके और उसके मना किए हुए कार्य को करके, उससे मुँह न फेरो, जबकि तुम अल्लाह की आयतों को सुनते हो, जो तुम्हारे सामने पढ़ी जाती हैं।
8:21Страница 179
وَلَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ قَالُواْ سَمِعۡنَا وَهُمۡ لَا يَسۡمَعُونَ ٢١
Не уподобляйтесь тем, которые говорят: «Мы слышали», - а сами не слушают.
और (ऐ मोमिनो!) तुम उन मुनाफ़िक़ों और मुश्रिकों की तरह न हो जाओ, जिनके सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती हैं तो वे कहते हैं : हमने अपने कानों से वह क़ुरआन सुना, जो हमारे सामने पढ़ा जाता है, हालाँकि वे चिंतन करने और उपदेश ग्रहण करने के उद्देश्य से नहीं सुनते, कि जो कुछ उन्होंने सुना है उससे लाभ उठाएँ।
8:22Страница 179
۞ إِنَّ شَرَّ ٱلدَّوَآبِّ عِندَ ٱللَّهِ ٱلصُّمُّ ٱلۡبُكۡمُ ٱلَّذِينَ لَا يَعۡقِلُونَ ٢٢
Воистину, наихудшими из живых существ перед Аллахом являются глухие и немые, которые не способны понимать.
अल्लाह के निकट धरती पर चलने वाली सारी मख़लूक़ में सबसे बुरे वे बहरे हैं, जो सत्य को स्वीकार करने के लिए नहीं सुनते, वे गूँगे हैं, जो बोल नहीं पाते। क्योंकि वे ऐसे लोग हैं जो अल्लाह के आदेशों और निषेधों को नहीं समझते।
8:23Страница 179
وَلَوۡ عَلِمَ ٱللَّهُ فِيهِمۡ خَيۡرٗا لَّأَسۡمَعَهُمۡۖ وَلَوۡ أَسۡمَعَهُمۡ لَتَوَلَّواْ وَّهُم مُّعۡرِضُونَ ٢٣
Если бы Аллах знал, что в них есть добро, Он непременно наделил бы их слухом. Но даже если бы Он наделил их слухом, они все равно бы отвернулись с отвращением.
और अगर अल्लाह जानता कि इन झुठलाने वाले बहुदेववादियों के अंदर कोई भलाई है, तो उन्हें अवश्य इस तरह सुना देता कि वे उससे लाभ उठाते और उसके तर्कों और प्रमाणों को समझते, लेकिन उसे पता है कि उनके अंदर कोई भलाई नहीं है। और अगर (मान लिया जाए कि) अल्लाह उन्हें सुना देता, तो भी वे हठ के कारण ईमान से फिर जाते, इस हाल में कि वे मुँह फेरने वाले होते।
8:24Страница 179
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱسۡتَجِيبُواْ لِلَّهِ وَلِلرَّسُولِ إِذَا دَعَاكُمۡ لِمَا يُحۡيِيكُمۡۖ وَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّ ٱللَّهَ يَحُولُ بَيۡنَ ٱلۡمَرۡءِ وَقَلۡبِهِۦ وَأَنَّهُۥٓ إِلَيۡهِ تُحۡشَرُونَ ٢٤
О те, которые уверовали! Отвечайте Аллаху и Посланнику, когда он призывает вас к тому, что дарует вам жизнь. Знайте, что Аллах - между человеком и его сердцем (может помешать человеку добиться того, что он желает), и что вы будете собраны к Нему.
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो ! अल्लाह और उसके रसूल की पुकार का, उनके आदेशों का पालन करके और उनके निषेधों से बचकर जवाब दो, जब रसूल तुम्हें उस सत्य के लिए बुलाएँ, जिसमें तुम्हारा जीवन है। और इस बात से सुनिश्चित हो जाओ कि अल्लाह हर चीज़ की शक्ति रखता है। चुनाँचे वह इस बात की शक्ति रखता है कि यदि तुम सत्य को अस्वीकार करने के बाद उसे मानना चाहो तो वह तुम्हारे और सत्य को मानने के बीच रुकावट बन जाए। इसलिए सत्य को स्वीकार करने में जल्दी करो। और इस बात का यक़ीन रखो कि तुम क़ियामत के दिन अकेले अल्लाह ही के पास एकत्र किए जाओगे। फिर वह तुम्हें तुम्हारे दुनिया में किए हुए कर्मों का बदला देगा।
8:25Страница 179
وَٱتَّقُواْ فِتۡنَةٗ لَّا تُصِيبَنَّ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ مِنكُمۡ خَآصَّةٗۖ وَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ ٢٥
Бойтесь искушения, которое поразит не только тех из вас, кто был несправедлив. И знайте, что Аллах суров в наказании.
और (ऐ ईमान वालो!) उस यातना से बचो, जो तुममें से केवल उसी पर नहीं आएगी, जो पापी है, बल्कि उसके साथ-साथ दूसरे लोग भी उसकी चपेट में आएँगे। यह उस समय होगा, जब अत्याचार प्रकट होगा और उसे दूर नहीं किया जाएगा। और यक़ीन मानो कि अल्लाह अपनी अवज्ञा करने वाले को सख़्त सज़ा देने वाला है। अतः उसकी अवज्ञा से बचो।
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وَٱذۡكُرُوٓاْ إِذۡ أَنتُمۡ قَلِيلٞ مُّسۡتَضۡعَفُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ تَخَافُونَ أَن يَتَخَطَّفَكُمُ ٱلنَّاسُ فَـَٔاوَىٰكُمۡ وَأَيَّدَكُم بِنَصۡرِهِۦ وَرَزَقَكُم مِّنَ ٱلطَّيِّبَٰتِ لَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ ٢٦
Помните, что вы были малочисленны и считались слабыми на земле. Вы опасались, что люди схватят вас, но Он дал вам убежище, подкрепил вас Своей помощью и наделил вас благами, чтобы вы были благодарны.
तथा (ऐ ईमान वालो!) उस समय को याद करो, जब तुम मक्का में बहुत कम संख्या में थे, मक्का वाले तुम्हें कमज़ोर समझे हुए थे और तुम्हें दबाए हुए थे। तुम्हें डर था कि तुम्हारे दुश्मन तुम्हें उचक ले जाएँगे। तो अल्लाह ने तुम्हें मदीना के रूप में एक शरण स्थल दिया और युद्ध के स्थानों में तुम्हारे दुश्मनों पर तुम्हें विजय प्रदान करके तुम्हें शक्ति प्रदान की, जैसे कि बद्र के दिन हुआ, और तुम्हें पवित्र चीज़ों से जीविका प्रदान की, जिनमें युद्ध के मैदान में तुम्हारे शत्रुओं से प्राप्त किया हुआ ग़नीमत का धन भी शामिल है, ताकि तुम अल्लाह की नेमतों का शुक्रिया अदा करो, जिसके कारण वह तुम्हें और नेमतें प्रदान करेगा, तथा उनकी नाशुक्री न करो कि अल्लाह तुमसे वे नेमतें छीन ले और तुम्हें यातना से ग्रस्त कर दे।
8:27Страница 180
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَخُونُواْ ٱللَّهَ وَٱلرَّسُولَ وَتَخُونُوٓاْ أَمَٰنَٰتِكُمۡ وَأَنتُمۡ تَعۡلَمُونَ ٢٧
О те, которые уверовали! Не предавайте Аллаха и Посланника и не покушайтесь на то, что вверено вам, сознательно.
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! अल्लाह और उसके रसूल के साथ, उनके आदेशों का पालन न करके और उनके निषेधों से न बचकर, विश्वासघात न करो, तथा तुम्हारे पास जो अमानत रखी जाए उसमें ख़यानत न करो, जबकि तुम जान रहे हो कि तुम्हारा यह काम ख़यानत है, अन्यथा तुम ख़यानत करने वालों में से हो जाओगे।
8:28Страница 180
وَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّمَآ أَمۡوَٰلُكُمۡ وَأَوۡلَٰدُكُمۡ فِتۡنَةٞ وَأَنَّ ٱللَّهَ عِندَهُۥٓ أَجۡرٌ عَظِيمٞ ٢٨
Знайте, что ваше имущество и ваши дети являются искушением и что у Аллаха - великая награда.
और (ऐ ईमान वालो!) जान लो कि तुम्हारे धन और तुम्हारी संतान तुम्हारे लिए अल्लाह की ओर से आज़माइश और परीक्षण हैं। क्योंकि ये चीज़ें तुम्हें आख़िरत के लिए कार्य करने से रोक सकती हैं और तुम्हें ख़यानत पर आमादा कर सकती हैं। तथा जान लो कि अल्लाह के पास बहुत बड़ा सवाब है। अतः अपने धन और अपने बच्चों को ध्यान में रखकर और उनकी खातिर ख़यानत करके, यह सवाब अपने हाथ से न जाने दो।
8:29Страница 180
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِن تَتَّقُواْ ٱللَّهَ يَجۡعَل لَّكُمۡ فُرۡقَانٗا وَيُكَفِّرۡ عَنكُمۡ سَيِّـَٔاتِكُمۡ وَيَغۡفِرۡ لَكُمۡۗ وَٱللَّهُ ذُو ٱلۡفَضۡلِ ٱلۡعَظِيمِ ٢٩
О те, которые уверовали! Если вы будете бояться Аллаха, то Он одарит вас способностью различать истину и ложь, отпустит вам ваши прегрешения и простит вас. Воистину, Аллах обладает великой милостью.
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! जान लो कि अगर तुम अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, डरोगे, तो वह तुम्हें सत्य और असत्य के बीच अंतर करने की शक्ति प्रदान करेगा, जिससे तुम्हारे लिए दोनों गड्ड-मड्ड नहीं होंगे। तथा जो कुछ तुमने बुरे कार्य किए होंगे, वह उन्हें तुमसे मिटा देगा और तुम्हारे पापों को क्षमा कर देगा। और अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है। और उसका एक बड़ा अनुग्रह उसकी जन्नत है, जिसे उसने अपने डरने वाले बंदों के लिए तैयार की है।
8:30Страница 180
وَإِذۡ يَمۡكُرُ بِكَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لِيُثۡبِتُوكَ أَوۡ يَقۡتُلُوكَ أَوۡ يُخۡرِجُوكَۚ وَيَمۡكُرُونَ وَيَمۡكُرُ ٱللَّهُۖ وَٱللَّهُ خَيۡرُ ٱلۡمَٰكِرِينَ ٣٠
Вот неверующие ухищрялись, чтобы заточить, убить или изгнать тебя. Они хитрили, и Аллах хитрил, а ведь Аллах - Наилучший из хитрецов.
और (ऐ रसूल) उस समय को याद करें, जब सब मुश्रिकों ने मिलकर आपको क़ैद करने, मार डालने या अपने नगर से किसी और नगर की ओर निकाल देने का षड्यंत्र किया। वे आपके विरुद्ध षड्यंत्र कर रहे थे और अल्लाह उनके षड्यंत्र को उन्हीं पर लौटा रहा था तथा उससे आपोक बचाने का उपाय कर रहा था और अल्लाह ही सबसे अत्तम उपाय करने वाला है।
8:31Страница 180
وَإِذَا تُتۡلَىٰ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتُنَا قَالُواْ قَدۡ سَمِعۡنَا لَوۡ نَشَآءُ لَقُلۡنَا مِثۡلَ هَٰذَآ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّآ أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ ٣١
Когда им читают Наши аяты, они говорят: «Мы уже слышали это. Если мы захотим, то сочиним нечто подобное. Ведь это - всего лишь легенды древних народов».
और जब उनके सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती हैं, तो वे सत्य से वैर और अहंकार के कारण कहते हैं : हमने पहले भी ऐसा कुछ सुना है। अगर हम इस क़ुरआन जैसा कहना चाहें, तो निश्चय हम कह सकते हैं। यह क़ुरआन जो हमने सुना है, पहले लोगों की झूठी कहानियों के सिवा कुछ नहीं है। इसलिए हम इसपर हरगिज़ विश्वास नहीं करेंगे।
8:32Страница 180
وَإِذۡ قَالُواْ ٱللَّهُمَّ إِن كَانَ هَٰذَا هُوَ ٱلۡحَقَّ مِنۡ عِندِكَ فَأَمۡطِرۡ عَلَيۡنَا حِجَارَةٗ مِّنَ ٱلسَّمَآءِ أَوِ ٱئۡتِنَا بِعَذَابٍ أَلِيمٖ ٣٢
Вот они сказали: «О Аллах! Если это является истиной от Тебя, то обрушь на нас камни с неба или же подвергни нас мучительным страданиям».
और (ऐ रसूल!) उस समय को याद करें, जब बहुदेववादियों ने कहा : ऐ अल्लाह! यदि मुहम्मद का लाया हुआ धर्म सत्य है, तो हमपर आकाश से पत्थर गिरा दे जो हमें नष्ट कर दे, अथवा हमपर कोई गंभीर यातना ले आ। उन्होंने यह बात इनकार में अतिशयोक्ति के तौर पर कही थी।
8:33Страница 180
وَمَا كَانَ ٱللَّهُ لِيُعَذِّبَهُمۡ وَأَنتَ فِيهِمۡۚ وَمَا كَانَ ٱللَّهُ مُعَذِّبَهُمۡ وَهُمۡ يَسۡتَغۡفِرُونَ ٣٣
Аллах не стал подвергать их мучениям, пока ты находился среди них, и Аллах не стал подвергать их мучениям, пока они молили о прощении.
और अल्लाह आपकी उम्मत को (चाहे वह उन लोगों में से हो जिन्होंने आपके निमंत्रण को स्वीकार किया या उन लोगों में से हो जो आपके निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं), ऐसी यातना से ग्रस्त नहीं करेगा, जो उन्हें जड़ से मिटा दे, जबकि (ऐ मुहम्मद!) आप उनके बीच जीवित मौजूद हैं। क्योंकि उनके बीच आपकी उपस्थिति उनके लिए यातना से सुरक्षा है। तथा अल्लाह उन्हें यातना से ग्रस्त करने वाला नहीं है, जबकि वे अपने पापों के लिए अल्लाह से क्षमा मांगते हों।
8:34Страница 181
وَمَا لَهُمۡ أَلَّا يُعَذِّبَهُمُ ٱللَّهُ وَهُمۡ يَصُدُّونَ عَنِ ٱلۡمَسۡجِدِ ٱلۡحَرَامِ وَمَا كَانُوٓاْ أَوۡلِيَآءَهُۥٓۚ إِنۡ أَوۡلِيَآؤُهُۥٓ إِلَّا ٱلۡمُتَّقُونَ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٣٤
Но как же Аллаху не подвергнуть их мучениям, если они не допускают мусульман к Заповедной мечети, не будучи Его угодниками? Его угодниками являются только богобоязненные, но большинство их не ведает об этом.
भला उनको यातना क्यों न दी जाए, जबकि उन्होंने लोगों को 'मस्जिदे ह़राम' (काबा) का तवाफ़ करने या उसमें नमाज़ अदा करने से रोककर ऐसा कार्य किया है जो उन्हें यातना का पात्र बनाता है? तथा ये मुश्रिक अल्लाह के दोस्त नहीं हैं, अल्लाह के दोस्त तो केवल उसके डरने वाले बंदे हैं, जो उसकी आज्ञाओं का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरते हैं। परंतु अधिकतर मुश्रिक इस बात को नहीं जानते, यही कारण है कि वे कहते हैं कि वे अल्लाह के दोस्त हैं, जबकि वे अल्लाह के दोस्त नहीं हैं।
8:35Страница 181
وَمَا كَانَ صَلَاتُهُمۡ عِندَ ٱلۡبَيۡتِ إِلَّا مُكَآءٗ وَتَصۡدِيَةٗۚ فَذُوقُواْ ٱلۡعَذَابَ بِمَا كُنتُمۡ تَكۡفُرُونَ ٣٥
Их молитва возле мечети была всего лишь свистом и хлопаньем в ладоши. Вкусите же мучения за то, что вы не верили.
मस्जिदे ह़राम के पास मुश्रिकों की नमाज़ सीटी बजाने और ताली बजाने के अलावा और कुछ नहीं थी। अतः (ऐ मुश्रिको!) अल्लाह का इनकार करने और उसके रसूल को झुठलाने के कारण बद्र के दिन क़त्ल और क़ैद की यातना चखो।
8:36Страница 181
إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يُنفِقُونَ أَمۡوَٰلَهُمۡ لِيَصُدُّواْ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِۚ فَسَيُنفِقُونَهَا ثُمَّ تَكُونُ عَلَيۡهِمۡ حَسۡرَةٗ ثُمَّ يُغۡلَبُونَۗ وَٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِلَىٰ جَهَنَّمَ يُحۡشَرُونَ ٣٦
Воистину, неверующие расходуют свое имущество для того, чтобы сбить других с пути Аллаха. Они будут расходовать его, а затем будут сожалеть об этом, а вслед за тем они будут повержены. Неверующие будут собраны в Геенне,
निश्चय जिन लोगों ने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, वे अपना धन लोगों को अल्लाह के धर्म से रोकने के लिए ख़र्च करते हैं। चुनाँचे वे इसी तरह खर्च करते रहेंगे और उनकी मनोकामना कभी पूरी नहीं होगी। फिर उनके धन खर्च करने का परिणाम पछतावा होगा; क्योंकि धन भी चला गया और उसके खर्च करने का उद्देश्य भी प्राप्त नहीं हुआ। फिर वे ईमान वालों के उनपर विजय से पराजित हो जाएँगे। और जिन लोगों ने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, वे क़ियामत के दिन जहन्नम की ओर हाँककर ले जाए जाएँगे। फिर वे उसमें प्रवेश करेंगे और हमेशा के लिए उसी में रहेंगे।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии