Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
الأنعام
Аль-Анам
Скот · Мекканская · 165 аятов
6:1Страница 128
ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَجَعَلَ ٱلظُّلُمَٰتِ وَٱلنُّورَۖ ثُمَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِرَبِّهِمۡ يَعۡدِلُونَ ١
Хвала Аллаху, Который сотворил небеса и землю и установил мраки и свет. Но даже после этого те, которые не уверовали, приравнивают к своему Господу других.
परम पूर्णता से विशिष्ट करना और प्रेम के साथ सर्वोच्च सद्गुणों द्वारा प्रशंसा, उस अल्लाह के लिए साबित है, जिसने बिना किसी पूर्व उदाहरण के आकाशों तथा धरती की रचना की, तथा रात और दिन की रचना की, जो एक-दूसरे के बाद आते रहते हैं। चुनाँचे उसने रात को अँधेरी और दिन को प्रकाशमान बनाया। इसके बावजूद, जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे उसके अलावा को उसके बराबर ठहराते हैं और उसे उसका साझीदार बना लेते हैं।
6:2Страница 128
هُوَ ٱلَّذِي خَلَقَكُم مِّن طِينٖ ثُمَّ قَضَىٰٓ أَجَلٗاۖ وَأَجَلٞ مُّسَمًّى عِندَهُۥۖ ثُمَّ أَنتُمۡ تَمۡتَرُونَ ٢
Он - Тот, Кто сотворил вас из глины, а затем назначил срок для вашей смерти. У Него есть также назначенный срок для воскрешения, но после этого вы все еще препираетесь.
वही महिमावान है, जिसने - ऐ लोगो! - तुम्हें मिट्टी से पैदा किया, जब उसने तुम्हारे पिता आदम अलैहिस्सलाम की रचना मिट्टी से की। फिर उसने तुम्हारे इस दुनिया के जीवन में रहने के लिए एक अवधि निर्धारित की। तथा उसने एक और अवधि क़ियामत के दिन तुम्हें पुनर्जीवित करने के लिए निर्धारित की, जिसे केवल वही जानता है। फिर भी तुम उस महिमावान् के पुनर्जीवित करने की क्षमता पर संदेह करते हो।
6:3Страница 128
وَهُوَ ٱللَّهُ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَفِي ٱلۡأَرۡضِ يَعۡلَمُ سِرَّكُمۡ وَجَهۡرَكُمۡ وَيَعۡلَمُ مَا تَكۡسِبُونَ ٣
Он - Аллах на небесах и на земле. Он знает то, что вы утаиваете и совершаете открыто, и знает то, что вы приобретаете.
आकाशों तथा धरती में वही महिमावान् सत्य पूज्य है, उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है। वह तुम्हारे छिपे एवं खुले इरादों, बातों और कर्मों को जानता है, और वह तुम्हें उनका बदला देगा।
6:4Страница 128
وَمَا تَأۡتِيهِم مِّنۡ ءَايَةٖ مِّنۡ ءَايَٰتِ رَبِّهِمۡ إِلَّا كَانُواْ عَنۡهَا مُعۡرِضِينَ ٤
Какое бы знамение из знамений их Господа ни являлось к ним, они отворачивались от него.
मुश्रिकों के पास उनके रब की ओर से जो भी प्रमाण आया, उन्होंने उसकी परवाह न करते हुए उसे छोड़ दिया। चुनाँचे उनके पास अल्लाह की तौहीद (एकेश्वरवाद) को प्रमाणित करने वाले स्पष्ट तर्क और खुले प्रमाण आए, तथा उनके पास उसके रसूलों की सच्चाई को इंगित करने वाली निशानियाँ आईं, इसके बावजूद भी वे उनकी परवाह किए बिना उनसे विमुख हो गए।
6:5Страница 128
فَقَدۡ كَذَّبُواْ بِٱلۡحَقِّ لَمَّا جَآءَهُمۡ فَسَوۡفَ يَأۡتِيهِمۡ أَنۢبَٰٓؤُاْ مَا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ ٥
Они сочли ложью истину, когда она явилась к ним, но до них дойдут вести о том, над чем они насмехались.
यदि उन्होंने उन स्पष्ट तर्कों और खुले प्रमाणों से मुँह मोड़ लिया, तो निःसंदेह वे उससे भी अधिक स्पष्ट चीज़ से मुँह मोड़ चुके हैं। क्योंकि उन्होंने उस क़ुरआन को झुठलाया है, जो मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लेकर आए। और जब वे क़ियामत के दिन यातना को देख लेंगे, तो उनकी समझ में आ जाएगा कि जिसका वे उपहास किया करते थे, वही सत्य है।
6:6Страница 128
أَلَمۡ يَرَوۡاْ كَمۡ أَهۡلَكۡنَا مِن قَبۡلِهِم مِّن قَرۡنٖ مَّكَّنَّٰهُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ مَا لَمۡ نُمَكِّن لَّكُمۡ وَأَرۡسَلۡنَا ٱلسَّمَآءَ عَلَيۡهِم مِّدۡرَارٗا وَجَعَلۡنَا ٱلۡأَنۡهَٰرَ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهِمۡ فَأَهۡلَكۡنَٰهُم بِذُنُوبِهِمۡ وَأَنشَأۡنَا مِنۢ بَعۡدِهِمۡ قَرۡنًا ءَاخَرِينَ ٦
Разве они не видели, сколько поколений Мы погубили до них? Мы одарили их на земле властью, которой не одарили вас, ниспосылали им с неба обильные дожди и заставляли реки течь под ними. Мы погубили их за их грехи и создали после них другие поколения.
क्या इन काफ़िरों को अत्याचारी समुदायों को नष्ट करने में अल्लाह के तरीक़े का पता नहीं?! अल्लाह ने इनसे पहले बहुत-से समुदायों को नष्ट कर दिया, जिन्हें उसने शक्ति तथा धरती पर जीवित रहने के ऐसे साधन दिए थे, जो इन काफ़िरों को नहीं दिए। तथा उनपर लगातार बारिश बरसाई और उनके लिए ऐसी नहरें प्रवाहित कीं जो उनके घरों के नीचे से बहती थीं। परंतु उन्होंने अल्लाह की अवज्ञा की, तो अल्लाह ने उनके द्वारा किए गए पापों के कारण उन्हें नष्ट कर दिया, और उनके बाद अन्य समुदायों को पैदा किया।
6:7Страница 128
وَلَوۡ نَزَّلۡنَا عَلَيۡكَ كِتَٰبٗا فِي قِرۡطَاسٖ فَلَمَسُوهُ بِأَيۡدِيهِمۡ لَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا سِحۡرٞ مُّبِينٞ ٧
Если бы даже Мы ниспослали тебе Писание на бумаге, и они прикоснулись бы к ней своими руками, неверующие все равно бы сказали: «Это - очевидное колдовство».
(ऐ रसूल!) यदि हम आपपर काग़ज़ में लिखी हुई कोई पुस्तक उतार दें और वे उसे अपनी आँखों से देख लें तथा पुस्तक को अपने हाथों से छूकर उसके बार में सुनिश्चित कर लें; तो भी वे अपने इनकार और हठ (दुराग्रह) के कारण उसपर हरगिज़ ईमान नहीं लाएँगे, और निश्चय यही कहेंगे : जो कुछ तुम लाए हो वह तो जादू के सिवा कुछ नहीं है। अतः हम उसपर कदापि ईमान नहीं लाएँगे।
6:8Страница 128
وَقَالُواْ لَوۡلَآ أُنزِلَ عَلَيۡهِ مَلَكٞۖ وَلَوۡ أَنزَلۡنَا مَلَكٗا لَّقُضِيَ ٱلۡأَمۡرُ ثُمَّ لَا يُنظَرُونَ ٨
Они сказали: «Почему к нему не спускается ангел?». Если бы Мы ниспослали ангела, то решение уже было бы вынесено, после чего они не получили бы отсрочки.
और इन काफिरों ने कहा : यदि अल्लाह ने मुहम्मद के साथ कोई फ़रिश्ता उतारा होता, जो हमसे बात करता और गवाही देता कि वह एक रसूल हैं, तो हम अवश्य ईमान ले आते। और यदि हमने उनके चाहने के अनुसार कोई फ़रिश्ता उतारा होता, तो निश्चय हम उन्हें नष्ट कर देते यदि वे ईमान नहीं लाते, और यदि वे उतरते तो उन्हें तौबा करने का समय नहीं दिया जाता।
6:9Страница 129
وَلَوۡ جَعَلۡنَٰهُ مَلَكٗا لَّجَعَلۡنَٰهُ رَجُلٗا وَلَلَبَسۡنَا عَلَيۡهِم مَّا يَلۡبِسُونَ ٩
Если бы даже Мы ниспослали ангела, Мы все равно сделали бы его мужчиной и привели бы их в замешательство относительно того, в чем они сомневаются.
यदि हम उनकी ओर भेजे हुए रसूल को फ़रिश्ता बनाते, तो निश्चय हम उसे मनुष्य का रूप देते, ताकि वे उसकी बात सुन सकें और उससे ग्रहण कर सकें; क्योंकि वे फ़रिश्ते के साथ ऐसा नहीं कर सकते हैं यदि वह अपने उस रूप में हो जिसपर अल्लाह ने उसे बनाया है। और यदि हम उसे किसी आदमी के रूप में बनाते, तो अवश्य उसका मामला उनके लिए संदिग्ध हो जाता।
6:10Страница 129
وَلَقَدِ ٱسۡتُهۡزِئَ بِرُسُلٖ مِّن قَبۡلِكَ فَحَاقَ بِٱلَّذِينَ سَخِرُواْ مِنۡهُم مَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ ١٠
До тебя посланников также подвергали осмеянию, но тех, кто насмехался над ними, окружало (или постигало) то, над чем они издевались.
यदि ये लोग आपके साथ एक फ़रिश्ता उतारने की माँग करके उपहास करते हैं, तो निश्चय आपसे पहले कई समुदायों ने अपने रसूलों का उपहास किया था। तो उन्हें उस यातना ने घेर लिया, जिसका वे इनकार करते थे, और उससे डराए जाने पर उसका मज़ाक उड़ाते थे।
6:11Страница 129
قُلۡ سِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ ثُمَّ ٱنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُكَذِّبِينَ ١١
Скажи: «Постранствуйте по земле и посмотрите, каким был конец тех, которые сочли ложью истину».
(ऐ रसूल!) आप इन उपहास करने वाले झुठलाने वाले लोगों से कह दें : धरती में चलो-फिरो, फिर विचार करो कि अल्लाह के रसूलों को झुठलाने वालों का अंत कैसे हुआ। निश्चय उनपर अल्लाह की यातना उतरी इसके उपरांत कि वे अति शक्तिशाली और अजेय थे।
6:12Страница 129
قُل لِّمَن مَّا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ قُل لِّلَّهِۚ كَتَبَ عَلَىٰ نَفۡسِهِ ٱلرَّحۡمَةَۚ لَيَجۡمَعَنَّكُمۡ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ لَا رَيۡبَ فِيهِۚ ٱلَّذِينَ خَسِرُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ فَهُمۡ لَا يُؤۡمِنُونَ ١٢
Скажи: «Кому принадлежит то, что на небесах и на земле?». Скажи: «Аллаху! Он предписал Себе милосердие. Он непременно соберет вас вместе в День воскресения, в котором нет сомнения. Те, которые потеряли самих себя, никогда не уверуют».
(ऐ रसूल!) उनसे पूछिए : आकाशों तथा धरती की बादशाही और जो कुछ उन दोनों के बीच है, उसकी बादशाही किसकी है? आप कह दें : उन सब की बादशाही अल्लाह की है। उसने अपने बंदों पर अनुग्रह करते हुए अपने ऊपर दया करना लिख दिया है। इसलिए वह उन्हें यातना देने में जल्दी नहीं करता। यहाँ तक कि अगर उन्होंने तौबा नहीं की तो अल्लाह उन सभी को क़ियामत के दिन इकट्ठा करेगा, जिस दिन के बारे में कोई संदेह नहीं है। जिन लोगों ने अल्लाह का इनकार कर अपने आपको घाटे में डाला, वे ईमान नहीं लाते हैं, कि ख़ुद को घाटे से बचा सकें।
6:13Страница 129
۞ وَلَهُۥ مَا سَكَنَ فِي ٱلَّيۡلِ وَٱلنَّهَارِۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ ١٣
Ему принадлежит все, что покоится днем и ночью, и Он - Слышащий, Знающий.
रात और दिन में जो कुछ बस रहा है, सबका मालिक अकेला अल्लाह है। तथा वह उनकी बातों को सुनने वाला, उनके कर्मों को जानने वाला है और वह उन्हें उनका प्रतिफल देगा।
6:14Страница 129
قُلۡ أَغَيۡرَ ٱللَّهِ أَتَّخِذُ وَلِيّٗا فَاطِرِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَهُوَ يُطۡعِمُ وَلَا يُطۡعَمُۗ قُلۡ إِنِّيٓ أُمِرۡتُ أَنۡ أَكُونَ أَوَّلَ مَنۡ أَسۡلَمَۖ وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ ١٤
Скажи: «Неужели я возьму своим покровителем кого-либо, кроме Аллаха, Творца небес и земли? Он кормит, а Его не кормят». Скажи: «Мне велено быть первым из тех, кто покорился». Не будь же в числе многобожников.
(ऐ रसूल!) आप उन मुश्रिकों से कह दें, जो अल्लाह के साथ उसके अलावा मूर्तियों और अन्य चीज़ों की पूजा करते हैं : क्या यह बात विवेक संगत है कि मैं अल्लाह के अलावा किसी अन्य को सहायक बना लूँ, जिससे प्रेम करूँ और सहायता माँगूँ?! जबकि वह अल्लाह ही है, जिसने आकाशों और धरती को बिना किसी पूर्व उदाहरण के बनाया, चुनाँचे उससे पहले उन्हें किसी ने नहीं बनाया। तथा वही है, जो अपने बंदों में से जिसे चाहता है, जीविका प्रदान करता है। तथा उसके बंदों में से कोई भी उसे जीविका नहीं देता। क्योंकि वह अपने बंदों से बे-नियाज़ है (उसे किसी की आवश्यकता नहीं), जबकि उसके बंदे उसके ज़रूरतमंद हैं। (ऐ रसूल!) आप कह दें कि मेरे पालनहार ने मुझे आदेश दिया है कि मैं इस उम्मत में से सबसे पहले उसका आज्ञाकारी बन जाऊँ और मुझे उन लोगों में शामिल होने से रोका है, जो उसके साथ दूसरों को शरीक बनाते हैं।
6:15Страница 129
قُلۡ إِنِّيٓ أَخَافُ إِنۡ عَصَيۡتُ رَبِّي عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٖ ١٥
Скажи: «Я боюсь, что если я ослушаюсь моего Господа, то меня постигнут мучения в Великий день».
(ऐ रसूल!) आप कह दें : मुझे डर है कि अगर मैं उन चीज़ों को करके जो अल्लाह ने मुझपर हराम की हैं, जैसे शिर्क इत्यादि, या उन चीज़ों को त्याग करके जिनका अल्लाह ने मुझे आदेश दिया है, जैसे ईमान और आज्ञाकारिता के अन्य कार्य, अल्लाह की अवज्ञा करूँ, तो वह मुझे क़ियामत के दिन बहुत बड़ी यातना देगा।
6:16Страница 129
مَّن يُصۡرَفۡ عَنۡهُ يَوۡمَئِذٖ فَقَدۡ رَحِمَهُۥۚ وَذَٰلِكَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡمُبِينُ ١٦
Тот, кто будет отвращен от них (мучений) в тот день, того Он помиловал. Это будет очевидное преуспеяние.
जिस व्यक्ति से अल्लाह क़ियामत के दिन उस यातना को दूर कर देता है, तो निश्चय वह अपने आप पर अल्लाह की दया के साथ सफल हो गया, तथा यातना से यह मुक्ति ही वह स्पष्ट सफलता है, जिसके बराबर कोई सफलता नहीं है।
6:17Страница 129
وَإِن يَمۡسَسۡكَ ٱللَّهُ بِضُرّٖ فَلَا كَاشِفَ لَهُۥٓ إِلَّا هُوَۖ وَإِن يَمۡسَسۡكَ بِخَيۡرٖ فَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ١٧
Если Аллах коснется тебя бедой, то никто не сможет избавить от нее, кроме Него. Если же Он коснется тебя благом, то ведь Он способен на всякую вещь.
(ऐ आदम के बेटे!) यदि अल्लाह की ओर से तुमपर कोई विपत्ति आ पड़े, तो अल्लाह के अलावा कोई भी उस विपत्ति को तुमसे टालने वाला नहीं है, और यदि उसकी ओर से तुम्हें कोई भलाई पहुँचे, तो उसके अनुग्रह को कोई हटाने वाला नहीं है। क्योंकि वह सब कुछ करने में सक्षम है, उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती।
6:18Страница 129
وَهُوَ ٱلۡقَاهِرُ فَوۡقَ عِبَادِهِۦۚ وَهُوَ ٱلۡحَكِيمُ ٱلۡخَبِيرُ ١٨
Он - Одолевающий и находится над Своими рабами. Он - Мудрый, Ведающий.
वह अपने बंदों पर ग़ालिब (हावी) और उन्हें अपने अधीन रखने वाला है, हर प्रकार से उनसे ऊपर है। उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती और न कोई उसे पराजित कर सकता है। हर कोई उसके अधीन है। वह अपने बंदों के ऊपर है जैसा कि उसकी महिमा के योग्य है। वह अपनी रचना, प्रबंधन और विधान में पूर्ण हिकमत वाला, हर चीज़ की ख़बर रखने वाला है। अतः उससे कुछ भी छिपा नहीं है।
6:19Страница 130
قُلۡ أَيُّ شَيۡءٍ أَكۡبَرُ شَهَٰدَةٗۖ قُلِ ٱللَّهُۖ شَهِيدُۢ بَيۡنِي وَبَيۡنَكُمۡۚ وَأُوحِيَ إِلَيَّ هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانُ لِأُنذِرَكُم بِهِۦ وَمَنۢ بَلَغَۚ أَئِنَّكُمۡ لَتَشۡهَدُونَ أَنَّ مَعَ ٱللَّهِ ءَالِهَةً أُخۡرَىٰۚ قُل لَّآ أَشۡهَدُۚ قُلۡ إِنَّمَا هُوَ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞ وَإِنَّنِي بَرِيٓءٞ مِّمَّا تُشۡرِكُونَ ١٩
Скажи: «Чье свидетельство является самым важным?». Скажи: «Аллах - Свидетель между мною и вами. Этот Коран дан мне в откровение, чтобы я предостерег посредством него вас и тех, до кого он дойдет. Неужели вы действительно свидетельствуете, что наряду с Аллахом существуют другие боги?». Скажи: «Я не свидетельствую об этом». Скажи: «Он является Единственным Богом, и я не причастен к тому, что вы приобщаете в сотоварищи».
(ऐ रसूल!) आप उन मुश्रिकों से, जो आपको झुठलाते हैं, कह दें : मेरी सच्चाई की सबसे महान और सबसे बड़ी गवाही कौन-सी चीज़ है? आप कह दें कि अल्लाह मेरी सच्चाई की सबसे बड़ी गवाही और सबसे महान चीज़ है, वह मेरे और तुम्हारे बीच गवाह है, वह जानता है जो कुछ मैं तुम्हारे पास लेकर आया हूँ और तुम उसका क्या जवाब दोगे। अल्लाह ने मेरी ओर इस क़ुरआन की वह़्य की है, ताकि मैं इसके द्वारा तुम्हें डराऊँ, तथा मैं इससे उन मनुष्यों और जिन्नों को डराऊँ, जिन तक यह (क़ुरआन) पहुँचे। (ऐ मुश्रिकों!) निःसंदेह तुम मानते हो कि अल्लाह के साथ और भी पूज्य हैं। (ऐ रसूल!) आप कह दें : मैं उसकी गवाही नहीं देता, जो तुमने स्वीकारा है, क्योंकि वह असत्य है। अल्लाह तो केवल एक ही पूज्य है, जिसका कोई शरीक नहीं, तथा मैं हर उस चीज़ से बरी हूँ, जो तुम उसके साथ शरीक ठहराते हो।
6:20Страница 130
ٱلَّذِينَ ءَاتَيۡنَٰهُمُ ٱلۡكِتَٰبَ يَعۡرِفُونَهُۥ كَمَا يَعۡرِفُونَ أَبۡنَآءَهُمُۘ ٱلَّذِينَ خَسِرُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ فَهُمۡ لَا يُؤۡمِنُونَ ٢٠
Те, кому Мы даровали Писание, знают его, как знают своих сыновей. Те, которые потеряли самих себя, никогда не уверуют.
जिन यहूदियों को हमने तौरात दिया और जिन ईसाइयों को हमने इंजील दिया, वे पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को पूर्ण रूप से जानते हैं, जैसे वे अपने बच्चों को दूसरों के बच्चों के बीच से पहचान लेते हैं। अतः वे लोग जिन्होंने स्वयं को आग (नरक) में डालकर अपने आपको घाटे में डाला है, वे ईमान नहीं लाएँगे।
6:21Страница 130
وَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّنِ ٱفۡتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ كَذِبًا أَوۡ كَذَّبَ بِـَٔايَٰتِهِۦٓۚ إِنَّهُۥ لَا يُفۡلِحُ ٱلظَّٰلِمُونَ ٢١
Кто может быть несправедливее того, кто возвел на Аллаха навет или счел ложью Его знамения? Воистину, не преуспеют беззаконники.
जिसने अल्लाह का कोई साझी ठहराया और उसके साथ उसकी इबादत की, अथवा अल्लाह की उन आयतों को झुठलाया, जो उसने अपने रसूल पर उतारीं, उससे बड़ा अत्याचारी कोई नहीं। अल्लाह की ओर साझी की निस्बत करके और उसकी आयतों को झुठलाकर अत्याचार करने वाले लोग कभी सफल नहीं होंगे, यदि उन्होंने तौबा न की।
6:22Страница 130
وَيَوۡمَ نَحۡشُرُهُمۡ جَمِيعٗا ثُمَّ نَقُولُ لِلَّذِينَ أَشۡرَكُوٓاْ أَيۡنَ شُرَكَآؤُكُمُ ٱلَّذِينَ كُنتُمۡ تَزۡعُمُونَ ٢٢
В тот день Мы соберем их вместе, а затем скажем тем, кто приобщал сотоварищей: «Где сотоварищи, о существовании которых вы предполагали?».
और क़ियामत के दिन को याद करें, जब हम उन सबको इकट्ठा करेंगे, उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ेंगे, फिर हम उन लोगों से जिन्होंने अल्लाह के साथ उसके अलावा की पूजा की, उन्हें फटकार लगाते हुए कहेंगे : तुम्हारे वे साझी कहाँ हैं, जिन्हें तुम झूठा दावा करते थे कि वे अल्लाह के साझी हैं?!
6:23Страница 130
ثُمَّ لَمۡ تَكُن فِتۡنَتُهُمۡ إِلَّآ أَن قَالُواْ وَٱللَّهِ رَبِّنَا مَا كُنَّا مُشۡرِكِينَ ٢٣
Тогда у них не будет никакого оправдания, кроме слов: «Клянемся Аллахом, нашим Господом, мы не были многобожниками!».
इस परीक्षा के बाद उनका इसके सिवा कोई बहाना न होगा कि वे अपने पूज्यों से किनारा कर लेंगे और झूठ-मूठ कहेंगे : अल्लाह की क़सम! जो हमारा पालनहार है, हम दुनिया में तेरे साथ शिर्क करने वाले नहीं थे, बल्कि हम तुझपर ईमान रखने वाले, तुझे एकमात्र पूज्य मानने वाले थे।
6:24Страница 130
ٱنظُرۡ كَيۡفَ كَذَبُواْ عَلَىٰٓ أَنفُسِهِمۡۚ وَضَلَّ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ ٢٤
Посмотри, как они лгут о самих себе! Но покинет их (или исчезнет) то, что они измышляли.
(ऐ मुहम्मद!) देखो कैसे इन लोगों ने अपने बारे में शिर्क का इनकार करके खुद से झूठ बोला, तथा ये अपने सांसारिक जीवन में अल्लाह के साथ जो साझी गढ़ा करते थे, वे इनसे ग़ायब हो गए और इन्हें असहाय छोड़ गए।
6:25Страница 130
وَمِنۡهُم مَّن يَسۡتَمِعُ إِلَيۡكَۖ وَجَعَلۡنَا عَلَىٰ قُلُوبِهِمۡ أَكِنَّةً أَن يَفۡقَهُوهُ وَفِيٓ ءَاذَانِهِمۡ وَقۡرٗاۚ وَإِن يَرَوۡاْ كُلَّ ءَايَةٖ لَّا يُؤۡمِنُواْ بِهَاۖ حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءُوكَ يُجَٰدِلُونَكَ يَقُولُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّآ أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ ٢٥
Среди них есть такие, которые слушают тебя, но Мы накинули на их сердца покрывала, чтобы они не могли понять его (Коран), и поразили их уши глухотой. Какое бы знамение они ни увидели, они все равно не уверуют в него, и поэтому, когда они приходят к тебе, чтобы препираться с тобой, неверующие говорят: «Это - всего лишь легенды древних народов».
ऐ रसूल! जब आप क़ुरआन पढ़ते हैं, तो मुश्रिकों में से कुछ लोग आपकी तरफ़ कान लगाकर सुनते हैं, लेकिन वे जो कुछ सुनते हैं उससे लाभ नहीं उठाते; क्योंकि हमने उनके दिलों पर, उनके हठ और उनके मुँह फेरने के कारण, परदे डाल दिए हैं, ताकि वे क़ुरआन को ना समझ सकें और हमने उनके कानों में लाभप्रद सुनवाई से बहरापन रखा है। वे चाहे कितने ही स्पष्ट प्रमाण और स्पष्ट तर्क देख लें, उनपर ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि जब वे आपके पास आते हैं, आपसे झूठ के साथ सत्य के बारे में झगड़ते हैं। वे कहते हैं : जो कुछ आप लेकर आए हैं, वह पहले लोगों की किताबों से लिया गया है।
6:26Страница 130
وَهُمۡ يَنۡهَوۡنَ عَنۡهُ وَيَنۡـَٔوۡنَ عَنۡهُۖ وَإِن يُهۡلِكُونَ إِلَّآ أَنفُسَهُمۡ وَمَا يَشۡعُرُونَ ٢٦
Они удерживают других от него (прямого пути), и сами сторонятся его, однако они губят только самих себя, не ощущая этого.
वे लोगों को रसूल पर ईमान लाने से मना करते हैं, और खुद भी उससे दूर रहते हैं। चुनाँचे जो व्यक्ति उससे लाभ उठाना चाहता है उसे लाभ नहीं उठाने देते और न ही वे स्वयं उससे लाभ उठाते हैं। और वे ऐसा करके केवल स्वयं को विनष्ट करते हैं। परंतु वे जानते ही नहीं कि वे जो कुछ कर रहे हैं, वह स्वयं का विनाश है।
6:27Страница 130
وَلَوۡ تَرَىٰٓ إِذۡ وُقِفُواْ عَلَى ٱلنَّارِ فَقَالُواْ يَٰلَيۡتَنَا نُرَدُّ وَلَا نُكَذِّبَ بِـَٔايَٰتِ رَبِّنَا وَنَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٢٧
Если бы ты только увидел их, когда их остановят перед Огнем. Они скажут: «О, если бы нас вернули обратно! Мы не считали бы ложью знамения нашего Господа и стали бы верующими!».
और (ऐ रसूल!) यदि आप देखें, जब वे क़ियामत के दिन आग पर पेश किए जाएँगे, तो वे पछताते हुए कहेंगे : ऐ काश! हम दुनिया के जीवन में लौटा दिए जाएँ और अल्लाह की आयतों को न झुठलाएँ, और हम अल्लाह पर ईमान लाने वालों में से हो जाएँ - तो आप उनकी बुरी स्थिति का आश्चर्यपूर्ण दृश्य देखेंगे।
6:28Страница 131
بَلۡ بَدَا لَهُم مَّا كَانُواْ يُخۡفُونَ مِن قَبۡلُۖ وَلَوۡ رُدُّواْ لَعَادُواْ لِمَا نُهُواْ عَنۡهُ وَإِنَّهُمۡ لَكَٰذِبُونَ ٢٨
О нет! Им открылось то, что они скрывали прежде. Если бы их вернули обратно, то они непременно вернулись бы к тому, что им было запрещено. Воистину, они - лжецы.
बात ऐसी नहीं है जो उन्होंने कही है कि यदि उन्हें वापस भेज दिया जाए, तो वे अवश्य ईमान ले आएँगे, बल्कि उनके सामने वह स्पष्ट हो गया जो वे अपने कथन : (والله ربنا ما كنا مشركين) ''अल्लाह की क़सम! जो हमारा पालनहार है, हम मुश्रिक न थे।'' से छिपा रहे थे, जब उनके अंगों ने उनके खिलाफ़ गवाही दी। और यदि मान लिया जाए कि वे दुनिया में वापस लौट गए, तो निश्चय वे उसी कुफ़्र एवं शिर्क की ओर लौटेंगे, जिससे उन्हें रोका गया है और वे अपने इस वादे में झूठे हैं कि यदि वे वापस लौट गए तो ईमान लाएँगे।
6:29Страница 131
وَقَالُوٓاْ إِنۡ هِيَ إِلَّا حَيَاتُنَا ٱلدُّنۡيَا وَمَا نَحۡنُ بِمَبۡعُوثِينَ ٢٩
Они говорят: «Есть только наша мирская жизнь, и мы не будем воскрешены».
और इन बहुदेववादियों ने कहा : इस जीवन के सिवा और कोई जीवन नहीं है, जिसमें हम रहते हैं और हम हिसाब के लिए उठाए जाने वाले नहीं हैं।
6:30Страница 131
وَلَوۡ تَرَىٰٓ إِذۡ وُقِفُواْ عَلَىٰ رَبِّهِمۡۚ قَالَ أَلَيۡسَ هَٰذَا بِٱلۡحَقِّۚ قَالُواْ بَلَىٰ وَرَبِّنَاۚ قَالَ فَذُوقُواْ ٱلۡعَذَابَ بِمَا كُنتُمۡ تَكۡفُرُونَ ٣٠
Если бы ты только увидел их, когда их остановят перед их Господом. Он скажет: «Разве это не истина?». Они скажут: «Конечно, клянемся нашим Господом!». Он скажет: «Вкусите же мучения за то, что вы не верили!».
और (ऐ रसूल!) यदि आप उस समय देखें, जब (मरणोपरांत) पुनर्जीवन का इनकार करने वाले अपने रब के सामने खड़े किए जाएँगे, तो आप उनकी बुरी स्थिति का आश्चर्यजनक दृश्य देखेंगे, जब अल्लाह उनसे कहेगा : क्या यह पुनर्जीवन जिसे तुम झुठलाया करते थे, एक निश्चित सत्य नहीं है, जिसमें कोई शक या संदेह नहीं?! वे कहेंगे : हम अपने उस रब की क़सम खाते हैं, जिसने हमें बनाया है, कि निःसंदेह यह एक निश्चित सत्य है, जिसमें कोई संदेह नहीं। उस समय अल्लाह उनसे कहेगा : तुम इस दिन का इनकार करने के कारण यातना का स्वाद चखो; क्योंकि तुम दुनिया के जीवन में इसे झुठलाया करते थे।
6:31Страница 131
قَدۡ خَسِرَ ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِلِقَآءِ ٱللَّهِۖ حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءَتۡهُمُ ٱلسَّاعَةُ بَغۡتَةٗ قَالُواْ يَٰحَسۡرَتَنَا عَلَىٰ مَا فَرَّطۡنَا فِيهَا وَهُمۡ يَحۡمِلُونَ أَوۡزَارَهُمۡ عَلَىٰ ظُهُورِهِمۡۚ أَلَا سَآءَ مَا يَزِرُونَ ٣١
Те, которые отрицали встречу с Аллахом, уже оказались в убытке. Когда же внезапно для них настанет Час, они, неся свои ноши на спинах, скажут: «Горе нам за то, что мы упустили там!». Как же скверно то, что они понесут!
निश्चय वे लोग घाटे में रहे, जिन्होंने क़ियामत के दिन दोबारा जीवित किए जाने को झुठलाया और अल्लाह के सामने खड़े होने को असंभव समझा, यहाँ तक कि जब बिना पूर्व ज्ञान के उनके पास अचानक क़ियामत आ पहुँचेगी, तो पछतावे की तीव्रता से कहेंगे : हाय हमारा अफसोस और हमारी निराशा! कि हमने अल्लाह के पक्ष में, उसके साथ कुफ़्र करके और क़ियामत के दिन के लिए तैयारी न करके, बड़ी कोताही की। और वे अपने पापों को अपनी पीठों पर उठाए होंगे। सुन लो! बहुत बुरा है, जो वे उन पापों का बोझ उठाएँगे।
6:32Страница 131
وَمَا ٱلۡحَيَوٰةُ ٱلدُّنۡيَآ إِلَّا لَعِبٞ وَلَهۡوٞۖ وَلَلدَّارُ ٱلۡأٓخِرَةُ خَيۡرٞ لِّلَّذِينَ يَتَّقُونَۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ ٣٢
Мирская жизнь - всего лишь игра и потеха, а последняя обитель лучше для тех, кто богобоязнен. Неужели вы не разумеете?
इस संसार का जीवन जिसके प्रति तुम्हारा झुकाव है, उस व्यक्ति के लिए खेल-कूद और धोखे के सिवा कुछ नहीं है, जो इसमें अल्लाह को प्रसन्न करने वाला काम नहीं करता है। रही बात आख़िरत के घर की, तो यह उन लोगों के लिए बेहतर है, जो अल्लाह से डरते हैं, अतएव उसके ईमान और आज्ञाकारिता के आदेश का पालन करते हैं, तथा उसके शिर्क और अवज्ञा के निषेध से बचते हैं। तो क्या (ऐ बहुदेववादियो!) तुम इस बात को नहीं समझते?! ताकि तुम ईमान लाओ और अच्छे कर्म करो।
6:33Страница 131
قَدۡ نَعۡلَمُ إِنَّهُۥ لَيَحۡزُنُكَ ٱلَّذِي يَقُولُونَۖ فَإِنَّهُمۡ لَا يُكَذِّبُونَكَ وَلَٰكِنَّ ٱلظَّٰلِمِينَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ يَجۡحَدُونَ ٣٣
Мы знаем, что тебя печалит то, что они говорят. Они не считают лжецом тебя - беззаконники отвергают знамения Аллаха!
हम जानते हैं कि (ऐ रसूल!) आपको इस बात से बड़ा दुख होता है कि वे ज़ाहिरी तौर पर आपको झुठलाते हैं। इसलिए आप जान लें कि वे आपको अपने दिल से नहीं झुठलाते; क्योंकि वे आपकी सच्चाई तथा अमानत-दारी को जानते हैं। लेकिन वे अत्याचारी लोग हैं, जो बाह्य रूप से आपकी आज्ञा का खंडन करते हैं, जबकि वे अपने दिल में उसपर विश्वास करते हैं।
6:34Страница 131
وَلَقَدۡ كُذِّبَتۡ رُسُلٞ مِّن قَبۡلِكَ فَصَبَرُواْ عَلَىٰ مَا كُذِّبُواْ وَأُوذُواْ حَتَّىٰٓ أَتَىٰهُمۡ نَصۡرُنَاۚ وَلَا مُبَدِّلَ لِكَلِمَٰتِ ٱللَّهِۚ وَلَقَدۡ جَآءَكَ مِن نَّبَإِيْ ٱلۡمُرۡسَلِينَ ٣٤
До тебя посланников также считали лжецами, но они терпели то, что их так называли и обижали, пока не являлась к ним Наша помощь. Никто не исказит слов Аллаха, и до тебя уже дошли некоторые вести о посланниках.
आप यह न समझें कि यह इनकार केवल उसी चीज़ के साथ खास है, जो आप लाए हैं। बल्कि तथ्य यह है कि आपसे पहले भी कई रसूलों को झुठलाया गया तथा उनकी क़ौम के लोगों ने उन्हें कष्ट पहुँचाया। तो उन्होंने उसका सामना, अल्लाह की ओर बुलाने और उसके रास्ते में जिहाद करने पर सब्र के साथ किया, यहाँ तक कि उनके पास अल्लाह की ओर से सहायता आ पहुँची। तथा अल्लाह ने जो विजय लिख दिया है और अपने रसूलों से उसका वादा किया है, उसे कोई बदलने वाला नहीं। और (ऐ रसूल!) आपके पास आपसे पहले रसूलों के समाचार आ चुके हैं और जिस चीज़ का उन्हें उनकी जातियों की ओर से सामना हुआ और जो अल्लाह ने उन्हें उनके दुश्मनों पर उनको विनष्ट करके विजय प्रदान किया।
6:35Страница 131
وَإِن كَانَ كَبُرَ عَلَيۡكَ إِعۡرَاضُهُمۡ فَإِنِ ٱسۡتَطَعۡتَ أَن تَبۡتَغِيَ نَفَقٗا فِي ٱلۡأَرۡضِ أَوۡ سُلَّمٗا فِي ٱلسَّمَآءِ فَتَأۡتِيَهُم بِـَٔايَةٖۚ وَلَوۡ شَآءَ ٱللَّهُ لَجَمَعَهُمۡ عَلَى ٱلۡهُدَىٰۚ فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡجَٰهِلِينَ ٣٥
Если тебя тяготит их отвращение, то если ты сможешь отыскать проход в земле или лестницу на небо, то принеси им знамение. Если бы Аллах пожелал, то собрал бы их всех на прямом пути. Посему не будь одним из невежд.
(ऐ रसूल!) आप उनके पास जो सत्य लाए हैं, यदि उससे उनका मुँह फेरना और झुठलाना आपके लिए कठिन प्रतीत हो रहा है, तो यदि आप धरती में कोई सुरंग अथवा आकाश की ओर कोई सीढ़ी तलाश करने में सक्षम हो जाएँ, फिर आप उनके पास उसके अलावा कोई तर्क और प्रमाण ले आएँ, जिसके साथ हमने आपका समर्थन किया है, तो ले आएँ। और यदि अल्लाह उन्हें उस मार्गदर्शन पर एकत्र करना चाहता, जो आप लेकर आए हैं, तो उन्हें अवश्य एकत्र कर देता। लेकिन उसने किसी व्यापक हिकमत के कारण ऐसा नहीं चाहा। इसलिए आप इस तथ्य से अनजान मत बनें, कि इस बात पर अफ़सोस करते-करते आपकी जान जाती रहे कि वे ईमान नहीं लाए।
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۞ إِنَّمَا يَسۡتَجِيبُ ٱلَّذِينَ يَسۡمَعُونَۘ وَٱلۡمَوۡتَىٰ يَبۡعَثُهُمُ ٱللَّهُ ثُمَّ إِلَيۡهِ يُرۡجَعُونَ ٣٦
Отвечают только те, кто внимает. А мертвых Аллах воскресит, после чего они будут возвращены к Нему.
आपकी लाई बातों को स्वीकार करते हुए केवल वही आपको उत्तर देंगे, जो लोग बात को सुनते और समझते हैं, और काफिर लोग तो मरे हुए हैं जिनका उनसे कोई लेना-देना नहीं है। क्योंकि उनके दिल मर चुके हैं। और मरे हुओं को अल्लाह क़ियामत के दिन पुनर्जीवित करके उठाएगा, फिर वे उसी अकेले की ओर लौटाए जाएँगे, ताकि वह उन्हें उनके किए का बदला दे।
6:37Страница 132
وَقَالُواْ لَوۡلَا نُزِّلَ عَلَيۡهِ ءَايَةٞ مِّن رَّبِّهِۦۚ قُلۡ إِنَّ ٱللَّهَ قَادِرٌ عَلَىٰٓ أَن يُنَزِّلَ ءَايَةٗ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٣٧
Они говорят: «Почему ему не ниспослано знамение от его Господа?». Скажи: «Аллах способен ниспослать знамение». Но большинство их не обладает знанием.
और मुश्रिकों ने हठ दिखाते हुए और ईमान लाने में टाल-मटोल करते हुए कहा : मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर कोई चमत्कारी निशानी क्यों नहीं उतारी गई, जो उसके पालनहार की ओर से उस चीज़ में उसकी सच्चाई का प्रमाण होती, जो वह लेकर आए हैं? (ऐ रसूल!) आप कह दें : अल्लाह तआला ऐसी निशानी उतारने में सक्षम है जैसा कि वे चाहते हैं, लेकिन निशानी उतारने की माँग करने वाले इन बहुदेववादियों में से अधिकांश लोग यह नहीं जानते हैं कि निशानियों का उतारना अल्लाह की अपनी हिकमत के अनुसार होता है, न कि उनके माँग करने के अनुसार। क्योंकि यदि अल्लाह ने निशानियों को उतार दिया, फिर वे ईमान न लाए, तो अल्लाह उन्हें अवश्य विनष्ट कर देगा।
6:38Страница 132
وَمَا مِن دَآبَّةٖ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا طَٰٓئِرٖ يَطِيرُ بِجَنَاحَيۡهِ إِلَّآ أُمَمٌ أَمۡثَالُكُمۚ مَّا فَرَّطۡنَا فِي ٱلۡكِتَٰبِ مِن شَيۡءٖۚ ثُمَّ إِلَىٰ رَبِّهِمۡ يُحۡشَرُونَ ٣٨
Все живые существа на земле и птицы, летающие на двух крыльях, являются подобными вам сообществами. Мы ничего не упустили в Писании. А затем они будут собраны к своему Господу.
धरती के ऊपर चलने वाला न कोई जानवर है और न आकाश में उड़ने वाला कोई पक्षी है, परंतु सब सृष्टि और जीविका में (ऐ आदम की संतान!) तुम्हारी तरह जातियाँ हैं। हमने 'लौहे महफूज़' में कुछ भी नहीं छोड़ा परंतु उसे साबित (अंकित) कर दिया, और सबका ज्ञान अल्लाह के पास है। फिर क़ियामत के दिन वे अपने रब के पास ही फ़ैसले के लिए एकत्र किए जाएँगे, तो वह हर एक को वह प्रतिफल देगा जिसका वह हक़दार है।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии