Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
Аль-Хаджж 22:39–77
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أُذِنَ لِلَّذِينَ يُقَٰتَلُونَ بِأَنَّهُمۡ ظُلِمُواْۚ وَإِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ نَصۡرِهِمۡ لَقَدِيرٌ ٣٩
Дозволено тем, против кого сражаются, сражаться, потому что с ними поступили несправедливо. Воистину, Аллах способен помочь им.
अल्लाह ने उन ईमान वालों को युद्ध की अनुमति दे दी है, जिनसे मुश्रिक लोग युद्ध करते हैं, क्योंकि उनके दुश्मनों की ओर से उनपर बड़ा अत्याचार हुआ है, और निश्चय अल्लाह युद्ध के बिना ही ईमान वालों को उनके शत्रुओं पर विजय प्रदान करने की शक्ति रखता है, लेकिन उसकी हिकमत की अपेक्षा यह है कि वह मोमिनों को काफ़िरों से युद्ध के माध्यम से आज़माए।
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ٱلَّذِينَ أُخۡرِجُواْ مِن دِيَٰرِهِم بِغَيۡرِ حَقٍّ إِلَّآ أَن يَقُولُواْ رَبُّنَا ٱللَّهُۗ وَلَوۡلَا دَفۡعُ ٱللَّهِ ٱلنَّاسَ بَعۡضَهُم بِبَعۡضٖ لَّهُدِّمَتۡ صَوَٰمِعُ وَبِيَعٞ وَصَلَوَٰتٞ وَمَسَٰجِدُ يُذۡكَرُ فِيهَا ٱسۡمُ ٱللَّهِ كَثِيرٗاۗ وَلَيَنصُرَنَّ ٱللَّهُ مَن يَنصُرُهُۥٓۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَقَوِيٌّ عَزِيزٌ ٤٠
Они были несправедливо изгнаны из своих жилищ только за то, что говорили: «Наш Господь - Аллах». Если бы Аллах не позволил одним людям защищаться от других, то были бы разрушены кельи, церкви, синагоги и мечети, в которых премного поминают имя Аллаха. Аллах непременно помогает тому, кто помогает Ему. Воистину, Аллах - Всесильный, Могущественный.
वे लोग जिन्हें काफ़िरों ने उनके घरों से अन्यायपूर्ण तरीक़े से निकाल दिया, न कि उनके द्वारा किए गए किसी अपराध के कारण, उन्होंने केवल इतना कहा था : हमारा पालनहार अल्लाह है, उसके सिवा हमारा कोई पालनहार नहीं है। और अगर अल्लाह नबियों और ईमान वालों के लिए दुश्मनों से युद्ध करना धर्मसंगत न बनाया होता, तो वे इबादत के स्थानों पर हमला करते और संतों के आश्रम, ईसाइयों के गिरजे, यहूदियों के पूजा स्थल और मुसलमानों की मस्जिदों को ध्वस्त कर देते, जिनमें मुसलमान अल्लाह को बहुत ज़्यादा याद करते हैं। निश्चय अल्लाह ज़रूर उसकी मदद करेगा, जो उसके धर्म और नबी की मदद करने वाला है। निःसंदेह अल्लाह उसकी मदद करने में सक्षम है, जो उसके धर्म की मदद करता है। वह प्रभुत्वशाली है, उसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता।
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ٱلَّذِينَ إِن مَّكَّنَّٰهُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ أَقَامُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتَوُاْ ٱلزَّكَوٰةَ وَأَمَرُواْ بِٱلۡمَعۡرُوفِ وَنَهَوۡاْ عَنِ ٱلۡمُنكَرِۗ وَلِلَّهِ عَٰقِبَةُ ٱلۡأُمُورِ ٤١
Если Мы одарим их властью на земле, они будут совершать намаз, выплачивать закят, велеть совершать одобряемое и запрещать предосудительное. А исход всех дел - у Аллаха.
ये लोग जिनसे विजय का वादा किया गया है, वे हैं कि यदि हम उन्हें उनके दुश्मनों पर विजय देकर धर्ती में उन्हें आधिपत्य प्रदान करें, तो वे पूर्ण रूप से नमाज़ पढ़ेंगे, अपने धन की ज़कात देंगे, शरीयत ने जिन कामों का आदेश दिया है उनका हुक्म देंगे और जिन कामों से रोका है उनसे रोकेंगे। और सवाब तथा सज़ा देने के संबंध में सभी मामले केवल अल्लाह ही की ओर लौटते हैं।
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وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدۡ كَذَّبَتۡ قَبۡلَهُمۡ قَوۡمُ نُوحٖ وَعَادٞ وَثَمُودُ ٤٢
Если они сочтут тебя лжецом, то ведь еще раньше пророков считали лжецами народ Нуха (Ноя), адиты, самудяне,
और (ऐ रसूल!) यदि आपकी जाति के लोग आपको झुठलाते हैं, तो आप सब्र से काम लें। क्योंकि आप पहले व्यक्ति नहीं हैं, जिसे उसकी जाति के लोगों ने झुठलाया हो। आपकी जाति से पहले नूह अलैहिस्सलाम की जाति के लोगों ने नूह अलैहिस्सलाम को, आद जाति के लोगों ने हूद अलैहिस्सलाम को और समूद जाति के लोगों ने सालेह अलैहिस्सलाम को झुठलाया।
तथा इबराहीम अलैहिस्सलाम की जाति के लोगों ने इबराहीम अलैहिस्सलाम को और लूत अलैहिस्सलाम की जाति ने लूत अलैहिस्सलाम को झुठलाया।
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وَأَصۡحَٰبُ مَدۡيَنَۖ وَكُذِّبَ مُوسَىٰۖ فَأَمۡلَيۡتُ لِلۡكَٰفِرِينَ ثُمَّ أَخَذۡتُهُمۡۖ فَكَيۡفَ كَانَ نَكِيرِ ٤٤
и жители Мадьяна. Мусу (Моисея) тоже сочли лжецом. Я предоставил отсрочку неверующим, а затем схватил их. Каким же было Мое обличение!
तथा मदयन वालों ने शुऐब अलैहिस्सलाम को झुठलाया, और फ़िरऔन और उसकी जाति के लोगों ने मूसा अलैहिस्सलाम को झुठलाया, तो मैंने उन्हें ढील देते हुए उनको यातना देने में देरी की, फिर उन्हें यातना से ग्रस्त कर दिया। तो विचार करो कि उनके प्रति मेरा इनकार कैसा था? मैंने उनके कुफ़्र के कारण उन्हें नष्ट कर दिया।
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فَكَأَيِّن مِّن قَرۡيَةٍ أَهۡلَكۡنَٰهَا وَهِيَ ظَالِمَةٞ فَهِيَ خَاوِيَةٌ عَلَىٰ عُرُوشِهَا وَبِئۡرٖ مُّعَطَّلَةٖ وَقَصۡرٖ مَّشِيدٍ ٤٥
Сколько селений, которые были несправедливы, Мы погубили, и теперь они разрушены до основания. Сколько заброшенных колодцев и воздвигнутых дворцов!
कितनी ही ऐसी बस्तियाँ हैं, जिन्हें हमने एक उन्मूलन करने वाली यातना के द्वारा नष्ट कर दिया (जबकि वे अपने कुफ़्र के कारण अत्याचारी थीं)। तो उनके घर ध्वस्त होकर निवासियों से खाली पड़े हैं। तथा कितने ऐसे कुएँ हैं, जो उनपर पानी लेने के लिए आने वालों से उनके विनाश के कारण खाली पड़े हैं, और कितने ऐसे ऊँचे-ऊँचे अलंकृत महल हैं, जो अपने निवासियों को यातना से नहीं बचा सके।
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أَفَلَمۡ يَسِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَتَكُونَ لَهُمۡ قُلُوبٞ يَعۡقِلُونَ بِهَآ أَوۡ ءَاذَانٞ يَسۡمَعُونَ بِهَاۖ فَإِنَّهَا لَا تَعۡمَى ٱلۡأَبۡصَٰرُ وَلَٰكِن تَعۡمَى ٱلۡقُلُوبُ ٱلَّتِي فِي ٱلصُّدُورِ ٤٦
Разве они не странствовали по земле, имея сердца, посредством которых они могли разуметь, и уши, посредством которых они могли слушать? Воистину, слепнут не глаза, а слепнут сердца, находящиеся в груди.
क्या रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की लाई हुई शिक्षाओं का इनकार करने वाले ये लोग धरती में नहीं चले-फिरे, ताकि उन विनष्ट बस्तियों के निशान (खंडहर) देखें, और अपने मन से विचार करके शिक्षा ग्रहण करें, तथा उनकी कहानियों को मानने के उद्देश्य से सुनकर सीख लें, क्योंकि असल अंधापन आँख का अंधापन नहीं है, बल्कि विनाशकारी अंधापन अंतर्दृष्टि का अंधापन है, जिसके बाद इनसान न शिक्षा ग्रहण करता है और न सीख प्राप्त करता है।
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وَيَسۡتَعۡجِلُونَكَ بِٱلۡعَذَابِ وَلَن يُخۡلِفَ ٱللَّهُ وَعۡدَهُۥۚ وَإِنَّ يَوۡمًا عِندَ رَبِّكَ كَأَلۡفِ سَنَةٖ مِّمَّا تَعُدُّونَ ٤٧
Они торопят тебя с наказанием, но Аллах не нарушает Своего обещания, и день у твоего Господа равен тысяче лет по тому, как вы считаете.
और (ऐ रसूल!) आपकी जाति के काफ़िरों को जब दुनिया एवं आख़िरत की यातना से डराया जाता है, तो उसे जल्दी लाने की माँग करने लगते हैं, हालाँकि अल्लाह ने उनसे जो वादा किया है, वह उसके विरुद्ध हरगिज़ नहीं करेगा। दुनिया की यातना का एक अंश वह पराजय भी है, जिसका सामना उन्हें बद्र के दिन करना पड़ा, और आख़िरत की यातना का एक दिन, कष्टदायक होने के कारण, तुम्हारी दुनिया की गिनती के अनुसार एक हज़ार साल के बराबर है।
22:48Страница 338
وَكَأَيِّن مِّن قَرۡيَةٍ أَمۡلَيۡتُ لَهَا وَهِيَ ظَالِمَةٞ ثُمَّ أَخَذۡتُهَا وَإِلَيَّ ٱلۡمَصِيرُ ٤٨
Скольким селениям, которые были несправедливы, Я предоставил отсрочку! Впоследствии Я схватил их, и ко Мне предстоит прибытие.
और कितनी ही बस्तियाँ ऐसी हैं, जिन्हें मैंने यातना में मोहलत दी, जबकि वे अपने कुफ़्र के कारण अत्याचारी थीं, और उन्हें ढील देने के उद्देश्य से उन्हें दंडित करने में जल्दी नहीं की। फिर मैंने उन्हें विनाशकारी यातना से ग्रस्त कर दिया। और केवल मेरी ही ओर क़ियामत के दिन उन सब को लौटना है, फिर मैं उन्हें उनके कुफ़्र के कारण स्थायी यातना से ग्रस्त करूँगा।
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قُلۡ يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِنَّمَآ أَنَا۠ لَكُمۡ نَذِيرٞ مُّبِينٞ ٤٩
Скажи: «О люди! Воистину, я для вас - предостерегающий и разъясняющий увещеватель».
(ऐ नबी!) आप कह दें : ऐ लोगो! मैं तो केवल तुम्हें डराने वाला हूँ। मैं तुम्हें वह संदेश पहुँचाता हूँ, जिसे देकर मैं भेजा गया हूँ, अपने डराने में स्पष्ट हूँ।
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فَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ لَهُم مَّغۡفِرَةٞ وَرِزۡقٞ كَرِيمٞ ٥٠
Тем, которые уверовали и совершали праведные деяния, уготованы прощение и щедрый удел.
तो जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और अच्छे कार्य किए, उनके लिए उनके रब की ओर से उनके गुनाहों की क्षमा है और जन्नत में सम्मान की रोज़ी है, जो कभी ख़त्म नहीं होगी।
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وَٱلَّذِينَ سَعَوۡاْ فِيٓ ءَايَٰتِنَا مُعَٰجِزِينَ أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَحِيمِ ٥١
Те же, которые старались ослабить Наши знамения, станут обитателями Огня.
और जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाने के लिए दौड़-भाग की, यह अनुमान करते हुए कि वे अल्लाह को विवश कर देंगे और उससे बच निकलेंगे, इसलिए वह उन्हें अज़ाब नहीं दे सकेगा। यही लोग नरकवासी हैं, जो उसके साथ वैसे ही रहेंगे जैसे एक मित्र अपने मित्र के साथ रहता है।
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وَمَآ أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ مِن رَّسُولٖ وَلَا نَبِيٍّ إِلَّآ إِذَا تَمَنَّىٰٓ أَلۡقَى ٱلشَّيۡطَٰنُ فِيٓ أُمۡنِيَّتِهِۦ فَيَنسَخُ ٱللَّهُ مَا يُلۡقِي ٱلشَّيۡطَٰنُ ثُمَّ يُحۡكِمُ ٱللَّهُ ءَايَٰتِهِۦۗ وَٱللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٞ ٥٢
Мы не отправляли до тебя такого посланника или пророка, чтобы дьявол не подбросил свое в его чтение, когда он читал откровение. Аллах уничтожает то, что подбрасывает дьявол. Потом Аллах утверждает Свои знамения, ведь Аллах - Знающий, Мудрый.
हमने (ऐ रसूल!) आपसे पहले जिस रसूल या नबी को भेजा, (उसके साथ यह हुआ कि) जब वह अल्लाह की किताब पढ़ता, तो शैतान उसके पाठ में ऐसी चीज़ मिला देता, जिसके द्वारा वह लोगों को इस भ्रम में डाल देता कि वह अल्लाह की वह़्य में से है, तो अल्लाह शैतान की मिलाई हुई बात को मिटा देता और अपनी आयतों को सुदृढ़ कर देता। अल्लाह हर चीज़ को जानने वाला है, उससे कोई चीज़ छिपी नहीं रहती, अपनी रचना, नियति तथा प्रबंधन में हिकमत वाला है।
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لِّيَجۡعَلَ مَا يُلۡقِي ٱلشَّيۡطَٰنُ فِتۡنَةٗ لِّلَّذِينَ فِي قُلُوبِهِم مَّرَضٞ وَٱلۡقَاسِيَةِ قُلُوبُهُمۡۗ وَإِنَّ ٱلظَّٰلِمِينَ لَفِي شِقَاقِۭ بَعِيدٖ ٥٣
Он делает то, что подбрасывает дьявол, искушением для тех, чьи сердца поражены недугом и чьи сердца ожесточены. Воистину, беззаконники находятся в полном разладе с истиной.
शैतान नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पढ़ने के समय कुछ बातें डालकर संदेह पैदा करता है, ताकि अल्लाह शैतान जो कुछ संशय डालता है उसे मुनाफ़िक़ों के लिए और उन मुश्रिकों के लिए जिनके दिल सख़्त हैं, एक परीक्षण बना दे। तथा मुनाफ़िक़ों और मुश्रिकों में से अत्याचारी लोग, अल्लाह और उसके रसूल की दुश्मनी में पड़े हुए हैं तथा सत्य एवं हिदायत से दूर हैं।
22:54Страница 338
وَلِيَعۡلَمَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡعِلۡمَ أَنَّهُ ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّكَ فَيُؤۡمِنُواْ بِهِۦ فَتُخۡبِتَ لَهُۥ قُلُوبُهُمۡۗ وَإِنَّ ٱللَّهَ لَهَادِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ ٥٤
Пусть знают те, кому даровано знание, что это - истина от твоего Господа, чтобы они могли уверовать в него, а их сердца могли смиренно покориться ему. Воистину, Аллах наставляет верующих на прямой путь.
और ताकि जिन लोगों को अल्लाह ने ज्ञान दिया है, वे निश्चित हो जाएँ कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतरने वाला क़ुरआन ही वह सत्य है, जिसकी अल्लाह ने (ऐ रसूल!) आपकी ओर वह़्य (प्रकाशना) की है। इस प्रकार उनका उसपर ईमान बढ़ जाए और उनके हृदय उसके अधीन हो जाएँ और उसके सामने झुक जाएँ। निःसंदेह अल्लाह अपने ऊपर ईमान रखने वालों को, उनके उसके आगे झुकने के प्रतिफल के तौर पर, सत्य का सीधा मार्ग दिखाने वाला है, जिसमें कोई टेढ़ापन नहीं है।
22:55Страница 338
وَلَا يَزَالُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ فِي مِرۡيَةٖ مِّنۡهُ حَتَّىٰ تَأۡتِيَهُمُ ٱلسَّاعَةُ بَغۡتَةً أَوۡ يَأۡتِيَهُمۡ عَذَابُ يَوۡمٍ عَقِيمٍ ٥٥
А неверующие не перестанут сомневаться в нем, пока не нагрянет внезапно Час или пока не постигнут их мучения в бесплодный день.
अल्लाह का इनकार करने वाले और उसके रसूल को झुठलाने वाले, आप पर अल्लाह की ओर से उतरने वाले क़ुरआन के बारे में निरंतर संदेह ही में पड़े रहेंगे, यहाँ तक कि उनके इसी हाल में रहते हुए अचानक उनके पास क़ियामत आ जाए, या उनपर ऐसे दिन की यातना आ जाए, जिसमें उन पर कोई दया या भलाई न होगी, और वह उनके लिए क़ियामत का दिन है।
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ٱلۡمُلۡكُ يَوۡمَئِذٖ لِّلَّهِ يَحۡكُمُ بَيۡنَهُمۡۚ فَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ فِي جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ ٥٦
Власть в тот день будет принадлежать Аллаху, и Он рассудит между ними. И тогда те, которые уверовали и совершали праведные деяния, окажутся в Садах блаженства.
क़ियामत के दिन (जिस दिन इन लोगों के पास वह यातना आ जाएगी, जिसका उनसे वादा किया जाता था) संपूर्ण बादशाहत केवल अल्लाह की होगी, इसमें उसका कोई विरोधी नहीं होगा। वह महिमावान मोमिनों और काफ़िरों के बीच फ़ैसला करेगा। वह उनमें से प्रत्येक लिए उसी का निर्णय करेगा जिसका वह हक़दार होगा। चुनाँचे जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और अच्छे कार्य किए, उनके लिए एक महान बदला है और वह कभी खत्म न होने वाली अनंत आनंद की जन्नतें हैं।
22:57Страница 339
وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَكَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا فَأُوْلَٰٓئِكَ لَهُمۡ عَذَابٞ مُّهِينٞ ٥٧
Тем же, которые не уверовали и считали ложью Наши знамения, уготованы унизительные мучения.
जिन लोगों ने अल्लाह का इनकार किया और हमारे रसूलों पर उतरने वाली हमारी आयतों को झुठलाया, उन्हीं के लिए अपमानजनक यातना है, जिसके द्वारा अल्लाह उन्हें जहन्नम में अपमानित करेगा।
22:58Страница 339
وَٱلَّذِينَ هَاجَرُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ ثُمَّ قُتِلُوٓاْ أَوۡ مَاتُواْ لَيَرۡزُقَنَّهُمُ ٱللَّهُ رِزۡقًا حَسَنٗاۚ وَإِنَّ ٱللَّهَ لَهُوَ خَيۡرُ ٱلرَّٰزِقِينَ ٥٨
Аллах непременно наделит прекрасным уделом тех, которые переселились на пути Аллаха, а затем были убиты или умерли. Воистину, Аллах - Наилучший из дарующих удел.
जिन लोगों ने अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने और उसके धर्म को सर-बुलंद करने के लिए अपना घरबार और वतन छोड़ा, फिर उसके रास्ते में जिहाद करते हुए मारे गए या मर गए, निश्चय अल्लाह उन्हें जन्नत में बेहतरीन स्थायी रोज़ी देगा, जो कभी खत्म न होगी। और पवित्र अल्लाह ही सबसे उत्तम रोज़ी देने वाला है।
22:59Страница 339
لَيُدۡخِلَنَّهُم مُّدۡخَلٗا يَرۡضَوۡنَهُۥۚ وَإِنَّ ٱللَّهَ لَعَلِيمٌ حَلِيمٞ ٥٩
Он непременно введет их во вход, которым они останутся довольны. Воистину, Аллах - Знающий, Выдержанный.
निश्चित रूप से अल्लाह उन्हें ऐसे स्थान में अवश्य दाखिल करेगा, जिससे वे प्रसन्न हो जाएँगे और वह जन्नत है। निःसंदेह अल्लाह उनके कार्यों और इरादों को जानता है, और वह अत्यंत सहनशील है क्योंकि उसने उन्हें उनकी कोताहियों पर दंडित करने में जल्दी नहीं की।
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۞ ذَٰلِكَۖ وَمَنۡ عَاقَبَ بِمِثۡلِ مَا عُوقِبَ بِهِۦ ثُمَّ بُغِيَ عَلَيۡهِ لَيَنصُرَنَّهُ ٱللَّهُۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَعَفُوٌّ غَفُورٞ ٦٠
Вот так! Если кто-либо наказывает так, как он сам был наказан, после чего с ним поступают несправедливо, то Аллах непременно поможет ему. Воистину, Аллах - Снисходительный, Прощающий.
यह जिसका उल्लेख किया गया है; अल्लाह के रास्ते में अपना घरबार छोड़ने वालों को जन्नत में दाखिल करना और अत्याचार करने वाले से उसके अत्याचार का उसी के समान बदला लेने की अनुमति ताकि उसके लिए उस पर कोई पाप न हो। फिर यदि अत्याचारी दोबारा अत्याचार करे, तो अल्लाह उसकी अवश्य मदद करेगा जिसपर अत्याचार किया गया है। निःसंदेह अल्लाह ईमान वालों के गुनाहों को माफ़ करने वाला, उन्हें क्षमा करने वाला है।
22:61Страница 339
ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ يُولِجُ ٱلَّيۡلَ فِي ٱلنَّهَارِ وَيُولِجُ ٱلنَّهَارَ فِي ٱلَّيۡلِ وَأَنَّ ٱللَّهَ سَمِيعُۢ بَصِيرٞ ٦١
Это потому, что Аллах удлиняет день за счет ночи и удлиняет ночь за счет дня, а также потому, что Аллах - Слышащий, Видящий.
अत्याचार के शिकार व्यक्ति की यह मदद इसलिए है, क्योंकि अल्लाह जो चाहे उसे करने में सक्षम है। और उसकी क्षमता में से रात को दिन में दाखिल करना और दिन को रात में दाखिल करना है; इस प्रकार कि वह उन दोनों में से एक में वृद्धि करता और दूसरे में कमी करता है। और यह कि अल्लाह अपने बंदों की बातों को सुनने वाला, उनके कार्यों को जानने वाला है। इनमें से कोई चीज़ उससे छिपी नहीं है और वह उन्हें उनका बदला देगा।
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ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡحَقُّ وَأَنَّ مَا يَدۡعُونَ مِن دُونِهِۦ هُوَ ٱلۡبَٰطِلُ وَأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡعَلِيُّ ٱلۡكَبِيرُ ٦٢
Это потому, что Аллах есть Истина, а то, чему они поклоняются помимо Него, есть ложь, а также потому, что Аллах - Возвышенный, Большой.
रात को दिन में दाखिल करने और दिन को रात में दाखिल करने का यह क्रम इसलिए है, क्योंकि अल्लाह ही सत्य है, उसका धर्म सत्य है, उसका वादा सत्य है और उसका ईमान वालों की मदद करना सत्य है, और यह कि मुश्रिक लोग जिन मूर्तियों की अल्लाह को छोड़कर पूजा करते हैं, वे झूठी और निराधार हैं, और यह कि अल्लाह ही अपनी मख़्लूक़ से व्यक्तित्व, सम्मान और शक्ति की दृष्टि से बहुत ऊँचा है, जो बहुत महान है, जिसके लिए बड़ाई, महानता और प्रताप है।
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أَلَمۡ تَرَ أَنَّ ٱللَّهَ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ فَتُصۡبِحُ ٱلۡأَرۡضُ مُخۡضَرَّةًۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَطِيفٌ خَبِيرٞ ٦٣
Неужели ты не видишь, как Аллах ниспосылает с неба воду, после чего земля зеленеет? Воистину, Аллах - Проницательный (или Добрый), Ведающий.
(ऐ रसूल!) क्या आपने नहीं देखा कि अल्लाह ने आकाश से कुछ बारिश बरसाया, फिर धरती उसपर बारिश उतरने के बाद अपने उगाए हुए पौधों के साथ हरी-भरी हो जाती है। निश्चय अल्लाह अपने बंदों पर बहुत दया करने वाला है कि उनके लिए बारिश उतारा और उनके लिए धरती पर पौधे उगाए, उनके हितों से पूरी तरह अवगत है, उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है।
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لَّهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ وَإِنَّ ٱللَّهَ لَهُوَ ٱلۡغَنِيُّ ٱلۡحَمِيدُ ٦٤
Ему принадлежит то, что на небесах, и то, что на земле. Воистину, Аллах - Богатый, Достохвальный.
जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है, उन सब का मालिक अकेला अल्लाह है, और अल्लाह ही वह बेनियाज़ है, जिसे अपनी किसी मख़लूक़ की आवश्यकता नहीं है, हर हाल में प्रशंसनीय है।
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أَلَمۡ تَرَ أَنَّ ٱللَّهَ سَخَّرَ لَكُم مَّا فِي ٱلۡأَرۡضِ وَٱلۡفُلۡكَ تَجۡرِي فِي ٱلۡبَحۡرِ بِأَمۡرِهِۦ وَيُمۡسِكُ ٱلسَّمَآءَ أَن تَقَعَ عَلَى ٱلۡأَرۡضِ إِلَّا بِإِذۡنِهِۦٓۚ إِنَّ ٱللَّهَ بِٱلنَّاسِ لَرَءُوفٞ رَّحِيمٞ ٦٥
Разве ты не видишь, что Аллах подчинил вам все, что на земле, и корабли, которые плывут по морям по Его воле? Он удерживает небо, чтобы оно не упало на землю без Его соизволения. Воистину, Аллах сострадателен и милосерден к людям.
(ऐ रसूल!) क्या आपने नहीं देखा कि अल्लाह ने तुम्हारे लाभों तथा तुम्हारी आवश्यकताओं के लिए धरती के ऊपर मौजूद जानदारों और निर्जीव वस्तुओं को आपके तथा लोगों के वश में कर दिया है, और नावों को तुम्हारे वश में कर दिया है कि वे उसके आदेश और उसके वशीकरण से समुद्र में एक शहर (देश) से दूसरे शहर (देश) की ओर जाती हैं, और उसी ने आसमान को थाम रखा है ताकि उसकी अनुमति के बिना ज़मीन पर न गिरे। अगर वह उसे ज़मीन के ऊपर गिरने की अनुमति दे दे, तो वह गिर जाए। निःसंदेह अल्लाह लोगों के लिए अति करुणामय, अत्यंत दयावान् है, क्योंकि उसने उनके अत्याचार के बावजूद इन वस्तुओं को उनके वश में कर रखा है।
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وَهُوَ ٱلَّذِيٓ أَحۡيَاكُمۡ ثُمَّ يُمِيتُكُمۡ ثُمَّ يُحۡيِيكُمۡۗ إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ لَكَفُورٞ ٦٦
Он - Тот, Кто дарует вам жизнь, затем умерщвляет вас, а затем вновь оживляет. А человек, воистину, неблагодарен.
अल्लाह वही है, जिसने तुम्हें अनस्तित्व से अस्तित्व में लाकर जीवन प्रदान किया, फिर जब तुम्हारी आयु समाप्त हो जाएगी, तो तुम्हें मौत देगा, फिर तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हारे कर्मों का हिसाब लेने और तुम्हें उनका बदला देने के लिए तुम्हें फिर से जीवित करेगा। निश्चय इनसान, अल्लाह के साथ दूसरों की इबादत करके, उसकी नेमतों का (जबकि वे स्पष्ट हैं) बहुत ज़्यादा इनकार करने वाला है।
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لِّكُلِّ أُمَّةٖ جَعَلۡنَا مَنسَكًا هُمۡ نَاسِكُوهُۖ فَلَا يُنَٰزِعُنَّكَ فِي ٱلۡأَمۡرِۚ وَٱدۡعُ إِلَىٰ رَبِّكَۖ إِنَّكَ لَعَلَىٰ هُدٗى مُّسۡتَقِيمٖ ٦٧
Для каждой общины Мы установили обряды, которые они отправляют, и пусть они не спорят с тобой по этому поводу. Призывай же к своему Господу. Воистину, ты - на прямом пути.
हर समुदाय के लोगों के लिए हमने एक शरीयत बनाई है, और वे अपनी शरीयत के अुनसार कार्य करते हैं। इसलिए (ऐ रसूल!) मुश्रिकों और अन्य धर्मों के लोगों को आपकी शरीयत के बारे में हरगिज़ झगड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि आप उनकी तुलना में सत्य के अधिक योग्य हैं। जबकि वे असत्य पर चलने वाले हैं। तथा आप लोगों को अल्लाह के लिए तौहीद को ख़ालिस करने की ओर बुलाएँ। निःसंदेह आप तो निश्चय एक सीधे रास्ते पर हैं, जिसमें कोई टेढ़ापन नहीं है।
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وَإِن جَٰدَلُوكَ فَقُلِ ٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِمَا تَعۡمَلُونَ ٦٨
Если же они станут препираться с тобой, то скажи: «Аллаху лучше знать о том, что вы совершаете.
और यदि वे तर्क स्पष्ट हो जाने के बाद भी आपके साथ बहस करने से बाज़ न आएँ, तो धमकी के तौर पर यह कहते हुए उनके मामले को अल्लाह के हवाले कर दें कि : तुम जो कुछ कर रहे हो, उससे अल्लाह अच्छी तरह अवगत है। तुम्हारे कामों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह तुम्हें उनका बदला देगा।
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ٱللَّهُ يَحۡكُمُ بَيۡنَكُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ فِيمَا كُنتُمۡ فِيهِ تَخۡتَلِفُونَ ٦٩
Аллах рассудит между вами в День воскресения в том, в чем вы препирались между собой».
अल्लाह अपने मोमिन और काफ़िर बंदों के बीच क़ियामत के दिन धर्म के उस मामले में फ़ैसला कर देगा, जिसके बारे में वे दुनिया में मतभेद किया करते थे।
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أَلَمۡ تَعۡلَمۡ أَنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ مَا فِي ٱلسَّمَآءِ وَٱلۡأَرۡضِۚ إِنَّ ذَٰلِكَ فِي كِتَٰبٍۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ يَسِيرٞ ٧٠
Разве ты не знаешь, что Аллаху известно то, что на небе и на земле? Воистину, это есть в Писании. Воистину, это для Аллаха легко.
(ऐ रसूल!) क्या आप नहीं जानते कि अल्लाह आसमान की सारी चीज़ों को जानता है और धरती की सारी चीज़ों को जानता है। इन दोनों की कोई चीज़ उससे छिपी नहीं है। इन सारी बातों का ज्ञान लौहे महफ़ूज़ (संरक्षित पट्टिका) में अंकित है और इन चीज़ों का ज्ञान अल्लाह पर आसान है।
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وَيَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَمۡ يُنَزِّلۡ بِهِۦ سُلۡطَٰنٗا وَمَا لَيۡسَ لَهُم بِهِۦ عِلۡمٞۗ وَمَا لِلظَّٰلِمِينَ مِن نَّصِيرٖ ٧١
Они поклоняются вместо Аллаха тому, о чем Он не ниспослал никакого довода, о чем у них нет никакого знания. Не будет у беззаконников помощников!
और मुश्रिक लोग अल्लाह को छोड़कर ऐसी मूर्तियों की पूजा करते हैं, जिनकी पूजा करने का अल्लाह ने अपनी पुस्तकों में कोई प्रमाण नहीं उतारा है, तथा इसके लिए उनके पास ज्ञान का भी कोई सबूत नहीं है। उनका प्रमाण केवल अपने बाप-दादा का अंधा अनुकरण है। और ज़ालिमों का कोई मददगार नहीं, जो उन्हें अल्लाह की यातना से बचा सके।
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وَإِذَا تُتۡلَىٰ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتُنَا بَيِّنَٰتٖ تَعۡرِفُ فِي وُجُوهِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ ٱلۡمُنكَرَۖ يَكَادُونَ يَسۡطُونَ بِٱلَّذِينَ يَتۡلُونَ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتِنَاۗ قُلۡ أَفَأُنَبِّئُكُم بِشَرّٖ مِّن ذَٰلِكُمُۚ ٱلنَّارُ وَعَدَهَا ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْۖ وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ ٧٢
Когда им читают Наши ясные аяты, ты видишь на их лицах отрицание. Они готовы наброситься на тех, кто читает им Наши аяты. Скажи: «Не поведать ли вам о том, что хуже этого? Это - Огонь, который Аллах обещал тем, которые не уверовали. Как же скверно это место прибытия!».
और जब उनके सामने हमारे क़ुरआन की स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती हैं, तो आप अल्लाह के साथ कुफ़्र करने वालों के चेहरों में, क़ुरआन सुनने के समय उनकी त्योरी से उसकी अस्वीकृति को पहचान लेंगे। क़रीब होंगे कि वे क्रोध की तीव्रता से उन लोगों पर धावा बोल दें, जो उनके सामने हमारी आयतें पढ़ते हैं। (ऐ रसूल!) उनसे कह दें : क्या मैं तुम्हें वह चीज़ बताऊँ, जो तुम्हारे क्रोध और तुम्हारे मुँह बनाने से अधिक बुरी है? वह आग है, जिसमें अल्लाह ने काफ़िरों को दाखिल करने का वादा किया है। और वह बहुत बुरा ठिकाना है, जहाँ उन्हें जाना है।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ ضُرِبَ مَثَلٞ فَٱسۡتَمِعُواْ لَهُۥٓۚ إِنَّ ٱلَّذِينَ تَدۡعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ لَن يَخۡلُقُواْ ذُبَابٗا وَلَوِ ٱجۡتَمَعُواْ لَهُۥۖ وَإِن يَسۡلُبۡهُمُ ٱلذُّبَابُ شَيۡـٔٗا لَّا يَسۡتَنقِذُوهُ مِنۡهُۚ ضَعُفَ ٱلطَّالِبُ وَٱلۡمَطۡلُوبُ ٧٣
О люди! Приводится притча, послушайте же ее. Воистину, те, кому вы поклоняетесь помимо Аллаха, не сотворят и мухи, даже если они объединятся для этого. Если же муха заберет у них что-нибудь, они не смогут отобрать у нее это. Слаб тот, кто добивается, и тот, от кого он добивается!
ऐ लोगो! एक उदाहरण दिया जा रहा है, इसे ध्यान से सुनो और सीख ग्रहण करो। तुम अल्लाह के सिवा जिन मूर्तियों तथा अन्य वस्तुओं को पूजते हो, वे अपनी विवशता के कारण कभी एक मक्खी जैसी छोटी-सी चीज़ भी पैदा नहीं करेंगे। बल्कि अगर वे उसे पैदा करने के लिए सबके सब इकट्ठे हो जाएँ, तब भी उसे पैदा नहीं कर पाएँगे। और यदि मक्खी उनके पास मौजूद खुशबू या कोई और चीज़ ले उड़े, तो वे मक्खी से उसे छुड़ा नहीं सकते। इनके मक्खी को पैदा करने और उससे अपनी चीज़ों को छुड़ाने में असमर्थता से; यह स्पष्ट हो गया कि वे इससे बड़ा कुछ करने में असमर्थ हैं, फिर तुम - इनकी लाचारी के बावजूद - अल्लाह के सिवा इनकी पूजा कैसे करते हो?! कमज़ोर है यह तालिब, अर्थात् वह पूजी जाने वाली मूर्ति जो मक्खी से अपनी छीनी हुई चीज़ भी छुड़ा नहीं सकती, और कमज़ोर है यह मतलूब अर्थात् मक्खी।
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مَا قَدَرُواْ ٱللَّهَ حَقَّ قَدۡرِهِۦٓۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَقَوِيٌّ عَزِيزٌ ٧٤
Они не ценили Аллаха должным образом, а ведь Аллах - Всесильный, Могущественный.
उन्होंने अल्लाह का आदर-सम्मान नहीं किया, जैसा कि उसका आदर-सम्मान करना चाहिए, जब उन्होंने उसके साथ उसके कुछ प्राणियों की पूजा की। निःसंदेह अल्लाह अत्यंत शक्तिशाली है। उसकी शक्ति और क्षमता का एक नमूना यह है कि उसने आकाशों और धरती तथा उनके अंदर मौजूद सारी चीज़ों को पैदा किया, वह सब पर प्रभुत्वशाली है, उसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता, इसके विपरीत मुश्रिकों की मूर्तियाँ कमज़ोर और हीन हैं, कुछ भी पैदा नहीं कर सकतीं।
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ٱللَّهُ يَصۡطَفِي مِنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ رُسُلٗا وَمِنَ ٱلنَّاسِۚ إِنَّ ٱللَّهَ سَمِيعُۢ بَصِيرٞ ٧٥
Аллах избирает среди ангелов и людей посланников. Воистину, Аллах - Слышащий, Видящий.
अल्लाह तआला फ़रिश्तों में से कुछ संदेशवाहकों को चुनता है और इसी तरह इनसानों में से कुछ संदेशवाहकों को चुनता है। चुनाँचे वह कुछ फ़रिश्तों को नबियों के पास भेजता है, जैसे जिबरील अलैहिस्सलाम को इनसानों में से रसूलों के पास भेजा, तथा इनसानों में से रसूलों को लोगों के पास भेजता है। निःसंदेह अल्लाह उन बातों को सुनने वाला है, जो मुश्रिक लोग उसके रसूलों के बारे में कहते हैं, उसे देखने वाला है, जिसे वह अपने संदेश के लिए चुनता है।
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يَعۡلَمُ مَا بَيۡنَ أَيۡدِيهِمۡ وَمَا خَلۡفَهُمۡۚ وَإِلَى ٱللَّهِ تُرۡجَعُ ٱلۡأُمُورُ ٧٦
Он знает их прошлое и будущее, и к Аллаху возвращаются дела.
वह सर्वशक्तिमान फ़रिश्तों और इनसानों में से अपने संदेशवाहकों के उनके पैदा होने के पहले और उनके मरने के बाद के हालात से अवगत है। और उसी की ओर क़ियामत के दिन सारे मामले लौटाए जाएँगे, जब वह अपने बंदों को दोबारा जीवित करेगा और उन्हें उनके कर्मों का बदला देगा।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱرۡكَعُواْ وَٱسۡجُدُواْۤ وَٱعۡبُدُواْ رَبَّكُمۡ وَٱفۡعَلُواْ ٱلۡخَيۡرَ لَعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ۩ ٧٧
О те, которые уверовали! Кланяйтесь, падайте ниц, поклоняйтесь вашему Господу и творите добро, - быть может, вы преуспеете.
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसकी शरीयत पर अमल करने वालो! अपनी नमाज़ में केवल अल्लाह के लिए रुकू' और सजदा करो, और अच्छे कार्य करो, जैसे सदक़ा (दान), रिश्तेदारों के साथ अच्छा व्यवहार और अन्य चीजें। इस आशा में कि तुम अपने उद्देश्य की प्राप्ति में सफल हो जाओ और भय से मुक्ति पा जाओ।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии