Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
Юсуф 12:83–111
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قَالَ بَلۡ سَوَّلَتۡ لَكُمۡ أَنفُسُكُمۡ أَمۡرٗاۖ فَصَبۡرٞ جَمِيلٌۖ عَسَى ٱللَّهُ أَن يَأۡتِيَنِي بِهِمۡ جَمِيعًاۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡعَلِيمُ ٱلۡحَكِيمُ ٨٣
Он сказал: «О нет! Это ваши души ввели вас в соблазн, и лучше проявить терпение. Возможно, Аллах возвратит мне всех вместе. Воистину, Он - Знающий, Мудрый».
उनके पिता ने उनसे कहा : तुमने उसके चोरी करने की जो बात बताई है, वास्तव में मामला वैसा नहीं है। बल्कि तुम्हारे दिलों ने तुम्हारे लिए इस बात को शोभित कर दिया है कि तुम उसके विरुद्ध भी उसी तरह चाल चलो, जिस तरह इससे पहले उसके भाई यूसुफ़ के विरुद्ध चाल चल चुके हो। इसलिए मेरा काम उत्तम सब्र करना है, जिसमें केवल अल्लाह ही से शिकायत है। उम्मीद है कि अल्लाह यूसुफ़, उसके सगे भाई और उनके बड़े भाई, सब को मेरे पास वापस ले आए। निःसंदेह वही पवित्र अल्लाह मेरे हाल से अवगत है और मेरे मामले के प्रबंधन में हिकमत वाला है।
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وَتَوَلَّىٰ عَنۡهُمۡ وَقَالَ يَٰٓأَسَفَىٰ عَلَىٰ يُوسُفَ وَٱبۡيَضَّتۡ عَيۡنَاهُ مِنَ ٱلۡحُزۡنِ فَهُوَ كَظِيمٞ ٨٤
Он отвернулся от них и сказал: «Как жаль Йусуфа (Иосифа)!». И его глаза покрылись бельмами от печали, которую он сдерживал.
वह उनसे मुँह फेरते हुए दूर हट गए और कहा : हाय मेरे दुःख की तीव्रता यूसुफ़ की जुदाई पर! और यूसुफ़ की जुदाई पर रोते-रोते उनकी आँखों के काले भाग सफ़ेद हो चुके थे। चुनाँचे उनका दिल शोक तथा दुःख से भरा हुआ था, वह अपने दुःख को लोगों से छिपाते थे।
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قَالُواْ تَٱللَّهِ تَفۡتَؤُاْ تَذۡكُرُ يُوسُفَ حَتَّىٰ تَكُونَ حَرَضًا أَوۡ تَكُونَ مِنَ ٱلۡهَٰلِكِينَ ٨٥
Они сказали: «Клянемся Аллахом, ты не перестанешь поминать Йусуфа (Иосифа), пока не ослабеешь или не умрешь».
यूसुफ़ के भाइयों ने अपने पिता से कहा : अल्लाह की क़सम! (ऐ हमारे पिता!) आप हमेशा यूसुफ़ को याद करते रहेंगे और उसके लिए शोक मनाते रहेंगे, यहाँ तक कि आप सख़्त बीमार हो जाएँ, या प्राण ही त्याग दें।
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قَالَ إِنَّمَآ أَشۡكُواْ بَثِّي وَحُزۡنِيٓ إِلَى ٱللَّهِ وَأَعۡلَمُ مِنَ ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ ٨٦
Он сказал: «Мои жалобы и печаль обращены только к Аллаху, и я узнаю от Аллаха то, чего вы не знаете.
उनके पिता ने उनसे कहा : मैं जिस शोक और दुःख से पीड़ित हूँ उसकी शिकायत केवल अल्लाह से करता हूँ। और मैं अल्लाह की दया, उसके उपकार, परेशान हाल की दुआ क़बूल करने और पीड़ित को बदला देने के बारे में जो जानता हूँ, वह तुम नहीं जानते।
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يَٰبَنِيَّ ٱذۡهَبُواْ فَتَحَسَّسُواْ مِن يُوسُفَ وَأَخِيهِ وَلَا تَاْيۡـَٔسُواْ مِن رَّوۡحِ ٱللَّهِۖ إِنَّهُۥ لَا يَاْيۡـَٔسُ مِن رَّوۡحِ ٱللَّهِ إِلَّا ٱلۡقَوۡمُ ٱلۡكَٰفِرُونَ ٨٧
О сыновья мои! Ступайте и разыщите Йусуфа (Иосифа) и его брата и не теряйте надежды на милость Аллаха, ибо отчаиваются в милости Аллаха только люди неверующие».
उनके पिता ने उनसे कहा : ऐ मेरे बेटो! जाओ और यूसुफ़ तथा उसके भाई की खबर के बारे में पता करो। और अल्लाह के अपने बंदों की परेशानी को दूर करने और राहत देने से निराश न हो। वास्तव में, केवल काफ़िर लोग ही अल्लाह के परेशानी को दूर करने और राहत देने से निराश होते हैं। क्योंकि वे अल्लाह की महान शक्ति और उसके अपने बंदों पर गुप्त अनुग्रह से अनभिज्ञ होते हैं।
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فَلَمَّا دَخَلُواْ عَلَيۡهِ قَالُواْ يَٰٓأَيُّهَا ٱلۡعَزِيزُ مَسَّنَا وَأَهۡلَنَا ٱلضُّرُّ وَجِئۡنَا بِبِضَٰعَةٖ مُّزۡجَىٰةٖ فَأَوۡفِ لَنَا ٱلۡكَيۡلَ وَتَصَدَّقۡ عَلَيۡنَآۖ إِنَّ ٱللَّهَ يَجۡزِي ٱلۡمُتَصَدِّقِينَ ٨٨
Войдя к нему, они сказали: «О повелитель! Нас и наш род поразила беда. Мы прибыли с небольшим товаром. Отмерь нам меру сполна и окажи нам милость. Воистину, Аллах вознаграждает творящих добро».
उन्होंने अपने पिता के आदेश का पालन किया और यूसुफ़ तथा उनके भाई को ढूँढने के लिए निकल पड़े। चुनांचे जब यूसुफ़ के पास पहुँचे तो कहा : हम कठिनाई और गरीबी से पीड़ित हैं और थोड़ा-सा तुच्छ धन लेकर आए हैं। अतः हमें भरपूर माप दीजिए, जैसे इससे पहले हमें देते आए हैं। और उससे कुछ बढ़ाकर या हमारे तुच्छ धन को नज़र अंदाज़ करके, हमें दान दीजिए। निःसंदेह अल्लाह दान करने वालों को उत्तम बदला प्रदान करता है।
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قَالَ هَلۡ عَلِمۡتُم مَّا فَعَلۡتُم بِيُوسُفَ وَأَخِيهِ إِذۡ أَنتُمۡ جَٰهِلُونَ ٨٩
Он сказал: «Поняли ли вы, как вы поступили с Йусуфом (Иосифом) и его братом, когда были невежественны?».
यूसुफ़ ने जब उनकी बात सुनी तो उनपर दया आ गई और दिल पसीज गया और उनसे अपनी पहचान करा दी। उनसे फरमाया : तुम जानते हो कि तुमने यूसुफ़ और उसके सगे भाई के साथ क्या किया था, जब तुम उसके परिणाम से अनभिज्ञ थे जो तुमने उन दोनों के साथ किया था?!
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قَالُوٓاْ أَءِنَّكَ لَأَنتَ يُوسُفُۖ قَالَ أَنَا۠ يُوسُفُ وَهَٰذَآ أَخِيۖ قَدۡ مَنَّ ٱللَّهُ عَلَيۡنَآۖ إِنَّهُۥ مَن يَتَّقِ وَيَصۡبِرۡ فَإِنَّ ٱللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجۡرَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ ٩٠
Они сказали: «Неужели ты - Йусуф (Иосиф)?». Он сказал: «Я - Йусуф, а это - мой брат. Аллах облагодетельствовал нас. Воистину, если кто богобоязнен и терпелив, то ведь Аллах не теряет вознаграждения творящих добро».
वे आश्चर्यचकित हो गए और बोले : क्या निश्चय आप ही यूसुफ़ हैं?! तो यूसुफ़ ने उनसे कहा : हाँ, मैं यूसुफ़ हूँ और यह, जिसे तुम मेरे साथ देख रहे हो, मेरा सगा भाई है। अल्लाह ने हमपर अनुग्रह किया है कि हमें उस चीज़ से मुक्ति दिलाई है, जिसमें हम थे और हमारे पद को ऊँचा कर दिया। निःसंदेह जो अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, उससे डरता है और विपत्ति पर धैर्य रखता है, तो उसका यह कार्य सदाचार में से है, और अल्लाह सदाचारियों का बदला नष्ट नहीं करता, बल्कि वह उनके लिए उसे सुरक्षित रखता है।
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قَالُواْ تَٱللَّهِ لَقَدۡ ءَاثَرَكَ ٱللَّهُ عَلَيۡنَا وَإِن كُنَّا لَخَٰطِـِٔينَ ٩١
Они сказали: «Клянемся Аллахом! Аллах предпочел тебя нам. Мы же были грешниками».
उनके भाइयों ने उनके साथ जो कुछ किया था उसके लिए क्षमायाचना करते हुए कहा : अल्लाह की क़सम! अल्लाह ने आपको पूर्णता के गुण प्रदान करके हमपर श्रेष्ठता प्रदान किया है। और हमने आपके साथ जो कुछ किया था, उसमें हम दोषी और अत्याचारी थे।
12:92Страница 246
قَالَ لَا تَثۡرِيبَ عَلَيۡكُمُ ٱلۡيَوۡمَۖ يَغۡفِرُ ٱللَّهُ لَكُمۡۖ وَهُوَ أَرۡحَمُ ٱلرَّٰحِمِينَ ٩٢
Он сказал: «Сегодня я не стану укорять вас. Да простит вас Аллах, ибо Он - Милосерднейший из милосердных.
यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने उनकी क्षमायाचना को स्वीकार कर लिया और कहा : आज तुमपर कोई दोष नहीं है जिसके लिए तुम्हें दंडित करने या फटकार लगाने की आवश्यकता हो। मैं अल्लाह से प्रार्थना करता हूँ कि वह तुम्हें क्षमा करे। वह पवित्र अल्लाह दया करने वालों में सबसे अधिक दया करने वाला है।
12:93Страница 246
ٱذۡهَبُواْ بِقَمِيصِي هَٰذَا فَأَلۡقُوهُ عَلَىٰ وَجۡهِ أَبِي يَأۡتِ بَصِيرٗا وَأۡتُونِي بِأَهۡلِكُمۡ أَجۡمَعِينَ ٩٣
Ступайте с моей рубахой и накиньте ее на лицо моего отца, и тогда он прозреет, а потом привезите ко мне всю свою семью».
चुनाँचे जब यूसुफ़ के भाइयों ने उन्हें बताया कि उनके पिता की आँखों की रोशनी चली गई है, तो उन्हें अपना कुर्ता दे दिया और कहा : मेरे इस कुर्ते को ले जाओ और इसे मेरे पिता के चेहरे पर डाल दो, उनकी आँखों की रोशनी लौट आएगी। फिर अपने तमाम घर वालों को मेरे पास ले आओ।
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وَلَمَّا فَصَلَتِ ٱلۡعِيرُ قَالَ أَبُوهُمۡ إِنِّي لَأَجِدُ رِيحَ يُوسُفَۖ لَوۡلَآ أَن تُفَنِّدُونِ ٩٤
Как только караван покинул Египет, их отец сказал: «Воистину, я чувствую запах Йусуфа (Иосифа), если только вы не считаете меня выжившим из ума стариком».
और जब क़ाफ़िला मिस्र से चल पड़ा और उसकी आबादियों से निकल गया, तो याक़ूब अलैहिस्सलाम ने अपने बेटों और अपने पास मौजूद लोगों से कहा : निश्चय मुझे यूसुफ़ की सुगंध आ रही है, यदि तुम मुझे नासमझ न समझो और यह न कहने लगो कि यह बहका हुआ बूढ़ा है। ऐसी बात करता है, जो खुद नहीं जानता।
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قَالُواْ تَٱللَّهِ إِنَّكَ لَفِي ضَلَٰلِكَ ٱلۡقَدِيمِ ٩٥
Они сказали: «Клянемся Аллахом, ты пребываешь в своем старом заблуждении».
उनके पास मौजूद उनके बेटों ने कहा : अल्लाह की क़सम! आप अभी भी अपने निकट यूसुफ़ की स्थिति और उन्हें फिर से देखने की संभावना के बारे में अपने पिछले भ्रम में हैं।
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فَلَمَّآ أَن جَآءَ ٱلۡبَشِيرُ أَلۡقَىٰهُ عَلَىٰ وَجۡهِهِۦ فَٱرۡتَدَّ بَصِيرٗاۖ قَالَ أَلَمۡ أَقُل لَّكُمۡ إِنِّيٓ أَعۡلَمُ مِنَ ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ ٩٦
Когда же прибыл добрый вестник, накинул рубаху на его лицо и тот прозрел, он сказал: «Разве я не говорил вам, что мне известно от Аллаха то, чего вы не знаете?».
फिर जब याक़ूब के लिए ख़ुशियों भरी ख़बर लाने वाला व्यक्ति आया, उसने यूसुफ़ का कुर्ता उनके चेहरे पर डाल दिया, तो वह देखने लगे। तब उन्होंने अपने बेटों से कहा : क्या मैंने तुमसे कहा नहीं था कि मुझे अल्लाह की दया और उपकार की जो बातें मालूम हैं, तुम उन्हें नहीं जानते?
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قَالُواْ يَٰٓأَبَانَا ٱسۡتَغۡفِرۡ لَنَا ذُنُوبَنَآ إِنَّا كُنَّا خَٰطِـِٔينَ ٩٧
Они сказали: «Отец наш! Попроси прощения нашим грехам. Воистину, мы были грешниками».
याक़ूब अलैहिस्सलाम के बेटों ने यूसुफ़ और उनके भाई के साथ जो कुछ किया था उसके लिए अपने बाप से माफ़ी माँगते हुए कहा : ऐ हमारे पिता! अल्लाह से हमारे पिछले पापों के लिए क्षमा माँगे। निश्चित रूप से हमने यूसुफ़ और उनके सगे भई के साथ जो कुछ किया था, उसमें हम गुनहगार और दोषी थे।
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قَالَ سَوۡفَ أَسۡتَغۡفِرُ لَكُمۡ رَبِّيٓۖ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ ٩٨
Он сказал: «Я попрошу моего Господа простить вас, ведь Он - Прощающий, Милосердный».
उनके पिता ने उनसे कहा : मैं अपने पालनहार से तुम्हारे लिए क्षमा माँगूँगा। निःसंदेह वही अपने तौबा करने वाले बंदों के पापों को माफ़ करने वाला, उनपर दया करने वाला है।
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فَلَمَّا دَخَلُواْ عَلَىٰ يُوسُفَ ءَاوَىٰٓ إِلَيۡهِ أَبَوَيۡهِ وَقَالَ ٱدۡخُلُواْ مِصۡرَ إِن شَآءَ ٱللَّهُ ءَامِنِينَ ٩٩
Когда они вошли к Йусуфу (Иосифу), он прижал к себе родителей и сказал: «Входите в Египет без опаски, если этого пожелает Аллах».
याक़ूब अलैहिस्सलाम और उनका परिवार मिस्र में यूसुफ़ के पास जाने के लिए निकल पड़ा। जब वे यूसुफ़ के पास पहुँचे, तो यूसुफ़ ने अपने माता-पिता को अपने से क़रीब कर लिया और अपने भाइयों तथा उनके परिजनों से कहा : अल्लाह की इच्छा से सुरक्षित व निश्चिंत मिस्र में प्रवेश करो, तुम्हें यहाँ कोई कष्ट नहीं होगा।
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وَرَفَعَ أَبَوَيۡهِ عَلَى ٱلۡعَرۡشِ وَخَرُّواْ لَهُۥ سُجَّدٗاۖ وَقَالَ يَٰٓأَبَتِ هَٰذَا تَأۡوِيلُ رُءۡيَٰيَ مِن قَبۡلُ قَدۡ جَعَلَهَا رَبِّي حَقّٗاۖ وَقَدۡ أَحۡسَنَ بِيٓ إِذۡ أَخۡرَجَنِي مِنَ ٱلسِّجۡنِ وَجَآءَ بِكُم مِّنَ ٱلۡبَدۡوِ مِنۢ بَعۡدِ أَن نَّزَغَ ٱلشَّيۡطَٰنُ بَيۡنِي وَبَيۡنَ إِخۡوَتِيٓۚ إِنَّ رَبِّي لَطِيفٞ لِّمَا يَشَآءُۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡعَلِيمُ ٱلۡحَكِيمُ ١٠٠
Он поднял своих родителей на трон, и они вместе с братьями пали ниц перед ним. Он сказал: «Отец мой! Это - толкование моего давнего сна. Господь мой сделал его явью. Он облагодетельствовал меня, освободив из темницы, и привел вас из пустыни после того, как дьявол посеял вражду между мною и моими братьями. Воистину, мой Господь добр, к кому пожелает. Воистину, Он - Знающий, Мудрый.
तथा उन्होंने अपने माता-पिता को उस सिंहासन पर बिठाया, जिस पर वह बैठते थे। और उनको उनके माता-पिता एवं ग्यारह भाइयों ने सजदा करके सलाम पेश किया। ज्ञात हो कि यह सम्मान का सजदा था, इबादत का नहीं। यह अल्लाह के आदेश की पूर्ति के रूप में था जैसा कि स्वप्न में दिखाया गया था। इसीलिए यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने अपने पिता से कहा : आप लोगों का यह मुझे सजदा करके अभिवादन करना, मेरे उस सपने का साकार रूप है, जिसे मैंने पहले देखा था और आपको बताया था। आज मेरे रब ने उसके घटित होने से उसे सच कर दिया। निश्चय मेरे पालनहार ने मुझपर उपकार किया, जब मुझे क़ैदखाने से निकाला और जब आपको देहात से यहाँ ले आया, जबकि शैतान ने मेरे और मेरे भाइयों के बीच बिगाड़ पैदा कर दिया था। निःसंदेह मेरा पालनहार जो चाहे, उसका उपाय करने में अत्यंत सूक्ष्म है। निःसंदेह वह अपने बंदों के हालात से पूरी तरह अवगत, अपने प्रबंधन में पूर्ण हिकमत वाला है।
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۞ رَبِّ قَدۡ ءَاتَيۡتَنِي مِنَ ٱلۡمُلۡكِ وَعَلَّمۡتَنِي مِن تَأۡوِيلِ ٱلۡأَحَادِيثِۚ فَاطِرَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ أَنتَ وَلِيِّۦ فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِۖ تَوَفَّنِي مُسۡلِمٗا وَأَلۡحِقۡنِي بِٱلصَّٰلِحِينَ ١٠١
Господи! Ты даровал мне власть и научил толковать сновидения. Творец небес и земли! Ты - мой Покровитель в этом мире и в Последней жизни. Умертви меня мусульманином и присоедини меня к праведникам».
फिर यूसुफ़ ने अपने पालनहार से दुआ की। कहा : ऐ मेरे रब! तूने मुझे मिस्र का राज्य प्रदान किया और मुझे सप्नों का अर्थ सिखाया। ऐ आकाशों और धरती के पैदा करने वाले तथा उन्हें किसी पूर्व नमूने के बिना बनाने वाले! तू ही सांसारिक जीवन में मेरे सभी मामलों का संरक्षक है, तथा आख़िरत में भी मेरे सभी मामलों संरक्षक है। मेरे जीवन के अंत में, मुझे एक मुसलमान के रूप में उठा और मुझे जन्नत के सबसे उच्च स्थान में मेरे बाप-दादाओं तथा अन्य लोगों में से सदाचारी नबियों के साथ मिला दे।
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ذَٰلِكَ مِنۡ أَنۢبَآءِ ٱلۡغَيۡبِ نُوحِيهِ إِلَيۡكَۖ وَمَا كُنتَ لَدَيۡهِمۡ إِذۡ أَجۡمَعُوٓاْ أَمۡرَهُمۡ وَهُمۡ يَمۡكُرُونَ ١٠٢
Все это - часть повествований о сокровенном, которые Мы ниспосылаем тебе в откровении. Ты не был с ними, когда они вместе принимали решение и строили козни.
यूसुफ़ और उनके भाइयों की यह उल्लिखित कहानी, हम इसकी (ऐ रसूल) आपकी ओर वह़्य कर रहे हैं। आपको इसकी जानकारी नहीं थी। क्योंकि आप यूसुफ़ के भाइयों के पास मौजूद नहीं थे, जब उन्होंने यूसुफ़ को कुएँ के अंदर डालने का निर्णय किया था और इसके लिए एक बड़ी चाल चली थी। लेकिन हमने आपकी ओर इसकी वह़्य की।
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وَمَآ أَكۡثَرُ ٱلنَّاسِ وَلَوۡ حَرَصۡتَ بِمُؤۡمِنِينَ ١٠٣
Большая часть людей не уверует, даже если ты страстно будешь желать этого.
और अधिकांश लोग हरगिज़ ईमान लाने वाले नहीं हैं, चाहे (ऐ रसूल) आप उनके ईमान के लिए हर संभव प्रयास कर लें। इसलिए आप उनपर अफ़सोस न करें।
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وَمَا تَسۡـَٔلُهُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۚ إِنۡ هُوَ إِلَّا ذِكۡرٞ لِّلۡعَٰلَمِينَ ١٠٤
Ты не просишь у них вознаграждения за это, ведь это - только Напоминание для миров.
यदि वे समझ-बूझ से काम लेते तो आप पर ईमान ले आते। क्योंकि (ऐ रसूल) आप उनसे क़ुरआन तथा धर्म प्रचार पर कोई पारिश्रमिक नहीं माँगते। क़ुरआन तो केवल सभी लोगों के लिए एक उपदेश (याददेहानी) है।
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وَكَأَيِّن مِّنۡ ءَايَةٖ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ يَمُرُّونَ عَلَيۡهَا وَهُمۡ عَنۡهَا مُعۡرِضُونَ ١٠٥
Как же много на небесах и на земле знамений, мимо которых они проходят и отворачиваются.
अल्लाह पाक के एकल पूज्य होने को दर्शाने वाली बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो आकाशों तथा धरती में फैली हुई हैं, जिनपर से वे गुज़रते हैं, परंतु वे उन पर विचार करने और उनसे सीख लेने से उपेक्षा करने वाले होते हैं, उनपर कोई ध्यान नहीं देते हैं।
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وَمَا يُؤۡمِنُ أَكۡثَرُهُم بِٱللَّهِ إِلَّا وَهُم مُّشۡرِكُونَ ١٠٦
Большая часть их верует в Аллаха, приобщая к Нему сотоварищей.
अधिकांश लोग अल्लाह पर यह ईमान नहीं रखते कि वह पैदा करने वाला, रोज़ी देने वाला, जीवन एवं मृत्यु देने वाला है, परंतु इस हाल में कि वे उसके साथ अन्य मूर्तियों और बुतों की पूजा करते हैं और यह दावा करते हैं कि अल्लाह का कोई बेटा है, अल्लाह इससे बहुत पवित्र है।
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أَفَأَمِنُوٓاْ أَن تَأۡتِيَهُمۡ غَٰشِيَةٞ مِّنۡ عَذَابِ ٱللَّهِ أَوۡ تَأۡتِيَهُمُ ٱلسَّاعَةُ بَغۡتَةٗ وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ ١٠٧
Неужели они не опасаются того, что покрывало наказания Аллаха окутает их или что Час настанет внезапно, когда они об этом и думать не будут?
तो क्या ये मुश्रिक लोग इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि उनपर दुनिया में कोई सज़ा आ जाए, जो उन्हें ढाँक ले और वे उसे टाल न सकें, या उनपर अचानक क़ियामत आ जाए, और उन्हें उसके आने की भनक तक न लगे कि उसके लिए तैयारी कर लें। क्या इसी (निर्भय होने के) कारण ये लोग ईमान नहीं लाए?
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قُلۡ هَٰذِهِۦ سَبِيلِيٓ أَدۡعُوٓاْ إِلَى ٱللَّهِۚ عَلَىٰ بَصِيرَةٍ أَنَا۠ وَمَنِ ٱتَّبَعَنِيۖ وَسُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ وَمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ ١٠٨
Скажи: «Таков мой путь. Я и мои последователи призываем к Аллаху согласно убеждению. Пречист Аллах, и я не являюсь одним из многобожников».
(ऐ रसूल!) आप उससे कह दीजिए जिसे आप आमंत्रित करते हैं : यही मेरा मार्ग है जिसकी ओर मैं लोगों को आमंत्रित करता हूँ। मैं इसकी ओर स्पष्ट तर्क के साथ आमंत्रित करता हूँ, तथा मेरा अनुसरण करने वाले, मेरे मार्गदर्शन को ग्रहण करने वाले और मेरी सुन्नत (तरीक़े) का पालन करने वाले (भी) इसी की ओर आमंत्रित करते हैं। तथा अल्लाह पवित्र है उस चीज़ से जिसकी उसकी ओर निस्बत की गई है जो उसकी महिमा के योग्य नहीं है, या उसकी पूर्णता के विपरीत है और मैं अल्लाह का साझी ठहराने वालों में से नहीं हूँ। बल्कि, मैं उसके एकेश्वरवादियों में से हूँ।
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وَمَآ أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ إِلَّا رِجَالٗا نُّوحِيٓ إِلَيۡهِم مِّنۡ أَهۡلِ ٱلۡقُرَىٰٓۗ أَفَلَمۡ يَسِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَيَنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡۗ وَلَدَارُ ٱلۡأٓخِرَةِ خَيۡرٞ لِّلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ ١٠٩
До тебя Мы направляли посланниками только мужей из селений, которым мы внушали откровение. Разве они не странствовали по земле и не видели, каким был конец тех, которые жили до них? Воистину, обитель в Последней жизни лучше для богобоязненных. Неужели они не разумеют?
(ऐ रसूल!) हमने आपसे पहले मानव जाति में से पुरुषों ही को (नबी बनाकर) भेजे, फरिश्तों को नहीं। हम उनकी ओर वह़्य करते थे, जैसे हमने आपकी ओर वह़्य की है। वे शहरों के लोगों में से थे, देहात वालों में से नहीं। उनके समुदायों ने उन्हें झुठलाया, तो हमने उन्हें नष्ट कर दिया। तो क्या आपको झुठलाने वाले ये लोग धरती में नहीं चले-फिरे कि विचार करते कि इनसे पहले झुठलाने वालों का अंत कैसा रहा और उनसे सीख प्राप्त करते?! और आख़िरत की नेमतें उन लोगों के लिए उत्तम हैं, जो दुनिया में अल्लाह से डरते रहे। तो क्या तुम नहीं समझते कि यह उत्तम है, इसलिए (तुम भी) अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके (जिनमें सबसे महान ईमान है) और उसके निषेधों से बचकर (जिनमें सबसे बड़ा शिर्क है), डरने लगो।
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حَتَّىٰٓ إِذَا ٱسۡتَيۡـَٔسَ ٱلرُّسُلُ وَظَنُّوٓاْ أَنَّهُمۡ قَدۡ كُذِبُواْ جَآءَهُمۡ نَصۡرُنَا فَنُجِّيَ مَن نَّشَآءُۖ وَلَا يُرَدُّ بَأۡسُنَا عَنِ ٱلۡقَوۡمِ ٱلۡمُجۡرِمِينَ ١١٠
Когда же посланники приходили в отчаяние и понимали, что их сочли лжецами, к ним приходила Наша помощь, и спасались те, кого Мы хотели спасти. Наше наказание нельзя отвратить от грешных людей!
हम इन रसूलों के दुश्मनों को मोहलत देते रहते हैं और इसी ढील के कारण उन्हें अज़ाब देने में जल्दी नहीं करते। यहाँ तक कि जब उन्हें विनाश करने में देरी हो गई और रसूल उनके विनाश से निराश हो गए और काफ़िरों को यक़ीन हो गया कि उनके रसूलों ने उनसे झुठलाने वालों के अज़ाब और मोमिनों की मुक्ति का जो वादा किया था, वह झूठा था; तो रसूलों के पास हमारी मदद आ गई और रसूलों तथा मोमिनों को झुठलाने वालों पर आने वाले विनाश से बचा लिया गया। और हमारा अज़ाब जब अपराधियों पर आ जाता है, तो उसे हटाया नहीं जाता है।
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لَقَدۡ كَانَ فِي قَصَصِهِمۡ عِبۡرَةٞ لِّأُوْلِي ٱلۡأَلۡبَٰبِۗ مَا كَانَ حَدِيثٗا يُفۡتَرَىٰ وَلَٰكِن تَصۡدِيقَ ٱلَّذِي بَيۡنَ يَدَيۡهِ وَتَفۡصِيلَ كُلِّ شَيۡءٖ وَهُدٗى وَرَحۡمَةٗ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ ١١١
В повествовании о них содержится назидание для обладающих разумом. Это - не вымышленный рассказ, а подтверждение тому, что было до него, разъяснение всякой вещи, верное руководство и милость для верующих людей.
रसूलों की कहानियों और उनके समुदायों की कहानियों में, तथा यूसुफ़ अलैहिस्सलाम और उनके भाइयों की कहानियों में बड़ी सीख और उपदेश है, जिससे सद्बुद्धि वाले उपदेश ग्रहण करते हैं। इन कथाओं पर आधारित क़ुरआन कोई गढ़ा हुआ कलाम नहीं है, जो झूठ-मूठ अल्लाह की ओर मनसूब कर दिया गया हो। बल्कि यह अल्लाह की ओर से उतरने वाली दिव्य पुस्तकों की पुष्टि करने वाला, जिन शरई प्रावधानों और नियमों के विस्तृत होने की आवश्यकता है उनका विस्तृत विवरण, हर भलाई के लिए मार्गदर्शन और उसपर ईमान रखने वालों के लिए दया है। क्योंकि वही उसकी शिक्षाओं से लाभ उठाते हैं।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии