Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
Аль-Кахф 18:40–81
18:40Страница 298
فَعَسَىٰ رَبِّيٓ أَن يُؤۡتِيَنِ خَيۡرٗا مِّن جَنَّتِكَ وَيُرۡسِلَ عَلَيۡهَا حُسۡبَانٗا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ فَتُصۡبِحَ صَعِيدٗا زَلَقًا ٤٠
а ведь мой Господь может даровать мне то, что лучше твоего сада, и наслать на него наказание с неба, и тогда он превратится в скользкую землю.
मुझे आशा है कि अल्लाह मुझे तुम्हारे बाग़ से अच्छा प्रदान करे और तुम्हारे बाग़ पर आकाश से कोई अज़ाब भेज दे। फिर तुम्हारा बाग़ एक ऐसी भूमि बन जाए, जहाँ कोई वनस्पति न हो, जिसमें उसकी चिकनाहट के कारण पैर फिसलते हों।
18:41Страница 298
أَوۡ يُصۡبِحَ مَآؤُهَا غَوۡرٗا فَلَن تَسۡتَطِيعَ لَهُۥ طَلَبٗا ٤١
Или же воды его уйдут под землю, и ты не сможешь достать их».
अथवा उसका पानी धरती की गहराई में चला जाए। फिर तुम किसी भी तरह से उस तक नहीं पहुँच सकते हो। और अगर उसका पानी नीचे चला गया, तो वह बाकी नहीं रह सकती।
18:42Страница 298
وَأُحِيطَ بِثَمَرِهِۦ فَأَصۡبَحَ يُقَلِّبُ كَفَّيۡهِ عَلَىٰ مَآ أَنفَقَ فِيهَا وَهِيَ خَاوِيَةٌ عَلَىٰ عُرُوشِهَا وَيَقُولُ يَٰلَيۡتَنِي لَمۡ أُشۡرِكۡ بِرَبِّيٓ أَحَدٗا ٤٢
Его плоды погибли, и он стал ударять себя по рукам, сожалея о том, что он потратил на виноградник, ветви которого упали на трельяжи. Он сказал: «Лучше бы я никого не приобщал в сотоварищи к моему Господу!».
उस मोमिन व्यक्ति ने जो आशा व्यक्त की थी, वह पूरी हो गई। चुनाँचे उस काफ़िर के बाग़ के फलों को विनाश ने घेर लिया। फिर वह काफ़िर अपने बाग़ के बनाने और मरम्मत के लिए खर्च किए गए धन पर अफ़सोस के मारे हाथ मलने लगा। जबकि वह बाग़ उन छप्परों पर गिरा पड़ा था, जिनपर अंगूर की बेलों को फैलाया जाता है। और वह कहता था : काश मैं अपने अकेले पालनहार पर ईमान लाया होता और इबादत में उसके साथ किसी को साझी न बनाता।
18:43Страница 298
وَلَمۡ تَكُن لَّهُۥ فِئَةٞ يَنصُرُونَهُۥ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَمَا كَانَ مُنتَصِرًا ٤٣
Не было у него людей, которые бы помогли ему вместо Аллаха, и он не мог помочь самому себе.
इस काफ़िर के पास उसे उसपर उतरने वाले दंड से बचाने के लिए कोई समूह नहीं था, जबकि वह अपने समूह पर गर्व कर रहा था। और वह स्वयं भी अल्लाह के उसके बाग़ को विनष्ट करने से बचने वाला न था।
18:44Страница 298
هُنَالِكَ ٱلۡوَلَٰيَةُ لِلَّهِ ٱلۡحَقِّۚ هُوَ خَيۡرٞ ثَوَابٗا وَخَيۡرٌ عُقۡبٗا ٤٤
В таких случаях оказать поддержку может только Истинный Аллах. У Него - лучшее вознаграждение и лучший исход.
उस स्थिति में, सहायता करना केवल अल्लाह के अधिकार में है। वह अपने ईमान वाले मित्रों को सबसे उत्तम बदला देने वाला है, क्योंकि वह उनके प्रतिफल को कई गुना बढ़ा देता है, तथा वह उनके लिए अंजाम के एतिबार से भी सबसे अच्छा है।
18:45Страница 298
وَٱضۡرِبۡ لَهُم مَّثَلَ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا كَمَآءٍ أَنزَلۡنَٰهُ مِنَ ٱلسَّمَآءِ فَٱخۡتَلَطَ بِهِۦ نَبَاتُ ٱلۡأَرۡضِ فَأَصۡبَحَ هَشِيمٗا تَذۡرُوهُ ٱلرِّيَٰحُۗ وَكَانَ ٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ مُّقۡتَدِرًا ٤٥
Приведи им притчу о мирской жизни. Она подобна воде, которую Мы ниспосылаем с неба. Земные растения смешиваются с ней (или благодаря ней), а потом превращаются в сухие былинки, рассеиваемые ветром. Воистину, Аллах способен на всякую вещь.
और (ऐ रसूल) दुनिया के धोखे में पड़े हुए लोगों को (सांसारिक जीवन का) एक उदाहरण दें। चुनाँचे दुनिया का उदाहरण उसके नष्ट होने और जल्दी समाप्त होने में, उस बारिश के पानी की तरह है, जिसे हमने आकाश से उतारा। फिर उस जल से धरती के पौधे उगे और पक गए। फिर वह पौधा टूटकर चूरा-चूरा बन गया। हवाएँ जिसके हिस्सों को अन्य क्षेत्रों में उड़ा ले जाती हैं। फिर धरती वापस वैसी ही हो जाती है जैसी पहले थी। और अल्लाह हर चीज़ का सामर्थ्य रखने वाला है। उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती। इसलिए वह जो चाहता है, जीवित रखता है और जो चाहता है, नष्ट कर देता है।
18:46Страница 299
ٱلۡمَالُ وَٱلۡبَنُونَ زِينَةُ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ وَٱلۡبَٰقِيَٰتُ ٱلصَّٰلِحَٰتُ خَيۡرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوَابٗا وَخَيۡرٌ أَمَلٗا ٤٦
Богатство и сыновья - украшение мирской жизни, однако нетленные благодеяния лучше по вознаграждению перед твоим Господом, и на них лучше возлагать надежды.
धन और संतान सांसारिक जीवन की शोभा हैं। और आखिरत में धन का कोई लाभ नहीं है जब तक कि उसे अल्लाह को प्रसन्न करने वाले काम में न खर्च किया जाए। तथा अल्लाह के निकट पसंदीदा कार्य और बातें, सवाब की दृष्टि से, संसार की सभी शोभाओं से उत्तम हैं। और वे सबसे उत्तम वस्तु हैं, जिनकी इनसान आशा करता है। क्योंकि दुनिया की शोभा नश्वर है, जबकि अल्लाह के निकट पसंदीदा कामों और बातों का सवाब बाक़ी रहने वाला है।
18:47Страница 299
وَيَوۡمَ نُسَيِّرُ ٱلۡجِبَالَ وَتَرَى ٱلۡأَرۡضَ بَارِزَةٗ وَحَشَرۡنَٰهُمۡ فَلَمۡ نُغَادِرۡ مِنۡهُمۡ أَحَدٗا ٤٧
В тот день Мы заставим двигаться горы, и ты увидишь, что земля станет плоской. Мы соберем их всех и никого не упустим.
और उस दिन को याद करो, जब हम पर्वतों को उनके स्थानों से हटा देंगे। और तुम धरती को साफ़ और खुला मैदान देखोगे, क्योंकि उस पर उपस्थित पहाड़, पेड़ और इमारत सब गायब हो जाएँगे। और हम सभी प्राणियों को इकट्ठा कर लेंगे। चुनाँचे हम उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ेंगे, जिसे हमने पुनर्जीवित करके उठाया न हो।
18:48Страница 299
وَعُرِضُواْ عَلَىٰ رَبِّكَ صَفّٗا لَّقَدۡ جِئۡتُمُونَا كَمَا خَلَقۡنَٰكُمۡ أَوَّلَ مَرَّةِۭۚ بَلۡ زَعَمۡتُمۡ أَلَّن نَّجۡعَلَ لَكُم مَّوۡعِدٗا ٤٨
Они предстанут перед твоим Господом рядами: «Вы пришли к Нам такими, какими Мы создали вас в первый раз. Но вы предполагали, что Мы не назначили встречи с вами».
और लोग आपके पालनहार के समक्ष पंक्तियों में प्रस्तुत किए जाएँगे, तो वह उनका हिसाब लेगा। और उनसे कहा जाएगा : तुम हमारे पास वैसे ही अकेले, नंगे पैर, नंगे शरीर और बिना ख़तना के आए हो, जैसे हमने तुम्हें पहली बार पैदा किया था। लेकिन तुम तो यह सोचते थे कि तुम कभी पुनर्जीवित नहीं किए जाओगे और हम तुम्हें तुम्हारे कर्मों का बदला देने के लिए कभी कोई समय और स्थान निर्धारित नहीं करेंगे।
18:49Страница 299
وَوُضِعَ ٱلۡكِتَٰبُ فَتَرَى ٱلۡمُجۡرِمِينَ مُشۡفِقِينَ مِمَّا فِيهِ وَيَقُولُونَ يَٰوَيۡلَتَنَا مَالِ هَٰذَا ٱلۡكِتَٰبِ لَا يُغَادِرُ صَغِيرَةٗ وَلَا كَبِيرَةً إِلَّآ أَحۡصَىٰهَاۚ وَوَجَدُواْ مَا عَمِلُواْ حَاضِرٗاۗ وَلَا يَظۡلِمُ رَبُّكَ أَحَدٗا ٤٩
Будет положена книга, и ты увидишь, как грешники будут трепещать от того, что в ней. Они скажут: «Горе нам! Что это за книга! В ней не упущен ни малый, ни великий грех - все подсчитано». Они обнаружат перед собой все, что совершили, и твой Господь ни с кем не поступит несправедливо.
और कर्मपत्र रख दिया जाएगा। तो कुछ लोग अपना कर्मपत्र अपने दाएँ हाथ में पकड़े होंगे और कुछ उसे अपने बाएँ हाथ में। और (ऐ इनसान) तुम काफिरों को देखोगे कि जो कुछ उसमें लिखा होगा, उससे डरे हुए होंगे। क्योंकि वे खूब जानते होंगे कि उन्होंने दुनिया में क्या कुफ़्र और पाप किए थे। और वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश और हमारा दुर्भाग्य! इस पुस्तक को क्या हुआ है कि हमारे कर्मों में से कोई छोटा या बड़ा नहीं छोड़ा है, मगर उसे संरक्षित कर रखा है और गिन रखा है। और उन्होंने सांसारिक जीवन में जो पाप किए थे, उन्हें लिखा हुआ और अंकित पाएँगे। और (ऐ रसूल) आपका पालनहार किसी पर अत्याचार नहीं करेगा। चुनाँचे वह किसी को बिना पाप के दंड नहीं देगा और न किसी आज्ञाकारी व्यक्ति की नेकी में से कुछ कम करेगा।
18:50Страница 299
وَإِذۡ قُلۡنَا لِلۡمَلَٰٓئِكَةِ ٱسۡجُدُواْ لِأٓدَمَ فَسَجَدُوٓاْ إِلَّآ إِبۡلِيسَ كَانَ مِنَ ٱلۡجِنِّ فَفَسَقَ عَنۡ أَمۡرِ رَبِّهِۦٓۗ أَفَتَتَّخِذُونَهُۥ وَذُرِّيَّتَهُۥٓ أَوۡلِيَآءَ مِن دُونِي وَهُمۡ لَكُمۡ عَدُوُّۢۚ بِئۡسَ لِلظَّٰلِمِينَ بَدَلٗا ٥٠
Вот сказали Мы ангелам: «Падите ниц перед Адамом!». Все они поклонились, кроме Иблиса. Он был одним из джиннов и ослушался воли своего Господа. Неужели вы признаете его и его потомков своими покровителями и помощниками вместо Меня, тогда как они являются вашими врагами? Плохая это замена для беззаконников!
और (ऐ रसूल) उस समय को याद कीजिए, जब हमने फरिश्तों से कहा था : तुम सब आदम को अभिवादन के लिए सजदा करो। तो उन सभी ने अपने पालनहार के आदेश का पालन करते हुए उन्हें सजदा किया, परंतु इबलीस ने सजदा नहीं किया। वह जिन्नों में से था, फ़रिश्तों में से नहीं था। अतः उसने सजदा करने से इनकार किया और अभिमान का शिकार हो गया। इस तरह वह अपने पालनहार के आज्ञापालन से निकल गया। तो क्या फिर भी (ऐ लोगो) तुम मुझे छोड़कर उसे और उसकी संतान को अपना मित्र बनाते हो, हालाँकि वे तुम्हारे दुश्मन हैं। भला तुम अपने शत्रुओं को अपना मित्र कैसे ठहरा रहे हो?! अत्याचारियों का यह कार्य कितना बुरा और घृणित है कि उन्होंने अल्लाह सर्वशक्तिमान से दोस्ती की बजाय शैतान को अपना दोस्त बना लिया।
18:51Страница 299
۞ مَّآ أَشۡهَدتُّهُمۡ خَلۡقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَلَا خَلۡقَ أَنفُسِهِمۡ وَمَا كُنتُ مُتَّخِذَ ٱلۡمُضِلِّينَ عَضُدٗا ٥١
Я не сделал их свидетелями сотворения небес и земли и сотворения их самих. Я не беру в помощники тех, кто вводит других в заблуждение.
ये लोग जिन्हें तुमने मुझे छोड़कर अपना सहायक व मित्र बना रखा है, तुम्हारे ही जैसे बंदे हैं। मैंने आकाशों तथा धरती को पैदा करते समय उन्हें उपस्थित नहीं किया था। बल्कि उस समय उनका अस्तित्व ही नहीं था। और न ही मैंने उनमें से कुछ को दूसरों के पैदा करने में उपस्थित किया था। क्योंकि मैं सृजन और प्रबंधन में अकेला हूँ। और मैं मानव जाति और जिन्न के शैतानों में से गुमराह करने वालों को अपना सहायक बनाने वाला न था। क्योंकि मैं सहायकों से बेनियाज़ हूँ।
18:52Страница 299
وَيَوۡمَ يَقُولُ نَادُواْ شُرَكَآءِيَ ٱلَّذِينَ زَعَمۡتُمۡ فَدَعَوۡهُمۡ فَلَمۡ يَسۡتَجِيبُواْ لَهُمۡ وَجَعَلۡنَا بَيۡنَهُم مَّوۡبِقٗا ٥٢
В тот день Он скажет: «Призовите Моих сотоварищей, о существовании которых вы предполагали». Они воззовут к ним, но те не ответят им. Мы воздвигнем между ними губительное место (преграду).
और (ऐ रसूल) उनके सामने क़ियामत के दिन की चर्चा कीजिए, जिस दिन अल्लाह उन लोगों से कहेगा, जिन्होंने दुनिया में उसका साझी बनाया था : मेरे उन साझियों को पुकारो, जिनके बारे में तुमने दावा किया था कि वे मेरे साझी हैं, ताकि वे तुम्हारी कुछ मदद कर सकें। चुनाँचे वे उन्हें पुकारेंगे, लेकिन वे उनकी पुकार का न कोई उत्तर देंगे और न उनकी कोई मदद करेंगे। तथा हम पूजने वालों और पूजे गए लोगों के बीच एक विनाश का स्थान बना देंगे, जिसमें वे दोनों दाखिल होंगे और वह जहन्नम की आग है।
18:53Страница 299
وَرَءَا ٱلۡمُجۡرِمُونَ ٱلنَّارَ فَظَنُّوٓاْ أَنَّهُم مُّوَاقِعُوهَا وَلَمۡ يَجِدُواْ عَنۡهَا مَصۡرِفٗا ٥٣
Грешники увидят Огонь, и им станет ясно, что они будут брошены в него. Они не найдут от него спасения!
और अल्लाह का साझी बनाने वाले लोग जहन्नम को देखेंगे, तो वे पूरी तरह से निश्चित हो जाएँगे कि वे उसमें गिरने वाले हैं और उन्हें कोई स्थान नहीं मिलेगा जहाँ वे उससे मुड़कर शरण ले सकें।
18:54Страница 300
وَلَقَدۡ صَرَّفۡنَا فِي هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانِ لِلنَّاسِ مِن كُلِّ مَثَلٖۚ وَكَانَ ٱلۡإِنسَٰنُ أَكۡثَرَ شَيۡءٖ جَدَلٗا ٥٤
Мы разъяснили людям в этом Коране любые притчи, но человек больше всего склонен препираться.
हमने मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतरने वाले इस क़ुरआन में अनेक प्रकार के बहुत-से उदाहरण प्रस्तुत किए हैं और उन्हें विविधता के साथ बयान किए हैं। ताकि लोग नसीहत और सदुपदेश प्राप्त करें। लेकिन मनुष्य - विशेष रूप से एक काफ़िर - की ओर से जो चीज़ सबसे ज़्यादा सामने आती है, वह ना-हक़ (सच्चाई के बिना) झगड़ना (बहस करना) है।
18:55Страница 300
وَمَا مَنَعَ ٱلنَّاسَ أَن يُؤۡمِنُوٓاْ إِذۡ جَآءَهُمُ ٱلۡهُدَىٰ وَيَسۡتَغۡفِرُواْ رَبَّهُمۡ إِلَّآ أَن تَأۡتِيَهُمۡ سُنَّةُ ٱلۡأَوَّلِينَ أَوۡ يَأۡتِيَهُمُ ٱلۡعَذَابُ قُبُلٗا ٥٥
Что же помешало людям уверовать, когда к ним явилось верное руководство, и попросить прощения у своего Господа, если не стремление к участи первых поколений и мучениям, которые предстанут перед ними лицом к лицу?
हठी काफिरों और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपने पालनहार की ओर से जो कुछ लेकर आए थे उसपर ईमान लाने के बीच, तथा उनके और उनके अपने गुनाहों से तौबा करने के बीच (प्रमाणों के) स्पष्टीकरण का अभाव बाधक नहीं बना। क्योंकि क़ुरआन में उनके लिए उदाहरण दिए गए थे, और उनके पास स्पष्ट तर्क आए थे। बल्कि उनके लिए रुकावट केवल उनकी यह - हठपूर्ण - माँग बन गई कि उनपर पिछले समुदायों वाला अज़ाब लाया जाए, तथा वे उस अज़ाब को अपनी आँखों से देख लें जिसका उनसे वादा किया गया था।
18:56Страница 300
وَمَا نُرۡسِلُ ٱلۡمُرۡسَلِينَ إِلَّا مُبَشِّرِينَ وَمُنذِرِينَۚ وَيُجَٰدِلُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِٱلۡبَٰطِلِ لِيُدۡحِضُواْ بِهِ ٱلۡحَقَّۖ وَٱتَّخَذُوٓاْ ءَايَٰتِي وَمَآ أُنذِرُواْ هُزُوٗا ٥٦
Мы отправляем посланников только добрыми вестниками и предостерегающими увещевателями. Однако неверующие препираются посредством лживых доводов, чтобы опровергнуть ими истину, и насмехаются над Моими знамениями и тем, от чего их предостерегают.
और हम अपने जो भी रसूल भेजते हैं, उन्हें ईमान और आज्ञाकारिता के लोगों को शुभ सूचना देने वाले, तथा कुफ्र और अवज्ञा करने वालों को डराने वाले बनाकर भेजते हैं। और उनका लोगों के दिलों पर कोई अधिकार (ज़ोर) नहीं होता कि उन्हें मार्गदर्शन स्वीकारने पर उभार सकें। और जिन लोगों ने अल्लाह का इनकार किया है, वे अपने सामने प्रमाणों के स्पष्ट हो जाने के बावजूद भी रसूलों के साथ झगड़ा (बहस) करते हैं; ताकि वे अपने असत्य के द्वारा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतरने वाले सत्य को निराकृत कर दें। तथा उन्होंने क़ुरआन को और उस चीज़ को जिससे उन्हें डराया गया था, हँसी और मज़ाक बना लिया।
18:57Страница 300
وَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّن ذُكِّرَ بِـَٔايَٰتِ رَبِّهِۦ فَأَعۡرَضَ عَنۡهَا وَنَسِيَ مَا قَدَّمَتۡ يَدَاهُۚ إِنَّا جَعَلۡنَا عَلَىٰ قُلُوبِهِمۡ أَكِنَّةً أَن يَفۡقَهُوهُ وَفِيٓ ءَاذَانِهِمۡ وَقۡرٗاۖ وَإِن تَدۡعُهُمۡ إِلَى ٱلۡهُدَىٰ فَلَن يَهۡتَدُوٓاْ إِذًا أَبَدٗا ٥٧
Кто может быть несправедливее того, кому напомнили о знамениях его Господа, а он отвернулся от них и забыл то, что совершили его руки? Мы накинули на их сердца покрывала, чтобы они не постигли его (Коран), а их уши поражены глухотой. Если даже ты призовешь их на прямой путь, они никогда не последуют прямым путем.
और कोई भी उससे बढ़कर अत्याचारी नहीं हो सकता, जिसे उसके पालनहार की आयतों द्वारा समझाया जाए, लेकिन वह उसमें पाई जाने वाली अज़ाब की धमकी की परवाह न करे और उससे नसीहत प्राप्त करने से मुँह मोड़ ले। तथा उसने अपने सांसारिक जीवन में जो कुफ़्र और पाप करके आगे बढ़ाए हैं, उन्हें भूल जाए और उनसे तौबा न करे। निश्चय हमने ऐसे लोगों के दिलों पर पर्दे डाल दिए हैं, जो उन्हें क़ुरआन समझने से रोक रहे हैं, और उनके कानों में बहरापन डाल दिया है, जिसके कारण वे उसे स्वीकार करने के लिए नहीं सुनते हैं। यदि तुम उन्हें ईमान की ओर बुलाओ, तो जब तक उनके दिलों पर पर्दे और उनके कानों में बहरापन है, तुम्हारे बुलावे का कदापि उत्तर नहीं देंगे।
18:58Страница 300
وَرَبُّكَ ٱلۡغَفُورُ ذُو ٱلرَّحۡمَةِۖ لَوۡ يُؤَاخِذُهُم بِمَا كَسَبُواْ لَعَجَّلَ لَهُمُ ٱلۡعَذَابَۚ بَل لَّهُم مَّوۡعِدٞ لَّن يَجِدُواْ مِن دُونِهِۦ مَوۡئِلٗا ٥٨
Твой Господь - Прощающий, Обладающий милосердием. Если бы Он стал наказывать их за то, что они приобрели, то ускорил бы их мучения, но для них назначен срок, и они не найдут от него спасения.
और ऐसा न हो कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आपको झुठलाने वालों को जल्दी यातना देने की आकांक्षा करें, अल्लाह तआला ने आपसे फरमाया : और (ऐ रसूल!) आपका पालनहार अपने तौबा करने वाले बंदो के पापों को क्षमा करने वाला, तथा ऐसी दया वाला है, जो हर चीज़ को शामिल है। और उसकी दया में से यह भी है कि वह अवज्ञाकारियों को ढील देता है, ताकि वे उसके समक्ष तौबा कर लें। यदि अल्लाह इन मुँह मोड़ने वालों को सज़ा देता, तो इसी सांसारिक जीवन में उन्हें जल्दी सज़ा दे देता। परंतु वह सहनशील और दयालु है। उनसे यातना को टाल रखा है, ताकि वे तौबा कर लें। बल्कि उनके लिए एक विशिष्ट स्थान और समय है, जिनमें उन्हें उनके कुफ्र एवं मुँह मोड़ने की सज़ा दी जाएगी, यदि उन्होंने तौबा नहीं की। उसके सिवा, उन्हें बचने का कोई ऐसा स्थान नहीं मिलेगा, जहाँ वे शरण ले सकें।
18:59Страница 300
وَتِلۡكَ ٱلۡقُرَىٰٓ أَهۡلَكۡنَٰهُمۡ لَمَّا ظَلَمُواْ وَجَعَلۡنَا لِمَهۡلِكِهِم مَّوۡعِدٗا ٥٩
Мы погубили эти города, когда они стали поступать несправедливо, и установили для их погибели срок.
तथा वे काफ़िर बस्तियाँ, जो तुम्हारे आस-पास ही आबाद थीं, जैसे हूद, सालेह और शुऐब अलैहिस्सलाम की जातियों की बस्तियाँ, हमने उन्हें विनष्ट कर दिया, जब उन्होंने कुफ़्र और गुनाहों के द्वारा खुद पर अत्याचार किया, और हमने उनके विनाश का एक विशिष्ट समय निर्धारित कर रखा था।
18:60Страница 300
وَإِذۡ قَالَ مُوسَىٰ لِفَتَىٰهُ لَآ أَبۡرَحُ حَتَّىٰٓ أَبۡلُغَ مَجۡمَعَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ أَوۡ أَمۡضِيَ حُقُبٗا ٦٠
Вот Муса (Моисей) сказал своему слуге: «Я не остановлюсь, пока не дойду до места слияния двух морей или пока не потрачу на путешествие долгие годы».
और (ऐ रसूल) वह समय याद करें, जब मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने सेवक यूशा बिन नून से कहा : मैं लगातार चलता ही रहूँगा, यहाँ तक कि दो सागरों के संगम पर पहुँच जाऊँ या लंबे समय तक चलता ही रहूँ, यहाँ तक कि सदाचारी बंदे से मिलकर उससे कुछ ज्ञान अर्जित कर लूँ।
18:61Страница 300
فَلَمَّا بَلَغَا مَجۡمَعَ بَيۡنِهِمَا نَسِيَا حُوتَهُمَا فَٱتَّخَذَ سَبِيلَهُۥ فِي ٱلۡبَحۡرِ سَرَبٗا ٦١
Когда они дошли до места их слияния, они забыли свою рыбу, и она двинулась в путь по морю, словно по подземному ходу.
फिर वे दोनों चल पड़े और जब वे दो सागरों के संगम पर पहुँचे, तो वे अपनी वह मछली भूल गए, जिसे उन्होंने अपने लिए भोजन के रूप में लिया था। चुनाँचे अल्लाह ने मछली को जीवित कर दिया और उसने समुद्र में सुरंग की तरह रास्ता बना लिया, उसके साथ पानी मिलता नहीं था।
18:62Страница 301
فَلَمَّا جَاوَزَا قَالَ لِفَتَىٰهُ ءَاتِنَا غَدَآءَنَا لَقَدۡ لَقِينَا مِن سَفَرِنَا هَٰذَا نَصَبٗا ٦٢
Когда они прошли дальше, он сказал своему слуге: «Подавай наш обед, ведь мы утомились в пути».
जब वे दोनों उस स्थान से आगे बढ़ गए, तो मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने सेवक से कहा : हमें दोपहर का खाना लाओ, हम इस यात्रा से बहुत थक गए हैं।
18:63Страница 301
قَالَ أَرَءَيۡتَ إِذۡ أَوَيۡنَآ إِلَى ٱلصَّخۡرَةِ فَإِنِّي نَسِيتُ ٱلۡحُوتَ وَمَآ أَنسَىٰنِيهُ إِلَّا ٱلشَّيۡطَٰنُ أَنۡ أَذۡكُرَهُۥۚ وَٱتَّخَذَ سَبِيلَهُۥ فِي ٱلۡبَحۡرِ عَجَبٗا ٦٣
Он сказал: «Помнишь, как мы укрылись под скалой? Я забыл о рыбе, и только дьявол заставил меня не вспомнить о ней. Она же отправилась в путь по морю чудесным образом».
युवक ने कहा : क्या आपने देखा कि जब हम चट्टान के पास ठहरे थे तब क्या हुआ था?! वास्तव में, मैं आपसे मछली की बात का उल्लेख करना भूल गया था। और मुझे आपसे उसका उल्लेख करना शैतान ही ने भुलाया था। हुआ यह कि मछली ज़िंदा हो गई और उसने आश्चर्यजनक रूप से समुद्र में अपना रास्ता बना लिया।
18:64Страница 301
قَالَ ذَٰلِكَ مَا كُنَّا نَبۡغِۚ فَٱرۡتَدَّا عَلَىٰٓ ءَاثَارِهِمَا قَصَصٗا ٦٤
Муса (Моисей) сказал: «Это - то, чего мы желали!» - и они вернулись назад по своим следам.
मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने सेवक से कहा : यह वही है, जो हम चाहते थे। यही तो उस नेक बंदे के स्थान की निशानी है। फिर वे दोनों अपने पैरों के निशान देखते हुए वापस हुए; ताकि राह न भटकें, यहाँ तक कि चट्टान के पास पहुँच गए और वहाँ से मछली के प्रवेश की जगह तक पहुँचे।
18:65Страница 301
فَوَجَدَا عَبۡدٗا مِّنۡ عِبَادِنَآ ءَاتَيۡنَٰهُ رَحۡمَةٗ مِّنۡ عِندِنَا وَعَلَّمۡنَٰهُ مِن لَّدُنَّا عِلۡمٗا ٦٥
Они встретили одного из Наших рабов, которого Мы одарили милостью от Нас и обучили из того, что Нам известно.
जब वे दोनों मछली गुम होने के स्थान पर पहुँचे, तो हमारे एक सदाचारी बंदे को पाया (जो कि ख़ज़िर अलैहिस्सलाम थे)। हमने उसे अपने पास से दया प्रदान की थी और उसे अपनी ओर से ऐसा ज्ञान सिखाया था, जिसे लोग नहीं जानते थे। और यह कहानी उसी ज्ञान पर आधारित है।
18:66Страница 301
قَالَ لَهُۥ مُوسَىٰ هَلۡ أَتَّبِعُكَ عَلَىٰٓ أَن تُعَلِّمَنِ مِمَّا عُلِّمۡتَ رُشۡدٗا ٦٦
Муса (Моисей) сказал ему (Хадиру): «Могу ли я последовать за тобой, чтобы ты научил меня о прямом пути тому, чему ты обучен?».
मूसा अलैहिस्सलाम ने उनसे विनम्रता के साथ कहा : क्या मैं इस (शर्त) पर आपका अनुसरण करूँ कि अल्लाह ने आपको जो ज्ञान सिखाया है, जो सच्चाई के लिए एक मार्गदर्शक है, उसमें से कुछ मुझे सिखा दें?
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قَالَ إِنَّكَ لَن تَسۡتَطِيعَ مَعِيَ صَبۡرٗا ٦٧
Он сказал: «У тебя не хватит терпения находиться рядом со мной.
ख़ज़िर अलैहिस्सलाम ने कहा : तुम मेरे ज्ञान में से जो कुछ देखोगे, उसपर हरगिज़ धैर्य नहीं रख सकोगे, क्योंकि वह तुम्हारे पास मौजूद ज्ञान से मेल नहीं खाएगा।
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وَكَيۡفَ تَصۡبِرُ عَلَىٰ مَا لَمۡ تُحِطۡ بِهِۦ خُبۡرٗا ٦٨
Как ты сможешь терпеливо относиться к тому, что ты не объемлешь знанием?».
और तुम उन कामों को देखकर कैसे धैर्य रख सकते हो, जिनके बारे में तुम्हें नहीं पता कि उसमें क्या सही है; क्योंकि तुम उनके बारे में अपने ज्ञान की मात्रा के अनुसार फ़ैसला करोगे?!
18:69Страница 301
قَالَ سَتَجِدُنِيٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ صَابِرٗا وَلَآ أَعۡصِي لَكَ أَمۡرٗا ٦٩
Муса (Моисей) сказал: «Если Аллах пожелает, то ты увидишь, что я терпелив, и я не ослушаюсь твоего веления».
मूसा अलैहिस्सलाम ने कहा : अगर अल्लाह ने चाहा, तो आप मुझे, मेरे द्वारा देखे गए अपने कार्यों पर धैर्य रखने वाला, आपकी आज्ञाकारिता के लिए प्रतिबद्ध पाएँगे। आप मुझे जो आदेश देंगे, मैं उसकी अवज्ञा नहीं करूँगा।
18:70Страница 301
قَالَ فَإِنِ ٱتَّبَعۡتَنِي فَلَا تَسۡـَٔلۡنِي عَن شَيۡءٍ حَتَّىٰٓ أُحۡدِثَ لَكَ مِنۡهُ ذِكۡرٗا ٧٠
Он сказал: «Если ты последуешь за мной, то не спрашивай меня ни о чем, пока я сам не поведаю тебе об этом».
ख़ज़िर ने मूसा से कहा : यदि आप मेरा अनुसरण करते हैं, तो मुझसे उस चीज़ के बारे में मत पूछें, जो आप मुझे करते हुए देखते हैं, यहाँ तक कि मैं खुद ही उसकी वजह बताना शुरू कर दूँ।
18:71Страница 301
فَٱنطَلَقَا حَتَّىٰٓ إِذَا رَكِبَا فِي ٱلسَّفِينَةِ خَرَقَهَاۖ قَالَ أَخَرَقۡتَهَا لِتُغۡرِقَ أَهۡلَهَا لَقَدۡ جِئۡتَ شَيۡـًٔا إِمۡرٗا ٧١
Они вдвоем двинулись в путь. Когда же они сели на корабль, он сделал в нем пробоину. Он сказал: «Ты сделал пробоину, чтобы потопить людей на нем? Ты совершил тяжкий поступок!».
जब वे दोनों इस बात पर सहमत हो गए, तो समुद्र के तट की ओर चल पड़े, यहाँ तक कि एक नौका मिली, और वे दोनों ख़ज़िर के सम्मान में किराए के बिना ही उसमें सवार हो गए। लेकिन ख़ज़िर ने नौका का एक तख़्ता उखाड़कर उसे फाड़ दिया। मूसा अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : क्या आपने उस नौका को फाड़ दिया, जिसके लोगों ने हमें बिना किसी किराए के सवार किया, ताकि आप उसके सवारों को डुबो दें?! निश्चित रूप से आपने एक गंभीर काम किया है।
18:72Страница 301
قَالَ أَلَمۡ أَقُلۡ إِنَّكَ لَن تَسۡتَطِيعَ مَعِيَ صَبۡرٗا ٧٢
Он сказал: «Разве я не говорил, что ты не сможешь сохранять терпение рядом со мной?».
ख़ज़िर ने मूसा से कहा : क्या मैंने नहीं कहा था : तुम जो कुछ मुझसे देखोगे, उसपर मेरे साथ हरगिज़ धैर्य नहीं रख सकोगे?!
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قَالَ لَا تُؤَاخِذۡنِي بِمَا نَسِيتُ وَلَا تُرۡهِقۡنِي مِنۡ أَمۡرِي عُسۡرٗا ٧٣
Муса (Моисей) сказал: «Не наказывай меня за то, что я позабыл, и не возлагай на меня тяжелое бремя».
मूसा अलैहिस्सलाम ने ख़ज़िर से कहा : मेरे भूलवश आपकी प्रतिज्ञा छोड़ने के कारण आप मेरी पकड़ न करें और अपनी संगत के मामले में मुझे तंगी में न डालें और सख़्ती न करें।
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فَٱنطَلَقَا حَتَّىٰٓ إِذَا لَقِيَا غُلَٰمٗا فَقَتَلَهُۥ قَالَ أَقَتَلۡتَ نَفۡسٗا زَكِيَّةَۢ بِغَيۡرِ نَفۡسٖ لَّقَدۡ جِئۡتَ شَيۡـٔٗا نُّكۡرٗا ٧٤
Они продолжили путь, пока не встретили мальчика, и он убил его. Он сказал: «Неужели ты убил невинного человека, который никого не убивал?! Ты совершил предосудительный поступок!».
फिर नाव से उतरने के बाद, वे दोनो तट पर चलने लगे। तो उन्होंने एक बच्चे को, जो अभी बालिग नहीं हुआ था, अन्य बच्चों के साथ खेलते देखा। तो ख़ज़िर ने उसे मार डाला। इसपर मूसा अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : क्या आपने एक पवित्र (निर्दोष) जान को जो बालिग नहीं हुई थी, बिना किसी अपराध के क़त्ल कर दिया?! आपने एक बहुत ही बुरा काम किया है!
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۞ قَالَ أَلَمۡ أَقُل لَّكَ إِنَّكَ لَن تَسۡتَطِيعَ مَعِيَ صَبۡرٗا ٧٥
Он сказал: «Разве я не говорил тебе, что ты не сможешь сохранять терпение рядом со мной?».
ख़ज़िर ने मूसा अलैहिस्सलाम से कहा : मैंने आपसे कहा था कि (ऐ मूसा!) आप मेरे द्वारा किए गए कार्यों को देखकर धैर्य नहीं रख पाएँगे!
18:76Страница 302
قَالَ إِن سَأَلۡتُكَ عَن شَيۡءِۭ بَعۡدَهَا فَلَا تُصَٰحِبۡنِيۖ قَدۡ بَلَغۡتَ مِن لَّدُنِّي عُذۡرٗا ٧٦
Муса (Моисей) сказал: «Если я спрошу тебя о чем-либо после этого, то не продолжай путь вместе со мной. Твой поступок по отношению ко мне уже оправдан».
मूसा अलैहिस्सलाम ने कहा : यदि मैं इस बार के बाद आपसे किसी चीज़ के बारे में पूछूँ, तो मुझे अलग कर दीजिएगा। निश्चय आप उस सीमा तक पहुँच चुके हैं, जहाँ आपके पास मेरा साथ छोड़ने का उचित कारण है; क्योंकि मैंने आपकी दो बार अवज्ञा की।
18:77Страница 302
فَٱنطَلَقَا حَتَّىٰٓ إِذَآ أَتَيَآ أَهۡلَ قَرۡيَةٍ ٱسۡتَطۡعَمَآ أَهۡلَهَا فَأَبَوۡاْ أَن يُضَيِّفُوهُمَا فَوَجَدَا فِيهَا جِدَارٗا يُرِيدُ أَن يَنقَضَّ فَأَقَامَهُۥۖ قَالَ لَوۡ شِئۡتَ لَتَّخَذۡتَ عَلَيۡهِ أَجۡرٗا ٧٧
Они продолжили путь, пока не пришли к жителям одного селения. Они попросили его жителей накормить их, но те отказались принять их гостями. Они увидели там стену, которая хотела обрушиться, и он выпрямил ее. Муса (Моисей) сказал: «При желании ты получил бы за это вознаграждение».
फिर दोनों चल पड़े, यहाँ तक कि जब वे एक गाँव वालों के पास आए, उसके रहने वालों से भोजन माँगा, तो गाँव वालों ने दोनों को भोजन कराने और उनकी मेहमानी का हक़ अदा करने से इनकार कर दिया। इसी बीच दोनों को गाँव में एक दीवार मिली, जो झुकी हुई थी और गिरने ही वाली थी। ख़ज़िर ने उसे बराबर करके सीधा कर दिया। इसपर मूसा अलैहिस्सलाम ने ख़ज़िर से कहा : यदि आप इसकी मरम्मत के लिए कुछ मज़दूरी लेना चाहते, तो ज़रूर ले लेते, जिसकी हमें उनके हमारी मेज़बानी करने से इनकार करने के बाद आवश्यकता भी थी।
18:78Страница 302
قَالَ هَٰذَا فِرَاقُ بَيۡنِي وَبَيۡنِكَۚ سَأُنَبِّئُكَ بِتَأۡوِيلِ مَا لَمۡ تَسۡتَطِع عَّلَيۡهِ صَبۡرًا ٧٨
Он сказал: «Здесь я с тобой расстанусь, но я поведаю тебе толкование того, к чему ты не смог отнестись с терпением.
ख़ज़िर ने मूसा अलैहिस्सलाम से कहा : दीवार सीधी करने पर मेरे पारिश्रमिक न लेने पर यह आपत्ति आपके और मेरे बीच जुदाई का बिंदु है। अब मैं आपको उसकी वास्तविकता बताऊँगा, जो मुझे करते हुए देख आप धैर्य नहीं रख सके।
18:79Страница 302
أَمَّا ٱلسَّفِينَةُ فَكَانَتۡ لِمَسَٰكِينَ يَعۡمَلُونَ فِي ٱلۡبَحۡرِ فَأَرَدتُّ أَنۡ أَعِيبَهَا وَكَانَ وَرَآءَهُم مَّلِكٞ يَأۡخُذُ كُلَّ سَفِينَةٍ غَصۡبٗا ٧٩
Что касается корабля, то он принадлежал беднякам, которые трудились в море. Я захотел повредить его, потому что перед ними находился царь, который силой отнимал все неповрежденные корабли.
जहाँ तक नाव की बात है, जिसे फाड़ देने पर आपने मेरा विरोध किया था, तो उसके मालिक कुछ कमज़ोर लोग थे, जो सागर में उसपर काम करते थे और वे उसकी रक्षा करने में असमर्थ थे। इसलिए मैंने सोचा कि उसे फाड़कर ऐबदार बना दूँ; ताकि एक राजा जो उनके आगे था उसपर क़ब्ज़ा न कर ले, जो हर अच्छी नाव को उसके मालिकों से ज़बरदस्ती छीन लेता था, तथा हर ऐबदार (खराब) नाव को छोड़ देता था।
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وَأَمَّا ٱلۡغُلَٰمُ فَكَانَ أَبَوَاهُ مُؤۡمِنَيۡنِ فَخَشِينَآ أَن يُرۡهِقَهُمَا طُغۡيَٰنٗا وَكُفۡرٗا ٨٠
Что касается мальчика, то его родители являются верующими, и мы опасались, что он будет притеснять их по причине своего беззакония и неверия.
और रहा वह बालक, जिसकी हत्या करने पर आपने मेरा खंडन किया था, तो उसके माता-पिता ईमान वाले थे और वह (बालक) अल्लाह के ज्ञान में काफ़िर था। इसलिए हमें डर था कि कहीं वह बड़ा होने के बाद अपने माता-पिता को अल्लाह के साथ कुफ़्र और सरकशी के लिए न प्रेरित करे, क्योंकि माता-पिता को अपने बच्चे से असीम प्रेम होने के साथ-साथ उन्हें उसकी आवश्यकता भी होती है।
18:81Страница 302
فَأَرَدۡنَآ أَن يُبۡدِلَهُمَا رَبُّهُمَا خَيۡرٗا مِّنۡهُ زَكَوٰةٗ وَأَقۡرَبَ رُحۡمٗا ٨١
Мы захотели, чтобы Господь их даровал им вместо него того, кто будет чище и милосерднее к своим близким.
इसलिए हमने चाहा कि अल्लाह उन दोनों को उसके बदले में एक ऐसा बालक प्रदान करे, जो धार्मिकता, भलाई और पाप से बचने के मामले में उससे बेहतर हो और अपने माता-पिता के प्रति दया-भाव में उससे अधिक निकट हो।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии