Аль-МухтасарАш‑Шамс · 91:1–15

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

الشمس

Аш-Шамс

Солнце · Мекканская · 15 аятов

91:1Страница 595

وَٱلشَّمۡسِ وَضُحَىٰهَا ١

Клянусь солнцем и его утренним сиянием!

अल्लाह ने सूरज की क़सम खाई है और उसके पूरब से निकलने के बाद ऊपर चढ़ने के समय की क़सम खाई है।

91:2Страница 595

وَٱلۡقَمَرِ إِذَا تَلَىٰهَا ٢

Клянусь луной, когда она следует за ним!

और चाँद की क़सम खाई है, जब वह सूरज डूबने के बाद उसके पीछे आए।

91:3Страница 595

وَٱلنَّهَارِ إِذَا جَلَّىٰهَا ٣

Клянусь днем, когда он делает его (солнце) ясным!

और दिन की क़सम खाई है, जब वह अपने प्रकाश से धरती के ऊपर मौजूद सारी चीज़ों को प्रकट (ज़ाहिर) कर दे।

91:4Страница 595

وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَغۡشَىٰهَا ٤

Клянусь ночью, когда она скрывает его (солнце)!

और रात की क़सम खाई है, जब वह धरती के चेहरे को ढक ले और अंधेरी हो जाए।

91:5Страница 595

وَٱلسَّمَآءِ وَمَا بَنَىٰهَا ٥

Клянусь небом и Тем, Кто его воздвиг (или тем, как Он воздвиг его)!

और आकाश की क़सम खाई है तथा उसके मज़बूत निर्माण की क़सम खाई है।

91:6Страница 595

وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا طَحَىٰهَا ٦

Клянусь землей и Тем, Кто ее распростер (или тем, как Он распростер ее)!

और धरती की क़सम खाई है तथा उसके बिछाने व हमवार करने की क़सम खाई, ताकि लोग उसके ऊपर रह सकें।

91:7Страница 595

وَنَفۡسٖ وَمَا سَوَّىٰهَا ٧

Клянусь душой и Тем, Кто придал ей совершенный облик (или тем, как Он сделал ее облик совершенным)

और हर आत्मा की क़सम खाई है तथा अल्लाह के उसे ठीक-ठाक बनाने की क़सम खाई है।

91:8Страница 595

فَأَلۡهَمَهَا فُجُورَهَا وَتَقۡوَىٰهَا ٨

и внушил ей порочность ее и богобоязненность!

फिर उसे किसी शिक्षा के बिना ही यह समझा दिया कि क्या बुरा है ताकि उससे बचे और क्या अच्छा है ताकि उसे करे।

91:9Страница 595

قَدۡ أَفۡلَحَ مَن زَكَّىٰهَا ٩

Преуспел тот, кто очистил ее,

वह व्यक्ति अपने उद्देश्य में सफल हो गया, जिसने स्वयं को गुणों से सुसज्जित कर लिया और अपने आपको दोषों (बुराइयों) से रहित कर लिया।

91:10Страница 595

وَقَدۡ خَابَ مَن دَسَّىٰهَا ١٠

и понес урон тот, кто скрыл ее (опорочил, облек в несправедливость).

और वह व्यक्ति क्षति में पड़ गया, जिसने अपने आपको अवज्ञाओं और पापों में छिपाकर दबा दिया।

91:11Страница 595

كَذَّبَتۡ ثَمُودُ بِطَغۡوَىٰهَآ ١١

Самудяне сочли лжецом пророка Салиха из-за своего беззакония,

समूद की जाति ने अपने नबी सालेह अलैहिस्सलाम को झुठलाया, क्योंकि वह अवज्ञा और पाप करने में सीमा पार कर चुकी थी।

91:12Страница 595

إِذِ ٱنۢبَعَثَ أَشۡقَىٰهَا ١٢

и тогда самый несчастный из них вызвался убить верблюдицу.

जब उसका सबसे दुष्ट और अभागा व्यक्ति, अपने समुदाय के कहने पर उठ खड़ा हुआ।

91:13Страница 595

فَقَالَ لَهُمۡ رَسُولُ ٱللَّهِ نَاقَةَ ٱللَّهِ وَسُقۡيَٰهَا ١٣

Посланник Аллаха (Салих) сказал им: «Берегите верблюдицу и питье ее!».

तो अल्लाह के रसूल सालेह अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : अल्लाह की ऊँटनी को छोड़ दो और उसे उसकी बारी के दिन में पानी पीने दो। उसको कोई कष्ट न पहुँचाओ।

91:14Страница 595

فَكَذَّبُوهُ فَعَقَرُوهَا فَدَمۡدَمَ عَلَيۡهِمۡ رَبُّهُم بِذَنۢبِهِمۡ فَسَوَّىٰهَا ١٤

Они сочли его лжецом и подрезали ей поджилки, и за этот грех Господь их подверг их наказанию, которое было одинаковым для всех (или сровнял над ними землю).

चुनाँचे उन्होंने ऊँटनी के मामले में अपने रसूल को झुठला दिया और उनके सबसे दुष्ट आदमी ने ऊँटनी को मार डाला, जिसपर उन सब की सहमति थी। इस तरह वे सभी इस गुनाह में भागीदार थे। तो अल्लाह ने उनपर अपना अज़ाब भेज दिया और उन्हें उनके गुनाहों के कारण एक तेज़ आवाज़ के ज़रिए विनष्ट कर दिया और उस सज़ा में उन सब को बराबर रखा, जिसके साथ उन्हें नष्ट किया।

91:15Страница 595

وَلَا يَخَافُ عُقۡبَٰهَا ١٥

И не опасался Он последствий этого.

अल्लाह ने उन्हें उस यातना से पीड़ित किया, जिसने उन्हें नष्ट कर दिया, जबकि उस महिमावान को उसके परिणामों से कोई डर नहीं।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

Содержание

Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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