Аль-МухтасарНух · 71:1–28

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

نوح

Нух

Нух · Мекканская · 28 аятов

71:1Страница 570

إِنَّآ أَرۡسَلۡنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوۡمِهِۦٓ أَنۡ أَنذِرۡ قَوۡمَكَ مِن قَبۡلِ أَن يَأۡتِيَهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٞ ١

Мы отправили Нуха (Ноя) к его народу: «Предостереги свой народ прежде, чем их постигнут мучительные страдания».

हमने नूह (अलैहिस्सलाम) को उनकी जाति के पास लोगों को अल्लाह की ओर आमंत्रित करने के लिए भेजा, ताकि वह अपने समुदाय के लोगों को डराएँ, इससे पहले कि उनके अल्लाह के साथ शिर्क करने के कारण, उनपर दर्दनाक यातना आ जाए।

71:2Страница 570

قَالَ يَٰقَوۡمِ إِنِّي لَكُمۡ نَذِيرٞ مُّبِينٌ ٢

Он сказал: «О мой народ! Воистину, я для вас - предостерегающий и разъясняющий увещеватель.

नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी जाति के लोगों से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! मैं तुम्हें स्पष्ट रूप से उस यातना से डराने वाला हूँ, जो तुम्हारी प्रतीक्षा कर रही है यदि तुमने अल्लाह से तौबा न की।

71:3Страница 570

أَنِ ٱعۡبُدُواْ ٱللَّهَ وَٱتَّقُوهُ وَأَطِيعُونِ ٣

Поклоняйтесь Аллаху, бойтесь Его и повинуйтесь мне!

और मेरे तुम्हें डराने की अपेक्षा यह है कि मैं तुमसे कहता हूँ : तुम केवल अल्लाह की इबादत करो और उसके साथ किसी को साझी न बनाओ, तथा उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो और मैं तुम्हें जो कुछ आदेश देता हूँ, उसमें मेरा आज्ञापालन करो।

71:4Страница 570

يَغۡفِرۡ لَكُم مِّن ذُنُوبِكُمۡ وَيُؤَخِّرۡكُمۡ إِلَىٰٓ أَجَلٖ مُّسَمًّىۚ إِنَّ أَجَلَ ٱللَّهِ إِذَا جَآءَ لَا يُؤَخَّرُۚ لَوۡ كُنتُمۡ تَعۡلَمُونَ ٤

Он простит вам ваши грехи и предоставит вам отсрочку до назначенного срока. Воистину, когда срок Аллаха наступает, он уже не откладывается. Если бы вы только знали!».

अगर तुम ऐसा करोगे, तो अल्लाह तुम्हारे उन गुनाहों को क्षमा कर देगा, जो बंदों के अधिकारों से संबंधित नहीं हैं। और तुम्हारे समुदाय की जीवन-अवधि एक निर्धारित समय तक बढ़ा देगा, जो अल्लाह के ज्ञान में है। जब तक तुम इसपर क़ायम रहोगे, धरती को आबाद रखोगे। निश्चय जब मौत आ जाती है, तो टाली नहीं जाती। अगर तुम इस तथ्य को जानते होते, तो अल्लाह पर ईमान लाने और अपने शिर्क और गुमराही से तौबा करने में अवश्य जल्दी करते।

71:5Страница 570

قَالَ رَبِّ إِنِّي دَعَوۡتُ قَوۡمِي لَيۡلٗا وَنَهَارٗا ٥

Он сказал: «Господи! Я призывал мой народ ночью и днем,

नूह (अलैहिस्सलाम) ने कहा : ऐ मेरे रब! मैं अपनी जाति के लोगों को तेरी इबादत और एकेश्वरवाद की ओर रात और दिन लगातार बुलाता रहा।

71:6Страница 570

فَلَمۡ يَزِدۡهُمۡ دُعَآءِيٓ إِلَّا فِرَارٗا ٦

но мои проповеди лишь ускорили их бегство.

परंतु मेरे बुलाने से उनके उस चीज़ से भागने और दूर होने ही में वृद्धि हुई, जिसकी ओर मैं उन्हें बुलाता हूँ।।

71:7Страница 570

وَإِنِّي كُلَّمَا دَعَوۡتُهُمۡ لِتَغۡفِرَ لَهُمۡ جَعَلُوٓاْ أَصَٰبِعَهُمۡ فِيٓ ءَاذَانِهِمۡ وَٱسۡتَغۡشَوۡاْ ثِيَابَهُمۡ وَأَصَرُّواْ وَٱسۡتَكۡبَرُواْ ٱسۡتِكۡبَارٗا ٧

Каждый раз, когда я призывал их, чтобы Ты простил их, они затыкали пальцами уши и укрывались одеждами. Они упорствовали и надменно превозносились.

और जब भी मैंने उन्हें उस चीज़ की ओर आमंत्रित किया, जिसमें उनके पापों की क्षमा का कारण है; जैसे कि केवल तेरी इबादत करना तथा तेरा आज्ञापालन और तेरे रसूल का आज्ञापालन करना - तो उन्होंने अपनी उँगलियों से अपने कान बंद कर लिए; ताकि उन्हें मेरी बात सुनने से रोक दें, और अपने चेहरे को अपने कपड़ों से ढँक लिए, ताकि वे मुझे न देखें, तथा अपने शिर्क पर जमे रहे, और जिसकी ओर मैं उन्हें आमंत्रित करता हूँ, उसे स्वीकार करने और उसका पालन करने से अभिमान दिखाया।

71:8Страница 570

ثُمَّ إِنِّي دَعَوۡتُهُمۡ جِهَارٗا ٨

Затем я призывал их открыто.

फिर मैंने (ऐ मेरे रब) उन्हें खुले तौर पर आमंत्रित किया।

71:9Страница 570

ثُمَّ إِنِّيٓ أَعۡلَنتُ لَهُمۡ وَأَسۡرَرۡتُ لَهُمۡ إِسۡرَارٗا ٩

Затем я обращался к ним всенародно и говорил с ними наедине.

फिर मैंने उन्हें ऊँची आवाज़ में बुलाया, और गुप्त रूप से भी समझाया तथा उन्हें धीमे स्वर में भी आमंत्रित किया; मैंने उन्हें बुलाने की विविध शैली अपनाई।

71:10Страница 570

فَقُلۡتُ ٱسۡتَغۡفِرُواْ رَبَّكُمۡ إِنَّهُۥ كَانَ غَفَّارٗا ١٠

Я говорил: «Просите у вашего Господа прощения, ведь Он - Всепрощающий.

तो मैंने उनसे कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अपने पालनहार से उसके समक्ष तौबा करके क्षमा माँगो। निश्चय वह अपने तौबा करने वाले बंदों के गुनाहों को बहुत क्षमा करने वाला है।

71:11Страница 571

يُرۡسِلِ ٱلسَّمَآءَ عَلَيۡكُم مِّدۡرَارٗا ١١

Он ниспошлет вам с неба обильные дожди,

अगर तुमने ऐसा किया, तो जब भी तुम्हें आवश्यकता होगी, अल्लाह तुम पर लगातार बारिश बरसाएगा। इसलिए तुम सूखे से पीड़ित नहीं होगे।

71:12Страница 571

وَيُمۡدِدۡكُم بِأَمۡوَٰلٖ وَبَنِينَ وَيَجۡعَل لَّكُمۡ جَنَّٰتٖ وَيَجۡعَل لَّكُمۡ أَنۡهَٰرٗا ١٢

поддержит вас имуществом и детьми, взрастит для вас сады и создаст для вас реки.

और तुम्हें अधिक संख्या में धन एवं संतान प्रदान करेगा, और फल खाने को बाग़ देगा, और तुम्हारे लिए नहरें बहा देगा, जिनका पानी तुम खुद पियोगे तथा अपने जानवरों और अपने खेतों को सैराब करोगे।

71:13Страница 571

مَّا لَكُمۡ لَا تَرۡجُونَ لِلَّهِ وَقَارٗا ١٣

Почему вы не чтите величия Аллаха?

(ऐ मेरी जाति के लोगो) तुम्हें क्या हो गया है कि जब तुम धड़ल्ले से अल्लाह की अवज्ञा करते हो, तो तुम्हें उसकी महानता से डर नहीं लगता?!

71:14Страница 571

وَقَدۡ خَلَقَكُمۡ أَطۡوَارًا ١٤

Он ведь создавал вас по этапам.

जबकि उसन तुम्हें चरण के बाद चरण नुत्फ़ा (वीर्य की बूँद), फिर जमे हुए रक्त, फिर मांस के टुकड़े से पैदा किया है।

71:15Страница 571

أَلَمۡ تَرَوۡاْ كَيۡفَ خَلَقَ ٱللَّهُ سَبۡعَ سَمَٰوَٰتٖ طِبَاقٗا ١٥

Неужели вы не видели, как Аллах создал семь небес одно над другим,

क्या तुमने नहीं देखा कि अल्लाह ने किस प्रकार ऊपर-तले सात आसमान बनाए?!

71:16Страница 571

وَجَعَلَ ٱلۡقَمَرَ فِيهِنَّ نُورٗا وَجَعَلَ ٱلشَّمۡسَ سِرَاجٗا ١٦

сделал луну светлой, а солнце сделал светильником?

और उसने चाँद को उनमें से निचले आकाश में धरती वालों के लिए प्रकाश और सूरज को प्रकाश करने वाला बनाया।

71:17Страница 571

وَٱللَّهُ أَنۢبَتَكُم مِّنَ ٱلۡأَرۡضِ نَبَاتٗا ١٧

Аллах вырастил вас из земли, словно растения.

और अल्लाह ने तुम्हें धरती से पैदा किया, क्योंकि तुम्हारे पिता आदम (अलैहिस्सलाम) को मिट्टी से बनाया। फिर वह (धरती) तुम्हारे लिए जो कुछ उगाती है, उससे तुम भोजन प्राप्त करते हो।

71:18Страница 571

ثُمَّ يُعِيدُكُمۡ فِيهَا وَيُخۡرِجُكُمۡ إِخۡرَاجٗا ١٨

Потом Он вернет вас туда и вновь выведет оттуда.

फिर वह तुम्हें तुम्हारी मृत्यु के बाद उसी में वापस ले जाएगा, फिर वह तुम्हें पुनर्जीवित करके उठाने के लिए उससे बाहर निकालेगा।

71:19Страница 571

وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُمُ ٱلۡأَرۡضَ بِسَاطٗا ١٩

Аллах сделал для вас землю ковром,

और अल्लाह ने तुम्हारे लिए धरती को समतल बनाया, जो निवास के लिए तैयार है।

71:20Страница 571

لِّتَسۡلُكُواْ مِنۡهَا سُبُلٗا فِجَاجٗا ٢٠

чтобы вы ходили по ней широкими дорогами»».

इस आशा में कि तुम हलाल कमाई की खोज में उसके विस्तृत रास्तों पर चलो।

71:21Страница 571

قَالَ نُوحٞ رَّبِّ إِنَّهُمۡ عَصَوۡنِي وَٱتَّبَعُواْ مَن لَّمۡ يَزِدۡهُ مَالُهُۥ وَوَلَدُهُۥٓ إِلَّا خَسَارٗا ٢١

Нух (Ной) сказал: «Господи! Они ослушались меня и последовали за тем, чье богатство и чьи дети приносят им только убыток.

नूह (अलैहिस्सलाम) ने कहा : ऐ मेरे रब! मेरी जाति के लोगों ने उस चीज़ में मेरी अवज्ञा की, जो मैंने उन्हें तेरे एकेश्वरवाद (तौहीद) और अकेले तेरी इबादत करने का आदेश दिया। और उनमें से निचले स्तर के लोगों ने अपने सरदारों का अनुसरण किया, जिन्हें तू ने धन और संतान की नेमत प्रदान की है। परन्तु तू ने उन्हें जो कुछ प्रदान किया, उसने उन्हें गुमराही के अलावा किसी चीज़ में नहीं बढ़ाया।

71:22Страница 571

وَمَكَرُواْ مَكۡرٗا كُبَّارٗا ٢٢

Они замыслили тяжкую хитрость

और उनके प्रमुख लोगों ने उनके निचले स्तर के लोगों को नूह़ अलैहिस्सलाम के विरुद्ध भड़काकर बहुत बड़ी चाल चली।

71:23Страница 571

وَقَالُواْ لَا تَذَرُنَّ ءَالِهَتَكُمۡ وَلَا تَذَرُنَّ وَدّٗا وَلَا سُوَاعٗا وَلَا يَغُوثَ وَيَعُوقَ وَنَسۡرٗا ٢٣

и сказали: «Не отрекайтесь от ваших богов: Вадда, Сувы, Йагуса, Йаука и Насра».

और उन्होंने अपने अनुयायियों से कहा : अपने देवताओं की पूजा का त्याग मत करो। तथा अपनी मूर्तियों; वद्द, सुवाअ, यग़ूस, यऊक़ और नस्र की पूजा को मत छोड़ो।

71:24Страница 571

وَقَدۡ أَضَلُّواْ كَثِيرٗاۖ وَلَا تَزِدِ ٱلظَّٰلِمِينَ إِلَّا ضَلَٰلٗا ٢٤

Они уже ввели в заблуждение многих. Не приумножай же беззаконникам ничего, кроме заблуждения!».

और उन्होंने अपनी इन मूर्तियों के द्वारा बहुत-से लोगों को गुमराह किया है। तथा (ऐ मेरे रब!) कुफ़्र और पापों पर अटल रहकर अपने ऊपर अत्याचार करने वालों की सत्य से पथभ्रष्टता ही में वृद्धि कर।

71:25Страница 571

مِّمَّا خَطِيٓـَٰٔتِهِمۡ أُغۡرِقُواْ فَأُدۡخِلُواْ نَارٗا فَلَمۡ يَجِدُواْ لَهُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ أَنصَارٗا ٢٥

За свои грехи они были потоплены и ввергнуты в Огонь. Они не нашли себе помощников вместо Аллаха.

अपने पापों के कारण जो उन्होंने किए थे, वे इस दुनिया में बाढ़ में डुबो दिए गए और अपनी मृत्यु के तुरंत बाद आग में डाल दिए गए। तो (उस समय) उन्हें डूबने और आग से बचाने के लिए, अल्लाह के सिवा कोई मदद करने वाले नहीं मिले।

71:26Страница 571

وَقَالَ نُوحٞ رَّبِّ لَا تَذَرۡ عَلَى ٱلۡأَرۡضِ مِنَ ٱلۡكَٰفِرِينَ دَيَّارًا ٢٦

Нух (Ной) сказал: «Господи! Не оставь на земле ни одного неверующего жителя!

जब अल्लाह ने नूह अलैहिस्सलाम को बताया कि उनकी जाति के जो लोग ईमान ला चुके हैं, उनके सिवा अब कोई ईमान नहीं लाएगा, तो उन्होंने कहा : ऐ मेरे रब! धरती पर काफ़िरों में से किसी चलने-फिरने वाले को न छोड़।

71:27Страница 571

إِنَّكَ إِن تَذَرۡهُمۡ يُضِلُّواْ عِبَادَكَ وَلَا يَلِدُوٓاْ إِلَّا فَاجِرٗا كَفَّارٗا ٢٧

Если ты оставишь их, они введут в заблуждение Твоих рабов и породят только грешных неверующих.

निश्चय (ऐ हमारे पालनहार) अगर तू उन्हें छोड़ देगा और मोहलत देगा, तो वे तेरे मोमिन बंदों को गुमराह करेंगे, और वे केवल ऐसे दुराचारी को जन्म देंगे, जो तेरी बात नहीं मानेगा, और सख़्त काफ़िर को (जन्म देंगे), जो तेरी नेमतों पर तेरा आभारी नहीं होगा।

71:28Страница 571

رَّبِّ ٱغۡفِرۡ لِي وَلِوَٰلِدَيَّ وَلِمَن دَخَلَ بَيۡتِيَ مُؤۡمِنٗا وَلِلۡمُؤۡمِنِينَ وَٱلۡمُؤۡمِنَٰتِۖ وَلَا تَزِدِ ٱلظَّٰلِمِينَ إِلَّا تَبَارَۢا ٢٨

Господи! Прости меня и моих родителей и тех, кто вошел в мой дом верующим, а также верующих мужчин и женщин. А беззаконникам не приумножай ничего, кроме погибели!».

ऐ मेरे पालनहार! मेरे पापों को क्षमा कर दे, और मेरे माता-पिता को क्षमा कर दे, और मेरे घर में मोमिन बन कर दाख़िल होने वाले को क्षमा कर दे, और ईमान वाले पुरुषों और ईमान वाली स्त्रियों को भी क्षमा कर दे। तथा कुफ़्र और पापों के द्वारा अपने ऊपर अत्याचार करने वालों को विनाश और हानि ही में बढ़ा।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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