Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
المائدة
Аль-Маида
Трапеза · Мединская · 120 аятов
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ أَوۡفُواْ بِٱلۡعُقُودِۚ أُحِلَّتۡ لَكُم بَهِيمَةُ ٱلۡأَنۡعَٰمِ إِلَّا مَا يُتۡلَىٰ عَلَيۡكُمۡ غَيۡرَ مُحِلِّي ٱلصَّيۡدِ وَأَنتُمۡ حُرُمٌۗ إِنَّ ٱللَّهَ يَحۡكُمُ مَا يُرِيدُ ١
О те, которые уверовали! Будьте верны обязательствам. Вам дозволена скотина, кроме той, о которой вам будет возвещено, и кроме добычи, на которую вы осмелились охотиться в ихраме. Воистину, Аллах повелевает все, что пожелает.
ऐ ईमान वालो! तुम उन सभी वचनों एवं प्रतिज्ञाओं को पूरा करो, जो तुमने अपने और अपने स्रष्टा के बीच तथा अपने और उसकी रचना के बीच किए हैं। अल्लाह ने तुमपर दया करते हुए तुम्हारे लिए पशुधन : (ऊँट, गाय तथा बकरी) को हलाल किया है, सिवाय उन जानवरों के जिनका हराम होना तुम्हें पढ़कर सुनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त हज्ज या उम्रा का एहराम बाँधे होने की स्थिति में तुमपर जंगली जानवरों का शिकार करना भी हराम है। अल्लाह अपनी हिकमत के अनुसार जो चाहता है हलाल या हराम होने का फैसला करता है। क्योंकि उसे कोई बाध्य करने वाला नहीं और न ही कोई उसके हुक्म पर आपत्ति कर सकता है।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تُحِلُّواْ شَعَٰٓئِرَ ٱللَّهِ وَلَا ٱلشَّهۡرَ ٱلۡحَرَامَ وَلَا ٱلۡهَدۡيَ وَلَا ٱلۡقَلَٰٓئِدَ وَلَآ ءَآمِّينَ ٱلۡبَيۡتَ ٱلۡحَرَامَ يَبۡتَغُونَ فَضۡلٗا مِّن رَّبِّهِمۡ وَرِضۡوَٰنٗاۚ وَإِذَا حَلَلۡتُمۡ فَٱصۡطَادُواْۚ وَلَا يَجۡرِمَنَّكُمۡ شَنَـَٔانُ قَوۡمٍ أَن صَدُّوكُمۡ عَنِ ٱلۡمَسۡجِدِ ٱلۡحَرَامِ أَن تَعۡتَدُواْۘ وَتَعَاوَنُواْ عَلَى ٱلۡبِرِّ وَٱلتَّقۡوَىٰۖ وَلَا تَعَاوَنُواْ عَلَى ٱلۡإِثۡمِ وَٱلۡعُدۡوَٰنِۚ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۖ إِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ ٢
О те, которые уверовали! Не нарушайте святость обрядовых знамений Аллаха и запретного месяца. Не считайте дозволенным покушаться на жертвенных животных, или животных (или людей) с ожерельями, или людей, которые приходят к Заповедному дому, стремясь к милости и довольству своего Господа. Когда же вы освободитесь от ихрама, то можете охотиться. И пусть ненависть людей, которые помешали вам пройти к Заповедной мечети, не подтолкнет вас на преступление. Помогайте друг другу в благочестии и богобоязненности, но не помогайте друг другу в грехе и посягательстве. Бойтесь Аллаха, ведь Аллах суров в наказании.
ऐ ईमान वालो! अल्लाह की उन हुर्मत वाली (सम्मानित) चीज़ों का अनादर न करो, जिनके सम्मान का उसने तुम्हें आदेश दिया है, तथा एहराम की अवस्था में निषिद्ध चीज़ों : जैसे सिले हुए कपड़े पहनने, तथा 'हरम' (की सीमा) के अंदर निषिद्ध चीज़ों, जैसे कि शिकार करने से दूर रहो। तथा सम्मानित महीनों अर्थात् ज़ुल-क़ादा, ज़ुल-ह़िज्जा, मुहर्रम और रजब में युद्ध को वैध न ठहराओ। जिन जानवरों को अल्लाह के नाम पर ज़बह करने के लिए हरम भेजा जाता है, उन्हें हथियाकर या उन्हें काबा जाने से रोककर उनका अनादर न करो। उन जानवरों का भी अपमान न करो, जिनके गले पर ऊन आदि के पट्टे डाले गए हों, ताकि पता चल जाए कि वे (हज्ज की) क़ुर्बानी के जानवर हैं। तथा उन लोगों का भी अनादर न करो, जो व्यापार के लाभ और अल्लाह की प्रसन्नता की तलाश में अल्लाह के सम्मानित घर की ओर जाते हैं। और जब तुम ह़ज्ज या उम्रा के एहराम से हलाल हो जाओ और हरम की सीमा से बाहर निकल जाओ, तो यदि चाहो तो शिकार करो। तथा जिन लोगों ने तुम्हें मस्जिदे-ह़राम से रोका है, उनसे दुश्मनी तुम्हें अत्याचार करने और उनके साथ न्याय करना छोड़ देने पर न उभारे। तथा (ऐ मोमिनो!) अल्लाह के आदेशों का पालन करने और उसके निषेधों से बचने में एक-दूसरे का सहयोग करो। और उन पापों में जिनका करने वाला गुनहगार होता है, तथा लोगों पर उनके खून, धन और सतीत्व के संबंध में ज़्यादती (आक्रमण) करने में सहयोग न करो। तथा अल्लाह की आज्ञाकारिता पर अडिग रहकर और उसकी अवज्ञा से दूर रहकर, उससे डरो। निःसंदेह अल्लाह उसे कठोर दंड देने वाला है जो उसकी अवज्ञा करने वाला है। इसलिए उसकी सज़ा से सावधान रहो।
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حُرِّمَتۡ عَلَيۡكُمُ ٱلۡمَيۡتَةُ وَٱلدَّمُ وَلَحۡمُ ٱلۡخِنزِيرِ وَمَآ أُهِلَّ لِغَيۡرِ ٱللَّهِ بِهِۦ وَٱلۡمُنۡخَنِقَةُ وَٱلۡمَوۡقُوذَةُ وَٱلۡمُتَرَدِّيَةُ وَٱلنَّطِيحَةُ وَمَآ أَكَلَ ٱلسَّبُعُ إِلَّا مَا ذَكَّيۡتُمۡ وَمَا ذُبِحَ عَلَى ٱلنُّصُبِ وَأَن تَسۡتَقۡسِمُواْ بِٱلۡأَزۡلَٰمِۚ ذَٰلِكُمۡ فِسۡقٌۗ ٱلۡيَوۡمَ يَئِسَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِن دِينِكُمۡ فَلَا تَخۡشَوۡهُمۡ وَٱخۡشَوۡنِۚ ٱلۡيَوۡمَ أَكۡمَلۡتُ لَكُمۡ دِينَكُمۡ وَأَتۡمَمۡتُ عَلَيۡكُمۡ نِعۡمَتِي وَرَضِيتُ لَكُمُ ٱلۡإِسۡلَٰمَ دِينٗاۚ فَمَنِ ٱضۡطُرَّ فِي مَخۡمَصَةٍ غَيۡرَ مُتَجَانِفٖ لِّإِثۡمٖ فَإِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ٣
Вам запрещены мертвечина, кровь, мясо свиньи и то, над чем не было произнесено имя Аллаха (или что было зарезано не ради Аллаха), или было задушено, или забито до смерти, или подохло при падении, или заколото рогами или задрано хищником, если только вы не успеете зарезать его, и то, что зарезано на каменных жертвенниках (или для идолов), а также гадание по стрелам. Все это есть нечестие. Сегодня неверующие отчаялись в вашей религии. Не бойтесь же их, а бойтесь Меня. Сегодня Я ради вас усовершенствовал вашу религию, довел до конца Мою милость к вам и одобрил для вас в качестве религии ислам. Если же кто-либо будет вынужден пойти на это (на употребление запрещенных продуктов) от голода, а не из склонности к греху, то ведь Аллах - Прощающий, Милосердный.
अल्लाह ने तुमपर वह जानवर हराम किया है, जो शरई तरीक़े से ज़बह किए बिना मर गया हो। तथा उसने तुमपर हराम किया है बहता हुआ रक्त, सूअर का माँस, वह जानवर जिसपर ज़बह करते समय अल्लाह के नाम के अलावा किसी और का नाम पुकारा जाए, तथा गला घुटने से मरा हुआ, चोट लगने से मरा हुआ, ऊँचे स्थान से गिरकर मरा हुआ, या दूसरे जानवर के सींग मारने के कारण मरा हुआ, तथा वह जानवर जिसे शेर, चीते और भेड़िये जैसे किसी हिंसक पशु (दरिंदे) ने फाड़ खाया हो। परंतु उक्त जानवरों में से जो तुम्हें जीवित मिले और तुम उसे ज़बह कर लो, तो वह तुम्हारे लिए हलाल है। तथा उसने तुमपर वह जानवर भी हराम किया है जो मूर्तियों के लिए ज़बह किया गया हो। तथा उसने तुमपर तीरों के द्वारा अपना भाग्य मालूम करना भी हराम किया है। ये दरअसल पत्थर या तीर होते थे, जिनमें (करो) या (मत करो) लिखा होता था, चुनाँचे भाग्य मालूम करने वाला उसी के अनुसार कार्य करता था, जो उसके लिए उससे निकलता था। उल्लिखित वर्जनाओं को करना अल्लाह की आज्ञाकारिता से बाहर निकलना है। आज काफ़िर लोग इस्लाम धर्म की शक्ति को देखकर, तुम्हारे इस्लाम धर्म को त्याग देने से निराश हो गए। इसलिए उनसे मत डरो, अकेले मुझसे डरो। आज मैंने तुम्हारे लिए तुम्हारे धर्म इस्लाम को परिपूर्ण कर दिया, तथा तुमपर अपनी खुली तथा छिपी नेमत पूरी कर दी और तुम्हारे लिए इस्लाम को धर्म के रूप में चुन लिया। इसलिए मैं उसके सिवा कोई और धर्म स्वीकार नहीं करुँगा। अतः जो व्यक्ति सख़्त भूख के कारण मरे हुए जानवर का माँस खाने पर मजबूर कर दिया जाए जबकि उसका झुकाव पाप की ओर न हो, तो उसपर इसमें कोई पाप नहीं। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
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يَسۡـَٔلُونَكَ مَاذَآ أُحِلَّ لَهُمۡۖ قُلۡ أُحِلَّ لَكُمُ ٱلطَّيِّبَٰتُ وَمَا عَلَّمۡتُم مِّنَ ٱلۡجَوَارِحِ مُكَلِّبِينَ تُعَلِّمُونَهُنَّ مِمَّا عَلَّمَكُمُ ٱللَّهُۖ فَكُلُواْ مِمَّآ أَمۡسَكۡنَ عَلَيۡكُمۡ وَٱذۡكُرُواْ ٱسۡمَ ٱللَّهِ عَلَيۡهِۖ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۚ إِنَّ ٱللَّهَ سَرِيعُ ٱلۡحِسَابِ ٤
Они спрашивают тебя о том, что им дозволено. Скажи: «Вам дозволены блага. А то, что поймали для вас обученные хищники, которых вы обучаете, как собак, части того, чему обучил вас Аллах, ешьте и поминайте над этим имя Аллаха. Бойтесь Аллаха, ведь Аллах скор в расчете.
ऐ रसूल! आपके सहाबा आपसे पूछते हैं कि अल्लाह ने उनके लिए किन-किन चीज़ों का खाना हलाल किया है? (ऐ रसूल!) आप कह दें : अल्लाह ने तुम्हारे लिए अच्छी खाने की चीज़ें और उस शिकार को हलाल किया है, जिसे कुचली वाले जानवरों जैसे कुत्तों और तेंदुओं, तथा पंजे से शिकार करने वाले पक्षियों जैसे बाज़ों, में से प्रशिक्षित जानवरों ने पकड़ा है। तुम उन्हें उसमें से शिकार का ढंग सिखाते हो, जो अल्लाह ने तुम्हें उसके शिष्टाचार का ज्ञान प्रदान किया है। यहाँ तक कि वे इस तरह प्रशिक्षित हो जाएँ कि जब उन्हें आदेश दिया जाए, तो वे आदेश का पालन करें, तथा जब उन्हें रोका जाए, तो वे रुक जाएँ। फिर वे जो शिकार पकड़कर रोक रखें, भले ही वे उसे मार डालें, तो तुम उसे खाओ। तथा इन शिकारी जानवरों को छोड़ते समय अल्लाह का नाम लिया करो। तथा अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से दूर रहकर, डरते रहो। निःसंदेह अल्लाह कर्मों का बहुत शीघ्र हिसाब लेने वाला है।
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ٱلۡيَوۡمَ أُحِلَّ لَكُمُ ٱلطَّيِّبَٰتُۖ وَطَعَامُ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ حِلّٞ لَّكُمۡ وَطَعَامُكُمۡ حِلّٞ لَّهُمۡۖ وَٱلۡمُحۡصَنَٰتُ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنَٰتِ وَٱلۡمُحۡصَنَٰتُ مِنَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ مِن قَبۡلِكُمۡ إِذَآ ءَاتَيۡتُمُوهُنَّ أُجُورَهُنَّ مُحۡصِنِينَ غَيۡرَ مُسَٰفِحِينَ وَلَا مُتَّخِذِيٓ أَخۡدَانٖۗ وَمَن يَكۡفُرۡ بِٱلۡإِيمَٰنِ فَقَدۡ حَبِطَ عَمَلُهُۥ وَهُوَ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ ٥
Сегодня вам дозволена благая пища. Еда людей Писания также дозволена вам, а ваша еда дозволена им, а также вам дозволены целомудренные женщины из числа уверовавших и целомудренные женщины из числа тех, кому Писание было даровано до вас, если вы выплатите им вознаграждение (брачный дар), желая сберечь целомудрие, не распутствуя и не беря их себе в подруги. Тщетны деяния того, кто отрекся от веры, а в Последней жизни он окажется среди потерпевших урон.
आज अल्लाह ने तुम्हारे लिए अच्छी चीज़ों को खाना तथा अह्ले किताब यानी यहूदियों एवं ईसाइयों द्वारा ज़बह किए गए जानवरों को खाना हलाल कर दिया है। और तुम्हारे ज़बह किए हुए जानवर उनके लिए हलाल कर दिए गए हैं। तुम्हारे लिए ईमान वाली स्त्रियों में से पाक-दामन आज़ाद स्त्रियों तथा तुमसे पहले किताब दिए गए यहूदियों एवं ईसाइयों में से पाक-दामन आज़ाद स्त्रियों से शादी करना हलाल कर दिया गया है, जब तुम उन्हें उनके महर दे दो और तुम अनैतिक काम करने से परहेज़ करने वाले हो, उन्हें प्रेमिकाएँ बनाने वाले न हो कि तुम उनके साथ व्यभिचार करना चाहते हो। जो व्यक्ति उन विधानों का इनकार करे, जिन्हें अल्लाह ने अपने बंदों के लिए निर्धारित किया है, तो निश्चय उसका कर्म, उसके क़बूल होने की शर्त अर्थात् ईमान न होने के कारण अमान्य (नष्ट) हो गया, तथा वह क़ियामत के दिन नुक़सान उठाने वाले लोगों में शामिल होगा, क्योंकि वह सदा-सर्वदा के लिए आग में प्रवेश करेगा।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِذَا قُمۡتُمۡ إِلَى ٱلصَّلَوٰةِ فَٱغۡسِلُواْ وُجُوهَكُمۡ وَأَيۡدِيَكُمۡ إِلَى ٱلۡمَرَافِقِ وَٱمۡسَحُواْ بِرُءُوسِكُمۡ وَأَرۡجُلَكُمۡ إِلَى ٱلۡكَعۡبَيۡنِۚ وَإِن كُنتُمۡ جُنُبٗا فَٱطَّهَّرُواْۚ وَإِن كُنتُم مَّرۡضَىٰٓ أَوۡ عَلَىٰ سَفَرٍ أَوۡ جَآءَ أَحَدٞ مِّنكُم مِّنَ ٱلۡغَآئِطِ أَوۡ لَٰمَسۡتُمُ ٱلنِّسَآءَ فَلَمۡ تَجِدُواْ مَآءٗ فَتَيَمَّمُواْ صَعِيدٗا طَيِّبٗا فَٱمۡسَحُواْ بِوُجُوهِكُمۡ وَأَيۡدِيكُم مِّنۡهُۚ مَا يُرِيدُ ٱللَّهُ لِيَجۡعَلَ عَلَيۡكُم مِّنۡ حَرَجٖ وَلَٰكِن يُرِيدُ لِيُطَهِّرَكُمۡ وَلِيُتِمَّ نِعۡمَتَهُۥ عَلَيۡكُمۡ لَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ ٦
О те, которые уверовали! Когда вы встаете на намаз, то умойте ваши лица и ваши руки до локтей, оботрите ваши головы и умойте ваши ноги до щиколоток. А если вы находитесь в половом осквернении, то очиститесь. Если же вы больны или находитесь в путешествии, если кто-либо из вас пришел из уборной или если вы имели близость с женщинами, и вы не нашли воды, то направьтесь к чистой земле и оботрите ею ваши лица и руки. Аллах не хочет создавать для вас трудности, а хочет очистить вас и довести до конца Свою милость по отношению к вам, - быть может, вы будете благодарны.
ऐ ईमान वालो! जब तुम नमाज़ अदा करने के लिए उठना चाहो, और तुम 'हदस-ए-असग़र' (छोटी नापाकी, बे-वुज़ू होने) की हालत में हो, तो वुज़ू कर लो, इस प्रकार कि अपने मुँह धो लो तथा अपने हाथों को कुहनियों समेत धो लो और अपने सिरों का मसह़ करो, तथा अपने पाँवों को टखनों समेत धो लो, जो पिंडली के जोड़ पर उभरे हुए होते हैं। यदि तुम 'हदस-ए-अकबर' (बड़ी नापाकी, जिसके लिए ग़ुस्ल की आवश्यता होती है) की हालत में हो, तो स्नान कर लो। तथा यदि तुम बीमार हो, तुम्हें बीमारी के बढ़ने या ठीक होने में देरी होने का डर है, या तुम स्वस्थ होने की स्थिति में यात्रा कर रहे हो, या तुम उदाहरण के तौर पर शौचकर्म के कारण 'हदस-ए-असग़र' (छोटी अशुद्धता) की हालत में हो, या महिलाओं के साथ संभोग करके 'हदस-ए-अकबर' (बड़ी अशुद्धता) की हालत में हो, और खोजने के बाद भी तुम्हें पानी न मिले - जिससे अपने आपको शुद्ध (पाक) कर सको -, तो ज़मीन की सतह (मिट्टी) का क़सद करो और उसपर अपने हाथों को मारो और (उन्हें) अपने चेहरों पर फेरो तथा अपने हाथों पर फेरो (यानी मसह़ करो)। अल्लाह तुम्हें पानी का उपयोग करने के लिए बाध्य करके, जो तुम्हें नुक़सान पहुँचाता है, अपने प्रावधानों में तुमपर तंगी नहीं करना चाहता है। इसलिए किसी बीमारी या पानी न मिलने के कारण उसका उपयोग दुर्लभ होने के समय उसने तुम्हारे लिए उसका एक विकल्प निर्धारित किया है, ताकि वह तुमपर अपना अनुग्रह पूरा कर दे, तथा तुम अपने ऊपर अल्लाह की नेमत का शुक्र अदा करो और उसकी नाशुक्री न करो।
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وَٱذۡكُرُواْ نِعۡمَةَ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ وَمِيثَٰقَهُ ٱلَّذِي وَاثَقَكُم بِهِۦٓ إِذۡ قُلۡتُمۡ سَمِعۡنَا وَأَطَعۡنَاۖ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ ٧
Помните о милости Аллаха к вам и завете, который Он заключил с вами, когда вы сказали: «Слушаем и повинуемся». Бойтесь Аллаха, ведь Аллаху известно о том, что в груди.
तथा अपने ऊपर अल्लाह के इस अनुग्रह को याद करो कि उसने तुम्हें इस्लाम का मार्गदर्शन प्रदान किया, और उसकी उस प्रतिज्ञा को याद करो, जो उसने तुमसे उस समय ली थी, जब तुमने नबी सल्लल्लाहू अलैहि व सल्लम से सुखद और अप्रिय चीज़ों में बात सुनने और मानने की बैअत करते हुए कहा था : 'हमने आपकी बात सुनी और हमने आपका आदेश मान लिया'। तथा अल्लाह के आदेशों (जिनमें उसके वचन भी हैं) का पालन करके तथा उसकी मना की हुई बातों से बचकर, उससे डरो। निश्चय अल्लाह जो कुछ दिलों में है उसे ख़ूब जानने वाला है, अतः उससे कोई भी चीज़ छिपी नहीं है।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ كُونُواْ قَوَّٰمِينَ لِلَّهِ شُهَدَآءَ بِٱلۡقِسۡطِۖ وَلَا يَجۡرِمَنَّكُمۡ شَنَـَٔانُ قَوۡمٍ عَلَىٰٓ أَلَّا تَعۡدِلُواْۚ ٱعۡدِلُواْ هُوَ أَقۡرَبُ لِلتَّقۡوَىٰۖ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۚ إِنَّ ٱللَّهَ خَبِيرُۢ بِمَا تَعۡمَلُونَ ٨
О те, которые уверовали! Будьте стойки ради Аллаха, свидетельствуя беспристрастно, и пусть ненависть людей не подтолкнет вас к несправедливости. Будьте справедливы, ибо это ближе к богобоязненности. Бойтесь Аллаха, ведь Аллах ведает о том, что вы совершаете.
ऐ लोगो जो अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए हो! अपने ऊपर अनिवार्य अल्लाह के अधिकारों का निष्पादन करो उसके द्वारा उसकी प्रसन्नता तलाश करते हुए, तथा न्याय के गवाह बनो, अन्याय के नहीं। किसी जाति की शत्रुता तुम्हें न्याय को त्यागने के लिए प्रेरित न करे। क्योंकि न्याय करना मित्र और शत्रु दोनों के साथ आवश्यक है। इसलिए उन दोनों के साथ न्याय करो। क्योंकि न्याय अल्लाह से डरने के अधिक निकट है, और अन्याय अल्लाह के विरुद्ध दुस्साहस के अधिक निकट है। तथा अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से बचकर, उससे डरो। तुम जो कुछ भी करते हो, अल्लाह को उसकी पूरी ख़बर है। तुम्हारे कर्मों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है, और वह तुम्हें उसका प्रतिफल देगा।
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وَعَدَ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ لَهُم مَّغۡفِرَةٞ وَأَجۡرٌ عَظِيمٞ ٩
Аллах обещал тем, которые уверовали и совершали праведные деяния, прощение и великую награду.
अल्लाह (जो अपना वादा नहीं तोड़ता) ने उन लोगों से वादा किया है, जो अल्लाह तथा उसके रसूलों पर ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए कि उनके पापों को क्षमा कर देगा और उन्हें बड़ा सवाब (प्रतिफल) प्रदान करेगा और वह जन्नत में प्रवेश है।
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وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَكَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَآ أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَحِيمِ ١٠
А те, которые не уверовали и сочли ложью Наши знамения, окажутся обитателями Ада.
जिन लोगों ने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया तथा उसकी आयतों को झुठलाया, वही लोग आग वाले हैं जो अपने कुफ़्र और झुठलाने की सज़ा के रूप में उसमें प्रवेश करेंगे, जिसमें वे सदैव रहेंगे जैसे साथी अपने साथी के साथ हमेशा लगा रहता है।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱذۡكُرُواْ نِعۡمَتَ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ إِذۡ هَمَّ قَوۡمٌ أَن يَبۡسُطُوٓاْ إِلَيۡكُمۡ أَيۡدِيَهُمۡ فَكَفَّ أَيۡدِيَهُمۡ عَنكُمۡۖ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۚ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ ١١
О те, которые уверовали! Помните о милости, которую Аллах оказал вам, когда люди вознамерились протянуть к вам свои руки, но Он убрал от вас их руки. Бойтесь Аллаха, и пусть на Аллаха уповают верующие!
ऐ ईमान वालो! अपने दिलों से तथा अपनी ज़बानों से अल्लाह के इस उपकार को याद करो कि उसने तुम्हें सुरक्षा प्रदान की और तुम्हारे दुश्मनों के दिलों में भय डाल दिया, जब उन्होंने तुम्हें पकड़ने और तुम्हारा उन्मूलन करने के लिए तुम्हारी ओर हाथ बढ़ाना चाहा। चुनाँचे अल्लाह ने उन्हें तुमसे फेर दिया और तुम्हें उनसे बचा लिया। तथा अल्लाह के आदेशों का पालन करके तथा उसके निषेधों से बचकर उससे डरो। तथा मोमिनों को चाहिए कि वे अपने धार्मिक और सांसारिक हितों की प्राप्ति में केवल अल्लाह पर भरोसा करें।
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۞ وَلَقَدۡ أَخَذَ ٱللَّهُ مِيثَٰقَ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ وَبَعَثۡنَا مِنۡهُمُ ٱثۡنَيۡ عَشَرَ نَقِيبٗاۖ وَقَالَ ٱللَّهُ إِنِّي مَعَكُمۡۖ لَئِنۡ أَقَمۡتُمُ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتَيۡتُمُ ٱلزَّكَوٰةَ وَءَامَنتُم بِرُسُلِي وَعَزَّرۡتُمُوهُمۡ وَأَقۡرَضۡتُمُ ٱللَّهَ قَرۡضًا حَسَنٗا لَّأُكَفِّرَنَّ عَنكُمۡ سَيِّـَٔاتِكُمۡ وَلَأُدۡخِلَنَّكُمۡ جَنَّٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُۚ فَمَن كَفَرَ بَعۡدَ ذَٰلِكَ مِنكُمۡ فَقَدۡ ضَلَّ سَوَآءَ ٱلسَّبِيلِ ١٢
Аллах взял завет с сынов Исраила (Израиля). Мы создали среди них двенадцать вождей. Аллах сказал: «Я - с вами. Если вы будете совершать намаз и выплачивать закят, уверуете в Моих посланников, поможете им и одолжите Аллаху прекрасный заем, то Я отпущу вам ваши прегрешения и введу вас в сады, в которых текут реки. А если кто-либо из вас после этого станет неверующим, то он сойдет с прямого пути».
निश्चय अल्लाह ने बनी इसराईल से उस बात का दृढ़ वचन लिया, जिसका शीघ्र ही उल्लेख किया जाएगा, तथा उसने उनपर बारह प्रमुख नियुक्त किए, जिनमें से प्रत्येक अपने अधीन रहने वालों की देखरेख करते थे। तथा अल्लाह ने बनी इसराईल से कहा : मैं सहायता और समर्थन के द्वारा तुम्हारे साथ हूँ, यदि तुम सबसे पूर्ण तरीक़े से नमाज़ अदा करते रहे, अपने धनों की ज़कात देते रहे, मेरे सभी रसूलों को उनके बीच भेदभाव (अंतर) किए बिना सत्य माना, उनका सम्मान किया, उनकी सहायता की और भले कामों पर खर्च किया। यदि तुमने यह सब किया, तो निश्चय मैं उन बुराइयों को तुमसे अवश्य दूर कर दूँगा, जो तुमने की हैं, तथा मैं क़ियामत के दिन तुम्हें ऐसे बाग़ों में अवश्य प्रवेश दूँगा, जिनके महलों के नीचे से नहरें बहती हैं। फिर जिसने इस दृढ़ वचन लिए जाने के बाद कुफ़्र किया, तो निश्चय वह जानबूझकर सत्य के मार्ग से अलग हो गया।
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فَبِمَا نَقۡضِهِم مِّيثَٰقَهُمۡ لَعَنَّٰهُمۡ وَجَعَلۡنَا قُلُوبَهُمۡ قَٰسِيَةٗۖ يُحَرِّفُونَ ٱلۡكَلِمَ عَن مَّوَاضِعِهِۦ وَنَسُواْ حَظّٗا مِّمَّا ذُكِّرُواْ بِهِۦۚ وَلَا تَزَالُ تَطَّلِعُ عَلَىٰ خَآئِنَةٖ مِّنۡهُمۡ إِلَّا قَلِيلٗا مِّنۡهُمۡۖ فَٱعۡفُ عَنۡهُمۡ وَٱصۡفَحۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلۡمُحۡسِنِينَ ١٣
За то, что они нарушили завет, Мы прокляли их и ожесточили их сердца. Они искажают слова, меняя их местами, и забыли долю из того, чему их научили. Ты всегда будешь обнаруживать их измену, за исключением некоторых из них. Прости же их и будь великодушен, ведь Аллах любит творящих добро.
उनके उस वचन का उल्लंघन करने के कारण, जो उनसे लिया गया था, हमने उन्हें अपनी दया से निष्कासित कर दिया, तथा उनके दिलों को कठोर और सख़्त बना दिया, जिस तक न तो कोई अच्छाई पहुँचती है और न ही उसे कोई नसीहत लाभ देती है। वे (अल्लाह के) शब्दों को उनके स्थानों से फेर देते हैं, इस प्रकार कि उनके शब्दों को बदल देते हैं और उनके अर्थों की व्याख्या इस तरह करते हैं जो उनकी इच्छाओं से मेल खाती है। तथा उन्होंने उनमें से कुछ बातों पर अमल करना छोड़ दिया, जिनका उन्हें उपदेश दिया गया था। (ऐ रसूल!) आपके पास उनकी अल्लाह तथा उसके मोमिन बंदों के साथ किसी न किसी विश्वासघात की ख़बर आती रहेगी। परंतु उनमें से कुछ लोगों को छोड़कर, जिन्होंने उस वचन को पूरा किया, जो उनसे लिया गया था। अतः आप उन्हें क्षमा कर दें, उनकी पकड़ न करें और उन्हें माफ़ कर दें। क्योंकि यह उपकार में से है और अल्लाह उपकार करने वालों से प्रेम करता है।
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وَمِنَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ إِنَّا نَصَٰرَىٰٓ أَخَذۡنَا مِيثَٰقَهُمۡ فَنَسُواْ حَظّٗا مِّمَّا ذُكِّرُواْ بِهِۦ فَأَغۡرَيۡنَا بَيۡنَهُمُ ٱلۡعَدَاوَةَ وَٱلۡبَغۡضَآءَ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ وَسَوۡفَ يُنَبِّئُهُمُ ٱللَّهُ بِمَا كَانُواْ يَصۡنَعُونَ ١٤
Мы также взяли завет с тех, которые сказали: «Мы - христиане». Они забыли долю из того, что им напомнили, и тогда Мы возбудили между ними вражду и ненависть до Дня воскресения. Аллах поведает им о том, что они творили.
जिस तरह हमने यहूदियों से दृढ़ वचन लिया था, उसी तरह हमने उन लोगों से भी वचन लिया, जिन्होंने अपनी पवित्रता जताते हुए कहा कि वे ईसा अलैहिस्सलाम के मानने वाले हैं। फिर उन्होंने उसमें से एक भाग पर अमल करना छोड़ दिया, जिसका उन्हें उपदेश दिया गया था, जैसा कि यहूदियों में से उनके पूर्वजों ने किया था। तथा हमने उनके बीच क़ियामत के दिन तक के लिए शत्रुता तथा सख़्त घृणा डाल दी। अतः वे आपस में लड़ने वाले बन गए, वे एक-दूसरे को काफ़िर कहने लगे। शीघ्र ही अल्लाह उन्हें बताएगा जो कुछ वे किया करते थे और उन्हें उसका बदला देगा।
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يَٰٓأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ قَدۡ جَآءَكُمۡ رَسُولُنَا يُبَيِّنُ لَكُمۡ كَثِيرٗا مِّمَّا كُنتُمۡ تُخۡفُونَ مِنَ ٱلۡكِتَٰبِ وَيَعۡفُواْ عَن كَثِيرٖۚ قَدۡ جَآءَكُم مِّنَ ٱللَّهِ نُورٞ وَكِتَٰبٞ مُّبِينٞ ١٥
О люди Писания! К вам явился Наш Посланник, который разъясняет вам многое из того, что вы скрываете из Писания, и воздерживается от многого. Явились к вам от Аллаха свет (Мухаммад) и ясное Писание.
ऐ किताब वालो! अर्थात् तौरात वाले यहूदियो और इंजील वाले ईसाइयो! तुम्हारे पास हमारे रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आ चुके हैं, जो तुम्हारे लिए उनमें से बहुत-सी बातों को स्पष्ट रूप से बयान करते हैं, जो तुम अपने ऊपर उतरने वाली किताब में से छिपाया करते थे, तथा उसमें से बहुत कुछ नज़रअंदाज़ कर देते हैं जिसमें तुम्हें बेनक़ाब करने के सिवा कोई लाभ नहीं। क़ुरआन तुम्हारे पास अल्लाह की ओर से एक पुस्तक के रूप में आया है, और यह एक प्रकाश है जिससे प्रकाश प्राप्त किया जाता है, तथा हर उस चीज़ के लिए एक स्पष्ट पुस्तक है, जिसकी लोगों के अपने सांसारिक और आख़िरत के मामलों में आवश्यकता होती है।
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يَهۡدِي بِهِ ٱللَّهُ مَنِ ٱتَّبَعَ رِضۡوَٰنَهُۥ سُبُلَ ٱلسَّلَٰمِ وَيُخۡرِجُهُم مِّنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ بِإِذۡنِهِۦ وَيَهۡدِيهِمۡ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ ١٦
Посредством его Аллах ведет по путям мира тех, кто стремится снискать Его довольство. По Своему соизволению Он выводит их из мраков к свету и наставляет их на прямой путь.
अल्लाह इस किताब के द्वारा उन लोगों को, जो उसे प्रसन्न करने वाली चीज़ों जैसे ईमान और अच्छे कर्म का अनुसरण करते हैं, अल्लाह की यातना से सुरक्षा के रास्तों का मार्गदर्शन करता है, जो कि जन्नत की ओर ले जाने वाले रास्ते हैं। तथा उन्हें अपनी अनुमति से कुफ़्र और अवज्ञा के अँधेरे से बाहर निकालकर ईमान और आज्ञाकारिता के प्रकाश में लाता है, और उन्हें सीधे रास्ते, इस्लाम के मार्ग पर चलने का सामर्थ्य प्रदान करता है।
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لَّقَدۡ كَفَرَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ إِنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡمَسِيحُ ٱبۡنُ مَرۡيَمَۚ قُلۡ فَمَن يَمۡلِكُ مِنَ ٱللَّهِ شَيۡـًٔا إِنۡ أَرَادَ أَن يُهۡلِكَ ٱلۡمَسِيحَ ٱبۡنَ مَرۡيَمَ وَأُمَّهُۥ وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗاۗ وَلِلَّهِ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَاۚ يَخۡلُقُ مَا يَشَآءُۚ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ١٧
Не уверовали те, которые сказали: «Воистину, Аллах - это Мессия, сын Марьям (Марии)». Скажи: «Кто может хотя бы немного помешать Аллаху, если Он пожелает погубить Мессию, сына Марьям (Марии), его мать и всех, кто на земле?». Аллаху принадлежит власть над небесами, землей и тем, что между ними. Он создает, что пожелает. Аллах способен на всякую вещь.
निश्चय ईसाइयों में से उन लोगों ने कुफ़्र किया, जिनका कहना है कि निःसंदेह अल्लाह मरयम का पुत्र मसीह ही है। (ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : मरयम के बेटे ईसा मसीह को विनष्ट करने से, उनकी माँ (मरयम) को विनष्ट करने से तथा धरती पर उपस्थित सभी लोगों को विनष्ट करने से, अल्लाह को कौन रोक सकता है यदि वह उन्हें नष्ट करना चाहे?! यदि कोई भी उसे इससे रोकने में सक्षम नहीं है, तो यह इंगित करता है कि अल्लाह के अलावा कोई पूज्य नहीं है और यह कि : ईसा बिन मरयम, उनकी माता तथा शेष सृष्टि सब अल्लाह की रचना हैं। तथा आकाशों और धरती का राज्य और जो कुछ उनके बीच है उसका राज्य अल्लाह ही के लिए है। वह जो चाहता है, पैदा करता है और उसने जिन चीज़ों को पैदा करना चाहा है, उनमें से ईसा अलैहिस्सलाम भी हैं। चुनाँचे वह उसके बंदे और उसके रसूल हैं। तथा अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
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وَقَالَتِ ٱلۡيَهُودُ وَٱلنَّصَٰرَىٰ نَحۡنُ أَبۡنَٰٓؤُاْ ٱللَّهِ وَأَحِبَّٰٓؤُهُۥۚ قُلۡ فَلِمَ يُعَذِّبُكُم بِذُنُوبِكُمۖ بَلۡ أَنتُم بَشَرٞ مِّمَّنۡ خَلَقَۚ يَغۡفِرُ لِمَن يَشَآءُ وَيُعَذِّبُ مَن يَشَآءُۚ وَلِلَّهِ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَاۖ وَإِلَيۡهِ ٱلۡمَصِيرُ ١٨
Иудеи и христиане сказали: «Мы - сыны Аллаха и Его возлюбленные». Скажи: «Почему же Он причиняет вам мучения за ваши грехи? О нет! Вы всего лишь одни из людей, которых Он сотворил. Он прощает, кого пожелает, и причиняет мучения, кому пожелает. Аллаху принадлежит власть над небесами, землей и тем, что между ними, и к Нему предстоит прибытие».
यहूदी और ईसाई दोनों ने दावा किया कि वे अल्लाह के पुत्र और उसके प्रिय हैं। (ऐ रसूल!) आप उनके जवाब में कह दें : अल्लाह तुम्हें तुम्हारे द्वारा किए गए पापों के कारण दंड क्यों देता है?! यदि तुम उसके प्रियजन होते, जैसा कि तुमने दावा किया है, तो वह तुम्हें इस दुनिया में हत्या और विरूपण के साथ तथा परलोक में आग के द्वारा दंड न देता; क्योंकि वह जिसे प्यार करता है उसे यातना नहीं देता है। बल्कि तुम भी अन्य सभी मनुष्यों की तरह मनुष्य हो। जो उनमें से अच्छा कर्म करेगा, वह उसे जन्नत का प्रतिफल देगा, और जो कोई भी बुराई करेगा, वह उसे (जहन्नम की) आग से दंडित करेगा। अल्लाह जिसे चाहता है, अपनी कृपा से क्षमा करता है और वह जिसे चाहता है, अपने न्याय से दंडित करता है। तथा आकाशों और धरती का राज्य और जो कुछ उनके बीच है उसका राज्य अल्लाह ही के लिए है। और अकेले उसी की ओर लौटकर जाना है।
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يَٰٓأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ قَدۡ جَآءَكُمۡ رَسُولُنَا يُبَيِّنُ لَكُمۡ عَلَىٰ فَتۡرَةٖ مِّنَ ٱلرُّسُلِ أَن تَقُولُواْ مَا جَآءَنَا مِنۢ بَشِيرٖ وَلَا نَذِيرٖۖ فَقَدۡ جَآءَكُم بَشِيرٞ وَنَذِيرٞۗ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ١٩
О люди Писания! После периода, когда не было посланников, к вам явился Наш Посланник, давая вам разъяснения, дабы вы не говорили: «К нам не приходил добрый вестник и предостерегающий увещеватель». Добрый вестник и предостерегающий увещеватель уже явился к вам. Аллах способен на всякую вещь.
ऐ किताब वाले यहूदियो तथा ईसाइयो! तुम्हारे पास हमारे रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आ चुके हैं। वह ऐसे समय में आए हैं जब रसूलों का आगमन एक समय से बंद था तथा उनके आगमन की सख़्त आवश्यकता थी। ताकि तुम क्षमाप्रार्थी बनकर यह न को : हमारे पास कोई रसूल नहीं आया, जो हमें अल्लाह के प्रतिफल की शुभ सूचना देता और हमें उसके दंड से सावधान करता। अतः (अब) तुम्हारे पास मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आ चुके हैं, जो उसके प्रतिफल की शुभ सूचना देने वाले और उसके दंड से सावधान करने वाले हैं। तथा अल्लाह हर चीज़ की क्षमता रखने वाला है, उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती। और रसूलों को भेजना और उनके क्रम को मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर समाप्त कर देना उसकी क्षमता में से है।
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وَإِذۡ قَالَ مُوسَىٰ لِقَوۡمِهِۦ يَٰقَوۡمِ ٱذۡكُرُواْ نِعۡمَةَ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ إِذۡ جَعَلَ فِيكُمۡ أَنۢبِيَآءَ وَجَعَلَكُم مُّلُوكٗا وَءَاتَىٰكُم مَّا لَمۡ يُؤۡتِ أَحَدٗا مِّنَ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٢٠
Вот Муса (Моисей) сказал своему народу: «О мой народ! Помните милость, которую Аллах оказал вам, когда создал среди вас пророков, сделал вас царями и даровал вам то, чего не даровал никому из миров.
(ऐ रसूल!) उस समय को याद करो, जब मूसा अलैहिस्सलाम ने अपनी जाति बनी इसराईल से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम अपने दिलों से तथा अपनी ज़बानों से अपने ऊपर अल्लाह की उस नेमत को याद करो जब उसने तुममें से कुछ नबी बनाए, जो तुम्हें मार्गदर्शन की ओर बुलाते थे, तथा तुम्हें बादशाह बनाए कि तुम खुद के मामलों के मालिक हो गए जबकि तुम दास और ग़ुलाम हुआ करते थे, तथा उसने तुम्हें अपनी नेमतों में से वह प्रदान किया, जो उसने तुम्हारे समय में दुनिया वालों में से किसी को भी नहीं दिया।
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يَٰقَوۡمِ ٱدۡخُلُواْ ٱلۡأَرۡضَ ٱلۡمُقَدَّسَةَ ٱلَّتِي كَتَبَ ٱللَّهُ لَكُمۡ وَلَا تَرۡتَدُّواْ عَلَىٰٓ أَدۡبَارِكُمۡ فَتَنقَلِبُواْ خَٰسِرِينَ ٢١
О мой народ! Ступите на священную землю, которую Аллах предписал вам, и не обращайтесь вспять, а не то вернетесь потерпевшими убыток».
मूसा अलैहिस्सलाम ने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! उस पवित्र भूमि (यानी बैतुल मक़दिस तथा उसके आसपास के क्षेत्र) में प्रवेश करो, जिसमें प्रवेश करने और वहाँ के काफ़िरों से लड़ाई करने का अल्लाह ने तुमसे वादा किया था, तथा शक्तिशाली लोगों के सामने हार मत मानो, अन्यथा तुम्हारा परिणाम इस दुनिया और आख़िरत में घाटा होगा।
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قَالُواْ يَٰمُوسَىٰٓ إِنَّ فِيهَا قَوۡمٗا جَبَّارِينَ وَإِنَّا لَن نَّدۡخُلَهَا حَتَّىٰ يَخۡرُجُواْ مِنۡهَا فَإِن يَخۡرُجُواْ مِنۡهَا فَإِنَّا دَٰخِلُونَ ٢٢
Они сказали: «О Муса (Моисей)! Там обитают могучие люди, и мы не войдем туда, пока они не уйдут оттуда. Если же они уйдут оттуда, то мы войдем».
उनकी जाति के लोगों ने उनसे कहा : ऐ मूसा! पवित्र भूमि में ऐसे लोग हैं, जो बड़े बली और शक्तिशाली हैं। और यह हमें उसमें प्रवेश करने से रोकता है। इसलिए जब तक वे उसमें हैं, तब तक हम उसमें हरगिज़ प्रवेश नहीं करेंगे; क्योंकि हमारे पास उनसे लड़ने की कोई शक्ति और क्षमता नहीं है। अतः यदि वे उससे निकल जाएँ, तो हम उसमें अवश्य प्रवेश करेंगे।
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قَالَ رَجُلَانِ مِنَ ٱلَّذِينَ يَخَافُونَ أَنۡعَمَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمَا ٱدۡخُلُواْ عَلَيۡهِمُ ٱلۡبَابَ فَإِذَا دَخَلۡتُمُوهُ فَإِنَّكُمۡ غَٰلِبُونَۚ وَعَلَى ٱللَّهِ فَتَوَكَّلُوٓاْ إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ ٢٣
Двое богобоязненных мужчин, которым Аллах оказал милость, сказали: «Входите к ним через ворота. Когда вы войдете туда, вы непременно одержите победу. Уповайте только на Аллаха, если вы являетесь верующими».
मूसा अलैहिस्सलाम के साथियों में से दो व्यक्तियों ने, जो उन लोगों में से थे जो अल्लाह का भय रखते थे और उसकी यातना से डरते थे, अल्लाह ने उन दोनों को अपनी आज्ञाकारिता का सामर्थ्य प्रदान किया था, उन दोनों ने अपनी जाति के लोगों से मूसा अलैहिस्सलाम की आज्ञा का पालन करने का आग्रह करते हुए कहा : तुम शक्तिशाली लोगों पर शहर के दरवाज़े में प्रवेश कर जाओ। यदि तुम दरवाज़े में प्रवेश कर गए, तो तुम - अल्लाह की अनुमति से - उन्हें पराजित कर दोगे, अल्लाह की इस सुन्नत (नियम) पर भरोसा करते हुए कि अल्लाह पर ईमान और भौतिक साधनों को तैयार करने जैसे कारणों को अपनाने पर वह विजय प्रदान करता है। तथा यदि तुम सच्चे मोमिन हो, तो केवल अल्लाह ही पर भरोसा करो। क्योंकि ईमान आवश्यक रूप से अल्लाह ही पर भरोसा करने की अपेक्षा करता है।
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قَالُواْ يَٰمُوسَىٰٓ إِنَّا لَن نَّدۡخُلَهَآ أَبَدٗا مَّا دَامُواْ فِيهَا فَٱذۡهَبۡ أَنتَ وَرَبُّكَ فَقَٰتِلَآ إِنَّا هَٰهُنَا قَٰعِدُونَ ٢٤
Они сказали: «О Муса (Моисей)! Мы ни за что не войдем туда, пока они находятся там. Ступай и сражайся вместе со своим Господом, мы же посидим здесь».
बनी इसराईल में से मूसा की जाति के लोगों ने अपने नबी मूसा अलैहिस्सलाम के आदेश का उल्लंघन करने पर अडिग रहते हुए कहा : हम शहर में हरगिज़ प्रवेश नहीं करेंगे जब तक कि उसमें शक्तिशाली लोग मौजूद हैं। इसलिए ऐ मूसा! आप अपने पालनहार के साथ जाएँ और उन शक्तिशाली लोगों से लड़ें। जहाँ तक हमारी बात है, तो हम अपने स्थान पर रहेंगे, आपके साथ युद्ध करने के लिए नहीं निकलेंगे।
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قَالَ رَبِّ إِنِّي لَآ أَمۡلِكُ إِلَّا نَفۡسِي وَأَخِيۖ فَٱفۡرُقۡ بَيۡنَنَا وَبَيۡنَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلۡفَٰسِقِينَ ٢٥
Он сказал: «Господи! Я властен только над самим собой и моим братом. Разлучи же нас с (или рассуди между нами и) нечестивыми людьми».
मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने पालनहार से कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरा स्वयं अपने और अपने भाई हारून के अतिरिक्त किसी पर कोई अधिकार नहीं है। अतः तू हमारे तथा ऐसे लोगों के बीच अलगाव कर दे, जो तेरे तथा तेरे रसूल के आज्ञापालन से निकल जाने वाले हैं।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии