Аль-МухтасарИбрахим · 14:1–35

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

ابراهيم

Ибрахим

Ибрахим · Мекканская · 52 аята

14:1Страница 255

الٓرۚ كِتَٰبٌ أَنزَلۡنَٰهُ إِلَيۡكَ لِتُخۡرِجَ ٱلنَّاسَ مِنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ بِإِذۡنِ رَبِّهِمۡ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَمِيدِ ١

Алиф. Лам. Ра. Мы ниспослали тебе Писание, чтобы ты вывел людей с дозволения их Господа из мраков к свету - на путь Могущественного, Достохвального

{अलिफ़॰ लाम॰ रा॰।} सूरतुल-बक़रा के आरंभ में इस प्रकार के अक्षरों के बारे में बात गुज़र चुकी है। यह क़ुरआन एक किताब है, जिसे हमने (ऐ रसूल!) आपकी ओर उतारा है, ताकि आप अल्लाह की की इच्छा और उसकी मदद से लोगों को कुफ़्र, अज्ञानता और गुमराही से निकालकर ईमान, ज्ञान और हिदायत की ओर अर्थात् इस्लाम धर्म की ओर ले आएँ, जो उस प्रभुत्वशाली अल्लाह का रास्ता है, जिसे कोई पराजित नहीं कर सकता, जो हर चीज़ में प्रशंसित है।

14:2Страница 255

ٱللَّهِ ٱلَّذِي لَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۗ وَوَيۡلٞ لِّلۡكَٰفِرِينَ مِنۡ عَذَابٖ شَدِيدٍ ٢

Аллаха, Которому принадлежит все, что на небесах и на земле. Горе от тяжких страданий неверующим,

वह अल्लाह, जो अकेले आकाशों की सारी वस्तुओं का मालिक है और अकेले वही धरती की सारी वस्तुओं का मालिक है। इसलिए वही इस बात का हक़दार है कि अकेले उसी की इबादत की जाए और उसकी सृष्टि में से किसी भी चीज़ को उसका साझी न बनाया जाए। और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे सख़्त यातना का सामना करेंगे।

14:3Страница 255

ٱلَّذِينَ يَسۡتَحِبُّونَ ٱلۡحَيَوٰةَ ٱلدُّنۡيَا عَلَى ٱلۡأٓخِرَةِ وَيَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ وَيَبۡغُونَهَا عِوَجًاۚ أُوْلَٰٓئِكَ فِي ضَلَٰلِۭ بَعِيدٖ ٣

которые предпочитают мирскую жизнь Последней жизни, сбивают других с пути Аллаха и искажают его. Они пребывают в глубоком заблуждении.

जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे दुनिया के जीवन और उसके क्षणभंगुर आनंद को आख़िरत और उसके स्थायी आनंद पर प्रधानता देते हैं, तथा लोगों को अल्लाह के रास्ते से विचलित करते हैं और उसके रास्ते के लिए सत्य से विकृति और विचलन तथा सीध से टेढ़ और झुकाव ढूँढते हैं, ताकि कोई भी उसपर न चले। इन गुणों से विशेषित लोग सत्य एवं सीधे मार्ग से बहुत दूर की गुमराही में हैं।

14:4Страница 255

وَمَآ أَرۡسَلۡنَا مِن رَّسُولٍ إِلَّا بِلِسَانِ قَوۡمِهِۦ لِيُبَيِّنَ لَهُمۡۖ فَيُضِلُّ ٱللَّهُ مَن يَشَآءُ وَيَهۡدِي مَن يَشَآءُۚ وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ ٤

Мы отправляли посланников, которые говорили на языке своего народа, чтобы они давали им разъяснения. Аллах вводит в заблуждение, кого пожелает, и ведет прямым путем, кого пожелает. Он - Могущественный, Мудрый.

हमने जो भी रसूल भेजा, उसे उसके समुदाय की भाषा में बात करने वाला बनाकर भेजा। ताकि रसूल अल्लाह के यहाँ से जो कुछ लेकर आए, उनके लिए उसे समझना आसान हो जाए। हमने उसे लोगों को अल्लाह पर ईमान लाने के लिए बाध्य करने के लिए नहीं भेजा। क्योंकि अल्लाह जिसे चाहता है, अपने न्याय के अनुसार गुमराह कर देता है, और जिसे चाहता है, अपनी कृपा से हिदायत का सामर्थ्य प्रदान करता है। वह प्रभुत्वशाली है, जिसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता, अपनी रचना और प्रबंधन में पूर्ण ह़िकमत वाला है।

14:5Страница 255

وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا مُوسَىٰ بِـَٔايَٰتِنَآ أَنۡ أَخۡرِجۡ قَوۡمَكَ مِنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ وَذَكِّرۡهُم بِأَيَّىٰمِ ٱللَّهِۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّكُلِّ صَبَّارٖ شَكُورٖ ٥

Мы отправили Мусу (Моисея) с Нашими знамениями и повелели: «Выведи свой народ из мраков к свету и напомни им дни Аллаха». Воистину, в этом - знамения для каждого терпеливого и благодарного.

हमने मूसा को नबी बनाकर भेजा और उनकी सत्यता को इंगित करने वाली और उनके अपने पालनहार की ओर से भेजे हुए (रसूल) होने को दर्शाने वाली निशानियों के साथ उनका समर्थन किया। और हमने उन्हें अपनी जाति को कुफ़्र एवं अज्ञानता से ईमान और ज्ञान की ओर निकाल लाने का आदेश दिया। और हमने उन्हें उन दिनों की याद दिलाने का आदेश दिया जिनमें अल्लाह ने उनपर अनुग्रह किया था। निःसंदेह उन दिनों में अल्लाह के एकत्व, उसकी महान शक्ति और ईमान वालों पर अनुग्रह करने के स्पष्ट प्रमाण हैं। और इससे वही लोग लाभान्वित होते हैं, जो अल्लाह के आज्ञापालन पर धैर्य रखने वाले और उसकी नेमतों पर हमेशा शुक्र करने वाले हैं।

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وَإِذۡ قَالَ مُوسَىٰ لِقَوۡمِهِ ٱذۡكُرُواْ نِعۡمَةَ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ إِذۡ أَنجَىٰكُم مِّنۡ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ يَسُومُونَكُمۡ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ وَيُذَبِّحُونَ أَبۡنَآءَكُمۡ وَيَسۡتَحۡيُونَ نِسَآءَكُمۡۚ وَفِي ذَٰلِكُم بَلَآءٞ مِّن رَّبِّكُمۡ عَظِيمٞ ٦

Вот Муса (Моисей) сказал своему народу: «Помните милость, которую Аллах оказал вам, когда спас вас от народа Фараона. Они подвергали вас ужасным мучениям, резали ваших сыновей и оставляли в живых ваших женщин. Это было для вас великим испытанием (или великой милостью) от вашего Господа».

(ऐ रसूल) उस समय को याद कीजिए, जब मूसा ने अपने पालनहार के आदेश का पालन करते हुए अपनी जाति बनी इसराईल को अल्लाह की ओर से प्राप्त होने वाली नेमतों का स्मरण कराते हुए कहा : ऐ मेरे समुदाय के लोगो! अल्लाह की नेमत को याद करो जब उसने तुम्हें फ़िरऔनियों से बचाया और उनकी यातना से सुरक्षा प्रदान की। वे तुम्हें घोर यातना देते थे। तुम्हारे बेटों का वध कर देते थे ताकि तुम्हारे बीच कोई ऐसा बच्चा न पैदा हो जो फ़िरऔन के राज्य पर क़ब्ज़ा जमा सके। तथा वे तुम्हारी महिलाओं को उन्हें अपमानित और बेइज़्ज़त करने के लिए जीवित रखते थे। उनके इने कृत्यों में तुम्हारे धैर्य की एक महान परीक्षा है। चुनाँचे इस आज़माइश पर धैर्य के बदले में अल्लाह ने तुम्हें फ़िरऔनियों की प्रताड़ना से छुटकारा प्रदान कर दिया।

14:7Страница 256

وَإِذۡ تَأَذَّنَ رَبُّكُمۡ لَئِن شَكَرۡتُمۡ لَأَزِيدَنَّكُمۡۖ وَلَئِن كَفَرۡتُمۡ إِنَّ عَذَابِي لَشَدِيدٞ ٧

Вот ваш Господь возвестил: «Если вы будете благодарны, то Я одарю вас еще большим. А если вы будете неблагодарны, то ведь мучения от Меня тяжки».

और मूसा ने उनसे कहा : उस समय को याद करो, जब तुम्हारे पालनहार ने तुम्हें अच्छी तरह सूचित कर दिया : यदि तुम अल्लाह की दी हुई इन नेमतों पर उसका शुक्रिया अदा करोगे, तो वह तुम्हें इनके अतिरिक्त और भी नेमतों और अनुग्रहों से सम्मानित करेगा, और यदि तुम उसकी नेमतों का इनकार करोगे और उनका शुक्रिया अदा न करोगे, तो उसकी यातना उसके लिए बहुत सख़्त है, जो उसकी नेमतों का इनकार करता है और उनका शुक्रिया अदा नहीं करता है।

14:8Страница 256

وَقَالَ مُوسَىٰٓ إِن تَكۡفُرُوٓاْ أَنتُمۡ وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا فَإِنَّ ٱللَّهَ لَغَنِيٌّ حَمِيدٌ ٨

Муса (Моисей) сказал: «Если вы и все обитатели земли станете неверующими, то ведь Аллах - Богатый, Достохвальный».

और मूसा ने अपने समुदाय के लोगों से कहा : यदि तुम कुफ़्र करो और तुम्हारे साथ धरती के सभी लोग कुफ़्र कर बैठें, तो तुम्हारे कुफ्र का नुक़सान तुम्हें ही उठाना पड़ेगा। क्योंकि अल्लाह स्वयं में बेनियाज़ है, स्वयं में प्रशंसा के योग्य है। ईमान वालों का ईमान उसे लाभ नहीं देता, और न काफ़िरों का कुफ़्र उसे नुक़सान पहुँचाता।

14:9Страница 256

أَلَمۡ يَأۡتِكُمۡ نَبَؤُاْ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِكُمۡ قَوۡمِ نُوحٖ وَعَادٖ وَثَمُودَ وَٱلَّذِينَ مِنۢ بَعۡدِهِمۡ لَا يَعۡلَمُهُمۡ إِلَّا ٱللَّهُۚ جَآءَتۡهُمۡ رُسُلُهُم بِٱلۡبَيِّنَٰتِ فَرَدُّوٓاْ أَيۡدِيَهُمۡ فِيٓ أَفۡوَٰهِهِمۡ وَقَالُوٓاْ إِنَّا كَفَرۡنَا بِمَآ أُرۡسِلۡتُم بِهِۦ وَإِنَّا لَفِي شَكّٖ مِّمَّا تَدۡعُونَنَآ إِلَيۡهِ مُرِيبٖ ٩

Разве до вас не дошли вести о народе Нуха (Ноя), адитах и самудянах? И тех, кто жил после них? Никто, кроме Аллаха, не ведает о них. К ним приходили посланники с ясными знамениями, но они клали пальцы в рот и говорили: «Мы не веруем в то, с чем вы посланы, и нас терзают смутные сомнения относительно того, к чему вы призываете».

(ऐ काफ़िरो!) क्या तुम्हारे पास तुमसे पहले के झुठलाने वाले समुदायों के विनाश की ख़बर नहीं आई? नूह की जाति, हूद की जाति आद, सालेह की जाति समूद और उनके बाद आने वाले समुदायों की, जिनकी संख्या बहुत अधिक है, जिन्हें अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता। उनके रसूल उनके पास स्पष्ट प्रमाणों के साथ आए। लेकिन उन्होंने रसूलों से क्रोध के कारण अपनी उँगलियों को काटते हुए अपने हाथ अपने मुँहों में डाल लिए और अपने रसूलों से कहा : हम उसका इनकार करते हैं, जिसके साथ तुम भेजे गए हो। और निःसंदहे हम उस चीज़ के बारे में जिसकी ओर तुम हमें आमंत्रित करते हो, असमंजस में डालने वाले संदेह में पड़े हुए हैं।

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۞ قَالَتۡ رُسُلُهُمۡ أَفِي ٱللَّهِ شَكّٞ فَاطِرِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ يَدۡعُوكُمۡ لِيَغۡفِرَ لَكُم مِّن ذُنُوبِكُمۡ وَيُؤَخِّرَكُمۡ إِلَىٰٓ أَجَلٖ مُّسَمّٗىۚ قَالُوٓاْ إِنۡ أَنتُمۡ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُنَا تُرِيدُونَ أَن تَصُدُّونَا عَمَّا كَانَ يَعۡبُدُ ءَابَآؤُنَا فَأۡتُونَا بِسُلۡطَٰنٖ مُّبِينٖ ١٠

Посланники говорили им: «Неужели вы сомневаетесь в Аллахе - Творце небес и земли? Он призывает вас, чтобы простить ваши грехи и предоставить вам отсрочку до назначенного времени». Они говорили: «Вы - такие же люди, как и мы. Вы хотите увести нас от того, чему поклонялись наши отцы. Приведите же нам ясное доказательство».

उनके रसूलों ने उनके जवाब में कहा : क्या अल्लाह के एकेश्वरवाद और इबादत के लिए उसके एकल होने के बारे में कोई संदेह है, जबकि वह आकाशों का रचयिता तथा धरती का रचयिता और बिना किसी नमूने के उनकी उत्पत्ति करने वाला है?! वह तुम्हें ईमान की ओर बुलाता है, ताकि तुम्हारे पिछले गुनाहों को माफ़ कर दे और तुम्हेंं तुम्हारे सांसारिक जीवन में निर्धारित समय सीमा को पूरा करने तक के लिए मोहलत दे। उनके समुदायों ने उनसे कहा : तुम तो हमारे ही जैसे इनसान हो। तुम्हें हमपर कोई विशिष्टता प्राप्त नहीं है। तुम हमें उसकी पूजा करने से रोकना चाहते हो, जिसकी हमारे बाप-दादा पूजा करते थे। इसलिए हमारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण लाओ, जो तुम्हारे इस दावे में तुम्हारी सच्चाई का संकेत दे कि तुम अल्लाह की ओर से हमारे लिए रसूल बनाकर भेजे गए हो।

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قَالَتۡ لَهُمۡ رُسُلُهُمۡ إِن نَّحۡنُ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُكُمۡ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يَمُنُّ عَلَىٰ مَن يَشَآءُ مِنۡ عِبَادِهِۦۖ وَمَا كَانَ لَنَآ أَن نَّأۡتِيَكُم بِسُلۡطَٰنٍ إِلَّا بِإِذۡنِ ٱللَّهِۚ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ ١١

Посланники говорили им: «Мы - такие же люди, как и вы. Однако Аллах одаряет Своей милостью того из Своих рабов, кого пожелает. Мы не можем явить вам знамение без соизволения Аллаха. Пусть же верующие уповают только на Аллаха!

उनके रसूलों ने उन्हें जवाब देते हुए कहा : हम तो तुम्हारे जैसे इनसान ही हैं। इसलिए हम इसमें आपकी समानता से इनकार नहीं करते हैं। परंतु इस समानता से यह ज़रूरी नहीं है कि हम हर चीज़ में समान हों। क्योंकि अल्लाह अपने बंदों में से जिन पर चाहता है, विशेष कृपा करता है और उन्हें लोगों की ओर संदेशवाहक के रूप में चुन लेता है। तथा अल्लाह की इच्छा के बिना हमारे लिए सही नहीं है कि हम तुम्हारे पास वह प्रमाण लेकर आएँ जिसकी तुमने माँग की है। क्योंकि उसको लाना हमारी क्षमता में नहीं है।बल्कि केवल अल्लाह ही ऐसा करने में सक्षम है। और ईमान वालों को अपने सभी मामलों में अकेले अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।

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وَمَا لَنَآ أَلَّا نَتَوَكَّلَ عَلَى ٱللَّهِ وَقَدۡ هَدَىٰنَا سُبُلَنَاۚ وَلَنَصۡبِرَنَّ عَلَىٰ مَآ ءَاذَيۡتُمُونَاۚ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُتَوَكِّلُونَ ١٢

Отчего же нам не уповать на Аллаха, если Он повел нас нашими путями? Мы непременно стерпим причиняемые вами мучения. Пусть же уповающие уповают только на Аллаха!».

कौन-सी बाधा और कौन-सा बहाना है जो हमें उस (अल्लाह) पर भरोसा करने से रोकता है? जबकि उसने हमें सबसे सीधा और सबसे स्पष्ट रास्ता दिखाया है। तथा तुम्हारे झुठलाने और उपहास के माध्यम से हमें कष्ट पहुँचाने पर हम अवश्य सब्र करेंगे। तथा ईमान वालों को अपने सभी मामलों में अकेले अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।

14:13Страница 257

وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لِرُسُلِهِمۡ لَنُخۡرِجَنَّكُم مِّنۡ أَرۡضِنَآ أَوۡ لَتَعُودُنَّ فِي مِلَّتِنَاۖ فَأَوۡحَىٰٓ إِلَيۡهِمۡ رَبُّهُمۡ لَنُهۡلِكَنَّ ٱلظَّٰلِمِينَ ١٣

Неверующие говорили своим посланникам: «Мы изгоним вас с нашей земли, или же вы вернетесь в нашу религию». Тогда Господь внушал им: «Мы непременно погубим беззаконников

रसूलों के समुदायों में से जिन्होंने कुफ़्र किया, जब वे अपने रसूलों के साथ बहस करने में असमर्थ हो गए, तो उन्होंने कहा : निश्चय हम तुम्हें अवश्य अपनी बस्ती से निकाल देंगे या अवश्य तुम अपने धर्म से हमारे धर्म में लौट आओगे। तो अल्लाह ने रसूलों की ओर उन्हें सशक्त करते हुए वह़्य की : निश्चय हम उन अत्याचारियों को अवश्य नष्ट कर देंगे, जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूलों का इनकार किया।

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وَلَنُسۡكِنَنَّكُمُ ٱلۡأَرۡضَ مِنۢ بَعۡدِهِمۡۚ ذَٰلِكَ لِمَنۡ خَافَ مَقَامِي وَخَافَ وَعِيدِ ١٤

и поселим вас на земле после них. Так будет с теми, кто боится предстать предо Мной и боится Моей угрозы».

उनका विनाश करने के बाद, हम (ऐ रसूलो) तुम्हें (और तुम्हारे अनुयायियों को) उस धरती में आबाद कर देंगे। यह झुठलाने वाले काफ़िरों का विनाश करने और उनका विनाश करने के बाद रसूलों और ईमान वालों को धरती में आबाद करने की उक्त बात उसके लिए है, जिसने मेरी महानता और मेरे उसका निरीक्षण करने को अपने मन में उपस्थित रखा, और मेरी उसे यातना की चेतावनी का भय रखा।

14:15Страница 257

وَٱسۡتَفۡتَحُواْ وَخَابَ كُلُّ جَبَّارٍ عَنِيدٖ ١٥

Они молили о победе, и каждый упорный притеснитель оказывался в убытке.

रसूलों ने अपने पालनहार से अपने दुश्मनों के विरुद्ध विजय और सहायता माँगी और प्रत्येक अभिमानी, सत्य से बैर रखने वाला, जो सत्य के स्पष्ट होने के बावजूद उसे नहीं मानता, असफल रहा।

14:16Страница 257

مِّن وَرَآئِهِۦ جَهَنَّمُ وَيُسۡقَىٰ مِن مَّآءٖ صَدِيدٖ ١٦

А впереди его ожидает Геенна, и поить его будут гнойной водой.

क़ियामत के दिन इस अभिमानी के आगे जहन्नम है। चुनाँचे जहन्नम उसके घात में है। तथा उसे उसके अंदर जहन्नमियों के शरीर से बहने वाली पीप पिलाई जाएगी। इसलिए वह उसकी प्यास को नहीं बुझाएगी। चुनाँचे उसे प्यास और अन्य प्रकार की यातनाओं के द्वारा निरंतर प्रताड़ित किया जाएगा।

14:17Страница 257

يَتَجَرَّعُهُۥ وَلَا يَكَادُ يُسِيغُهُۥ وَيَأۡتِيهِ ٱلۡمَوۡتُ مِن كُلِّ مَكَانٖ وَمَا هُوَ بِمَيِّتٖۖ وَمِن وَرَآئِهِۦ عَذَابٌ غَلِيظٞ ١٧

Он будет пить ее глотками, но едва ли сможет проглотить ее. Смерть будет подступать к нему со всех сторон, однако он не умрет, ибо перед ним будут тяжкие мучения.

वह उसकी कड़वाहट, गर्मी और बदबू के कारण उसे बार-बार पीने का प्रयास करेगा, लेकिन वह उसे निगलने में सक्षम नहीं होगा। तथा जिस यातना से वह पीड़ित होगा, उसकी गंभीरता के कारण हर तरफ़ से मौत उसके पास आएगी। हालाँकि वह मरने वाला नहीं कि आराम पा जाए। बल्कि वह ज़िंदा रहेगा और पीड़ा झेलेगा। और उसके सामने एक और कठोर यातना है, जो उसकी प्रतीक्षा कर रही है।

14:18Страница 257

مَّثَلُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِرَبِّهِمۡۖ أَعۡمَٰلُهُمۡ كَرَمَادٍ ٱشۡتَدَّتۡ بِهِ ٱلرِّيحُ فِي يَوۡمٍ عَاصِفٖۖ لَّا يَقۡدِرُونَ مِمَّا كَسَبُواْ عَلَىٰ شَيۡءٖۚ ذَٰلِكَ هُوَ ٱلضَّلَٰلُ ٱلۡبَعِيدُ ١٨

Деяния тех, кто не уверовал в своего Господа, подобны пеплу, над которым пронесся сильный ветер в ветреный день. Они не смогут распоряжаться ничем из того, что приобрели. Это и есть глубокое заблуждение.

काफ़िर लोग जो नेकी के कार्य करते हैं, जैसे दान, उपकार और कमज़ोरों पर कृपा आदि, उनकी मिसाल उस राख की तरह है, जिस पर आँधी वाले दिन में तेज़ हवा चले और उसे पूरी शक्ति से उड़ा ले जाए और अलग-अलग स्थानों में इस तरह बिखेर दे कि उसका निशान तक बाक़ी न रहे। यही हाल काफ़िरों के अच्छे कार्यों का है, जिनपर कुफ़्र की आँधी चल चुकी है। क़ियामत के दिन काफ़िरों को उनका कोई लाभ नहीं होगा। वह कार्य जिसकी बुनियाद ईमान पर न हो, वह सत्य के मार्ग से दूर की गुमराही है।

14:19Страница 258

أَلَمۡ تَرَ أَنَّ ٱللَّهَ خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ بِٱلۡحَقِّۚ إِن يَشَأۡ يُذۡهِبۡكُمۡ وَيَأۡتِ بِخَلۡقٖ جَدِيدٖ ١٩

Разве ты не видишь, что Аллах сотворил небеса и землю ради истины? Если Он пожелает, то уведет вас и приведет другие творения.

(ऐ इनसान) क्या तू नहीं जानता कि अल्लाह ने आसमानों और ज़मीन को सत्य के साथ पैदा किया है। चुनाँचे उसने उन्हें व्यर्थ में नहीं बनाया। यदि वह (ऐ लोगो!) तुम्हें विनष्ट करना और तुम्हारे स्थान पर एक अन्य मख़लूक़ लाना चाहे, जो उसकी इबादत और आज्ञापालन करे, तो वह तुम्हें विनष्ट करके एक अन्य मख़लूक़ ला सकता है, जो उसकी इबादत और आज्ञापालन करने वाली हो। क्योंकि यह उसके लिए बहुत आसान काम है।

14:20Страница 258

وَمَا ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ بِعَزِيزٖ ٢٠

Это для Аллаха не составляет труда.

तुम्हें विनष्ट करके तुम्हारे स्थान पर अन्य मख़लूक़ को लाना अल्लाह सर्वशक्तिमान को विवश करने वाला कार्य नहीं है। क्योंकि वह सब कुछ करने में सक्षम है, उसे कोई भी चीज़ विवश नहीं कर सकती।

14:21Страница 258

وَبَرَزُواْ لِلَّهِ جَمِيعٗا فَقَالَ ٱلضُّعَفَٰٓؤُاْ لِلَّذِينَ ٱسۡتَكۡبَرُوٓاْ إِنَّا كُنَّا لَكُمۡ تَبَعٗا فَهَلۡ أَنتُم مُّغۡنُونَ عَنَّا مِنۡ عَذَابِ ٱللَّهِ مِن شَيۡءٖۚ قَالُواْ لَوۡ هَدَىٰنَا ٱللَّهُ لَهَدَيۡنَٰكُمۡۖ سَوَآءٌ عَلَيۡنَآ أَجَزِعۡنَآ أَمۡ صَبَرۡنَا مَا لَنَا مِن مَّحِيصٖ ٢١

Все окажутся перед Аллахом, и тогда слабые скажут тем, которые превозносились: «Воистину, мы следовали за вами. Можете ли вы хоть отчасти избавить нас от наказания Аллаха?». Они скажут: «Если бы Аллах наставил нас на прямой путь, то мы указали бы вам на него. Но теперь нам все равно: будем ли мы горевать или будем терпеть - нам негде укрыться».

नियत समय के दिन लोग अपनी क़ब्रों से उठकर अल्लाह के सामने उपस्थित होंगे। उस समय कमज़ोर अनुयायी अपने सरदारों से कहेंगे : (ऐ सरदारो!) हम तुम्हारे अनुयायी थे। तुम्हारे आदेश का पानल करते और तुम्हारे मना किए हुए कार्य से दूर रहते थे। तो क्या तुम हमें अल्लाह की यातना से कुछ भी बचा सकते हो? तो उनके सरदार करेंगे : यदि अल्लाह ने हमें हिदायत की तौफ़ीक़ प्रदान की होती, तो हम तुम्हें अवश्य उसका मार्ग दिखाते। फिर हम सभी उसकी यातना से बच जाते। लेकिन हम गुमराह हो गए, तो हमने तुम्हें भी गुमराह कर दिया। अब हमारे और तुम्हारे लिए बराबर है कि हम यातना सहन करने सो कमज़ोर हो जाएँ या धैर्य से काम लें। हमारे लिए यातना से भागने की कोई जगह नहीं है।

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وَقَالَ ٱلشَّيۡطَٰنُ لَمَّا قُضِيَ ٱلۡأَمۡرُ إِنَّ ٱللَّهَ وَعَدَكُمۡ وَعۡدَ ٱلۡحَقِّ وَوَعَدتُّكُمۡ فَأَخۡلَفۡتُكُمۡۖ وَمَا كَانَ لِيَ عَلَيۡكُم مِّن سُلۡطَٰنٍ إِلَّآ أَن دَعَوۡتُكُمۡ فَٱسۡتَجَبۡتُمۡ لِيۖ فَلَا تَلُومُونِي وَلُومُوٓاْ أَنفُسَكُمۖ مَّآ أَنَا۠ بِمُصۡرِخِكُمۡ وَمَآ أَنتُم بِمُصۡرِخِيَّ إِنِّي كَفَرۡتُ بِمَآ أَشۡرَكۡتُمُونِ مِن قَبۡلُۗ إِنَّ ٱلظَّٰلِمِينَ لَهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٞ ٢٢

Когда дело свершится, дьявол скажет: «Воистину, обещание Аллаха было правдиво, а я обещал вам, но не сдержал данного вам слова. У меня не было над вами никакой власти. Я звал вас, и вы послушались меня. Посему не порицайте меня, а порицайте самих себя. Я не могу помочь вам, а вы не можете помочь мне. Я не причастен к тому, что ранее вы поклонялись мне». Воистину, беззаконникам уготованы мучительные страдания.

जब जन्नत वाले जन्नत में और जहन्नम वाले जहन्नम में प्रवेश कर गए, तो इबलीस ने कहा : निःसंदेह अल्लाह ने तुमसे सच्चा वादा किया और उसने तुमसे जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिया। और मैंने तुमसे झूठा वादा किया, इसलिए मैंने तुमसे जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया। मेरे पास कोई शक्ति नहीं थी जिसके द्वारा मैं तुम्हें दुनिया में कुफ़्र और गुमराही पर मजबूर कर सकता। लेकिन दरअसल मैंने तुम्हें कुफ़्र की ओर बुलाया और तुम्हारे लिए गुनाहों को सुंदर बनाकर पेश किया, तो तुम तुरंत मेरे पीछे चल पड़े। इसलिए अपनी गुमराही के लिए मुझे दोष न दो, बल्कि स्वयं को दोष दो। क्योंकि तुम खुद दोष के अधिक योग्य हो। न मैं तुम्हें यातना से बचाने के लिए तुम्हारी मदद को पहुँचने वाला हूँ, और न तुम मुझसे यातना को दूर करने के लिए मेरी मदद को पहुँचने वाले हो। मैं तुम्हारे उपासना में मुझे अल्लाह का साझी बनाने का इनकार करता हूँ। निःसंदेह (दुनिया में अल्लाह का साझी बनाकर और उसका इनकार करके) अत्याचार करने वालों के लिए क़ियामत के दिन दर्दनाक यातना है, जो उनकी प्रतीक्षा कर रही है।

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وَأُدۡخِلَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ جَنَّٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَا بِإِذۡنِ رَبِّهِمۡۖ تَحِيَّتُهُمۡ فِيهَا سَلَٰمٌ ٢٣

Те, которые уверовали и совершали праведные деяния, будут введены в Райские сады, в которых текут реки. Они пребудут там вечно с дозволения своего Господа. Их приветствием там будет слово: «Мир!».

अत्याचारियों के अंजाम के विपरीत, ईमान लाने और अच्छे कार्य करने वालों को ऐसी जन्नतों में प्रवेश कराया जाएगा, जिनके महलों और पेड़ों के नीचे से नहरें बहती हैं। वे अपने रब की अनुमति और सामर्थ्य से उनमें हमेशा के लिए रहेंगे। वे एक-दूसरे का अभिवादन करेंगे, फ़रिश्ते भी उनका अभिवादन करेंगे और उनका पवित्र पालनहार भी उनका अभिवादन करेगा। यह अभिवादन 'सलाम' के द्वारा होगा।

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أَلَمۡ تَرَ كَيۡفَ ضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلٗا كَلِمَةٗ طَيِّبَةٗ كَشَجَرَةٖ طَيِّبَةٍ أَصۡلُهَا ثَابِتٞ وَفَرۡعُهَا فِي ٱلسَّمَآءِ ٢٤

Разве ты не видишь, как Аллах приводит притчи? Прекрасное слово подобно прекрасному дереву, корни которого прочны, а ветви восходят к небу.

(ऐ रसूल) क्या आप नहीं जानते कि अल्लाह ने एकेश्वरवाद के शब्द (तौह़ीद के कलिमा) 'ला इलाहा इल्लल्लाह' का उदाहरण कैसे दिया, जब उसका उदाहरण एक पवित्र वृक्ष अर्थात् खजूर के पेड़ के साथ दिया, जिसका तना धरती के अंदर धँसा हुआ होता है, जो अपनी जड़ो के द्वारा पानी प्राप्त करता है और उसकी शाखा आकाश की ओर ऊँची होती है, ओस पीती है और अच्छी (साफ़) हवा को ग्रहण करती है।

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تُؤۡتِيٓ أُكُلَهَا كُلَّ حِينِۭ بِإِذۡنِ رَبِّهَاۗ وَيَضۡرِبُ ٱللَّهُ ٱلۡأَمۡثَالَ لِلنَّاسِ لَعَلَّهُمۡ يَتَذَكَّرُونَ ٢٥

Оно плодоносит каждый миг с дозволения своего Господа. Аллах приводит людям притчи, - быть может, они помянут назидание.

यह अच्छा पेड़ अपने पालनहार की अनुमति से हर समय अपना अच्छा फल देता है। तथा पाक एवं उच्च अल्लाह इस आशा में लोगों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है कि वे उपदेश ग्रहण करें।

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وَمَثَلُ كَلِمَةٍ خَبِيثَةٖ كَشَجَرَةٍ خَبِيثَةٍ ٱجۡتُثَّتۡ مِن فَوۡقِ ٱلۡأَرۡضِ مَا لَهَا مِن قَرَارٖ ٢٦

А скверное слово подобно скверному дереву, которое можно вырвать с поверхности земли, ибо нет у него прочности.

और शिर्क के दुष्ट शब्द का उदाहरण एक दुष्ट पेड़ की तरह है, जो कि इंद्रायन की बेल है, जिसे उसकी जड़ से उखाड़ दिया गया, उसकी ज़मीन पर कोई स्थिरता नहीं है, और न ही आकाश की ओर कोई बुलंदी है। चुनाँचे वह सूख जाता है और हवाएँ उसे उड़ा ले जाती हैं। अतः कुफ़्र के शब्द का अंजाम (भी) विनाश है और कुफ़्र करने वाले का कोई अच्छा काम अल्लाह की ओर नहीं चढ़ता।

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يُثَبِّتُ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ بِٱلۡقَوۡلِ ٱلثَّابِتِ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَفِي ٱلۡأٓخِرَةِۖ وَيُضِلُّ ٱللَّهُ ٱلظَّٰلِمِينَۚ وَيَفۡعَلُ ٱللَّهُ مَا يَشَآءُ ٢٧

Аллах поддерживает верующих твердым словом в мирской жизни и Последней жизни. А беззаконников Аллах вводит в заблуждение - Аллах вершит то, что пожелает.

अल्लाह मोमिनों को तौह़ीद के दृढ़ कलिमा (शब्द) के साथ दुनिया के जीवन में पूर्ण ईमान प्रदान करता है यहाँ तक कि उनकी मृत्यु ईमान पर होती है। और 'बरज़ख़' के जीवन में उनकी कब्रों के अंदर (फ़रिश्तों द्वारा) सवाल के समय (भी सुदृढ़ रखता है) और क़ियामत के दिन (भी) उन्हें दृढ़ता प्रदान करेगा। जबकि अल्लाह उसके साथ शिर्क और कुफ़्र करके अत्याचार करने वालों को सत्यता और सही मार्गदर्शन से भटका देता है। और अल्लाह जो चाहता है, करता है। जिसे गुमराह करना चाहता है, उसे अपने न्याय के साथ गुमराह कर देता है और जिसे सीधी राह दिखाना चाहता है, उसे अपने अनुग्रह से सीधी राह दिखाता है। उसे कोई मजबूर करने वाला नहीं है।

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۞ أَلَمۡ تَرَ إِلَى ٱلَّذِينَ بَدَّلُواْ نِعۡمَتَ ٱللَّهِ كُفۡرٗا وَأَحَلُّواْ قَوۡمَهُمۡ دَارَ ٱلۡبَوَارِ ٢٨

Разве ты не видел тех, которые обменяли милость Аллаха на неверие и ввергли свой народ в Обитель погибели -

आपने क़ुरैश के उन लोगों का हाल देख लिया जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का इनकार किया, जब उन्होंने 'हरम' में सुरक्षा प्रदान करने और उनके बीच मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को नबी बनाकर भेजने की अल्लाह की नेमत को बदल डाला। उन्होंने उसके बदले उसकी नेमतों की नाशुक्री करते हुए मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के अपने पालनहार की ओर से लाए हुए धर्म को झुठला दिया और अपनी जाति के उन लोगों को विनाश के घर में ला उतारा, जिन्होंने कुफ़्र में उनका पालन किया।

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جَهَنَّمَ يَصۡلَوۡنَهَاۖ وَبِئۡسَ ٱلۡقَرَارُ ٢٩

Геенну, в которой они будут гореть? Как же скверно это местопребывание!

विनाश का घर' जहन्नम है, जिसमें वे प्रवेश करके उसकी गर्मी झेलेंगे और उनका यह ठिकाना बहुत बुरा ठिकाना है।

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وَجَعَلُواْ لِلَّهِ أَندَادٗا لِّيُضِلُّواْ عَن سَبِيلِهِۦۗ قُلۡ تَمَتَّعُواْ فَإِنَّ مَصِيرَكُمۡ إِلَى ٱلنَّارِ ٣٠

Они признавали равных Аллаху, чтобы сбить других с Его пути. Скажи: «Пользуйтесь благами, но ваш путь лежит в Огонь».

मुश्रिकों ने अल्लाह के साझी और समकक्ष बना लिए, ताकि खुद अल्लाह के रास्ते से भटकने के बाद अपने अनुयायियों को भी उससे भटका दें। (ऐ रसूल) आप उनसे कह दें : इस जीवन में तुम जिन इच्छाओं में व्यस्त और संदेह फैलाने में लगे हो, उनका कुछ लाभ उठा लो। क्योंकि क़ियामत के दिन तुम्हें आग (नरक) ही की ओर लौटना है, उसके अलावा तुम्हारा कोई अन्य ठिकाना नहीं है।

14:31Страница 259

قُل لِّعِبَادِيَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ يُقِيمُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَيُنفِقُواْ مِمَّا رَزَقۡنَٰهُمۡ سِرّٗا وَعَلَانِيَةٗ مِّن قَبۡلِ أَن يَأۡتِيَ يَوۡمٞ لَّا بَيۡعٞ فِيهِ وَلَا خِلَٰلٌ ٣١

Скажи тем из Моих рабов, которые уверовали, чтобы они совершали намаз и расходовали явно и тайно из того, чем Мы их наделили, пока не наступит день, когда не будет ни торга, ни дружбы.

(ऐ रसूल!) आप मोमिनों से कह दें : ऐ मोमिनो! पूर्ण रूप से नमाज़ पढ़ो, और अल्लाह के दिए हुए धन से आवश्यक और वांछनीय कार्यों में खर्च करो, रियाकारी के डर से गुप्त रूप से, और खुले तौर पर इसलिए कि दूसरे लोग तुम्हारा अनुसरण करें। इससे पहले कि वह दिन आ जाए, जिसमें न कोई क्रय-विक्रय होगा, न छुड़ौती स्वीकार की जाएगी कि उसके द्वारा अल्लाह के अज़ाब से छुटकारा प्राप्त कर लिया जाए, और न कोई दोस्ती होगी कि एक दोस्त अपने दोस्त के लिए सिफ़ारिश कर दे।

14:32Страница 259

ٱللَّهُ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَأَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ فَأَخۡرَجَ بِهِۦ مِنَ ٱلثَّمَرَٰتِ رِزۡقٗا لَّكُمۡۖ وَسَخَّرَ لَكُمُ ٱلۡفُلۡكَ لِتَجۡرِيَ فِي ٱلۡبَحۡرِ بِأَمۡرِهِۦۖ وَسَخَّرَ لَكُمُ ٱلۡأَنۡهَٰرَ ٣٢

Аллах - Тот, Кто создал небеса и землю, ниспослал с неба воду и взрастил ею плоды для вашего пропитания, подчинил вам корабли, которые плывут по морям по Его воле, подчинил вам реки,

अल्लाह वह है, जिसने आकाशों और धरती को किसी पूर्व उदाहरण के बिना पैदा किया, और आकाश से बारिश का पानी उतारा, फिर उस उतारे हुए पानी से (ऐ लोगो!) तुम्हारी जीविका के लिए फलों की क़िस्मों को निकाला और नावों को तुम्हारे वश में कर दिया, जो पानी के ऊपर उसके अनुमान के अनुसार चलती हैं, और नदियों को तुम्हारे लिए वशीभूत कर दिया, ताकि उनसे पानी पिओ और अपने पशुओं और अपनी खेतियों को सैराब करो।

14:33Страница 259

وَسَخَّرَ لَكُمُ ٱلشَّمۡسَ وَٱلۡقَمَرَ دَآئِبَيۡنِۖ وَسَخَّرَ لَكُمُ ٱلَّيۡلَ وَٱلنَّهَارَ ٣٣

подчинил вам солнце и луну, непрестанно движущиеся по своим орбитам, подчинил вам ночь и день.

उसने सूर्य और चाँद को तुम्हारे लिए वशीभूत कर दिया, जो लगातार गतिशील हैं, तथाा दिन और रात को तुम्हारे लिए वशीभूत कर दिया, जो एक-दूसरे के बाद आते-जाते हैं; रात तुम्हारे सोने और आराम करने के लिए और दिन तुम्हारी गतिविधि और दौड़-धूप करने के लिए है।

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وَءَاتَىٰكُم مِّن كُلِّ مَا سَأَلۡتُمُوهُۚ وَإِن تَعُدُّواْ نِعۡمَتَ ٱللَّهِ لَا تُحۡصُوهَآۗ إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ لَظَلُومٞ كَفَّارٞ ٣٤

Он даровал вам все, о чем вы просили. Если вы станете считать милости Аллаха, то не сможете сосчитать их. Воистину, человек несправедлив и неблагодарен.

और उसने तुम्हें उन सब चीज़ों में से प्रदान किया, जो तुमने माँगीं और जो तुमने नहीं माँगीं। यदि तुम अल्लाह की नेमतों की गणना करो, तो उनकी बहुतायत और बहुलता के कारण उनकी गणना नहीं कर सकते। क्योंकि तुम्हारे लिए जो कुछ उल्लेख किया गया है, वे उनके कुछ उदाहरण हैं। निश्चय इनसान अपने आप पर बड़ा अत्याचार करने वाला, अल्लाह सर्वशक्तिमान की नेमतों का बहुत कृतघ्न है।

14:35Страница 260

وَإِذۡ قَالَ إِبۡرَٰهِيمُ رَبِّ ٱجۡعَلۡ هَٰذَا ٱلۡبَلَدَ ءَامِنٗا وَٱجۡنُبۡنِي وَبَنِيَّ أَن نَّعۡبُدَ ٱلۡأَصۡنَامَ ٣٥

Вот Ибрахим (Авраам) сказал: «Господи! Сделай этот город безопасным и убереги меня и моих сыновей от поклонения идолам.

(ऐ रसूल!) उस समय को याद करें, जब इबराहीम (अलैहिस्सलाम) ने अपने बेटे इसमाईल और उनकी माँ हाजर को मक्का की घाटी में रहने के लिए छोड़ने के बाद दुआ की : ऐ मेरे पालनहार! इस नगर - मक्का - को, जिसमें मैंने अपने परिवार को रहने के लिए छोड़ा है, शांति एवं सुरक्षा वाला नगर बना दे। जिसमें कोई खून न बहाया जाए, और किसी पर अत्याचार न किया जाए। तथा मुझे और मेरे बच्चों को मूर्तिपूजा से दूर रख।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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