Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
Аль-Бакара 2:198–225
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لَيۡسَ عَلَيۡكُمۡ جُنَاحٌ أَن تَبۡتَغُواْ فَضۡلٗا مِّن رَّبِّكُمۡۚ فَإِذَآ أَفَضۡتُم مِّنۡ عَرَفَٰتٖ فَٱذۡكُرُواْ ٱللَّهَ عِندَ ٱلۡمَشۡعَرِ ٱلۡحَرَامِۖ وَٱذۡكُرُوهُ كَمَا هَدَىٰكُمۡ وَإِن كُنتُم مِّن قَبۡلِهِۦ لَمِنَ ٱلضَّآلِّينَ ١٩٨
На вас нет греха, если вы ищете милость от своего Господа. А когда вы вернетесь с Арафата, поминайте Аллаха в Заповедном месте. Поминайте Его, поскольку Он наставил вас на прямой путь, хотя прежде вы были одними из заблудших.
ह़ज्ज के दौरान व्यापार और अन्य चीज़ों के माध्यम से ह़लाल जीविका की तलाश करने में तुमपर कोई पाप नहीं है। जब तुम ज़ुल-ह़िज्जा की नौ तारीख़ को अरफ़ा में ठहरने के बाद, दसवीं तारीख़ की रात को वहाँ से मुज़दलिफ़ा की ओर प्रस्थान करो; तो मुज़दलिफ़ा में मश्अरे ह़राम के पास तसबीह़ (सुब्ह़ानल्लाह), तहलील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और दुआ करके अल्लाह को याद करो। तथा अल्लाह को इसलिए याद करो कि उसने अपने धर्म के स्थलों और अपने घर के ह़ज्ज के अनुष्ठानों के लिए तुम्हारा मार्गदर्शन किया, क्योंकि इससे पहले तुम उन लोगों में से थे जो उसकी शरीयत से अनजान थे।
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ثُمَّ أَفِيضُواْ مِنۡ حَيۡثُ أَفَاضَ ٱلنَّاسُ وَٱسۡتَغۡفِرُواْ ٱللَّهَۚ إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ١٩٩
Затем отправляйтесь в путь оттуда, откуда отправляются остальные люди, и молите Аллаха о прощении. Воистину, Аллах - Прощающий, Милосердный.
फिर तुम अरफ़ात से वापस आओ, जैसे कि इबराहीम अलैहिस्सलाम का अनुसरण करने वाले लोग करते थे, उन जाहिलिय्यत के लोगों की तरह नहीं, जो यहाँ ठहरते ही नहीं थे। तथा तुम अल्लाह के आदेश का पालन करने में अपनी कोताही पर उससे क्षमा माँगो। निःसंदेह अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदों को क्षमा करने वाला और उनपर दया करने वाला है।
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فَإِذَا قَضَيۡتُم مَّنَٰسِكَكُمۡ فَٱذۡكُرُواْ ٱللَّهَ كَذِكۡرِكُمۡ ءَابَآءَكُمۡ أَوۡ أَشَدَّ ذِكۡرٗاۗ فَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يَقُولُ رَبَّنَآ ءَاتِنَا فِي ٱلدُّنۡيَا وَمَا لَهُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ مِنۡ خَلَٰقٖ ٢٠٠
Когда вы завершите свои обряды, то поминайте Аллаха так, как поминаете своих отцов, и даже более того. Среди людей есть такие, которые говорят: «Господь наш! Одари нас в этом мире!». Но нет им доли в Последней жизни.
जब तुम ह़ज्ज के कार्य पूरे कर लो और उनसे फारिग़ हो जाओ, तो अल्लाह को याद करो और उसकी अत्यधिक प्रशंसा करो, जैसे तुम अपने बाप-दादा पर गर्व और उनकी प्रशंसा किया करते थे, अथवा अल्लाह को अपने बाप-दादा को याद करने से कहीं बढ़कर याद करो। क्योंकि हर वह नेमत जिसका तुम आनंद ले रहे हो, वह अल्लाह ही की दी हुई है। इस विषय में लोग अलग-अलग प्रकार के हैं। उनमें से एक बहुदेववादी काफ़िर है, जो केवल इस सांसारिक जीवन पर विश्वास करता है। इसलिए वह अपने पालनहार से केवल संसार की नेमतों और उसकी शोभा, जैसे स्वास्थ्य, धन और संतान को माँगता है। ऐसे लोगों के लिए, उनके दुनिया की इच्छा रखने और आख़िरत से उपेक्षा करने के कारण, उसमें कोई हिस्सा नहीं है, जो अल्लाह ने अपने मोमिन बंदों के लिए आख़िरत में तैयार कर रखा है।
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وَمِنۡهُم مَّن يَقُولُ رَبَّنَآ ءَاتِنَا فِي ٱلدُّنۡيَا حَسَنَةٗ وَفِي ٱلۡأٓخِرَةِ حَسَنَةٗ وَقِنَا عَذَابَ ٱلنَّارِ ٢٠١
Но среди них есть такие, которые говорят: «Господь наш! Одари нас добром в этом мире и добром в Последней жизни и защити нас от мучений в Огне».
जबकि लोगों का एक समूह अल्लाह पर ईमान रखने वाला है और आख़िरत पर ईमान रखता है। इसलिए वह अपने पालनहार से दुनिया की नेमत और उसमें अच्छे कार्य का सवाल करता है, साथ ही वह उससे जन्नत की प्राप्ति और आग की यातना से सुरक्षित रहने का प्रश्न करता है।
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أُوْلَٰٓئِكَ لَهُمۡ نَصِيبٞ مِّمَّا كَسَبُواْۚ وَٱللَّهُ سَرِيعُ ٱلۡحِسَابِ ٢٠٢
Им уготован удел за то, что они приобрели. Аллах скор в расчете.
दुनिया एवं आख़िरत की भलाइयाँ माँगने वाले ही वे लोग हैं, जिनके लिए उनके दुनिया में किए हुए नेक कार्यों के बदले में बहुत बड़ा सवाब है और अल्लाह कार्यों का बहुत जल्द हिसाब लेने वाला है।
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۞ وَٱذۡكُرُواْ ٱللَّهَ فِيٓ أَيَّامٖ مَّعۡدُودَٰتٖۚ فَمَن تَعَجَّلَ فِي يَوۡمَيۡنِ فَلَآ إِثۡمَ عَلَيۡهِ وَمَن تَأَخَّرَ فَلَآ إِثۡمَ عَلَيۡهِۖ لِمَنِ ٱتَّقَىٰۗ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّكُمۡ إِلَيۡهِ تُحۡشَرُونَ ٢٠٣
Поминайте Аллаха в считанные дни (в течение трех дней в долине Мина). Кто торопится и завершает обряд за два дня, тот не совершает греха. И кто задерживается, тот также не совершает греха. Это касается богобоязненных. Бойтесь же Аллаха и знайте, что к Нему вы будете собраны.
कुछ थोड़े दिनों अर्थात् ज़ुल-ह़िज्जा के ग्यारहवें, बारहवें और तेरहवें दिन में तकबीर (अल्लाहु अकबर) और तहलील (ला इलाहा इल्लल्लाह) के साथ अल्लाह को याद करो। फिर जो जल्दी करे और बारहवीं तारीख़ को कंकरी मारने के बाद मिना से निकल जाए, तो उसके लिए ऐसा करना अनुमेय है और उसपर कोई पाप नहीं; क्योंकि अल्लाह ने उसे यह आसानी प्रदान की है। तथा जो तेरहवीं तारीख़ तक देरी करे यहाँ तक कि कंकरी मार ले, तो वह ऐसा भी कर सकता है और उसपर कोई आपत्ति की बात नहीं है, बल्कि उसने सबसे पूर्ण रूप अपनाया, और उसने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के कृत्य का पालन किया। यह सब कुछ उसके लिए है, जो अपने हज्ज में अल्लाह से डरे और उसे अल्लाह के आदेश के अनुसार अदा करे। तथा अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से बचकर उससे डरो और सुनिश्चित रहो कि तुम केवल उसी की ओर लौटाए जाओगे, फिर वह तुम्हें तुम्हारे कार्यों का बदला देगा।
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وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يُعۡجِبُكَ قَوۡلُهُۥ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَيُشۡهِدُ ٱللَّهَ عَلَىٰ مَا فِي قَلۡبِهِۦ وَهُوَ أَلَدُّ ٱلۡخِصَامِ ٢٠٤
Среди людей есть такой, чьи речи восхищают тебя в мирской жизни. Он призывает Аллаха засвидетельствовать то, что у него в душе, хотя сам является непримиримым спорщиком.
लोगों में कोई व्यक्ति मुनाफ़िक़ भी है, जिसकी बात इस दुनिया के बारे में - ऐ नबी! - आपको अच्छी लगती है। चुनाँचे आप उसे सुभाषी देखते हैं, यहाँ तक कि आपको उसके सच्चे और शुभचिंतक होने का गुमान होता है। जबकि उसका उद्देश्य केवल अपने धन एवं प्राण की रक्षा करना है। तथा उसके दिल में जो ईमान और भलाई है, उसपर वह अल्लाह को गवाह बनाता है - हालाँकि वह झूठा है -, तथा वह मुसलमानों के प्रति बहुत शत्रुतापूर्ण और सख़्त झगड़ालू है।
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وَإِذَا تَوَلَّىٰ سَعَىٰ فِي ٱلۡأَرۡضِ لِيُفۡسِدَ فِيهَا وَيُهۡلِكَ ٱلۡحَرۡثَ وَٱلنَّسۡلَۚ وَٱللَّهُ لَا يُحِبُّ ٱلۡفَسَادَ ٢٠٥
Когда он уходит, то начинает распространять нечестие на земле, уничтожать посевы и губить потомство. Но ведь Аллах не любит нечестия.
जब वह आपके पास से जुदा होता है, तो धरती में दौड़-धूप करता है ताकि गुनाहों से उपद्रव फैलाए, फसलों को नाश करे और पशुओं को मार डाले। जबकि अल्लाह धरती में उपद्रव को और उपद्रव करने वाले को पसंद नहीं करता।
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وَإِذَا قِيلَ لَهُ ٱتَّقِ ٱللَّهَ أَخَذَتۡهُ ٱلۡعِزَّةُ بِٱلۡإِثۡمِۚ فَحَسۡبُهُۥ جَهَنَّمُۖ وَلَبِئۡسَ ٱلۡمِهَادُ ٢٠٦
Когда ему говорят: «Побойся Аллаха!», гордыня подталкивает его на грех. Довольно c него Геенны! Как же скверно это ложе!
जब उस उपद्रव करने वाले से - सदुपदेश के तौर पर - कहा जाता है : अल्लाह की सीमाओं का सम्मान करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डर, तो उसका गर्व और अहंकार उसे सच्चाई की ओर लौटने से रोक देता है और वह पाप में लीन रहता है। अतः उसका बदला जो उसके लिए पर्याप्त है, जहन्नम में प्रवेश है और निश्चय वह उसके वासियों के लिए बहुत बुरा ठिकाना और स्थान है।
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وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يَشۡرِي نَفۡسَهُ ٱبۡتِغَآءَ مَرۡضَاتِ ٱللَّهِۚ وَٱللَّهُ رَءُوفُۢ بِٱلۡعِبَادِ ٢٠٧
Среди людей есть и такой, который продает свою душу, надеясь снискать довольство Аллаха, и Аллах сострадателен к рабам.
तथा लोगों में एक ईमान वाला भी है, जो अपना प्राण बेच देता है। इसलिए वह अपने पालनहार की आज्ञाकारिता में, उसके मार्ग में जिहाद करते हुए और उसकी खुशी की तलाश में उसे न्योछावर कर देता है। तथा अल्लाह अपने बंदों पर विशाल दया वाला और उनपर अनंत करुणामय है।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱدۡخُلُواْ فِي ٱلسِّلۡمِ كَآفَّةٗ وَلَا تَتَّبِعُواْ خُطُوَٰتِ ٱلشَّيۡطَٰنِۚ إِنَّهُۥ لَكُمۡ عَدُوّٞ مُّبِينٞ ٢٠٨
О те, которые уверовали! Принимайте ислам целиком и не следуйте по стопам дьявола. Воистину, он для вас - явный враг.
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! समग्र इस्लाम में प्रवेश कर जाओ और उसकी किसी भी वस्तु को न छोड़ो, जैसा कि अह्ले-किताब का रवैया रहा है कि किताब के कुछ भाग पर ईमान रखते हैं और कुछ भाग का इनकार करते हैं। और शैतान के मार्गों पर न चलो; क्योंकि वह तुम्हारा स्पष्ट शत्रु है, अपनी शत्रुता को प्रकट करने वाला है।
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فَإِن زَلَلۡتُم مِّنۢ بَعۡدِ مَا جَآءَتۡكُمُ ٱلۡبَيِّنَٰتُ فَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ ٢٠٩
А если вы споткнетесь после того, как к вам явились ясные знамения, то знайте, что Аллах - Могущественный, Мудрый.
यदि तुम अपने पास संदेह रहित स्पष्ट प्रमाण आ जाने के पश्चात भी किसी त्रुटि और झुकाव में पड़ जाओ; तो जान लो कि अल्लाह अपनी शक्ति एवं वशीकरण में पराक्रमी है, अपने प्रबंधन एवं विधान में पूर्ण हिकमत वाला है। इसलिए उससे डरो और उसका सम्मान करो।
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هَلۡ يَنظُرُونَ إِلَّآ أَن يَأۡتِيَهُمُ ٱللَّهُ فِي ظُلَلٖ مِّنَ ٱلۡغَمَامِ وَٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ وَقُضِيَ ٱلۡأَمۡرُۚ وَإِلَى ٱللَّهِ تُرۡجَعُ ٱلۡأُمُورُ ٢١٠
Неужели они ожидают чего-либо иного, кроме как того, что Аллах явится к ним вместе с ангелами, осененный облаками, и все будет решено? К Аллаху возвращаются дела.
शैतान के रास्तों पर चलने वाले, सत्य के मार्ग से विचलित ये लोग केवल इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनके बीच निर्णय करने के लिए क़ियामत के दिन अल्लाह अपनी महिमा एवं प्रताप के योग्य, बादलों के सायों में उनके पास आ जाए, तथा फ़रिश्ते भी उन्हें चारों ओर से घेरे हुए उनके पास आ जाएँ, और उस समय उनके बारे में अल्लाह के हुक्म को पूरा कर दिया जाएगा और काम तमाम हो जाएगा। तथा लोगों के सारे मामले और विषय अकेले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।
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سَلۡ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ كَمۡ ءَاتَيۡنَٰهُم مِّنۡ ءَايَةِۭ بَيِّنَةٖۗ وَمَن يُبَدِّلۡ نِعۡمَةَ ٱللَّهِ مِنۢ بَعۡدِ مَا جَآءَتۡهُ فَإِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ ٢١١
Спроси сынов Исраила (Израиля), сколько ясных знамений Мы ниспослали им. Если кто променяет милость Аллаха после того, как она явилась к нему, то ведь Аллах суров в наказании.
(ऐ नबी!) बनी इसराईल से उनकी भर्त्सना करते हुए पूछिए : अल्लाह ने तुम्हारे सामने नबियों की सच्चाई को उजागर करने वाली कितनी स्पष्ट निशानियाँ रखीं?! तो तुमने उन्हें झुठला दिया और उनसे मुँह फेर लिया। तथा जो अल्लाह की नेमत को उसे पहचान लेने और उसके स्पष्ट हो जाने के पश्चात झुठला दे और इनकार कर दे; तो (ज्ञात होना चाहिए कि) निःसंदेह अल्लाह झुठलाने वाले काफ़िरों को कठिन यातना देने वाला है।
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زُيِّنَ لِلَّذِينَ كَفَرُواْ ٱلۡحَيَوٰةُ ٱلدُّنۡيَا وَيَسۡخَرُونَ مِنَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْۘ وَٱلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ فَوۡقَهُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۗ وَٱللَّهُ يَرۡزُقُ مَن يَشَآءُ بِغَيۡرِ حِسَابٖ ٢١٢
Мирская жизнь кажется неверующим прекрасной. Они глумятся над теми, кто уверовал. Но в День воскресения богобоязненные окажутся выше них. Аллах дарует удел без расчета, кому пожелает.
अल्लाह का इनकार करने वालों के लिए सांसारिक जीवन और उसमें मौजूद क्षणिक सुखों और समाप्त हो जाने वाली खुशियों को सुंदर बना दिया गया है। तथा वे अल्लाह और अंतिम दिन पर ईमान रखने वालों का मज़ाक़ उड़ाते हैं। जबकि जो लोग अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों को त्याग करके अल्लाह से डरते हैं, वे आख़िरत में इन काफ़िरों से ऊपर होंगे। क्योंकि अल्लाह उन्हें हमेशा रहने वाली जन्नतों में ठहराएगा और अल्लाह अपनी मख़्लूक़ में से जिसे चाहता है, बिना गिनती और गणना के प्रदान करता है।
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كَانَ ٱلنَّاسُ أُمَّةٗ وَٰحِدَةٗ فَبَعَثَ ٱللَّهُ ٱلنَّبِيِّـۧنَ مُبَشِّرِينَ وَمُنذِرِينَ وَأَنزَلَ مَعَهُمُ ٱلۡكِتَٰبَ بِٱلۡحَقِّ لِيَحۡكُمَ بَيۡنَ ٱلنَّاسِ فِيمَا ٱخۡتَلَفُواْ فِيهِۚ وَمَا ٱخۡتَلَفَ فِيهِ إِلَّا ٱلَّذِينَ أُوتُوهُ مِنۢ بَعۡدِ مَا جَآءَتۡهُمُ ٱلۡبَيِّنَٰتُ بَغۡيَۢا بَيۡنَهُمۡۖ فَهَدَى ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لِمَا ٱخۡتَلَفُواْ فِيهِ مِنَ ٱلۡحَقِّ بِإِذۡنِهِۦۗ وَٱللَّهُ يَهۡدِي مَن يَشَآءُ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٍ ٢١٣
Люди были одной общиной, и Аллах отправил пророков добрыми вестниками и предостерегающими увещевателями, ниспослал вместе с ними Писание с истиной, чтобы рассудить людей в том, в чем они разошлись во мнениях. Но разошлись во мнениях относительно этого только те, кому было даровано Писание, после того, как к ним явились ясные знамения, по причине зависти и несправедливого отношения друг к другу. Аллах по Своей воле направил тех, которые уверовали, к истине, относительно которой они разошлись во мнениях. Аллах наставляет на прямой путь, кого пожелает.
(शुरू में) लोग एक ही समुदाय थे, अपने पिता आदम के धर्म पर (रहते हुए) मार्गदर्शन पर सहमत थे, यहाँ तक कि शैतान ने उन्हें गुमराह कर दिया, तो वे मतभेद के शिकार होकर मोमिन और काफिर में बँट गए। इस कारण से, अल्लाह ने रसूलों को भेजा, जो ईमान वालों और आज्ञाकारियों को उस चीज़ की शुभ सूचना देने वाले थे जो अल्लाह ने अपनी दया में से उनके लिए तैयार कर रखी है, तथा कुफ़्र का मार्ग अपनाने वालों को अल्लाह की कठिन यातना से डराने वाले थे जिसकी उसने उन्हें धमकी दी है। तथा अल्लाह ने अपने रसूलों के साथ संदेह रहित सत्य पर आधारित किताबें उतारीं; ताकि वे लोगों के बीच उनके विवादित मामलों का निर्णय करें। और उस पुस्तक में जिसे अल्लाह ने अवतरित किया - और वह तौरात है - उन्हीं लोगों ने मतभेद किया जो यहूदियों में से उसका ज्ञान दिए गए थे, इसके बाद कि उनके पास अल्लाह के प्रमाण आ चुके थे कि वह अल्लाह की ओर से सच्ची (पुस्तक) है, जिसमें उनके लिए मतभेद करना संभव नहीं था, उन्होंने ऐसा अत्याचार करते हुए किया। इसलिए अल्लाह ने अपनी अनुमति और इच्छा से मोमिनों को गुमराही से मार्गदर्शन को पहचानने का सामर्थ्य प्रदान किया। तथा अल्लाह जिसे चाहता है सीधा मार्ग दिखाता है, जिसमें कोई टेढ़ापन नहीं है और वह ईमान का मार्ग है।
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أَمۡ حَسِبۡتُمۡ أَن تَدۡخُلُواْ ٱلۡجَنَّةَ وَلَمَّا يَأۡتِكُم مَّثَلُ ٱلَّذِينَ خَلَوۡاْ مِن قَبۡلِكُمۖ مَّسَّتۡهُمُ ٱلۡبَأۡسَآءُ وَٱلضَّرَّآءُ وَزُلۡزِلُواْ حَتَّىٰ يَقُولَ ٱلرَّسُولُ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مَعَهُۥ مَتَىٰ نَصۡرُ ٱللَّهِۗ أَلَآ إِنَّ نَصۡرَ ٱللَّهِ قَرِيبٞ ٢١٤
Или вы полагали, что войдете в Рай, не испытав того, что постигло ваших предшественников? Их поражали нищета и болезни. Они переживали такие потрясения, что Посланник и уверовавшие вместе с ним говорили: «Когда же придет помощь Аллаха?». Воистину, помощь Аллаха близка.
या (ऐ मोमिनो!) तुमने समझ रखा है कि तुम जन्नत में प्रवेश कर जाओगे, जबकि तुम अभी तक अपने से पहले गुज़रे हुए लोगों के परीक्षा की तरह किसी परीक्षा से पीड़ित नहीं हुए। वे सख़्त ग़रीबी और गंभीर बीमारी से प्रभावित हुए और डर ने उन्हें हिलाकर रख दिया, यहाँ तक कि उनपर विपत्ति इस हद तक पहुँच गई कि वे अल्लाह की मदद के जल्दी आने की कामना करने लगे। चुनाँचे रसूल और उनके साथ ईमान लाने वाले कहने लगे : अल्लाह की मदद कब आएगी? सुन लो, अल्लाह की मदद उसपर ईमान रखने वालों और उसपर भरोसा करने वालों से क़रीब ही है।
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يَسۡـَٔلُونَكَ مَاذَا يُنفِقُونَۖ قُلۡ مَآ أَنفَقۡتُم مِّنۡ خَيۡرٖ فَلِلۡوَٰلِدَيۡنِ وَٱلۡأَقۡرَبِينَ وَٱلۡيَتَٰمَىٰ وَٱلۡمَسَٰكِينِ وَٱبۡنِ ٱلسَّبِيلِۗ وَمَا تَفۡعَلُواْ مِنۡ خَيۡرٖ فَإِنَّ ٱللَّهَ بِهِۦ عَلِيمٞ ٢١٥
Они спрашивают тебя, что они должны расходовать. Скажи: «Любое добро, которое вы раздаете, должно достаться родителям, близким родственникам, сиротам, беднякам, путникам. Что бы вы ни сделали доброго, Аллах знает об этом».
(ऐ नबी!) आपके साथी आपसे पूछते हैं : वे अपने विभिन्न प्रकार के धनों में से क्या ख़र्च करें और कहाँ ख़र्च करें? तो आप उन्हें जवाब देते हुए कह दीजिए : तुम ख़ैर - अर्थात् हलाल एवं पवित्र धन - में से जो भी ख़र्च करो, तो उसे माता-पिता पर, आवश्यकता के अनुसार अपने निकटतम रिश्तेदारों पर, ज़रूरतमंद यतीमों पर, उन बेसहारा लोगों पर जिनके पास कोई धन नहीं, तथा उस यात्री पर ख़र्च करना चाहिए जो यात्रा के कारण अपने परिवार और स्वदेश से कट गया है। (ऐ मोमिनो!) तुम जो भी भलाई करोगे, चाहे वह कम हो या अधिक, निःसंदेह अल्लाह उसे जानने वाला है, उससे कुछ भी छिपा नहीं है, और वह तुम्हें उसका बदला देगा।
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كُتِبَ عَلَيۡكُمُ ٱلۡقِتَالُ وَهُوَ كُرۡهٞ لَّكُمۡۖ وَعَسَىٰٓ أَن تَكۡرَهُواْ شَيۡـٔٗا وَهُوَ خَيۡرٞ لَّكُمۡۖ وَعَسَىٰٓ أَن تُحِبُّواْ شَيۡـٔٗا وَهُوَ شَرّٞ لَّكُمۡۚ وَٱللَّهُ يَعۡلَمُ وَأَنتُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ ٢١٦
Вам предписано сражаться, хотя это вам неприятно. Быть может, вам неприятно то, что является благом для вас. И быть может, вы любите то, что является злом для вас. Аллах знает, а вы не знаете.
(ऐ मोमिनो!) तुमपर अल्लाह के रास्ते में लड़ाई करना अनिवार्य कर दिया गया है, हालाँकि स्वाभाविक रूप से दिल उसे नापसंद करता है; क्योंकि इसमें जान एवं माल दोनों ख़र्च करना पड़ता है। और शायद तुम किसी चीज़ को नापसंद करो और वह वास्तव में तुम्हारे हक़ में बेहतर और लाभदायक हो; जैसे कि अल्लाह के मार्ग में लड़ाई करना। क्योंकि इसके प्रतिफल की महानता के साथ, इसमें शत्रुओं पर विजय और अल्लाह के धर्म की सर्वोपरि है। तथा शायद तुम किसी चीज़ को पसंद करो और वह चीज़ तुम्हारे लिए बुरी और विपत्ति (संकट) का करण हो; जैसे कि जिहाद से पीछे रहना। क्योंकि इसमें निःसहायता और दुश्मनों का प्रभुत्व है। और अल्लाह अच्छी और बुरी बातों को भली-भाँति जानता है, और तुम उसे नहीं जानते, सो तुम उसकी आज्ञा का पालन करो; क्योंकि इसी में तुम्हारे लिए भलाई है।
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يَسۡـَٔلُونَكَ عَنِ ٱلشَّهۡرِ ٱلۡحَرَامِ قِتَالٖ فِيهِۖ قُلۡ قِتَالٞ فِيهِ كَبِيرٞۚ وَصَدٌّ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ وَكُفۡرُۢ بِهِۦ وَٱلۡمَسۡجِدِ ٱلۡحَرَامِ وَإِخۡرَاجُ أَهۡلِهِۦ مِنۡهُ أَكۡبَرُ عِندَ ٱللَّهِۚ وَٱلۡفِتۡنَةُ أَكۡبَرُ مِنَ ٱلۡقَتۡلِۗ وَلَا يَزَالُونَ يُقَٰتِلُونَكُمۡ حَتَّىٰ يَرُدُّوكُمۡ عَن دِينِكُمۡ إِنِ ٱسۡتَطَٰعُواْۚ وَمَن يَرۡتَدِدۡ مِنكُمۡ عَن دِينِهِۦ فَيَمُتۡ وَهُوَ كَافِرٞ فَأُوْلَٰٓئِكَ حَبِطَتۡ أَعۡمَٰلُهُمۡ فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِۖ وَأُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ ٢١٧
Они спрашивают тебя о сражении в запретный месяц. Скажи: «Сражаться в этот месяц - великое преступление. Однако сбивать других с пути Аллаха, не веровать в Него, не пускать в Заповедную мечеть и выгонять оттуда ее жителей - еще большее преступление перед Аллахом. Искушение хуже, чем убийство. Они не перестанут сражаться с вами, пока не отвратят вас от вашей религии, если только смогут. А если кто из вас отступит от своей религии и умрет неверующим, то его деяния окажутся тщетными как в этом мире, так и в Последней жизни. Они являются обитателями Огня и останутся там вечно».
(ऐ नबी!) लोग आपसे सम्मानित महीनों : ज़ुल-क़ादा, ज़ुल-ह़िज्जा, मुहर्रम और रजब में युद्ध करने के बारे में पूछते हैं। आप उन्हें जवाब देते हुए कह दीजिए : इन महीनों में युद्ध करना अल्लाह के यहाँ बहुत गंभीर और नापसंदीदा (निंदनीय) है, जिस तरह कि मुश्रिकों का अल्लाह की राह से रोकना भी नापसंदीदा (निंदनीय) है। जबकि मोमिनों को मस्जिदे-हराम से रोकना और मस्जिदे-हराम के वासियों को वहाँ से निकालना अल्लाह के निकट सम्मानित महीनों में युद्ध करने की तुलना में अधिक गंभीर (पाप) है। तथा वह शिर्क जिसमें वे लिप्त हैं, क़त्ल से भी अधिक गंभीर है। तथा ये अनेकेश्वरवादी (मुश्रिक लोग) अपने अत्याचार के उपरांत - ऐ ईमान वालो! - तुमसे लड़ते रहेंगे यहाँ तक कि तुम्हें तुम्हारे सच्चे धर्म से हटाकर अपने असत्य धर्म की ओर फेर दें, यदि वे ऐसा करने में सक्षम हों। परंतु तुममें से जो व्यक्ति अपने धर्म से फिर जाए और अल्लाह के इनकार ही की हालत में मर जाए; तो निश्चय उसका अच्छा कार्य बेकार हो गया और आख़िरत में उसका परिणाम आग में दाख़िल होना और हमेशा के लिए उसी में रहना है।
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إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَٱلَّذِينَ هَاجَرُواْ وَجَٰهَدُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ أُوْلَٰٓئِكَ يَرۡجُونَ رَحۡمَتَ ٱللَّهِۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ٢١٨
Воистину, те, которые уверовали, совершили переселение и сражались на пути Аллаха, надеются на милость Аллаха. А ведь Аллах - Прощающий, Милосердный.
निःसंदेह जो लोग अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए, और जिन्होंने अपने घर-बार छोड़कर अल्लाह और उसके रसूल की ओर हिजरत की तथा अल्लाह के धर्म को सर्वोच्च करने के लिए जिहाद किया; वही लोग अल्लाह की रहमत और उसकी क्षमा की उम्मीद रखते हैं और अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को बहुत क्षमा करने वाला, उनपर बेहद दया करने वाला है।
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۞ يَسۡـَٔلُونَكَ عَنِ ٱلۡخَمۡرِ وَٱلۡمَيۡسِرِۖ قُلۡ فِيهِمَآ إِثۡمٞ كَبِيرٞ وَمَنَٰفِعُ لِلنَّاسِ وَإِثۡمُهُمَآ أَكۡبَرُ مِن نَّفۡعِهِمَاۗ وَيَسۡـَٔلُونَكَ مَاذَا يُنفِقُونَۖ قُلِ ٱلۡعَفۡوَۗ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمُ ٱلۡأٓيَٰتِ لَعَلَّكُمۡ تَتَفَكَّرُونَ ٢١٩
Они спрашивают тебя об опьяняющих напитках и азартных играх. Скажи: «В них есть большой грех, но есть и польза для людей, хотя греха в них больше, чем пользы». Они спрашивают тебя, что они должны расходовать. Скажи: «Излишек». Так Аллах разъясняет вам знамения, - быть может, вы поразмыслите
(ऐ नबी!) आपके साथी आपसे शराब (अर्थात् हर वह चीज़ जो अक़्ल को ढाँप ले और उससे बुद्धि चली जाए) के बारे में पूछते हैं; वे आपसे उसके पीने, बेचने और खरीदने के हुक्म के बारे में पूछते हैं। तथा वे आपसे जुए के हुक्म के बारे में पूछते हैं (जुआ से अभिप्राय वह धन है जो उन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्राप्त किया जाता है जिनमें प्रतियोगिता में शामिल दोनों पक्षों की ओर से मुआवज़ा रखा जाता है) तो आप उन्हें जवाब देते हुए कह दीजिए : इन दोनों में बहुत-से सांसारिक एवं धार्मिक नुक़सान और बुराइयाँ हैं; जैसे- बुद्धि और धन की हानि, दुश्मनी और द्वेष में पड़ना। जबकि उन दोनों में थोड़े लाभ भी हैं, जैसे- कुछ धन की प्राप्ति। परंतु इनका नुक़सान और इनके द्वारा होने वाला पाप इनके लाभ से अधिक है। और जिस चीज़ का नुक़सान उसके लाभ से अधिक हो; बुद्धिमान व्यक्ति उससे बचता है। अल्लाह की ओर से यह वर्णन शराब के निषेध की प्रस्तावना है। तथा (ऐ नबी!) आपके सह़ाबा आपसे पूछते हैं कि वे अपने धन की कितनी मात्रा स्वेच्छा से और दान के रूप में खर्च करें? आप उन्हें जवाब देते हुए कह दीजिए : अपने धन में से उसे ख़र्च करो, जो तुम्हारी ज़रूरत से अधिक हो। (यह शुरू इस्लाम में था, फिर उसके बाद अल्लाह ने विशिष्ट धनों और निर्धारित निसाबों में अनिवार्य ज़कात का क़ानून बना दिया।) इसी तरह के स्पष्ट बयान के साथ, अल्लाह तुम्हारे लिए शरीयत के आदेशों को बयान करता है, ताकि तुम सोच-विचार करो।
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فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِۗ وَيَسۡـَٔلُونَكَ عَنِ ٱلۡيَتَٰمَىٰۖ قُلۡ إِصۡلَاحٞ لَّهُمۡ خَيۡرٞۖ وَإِن تُخَالِطُوهُمۡ فَإِخۡوَٰنُكُمۡۚ وَٱللَّهُ يَعۡلَمُ ٱلۡمُفۡسِدَ مِنَ ٱلۡمُصۡلِحِۚ وَلَوۡ شَآءَ ٱللَّهُ لَأَعۡنَتَكُمۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٞ ٢٢٠
над этим миром и Последней жизнью. Они спрашивают тебя о сиротах. Скажи: «Делать им добро - хорошо. Если вы объедините свои дела, то ведь они - ваши братья. Аллах отличает распространяющего нечестие от творящего добро. Если бы Аллах захотел, то поставил бы вас в затруднительное положение. Воистину, Аллах - Могущественный, Мудрый».
यह (उक्त विधान) इसलिए निर्धारित किया गया है ताकि तुम सोच-विचार करो कि दुनिया एवं आख़िरत में कौन-सी चीज़ तुम्हारे लिए लाभदायक है। तथा (ऐ नबी!) आपके साथी आपसे अनाथों के अभिभावक बनने के बारे में पूछते हैं कि : वे उनके साथ कैसा व्यवहार करें? क्या वे अनाथों के धन को ख़र्च, खाने-पीने और रहने-सहने में अपने धन के साथ मिला लें? आप उन्हें जवाब देते हुए कह दीजिए : यदि तुम बिना मुआवज़े के या उनके धन को अपने धन में मिलाए बिना उनके धन के सुधार के लिए काम करो, तो तुम्हारे लिए अल्लाह के निकट सबसे अच्छा और अधिक अज्र व सवाब वाला है, तथा यह उनके लिए उनके धन में उत्तम है; क्योंकि इसमें उनके धन का संरक्षण है। और यदि तुम उनके धन को अपने धन के साथ मिलाकर खाने-पीने और आवास आदि में उनके साथ साझा कर लो; तो इसमें कोई आपत्ति की बात नहीं है। क्योंकि वे तुम्हारे धार्मिक भाई हैं और भाई एक-दूसरे की मदद करते हैं और एक-दूसरे के मामलों की देख-भाल करते हैं। और अल्लाह खूब जानता है कि कौन अभिभावक अनाथों के धन को अपने साथ मिलाकर उसमें सुधार चाहता है और कौन बिगाड़ चाहता है। यदि अल्लाह यतीमों के बारे में तुम्हें परेशानी में डालना चाहता, तो वह तुम्हें अवश्य परेशानी में डाल देता। लेकिन अल्लाह ने तुम्हारे लिए उनके साथ व्यवहार का रास्ता आसान कर दिया; क्योंकि उसकी शरीयत आसानी पर आधारित है। निःसंदेह अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली है, उसे कोई चीज़ परास्त नहीं कर सकती। वह अपनी रचना, प्रबंधन और विधान में हिकमत वाला है।
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وَلَا تَنكِحُواْ ٱلۡمُشۡرِكَٰتِ حَتَّىٰ يُؤۡمِنَّۚ وَلَأَمَةٞ مُّؤۡمِنَةٌ خَيۡرٞ مِّن مُّشۡرِكَةٖ وَلَوۡ أَعۡجَبَتۡكُمۡۗ وَلَا تُنكِحُواْ ٱلۡمُشۡرِكِينَ حَتَّىٰ يُؤۡمِنُواْۚ وَلَعَبۡدٞ مُّؤۡمِنٌ خَيۡرٞ مِّن مُّشۡرِكٖ وَلَوۡ أَعۡجَبَكُمۡۗ أُوْلَٰٓئِكَ يَدۡعُونَ إِلَى ٱلنَّارِۖ وَٱللَّهُ يَدۡعُوٓاْ إِلَى ٱلۡجَنَّةِ وَٱلۡمَغۡفِرَةِ بِإِذۡنِهِۦۖ وَيُبَيِّنُ ءَايَٰتِهِۦ لِلنَّاسِ لَعَلَّهُمۡ يَتَذَكَّرُونَ ٢٢١
Не женитесь на язычницах, пока они не уверуют. Безусловно, верующая невольница лучше язычницы, даже если она понравилась вам. Не выдавайте мусульманок замуж за язычников, пока они не уверуют. Безусловно, верующий невольник лучше язычника, даже если он понравился вам. Они зовут к Огню, а Аллах зовет к Раю и прощению со Своего соизволения. Он разъясняет людям Свои знамения, - быть может, они помянут назидание.
(ऐ मोमिनो!) अल्लाह के साथ शिर्क करने वाली स्त्रियों से शादी न करो, यहाँ तक कि वे एक अल्लाह पर ईमान ले आएँ और इस्लाम में प्रवेश कर जाएँ। निश्चय अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान रखने वाली दासी, एक मूर्ति की पूजा करने वाली आज़ाद स्त्री से उत्तम है, भले ही वह अपनी सुंदरता और धन के कारण आपको पसंद हो। इसी तरह मुसलमान स्त्रियों का निकाह मुश्रिक मर्दों से न करो, निश्चय अल्लाह और उसके रसूल पर विश्वास रखने वाला एक मोमिन ग़ुलाम, एक आज़ाद मुश्रिक से उत्तम है, भले ही वह तुम्हें अच्छा लगे। ये शिर्क में लिप्त लोग - पुरुष और महिलाएँ - अपने शब्दों और कार्यों के साथ उसकी ओर बुलाते हैं, जो जहन्नम में प्रवेश करने की ओर ले जाता है। जबकि अल्लाह अच्छे कार्यों की ओर बुलाता है, जो उसकी अनुमति और अनुग्रह से जन्नत में प्रवेश करने और पापों की क्षमा का कारण बनते हैं। तथा वह अपनी आयतों को लोगों के लिए स्पष्ट करता है, ताकि वे उसपर विचार कर सकें जो उनसे इंगित होता है, फिर उसके अनुसार कार्य करें।
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وَيَسۡـَٔلُونَكَ عَنِ ٱلۡمَحِيضِۖ قُلۡ هُوَ أَذٗى فَٱعۡتَزِلُواْ ٱلنِّسَآءَ فِي ٱلۡمَحِيضِ وَلَا تَقۡرَبُوهُنَّ حَتَّىٰ يَطۡهُرۡنَۖ فَإِذَا تَطَهَّرۡنَ فَأۡتُوهُنَّ مِنۡ حَيۡثُ أَمَرَكُمُ ٱللَّهُۚ إِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلتَّوَّٰبِينَ وَيُحِبُّ ٱلۡمُتَطَهِّرِينَ ٢٢٢
Они спрашивают тебя о менструациях. Скажи: «Они причиняют страдания. Посему избегайте половой близости с женщинами во время менструаций и не приближайтесь к ним, пока они не очистятся. А когда они очистятся, то приходите к ним так, как повелел вам Аллах. Воистину, Аллах любит кающихся и любит очищающихся».
(ऐ नबी!) आपके साथी आपसे मासिक धर्म (यह एक प्राकृतिक रक्त है जो विशिष्ट समय पर महिला के गर्भाशय से निकलता है) के बारे में पूछते हैं। आप उन्हें जवाब देते हुए कह दीजिए : मासिक धर्म पुरुष और महिला दोनों के लिए कष्टदायक (हानिकारक) है, इसलिए उसके समय पर महिलाओं के साथ संभोग करने से बचो, तथा संभोग के उद्देश्य से उनके पास न जाओ, यहाँ तक कि उनका रक्त बंद हो जाए और वे स्नान करके उससे अच्छी तरह पाक-साफ़ हो जाएँ। जब रक्त बंद हो जाए और वे उससे पवित्र हो जाएँ, तो उनसे उस तरीक़े से संभोग करो, जो अल्लाह ने तुम्हारे लिए अनुमेय किया है : इस हाल में कि वे पाक हों और उनकी योनि में संभोग किया जाए। अल्लाह उन लोगों से प्रेम करता है, जो गुनाहों से बहुत ज़्यादा तौबा करने वाले और गंदगियों से पवित्रता हासिल करने में अतिशयोक्ति से काम लेने वाले हैं।
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نِسَآؤُكُمۡ حَرۡثٞ لَّكُمۡ فَأۡتُواْ حَرۡثَكُمۡ أَنَّىٰ شِئۡتُمۡۖ وَقَدِّمُواْ لِأَنفُسِكُمۡۚ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّكُم مُّلَٰقُوهُۗ وَبَشِّرِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٢٢٣
Ваши жены являются пашней для вас. Приходите же на вашу пашню, когда и как пожелаете. Готовьте для себя добрые деяния, бойтесь Аллаха и знайте, что вы встретитесь с Ним. Обрадуй же верующих!
तुम्हारी पत्नियाँ तुम्हारे लिए रोपण स्थान हैं, वे तुम्हारे लिए बच्चे जनती हैं; वैसे ही जैसे भूमि फल देती है। इसलिए रोपने के स्थान पर - जो कि योनि है - जिस दिशा से भी चाहो और जिस तरह भी चाहो आओ, बशर्ते कि वह योनि में हो। तथा अपने लिए अच्छे कार्य आगे भेजो, जिसमें यह भी शामिल है कि आदमी अपनी पत्नी के साथ अल्लाह की निकटता प्राप्त करने और नेक संतान की उम्मीद में संभोग करे। तथा अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, उससे डरो। जिसमें वह भी शामिल है जो उसने महिलाओं के बारे में तुम्हारे लिए निर्धारित किया है। और जान लो कि तुम क़ियामत के दिन उससे मिलने वाले हो, उसके सामने खड़े होने वाले हो और वह तुम्हें तुम्हारे कार्यों का बदला देने वाला है। और - ऐ नबी! - मोमिनों को शुभ समाचार सुना दीजिए कि उन्हें अपने पालनहार से मुलाक़ात के समय हमेशा बाक़ी रहने वाली नेमतें मिलेंगी और अल्लाह के सम्मानित चेहरे को देखने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
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وَلَا تَجۡعَلُواْ ٱللَّهَ عُرۡضَةٗ لِّأَيۡمَٰنِكُمۡ أَن تَبَرُّواْ وَتَتَّقُواْ وَتُصۡلِحُواْ بَيۡنَ ٱلنَّاسِۚ وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٞ ٢٢٤
Пусть клятва именем Аллаха не мешает вам творить добро, быть богобоязненным и примирять людей. Аллах - Слышащий, Знающий.
अल्लाह की क़सम को नेकी करने, परहेज़गारी तथा लोगों के बीच मेल-मिलाप कराने के विरुद्ध तर्क मत बनाओ। बल्कि अगर तुम भलाई न करने की क़सम खा लो; तो भलाई का कार्य करो और अपनी क़समों का कफ़्फ़ारा अदा कर दो। तथा अल्लाह तुम्हारी बातों को सुनने वाला, तुम्हारे कार्यों को जानने वाला है, और वह तुम्हें उनका बदला देगा।
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لَّا يُؤَاخِذُكُمُ ٱللَّهُ بِٱللَّغۡوِ فِيٓ أَيۡمَٰنِكُمۡ وَلَٰكِن يُؤَاخِذُكُم بِمَا كَسَبَتۡ قُلُوبُكُمۡۗ وَٱللَّهُ غَفُورٌ حَلِيمٞ ٢٢٥
Аллах не призовет вас к ответу за непреднамеренные клятвы, но призовет вас к ответу за то, что приобрели ваши сердца. Аллах - Прощающий, Выдержанный.
अल्लाह तुम्हें उन क़समों के कारण नहीं पकड़ता, जो बिना इरादे के तुम्हारी ज़बानों पर आ जाती हैं, जैसे तुममें से किसी व्यक्ति का : 'ला वल्लाह' (नहीं, अल्लाह की क़सम!) और 'बला वल्लाह' (हाँ, अल्लाह की क़सम!) कहना। इन क़समों में तुमपर न कोई कफ़्फ़ारा (प्रायश्चित) है और न कोई दंड। परंतु उन क़समों में से जिसका तुमने इरादा किया है, उसपर वह तुम्हारी पकड़ करेगा। तथा अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत सहनशील है, उन्हें सज़ा देने में जल्दी नहीं करता।
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