Аль-МухтасарАн‑Нахль · 16:122–128

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

Ан-Нахль 16:122–128

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وَءَاتَيۡنَٰهُ فِي ٱلدُّنۡيَا حَسَنَةٗۖ وَإِنَّهُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ لَمِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ ١٢٢

Мы даровали ему добро в мирской жизни, а в Последней жизни он будет в числе праведников.

और हमने उन्हें दुनिया में नबी बनाया, तथा अच्छी प्रशंसा और नेक संतान प्रदान की। और वह आख़िरत में निश्चित रूप से उन सदाचारियों में से हैं, जिनके लिए अल्लाह ने जन्नत के ऊँचे दर्जे तैयार कर रखे हैं।

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ثُمَّ أَوۡحَيۡنَآ إِلَيۡكَ أَنِ ٱتَّبِعۡ مِلَّةَ إِبۡرَٰهِيمَ حَنِيفٗاۖ وَمَا كَانَ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ ١٢٣

Затем Мы внушили тебе: «Исповедуй религию Ибрахима (Авраама), ведь он был ханифом и не был из числа многобожников».

फिर (ऐ रसूल!) हमने आपकी ओर वह़्य (प्रकाशना) की कि तौहीद, मुश्रिकों से अलग होने, अल्लाह की ओर बुलाने और उसकी शरीयत पर अमल करने के मामले में, इबराहीम अलैहिस्सलाम के तरीक़े का अनुसरण करें, जो समस्त धर्मों से विमुख होकर इस्लाम धर्म की ओर एकाग्र थे, तथा वह कभी भी मुश्रिकों में से नहीं थे जैसाकि मुश्रिकों का दावा है, बल्कि वह एक अल्लाह की इबादत करने वाले थे।

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إِنَّمَا جُعِلَ ٱلسَّبۡتُ عَلَى ٱلَّذِينَ ٱخۡتَلَفُواْ فِيهِۚ وَإِنَّ رَبَّكَ لَيَحۡكُمُ بَيۡنَهُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ فِيمَا كَانُواْ فِيهِ يَخۡتَلِفُونَ ١٢٤

Воистину, суббота была предписана только тем, кто впал в разногласия по этому поводу. Воистину, твой Господь в День воскресения рассудит между ними в том, в чем они расходились во мнениях.

शनिवार के दिन का सम्मान करना तो केवल उन्हीं यहूदियों पर फ़र्ज़ किया गया था, जिन्होंने उसके बारे में मतभेद किया था। ताकि वे उस दिन अपने सारे कार्यों को छोड़कर इबादत में व्यस्त रहें, जबकि वे जुमे के दिन से भटक गए थे, जिसमें उन्हें सारे कार्य छोड़ इबादत का आदेश दिया गया था। और (ऐ रसूल!) निश्चय ही आपका पालनहार इन मतभेद करने वालों के बीच क़ियामत के दिन उस विषय में निर्णय कर देगा, जिसमें वे मतभेद किया करते थे, फिर हर एक को वह बदला देगा, जिसका वह हक़दार होगा।

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ٱدۡعُ إِلَىٰ سَبِيلِ رَبِّكَ بِٱلۡحِكۡمَةِ وَٱلۡمَوۡعِظَةِ ٱلۡحَسَنَةِۖ وَجَٰدِلۡهُم بِٱلَّتِي هِيَ أَحۡسَنُۚ إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعۡلَمُ بِمَن ضَلَّ عَن سَبِيلِهِۦ وَهُوَ أَعۡلَمُ بِٱلۡمُهۡتَدِينَ ١٢٥

Призывай на путь Господа мудростью и добрым увещеванием и веди спор с ними наилучшим образом. Воистину, твой Господь лучше знает тех, кто сошел с Его пути, и лучше знает тех, кто следует прямым путем.

(ऐ रसूल!) आप और आपके मानने वाले मोमिन, आमंत्रित व्यक्ति की दशा, उसकी समझ और उसकी अधीनता (आज्ञाकारिता) की अपेक्षाओं के अनुसार, तथा प्रोत्साहन और धमकी पर आधारित सदुपदेश के साथ इस्लाम के धर्म की ओर बुलाएँ। और उनसे ऐसे तरीक़े से बहस करें, जो कथन, विचार एवं संस्कार के रूप से सबसे अच्छा है। क्योंकि आपका काम लोगों को मार्गदर्शन प्रदान करना नहीं, बल्कि आपका काम केवल उन्हें संदेश पहुँचाना है। निःसंदेह आपका रब उसे सबसे अधिक जानता है, जो इस्लाम के धर्म से भटक गया, और वह उन लोगों को भी सबसे अधिक जानता है, जो उसके मार्ग पर चलने वाले हैं। इसलिए आप उन पर बिल्कुल ही न पछताएँ।

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وَإِنۡ عَاقَبۡتُمۡ فَعَاقِبُواْ بِمِثۡلِ مَا عُوقِبۡتُم بِهِۦۖ وَلَئِن صَبَرۡتُمۡ لَهُوَ خَيۡرٞ لِّلصَّٰبِرِينَ ١٢٦

Если вы подвергните их наказанию, то наказывайте их так, как они наказывали вас. Но если вы проявите терпение, то так будет лучше для терпеливых.

और यदि तुम अपने दुश्मन से बदला लेना चाहो, तो उसे उतनी ही सज़ा दो जितना तुम्हें कष्ट पहुँचाया गया है, उससे अधिक नहीं। और अगर बदला लेने की शक्ति के बावजूद तुम उसे सज़ा देने के बजाय सब्र से काम लो, तो ऐसा करना तुममें से सब्र करने वालों के लिए, उन्हें सज़ा देकर बदला लेने से बेहतर है।

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وَٱصۡبِرۡ وَمَا صَبۡرُكَ إِلَّا بِٱللَّهِۚ وَلَا تَحۡزَنۡ عَلَيۡهِمۡ وَلَا تَكُ فِي ضَيۡقٖ مِّمَّا يَمۡكُرُونَ ١٢٧

Посему терпи, ибо твое терпение - только от Аллаха. Не скорби по ним и не печалься оттого, что они ухищряются.

और (ऐ रसूल!) आप उनकी ओर से पहुँचने वाले कष्ट पर सब्र करें। और आपको सब्र की तौफ़ीक़ केवल अल्लाह के तौफ़ीक़ प्रदान करने से मिलती है। और आप काफ़िरों के आपसे उपेक्षा करने से दुखी न हों और उनके छल और चाल से आपका दिल तंग न हो।

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إِنَّ ٱللَّهَ مَعَ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَواْ وَّٱلَّذِينَ هُم مُّحۡسِنُونَ ١٢٨

Воистину, Аллах - с теми, кто богобоязнен и кто творит добро.

निःसंदेह अल्लाह उन लोगों के साथ है, जो गुनाहों से बचकर अल्लाह से डरते हैं और जो नेकियाँ करके और आदेशों का पालनकर उत्तमकार हैं। अतः वह विजय और समर्थन के साथ उनके साथ है।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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