Аль-МухтасарАль‑Хиджр · 15:1–68

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

الحجر

Аль-Хиджр

Хиджр  · Мекканская · 99 аятов

15:1Страница 262

الٓرۚ تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ وَقُرۡءَانٖ مُّبِينٖ ١

Алиф. Лам. Ра. Это - аяты Писания и ясного Корана.

{अलिफ़, लाम, रा।} इन जैसे अक्षरों के संबंध में सूरतुल बक़रा के आरंभ में बात हो चुकी है। ये उच्चस्तरीय आयतें जो इस बात को दर्शाती हैं कि वे अल्लाह की ओर से अवतरित हैं, ये उस क़ुरआन की आयतें हैं, जो तौह़ीद (एकेश्वरवाद) और धर्म के विधानों को स्पष्ट करता है।

15:2Страница 262

رُّبَمَا يَوَدُّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَوۡ كَانُواْ مُسۡلِمِينَ ٢

Неверующие непременно пожелают оказаться мусульманами.

क़ियामत के दिन जब काफ़िरों के लिए मामला स्पष्ट हो जाएगा और वे दुनिया में जिस अविश्वास के रास्ते पर चल रहे थे, उसकी अमान्यता उनके सामने उजागर हो जाएगी, तो वे कामना करेंगे कि काश! वे मुसलमान होते।

15:3Страница 262

ذَرۡهُمۡ يَأۡكُلُواْ وَيَتَمَتَّعُواْ وَيُلۡهِهِمُ ٱلۡأَمَلُۖ فَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ ٣

Оставь их - пусть они едят, пользуются благами и увлекаются чаяниями. Скоро они узнают.

(ऐ रसूल!) इन झुठलाने वालों को छोड़ दें कि वे पशुओं की तरह खाते रहें और दुनिया के नश्वर सुखों का आनंद लेते रहें तथा लंबी आशा उन्हें ईमान और अच्छे कार्य से गाफ़िल किए रखे। जब वे क़ियामत के दिन अल्लाह के सामने उपस्थित होंगे, तो उन्हें पता चल जाएगा कि वे कितने घाटे में हैं।

15:4Страница 262

وَمَآ أَهۡلَكۡنَا مِن قَرۡيَةٍ إِلَّا وَلَهَا كِتَابٞ مَّعۡلُومٞ ٤

Все селения, которые Мы погубили, имели известное предписание.

और अत्याचारी बस्तियों में से जिस बस्ती पर भी हमने विनाश उतारा, उसका अल्लाह के ज्ञान में एक निर्धारित समय था, जिससे वह न आगे बढ़ सकती और न पीछे हट सकती थी।

15:5Страница 262

مَّا تَسۡبِقُ مِنۡ أُمَّةٍ أَجَلَهَا وَمَا يَسۡتَـٔۡخِرُونَ ٥

Ни одна община не может опередить свой срок или отложить его.

किसी भी समुदाय पर उसका विनाश उसके नियत समय से पहले नहीं आता। तथा जब उसका नियत समय आ जाए, तो उसका विनाश उससे पीछे नहीं रहता। इसलिए अत्याचारियों को, अल्लाह के उन्हें ढील देने से, धोखे में नहीं पड़ना चाहिए।

15:6Страница 262

وَقَالُواْ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِي نُزِّلَ عَلَيۡهِ ٱلذِّكۡرُ إِنَّكَ لَمَجۡنُونٞ ٦

Они сказали: «О тот, кому ниспослано откровение! Воистину, ты - одержимый.

मक्का के काफ़िरों ने रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कहा : ऐ वह व्यक्ति जिसपर स्मरण (क़ुरआन) उतारा गया है (जैसा कि वह दावा करता है), निश्चित रूप से तू अपने इस दावे से पागल लगता है, जो पागलों की तरह व्यवहार करता है।

15:7Страница 262

لَّوۡمَا تَأۡتِينَا بِٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ ٧

Почему ты не привел к нам ангелов, если ты - один из тех, кто говорит правду?».

तुम हमारे पास फ़रिश्तों को क्यों नहीं ले आते, जो तुम्हारे हक़ में गवाही दें, यदि तुम सच्चे हो कि तुम एक भेजे गए रसूल हो और यह कि हमपर यातना उतरने वाली है।

15:8Страница 262

مَا نُنَزِّلُ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ إِلَّا بِٱلۡحَقِّ وَمَا كَانُوٓاْ إِذٗا مُّنظَرِينَ ٨

Мы ниспосылаем ангелов только с истиной, и тогда никому не предоставляется отсрочка.

अल्लाह तआला ने उनके फ़रिश्तों के आने के सुझाव के जवाब में कहा : हम फ़रिश्तों को उसी समय उतारते हैं, जब हमारी हिकमत के अनुसार उन्हें अज़ाब के द्वारा विनष्ट करने का समय आ जाए। और - अगर हम फ़रिश्तों को ले आएँ और वे ईमान न लाएँ, तो - उन्हें मोहलत नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें तुरंत दंडित किया जाएगा।

15:9Страница 262

إِنَّا نَحۡنُ نَزَّلۡنَا ٱلذِّكۡرَ وَإِنَّا لَهُۥ لَحَٰفِظُونَ ٩

Воистину, Мы ниспослали Напоминание, и Мы оберегаем его.

निःसंदेह हमने ही इस क़ुरआन को मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दिल पर लोगों के अनुस्मरण (याद-दहानी) के लिए उतारा है, और निःसंदेह हम ही क़ुरआन को वृद्धि और कमी, परिवर्तन और विकृति से सुरक्षित रखने वाले हैं।

15:10Страница 262

وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ فِي شِيَعِ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٠

Мы уже отправляли до тебя посланников к прежним общинам.

(ऐ रसूल!) हमने आपसे पहले पिछले काफ़िर समुदायों में (भी) रसूल भेजे थे, तो उन्होंने उन रसूलों को झुठला दिया था। इसलिए, आपके समुदाय के आपको झुठलाने के मामले में, आप अनूठे रसूल नहीं हैं।

15:11Страница 262

وَمَا يَأۡتِيهِم مِّن رَّسُولٍ إِلَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ ١١

Какой бы посланник ни приходил к ним, они издевались над ним.

पिछले काफ़िर समुदायों के पास जो भी रसूल आता था, वे उसे झुठला देते और उसका मज़ाक उड़ाया करते थे।

15:12Страница 262

كَذَٰلِكَ نَسۡلُكُهُۥ فِي قُلُوبِ ٱلۡمُجۡرِمِينَ ١٢

Таким же образом Мы насаждаем его (неверие) в сердцах грешников.

जिस तरह हमने उन (विगत) समुदायों के दिलों में झुठलाने की प्रवृत्ति डाल दी थी, उसी तरह हम उसे मक्का के मुश्रिकों के दिलों में डाल देंगे, उनकी विमुखता और हठ के कारण।

15:13Страница 262

لَا يُؤۡمِنُونَ بِهِۦ وَقَدۡ خَلَتۡ سُنَّةُ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٣

Они не веруют в него (Коран), хотя уже были примеры первых поколений.

ये लोग मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर अवतरित इस क़ुरआन पर ईमान नहीं लाएँगे। और अल्लाह की यह परंपरा रही है कि वह अपने रसूलों के लाए हुए संदेश को झुठलाने वालों को विनष्ट कर देता है। इसलिए आपको झुठलाने वाले लोगों को इससे सीख लेनी चाहिए।

15:14Страница 262

وَلَوۡ فَتَحۡنَا عَلَيۡهِم بَابٗا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ فَظَلُّواْ فِيهِ يَعۡرُجُونَ ١٤

И даже если бы Мы разверзли для них врата небесные, чтобы они поднялись туда,

ये झुठलाने वाले लोग हठी हैं, भले ही स्पष्ट प्रमाणों के साथ सत्य उनके सामने उजागर हो जाए। चुनाँचे यदि हम उनके लिए आसमान का कोई द्वार खोल दें और वे उसमें चढ़ते चले जाएँ।

15:15Страница 262

لَقَالُوٓاْ إِنَّمَا سُكِّرَتۡ أَبۡصَٰرُنَا بَلۡ نَحۡنُ قَوۡمٞ مَّسۡحُورُونَ ١٥

они непременно сказали бы: «Наши взоры затуманены, а сами мы околдованы».

तब भी वे सत्य को नहीं मानते और कहते : हमारी दृष्टि को देखने से अवरुद्ध कर दिया गया है, बल्कि हम जो कुछ देख रहे हैं, वह जादू का प्रभाव है। क्योंकि हम मंत्रमुग्ध हैं।

15:16Страница 263

وَلَقَدۡ جَعَلۡنَا فِي ٱلسَّمَآءِ بُرُوجٗا وَزَيَّنَّٰهَا لِلنَّٰظِرِينَ ١٦

Воистину, Мы воздвигли на небе созвездия и украсили его для тех, кто смотрит.

निःसंदेह हमने आसमान में महान सितारे बनाए हैं, जिनके माध्यम से लोग जल एवं थल के अंधेरों में अपनी यात्राओं के दौरान रास्ता मालूम करते हैं। और उन्हें देखने वालों के लिए सुशोभित किया है। ताकि वे उनसे सर्वशक्तिमान अल्लाह की शक्ति का प्रमाण प्राप्त करें।

15:17Страница 263

وَحَفِظۡنَٰهَا مِن كُلِّ شَيۡطَٰنٖ رَّجِيمٍ ١٧

Мы предохранили его от всякого дьявола изгнанного, побиваемого.

और हमने आसमान को अल्लाह की दया से निष्कासित हर शैतान से सुरक्षित कर दिया है।

15:18Страница 263

إِلَّا مَنِ ٱسۡتَرَقَ ٱلسَّمۡعَ فَأَتۡبَعَهُۥ شِهَابٞ مُّبِينٞ ١٨

А если он станет подслушивать украдкой, то за ним последует яркий светоч.

परंतु जो निकटवर्ती फ़रिश्तों (मलए-आला) की बात चुपके से सुन ले, तो एक चमकदार ज्वाला (उल्का) उसका पीछा करती है और उसे जला देती है।

15:19Страница 263

وَٱلۡأَرۡضَ مَدَدۡنَٰهَا وَأَلۡقَيۡنَا فِيهَا رَوَٰسِيَ وَأَنۢبَتۡنَا فِيهَا مِن كُلِّ شَيۡءٖ مَّوۡزُونٖ ١٩

Мы простерли землю, поместили на ней незыблемые горы и взрастили на ней в меру всякие вещи.

और हमने धरती को फैलाया ताकि लोग उसके ऊपर रह सकें, और उसमें मज़बूत (अटल) पहाड़ बनाए ताकि वह (धरती) लोगों को लेकर डगमगाने न लगे, तथा उसमें विभिन्न प्रकार के पौधे उगाए जो हिकमत की अपेक्षानुसार निर्धारित व निर्दिष्ट हैं।

15:20Страница 263

وَجَعَلۡنَا لَكُمۡ فِيهَا مَعَٰيِشَ وَمَن لَّسۡتُمۡ لَهُۥ بِرَٰزِقِينَ ٢٠

Мы предоставили на земле пропитание вам и тем, кого вы не кормите.

और (ऐ लोगो!) हमने धरती में तुम्हारे लिए ऐसी खाने और पीने की चीज़ें बनाईं, जिनसे तुम्हारा जीवन यापन हो सके जब तक तुम दुनिया के जीवन में रहो। और हमने तुम्हारे सिवा उन लोगों और जानवरों के लिए (भी) जीवन यापन के साधन बनाए, जिन्हें तुम रोज़ी नहीं देते।

15:21Страница 263

وَإِن مِّن شَيۡءٍ إِلَّا عِندَنَا خَزَآئِنُهُۥ وَمَا نُنَزِّلُهُۥٓ إِلَّا بِقَدَرٖ مَّعۡلُومٖ ٢١

Нет таких вещей, хранилищ которых не было бы у Нас, и ниспосылаем Мы их только в известной мере.

इनसानों और जानवरों के लाभ की जितनी वस्तुएँ हैं, हम उन्हें पैदा करने और लोगों को उनसे लाभ पहुँचाने का सामर्थ्य रखते हैं। और हम उनमें से जिस चीज़ को पैदा करते हैं, उसे अपनी हिकमत और अपनी इच्छा के अनुसार एक निश्चित मात्रा ही में पैदा करते हैं।

15:22Страница 263

وَأَرۡسَلۡنَا ٱلرِّيَٰحَ لَوَٰقِحَ فَأَنزَلۡنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ فَأَسۡقَيۡنَٰكُمُوهُ وَمَآ أَنتُمۡ لَهُۥ بِخَٰزِنِينَ ٢٢

Мы послали ветры, оплодотворяющие облака водой, а потом низвели с неба воду и напоили вас ею, но не вам ее сберегать.

और हमने हवाएँ भेजीं जो बादलों को पानी से गर्भित करती हैं। फिर उन गर्भित बादलों से बारिश बरसाई और तुम्हें बारिश के पानी से सैराब किया। और (ऐ लोगो!) तुम इस पानी को धरती के अंदर स्रोतों और कुओं के रूप में संग्रह करने वाले नहीं हो। परंतु यह केवल अल्लाह है जो इसे धरती में संग्रह करता है।

15:23Страница 263

وَإِنَّا لَنَحۡنُ نُحۡيِۦ وَنُمِيتُ وَنَحۡنُ ٱلۡوَٰرِثُونَ ٢٣

Воистину, Мы даруем жизнь и умерщвляем, и Мы наследуем.

निःसंदेह हम ही मृतकों को, उन्हें अनस्तित्व से अस्तित्व में लाकर तथा मृत्यु के बाद उन्हें पुनर्जीवित कर, जीवन प्रदान करते हैं। और जब जीवित लोग अपनी नियत अवधि पूरी कर लेते हैं, तो हम उन्हें मौत देते हैं। तथा हम ही बाक़ी रहने वाले हैं, जो धरती एवं उसके ऊपर मौजूद सारी चीज़ों के उत्तराधिकारी बनेंगे।

15:24Страница 263

وَلَقَدۡ عَلِمۡنَا ٱلۡمُسۡتَقۡدِمِينَ مِنكُمۡ وَلَقَدۡ عَلِمۡنَا ٱلۡمُسۡتَـٔۡخِرِينَ ٢٤

Воистину, Мы знаем тех, кто жил прежде, и тех, кому суждено жить после них.

निश्चित रूप से हमें उन लोगों का ज्ञान है, जो तुमसे पहले पैदा हुए और मर चुके, तथा हमें उन लोगों का भी ज्ञान है जिनका बाद में जन्म एवं मृत्यु होगी। इसमें से कुछ भी हमसे छिपा नहीं है।

15:25Страница 263

وَإِنَّ رَبَّكَ هُوَ يَحۡشُرُهُمۡۚ إِنَّهُۥ حَكِيمٌ عَلِيمٞ ٢٥

Воистину, твой Господь соберет их всех, ведь Он - Мудрый, Знающий.

(ऐ रसूल!) निश्चय आपका पालनहार क़ियामत के दिन उन सबको एकत्र करेगा। ताकि अच्छे कार्य करने वाले को उसके अच्छे कार्य का बदला दे और बुरे कार्य करने वाले को उसके बुरे कार्य का बदला दे। वह अपने प्रबंधन में हिकमत वाला, तथा सब कुछ जानने वाला है, उससे कोई बात छिपी नहीं रहती।

15:26Страница 263

وَلَقَدۡ خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ مِن صَلۡصَٰلٖ مِّنۡ حَمَإٖ مَّسۡنُونٖ ٢٦

Мы сотворили человека из сухой звонкой глины, полученной из видоизмененной грязи.

हमने आदम को सूखी मिट्टी से पैदा किया, जिसे ठोकर मारी जाए तो आवाज़ दे। और यह मिट्टी जिससे उन्हें बनाया गया, काले रंग की थी और ज़्यादा दिनों तक रहने के कारण बदबूदार हो गई थी।

15:27Страница 263

وَٱلۡجَآنَّ خَلَقۡنَٰهُ مِن قَبۡلُ مِن نَّارِ ٱلسَّمُومِ ٢٧

А еще раньше Мы сотворили джиннов из палящего пламени.

और हमने आदम अलैहिस्सलाम को पैदा करने से पहले जिन्नों के पिता को तीव्र गर्मी वाली आग से पैदा किया।

15:28Страница 263

وَإِذۡ قَالَ رَبُّكَ لِلۡمَلَٰٓئِكَةِ إِنِّي خَٰلِقُۢ بَشَرٗا مِّن صَلۡصَٰلٖ مِّنۡ حَمَإٖ مَّسۡنُونٖ ٢٨

Вот твой Господь сказал ангелам: «Воистину, я сотворю человека из сухой звонкой глины, полученной из видоизмененной грязи.

(ऐ रसूल!) उस समय को याद कीजिए, जब आपके पालनहार ने फ़रिश्तों से और इबलीस से (जो कि फ़रिश्तों के साथ था) कहा : मैं काली बदबूदार, खनखनाती हुई सूखी मिट्टी से एक इनसान बनाऊँगा।

15:29Страница 263

فَإِذَا سَوَّيۡتُهُۥ وَنَفَخۡتُ فِيهِ مِن رُّوحِي فَقَعُواْ لَهُۥ سَٰجِدِينَ ٢٩

Когда же Я придам ему соразмерный облик и вдохну в него от Моего духа, то падите перед ним ниц».

जब मैं उसकी शक्ल-सूरत ठीक-ठाक कर दूँ और उसकी रचना को पूरा कर लूँ, तो तुम सब मेरी आज्ञा के अनुपालन में और उसे अभिवादन करते हुए उसके आगे सजदे में गिर जाओ।

15:30Страница 263

فَسَجَدَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ كُلُّهُمۡ أَجۡمَعُونَ ٣٠

Все ангелы до единого пали ниц,

तो फ़रिश्तों ने आज्ञापालन किया और सब के सब उनके आगे सजदे में गिर गए, जैसा कि उनके पालनहार ने उन्हें आदेश दिया था।

15:31Страница 263

إِلَّآ إِبۡلِيسَ أَبَىٰٓ أَن يَكُونَ مَعَ ٱلسَّٰجِدِينَ ٣١

за исключением Иблиса, который отказался быть в числе павших ниц.

परंतु इबलीस (जो फ़रिश्तों के साथ रहता था, लेकिन उनमें से नहीं था) फ़रिश्तों के साथ आदम को सजदा करने से उपेक्षा किया।

15:32Страница 264

قَالَ يَٰٓإِبۡلِيسُ مَا لَكَ أَلَّا تَكُونَ مَعَ ٱلسَّٰجِدِينَ ٣٢

Аллах сказал: «О Иблис! Почему ты не в числе павших ниц?».

अल्लाह ने इबलीस से उसके आदम को सजदा करने से मना कर देने के बाद कहा : तुझे मेरी आज्ञा का पालन करते हुए सजदा करने वाले फ़रिश्तों के साथ सजदा करने से किस चीज़ ने रोकाॽ

15:33Страница 264

قَالَ لَمۡ أَكُن لِّأَسۡجُدَ لِبَشَرٍ خَلَقۡتَهُۥ مِن صَلۡصَٰلٖ مِّنۡ حَمَإٖ مَّسۡنُونٖ ٣٣

Иблис сказал: «Не подобает мне падать ниц перед человеком, которого Ты сотворил из сухой звонкой глины, полученной из видоизмененной грязи».

इबलीस ने अहंकारपूर्वक कहा : मेरे लिए यह उचित नहीं कि मैं एक मनुष्य को सजदा करूँ, जिसे तूने सूखी मिट्टी से पैदा किया, जो पहले एक काली बदबूदार मिट्टी थी।

15:34Страница 264

قَالَ فَٱخۡرُجۡ مِنۡهَا فَإِنَّكَ رَجِيمٞ ٣٤

Аллах сказал: «Изыди, и отныне ты будешь изгнан и побит.

अल्लाह ने इबलीस से कहा : तू जन्नत से निकल जा। क्योंकि तू धिक्कार दिया गया है।

15:35Страница 264

وَإِنَّ عَلَيۡكَ ٱللَّعۡنَةَ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلدِّينِ ٣٥

И проклятие пребудет над тобой до Дня воздаяния».

और निश्चय ही क़ियामत के दिन तक तुझपर धिक्कार और मेरी दया से दूरी है।

15:36Страница 264

قَالَ رَبِّ فَأَنظِرۡنِيٓ إِلَىٰ يَوۡمِ يُبۡعَثُونَ ٣٦

Иблис сказал: «Господи! Предоставь мне отсрочку до того дня, когда они будут воскрешены».

इबलीस ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे उस दिन तक मोहलत दे और जीवित रख, जिस दिन सभी लोग दोबारा जीवित किए जाएँगे।

15:37Страница 264

قَالَ فَإِنَّكَ مِنَ ٱلۡمُنظَرِينَ ٣٧

Аллах сказал: «Воистину, ты - один из тех, кому предоставлена отсрочка

अल्लाह ने उससे कहा : निःसंदेह तू मोहलत दिए गए लोगों में से है जिनकी मृत्यु को मैंने विलंबित कर दी है।

15:38Страница 264

إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡوَقۡتِ ٱلۡمَعۡلُومِ ٣٨

до дня, срок которого определен».

उस समय तक, जब प्रथम बार सूर फूँके जाने पर सभी लोग मर जाएँगे।

15:39Страница 264

قَالَ رَبِّ بِمَآ أَغۡوَيۡتَنِي لَأُزَيِّنَنَّ لَهُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَأُغۡوِيَنَّهُمۡ أَجۡمَعِينَ ٣٩

Иблис сказал: «Господи! За то, что Ты ввел меня в заблуждение, я приукрашу для них земное и непременно совращу их всех,

इबलीस ने कहा : ऐ मेरे रब! तूने मुझे गुमराह किया है, इस कारण मैं अवश्य ही उनके लिए धरती में गुनाहों को सुंदर बनाऊँगा और उन सभी को सीधे रास्ते से गुमराह करूँगा।

15:40Страница 264

إِلَّا عِبَادَكَ مِنۡهُمُ ٱلۡمُخۡلَصِينَ ٤٠

кроме Твоих избранных (или искренних) рабов».

सिवाय तेरे उन बंदों के, जिन्हें तूने अपनी इबादत के लिए चुन लिया है।

15:41Страница 264

قَالَ هَٰذَا صِرَٰطٌ عَلَيَّ مُسۡتَقِيمٌ ٤١

Аллах сказал: «Это - путь, ведущий прямо ко Мне.

अल्लाह ने फरमाया : यही मेरे पास पहुँचाने वाला सीधा रास्ता है।

15:42Страница 264

إِنَّ عِبَادِي لَيۡسَ لَكَ عَلَيۡهِمۡ سُلۡطَٰنٌ إِلَّا مَنِ ٱتَّبَعَكَ مِنَ ٱلۡغَاوِينَ ٤٢

Воистину, ты не властен над Моими рабами, за исключением заблудших, которые последуют за тобой».

मेरे चयनित बंदों को गुमराह करने की तेरा कोई शक्ति और अधिकार नहीं, सिवाय इसके गुमराहों में से जो खुद तेरे पीछे चलने लगें।

15:43Страница 264

وَإِنَّ جَهَنَّمَ لَمَوۡعِدُهُمۡ أَجۡمَعِينَ ٤٣

Воистину, Геенна - это место, обещанное всем им.

निश्चय इबलीस और उसके पीछे चलने वाले सभी भटके हुए लोगों के वादा का स्थान जहन्नम है।

15:44Страница 264

لَهَا سَبۡعَةُ أَبۡوَٰبٖ لِّكُلِّ بَابٖ مِّنۡهُمۡ جُزۡءٞ مَّقۡسُومٌ ٤٤

Там - семь врат, и для каждых врат предназначена определенная их часть.

जहन्नम के सात द्वार हैं, जिनसे वे प्रवेश करेंगे। उनमें से हर द्वार से इबलीस के पीछे चलने वालों की एक निश्चित संख्या प्रवेश करेगी।

15:45Страница 264

إِنَّ ٱلۡمُتَّقِينَ فِي جَنَّٰتٖ وَعُيُونٍ ٤٥

Воистину, богобоязненные пребудут в Райских садах и среди источников.

निश्चय अपने पालनहार के आदेश का पालन करके और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचकर, उससे डरने वाले लोग बाग़ों और स्रोतों में होंगे।

15:46Страница 264

ٱدۡخُلُوهَا بِسَلَٰمٍ ءَامِنِينَ ٤٦

Входите сюда с миром, будучи в безопасности.

उसमें प्रवेश के समय उनसे कहा जाएगा : इसमें हर प्रकार की आपदा से सुरक्षित होकर और भयमुक्त होकर प्रवेश कर जाओ।

15:47Страница 264

وَنَزَعۡنَا مَا فِي صُدُورِهِم مِّنۡ غِلٍّ إِخۡوَٰنًا عَلَىٰ سُرُرٖ مُّتَقَٰبِلِينَ ٤٧

Мы исторгнем из их сердец злобу, и они, как братья, будут лежать на ложах, обратившись лицом друг к другу.

और हम उनके दिलों को हर तरह के द्वेष और दुश्मनी से पवित्र कर देंगे। वे भाई-भाई बनकर, एक-दूसरे को देखते हुए तख़्तों पर बैठे होंगे।

15:48Страница 264

لَا يَمَسُّهُمۡ فِيهَا نَصَبٞ وَمَا هُم مِّنۡهَا بِمُخۡرَجِينَ ٤٨

Там их не коснется усталость, и их не изгонят оттуда.

उन्हें वहाँ न कोई थकान होगी और न वे वहाँ से निकाले जाएँगे। बल्कि वे वहाँ हमेशा रहेंगे।

15:49Страница 264

۞ نَبِّئۡ عِبَادِيٓ أَنِّيٓ أَنَا ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ ٤٩

Сообщи Моим рабам, что Я - Прощающий, Милосердный,

(ऐ रसूल!) मेरे बंदों को बता दें कि मैं अपने तौबा करने वाले बंदों को क्षमा करने वाला, उनपर दयावान् हूँ।

15:50Страница 264

وَأَنَّ عَذَابِي هُوَ ٱلۡعَذَابُ ٱلۡأَلِيمُ ٥٠

но наказание Мое - наказание мучительное.

और उन्हें बता दें कि मेरी यातना ही कष्टदायक यातना है। इसलिए वे मुझ से तौबा करें, ताकि मेरी क्षमा के भागीदार बन सकें और मेरी यातना से बच सकें।

15:51Страница 264

وَنَبِّئۡهُمۡ عَن ضَيۡفِ إِبۡرَٰهِيمَ ٥١

Сообщи им также о гостях Ибрахима (Авраама).

और आप उन्हें इबराहीम अलैहिस्सलाम के पास अतिथि बनकर आने वाले फ़रिश्तों के बारे में बताएँ, जो उनके पास बेटे की शुभ सूचना और लूत अलैहिस्सलाम की जाति के विनाश की सूचना लेकर आए थे।

15:52Страница 265

إِذۡ دَخَلُواْ عَلَيۡهِ فَقَالُواْ سَلَٰمٗا قَالَ إِنَّا مِنكُمۡ وَجِلُونَ ٥٢

Они вошли к нему и сказали: «Мир!». Он сказал: «Воистину, мы опасаемся вас».

जब वे इबराहीम अलैहिस्सलाम के पास आए, तो उन्होंने उसे सलाम किया। उसने उन्हें उनके सलाम से बेहतर जवाब दिया और उनके सामने खाने के लिए एक भूना हुआ बछड़ा रखा। क्योंकि वह उन्हें इनसान समझ रहे थे, परंतु जब उन्होंने खाने को हाथ नहीं लगाया, तो बोले : हमें तुमसे डर महसूस हो रहा है।

15:53Страница 265

قَالُواْ لَا تَوۡجَلۡ إِنَّا نُبَشِّرُكَ بِغُلَٰمٍ عَلِيمٖ ٥٣

Они сказали: «Не бойся! Воистину, мы принесли тебе благую весть об умном мальчике».

तो संदेश लाने वाले फ़रिश्तों ने कहा : डरिए नहीं। हम आपको एक ऐसी चीज़ की सूचना दे रहे हैं जिससे आपको खुशी प्राप्त होगी। आपको एक ज्ञानी बेटा होगा।

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قَالَ أَبَشَّرۡتُمُونِي عَلَىٰٓ أَن مَّسَّنِيَ ٱلۡكِبَرُ فَبِمَ تُبَشِّرُونَ ٥٤

Он сказал: «Неужели вы сообщаете мне такую благую весть, когда старость уже одолела меня? Чем же вы меня радуете?».

इबराहीम अलैहिस्सलाम ने बेटे की शुभ सूचना पर आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा : क्या तुम मुझे इस बुढ़ापे के बावजूद बेटे की शुभ सूचना देते हो, तो तुम किस आधार पर मुझे शुभ सूचना दे रहे हो?

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قَالُواْ بَشَّرۡنَٰكَ بِٱلۡحَقِّ فَلَا تَكُن مِّنَ ٱلۡقَٰنِطِينَ ٥٥

Они сказали: «Мы сообщаем тебе истинную весть, и не будь в числе тех, кто отчаивается».

शुभ सूचना लाने वाले फ़रिश्तों ने इबराहीम अलैहिस्सलाम से कहा : हमने आपको उस सत्य की शुभ सूचना दी है जिसमें कोई संदेह नहीं है। इसलिए आप उस चीज़ से निराश न हों, जिसकी हमने आपको शुभ सूचना दी है।

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قَالَ وَمَن يَقۡنَطُ مِن رَّحۡمَةِ رَبِّهِۦٓ إِلَّا ٱلضَّآلُّونَ ٥٦

Он сказал: «Кто же отчаивается в милости своего Господа, кроме заблудших?!».

इबराहीम अलैहिस्सलाम ने कहा : क्या अल्लाह के सीधे रास्ते से भटके हुए लोगों के सिवा भी कोई अपने रब की दया से निराश होता है?!

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قَالَ فَمَا خَطۡبُكُمۡ أَيُّهَا ٱلۡمُرۡسَلُونَ ٥٧

Он сказал: «Какова же ваша миссия, о посланцы?».

इबराहीम अलैहिस्सलाम ने कहा : ऐ अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्तो! तुम किस अभियान के तहत आए हो?

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قَالُوٓاْ إِنَّآ أُرۡسِلۡنَآ إِلَىٰ قَوۡمٖ مُّجۡرِمِينَ ٥٨

Они сказали: «Мы посланы к грешным людям.

संदेश लाने वाले फ़रिश्तों ने कहा : अल्लाह ने हमें एक महा भ्रष्टाचारी, महा बुराई वाले समुदाय को नष्ट करने के लिए भेजा है, और वे लूत की जाति के लोग हैं।

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إِلَّآ ءَالَ لُوطٍ إِنَّا لَمُنَجُّوهُمۡ أَجۡمَعِينَ ٥٩

И только семью Лута (Лота) мы спасем целиком,

लूत के घर वालों और उनके अनुयायी मोमिनों के सिवा। विनाश का आदेश उनके लिए नहीं है। हम उन सबको उससे अवश्य बचा लेने वाले हैं।

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إِلَّا ٱمۡرَأَتَهُۥ قَدَّرۡنَآ إِنَّهَا لَمِنَ ٱلۡغَٰبِرِينَ ٦٠

кроме его жены. Мы решили, что она останется позади».

परंतु उनकी पत्नी का मामला अलग है। हमारा निर्णय है कि वह उन बाक़ी लोगों में से है, जो विनाश से पीड़ित होंगे।

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فَلَمَّا جَآءَ ءَالَ لُوطٍ ٱلۡمُرۡسَلُونَ ٦١

Когда посланцы пришли к Луту (Лоту),

फिर जब अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्ते पुरुषों की शक्ल में लूत के घर वालों के पास आए।

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قَالَ إِنَّكُمۡ قَوۡمٞ مُّنكَرُونَ ٦٢

он сказал: «Воистину, вы - люди незнакомые».

लूत अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : तुम अनजान लोग हो।

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قَالُواْ بَلۡ جِئۡنَٰكَ بِمَا كَانُواْ فِيهِ يَمۡتَرُونَ ٦٣

Они сказали: «Но мы явились к тебе с тем, по поводу чего они препирались.

संदेशवाहक फ़रिश्तों ने लूत अलैहिस्सलाम से कहा : डरिए मत। बल्कि - ऐ लूत! - हम आपके पास वह यातना लेकर आए हैं, जिसके बारे में आपकी जाति के लोग संदेह किया करते थे, जो उनका विनाश करने वाली है।

15:64Страница 265

وَأَتَيۡنَٰكَ بِٱلۡحَقِّ وَإِنَّا لَصَٰدِقُونَ ٦٤

Мы принесли тебе истину, и мы говорим правду.

हम आपके पास वह सच्चाई लेकर आए हैं जिसमें कोई मज़ाक़ नहीं है, और हमने आपको जो कुछ बताया है उसमें हम बिल्कुल सच्चे हैं।

15:65Страница 265

فَأَسۡرِ بِأَهۡلِكَ بِقِطۡعٖ مِّنَ ٱلَّيۡلِ وَٱتَّبِعۡ أَدۡبَٰرَهُمۡ وَلَا يَلۡتَفِتۡ مِنكُمۡ أَحَدٞ وَٱمۡضُواْ حَيۡثُ تُؤۡمَرُونَ ٦٥

Среди ночи выведи свою семью и сам иди вслед за ними. И пусть никто из вас не оборачивается. Ступайте туда, куда вам приказано».

इसलिए रात के एक हिस्से के बीत जाने के बाद अपने परिवार के साथ चल पड़ें। तथा आप स्वयं उनके पीछे-पीछे चलें। और आप लोगों में से कोई भी पीछे मुड़कर न देखे कि उनके साथ क्या हुआ। और अल्लाह ने आप लोगों को जहाँ जाने का आदेश दिया है, वहाँ चलते जाओ।

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وَقَضَيۡنَآ إِلَيۡهِ ذَٰلِكَ ٱلۡأَمۡرَ أَنَّ دَابِرَ هَٰٓؤُلَآءِ مَقۡطُوعٞ مُّصۡبِحِينَ ٦٦

Мы объявили ему приговор о том, что к утру все они будут уничтожены.

और हमने लूत अलैहिस्सलाम को वह़्य (प्रकाशना) द्वारा उस मामले से सूचित कर दिया जिसका हमने निर्णय किया था कि सुबह होते ही इनके अंतिम व्यक्ति तक को विनष्ट करके इनका उन्मूलन कर दिया जाएगा।

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وَجَآءَ أَهۡلُ ٱلۡمَدِينَةِ يَسۡتَبۡشِرُونَ ٦٧

Жители города пришли, ликуя.

और सदूम वाले, दुष्कर्म करने की लालच में, लूत अलैहिस्सलाम के अतिथियों पर बहुत खुश होकर आए।

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قَالَ إِنَّ هَٰٓؤُلَآءِ ضَيۡفِي فَلَا تَفۡضَحُونِ ٦٨

Он сказал им: «Это - мои гости, не позорьте же меня.

लूत अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : ये लोग मेरे अतिथि हैं। अतः मुझे उस चीज़ के द्वारा अपमानित न करो जो तुम उनके साथ करना चाहते हो।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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