Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
Ан-Нахль 16:43–82
16:43Страница 272
وَمَآ أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ إِلَّا رِجَالٗا نُّوحِيٓ إِلَيۡهِمۡۖ فَسۡـَٔلُوٓاْ أَهۡلَ ٱلذِّكۡرِ إِن كُنتُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ ٤٣
Мы посылали до тебя посланниками только мужей, которым внушали откровение. Если вы не знаете, то спросите обладателей Напоминания.
(ऐ रसूल!) हमने आपसे पहले मानव जाति ही में से पुरुषों को संदेष्टा बनाकर भेजे, जिनकी ओर हम वह़्य (प्रकाशना) करते थे। हमने फ़रिश्तों में से रसूल बनाकर नहीं भेजे। यही हमारा नित्य तरीक़ा है। यदि तुम इसका इनकार करते हो, तो पिछली पुस्तकों के लोगों से पूछ लो, वे तुम्हें बताएँगे कि रसूल मानव ही थे, वे फ़रिश्ते नहीं थे, यदि तुम नहीं जानते कि वे इनसान थे।
16:44Страница 272
بِٱلۡبَيِّنَٰتِ وَٱلزُّبُرِۗ وَأَنزَلۡنَآ إِلَيۡكَ ٱلذِّكۡرَ لِتُبَيِّنَ لِلنَّاسِ مَا نُزِّلَ إِلَيۡهِمۡ وَلَعَلَّهُمۡ يَتَفَكَّرُونَ ٤٤
Мы отправляли посланников с ясными знамениями и Писаниями. А тебе Мы ниспослали Напоминание для того, чтобы ты разъяснил людям то, что им ниспослано, и для того, чтобы они призадумались.
हमने इन मानव रसूलों को स्पष्ट प्रमाणों और अवतरित किताबों के साथ भेजा। और (ऐ रसूल) हमने आपकी ओर क़ुरआन उतारा, ताकि आप लोगों के लिए उसमें से जिसके स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो, उसका स्पष्टीकरण कर दें, और ताकि वे अपने सोच-विचार को काम में लाएँ और इस (क़ुरआन) में जो कुछ है उससे उपदेश ग्रहण करें।
16:45Страница 272
أَفَأَمِنَ ٱلَّذِينَ مَكَرُواْ ٱلسَّيِّـَٔاتِ أَن يَخۡسِفَ ٱللَّهُ بِهِمُ ٱلۡأَرۡضَ أَوۡ يَأۡتِيَهُمُ ٱلۡعَذَابُ مِنۡ حَيۡثُ لَا يَشۡعُرُونَ ٤٥
Неужели те, которые строят злые козни, не опасаются того, что Аллах заставит землю поглотить их, или мучения постигнут их оттуда, откуда они их не ожидают?
तो क्या लोगों को अल्लाह के रास्ते से रोकने के लिए साज़िश रचने वाले इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि अल्लाह उन्हें भी क़ारून की तरह धरती में धँसा दे, या उनके पास यातना ऐसी जगह से आ जाए जहाँ से वे उसके आने की प्रतीक्षा न कर रहे हों।
16:46Страница 272
أَوۡ يَأۡخُذَهُمۡ فِي تَقَلُّبِهِمۡ فَمَا هُم بِمُعۡجِزِينَ ٤٦
Или того, что Он схватит их, пока они мечутся, и они не смогут избежать этого?
या उनपर यातना उनकी यात्राओं में उनके चलने-फिरने और रोज़ी की तलाश में उनके दौड़-धूप करने की हालत में आ जाए। तो वे न तो (अल्लाह की पकड़ से) छूट सकते हैं और न खुद को बचा सकते हैं।
16:47Страница 272
أَوۡ يَأۡخُذَهُمۡ عَلَىٰ تَخَوُّفٖ فَإِنَّ رَبَّكُمۡ لَرَءُوفٞ رَّحِيمٌ ٤٧
Или того, что Он схватит их, когда их охватит ужас? Воистину, твой Господь - Сострадательный, Милосердный.
या वे इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि उनपर अल्लाह की यातना उस दशा में आ जाए जब वे उससे डरे हुए हों। क्योंकि अल्लाह हर हाल में उन्हें सज़ा देने में सक्षम है। निश्चय आपका रब बहुत करुणामय और अत्यंत दयावान् है। वह अपने बंदों को सज़ा देने में जल्दी नहीं करता कि शायद उसके बंदे उससे तौबा कर लें।
16:48Страница 272
أَوَلَمۡ يَرَوۡاْ إِلَىٰ مَا خَلَقَ ٱللَّهُ مِن شَيۡءٖ يَتَفَيَّؤُاْ ظِلَٰلُهُۥ عَنِ ٱلۡيَمِينِ وَٱلشَّمَآئِلِ سُجَّدٗا لِّلَّهِ وَهُمۡ دَٰخِرُونَ ٤٨
Неужели они не наблюдали за вещами, которые созданы Аллахом? Они обладают тенью, которая склоняется вправо и влево, падая ниц пред Аллахом и оставаясь смиренной.
क्या इन झुठलाने वालों ने अल्लाह की सृष्टियों पर चिंतन नहीं किया कि उनकी परछाई दिन में सूर्य की चाल के अनुसार और रात में चाँद की चाल के अनुसार, अपने रब के सामने झुकती हुई और वास्तविक रूप से उसे सजदा करती हुई दाएँ-बाएँ मुड़ती है, इस हाल में कि वह विनम्र होती है।
16:49Страница 272
وَلِلَّهِۤ يَسۡجُدُۤ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِ مِن دَآبَّةٖ وَٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ وَهُمۡ لَا يَسۡتَكۡبِرُونَ ٤٩
Перед Аллахом падают ниц все обитатели небес и земли, животные и ангелы, и они не проявляют высокомерия.
तथा आकाशों में रहने वाले और धरती में रहने वाले सारे जानदार केवल एक अल्लाह को सजदा करते हैं। तथा फ़रिश्ते भी अकेले उसी को सजदा करते हैं। और वे अल्लाह की इबादत और उसके आज्ञापालन से अभिमान नहीं करते।
16:50Страница 272
يَخَافُونَ رَبَّهُم مِّن فَوۡقِهِمۡ وَيَفۡعَلُونَ مَا يُؤۡمَرُونَ۩ ٥٠
Они боятся своего Господа, Который над ними, и совершают то, что им велено.
और वे - अपनी निरंतर इबादत और आज्ञापालन के बावजूद - अपने पालनहार से डरते हैं, जो अपने अस्तित्व, शक्ति एवं प्रभुत्व के साथ उनके ऊपर है। और वे वही करते हैं, जिसका आदेश उनहें उनके पालनहार की ओर से मिलता है।
16:51Страница 272
۞ وَقَالَ ٱللَّهُ لَا تَتَّخِذُوٓاْ إِلَٰهَيۡنِ ٱثۡنَيۡنِۖ إِنَّمَا هُوَ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞ فَإِيَّٰيَ فَٱرۡهَبُونِ ٥١
Аллах сказал: «Не поклоняйтесь двум богам, ибо есть только один Бог. Меня одного бойтесь».
अल्लाह ने अपने सभी बंदों से कहा : दो पूज्य न बनाओ। सत्य पूज्य तो केवल एक है, उसका कोई दूजा और साझी नहीं। इसलिए मुझी से डरो और मेरे सिवा किसी से न डरो।
16:52Страница 272
وَلَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَلَهُ ٱلدِّينُ وَاصِبًاۚ أَفَغَيۡرَ ٱللَّهِ تَتَّقُونَ ٥٢
Ему принадлежит то, что на небесах и на земле. Ему одному надлежит поклоняться. Неужели вы станете бояться кого-либо помимо Аллаха?
आकाशों और धरती की सारी चीज़ें केवल उसी की हैं; वही उनका पैदा करने वाला, उनका मालिक और उनका प्रबंध करने वाला है। तथा आज्ञापालन, अधीनता और निष्ठा अकेले उसी के लिए सिद्ध है। तो क्या तुम अल्लाह के अलावा से डरते हो?! ऐसा नहीं होना चाहिए, बल्कि केवल उसी (अल्लाह) से डरो।
16:53Страница 272
وَمَا بِكُم مِّن نِّعۡمَةٖ فَمِنَ ٱللَّهِۖ ثُمَّ إِذَا مَسَّكُمُ ٱلضُّرُّ فَإِلَيۡهِ تَجۡـَٔرُونَ ٥٣
Все блага, которые вы имеете, - от Аллаха. И если вас касается беда, то вы громко зовете Его на помощь.
(ऐ लोगो!) तुम्हारे पास जो भी धार्मिक या सांसारिक नेमत है, सब अल्लाह पाक की दी हुई है, किसी दूसरे की नहीं। फिर जब तुम विपत्ति, या बीमारी, या ग़रीबी से पीड़ित होते हो, तो केवल उसी के सामने गिड़गिड़ाकर दुआ करते हो, ताकि वह तुम्हारी विपत्ति को तुमसे दूर कर दे। इसलिए जो नेमतें प्रदान करता है और विपत्तियों को दूर करता है, वही है जिसकी एकमात्र इबादत की जानी चाहिए।
16:54Страница 272
ثُمَّ إِذَا كَشَفَ ٱلضُّرَّ عَنكُمۡ إِذَا فَرِيقٞ مِّنكُم بِرَبِّهِمۡ يُشۡرِكُونَ ٥٤
Когда же Он избавляет вас от беды, то некоторые из вас начинают приобщать сотоварищей к своему Господу,
फिर जब वह तुम्हारी दुआ को स्वीकार कर लेता है और तुम्हारा दुःख दूर कर देता है, तो तुममें से कुछ लोग अपने पालनहार के साथ साझी बनाने लगते हैं। चुनाँचे उसके साथ उसके अलावा की इबादत करने लगते हैं। तो यह कैसी नीचता है?!
16:55Страница 273
لِيَكۡفُرُواْ بِمَآ ءَاتَيۡنَٰهُمۡۚ فَتَمَتَّعُواْ فَسَوۡفَ تَعۡلَمُونَ ٥٥
чтобы не уверовать в то, что Мы даровали им. Пользуйтесь благами, и скоро вы узнаете.
अल्लाह के साथ साझी ठहराने के कारण वे अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों - जिनमें कष्ट दूर करना भी शामिल है - की नाशुक्री करने लगे। इसीलिए उनसे कहा गया : तुम जिन नेमतों में हो उनसे थोड़ा लाभ उठा लो, यहाँ तक कि अल्लाह का तत्काल और विलंबित अज़ाब आ जाए।
16:56Страница 273
وَيَجۡعَلُونَ لِمَا لَا يَعۡلَمُونَ نَصِيبٗا مِّمَّا رَزَقۡنَٰهُمۡۗ تَٱللَّهِ لَتُسۡـَٔلُنَّ عَمَّا كُنتُمۡ تَفۡتَرُونَ ٥٦
Они отдают долю из того, чем Мы их наделили, ради того, что им неизвестно. Клянусь Аллахом, вы будете спрошены обо всем, что измышляете!
और मुश्रिक लोग हमारे दिए हुए अपने धनों में से एक भाग अपनी उन मूर्तियों के लिए भी निर्धारित करते हैं, जो कुछ नहीं जानती हैं (क्योंकि वे निर्जीव चीज़ें हैं, और न ही वे लाभ या हानि पहुँचाने का अधिकार रखती हैं), वे इसके द्वारा उनकी निकटता प्राप्त करना चाहते हैं। अल्लाह की क़सम! (ऐ मुश्रिको!) तुमसे क़ियामत के दिन तुम्हारे इस दावे के बारे में ज़रूर पूछा जाएगा कि ये मूर्तियाँ पूज्य हैं और यह कि तुम्हारे धन में उनका भी एक हिस्सा है।
16:57Страница 273
وَيَجۡعَلُونَ لِلَّهِ ٱلۡبَنَٰتِ سُبۡحَٰنَهُۥ وَلَهُم مَّا يَشۡتَهُونَ ٥٧
Они приписывают Аллаху дочерей. Пречист Он! Себе же они оставляют тех, кого хотят.
बहुदेववादी लोग अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हैं और यह विश्वास रखते हैं कि अल्लाह की बेटियाँ फ़रिश्ते हैं। वह अल्लाह के लिए वह कुछ चुनते हैं, जिसे अपने लिए पसंद नहीं करते। उनके इस कृत्य से अल्लाह पवित्र एवं पाक है। दूसरी तरफ़ वे खुद अपने लिए बेटों का होना पसंद करते हैं। तो इससे बड़ा पाप और क्या हो सकता है?!
16:58Страница 273
وَإِذَا بُشِّرَ أَحَدُهُم بِٱلۡأُنثَىٰ ظَلَّ وَجۡهُهُۥ مُسۡوَدّٗا وَهُوَ كَظِيمٞ ٥٨
Когда кому-либо из них сообщают весть о девочке, лицо его чернеет, и он сдерживает свой гнев.
और जब इन मुश्रिकों में से किसी को लड़की पैदा होने की शुभ सूचना दी जाती है, तो यह ख़बर उसपर इतनी नागवार गुज़रती है कि उसका चेहरा काला पड़ जाता है, तथा उसका दिल शोक और दुख से भर जाता है। फिर वह अल्लाह की ओर उस चीज़ की निस्बत करता है, जिसे अपने लिए पसंद नहीं करता!
16:59Страница 273
يَتَوَٰرَىٰ مِنَ ٱلۡقَوۡمِ مِن سُوٓءِ مَا بُشِّرَ بِهِۦٓۚ أَيُمۡسِكُهُۥ عَلَىٰ هُونٍ أَمۡ يَدُسُّهُۥ فِي ٱلتُّرَابِۗ أَلَا سَآءَ مَا يَحۡكُمُونَ ٥٩
Он прячется от людей из-за дурной вести. Оставит ли он себе ребенка с позором или же закопает ее в землю? Воистину, скверны их решения!
बेटी पैदा होने की सूचना उसे इतनी बुरी लगती है कि लोगों से छिपता फिरता है। वह दिल ही दिल में सोचता है कि क्या इस नवजात को अपमान और दीनता के साथ अपने पास रखे या उसे ज़िंदा धरती में गाड़ दे? कितना बुरा निर्णय है, जो बहुदेववादी करते हैं कि अपने पालनहार के लिए वह कुछ ठहराते हैं, जिसे अपने लिए नापसंद करते हैं।
16:60Страница 273
لِلَّذِينَ لَا يُؤۡمِنُونَ بِٱلۡأٓخِرَةِ مَثَلُ ٱلسَّوۡءِۖ وَلِلَّهِ ٱلۡمَثَلُ ٱلۡأَعۡلَىٰۚ وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ ٦٠
Скверно описание тех, кто не верует в Последнюю жизнь, а описание Аллаха - самое возвышенное, ведь Он - Могущественный, Мудрый.
आख़िरत पर विश्वास न रखने वाले काफ़िरों की बुरी विशेषता है, जैसे- बच्चे की आवश्यकता, अज्ञानता और कुफ़्र आदि। जबकि अल्लाह के प्रताप, पूर्णता, संपन्नता, बेनियाज़ी और ज्ञान जैसे उच्चतम प्रशंसनीय गुण हैं। वह पवित्र अल्लाह अपने राज्य में प्रभुत्वशाली है, उसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता। अपनी रचना, प्रबंधन और क़ानूनसाज़ी में हिकमत वाला है।
16:61Страница 273
وَلَوۡ يُؤَاخِذُ ٱللَّهُ ٱلنَّاسَ بِظُلۡمِهِم مَّا تَرَكَ عَلَيۡهَا مِن دَآبَّةٖ وَلَٰكِن يُؤَخِّرُهُمۡ إِلَىٰٓ أَجَلٖ مُّسَمّٗىۖ فَإِذَا جَآءَ أَجَلُهُمۡ لَا يَسۡتَـٔۡخِرُونَ سَاعَةٗ وَلَا يَسۡتَقۡدِمُونَ ٦١
Если бы Аллах стал наказывать людей за их несправедливость, то не оставил бы на земле ни одного живого существа. Однако Он предоставляет им отсрочку до назначенного срока. Когда же наступит их срок, они не смогут отдалить или приблизить его даже на час.
यदि अल्लाह लोगों को उनके अत्याचार और क़ुफ़्र के कारण दंडित करने लगे, तो धरती पर चलने वाले किसी मनुष्य या जानवर को न छोड़े। लेकिन वह महिमावान उन्हें अपने ज्ञान में निर्दिष्ट एक समय के लिए विलंबित कर देता है। फिर जब उसके ज्ञान में निर्दिष्ट वह समय आ जाता है, तो वे थोड़े समय के लिए भी न पीछे रहते हैं और न आगे बढ़ते हैं।
16:62Страница 273
وَيَجۡعَلُونَ لِلَّهِ مَا يَكۡرَهُونَۚ وَتَصِفُ أَلۡسِنَتُهُمُ ٱلۡكَذِبَ أَنَّ لَهُمُ ٱلۡحُسۡنَىٰۚ لَا جَرَمَ أَنَّ لَهُمُ ٱلنَّارَ وَأَنَّهُم مُّفۡرَطُونَ ٦٢
Они приписывают Аллаху то, что им самим неприятно. Их языки лживо возвещают о том, что им уготовано наилучшее. Несомненно, им уготован Огонь, и они будут покинуты.
वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते हैं, जिन्हें अपने लिए पसंद नहीं करते। और उनकी ज़बानें झूठ बोलती हैं कि यदि वे पुनः जीवित किए भी गए, जैसा कि मुसलमानों का दावा है, तो उनके लिए अल्लाह के पास सबसे अच्छी स्थिति होगी। जबकि सच्चाई यह है कि जहन्नम उन्हीं के लिए है। वे उसमें छोड़ दिए जाएँगे, उससे बाहर कभी नहीं निकलेंगे।
16:63Страница 273
تَٱللَّهِ لَقَدۡ أَرۡسَلۡنَآ إِلَىٰٓ أُمَمٖ مِّن قَبۡلِكَ فَزَيَّنَ لَهُمُ ٱلشَّيۡطَٰنُ أَعۡمَٰلَهُمۡ فَهُوَ وَلِيُّهُمُ ٱلۡيَوۡمَ وَلَهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٞ ٦٣
Клянусь Аллахом, Мы до тебя направляли посланников к народам, но дьявол приукрасил для них их деяния. Сегодня он является их покровителем и помощником, и им уготованы мучительные страдания.
अल्लाह की क़सम! (ऐ रसूल) हमने आपके पहले के समुदायों की ओर भी रसूल भेजे थे। तो शैतान ने उनके शिर्क, कुफ़्र और अवज्ञा जैसे बुरे कार्यों को उनके लिए सुंदर बना दिया। तो वही क़ियामत के दिन उनका तथाकथित सहायक है। इसलिए वे उसी से मदद माँगें। और उनके लिए क़ियामत के दिन दर्दनाक यातना है।
16:64Страница 273
وَمَآ أَنزَلۡنَا عَلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ إِلَّا لِتُبَيِّنَ لَهُمُ ٱلَّذِي ٱخۡتَلَفُواْ فِيهِ وَهُدٗى وَرَحۡمَةٗ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ ٦٤
Мы ниспослали тебе Писание, дабы ты разъяснил им то, в чем они разошлись во мнениях, а также как руководство к прямому пути и милость для верующих людей.
और (ऐ रसूल!) हमने आप पर यह क़ुरआन इसलिए उतारा है, ताकि आप सभी लोगों के लिए एकेश्वरवाद, मरणोपरांत पुनर्जीवन और शरीयत के अहकाम खोल-खोलकर बयान कर दें, जिनमें उन्होंने मतभेद किया है। और इसलिए कि यह क़ुरआन अल्लाह और उसके रसूलों पर तथा क़ुरआन की लाई हुए बातों पर ईमान रखने वालों के लिए मार्गदर्शक और दया बन जाए। क्योंकि वही सत्य से लाभ उठाने वाले हैं।
16:65Страница 274
وَٱللَّهُ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ فَأَحۡيَا بِهِ ٱلۡأَرۡضَ بَعۡدَ مَوۡتِهَآۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗ لِّقَوۡمٖ يَسۡمَعُونَ ٦٥
Аллах ниспослал с неба воду и оживил ею мертвую землю. Воистину, в этом - знамение для людей внимающих.
अल्लाह ने आसमान की ओर से बारिश बरसाई, फिर सूखी बंजर धरती को, उससे पौधे उगाकर पुनर्जीवित किया। निःसंदेह आकाश की ओर से बारिश उतारने और उसके द्वारा पृथ्वी के पौधों को उगाने में, उन लोगों के लिए अल्लाह की शक्ति का एक स्पष्ट संकेत है, जो अल्लाह की वाणी को सुनते और उसपर चिंतन-मनन करते हैं।
16:66Страница 274
وَإِنَّ لَكُمۡ فِي ٱلۡأَنۡعَٰمِ لَعِبۡرَةٗۖ نُّسۡقِيكُم مِّمَّا فِي بُطُونِهِۦ مِنۢ بَيۡنِ فَرۡثٖ وَدَمٖ لَّبَنًا خَالِصٗا سَآئِغٗا لِّلشَّٰرِبِينَ ٦٦
Воистину, в домашней скотине для вас - назидание. Мы поим вас тем, что образуется в их животах между пометом и кровью, - чистым молоком, приятным для пьющих.
और (ऐ लोगो!) तुम्हारे लिए, ऊँटों, गायों और भेड़ों में एक उपदेश है। हम तुम्हें इन जानवरों के थनों से दूध पिलाते हैं, जो उनके पेट में मौजूद मल और उनके शरीर में मौजूद रक्त के बीच से निकलता है। किंतु इसके बावजूद साफ, शुद्ध तथा स्वादिष्ट दूध निकलता है, जो पीने वालों के लिए सुखद होता है।
16:67Страница 274
وَمِن ثَمَرَٰتِ ٱلنَّخِيلِ وَٱلۡأَعۡنَٰبِ تَتَّخِذُونَ مِنۡهُ سَكَرٗا وَرِزۡقًا حَسَنًاۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗ لِّقَوۡمٖ يَعۡقِلُونَ ٦٧
Из плодов финиковых пальм и виноградников вы получаете опьяняющий напиток и добрый удел. Воистину, в этом - знамение для людей размышляющих.
और तुम्हारे लिए, हमारी ओर से प्राप्त होने वाले खजूर और अंगूर जैसे फलों में भी एक उपदेश है। उनसे तुम नशीला पदार्थ बनाते हो, जिससे बुद्धि चली जाती है, और यह अच्छा नहीं है। तथा तुम उनसे अच्छी जीविका भी बनाते हो, जिसका तुम लाभ उठाते हो, जैसे खजूर, किशमिश, सिरका और शीरा। इन सब चीज़ों में उन लोगों के लिए अल्लाह की शक्ति और अनुग्रह का संकेत है, जो बुद्धि से काम लेते हैं, क्योंकि वही लोग उपदेश ग्रहण करते हैं।
16:68Страница 274
وَأَوۡحَىٰ رَبُّكَ إِلَى ٱلنَّحۡلِ أَنِ ٱتَّخِذِي مِنَ ٱلۡجِبَالِ بُيُوتٗا وَمِنَ ٱلشَّجَرِ وَمِمَّا يَعۡرِشُونَ ٦٨
Твой Господь внушил пчеле: «Воздвигай жилища в горах, на деревьях и в строениях.
और (ऐ रसूल!) तेरे पालनहार ने मधुमक्खियों के दिल में यह बात डाल दी और उन्हें निर्देशित किया कि : तुम पर्वतों में अपने लिए घर बनाओ, तथा पेड़ों में और उसमें घर बनाओ, जो लोग निर्माण करते और छत बनाते हैं।
16:69Страница 274
ثُمَّ كُلِي مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ فَٱسۡلُكِي سُبُلَ رَبِّكِ ذُلُلٗاۚ يَخۡرُجُ مِنۢ بُطُونِهَا شَرَابٞ مُّخۡتَلِفٌ أَلۡوَٰنُهُۥ فِيهِ شِفَآءٞ لِّلنَّاسِۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗ لِّقَوۡمٖ يَتَفَكَّرُونَ ٦٩
А потом питайся всевозможными плодами и следуй по путям твоего Господа, которые доступны тебе». Из брюшков пчел исходит питье разных цветов, которое приносит людям исцеление. Воистину, в этом - знамение для людей размышляющих.
फिर उन सभी फलों से खा, जो तू चाहे और उन रास्तों पर चल, जिनपर चलने के लिए तेरे पालनहार ने तुझे प्रेरित किया है। उन मधुमक्खियों के पेट से विभिन्न रंगों का शहद निकलता है। कुछ सफ़ेद, तो कुछ पीला और कुछ किसी और रंग का। इसमें लोगों के लिए शिफ़ा (आरोग्य) है। वे इसके साथ बीमारियों का इलाज करते हैं। निःसंदेह मधुमक्खियों को यह बात सिखाने और उनके पेट से निकलने वाले शहद में, उन लोगों के लिए अल्लाह की शक्ति और उसके अपनी सृष्टि के मामलों के प्रबंधन का प्रमाण है, जो सोच-विचार करते हैं। क्योंकि वही शिक्षा ग्रहण करते हैं।
16:70Страница 274
وَٱللَّهُ خَلَقَكُمۡ ثُمَّ يَتَوَفَّىٰكُمۡۚ وَمِنكُم مَّن يُرَدُّ إِلَىٰٓ أَرۡذَلِ ٱلۡعُمُرِ لِكَيۡ لَا يَعۡلَمَ بَعۡدَ عِلۡمٖ شَيۡـًٔاۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمٞ قَدِيرٞ ٧٠
Аллах сотворил вас, а затем Он умертвит вас. Среди вас есть такие, которые превращаются в дряхлых стариков и забывают все то, что знали. Воистину, Аллах - Знающий, Могущественный.
और अल्लाह ही ने तुम्हें बिना किसी पूर्व नमूने के पैदा किया है। फिर तुम्हारी आयु ख़त्म होने पर तुम्हें मृत्यु देगा। और तुममें से किसी को आयु के सबसे बुरे चरण तक पहुँचा दिया जाता है और वह पुढ़ापा है। फिर वह उसमें से कुछ भी नहीं जानता, जो वह पहले जानता था। अल्लाह सब कुछ जानने वाला है, उससे बंदों का कोई कार्य छिपा नहीं है। वह हर चीज़ में सक्षम है, उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती।
16:71Страница 274
وَٱللَّهُ فَضَّلَ بَعۡضَكُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ فِي ٱلرِّزۡقِۚ فَمَا ٱلَّذِينَ فُضِّلُواْ بِرَآدِّي رِزۡقِهِمۡ عَلَىٰ مَا مَلَكَتۡ أَيۡمَٰنُهُمۡ فَهُمۡ فِيهِ سَوَآءٌۚ أَفَبِنِعۡمَةِ ٱللَّهِ يَجۡحَدُونَ ٧١
Аллах возвысил одних из вас над другими посредством богатства и удела. Но те, которым дарован больший удел, не хотят отдавать его своим рабам, чтобы они не уравнялись с ними. Неужели они отвергают милость Аллаха?
अल्लाह ने तुम्हें जो रोज़ी दी है, उसमें कुछ को दूसरों पर श्रेष्ठता प्रदान की है। इसलिए तुममें से किसी को धनी तो किसी को निर्धन, किसी को राजा तो किसी को प्रजा बनाया है। तो जिन्हें अल्लाह ने रोज़ी के मामले में आगे रखा है, वे अल्लाह के दिए हुए धन को अपने दासों के हवाले करने वाले नहीं हैं ताकि वे राज्य में उनके साथ समान भागीदार हो सकें। तो भला वे कैसे पसंद करते हैं कि अल्लाह के उसके बंदों में से कोई साझी हों, जबकि उन्हें खुद अपने बारे में यह पसंद नहीं कि उनके दासों में से उनके कोई साझी हों जो उनके साथ बराबर हों? भला यह कैसा अन्याय है? और अल्लाह की नेमतों का इससे बड़ा इनकार और क्या हो सकता है?
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وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّنۡ أَنفُسِكُمۡ أَزۡوَٰجٗا وَجَعَلَ لَكُم مِّنۡ أَزۡوَٰجِكُم بَنِينَ وَحَفَدَةٗ وَرَزَقَكُم مِّنَ ٱلطَّيِّبَٰتِۚ أَفَبِٱلۡبَٰطِلِ يُؤۡمِنُونَ وَبِنِعۡمَتِ ٱللَّهِ هُمۡ يَكۡفُرُونَ ٧٢
Аллах сделал для вас супруг из вас самих, даровал вам от них детей, внуков и наделил вас благами. Неужели они веруют в ложь и не веруют в милость Аллаха?
और (ऐ लोगो!) अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारे ही वर्ग से पत्नियाँ बनाईं, जिनसे तुम शांति प्राप्त करते हो, और तुम्हारी पत्नियों से तुम्हारे लिए बेटे और पोते बनाए, और तुम्हें खाने की पवित्र चीज़ें प्रदान कीं (जैसे- मांस, अनाज और फल)। तो क्या वे झूठी मूर्तियों और पत्थरों को मानते हैं, और अल्लाह की उन ढेर सारी नेमतों का इनकार करते हैं, जिन्हें वे गिन भी नहीं सकते, और अल्लाह का शुक्रिया नहीं अदा करते कि केवल उसी पर ईमान लाएँ?
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وَيَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَمۡلِكُ لَهُمۡ رِزۡقٗا مِّنَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ شَيۡـٔٗا وَلَا يَسۡتَطِيعُونَ ٧٣
Они поклоняются помимо Аллаха тому, что не имеет и не может иметь для них удел на небесах и на земле.
और ये बहुदेववादी लोग अल्लाह के अलावा ऐसी मूर्तियों की पूजा करते हैं, जो न उन्हें आकाशों तथा धरती से कुछ भी रोज़ी प्रदान करने का अधिकार रखती हैं और न ही उन्हें इसका अधिकार प्राप्त हो सकता है, क्योंकि वे निर्जीव चीज़ें हैं, जिनके पास जीवन या ज्ञान नहीं है।
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فَلَا تَضۡرِبُواْ لِلَّهِ ٱلۡأَمۡثَالَۚ إِنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ وَأَنتُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ ٧٤
Никого не сравнивайте с Аллахом! Воистину, Аллах знает, а вы не знаете.
अतः (ऐ लोगो!) इन मूर्तियों में से जो लाभ या हानि के मालिक नहीं हैं किसी को अल्लाह के समान न ठहराओ। क्योंकि अल्लाह के समान कोई नहीं है कि उसे तुम इबादत में उसका साझी मानो। अल्लाह अपनी महिमा और पूर्णता के गुणों को जानता है और तुम उसे नहीं जानते। यही कारण है कि तुम बहुदेववाद में पड़ जाते हो और दावा करते हो कि वह तुम्हारी मूर्तियों के समान है।
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۞ ضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلًا عَبۡدٗا مَّمۡلُوكٗا لَّا يَقۡدِرُ عَلَىٰ شَيۡءٖ وَمَن رَّزَقۡنَٰهُ مِنَّا رِزۡقًا حَسَنٗا فَهُوَ يُنفِقُ مِنۡهُ سِرّٗا وَجَهۡرًاۖ هَلۡ يَسۡتَوُۥنَۚ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِۚ بَلۡ أَكۡثَرُهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٧٥
Аллах привел притчу о рабе, который принадлежит другому и ни на что не способен, и человеке, которому Мы даровали прекрасный удел и который расходует его тайно и открыто. Равны ли они? Хвала Аллаху! Но большая часть людей не знает этого.
अल्लाह ने बहुदेववादियों के खंडन के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है : एक पराधीन दास है, जिसे कोई अधिकार प्राप्त नहीं है। उसके पास खर्च करने के लिए कुछ भी नहीं है। और एक आज़ाद व्यक्ति है, जिसे हमने अपने पास से वैध धन प्रदान किया है, जिसमें वह जैसे चाहे, व्यवहार करे। चुनाँचे वह उसमें से गुप्त रूप से और खुले तौर पर जितना चाहता है, खर्च करता है। तो ये दोनों व्यक्ति बराबर नहीं हो सकते। फिर तुम उस अल्लाह को, जो मालिक है, अपने स्वामित्व की चीज़ों में जैसे चाहे व्यवहार करता है, अपनी असहाय मूर्तियों के बराबर कैसे बनाते हो?! सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो प्रशंसा का हक़दार है। परंतु अधिकतर बहुदेववादी इस बात को नहीं जानते कि पूज्यता एकमात्र अल्लाह ही के लिए विशिष्ट है और अकेला वही पूजा किए जाने के योग्य है।
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وَضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلٗا رَّجُلَيۡنِ أَحَدُهُمَآ أَبۡكَمُ لَا يَقۡدِرُ عَلَىٰ شَيۡءٖ وَهُوَ كَلٌّ عَلَىٰ مَوۡلَىٰهُ أَيۡنَمَا يُوَجِّههُّ لَا يَأۡتِ بِخَيۡرٍ هَلۡ يَسۡتَوِي هُوَ وَمَن يَأۡمُرُ بِٱلۡعَدۡلِ وَهُوَ عَلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ ٧٦
Аллах также привел притчу о двух мужах, один из которых - немой, ни на что не способен и обременяет своего господина. Куда бы его ни послали, он не приносит добра. Разве он равен тому, кто отдает справедливые приказы и следует прямым путем?
अल्लाह ने उनके तर्क के खंडन के लिए एक और उदाहरण दिया है, जो दो आदमियों का उदाहरण है : उनमें से एक गूँगा है। जो अपने बहरेपन और गूँगेपन के कारण, न सुनता है, न बोलता है और न समझता है। वह खुद को और दूसरों को लाभ पहुँचाने में अक्षम है, तथा वह अपने अभिभावक पर एक भारी बोझ है। वह उसे जहाँ भी भेजता है, कोई भलाई लेकर नहीं आता और न किसी अपेक्षित चीज़ को प्राप्त करने में सफल होता है। क्या जिसकी यह स्थिति है, उसके बराबर हो सकता है, जो अच्छी तरह सुनने और बोलने वाला है, तथा उसका लाभ दूसरों तक पहुँचने वाला है। क्योंकि वह लोगों को न्याय करने का आदेश देता है, और वह अपने आप में सदाचारी है। अतः वह एक स्पष्ट मार्ग पर है, जिसमें कोई संदेह और टेढ़ापन नहीं है?! तो भला तुम (ऐ बहुदेववादियो!) अल्लाह को, जो महिमा और पूर्णता के गुणों से विशिष्ट है, अपनी उन मूर्तियों के बराबर कैसे बनाते हो, जो न सुन सकती हैं, न बोल सकती हैं और न कोई लाभ पहुँचा सकती हैं और न कोई हानि दूर कर सकती हैं?!
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وَلِلَّهِ غَيۡبُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ وَمَآ أَمۡرُ ٱلسَّاعَةِ إِلَّا كَلَمۡحِ ٱلۡبَصَرِ أَوۡ هُوَ أَقۡرَبُۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ٧٧
Аллаху принадлежит сокровенное на небесах и на земле. Наступление Часа подобно мгновению ока или даже быстрее. Воистину, Аллах способен на всякую вещь!
आकाशों और धरती की छिपी बातों का ज्ञान केवल अल्लाह के पास है। उसका ज्ञान उसी के साथ विशिष्ट है, उसकी किसी सृष्टि को इसका ज्ञान नहीं है। और क़ियामत का मामला, जो उसके साथ विशिष्ट ग़ैब (परोक्ष) की बातों में से है, उसके आने की गति में जब वह उसका इरादा करे, तो वह एक आँख की पलक को बंद करने और खोलने की तरह है, बल्कि वह इससे भी अधिक निकट है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है। उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती। जब वह किसी चीज़ का इरादा करता है, तो उससे कहता है : (हो जा), तो वह हो जाती है।
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وَٱللَّهُ أَخۡرَجَكُم مِّنۢ بُطُونِ أُمَّهَٰتِكُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ شَيۡـٔٗا وَجَعَلَ لَكُمُ ٱلسَّمۡعَ وَٱلۡأَبۡصَٰرَ وَٱلۡأَفۡـِٔدَةَ لَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ ٧٨
Аллах вывел вас из чрева ваших матерей, когда вы ничего не знали. Он наделил вас слухом, зрением и сердцами, - быть может, вы будете благодарны.
और अल्लाह ने तुम्हें (ऐ लोगो!) तुम्हारी माताओं के पेट से, गर्भावस्था के समय के पूरे होने के बाद, शिशु के रूप में निकाला, तुम कुछ नहीं जानते थे, और उसने तुम्हारे लिए कान बनाए ताकि उससे सुन सको, और आँखें बनाईं ताकि उनसे देख सको और हृदय बनाए ताकि उससे समझ सको, इस उम्मीद में कि तुम उसकी नेमतों का शुक्रिया अदा करो।
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أَلَمۡ يَرَوۡاْ إِلَى ٱلطَّيۡرِ مُسَخَّرَٰتٖ فِي جَوِّ ٱلسَّمَآءِ مَا يُمۡسِكُهُنَّ إِلَّا ٱللَّهُۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ ٧٩
Неужели они не видели птиц, покорно летающих в небе? Никто не удерживает их, кроме Аллаха. Воистину, в этом - знамения для людей верующих.
क्या बहुदेववादियों ने पक्षियों को वशीभूत, हवा में उड़ने के लिए तैयार नहीं देखा, कि अल्लाह ने उन्हें पंख प्रदान करके और हवा को हल्की बनाकर तथा उन्हें अपने पंख को फैलाने और समेटने की प्रेरणा देकर कैसे उड़ने के लायक़ बनाया? उन्हें हवा में गिरने से केवल अल्लाह सर्वशक्तिमान ही रोकता है। निश्चय इस वशीकरण और गिरने से थामे रखे में उन लोगों के लिए संकेत हैं, जो अल्लाह पर विश्वास रखते हैं; क्योंकि वही लोग संकेतों और शिक्षाओं से लाभ उठाते हैं।
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وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّنۢ بُيُوتِكُمۡ سَكَنٗا وَجَعَلَ لَكُم مِّن جُلُودِ ٱلۡأَنۡعَٰمِ بُيُوتٗا تَسۡتَخِفُّونَهَا يَوۡمَ ظَعۡنِكُمۡ وَيَوۡمَ إِقَامَتِكُمۡ وَمِنۡ أَصۡوَافِهَا وَأَوۡبَارِهَا وَأَشۡعَارِهَآ أَثَٰثٗا وَمَتَٰعًا إِلَىٰ حِينٖ ٨٠
Аллах сделал для вас дома жилищами. Он также сделал для вас жилища из шкур домашнего скота, которые не обременяют вас, когда вы отправляетесь в путь или делаете привал. Он даровал вам утварь и всякие предметы из шерсти, пуха и волоса, чтобы вы пользовались ими до определенного времени.
अल्लाह ने तुम्हारे पत्थर एवं अन्य चीज़ों के बनाए हुए घरों को तुम्हारे लिए स्थिरता और विश्राम का स्थान बनाया। तथा ऊँट, गाय और बकरी की खालों से तुम्हारे लिए शहरी घरों की तरह रेगिस्तान (दीहात) में तंबू और गुंबद बनाए, जिन्हें तुम्हारे लिए अपने सफ़र के दौरान एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना आसान होता है, और तुम्हारे पड़ाव डालने के समय उन्हें आसानी से लगाया जा सकता है। तथा भेड़ के ऊन, ऊँट के रोएँ और बकरी के बालों से तुम्हारे घरों के सामान, कपड़े और ग़िलाफ़ बनाए, जिनसे तुम एक निर्धारित समय तक लाभ उठाते हो।
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وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّمَّا خَلَقَ ظِلَٰلٗا وَجَعَلَ لَكُم مِّنَ ٱلۡجِبَالِ أَكۡنَٰنٗا وَجَعَلَ لَكُمۡ سَرَٰبِيلَ تَقِيكُمُ ٱلۡحَرَّ وَسَرَٰبِيلَ تَقِيكُم بَأۡسَكُمۡۚ كَذَٰلِكَ يُتِمُّ نِعۡمَتَهُۥ عَلَيۡكُمۡ لَعَلَّكُمۡ تُسۡلِمُونَ ٨١
Аллах даровал вам тень от того, что Он сотворил. Он устроил для вас убежища в горах, сотворил для вас одеяния, которые оберегают вас от жары, и доспехи, которые защищают вас от причиняемого вами вреда. Так Он доводит до конца Свою милость к вам, - быть может, вы станете мусульманами.
और अल्लाह ने तुम्हें गर्मी से छाया प्रदान करने के लिए पेड़ों और मकानों की छाया बनाई, और तुम्हारे लिए पहाड़ों में माँद, खोह और गुफाएँ बनाईं, जहाँ तुम ठंड, गर्मी और दुश्मन से बचते हो और तुम्हें सूती तथा अन्य वस्तुओं के कपड़े प्रदान किए, जो तुम्हें गर्मी और ठंड से बचाते हैं, और तुम्हें कवच प्रदान किए, जो युद्ध में दुश्मन की वार से बचाते हैं, जिसके कारण हथियार तुम्हारे शरीर में प्रवेश नहीं करता। जिस तरह अल्लाह ने तुम्हें पिछली नेमतें प्रदान की हैं, उसी तरह वह तुम पर अपनी नेमतें पूरी करता है, इस आशा में एक अल्लाह के आज्ञाकारी बन जाओ और किसी को उसका साझी न बनाओ।
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فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَإِنَّمَا عَلَيۡكَ ٱلۡبَلَٰغُ ٱلۡمُبِينُ ٨٢
Если же они отвернутся, то ведь на тебя возложена только ясная передача откровения.
फिर यदि वे (ऐ रसूल!) आपके लाए हुए धर्म को मानने और उसकी पुष्टि करने से मुँह मोड़ें, तो आपका कार्य केवल उसे स्पष्ट रूप से पहुँचा देना है, जिसके पहुँचाने का आपको आदेश दिया गया है। आपका काम उन्हें हिदायत स्वीकारने पर मजबूर करना नहीं है।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии