Аль-МухтасарАль‑Исра · 17:1–42

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

الإسراء

Аль-Исра

Ночной перенос · Мекканская · 111 аятов

17:1Страница 282

سُبۡحَٰنَ ٱلَّذِيٓ أَسۡرَىٰ بِعَبۡدِهِۦ لَيۡلٗا مِّنَ ٱلۡمَسۡجِدِ ٱلۡحَرَامِ إِلَى ٱلۡمَسۡجِدِ ٱلۡأَقۡصَا ٱلَّذِي بَٰرَكۡنَا حَوۡلَهُۥ لِنُرِيَهُۥ مِنۡ ءَايَٰتِنَآۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡبَصِيرُ ١

Пречист Тот, Кто перенес ночью Своего раба, чтобы показать ему некоторые из Наших знамений, из Заповедной мечети в мечеть аль-Акса, окрестностям которой Мы даровали благословение. Воистину, Он - Слышащий, Видящий.

महिमावान अल्लाह पवित्र एवं महान है, क्योंकि वह ऐसी चीज़ पर क्षमता रखता है, जो उसके सिवा कोई नहीं कर सकता। वही अपने बंदे मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को रात के एक भाग में, शरीर एवं आत्मा के साथ, जागने की हालत में, मस्जिदे-हराम से बैतुल-मक़्दिस की मस्जिद तक ले गया, जिसके चारों ओर हमने फलों और फसलों के द्वारा तथा नबियों के घरों के रूप में बरकतें रखी हैं। ताकि वह महिमावान अल्लाह की शक्ति को इंगित करने वाली हमारी कुछ निशानियों का अवलोकन करें। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला है, इसलिए कोई भी सुनी जाने वाली चीज़ उससे छिपी नहीं रहती, तथा सब कुछ देखने वाला है, अतः कोई भी देखी जाने वाली चीज़ उससे ओझल नहीं हो सकती।

17:2Страница 282

وَءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ وَجَعَلۡنَٰهُ هُدٗى لِّبَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ أَلَّا تَتَّخِذُواْ مِن دُونِي وَكِيلٗا ٢

Мы даровали Мусе (Моисею) Писание и сделали его верным руководством для сынов Исраила (Израиля): «Не берите в покровители никого, кроме Меня!

और हमने मूसा अलैहिस्सलाम को तौरात प्रदान की और उसे बनी इसराईल के लिए मार्गदर्शक व पथप्रदर्शक बना दिया। तथा हमने बनी इसराईल से कहा : मेरे सिवा किसी और को कार्यसाधक न बनाओ, जिसे तुम अपने मामले सौंप दो। बल्कि केवल मेरे ऊपर भरोसा रखो।

17:3Страница 282

ذُرِّيَّةَ مَنۡ حَمَلۡنَا مَعَ نُوحٍۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَبۡدٗا شَكُورٗا ٣

О потомки тех, кого Мы перенесли вместе с Нухом (Ноем)! Воистину, он был благодарным рабом».

तुम उन लोगों की संतान हो, जिन्हें हमने नूह अलैहिस्सलाम के साथ पानी के तूफान में डूबने से बचाया था। अतः तुम इस नेमत को याद रखो और अकेले अल्लाह की इबादत और उसका आज्ञापालन करके, उसका शुक्रिया अदा करो। तथा इस संबंध में नूह अलैहिस्सलाम का अनुसरण करो, क्योंकि वह अल्लाह तआला का बहुत ज़्यादा शुक्रिया अदा करने वाले थे।

17:4Страница 282

وَقَضَيۡنَآ إِلَىٰ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ فِي ٱلۡكِتَٰبِ لَتُفۡسِدُنَّ فِي ٱلۡأَرۡضِ مَرَّتَيۡنِ وَلَتَعۡلُنَّ عُلُوّٗا كَبِيرٗا ٤

Мы предопределили сынам Исраила (Израиля) в Писании: «Вы дважды будете бесчинствовать на земле и будете чрезмерно высокомерными».

और हमने बनी इसराईल को तौरात में बता दिया था कि वे अनिवार्य रूप से पाप एवं घमंड के ज़रिए दो बार धरती में उत्पात मचाएँगे तथा अत्याचार और अतिक्रमण के साथ लोगों पर अपनी उच्चता सिद्ध करने का प्रयास करेंगे और इसमें सीमा को पार कर जाएँगे।

17:5Страница 282

فَإِذَا جَآءَ وَعۡدُ أُولَىٰهُمَا بَعَثۡنَا عَلَيۡكُمۡ عِبَادٗا لَّنَآ أُوْلِي بَأۡسٖ شَدِيدٖ فَجَاسُواْ خِلَٰلَ ٱلدِّيَارِۚ وَكَانَ وَعۡدٗا مَّفۡعُولٗا ٥

Когда настала пора первого из двух бесчинств, Мы наслали на вас Наших могущественных рабов, которые прошлись по землям. Так обещание было исполнено.

फिर जब उन्होंने प्रथम बार उत्पात मचाया, तो हमने उनपर अपने ऐसे बंदों को हावी कर दिया, जो बड़े शक्तिशाली एवं पकड़ वाले थे। वे उन्हें मारते और घरों से निकालते थे। चुनाँचे वे उनके घरों में घुस गए और जहाँ से गुज़रे, विनाश करते चले गए। और अल्लाह का यह वादा निश्चित रूप से पूरा होने वाला था।

17:6Страница 282

ثُمَّ رَدَدۡنَا لَكُمُ ٱلۡكَرَّةَ عَلَيۡهِمۡ وَأَمۡدَدۡنَٰكُم بِأَمۡوَٰلٖ وَبَنِينَ وَجَعَلۡنَٰكُمۡ أَكۡثَرَ نَفِيرًا ٦

Затем Мы вновь даровали вам победу над ними. Мы поддержали вас богатством и сыновьями и сделали вас более многочисленными.

फिर जब तुमने अल्लाह से तौबा कर ली, तो हमने (ऐ बनी इसराईल) तुम्हें पुनः राज्य और उन लोगों पर आधिपत्य प्रदान किया, जो तुम्हारे ऊपर हावी कर दिए गए थे। और हमने तुम्हें धन छिनने के बाद धन और संतान के बंदी बना लिए जाने के बाद संतान प्रदान की और तुम्हें तुम्हारे शत्रुओं से अधिक संख्याबल प्रदान किया।

17:7Страница 282

إِنۡ أَحۡسَنتُمۡ أَحۡسَنتُمۡ لِأَنفُسِكُمۡۖ وَإِنۡ أَسَأۡتُمۡ فَلَهَاۚ فَإِذَا جَآءَ وَعۡدُ ٱلۡأٓخِرَةِ لِيَسُـُٔواْ وُجُوهَكُمۡ وَلِيَدۡخُلُواْ ٱلۡمَسۡجِدَ كَمَا دَخَلُوهُ أَوَّلَ مَرَّةٖ وَلِيُتَبِّرُواْ مَا عَلَوۡاْ تَتۡبِيرًا ٧

Мы сказали: «Если вы творите добро, то поступаете во благо себе. А если вы вершите зло, то поступаете во вред себе». Когда же наступил срок последнего обещания, Мы позволили вашим врагам опечалить ваши лица, войти в Иерусалимскую мечеть подобно тому, как они вошли туда в первый раз, и до основания разрушить все, что попадало им в руки.

ऐ बनी इसराईल! यदि तुमने अच्छे कर्म किए और उन्हें वांछित तरीके से किया, तो उसका प्रतिफल तुम्हें ही मिलने वाला है। क्योंकि अल्लाह तुम्हारे कर्मों से बेनियाज़ है। और यदि तुमने बुरे कर्म किए, तो उसका दुष्परिणाम तुम्हें ही भुगतना पड़ेगा। क्योंकि अल्लाह को, न तो तुम्हारे सुकर्मों से कोई लाभ पहुँचता है और न तुम्हारे कुकर्मों से उसे कोई हानि पहुँचती है। फिर जब दूसरा उपद्रव हुआ, तो हमने तुमपर तुम्हारे शत्रुओं को हावी कर दिया, ताकि वे तुम्हें अपमानित करें और तुम्हें अनेक प्रकार के तिरस्कार व अपमान का स्वाद चखाएँ कि उत्पीड़न तुम्हारे चेहरों पर प्रत्यक्ष हो। और ताकि वे बैतुल मक़्दिस में प्रवेश करें और उसे विनष्ट कर दें, जैसा कि उन्होंने उसमें प्रथम बार प्रवेश किया था और उसे विनष्ट किया था। तथा वे जिन शहरों पर हावी हो सकें, उन्हें पूर्ण रूप से ध्वस्त कर दें।

17:8Страница 283

عَسَىٰ رَبُّكُمۡ أَن يَرۡحَمَكُمۡۚ وَإِنۡ عُدتُّمۡ عُدۡنَاۚ وَجَعَلۡنَا جَهَنَّمَ لِلۡكَٰفِرِينَ حَصِيرًا ٨

Быть может, ваш Господь помилует вас. Но если вы вернетесь к бесчинству, то Мы также вернемся к наказанию. Мы сделали Геенну местом заточения для неверующих.

ऐ बनी इसराईल! यदि तुम तौबा करो और अच्छे कार्य करो, तो संभव है कि तुम्हारा पालनहार इस कठोर प्रतिशोध के बाद भी तुमपर दया करे। और अगर तुमने तीसरी बार या उसके बाद भी उत्पात मचाया, तो हम भी तुमसे प्रतिशोध लेने के लिए लौट आएँगे, तथा हमने जहन्नम को अल्लाह का इनकार करने वालों का बिस्तर और बिछौना (ठिकाना) बना दिया है, जिससे वे छुटकारा नहीं पा सकते।

17:9Страница 283

إِنَّ هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانَ يَهۡدِي لِلَّتِي هِيَ أَقۡوَمُ وَيُبَشِّرُ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٱلَّذِينَ يَعۡمَلُونَ ٱلصَّٰلِحَٰتِ أَنَّ لَهُمۡ أَجۡرٗا كَبِيرٗا ٩

Воистину, этот Коран указывает на самый правильный путь и возвещает верующим, которые совершают праведные деяния, благую весть о том, что им уготована великая награда.

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतरने वाला यह क़ुरआन सबसे अच्छा रास्ता बताता है और वह इस्लाम का रास्ता है। तथा अच्छे कर्म करने वाले मोमिनों को उस चीज़ की सूचना देता है जो उन्हें प्रसन्न कर देती है और वह यह है कि उनके लिए अल्लाह की ओर से बहुत बड़ा प्रतिफल है।

17:10Страница 283

وَأَنَّ ٱلَّذِينَ لَا يُؤۡمِنُونَ بِٱلۡأٓخِرَةِ أَعۡتَدۡنَا لَهُمۡ عَذَابًا أَلِيمٗا ١٠

А тем, которые не веруют в Последнюю жизнь, Мы приготовили мучительные страдания.

तथा क़ियामत पर ईमान न रखने वालों को उस चीज़ की सूचना देता है, जो उन्हें बुरी लगती है और वह यह है कि हमने उनके लिए क़ियामत के दिन दर्दनाक यातना तैयार कर रखी है।

17:11Страница 283

وَيَدۡعُ ٱلۡإِنسَٰنُ بِٱلشَّرِّ دُعَآءَهُۥ بِٱلۡخَيۡرِۖ وَكَانَ ٱلۡإِنسَٰنُ عَجُولٗا ١١

Человек молит о зле подобно тому, как он молит о добре. Воистину, человек тороплив.

तथा इनसान, अपनी अज्ञानता के कारण, क्रोध में आकर अपने आप पर तथा अपनी संतान और धन पर बद्दुआ (बुरी चीज़ों की दुआ) करने लगता है, जिस तरह कि वह अपने लिए भलाई की दुआ करता है। यदि हम उसकी बुराई की दुआ क़बूल कर लें, तो वह बर्बाद हो जाए और उसका धन एवं संतान नष्ट हो जाएँ। और मनुष्य जन्मजात जल्दबाज़ प्रकृति का है। इसलिए कभी-कभी वह उस चीज़ के लिए जल्दी करने लगता है, जो उसके लिए हानिकारक होती है।

17:12Страница 283

وَجَعَلۡنَا ٱلَّيۡلَ وَٱلنَّهَارَ ءَايَتَيۡنِۖ فَمَحَوۡنَآ ءَايَةَ ٱلَّيۡلِ وَجَعَلۡنَآ ءَايَةَ ٱلنَّهَارِ مُبۡصِرَةٗ لِّتَبۡتَغُواْ فَضۡلٗا مِّن رَّبِّكُمۡ وَلِتَعۡلَمُواْ عَدَدَ ٱلسِّنِينَ وَٱلۡحِسَابَۚ وَكُلَّ شَيۡءٖ فَصَّلۡنَٰهُ تَفۡصِيلٗا ١٢

Мы сделали ночь и день двумя знамениями. Мы погрузили во мрак знамение ночи, а знамение дня сделали светящимся, чтобы вы стремились к милости вашего Господа, могли вести летоисчисление и знали счет. Всякой вещи Мы дали исчерпывающее разъяснение.

हमने रात और दिन को अल्लाह के एकेश्वरवाद और उसकी शक्ति को दर्शाने वाली दो निशानियाँ बनाई हैं। क्योंकि वे दोनों लंबाई एवं लघुता तथा गर्मी और ठंढक में भिन्न होते हैं। अतः हमने रात को आराम करने और सोने के लिए अंधकारमय कर दिया, तथा दिन को प्रकाशमान बनाया, ताकि तुम अल्लाह की उस रोज़ी को ढूंढ़ सको, जो उसने अपने अनुग्रह से तुम्हारे लिए नियत की है, और ताकि तुम उनके आने-जाने से वर्षों की गिनती जान सको, तथा महीनों, दिनों और घंटों के समय की गणना के संदर्भ में तुम्हारी आवश्यकता पूरी हो सके। और हमने प्रत्येक वस्तु को स्पष्ट रूप से बयान कर दिया है ताकि चीज़ों की अलग-अलग पहचान हो सके और सत्यनिष्ठ, झूठे से स्पष्ट हो जाए।

17:13Страница 283

وَكُلَّ إِنسَٰنٍ أَلۡزَمۡنَٰهُ طَٰٓئِرَهُۥ فِي عُنُقِهِۦۖ وَنُخۡرِجُ لَهُۥ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ كِتَٰبٗا يَلۡقَىٰهُ مَنشُورًا ١٣

Каждому человеку Мы повесили на шею его деяния (сделали их неразлучными с ним). А в День воскресения Мы представим ему книгу, которую он увидит развернутой.

और हमने हर इनसान के कर्म को उससे ऐसे ही संबद्ध कर दिया है, जैसे हार गले से लगा रहता है। जब तक उसका हिसाब नहीं हो जाता, तब तक वह (कर्म) उससे अलग नहीं होगा। तथा क़ियामत के दिन हम उसके लिए एक पुस्तक निकालेंगे जिसमें उसके सारे अच्छे और बुरे कार्य दर्ज होंगे। वह उसे अपने सामने खुली हुई पाएगा।

17:14Страница 283

ٱقۡرَأۡ كِتَٰبَكَ كَفَىٰ بِنَفۡسِكَ ٱلۡيَوۡمَ عَلَيۡكَ حَسِيبٗا ١٤

Читай свою книгу! Сегодня достаточно того, что ты сам сосчитаешь свои деяния против самого себя.

हम उस दिन उससे कहेंगे : - ऐ इनसान! - तू अपनी किताब पढ़ और अपने कर्मों का अपना हिसाब स्वयं कर। क़ियामत के दिन तू अपना हिसाब करने के लिए खुद काफी है।

17:15Страница 283

مَّنِ ٱهۡتَدَىٰ فَإِنَّمَا يَهۡتَدِي لِنَفۡسِهِۦۖ وَمَن ضَلَّ فَإِنَّمَا يَضِلُّ عَلَيۡهَاۚ وَلَا تَزِرُ وَازِرَةٞ وِزۡرَ أُخۡرَىٰۗ وَمَا كُنَّا مُعَذِّبِينَ حَتَّىٰ نَبۡعَثَ رَسُولٗا ١٥

Кто следует прямым путем, тот поступает во благо себе. А кто впадает в заблуждение, тот поступает во вред себе. Ни одна душа не понесет чужого бремени. Мы никогда не наказывали людей, не отправив к ним посланника.

जिसे ईमान की ओर मार्गदर्शन प्राप्त हो गया, तो उसके मार्गदर्शन का प्रतिफल उसी के लिए है। और जो ईमान के मार्ग से भटक गया, तो उसके गुमराह होने की सज़ा उसे ही मिलेगी। तथा कोई प्राणी दूसरे प्राणी के पाप का बोझ नहीं उठाएगा। और हम किसी समुदाय को उस समय तक यातना नहीं देते, जब तक कि हम उनकी ओर रसूल भेजकर उनपर तर्क स्थापित न कर दें।

17:16Страница 283

وَإِذَآ أَرَدۡنَآ أَن نُّهۡلِكَ قَرۡيَةً أَمَرۡنَا مُتۡرَفِيهَا فَفَسَقُواْ فِيهَا فَحَقَّ عَلَيۡهَا ٱلۡقَوۡلُ فَدَمَّرۡنَٰهَا تَدۡمِيرٗا ١٦

Когда Мы хотели погубить какое-либо селение, то повелевали его изнеженным роскошью жителям покориться Аллаху. Когда же они предавались нечестию, то относительно него сбывалось Слово, и Мы уничтожали его полностью.

और जब हम किसी बस्ती को उसके अत्याचार के कारण विनष्ट करना चाहते हैं, तो उन लोगों को आज्ञाकारिता का आदेश देते हैं, जिन्हें नेमतों ने सरकश व अभिमानी बना दिया होता है, तो वे बात नहीं मानते। बल्कि अवहेलना और अवज्ञा का रवैया अपनाते हैं। फिर उनपर विनाशकारी यातना की बात सिद्ध हो जाती है, तो हम उन्हें समूल विनष्ट कर देते हैं।

17:17Страница 283

وَكَمۡ أَهۡلَكۡنَا مِنَ ٱلۡقُرُونِ مِنۢ بَعۡدِ نُوحٖۗ وَكَفَىٰ بِرَبِّكَ بِذُنُوبِ عِبَادِهِۦ خَبِيرَۢا بَصِيرٗا ١٧

Сколько же поколений мы погубили после Нуха (Ноя)! Достаточно того, что Аллах знает и видит грехи Своих рабов.

और कितने ही झुठलाने वाले समुदाय हैं, जिन्हें हमने नूह़ अलैहिस्सलाम के बाद विनष्ट कर दिया, जैसे आद और समूद। और - ऐ रसूल! - आपका पालनहार अपने बंदों के पापों की खबर रखने और देखने के लिए काफी है। उससे इनमें से कोई भी चीज़ छिपी नहीं है और वह उन्हें उनका बदला देगा।

17:18Страница 284

مَّن كَانَ يُرِيدُ ٱلۡعَاجِلَةَ عَجَّلۡنَا لَهُۥ فِيهَا مَا نَشَآءُ لِمَن نُّرِيدُ ثُمَّ جَعَلۡنَا لَهُۥ جَهَنَّمَ يَصۡلَىٰهَا مَذۡمُومٗا مَّدۡحُورٗا ١٨

Если кто возжелает преходящей жизни, то Мы тотчас одарим тем, что пожелаем, того, кого пожелаем. А потом Мы предоставим ему Геенну, где он будет гореть презренным и отверженным.

जो व्यक्ति नेकी के कामों से सांसारिक जीवन का इरादा रखता है, और आख़िरत पर ईमान नहीं रखता और न ही उसकी कोई परवाह करता है, तो हम उसे दुनिया में वह चीज़ जल्द प्रदान कर देते हैं जो हम चाहते हैं, न कि जो नेमतें वह चाहता है, जिसके साथ हम ऐसा करना चाहते हैं। फिर हमने उसके लिए जहन्नम तैयार कर रखी है, जिसमें वह क़ियामत के दिन प्रवेश करके उसकी गर्मी को सहन करेगा, वह दुनिया को अपनी पसंद बनाने और आखिरत का इनकार करने पर निंदित होगा और अल्लाह की दया से निष्कासित कर दिया गया होगा।

17:19Страница 284

وَمَنۡ أَرَادَ ٱلۡأٓخِرَةَ وَسَعَىٰ لَهَا سَعۡيَهَا وَهُوَ مُؤۡمِنٞ فَأُوْلَٰٓئِكَ كَانَ سَعۡيُهُم مَّشۡكُورٗا ١٩

А если кто возлюбит Последнюю жизнь и устремится к ней надлежащим образом, будучи верующим, то его старания будут отблагодарены.

और जिस व्यक्ति ने अपने नेक कर्मों से आखिरत के प्रतिफल का इरादा किया और उसके लिए दिखावा और प्रसिद्धि से दूर रहकर प्रयास किया, जबकि वह उन चीज़ों पर ईमान रखने वाला हो, जिनपर ईमान लाना अल्लाह ने अनिवार्य किया है, तो यही इन गुणों से सुसज्जित लोग ही हैं जिनका प्रयास अल्लाह के निकट स्वीकृत होगा और वह उन्हें उसका बदला देगा।

17:20Страница 284

كُلّٗا نُّمِدُّ هَٰٓؤُلَآءِ وَهَٰٓؤُلَآءِ مِنۡ عَطَآءِ رَبِّكَۚ وَمَا كَانَ عَطَآءُ رَبِّكَ مَحۡظُورًا ٢٠

Каждого из тех и других Мы наделяем дарами твоего Господа, и дары Его не являются запрещенными.

हम - ऐ रसूल - आपके पालनहार के अनुदान से बिना किसी रुकावट के इन दोनों पक्षों में से प्रत्येक नेक और दुष्ट को प्रदान करते रहते हैं। और इस दुनिया में आपके पालनहार का अनुदान किसी से रोका नहीं गया है, चाहे वह नेक हो या बुरा।

17:21Страница 284

ٱنظُرۡ كَيۡفَ فَضَّلۡنَا بَعۡضَهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖۚ وَلَلۡأٓخِرَةُ أَكۡبَرُ دَرَجَٰتٖ وَأَكۡبَرُ تَفۡضِيلٗا ٢١

Посмотри, как одним из них Мы отдали предпочтение перед другими. Но Последняя жизнь, несомненно, выше по достоинству и преимуществу.

(ऐ रसूल) आप विचार करें कि हमने इस दुनिया में जीविका और पद (दर्जे) के मामले में उनमें से कुछ को दूसरों पर किस प्रकार श्रेष्ठता प्रदान की है। और निश्चित रूप से आख़िरत, सांसारिक जीवन की तुलना में, नेमतों के दर्जों में बहुत अधिक अंतर वाली और श्रेष्ठता के एतिबार से बहुत बढ़कर है। अतः मोमिन को उसके लिए उत्सुक होना चाहिए।

17:22Страница 284

لَّا تَجۡعَلۡ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ فَتَقۡعُدَ مَذۡمُومٗا مَّخۡذُولٗا ٢٢

Не поклоняйся наряду с Аллахом никакому другому богу, а не то сядешь униженным и покинутым.

(ऐ बंदे) अल्लाह के साथ कोई अन्य पूज्य बनाकर उसकी पूजा मत कर। यदि ऐसा किया, तो तू अल्लाह के निकट निंदित हो जाएगा, उसके सदाचारी बंदों के निकट तेरी प्रशंसा नहीं की जाएगी, तथा उसकी ओर से उपेक्षित होगा, तेरा कोई मददगार नहीं होगा।

17:23Страница 284

۞ وَقَضَىٰ رَبُّكَ أَلَّا تَعۡبُدُوٓاْ إِلَّآ إِيَّاهُ وَبِٱلۡوَٰلِدَيۡنِ إِحۡسَٰنًاۚ إِمَّا يَبۡلُغَنَّ عِندَكَ ٱلۡكِبَرَ أَحَدُهُمَآ أَوۡ كِلَاهُمَا فَلَا تَقُل لَّهُمَآ أُفّٖ وَلَا تَنۡهَرۡهُمَا وَقُل لَّهُمَا قَوۡلٗا كَرِيمٗا ٢٣

Твой Господь предписал вам не поклоняться никому, кроме Него, и делать добро родителям. Если один из родителей или оба достигнут старости, то не говори им: «Тьфу!». - не кричи на них и обращайся к ним почтительно.

(ऐ बंदे) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है और अनिवार्य कर दिया है कि उसके सिवा किसी और की उपासना न की जाए। तथा उसने माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करने का आदेश दिया है, विशेष रूप से उनके वृद्धावस्था में पहुँचने पर। यदि माता-पिता में से कोई एक अथवा दोनों बुढ़ापे को पहुँच जाएँ, तो उनसे उकताकर 'उफ़' तक न कहो, न उन्हें झिड़को और न उन्हें कठोर बात कहो। बल्कि उनसे ऐसी बात कहो जिसमें नरमी और दयालुता हो।

17:24Страница 284

وَٱخۡفِضۡ لَهُمَا جَنَاحَ ٱلذُّلِّ مِنَ ٱلرَّحۡمَةِ وَقُل رَّبِّ ٱرۡحَمۡهُمَا كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرٗا ٢٤

Склони пред ними крыло смирения по милосердию своему и говори: «Господи! Помилуй их, ведь они растили меня ребенком».

और उनके प्रति दया-भाव और विनति के साथ विनम्रता अपनाओ और (दुआ करते हुए) कहो : ऐ मेरे पालनहार! तू उन दोनों पर दया कर, क्योंकि उन्होंने बचपन में मेरा पालन-पोषण किया है।

17:25Страница 284

رَّبُّكُمۡ أَعۡلَمُ بِمَا فِي نُفُوسِكُمۡۚ إِن تَكُونُواْ صَٰلِحِينَ فَإِنَّهُۥ كَانَ لِلۡأَوَّٰبِينَ غَفُورٗا ٢٥

Ваш Господь лучше всех знает то, что в ваших душах. И если вы будете праведниками, то ведь Он прощает тех, кто обращается к Нему с раскаянием.

(ऐ लोगो) तुम्हारे दिलों में इबादत और भलाई के कार्यों तथा माता-पिता के साथ सद्व्यवहार के प्रति जो निष्ठा (इख़्लास) है, तुम्हारा पालनहार उसे खूब जानता है। यदि तुम्हारी इबादत और अपने माता-पिता के साथ तुम्हारे व्यवहार आदि में तुम्हारे इरादे नेक हैं, तो अल्लाह उन लोगों को क्षमा करने वाला है, जो तौबा करके उसकी ओर पलटने वाले हैं। अतः जो व्यक्ति अल्लाह की इबादत या अपने माता-पिता की सेवा में अपनी पिछली कोताही से तौबा कर ले, तो अल्लाह उसे क्षमा कर देता है।

17:26Страница 284

وَءَاتِ ذَا ٱلۡقُرۡبَىٰ حَقَّهُۥ وَٱلۡمِسۡكِينَ وَٱبۡنَ ٱلسَّبِيلِ وَلَا تُبَذِّرۡ تَبۡذِيرًا ٢٦

Отдавай должное родственнику, бедняку и путнику, но не расточай чрезмерно.

(ऐ ईमान वाले) रिश्तेदार को उसकी रिश्तेदारी का हक़ दे। तथा ज़रूरतमंद निर्धन को दे और ऐसे ही उस यात्री को दे, जो अपनी यात्रा में फँस गया है। और अपना धन पाप में, या फालतू में खर्च न कर।

17:27Страница 284

إِنَّ ٱلۡمُبَذِّرِينَ كَانُوٓاْ إِخۡوَٰنَ ٱلشَّيَٰطِينِۖ وَكَانَ ٱلشَّيۡطَٰنُ لِرَبِّهِۦ كَفُورٗا ٢٧

Воистину, расточители - братья дьяволов, а ведь дьявол неблагодарен своему Господу.

निश्चित रूप से अपना धन गुनाह के कामों में खर्च करने वाले तथा खर्च करने में अपव्ययता से काम लेने वाले, शैतान के भाई हैं, जो अपव्यय और फिज़ूलखर्ची करने में उनके आदेशों का पालन करते हैं। और शैतान अपने पालनहार का बहुत नाशुक्रा है। वह केवल वही काम करता है, जिसमें पाप हो तथा वह उसी चीज़ का आदेश देता है, जिससे उसका पालनहार क्रोधित हो।

17:28Страница 285

وَإِمَّا تُعۡرِضَنَّ عَنۡهُمُ ٱبۡتِغَآءَ رَحۡمَةٖ مِّن رَّبِّكَ تَرۡجُوهَا فَقُل لَّهُمۡ قَوۡلٗا مَّيۡسُورٗا ٢٨

Если ты отворачиваешься от них (если у тебя нет средств на пожертвования, и ты отказываешь тем, кто имеет на них право), желая обрести милость Аллаха, на которую ты надеешься, то говори с ними любезно.

और यदि तुम इन लोगों को कुछ न दे सको; क्योंकि अल्लाह की ओर से जीविका प्रदान किए जाने की प्रतीक्षा करते हुए उन्हें देने के लिए कुछ भी नहीं है, तो तुम उनसे नरम और आसान बात कहो। उदाहरण के लिए तुम उनके लिए जीविका के विस्तार की दुआ करो, या अल्लाह की ओर से धन प्राप्त होने पर उन्हें देने का वादा करो।

17:29Страница 285

وَلَا تَجۡعَلۡ يَدَكَ مَغۡلُولَةً إِلَىٰ عُنُقِكَ وَلَا تَبۡسُطۡهَا كُلَّ ٱلۡبَسۡطِ فَتَقۡعُدَ مَلُومٗا مَّحۡسُورًا ٢٩

Не позволяй своей руке быть прикованной к шее, и не раскрывай ее во всю длину (не будь скуп и расточителен), а не то сядешь порицаемым и опечаленным.

अपने हाथ को खर्च करने से मत रोको और न ही खर्च करने में अपव्ययता से काम लो। क्योंकि अगर तुमने अपने हाथ को खर्च करने से रोक लिया, तो तुम निंदित हो जाओगे, तुम्हारी कंजूसी पर लोग तुम्हारी निंदा करेंगे। तथा तुम अपने अपव्यय के कारण खर्च करने से रुक जाओगे, तुम्हारे पास खर्च करने के लिए कुछ न रहेगा।

17:30Страница 285

إِنَّ رَبَّكَ يَبۡسُطُ ٱلرِّزۡقَ لِمَن يَشَآءُ وَيَقۡدِرُۚ إِنَّهُۥ كَانَ بِعِبَادِهِۦ خَبِيرَۢا بَصِيرٗا ٣٠

Воистину, твой Господь увеличивает или ограничивает удел тому, кому пожелает. Он видит и знает Своих рабов.

निश्चय ही आपका पालनहार जिसके लिए चाहता है, रोज़ी विस्तृत कर देता है, और जिसके लिए चाहता है अपनी व्यापक हिकमत से रोज़ी तंग कर देता है। निःसंदेह वह अपने बंदों की पूरी ख़बर रखने वाला, खूब देखने वाला है, उनकी कोई भी चीज़ उससे छिपी नहीं है। इसलिए वह उनके बारे में जैसा चाहता है, निर्णय करता है।

17:31Страница 285

وَلَا تَقۡتُلُوٓاْ أَوۡلَٰدَكُمۡ خَشۡيَةَ إِمۡلَٰقٖۖ نَّحۡنُ نَرۡزُقُهُمۡ وَإِيَّاكُمۡۚ إِنَّ قَتۡلَهُمۡ كَانَ خِطۡـٔٗا كَبِيرٗا ٣١

Не убивайте своих детей, опасаясь нищеты, ведь Мы обеспечиваем пропитанием их вместе с вами. Воистину, убивать детей - тяжкий грех.

तथा इस डर से अपने बच्चों की हत्या न करो कि भविष्य में उन पर खर्च करने के कारण तुम ग़रीब हो जाओगे। उन्हें रोज़ी देने की ज़िम्मेदारी हमारी है, तथा तुम्हें भी रोज़ी देने के ज़िम्मेदार हम ही हैं। निःसंदेह उनकी हत्या करना एक बड़ा पाप है। क्योंकि उन्होंने कोई पाप नहीं किया है और न ही कोई ऐसा कारण है जो उनकी हत्या को वैध ठहराता हो।

17:32Страница 285

وَلَا تَقۡرَبُواْ ٱلزِّنَىٰٓۖ إِنَّهُۥ كَانَ فَٰحِشَةٗ وَسَآءَ سَبِيلٗا ٣٢

Не приближайтесь к прелюбодеянию, ибо оно является мерзостью и скверным путем.

व्यभिचार से सावधान रहो तथा उसके लिए प्रोत्साहित करने वाली चीज़ों से बचो। यह अत्यंत घृणित (घिनावना) काम है और बहुत बुरा रास्ता है, क्योंकि यह नसब (वंश) के मिश्रण और अल्लाह के अज़ाब का कारण बनता है।

17:33Страница 285

وَلَا تَقۡتُلُواْ ٱلنَّفۡسَ ٱلَّتِي حَرَّمَ ٱللَّهُ إِلَّا بِٱلۡحَقِّۗ وَمَن قُتِلَ مَظۡلُومٗا فَقَدۡ جَعَلۡنَا لِوَلِيِّهِۦ سُلۡطَٰنٗا فَلَا يُسۡرِف فِّي ٱلۡقَتۡلِۖ إِنَّهُۥ كَانَ مَنصُورٗا ٣٣

Не убивайте душу, убивать которую Аллах запретил, если только у вас нет на это права. Если ктолибо убит несправедливо, то Мы уже предоставили его правопреемнику полную власть, но пусть он не излишествует в отмщении за убийство. Воистину, ему будет оказана помощь.

और उस प्राणी की हत्या न करो, जिसका खून अल्लाह ने ईमान अथवा 'अमान' (सुरक्षा) के कारण संरक्षित कर दिया है, जब तक कि वह मुर्तद्द होने (इस्लाम धर्म त्यागने), या शादीशुदा होने के पश्चात व्यभिचार करने के कारण, या 'क़िसास' (बदले) के तौर पर क़त्ल किए जाने का हक़दार न हो जाए। तथा जिसकी हत्या बिना किसी वैध कारण के अत्याचारपूर्ण ढंग से कर दी जाए, तो हमने उसके उत्तराधिकारियों में से उसके अभिभावक को उसके हत्यारे के ऊपर आधिपत्य प्रदान किया है। चुनाँचे उसे यह अधिकार है कि वह 'क़िसास' के तौर पर हत्यारे को क़त्ल करने का मुतालबा करे, या मुआवज़े के बिना क्षमा कर दे, या दियत (खून की क़ीमत) लेकर क्षमा करे। परंतु वह उस सीमा से आगे न बढ़े, जो अल्लाह ने उसके लिए वैध ठहराया है, जैसे कि हत्यारे के अंगों को काटना, या उसने जिस (हथियार) से हत्या की है, उसके सिवा किसी अन्य चीज़ से हत्या करना, या हत्यारे के अलावा किसी और व्यक्ति की हत्या करना। निश्चित रूप से वह समर्थित और मदद किया हुआ है।

17:34Страница 285

وَلَا تَقۡرَبُواْ مَالَ ٱلۡيَتِيمِ إِلَّا بِٱلَّتِي هِيَ أَحۡسَنُ حَتَّىٰ يَبۡلُغَ أَشُدَّهُۥۚ وَأَوۡفُواْ بِٱلۡعَهۡدِۖ إِنَّ ٱلۡعَهۡدَ كَانَ مَسۡـُٔولٗا ٣٤

Не приближайтесь к имуществу сироты, кроме как во благо ему, пока он не достигнет совершеннолетия. И будьте верны своим обещаниям, ибо за обещания вас призовут к ответу.

जिस बच्चे के पिता की मृत्यु हो गई, उसके धन के संबंध में केवल वही कार्रवाई करो जो उसके लिए सबसे उत्तम हो, जैसे कि उसको विकसित करना (बढ़ाना) और उसका संरक्षण करना, यहाँ तक कि वह अपनी बुद्धि की पूर्णता और परिपक्वता को पहुँच जाए। और तुम्हारे तथा अल्लाह के बीच और तुम्हारे तथा अल्लाह के बंदों के बीच जो भी प्रतिज्ञा है, बिना प्रतिज्ञाभंग या कमी के उसे पूरा करो। अल्लाह क़ियामत के दिन वचन देने वाले से प्रश्न करेगा कि : क्या उसने अपना वचन पूरा किया था, ताकि उसे प्रतिफल दे, या उसने उसे पूरा नहीं किया, ताकि उसे दंडित करे।

17:35Страница 285

وَأَوۡفُواْ ٱلۡكَيۡلَ إِذَا كِلۡتُمۡ وَزِنُواْ بِٱلۡقِسۡطَاسِ ٱلۡمُسۡتَقِيمِۚ ذَٰلِكَ خَيۡرٞ وَأَحۡسَنُ تَأۡوِيلٗا ٣٥

Наполняйте меру сполна, когда вы отпускаете мерой, и взвешивайте на точных весах. Так будет лучше и прекраснее по исходу (или по вознаграждению).

और जब दूसरे को मापकर दो, तो पूरा मापो और उसमें कमी न करो, तथा ठीक तराज़ू से तौलो, जो ज़रा भी कम तौलने वाला न हो। यह माप और वज़न को पूरा करना तुम्हारे लिए इस दुनिया और आख़िरत में बहुत बेहतर है तथा माप और वज़न में कमी करने से उत्तम परिणाम वाला है।

17:36Страница 285

وَلَا تَقۡفُ مَا لَيۡسَ لَكَ بِهِۦ عِلۡمٌۚ إِنَّ ٱلسَّمۡعَ وَٱلۡبَصَرَ وَٱلۡفُؤَادَ كُلُّ أُوْلَٰٓئِكَ كَانَ عَنۡهُ مَسۡـُٔولٗا ٣٦

Не следуй тому, чего ты не знаешь. Воистину, слух, зрение и сердце - все они будут призваны к ответу.

और (ऐ आदम की संतान) तुम उस चीज़ के पीछे न पड़ो, जिसका तुम्हें ज्ञान नहीं है, अन्यथा तुम अनुमानों और अटकल का पालन करने लगोगे। निश्चय ही मनुष्य से पूछा जाएगा कि उसने अपने कान, आँख तथा दिल का उपयोग अच्छे कार्य के लिए किया है या बुरे कार्य के लिए। फिर उसे अच्छे कार्य के लिए सवाब दिया जाएगा और बुरे कार्य के लिए दंडित किया जाएगा।

17:37Страница 285

وَلَا تَمۡشِ فِي ٱلۡأَرۡضِ مَرَحًاۖ إِنَّكَ لَن تَخۡرِقَ ٱلۡأَرۡضَ وَلَن تَبۡلُغَ ٱلۡجِبَالَ طُولٗا ٣٧

Не ступай по земле горделиво, ведь ты не пробуришь землю и не достигнешь гор высотой!

तथा धरती पर घमंड करते और इतराते हुए मत चलो। यदि तुम उसपर अकड़ कर चलोगे, तो तुम अपनी चाल से कभी न धरती को फाड़ सकोगे, और न ही तुम्हारा क़द कभी पहाड़ों की लंबाई और ऊँचाई तक पहुँचेगा। तो फिर घमंड क्यों?!

17:38Страница 285

كُلُّ ذَٰلِكَ كَانَ سَيِّئُهُۥ عِندَ رَبِّكَ مَكۡرُوهٗا ٣٨

Все это зло ненавистно твоему Господу.

उपर्युक्त सभी चीज़ों में से जो चीज़ बुरी है, वह (ऐ इनसान) तेरे पालनहार के निकट निषिद्ध है। उसके करने वाले से अल्लाह खुश नहीं होता, बल्कि उससे घृणा करता है।

17:39Страница 286

ذَٰلِكَ مِمَّآ أَوۡحَىٰٓ إِلَيۡكَ رَبُّكَ مِنَ ٱلۡحِكۡمَةِۗ وَلَا تَجۡعَلۡ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ فَتُلۡقَىٰ فِي جَهَنَّمَ مَلُومٗا مَّدۡحُورًا ٣٩

Такова часть мудрости, которая внушена тебе в откровении от твоего Господа. Не поклоняйся наряду с Аллахом никакому другому богу, а не то будешь брошен в Геенну порицаемым и отверженным.

जिन आदेशों, निषेधों और नियमों को हमने स्पष्ट किया है, ये हिकमत की वे बातें हैं, जिनकी आपके पालनहार ने आपकी ओर वह़्य की है। और (ऐ मनुष्य!) तू अल्लाह के साथ किसी और को पूज्य न बना। अन्यथा तू क़ियामत के दिन निंदित जहन्नम में फेंक दिया जाएगा। तेरी आत्मा तेरी निंदा करेगी और दूसरे लोग भी तेरी निंदा करेंगे, तू हर भलाई से निष्कासित एवं धुत्कारा हुआ होगा।

17:40Страница 286

أَفَأَصۡفَىٰكُمۡ رَبُّكُم بِٱلۡبَنِينَ وَٱتَّخَذَ مِنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ إِنَٰثًاۚ إِنَّكُمۡ لَتَقُولُونَ قَوۡلًا عَظِيمٗا ٤٠

Неужели ваш Господь почтил вас сыновьями, а Себе взял дочерей из числа ангелов? Воистину, вы говорите ужасные слова.

ऐ वे लोगो, जो यह दावा करते हो कि फ़रिश्ते अल्लाह की पुत्रियाँ हैं! क्या - ऐ बहुदेववादियों! - तुम्हारे पालनहार ने पुत्र प्रदान करने के लिए तुम्हें खास कर लिया है और अपने लिए फरिश्तों को बेटियाँ बना ली हैं? अल्लाह तुम्हारी बातों से बहुत बुलंद है। निश्चित रूप से तुम अल्लाह के बारे में बहुत ही घृणित बात कह रहे हो कि तुम उसकी ओर संतान की निस्बत करते हो, तथा उसके साथ कुफ़्र में अति करते हुए यह दावा करते हो कि उसकी बेटियाँ हैं।

17:41Страница 286

وَلَقَدۡ صَرَّفۡنَا فِي هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانِ لِيَذَّكَّرُواْ وَمَا يَزِيدُهُمۡ إِلَّا نُفُورٗا ٤١

Мы дали разъяснения в этом Коране, чтобы они помянули наставление, но это лишь увеличивает их отвращение.

हमने इस कुरआन में अहकाम (नियमों), उपदेशों और उदाहरणों को स्पष्ट रूप से बयान कर दिया है, ताकि लोग उनसे सीख प्राप्त करें। चुनाँचे जो उनके लिए लाभदायक है, उसपर चलें, तथा जो उनके लिए हानिकारक है, उसे छोड़ दें। तथ्य यह है कि जिन लोगों की फ़ितरत बदल गई है इससे उनके सत्य से दूरी और उसके प्रति घृणा ही में वृद्धि हुई है।

17:42Страница 286

قُل لَّوۡ كَانَ مَعَهُۥٓ ءَالِهَةٞ كَمَا يَقُولُونَ إِذٗا لَّٱبۡتَغَوۡاْ إِلَىٰ ذِي ٱلۡعَرۡشِ سَبِيلٗا ٤٢

Скажи: «Если бы, как они говорят, наряду с Ним существовали другие боги, то они непременно попытались бы добраться до Господа Трона».

(ऐ रसूल) आप इन मुश्रिकों से कह दें : यदि अल्लाह के साथ और भी पूज्य होते, जैसा कि ये लोग झूठ बोलते और आरोप लगाते हुए कहते हैं, तो ये तथाकथित पूज्य अर्श वाले अल्लाह की ओर जाने का रास्ता खोजते, ताकि उसके राज्य पर अपना प्रभुत्व प्राप्त करने के लिए उसे पराजित करने का प्रयास करें और उसके लिए उससे झगड़ा करें।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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