Аль-МухтасарЮнус · 10:1–33

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

يونس

Юнус

Йунус · Мекканская · 109 аятов

10:1Страница 208

الٓرۚ تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡحَكِيمِ ١

Алиф. Лам. Ра. Это - аяты мудрого Писания.

{अलिफ़, लाम, रा।} इस प्रकार के अक्षरों के बारे में सूरतुल-बक़रा के आरंभ में बात की जा चुकी है। इस सूरत में तिलावत की गई ये आयतें सुदृढ़ एवं मज़बूत क़ुरआन की आयतें हैं, जो हिकमत और अहकाम पर आधारित है।

10:2Страница 208

أَكَانَ لِلنَّاسِ عَجَبًا أَنۡ أَوۡحَيۡنَآ إِلَىٰ رَجُلٖ مِّنۡهُمۡ أَنۡ أَنذِرِ ٱلنَّاسَ وَبَشِّرِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ أَنَّ لَهُمۡ قَدَمَ صِدۡقٍ عِندَ رَبِّهِمۡۗ قَالَ ٱلۡكَٰفِرُونَ إِنَّ هَٰذَا لَسَٰحِرٞ مُّبِينٌ ٢

Неужели люди удивлены тем, что Мы внушили человеку из их среды предостеречь людей и обрадовать уверовавших вестью о том, что они получат от их Господа воздаяние за свои благодеяния? Неверующие сказали: «Безусловно, это - явный колдун».

क्या लोगों के लिए यह आश्चर्य की बात है कि हमने उनकी जाति ही के एक व्यक्ति पर, उसे यह आदेश देते हुए, वह़्य (प्रकाशना) उतारी कि लोगों को अल्लाह की यातना से सचेत कर दे?! (ऐ रसूल!) आप अल्लाह पर ईमान लाने वाले लोगों को यह प्रसन्न करने वाली सूचना दे दें कि उन्होंने जो भी अच्छे कर्म आगे भेजे हैं, उसके प्रतिफल के तौर पर उनके लिए उनके पालानहार के पास उच्च स्थान (पद) है। काफिरों ने कहा : निःसंदेह यह आदमी जो इन आयतों को लेकर आया है, एक स्पष्ट जादूगर है।

10:3Страница 208

إِنَّ رَبَّكُمُ ٱللَّهُ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٖ ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰ عَلَى ٱلۡعَرۡشِۖ يُدَبِّرُ ٱلۡأَمۡرَۖ مَا مِن شَفِيعٍ إِلَّا مِنۢ بَعۡدِ إِذۡنِهِۦۚ ذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ رَبُّكُمۡ فَٱعۡبُدُوهُۚ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ ٣

Воистину, ваш Господь - Аллах, Который создал небеса и землю за шесть дней, а потом вознесся на Трон (или утвердился на Троне). Он управляет делами. Никто не будет заступаться, кроме как после Его дозволения. Таков Аллах, ваш Господь. Поклоняйтесь же Ему. Неужели вы не помяните назидание?

निःसंदेह (ऐ आश्चर्य करने वालो!) तुम्हारा पालनहार वही अल्लाह है, जिसने भव्य आकाशों तथा विशाल धरती को छह दिनों में बनाया, फिर वह अर्श पर बुलंद हुआ। तो तुम्हें कैसे आश्चर्य होता है कि उसने तुम्हारी ही जाति में से एक आदमी को रसूल बनाकर भेजा?! वह अपने विशाल राज्य में अकेले ही निर्णय लेता है और फ़ैसले करता है। उसके पास उसकी अनुमति तथा अनुशंसा करने वाले से उसकी संतुष्टि के बिना कोई व्यक्ति किसी चीज़ के बारे में अनुशंसा नहीं कर सकता। इन गुणों से विशेषित अल्लाह ही तुम्हारा पालनहार है। अतः निष्ठापूर्वक एकमात्र उसी की उपासना करो। तो क्या तुम उसके एकेश्वरवाद के इन सभी प्रमाणों एवं तर्कों से शिक्षा ग्रहण नहीं करतेॽ जिसके पास थोड़ी-सी भी शिक्षा ग्रहण करने की क्षमता होगी, वह उसे जान लेगा और उसपर ईमान लाएगा।

10:4Страница 208

إِلَيۡهِ مَرۡجِعُكُمۡ جَمِيعٗاۖ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقًّاۚ إِنَّهُۥ يَبۡدَؤُاْ ٱلۡخَلۡقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥ لِيَجۡزِيَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ بِٱلۡقِسۡطِۚ وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَهُمۡ شَرَابٞ مِّنۡ حَمِيمٖ وَعَذَابٌ أَلِيمُۢ بِمَا كَانُواْ يَكۡفُرُونَ ٤

Все вы возвратитесь к Нему, согласно истинному обещанию Аллаха. Он создает творение в первый раз, а затем воссоздает его, чтобы по справедливости вознаградить тех, которые уверовали и совершали праведные деяния. Тем же, которые не уверовали, уготованы напиток из кипятка и мучительные страдания за то, что они не уверовали.

क़ियामत के दिन तुम सब को उसी एक अल्लाह की ओर लौटना है, ताकि वह तुम्हें तुम्हारे कर्मों का प्रतिफल प्रदान करे। अल्लाह ने लोगों से इसका सच्चा वादा किया है, जो वह नहीं तोड़ेगा। निःसंदेह वह इसमें सक्षम है। वह किसी पिछले उदाहरण के बिना सृष्टि की रचना का आरंभ करता है और फिर उसकी मृत्यु के पश्चात उसे पुनः जीवित करेगा, ताकि उन लोगों को न्याय के साथ प्रतिफल प्रदान करे, जो अल्लाह पर ईमान लाए और सत्कर्म किए। वह न उनकी नेकियों को घटाएगा और न उनके गुनाहों को बढ़ाएगा। जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूलों का इनकार किया, उनके लिए उनके इस इनकार के कारण खौलते हुए जल का पेय होगा, जो उनकी आँतों के टुकड़े-टुकड़े कर देगा तथा उनके लिए दर्दनाक यातना होगी।

10:5Страница 208

هُوَ ٱلَّذِي جَعَلَ ٱلشَّمۡسَ ضِيَآءٗ وَٱلۡقَمَرَ نُورٗا وَقَدَّرَهُۥ مَنَازِلَ لِتَعۡلَمُواْ عَدَدَ ٱلسِّنِينَ وَٱلۡحِسَابَۚ مَا خَلَقَ ٱللَّهُ ذَٰلِكَ إِلَّا بِٱلۡحَقِّۚ يُفَصِّلُ ٱلۡأٓيَٰتِ لِقَوۡمٖ يَعۡلَمُونَ ٥

Он - Тот, Кто даровал солнцу сияние, а луне - свет. Он установил для нее фазы, чтобы вы могли вести летосчисление и знали счет. Все это Аллах сотворил только ради истины. Он разъясняет Свои знамения для людей знающих.

वही है, जिसने सूर्य को ज्योति फैलाने वाला बनाया और चाँद को प्रकाशमान बनाया, जिससे रोशनी प्राप्त की जाती है। साथ ही चाँद की अट्ठाईस मंज़िलों के अनुसार उसकी गति निर्धारित की। मंज़िल से अभिप्राय वह दूरी है, जिसे चाँद हर दिन और रात तय करता है। यह सब इसलिए किया, ताकि (ऐ लोगो!) तुम सूरज के द्वारा दिनों की संख्या तथा चाँद के द्वारा महीनों एवं वर्षों की संख्या जान सको। अल्लाह ने आकाशों और धरती तथा उनके बीच की चीज़ों को सत्य के साथ ही पैदा किया है; ताकि लोगों को अपनी शक्ति और महानता के दर्शन कराए। अल्लाह अपने एकेश्वरवाद के इन स्पष्ट प्रमाणों और उज्ज्वल तर्कों को ऐसे लोगों के लिए खोल-खोलकर बयान करता है, जो इनसे उसके एकेश्वरवाद का पता लगाना जानते हैं।

10:6Страница 208

إِنَّ فِي ٱخۡتِلَٰفِ ٱلَّيۡلِ وَٱلنَّهَارِ وَمَا خَلَقَ ٱللَّهُ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يَتَّقُونَ ٦

Воистину, в смене ночи и дня, а также том, что Аллах сотворил на небесах и на земле, заключены знамения для людей богобоязненных.

निःसंदेह बंदों पर रात और दिन के एक-दूसरे के बाद आने में, उसके साथ होने वाले अंधकार और प्रकाश में तथा दोनों में से किसी एक के छोटे और दूसरे के लंबे होने में और आकाशों तथा धरती के अंदर मौजूद सारी सृष्टियों में, निश्चय उन लोगों के लिए अल्लाह की शक्ति को दर्शाने वाली निशानियाँ हैं, जो अल्लाह से उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर डरते हैं।

10:7Страница 209

إِنَّ ٱلَّذِينَ لَا يَرۡجُونَ لِقَآءَنَا وَرَضُواْ بِٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَٱطۡمَأَنُّواْ بِهَا وَٱلَّذِينَ هُمۡ عَنۡ ءَايَٰتِنَا غَٰفِلُونَ ٧

Воистину, тем, которые не надеются на встречу с Нами, довольствуются мирской жизнью и удовлетворяются ею, а также тем, которые пренебрегают Нашими знамениями,

निःसंदेह जो काफ़िर लोग अल्लाह से मिलने की आशा नहीं रखते कि उससे डरें या उसकी लालसा करें, तथा वे सदैव रहने वाले परलोक के जीवन के बजाय इस दुनिया के नश्वर जीवन से प्रसन्न हो गए और उनके दिल उसपर खुश होकर उससे संतुष्ट हो गए और वे लोग जो अल्लाह की निशानियों और उसके प्रमाणों से मुँह फेरने वाले और उनसे असावधान हैं।

10:8Страница 209

أُوْلَٰٓئِكَ مَأۡوَىٰهُمُ ٱلنَّارُ بِمَا كَانُواْ يَكۡسِبُونَ ٨

пристанищем будет Огонь за то, что они приобретали.

इन गुणों से विशेषित लोगों का ठिकाना, जहाँ वे शरण लेंगे, जहन्नम है; इस कारण कि उन्होंने कुफ़्र किया और क़ियामत के दिन को झुठलाया।

10:9Страница 209

إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ يَهۡدِيهِمۡ رَبُّهُم بِإِيمَٰنِهِمۡۖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهِمُ ٱلۡأَنۡهَٰرُ فِي جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ ٩

Воистину, тех, которые уверовали и совершали праведные деяния, Господь поведет верным путем за их веру. В Садах блаженства под ними будут течь реки.

निःसंदेह जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और अच्छे कर्म किए, अल्लाह उन्हें उनके ईमान के कारण सुकर्म का मार्ग दिखाएगा, जो उसकी प्रसन्नता की ओर ले जाने वाला है। फिर, क़ियामत के दिन, अल्लाह उन्हें सदैव रहने वाली नेमत भरी जन्नतों में दाख़िल करेगा, जहाँ उनके नीचे से नहरें प्रवाहित होंगी।

10:10Страница 209

دَعۡوَىٰهُمۡ فِيهَا سُبۡحَٰنَكَ ٱللَّهُمَّ وَتَحِيَّتُهُمۡ فِيهَا سَلَٰمٞۚ وَءَاخِرُ دَعۡوَىٰهُمۡ أَنِ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٠

Там они будут взывать: «Пречист Ты, Аллах!». Там их приветствием будет слово: «Мир!». А их молитвы будут завершатся словами: «Хвала Аллаху, Господу миров!».

जन्नत में उनकी प्रार्थना अल्लाह की तसबीह व तक़दीस (प्रशंसा और पवित्रता) होगी तथा उन्हें अल्लाह का अभिवादन, फ़रिश्तों का अभिवादन और उनका एक-दूसरे का अभिवादन : सलाम (शांति) होगा, तथा उनकी प्रार्थना का अंत सभी प्राणियों के पालनहार की प्रशंसा पर होगा।

10:11Страница 209

۞ وَلَوۡ يُعَجِّلُ ٱللَّهُ لِلنَّاسِ ٱلشَّرَّ ٱسۡتِعۡجَالَهُم بِٱلۡخَيۡرِ لَقُضِيَ إِلَيۡهِمۡ أَجَلُهُمۡۖ فَنَذَرُ ٱلَّذِينَ لَا يَرۡجُونَ لِقَآءَنَا فِي طُغۡيَٰنِهِمۡ يَعۡمَهُونَ ١١

Если бы Аллах ускорил для людей наступление зла, которое они призывают в своих проклятиях, подобно тому, как Он ускорил для них наступление добра, о котором они просят в молитвах, то они непременно погибли бы. Но Мы оставляем тех, которые не надеются на встречу с Нами, слепо скитаться в своем беззаконии.

यदि पवित्र अल्लाह लोगों के क्रोधित होने पर ख़ुद अपने, अपने बच्चों और अपने धन पर बद-दुआ (शाप) को उसी तरह जल्दी क़बूल कर ले, जिस तरह उनकी भलाई की दुआओं को स्वीकार करता है - तो वे नष्ट हो जाएँ। लेकिन अल्लाह उन्हें ढील देता है। अतः वह उन लोगों को, जो उससे मिलने की प्रतीक्षा नहीं करते (क्योंकि उन्हें न किसी दंड का भय होता है और न सवाब की आशा होती है) हिसाब के दिन के बारे में भ्रमित, चकित और शंकित छोड़ देता है।

10:12Страница 209

وَإِذَا مَسَّ ٱلۡإِنسَٰنَ ٱلضُّرُّ دَعَانَا لِجَنۢبِهِۦٓ أَوۡ قَاعِدًا أَوۡ قَآئِمٗا فَلَمَّا كَشَفۡنَا عَنۡهُ ضُرَّهُۥ مَرَّ كَأَن لَّمۡ يَدۡعُنَآ إِلَىٰ ضُرّٖ مَّسَّهُۥۚ كَذَٰلِكَ زُيِّنَ لِلۡمُسۡرِفِينَ مَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ١٢

Когда человека поражает горе, он взывает к Нам и лежа на боку, и сидя, и стоя. Когда же Мы избавляем его от напасти, он проходит, словно никогда не взывал к Нам по поводу постигшего его несчастья. Вот как приукрашено для тех, кто излишествует, то, что они совершают.

जब (पाप करके) अपने ऊपर अत्याचार करने वाले मनुष्य को किसी बीमारी या दुर्दशा का सामना होता है, तो वह अपने पहलू पर लेटा हुआ, या बैठा या खड़ा हुआ पूर्ण विनम्रता और विनय के साथ हमें पुकारता है; इस आशा में कि जो दुःख उसे पहुँचा है, उसे दूर कर दिया जाए। फिर जब हम उसकी प्रार्थना को स्वीकार कर लेते हैं और उसका दुःख दूर कर देते हैं, तो वह अपनी पूर्व स्थिति पर ऐसे चल पड़ता है जैसे उसने हमें कभी अपने किसी दुःख को दूर करने के लिए पुकारा ही नहीं था। जिस प्रकार इस उल्लंघनकारी के लिए अपनी पथभ्रष्टता में निरंतर बने रहना सुंदर बना दिया गया है, उसी प्रकार अपने कुफ़्र के द्वारा सीमाओं का उल्लंघन करने वालों के लिए उस कुफ़्र एवं अवज्ञा को शोभित कर दिया गया है, जो वे किया करते थे। अतः वे उसे नहीं छोड़ेंगें।

10:13Страница 209

وَلَقَدۡ أَهۡلَكۡنَا ٱلۡقُرُونَ مِن قَبۡلِكُمۡ لَمَّا ظَلَمُواْ وَجَآءَتۡهُمۡ رُسُلُهُم بِٱلۡبَيِّنَٰتِ وَمَا كَانُواْ لِيُؤۡمِنُواْۚ كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلۡمُجۡرِمِينَ ١٣

Мы погубили поколения, жившие до вас, поскольку они поступали несправедливо и не уверовали в Наших посланников, явившихся к ним с ясными знамениями. Так Мы наказываем грешных людей.

तथा हमने (ऐ बहुदेववादियो!) तुमसे पहले के समुदायों को, अल्लाह के रसूलों को झुठलाने और पाप करने के कारण विनष्ट कर दिया, जबकि उनके पास उनके रसूल आ चुके थे, जिन्हें हमने उनकी ओर स्पष्ट प्रमाणों के साथ भेजा था। जो प्रमाण यह सिद्ध करते थे कि वे रसूल अपने रब के पास से जो कुछ लेकर आए हैं, उसमें वे सच्चे हैं। परंतु वे ईमान नहीं लाए; क्योंकि उनके अंदर ईमान लाने की योग्यता ही नहीं थी। सो, अल्लाह ने उन्हें असहाय छोड़ दिया और उन्हें ईमान लाने की तौफ़ीक़ नहीं दी। जिस प्रकार हमने उन अत्याचारी समुदायों को बदला दिया, उसी तरह हम हर समय और जगह में उनके जैसे लोगों को बदला देते रहेंगे।

10:14Страница 209

ثُمَّ جَعَلۡنَٰكُمۡ خَلَٰٓئِفَ فِي ٱلۡأَرۡضِ مِنۢ بَعۡدِهِمۡ لِنَنظُرَ كَيۡفَ تَعۡمَلُونَ ١٤

Потом Мы сделали вас их преемниками на земле, чтобы посмотреть, как вы будете поступать.

फिर हमने तुम्हें (ऐ लोगो!) उन झुठलाने वाले समुदायों के, जिन्हें हमने विनष्ट कर दिया था, उत्तराधिकारी बनाया; ताकि हम देखें कि तुम कैसे कर्म करते हो, क्या तुम अच्छे कार्य करते हो कि तुम्हें उसपर सवाब (पुण्य) दिया जाए, अथवा तुम बुरे कार्य करते हो कि उसपर तुम्हें दंडित किया जाए?

10:15Страница 210

وَإِذَا تُتۡلَىٰ عَلَيۡهِمۡ ءَايَاتُنَا بَيِّنَٰتٖ قَالَ ٱلَّذِينَ لَا يَرۡجُونَ لِقَآءَنَا ٱئۡتِ بِقُرۡءَانٍ غَيۡرِ هَٰذَآ أَوۡ بَدِّلۡهُۚ قُلۡ مَا يَكُونُ لِيٓ أَنۡ أُبَدِّلَهُۥ مِن تِلۡقَآيِٕ نَفۡسِيٓۖ إِنۡ أَتَّبِعُ إِلَّا مَا يُوحَىٰٓ إِلَيَّۖ إِنِّيٓ أَخَافُ إِنۡ عَصَيۡتُ رَبِّي عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٖ ١٥

Когда Наши ясные аяты читают тем, которые не надеются на встречу с Нами, они говорят: «Принеси нам другой Коран или замени его!». Скажи: «Не подобает мне заменять его по своему желанию. Я лишь следую тому, что внушается мне в откровении, и боюсь, что если я ослушаюсь Господа моего, то меня постигнут мучения в Великий день».

जब उनके सामने अल्लाह की तौहीद (एकेश्वरवाद) को दर्शाने वाली क़ुरआन की स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती हैं, तो दोबारा जीवित होकर उठने का इनकार करने वाले लोग, जो सवाब की आशा नहीं रखते और न सज़ा से डरते हैं, कहते हैं : (ऐ मुहम्मद!) मूर्तिपूजा के अपमान पर आधारित इस क़ुरआन के अलावा दूसरा क़ुरआन ले आओ, अथवा हमारी इच्छाओं के अनुसार इसके कुछ भाग या पूर्ण भाग को निरस्त करके इसे बदल दो। (ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : इसे बदलना मेरे लिए संभव नहीं है, और इसके सिवा कोई दूसरा क़ुरआन लाने में तो मैं - और भी - सक्षम नहीं हूँ। बल्कि, केवल अल्लाह ही है जो उसमें से जो चाहे बदल सकता है। मैं तो केवल उसी का अनुसरण करता हूँ, जो अल्लाह मेरी ओर वह़्य (प्रकाशना) भेजता है। यदि मैं तुम्हारी माँग का उत्तर देकर अल्लाह की अवज्ञा करूँ, तो मुझे एक महान दिन की सज़ा का डर है और वह क़ियामत का दिन है।

10:16Страница 210

قُل لَّوۡ شَآءَ ٱللَّهُ مَا تَلَوۡتُهُۥ عَلَيۡكُمۡ وَلَآ أَدۡرَىٰكُم بِهِۦۖ فَقَدۡ لَبِثۡتُ فِيكُمۡ عُمُرٗا مِّن قَبۡلِهِۦٓۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ ١٦

Скажи: «Если бы Аллах пожелал, то я не стал бы читать его вам, и Он не стал бы обучать вас ему. Прежде я прожил с вами целую жизнь. Неужели вы не разумеете?».

(ऐ रसूल!) आप कह दें : यदि अल्लाह चाहता कि मैं तुम्हें क़ुरआन पढ़कर न सुनाऊँ, तो मैं तुम्हें क़ुरआन पढ़कर न सुनाता और इसे तुम तक न पहुँचाता। तथा यदि अल्लाह चाहता, तो तुम्हें मेरी ज़ुबानी क़ुरआन से सूचित न करता। फिर मैं तुम्हारे बीच जीवन की एक लंबी अवधि (चालीस वर्ष) व्यतीत कर चुका हूँ। न मैं पढ़ना जानता था और न लिखना। मैं इस तरह की किसी चीज़ की खोज और तलाश में भी नहीं था। तो क्या तुम अपनी बुद्धि से यह नहीं जानते कि जो कुछ मैं तुम्हारे पास लेकर आया हूँ वह अल्लाह की ओर से है, और उसमें मेरा कोई दख़ल नहीं है?!

10:17Страница 210

فَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّنِ ٱفۡتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ كَذِبًا أَوۡ كَذَّبَ بِـَٔايَٰتِهِۦٓۚ إِنَّهُۥ لَا يُفۡلِحُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ ١٧

Кто может быть несправедливее того, кто возвел на Аллаха навет или отверг Его знамения? Воистину, грешники не преуспеют.

अतः उससे बढ़कर ज़ालिम कौन होगा जो अल्लाह पर झूठ गढ़े। फिर मेरे लिए यह कैसे संभव है कि मैं अल्लाह पर झूठ गढ़ते हुए क़ुरआन को बदल दूँ? बात यह है कि जो लोग अल्लाह पर झूठ गढ़कर उसकी सीमाओं का उल्लंघन करने वाले हैं, वे अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकते।

10:18Страница 210

وَيَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُمۡ وَلَا يَنفَعُهُمۡ وَيَقُولُونَ هَٰٓؤُلَآءِ شُفَعَٰٓؤُنَا عِندَ ٱللَّهِۚ قُلۡ أَتُنَبِّـُٔونَ ٱللَّهَ بِمَا لَا يَعۡلَمُ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَلَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ سُبۡحَٰنَهُۥ وَتَعَٰلَىٰ عَمَّا يُشۡرِكُونَ ١٨

Они поклоняются наряду с Аллахом тому, что не причиняет им вреда и не приносит им пользы. Они говорят: «Они - наши заступники перед Аллахом». Скажи: «Разве вы можете поведать Аллаху такое на небесах и на земле, чего бы Он не знал?». Пречист Он и превыше тех, кого вы приобщаете в сотоварищи.

मुश्रिक (बहुदेववादी) लोग अल्लाह के सिवा कथित देवताओं की पूजा करते हैं, जो न लाभ पहुँचाते हैं और न हानि। जबकि सत्य पूज्य तो जब चाहे लाभ और हानि पहुँचा सकता है। तथा वे लोग अपने देवताओं के बारे में कहते हैं : ये मध्यस्थ हैं, जो अल्लाह के यहाँ हमारे लिए सिफारिश करेंगे। अतः वह हमारे पापों के कारण हमें यातना नहीं देगा। (ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : क्या तुम लोग सब कुछ जानने वाले अल्लाह को सूचना दे रहे हो कि उसका कोई साझी है, हालाँकि वह आकाशों में और धरती में अपना कोई साझी नहीं जानता! मुश्रिक (बहुदेववादी) लोग जो कुछ असत्य एवं झूठ कह रहे हैं, अल्लाह उससे पाक और पवित्र है।

10:19Страница 210

وَمَا كَانَ ٱلنَّاسُ إِلَّآ أُمَّةٗ وَٰحِدَةٗ فَٱخۡتَلَفُواْۚ وَلَوۡلَا كَلِمَةٞ سَبَقَتۡ مِن رَّبِّكَ لَقُضِيَ بَيۡنَهُمۡ فِيمَا فِيهِ يَخۡتَلِفُونَ ١٩

Люди были единой общиной верующих, но впали в разногласия. И если бы прежде не было Слова твоего Господа, то их разногласия были бы разрешены.

सारे मनुष्य केवल एक ही एकेश्वरवादी मोमिन समुदाय थे। फिर उन्होंने विभेद किया। अतः उनमें से कुछ लोग विश्वासी (मोमिन) बने रहे और कुछ ने कुफ़्र (अविश्वास) किया। यदि अल्लाह की तरफ से पहले ही यह निर्णय न किया जा चुका होता कि वह लोगों के बीच होने वाले मतभेद के बारे में इस दुनिया में फैसला नहीं करेगा, बल्कि उनके बीच उसके बारे में क़ियामत के दिन फ़ैसला करेगा। यदि यह बात न होती, तो इस संसार ही में उनके बीच उसका फ़ैसला कर दिया जाता, जिसमें वे विभेद कर रहे हैं। इस प्रकार यह स्पष्ट हो जाता कि कौन सीधे रास्ते पर चलने वाला है और कौन भटका हुआ है।

10:20Страница 210

وَيَقُولُونَ لَوۡلَآ أُنزِلَ عَلَيۡهِ ءَايَةٞ مِّن رَّبِّهِۦۖ فَقُلۡ إِنَّمَا ٱلۡغَيۡبُ لِلَّهِ فَٱنتَظِرُوٓاْ إِنِّي مَعَكُم مِّنَ ٱلۡمُنتَظِرِينَ ٢٠

Неверующие говорят: «Почему ему не ниспослано знамение от его Господа?». Скажи: «Сокровенное принадлежит одному Аллаху. Ждите, и я подожду вместе с вами».

तथा मुश्रिक (बहुदेववादी) लोग कहते हैं : मुहम्मद - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम - पर उनके पालनहार की तरफ़ से उनकी सच्चाई को दर्शाने वाली कोई निशानी क्यों नहीं उतारी गईॽ तो (ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : निशानियों का उतरना परोक्ष की बात है, जिसे अल्लाह ही जानता है। इसलिए तुम उन भौतिक निशानियों की प्रतीक्षा करो, जिनका तुमने सुझाव दिया है। मैं भी तुम्हारे साथ उनकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ।

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وَإِذَآ أَذَقۡنَا ٱلنَّاسَ رَحۡمَةٗ مِّنۢ بَعۡدِ ضَرَّآءَ مَسَّتۡهُمۡ إِذَا لَهُم مَّكۡرٞ فِيٓ ءَايَاتِنَاۚ قُلِ ٱللَّهُ أَسۡرَعُ مَكۡرًاۚ إِنَّ رُسُلَنَا يَكۡتُبُونَ مَا تَمۡكُرُونَ ٢١

Когда Мы дали людям вкусить милость после того, как их постигло бедствие, они тотчас начали ухищряться против Наших знамений. Скажи: «Аллах быстрее в ухищрениях!». Воистину, Наши посланцы записывают ваши козни.

और जब हम बहुदेववादियों को उनके अकाल और दुखों से पीड़ित होने के पश्चात् बारिश एवं हरियाली का स्वाद चखाते हैं, तो वे हमारी निशानियों का मखौल उड़ाते और उन्हें झुठलाते हैं। (ऐ पैगंबर!) आप इन बहुदेववादियों से कह दें : अल्लाह का उपाय सबसे तीव्र है और वह तुम्हें ढील देने और सज़ा देने में अधिक तेज़ है। निःसंदेह संरक्षक फ़रिश्ते तुम्हारी चालबाज़ियों को लिख रहे हैं। उनसे कोई चीज़ नहीं छूटती है। तो फिर उनके पैदा करने वाले (अल्लाह) से कैसे छूट सकती है?! तथा अल्लाह तुम्हें तुम्हारी चालबाज़ी का बदला देगा।

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هُوَ ٱلَّذِي يُسَيِّرُكُمۡ فِي ٱلۡبَرِّ وَٱلۡبَحۡرِۖ حَتَّىٰٓ إِذَا كُنتُمۡ فِي ٱلۡفُلۡكِ وَجَرَيۡنَ بِهِم بِرِيحٖ طَيِّبَةٖ وَفَرِحُواْ بِهَا جَآءَتۡهَا رِيحٌ عَاصِفٞ وَجَآءَهُمُ ٱلۡمَوۡجُ مِن كُلِّ مَكَانٖ وَظَنُّوٓاْ أَنَّهُمۡ أُحِيطَ بِهِمۡ دَعَوُاْ ٱللَّهَ مُخۡلِصِينَ لَهُ ٱلدِّينَ لَئِنۡ أَنجَيۡتَنَا مِنۡ هَٰذِهِۦ لَنَكُونَنَّ مِنَ ٱلشَّٰكِرِينَ ٢٢

Он - Тот, Кто предоставил вам возможность путешествовать по суше и по морю. Вы путешествуете на кораблях, плывущих вместе с ними при благоприятном ветре, которому они рады. Но вдруг подует ураганный ветер, и волны подступят к ним со всех сторон. Они решат, что они окружены, и станут взывать к Аллаху, очищая перед Ним веру: «Если Ты спасешь нас отсюда, то мы будем одними из благодарных!».

वह अल्लाह ही है, जो (ऐ लोगो!) तुम्हें थल में तुम्हारे पैरों पर तथा तुम्हारे चौपायों (सवारियों) पर चलाता है और वही तुम्हें समुद्र में नौकाओं में चलाता है। यहाँ तक कि जब तुम नौकाओं में समुद्र में होते हो और नौकाएँ यात्रियों को लेकर अच्छी हवा के सहारे चल पड़ती हैं, तो सवार लोग उस अच्छी हवा से प्रसन्न हो उठते हैं। चुनाँचे इसी दौरान जबकि वे अपने आनंद में होते हैं, उनपर एक तेज़ चलने वाली हवा आती है और हर तरफ़ से समुद्र की लहरें उनपर उठती चली आती हैं तथा उनका प्रबल गुमान यह होता है कि उनका सर्वनाश होने वाला है। ऐसे में, वे अकेले अल्लाह को पुकारते हैं और उसके साथ किसी दूसरे को साझी नहीं करते, यह कहते हुए : यदि तूने हमें इस विनाशकारी विपत्ति से बचा लिया, तो तेरे इस अनुग्रह के लिए हम अवश्य तेरे आभारी होंगे।

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فَلَمَّآ أَنجَىٰهُمۡ إِذَا هُمۡ يَبۡغُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ بِغَيۡرِ ٱلۡحَقِّۗ يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِنَّمَا بَغۡيُكُمۡ عَلَىٰٓ أَنفُسِكُمۖ مَّتَٰعَ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ ثُمَّ إِلَيۡنَا مَرۡجِعُكُمۡ فَنُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ ٢٣

Когда же Он спасает их, они бесчинствуют на земле без всякого права на то. О люди! Ваши бесчинства обернутся против вас самих. Это - преходящее наслаждение мирской жизнью. Потом Вы возвратитесь к Нам, и Мы поведаем вам о том, что вы совершали.

फिर जब वह उनकी दुआ स्वीकार कर लेता है और उन्हें उस विपत्ति से बचा लेता है, तो वे अचानक धरती में कुफ़्र, अवज्ञा और पाप करके उपद्रव करने लगते हैं। (ऐ लोगो!), होश में आ जाओ, वास्तव में तुम्हारे उपद्रव का दुष्परिणाम स्वयं तुम्हें ही झेलना है। क्योंकि तुम्हारी सरकशी व उद्दंडता से अल्लाह को कोई नुक़सान नहीं होगा। तुम इस दुनिया के जीवन में उसका आनंद ले रहे हो, जबकि यह नश्वर है। फिर क़ियामत के दिन तुम्हें हमारी ही ओर लौटकर आना है। तब हम तुम्हें बताएँगे कि तुम क्या पाप कर रहे थे तथा हम तुम्हें उसका बदला देंगे।

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إِنَّمَا مَثَلُ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا كَمَآءٍ أَنزَلۡنَٰهُ مِنَ ٱلسَّمَآءِ فَٱخۡتَلَطَ بِهِۦ نَبَاتُ ٱلۡأَرۡضِ مِمَّا يَأۡكُلُ ٱلنَّاسُ وَٱلۡأَنۡعَٰمُ حَتَّىٰٓ إِذَآ أَخَذَتِ ٱلۡأَرۡضُ زُخۡرُفَهَا وَٱزَّيَّنَتۡ وَظَنَّ أَهۡلُهَآ أَنَّهُمۡ قَٰدِرُونَ عَلَيۡهَآ أَتَىٰهَآ أَمۡرُنَا لَيۡلًا أَوۡ نَهَارٗا فَجَعَلۡنَٰهَا حَصِيدٗا كَأَن لَّمۡ تَغۡنَ بِٱلۡأَمۡسِۚ كَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ ٱلۡأٓيَٰتِ لِقَوۡمٖ يَتَفَكَّرُونَ ٢٤

Мирская жизнь подобна воде, которую Мы ниспосылаем с неба и благодаря которой (или с которой) смешиваются земные растения, идущие в пищу людям и животным. Когда же земля покрывается убранством и приукрашается, а ее жители полагают, что они властны над ней, Наше повеление постигает ее ночью или днем. Мы превращаем ее в жнивье, словно еще вчера она не изобиловала. Так Мы разъясняем знамения для людей размышляющих.

सांसारिक जीवन का उदाहरण, जिसके आनंद में तुम लीन हो, जल्दी समाप्त होने के मामले में, बारिश के पानी की तरह है, जिससे धरती से उगने वाले पौधे, जिन्हें इनसान भी खाते हैं, जैसे अनाज और फल आदि और पशु भी खाते हैं, जैसे घास आदि, खूब घने होकर निकल आए। यहाँ तक कि जब धरती ने सुंदरता की चादर ओढ़ ली और वह विभिन्न प्रकार के पौधों से सज गई तथा उसके मालिकों ने समझ लिया कि वे धरती की उगाई हुई फसलों को काटने और फलों को तोड़ने में सक्षम हैं, कि अचानक उसे नष्ट करने का हमारा निर्णय आ गया और हमने उसे कटी हुई फ़सल की तरह कर दिया, मानो वह खेत कुछ समय पहले तक पेड़-पौधों से भरा हुआ था ही नहीं। जिस प्रकार हमने तुम्हारे लिए दुनिया की स्थिति और उसके जल्दी ख़त्म होने को खोल-खोलकर बयान किया है, उसी प्रकार हम सोचने और विचार करने वालों के लिए प्रमाणों एवं तर्कों का वर्णन करते हैं।

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وَٱللَّهُ يَدۡعُوٓاْ إِلَىٰ دَارِ ٱلسَّلَٰمِ وَيَهۡدِي مَن يَشَآءُ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ ٢٥

Аллах призывает к Обители мира и благополучия и наставляет на прямой путь тех, кого пожелает.

अल्लाह सभी लोगों को अपनी जन्नत की ओर बुलाता है, जो कि शांति का घर है, जिसमें लोग विपत्तियों और चिंताओं से सुरक्षित होंगे और मौत से भी महफ़ूज़ रहेंगे। अल्लाह अपने बंदों में से जिसे चाहता है, इस्लाम धर्म को अपनाने की तौफ़ीक़ देता है, जो इस शांति के घर की ओर ले जाता है।

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۞ لِّلَّذِينَ أَحۡسَنُواْ ٱلۡحُسۡنَىٰ وَزِيَادَةٞۖ وَلَا يَرۡهَقُ وُجُوهَهُمۡ قَتَرٞ وَلَا ذِلَّةٌۚ أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ ٢٦

Тем, которые творили добро, уготовано Наилучшее (Рай), и им будет добавлено еще (они получат возможность взглянуть на Лик Аллаха). Не будет на их лицах ни праха, ни унижения. Они - обитатели Рая, в котором они пребудут вечно.

जिन लोगों ने अल्लाह के अनिवार्य किए हुए पूजा कार्यों (आज्ञाकारिता) को करके, तथा उसके निषिद्ध किए हुए पापों को त्यागकर अच्छा काम किया; उनके लिए सबसे अच्छा बदला अर्थात् जन्नत है, तथा उनके लिए इससे अधिक एक और वस्तु अर्थात् पवित्र अल्लाह के चेहरे के दर्शन का सौभाग्य है। और उनके चेहरों पर न धूल छाएगी और न ही उनपर तिरस्कार व अपमान छाएगा, एहसान के गुण से विशिष्ट यही लोग जन्नत वाले हैं, जिसमें वे सदैव रहेंगे।

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وَٱلَّذِينَ كَسَبُواْ ٱلسَّيِّـَٔاتِ جَزَآءُ سَيِّئَةِۭ بِمِثۡلِهَا وَتَرۡهَقُهُمۡ ذِلَّةٞۖ مَّا لَهُم مِّنَ ٱللَّهِ مِنۡ عَاصِمٖۖ كَأَنَّمَآ أُغۡشِيَتۡ وُجُوهُهُمۡ قِطَعٗا مِّنَ ٱلَّيۡلِ مُظۡلِمًاۚ أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ ٢٧

А воздаянием тех, кто приобрел зло, будет равноценное зло. Их постигнет унижение, и никто не защитит их от Аллаха. Их лица словно покроются клочьями ночного мрака. Они - обитатели Огня, в котором они пребудут вечно.

और जिन लोगों ने कुफ़्र और पाप जैसे बुरे कर्म किए, उनके लिए उस बुराई का बदला जो उन्होंने किया है, आख़िरत में उसी के समान अल्लाह की सज़ा है, और उनके चेहरों पर तिरस्कार व अपमान छाया होगा। जब अल्लाह उनपर अपनी यातना उतारेगा, तो कोई उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचाने वाला नहीं होगा, मानो कि उनके चेहरों पर अंधेरी रात की तारीकी ओढ़ा दी गई हो। स्याही की यह अधिकता जहन्नम के धुएँ तथा उसकी तारीकी छा जाने के कारण होगी। इन गुणों से विशिष्ट यही लोग जहन्नम वाले हैं, जिसमें वे हमेशा रहेंगे।

10:28Страница 212

وَيَوۡمَ نَحۡشُرُهُمۡ جَمِيعٗا ثُمَّ نَقُولُ لِلَّذِينَ أَشۡرَكُواْ مَكَانَكُمۡ أَنتُمۡ وَشُرَكَآؤُكُمۡۚ فَزَيَّلۡنَا بَيۡنَهُمۡۖ وَقَالَ شُرَكَآؤُهُم مَّا كُنتُمۡ إِيَّانَا تَعۡبُدُونَ ٢٨

В тот день Мы соберем их вместе, а потом скажем многобожникам: «Оставайтесь на своих местах вместе со своими сотоварищами». Потом Мы разделим их, и сотоварищи скажут им: «Вы вовсе не поклонялись нам.

(ऐ रसूल!) आप क़ियामत के दिन को याद करें, जब हम सभी प्राणियों को एकत्र करेंगे, फिर हम उन लोगों से कहेंगे, जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के साथ शिर्क किया था : (ऐ मुश्रिको!) अपने-अपने स्थान पर ठहरे रहो, तुम भी और तुम्हारे वे पूज्य भी, जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पूजा करते थे। फिर हम पूज्यों (जिनकी पूजा की जाती थी) और पूजकों (पूजा करने वालों) के बीच अलगाव पैदा कर देंगे। तथा जिनकी पूजा की जाती थी, वे पूजा करने वालों से यह कहते हुए अलग हो जाएँगे : तुम दुनिया में हमारी तो पूजा नहीं करते थे।

10:29Страница 212

فَكَفَىٰ بِٱللَّهِ شَهِيدَۢا بَيۡنَنَا وَبَيۡنَكُمۡ إِن كُنَّا عَنۡ عِبَادَتِكُمۡ لَغَٰفِلِينَ ٢٩

Довольно того, что Аллах является Свидетелем между нами и вами. Мы не ведали о вашем поклонении».

उस समय उनके वे देवी-देवता, जिनकी उन्होंने अल्लाह के सिवा पूजा की थी, यह कहते हुए अलग हो जाएँगे : अल्लाह गवाह है (और अकेले उसी की गवाही पर्याप्त है) कि हम अपने लिए तुम्हारी पूजा से प्रसन्न नहीं थे। न हमने तुम्हें इसका आदेश दिया था और न हमें तुम्हारी पूजा की ख़बर थी।

10:30Страница 212

هُنَالِكَ تَبۡلُواْ كُلُّ نَفۡسٖ مَّآ أَسۡلَفَتۡۚ وَرُدُّوٓاْ إِلَى ٱللَّهِ مَوۡلَىٰهُمُ ٱلۡحَقِّۖ وَضَلَّ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ ٣٠

Там каждый человек испытает то, что он совершил прежде. Они будут возвращены к Аллаху, их Истинному Покровителю, и покинет их (или исчезнет) то, что они измышляли.

उस महान स्थान में, प्रत्येक व्यक्ति अपने सांसारिक जीवन में किए हुए कामों को जाँच लेगा और बहुदेववादियों को उनके सत्य पालनहार अर्थात अल्लाह की ओर लौटाया जाएगा, जो उनका हिसाब लेगा और उन्होंने अपनी मूर्तियों की सिफारिश की जो झूठी बात गढ़ ली थी, वह उनसे दूर चली जाएगी।

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قُلۡ مَن يَرۡزُقُكُم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ وَٱلۡأَرۡضِ أَمَّن يَمۡلِكُ ٱلسَّمۡعَ وَٱلۡأَبۡصَٰرَ وَمَن يُخۡرِجُ ٱلۡحَيَّ مِنَ ٱلۡمَيِّتِ وَيُخۡرِجُ ٱلۡمَيِّتَ مِنَ ٱلۡحَيِّ وَمَن يُدَبِّرُ ٱلۡأَمۡرَۚ فَسَيَقُولُونَ ٱللَّهُۚ فَقُلۡ أَفَلَا تَتَّقُونَ ٣١

Скажи: «Кто одаряет вас уделом с неба и земли? Кто властен над слухом и зрением? Кто мертвое превращает в живое, а живое превращает в мертвое? Кто управляет делами?». Они скажут: «Аллах». Скажи: «Неужели вы не устрашитесь?».

(ऐ रसूल!) आप अल्लाह के साथ शिर्क करने वाले इन लोगों से पूछें : वह कौन है, जो आकाश से बारिश बरसाकर तुम्हें जीविका प्रदान करता हैॽ तथा वह कौन है, जो तुम्हें धरती से उसमें उगने वाले पौधों और उसमें पाए जाने वाले खनिजों के साथ जीविका प्रदान करता है? और वह कौन है, जो जीव को निर्जीव से, जैसे मनुष्य को शुक्राणु से और पक्षी को अंडे से निकालता हैॽ तथा वह कौन है, जो निर्जीव को जीव से, जैसे शुक्राणु को जीवधारी से और अंडे को पक्षी से निकालता हैॽ और वह कौन है, जो आकाशों और धरती तथा उनमें रहने वाले प्राणियों के मामलों का प्रबंध करता हैॽ वे अवश्य जवाब देंगे कि इन सब चीज़ों का करने वाला अल्लाह ही है। तो आप उनसे कह दें : क्या तुम लोग इस बात को नहीं जानते और अल्लाह के आदेशों का पालन करके तथा उसके निषेधों से बचकर उससे डरते नहींॽ!

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فَذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ رَبُّكُمُ ٱلۡحَقُّۖ فَمَاذَا بَعۡدَ ٱلۡحَقِّ إِلَّا ٱلضَّلَٰلُۖ فَأَنَّىٰ تُصۡرَفُونَ ٣٢

Таков Аллах, ваш Истинный Господь! Что может быть за истиной, кроме заблуждения? До чего же вы отвращены от истины!

तो (ऐ लोगो!) जो यह सब कर रहा है, वही सत्य अल्लाह तुम्हारा सृजनहार और तुम्हारे मामलों का प्रबंधन करने वाला है। फिर सत्य के ज्ञान के पश्चात् सत्य से दूरी और विनाश के सिवा और क्या रह जाता हैॽ! तो इस स्पष्ट सत्य को छोड़कर तुम्हारी बुद्धि कहाँ चली जाती हैॽ!

10:33Страница 212

كَذَٰلِكَ حَقَّتۡ كَلِمَتُ رَبِّكَ عَلَى ٱلَّذِينَ فَسَقُوٓاْ أَنَّهُمۡ لَا يُؤۡمِنُونَ ٣٣

Так подтвердилось Слово твоего Господа о том, что нечестивцы не уверуют.

जिस प्रकार अल्लाह के लिए वास्तविक रुबूबियत (प्रतिपालकता) की बात सत्य सिद्ध हो चुकी है, उसी तरह (ऐ रसूल!) हठ के कारण सत्य मार्ग से निकल जाने वालों के प्रति आपके पालनहार की पूर्वनियति वचन भी सत्य होकर रही कि वे लोग ईमान नहीं लाएँगे।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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