Аль-МухтасарАн‑Нур · 24:1–38

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

النور

Ан-Нур

Свет · Мединская · 64 аята

24:1Страница 350

سُورَةٌ أَنزَلۡنَٰهَا وَفَرَضۡنَٰهَا وَأَنزَلۡنَا فِيهَآ ءَايَٰتِۭ بَيِّنَٰتٖ لَّعَلَّكُمۡ تَذَكَّرُونَ ١

Вот сура, которую Мы ниспослали и сделали законом. Мы ниспослали в ней ясные знамения, чтобы вы могли помянуть назидание.

यह एक सूरत है, जिसे हमने उतारा और इसके आदेशों पर अमल करने को अनिवार्य किया तथा इसमें स्पष्ट आयतें उतारी हैं; इस आशा में कि तुम उसके आदेशों को याद रखो और उनपर अमल करो।

24:2Страница 350

ٱلزَّانِيَةُ وَٱلزَّانِي فَٱجۡلِدُواْ كُلَّ وَٰحِدٖ مِّنۡهُمَا مِاْئَةَ جَلۡدَةٖۖ وَلَا تَأۡخُذۡكُم بِهِمَا رَأۡفَةٞ فِي دِينِ ٱللَّهِ إِن كُنتُمۡ تُؤۡمِنُونَ بِٱللَّهِ وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡأٓخِرِۖ وَلۡيَشۡهَدۡ عَذَابَهُمَا طَآئِفَةٞ مِّنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٢

Прелюбодейку и прелюбодея - каждого из них высеките сто раз. Пусть не овладевает вами жалость к ним ради религии Аллаха, если вы веруете в Аллаха и в Последний день. А свидетелями их наказания пусть будет группа верующих.

अविवाहित व्यभिचार करने वाली महिला और व्यभिचार करने वाले पुरुष, दोनें में से प्रत्येक को सौ कोड़े लगाओ। तथा अगर तुम अल्लाह और अंतिम दिन पर ईमान रखते हो, तो उन दोनों के प्रति तुम कोई नरमी और दया न अपनाओ कि उनपर ह़द (दंड) ही लागू न करो या उसमें कमी कर दो। और उन दोनों पर ह़द (दंड) लागू करते समय ईमान वालों का एक गिरोह उपस्थित रहना चाहिए; ताकि उनकी सज़ा की खबर को खूब फैलाया जा सके और खुद उन्हें तथा अन्य लोगों को व्यभिचार से बाज़ रखा जा सके।

24:3Страница 350

ٱلزَّانِي لَا يَنكِحُ إِلَّا زَانِيَةً أَوۡ مُشۡرِكَةٗ وَٱلزَّانِيَةُ لَا يَنكِحُهَآ إِلَّا زَانٍ أَوۡ مُشۡرِكٞۚ وَحُرِّمَ ذَٰلِكَ عَلَى ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٣

Прелюбодей женится только на прелюбодейке или многобожнице, а на прелюбодейке женится только прелюбодей или многобожник. Верующим же это запрещено.

व्यभिचार के घिनौनेपन को स्पष्ट करने के लि ए, अल्लाह ने यह उल्लेख किया है कि जो व्यक्ति व्यभिचार का आदी है, वह किसी अपनी ही जैसी व्यभिचार में लिप्त स्त्री अथवा बहुदेववादी महिला से, जो व्यभिचार से नहीं बचती, विवाह करना चाहेगा। हालाँकि बहुदेववादी महिला से निकाह करना जायज़ नहीं है। तथा जो महिला व्यभिचार की आदी है, वह अपने ही जैसे व्यभिचारी या बहुदेववादी पुरुष से, जो व्यभिचार से नहीं बचता, विवाह करना चाहेगी। जबकि बहुदेवादी पुरुष से उसका विवाह हराम (निषिद्ध) है। व्यभिचारिणी से विवाह करना और व्यभिचारी का निकाह कराना ईमान वालों के लिए हराम (निषिद्ध) कर दिया गया है।

24:4Страница 350

وَٱلَّذِينَ يَرۡمُونَ ٱلۡمُحۡصَنَٰتِ ثُمَّ لَمۡ يَأۡتُواْ بِأَرۡبَعَةِ شُهَدَآءَ فَٱجۡلِدُوهُمۡ ثَمَٰنِينَ جَلۡدَةٗ وَلَا تَقۡبَلُواْ لَهُمۡ شَهَٰدَةً أَبَدٗاۚ وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡفَٰسِقُونَ ٤

Тех, которые обвинят целомудренных женщин и не приведут четырех свидетелей, высеките восемьдесят раз и никогда не принимайте их свидетельства, ибо они являются нечестивцами,

और जो लोग सच्चरित्रा स्त्रियों (तथा सच्चरित्र पुरुष भी इसी हुक्म में हैं) पर व्यभिचार का आरोप लगाएँ, फिर वे अपने इस आरोप पर चार गवाह हाज़िर न करें, तो (ऐ शासको!) उन्हें अस्सी कोड़े लगाओ और उनकी कोई गवाही कभी स्वीकार न करो। और वही लोग जो सच्चरित्रा स्त्रियों पर आरोप लगाते हैं, अल्लाह की आज्ञाकारिता से बाहर निकलने वाले हैं।

24:5Страница 350

إِلَّا ٱلَّذِينَ تَابُواْ مِنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ وَأَصۡلَحُواْ فَإِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ٥

кроме тех из них, которые после этого раскаялись и стали поступать праведно. Воистину, Аллах - Прощающий, Милосердный.

परंतु जिन लोगों ने आरोप लगाने के बाद तौबा कर ली और अपने कर्म को सुधार लिया, तो निश्चय अल्लाह उनकी तौबा और उनकी गवाही को कबूल करेगा। निश्चय अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदो को क्षमा करने वाला, उनपर दया करने वाला है।

24:6Страница 350

وَٱلَّذِينَ يَرۡمُونَ أَزۡوَٰجَهُمۡ وَلَمۡ يَكُن لَّهُمۡ شُهَدَآءُ إِلَّآ أَنفُسُهُمۡ فَشَهَٰدَةُ أَحَدِهِمۡ أَرۡبَعُ شَهَٰدَٰتِۭ بِٱللَّهِ إِنَّهُۥ لَمِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ ٦

А свидетельством каждого из тех, которые обвиняют своих жен в прелюбодеянии, не имея свидетелей, кроме самих себя, должны быть четыре свидетельства Аллахом о том, что он говорит правду,

वे पुरुष जो अपनी पत्नियों पर व्यभिचार का आरोप लगाएँ और उनके पास खुद के अलावा कोई गवाह न हों, जो उनके आरोप के सत्य होने की गवाही दें; तो उनमें से एक व्यक्ति अल्लाह की क़सम के साथ चार बार गवाही दे कि : निःसंदेह वह अपनी पत्नी पर व्यभिचार का आरोप लगाने में निश्चय सच्चा है।

24:7Страница 350

وَٱلۡخَٰمِسَةُ أَنَّ لَعۡنَتَ ٱللَّهِ عَلَيۡهِ إِن كَانَ مِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ ٧

и пятое о том, что проклятие Аллаха ляжет на него, если он лжет.

फिर अपनी पाँचवीं गवाही में, वह खुद के अभिशाप (लानत) के योग्य होने की बददुआ करे, अगर वह उसपर आरोप लगाने में झूठा है।

24:8Страница 350

وَيَدۡرَؤُاْ عَنۡهَا ٱلۡعَذَابَ أَن تَشۡهَدَ أَرۡبَعَ شَهَٰدَٰتِۭ بِٱللَّهِ إِنَّهُۥ لَمِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ ٨

Наказание будет отвращено от нее, если она принесет четыре свидетельства Аллахом о том, что он лжет,

इस क़सम के बाद स्त्री व्यभिचार की सज़ा की हक़दार हो जाएगी। लेकिन यह बात उसकी सज़ा को हटा देगी कि वह अल्लाह की क़सम खाकर चार बार यह गवाही दे कि : निःसंदेह उसका पति उसपर आरोप लगाने में निश्चय झूठा है।

24:9Страница 350

وَٱلۡخَٰمِسَةَ أَنَّ غَضَبَ ٱللَّهِ عَلَيۡهَآ إِن كَانَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ ٩

и пятое о том, что гнев Аллаха падет на нее, если он говорит правду.

फिर अपनी पाँचवीं गवाही में, वह अपने ऊपर अल्लाह के प्रकोप की बददुआ करेगी, यदि वह (व्यक्ति) उसपर आरोप लगाने में सच्चा है।

24:10Страница 350

وَلَوۡلَا فَضۡلُ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ وَرَحۡمَتُهُۥ وَأَنَّ ٱللَّهَ تَوَّابٌ حَكِيمٌ ١٠

Если бы не милосердие и милость Аллаха к вам и если бы Аллах не был Принимающим покаяния и Мудрым, то лжецов постигло бы скорое наказание.

(ऐ लोगो!) अगर तुमपर अल्लाह की कृपा और दया न होती और यह कि वह अपने तौबा करने वाले बंदों की तौबा को स्वीकार करने वाला है, तथा अपने प्रबंधन और शरीयत में पूर्ण हिकमत वाला है, तो तुम्हें जल्द ही तुम्हारे गुनाहों की सज़ा देता और तुम्हें अपमान का सामना करना पड़ता।

24:11Страница 351

إِنَّ ٱلَّذِينَ جَآءُو بِٱلۡإِفۡكِ عُصۡبَةٞ مِّنكُمۡۚ لَا تَحۡسَبُوهُ شَرّٗا لَّكُمۖ بَلۡ هُوَ خَيۡرٞ لَّكُمۡۚ لِكُلِّ ٱمۡرِيٕٖ مِّنۡهُم مَّا ٱكۡتَسَبَ مِنَ ٱلۡإِثۡمِۚ وَٱلَّذِي تَوَلَّىٰ كِبۡرَهُۥ مِنۡهُمۡ لَهُۥ عَذَابٌ عَظِيمٞ ١١

Те, которые возвели навет на мать правоверных Аишу, являются группой из вас самих. Не считайте это злом для вас. Напротив, это является добром для вас. Каждому мужу из них достанется заработанный им грех. А тому из них, кто взял на себя большую часть этого, уготованы великие мучения.

निश्चय जो लोग झूठा आरोप (अर्थात् ईमान वालों की माँ आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा पर व्यभिचार का आरोप) मढ़कर लाए, वे (ऐ मोमिनो!) तुमसे ही संबंध रखने वाले एक समूह हैं। यह मत सोचो कि उन्होंने जो झूठ गढ़ा है, वह तुम्हारे लिए बुरा है। बल्कि वह तुम्हारे लिए अच्छा है, क्योंकि उसमें ईमान वालों के लिए सवाब (पुण्य) और जाँच-पड़ताल है, तथा इसके साथ ही मोमिनों की माँ आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा की पवित्रता (दोष-मुक्त होने) की घोषणा है। जिस किसी ने यह आरोप लगाने में भाग लिया, उसे उसके कमाए हुए पाप के अनुसार बदला मिलेगा। और जिसने इसकी शुरुआत करके इसके बड़े हिस्से का भार उठाया, उसके लिए बहुत बड़ी यातना है। इससे अभिप्राय पाखंडी लोगों का प्रमुख अब्दुल्लाह बिन उबैय इब्ने सलूल है।

24:12Страница 351

لَّوۡلَآ إِذۡ سَمِعۡتُمُوهُ ظَنَّ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ وَٱلۡمُؤۡمِنَٰتُ بِأَنفُسِهِمۡ خَيۡرٗا وَقَالُواْ هَٰذَآ إِفۡكٞ مُّبِينٞ ١٢

Почему же, когда вы услышали это, верующие мужчины и женщины не подумали о самих себе (друг о друге) хорошее и не сказали: «Это - очевидная клевета»?

जब मोमिन पुरुषों और मोमिन स्त्रियों ने यह भयंकर मिथ्यारोपण सुना, तो इसके निशाने पर आने वाले अपने मोमिन भाइयों के इससे सुरक्षित होने का गुमान क्यों न किया और यह क्यों न कहा : यह एक स्पष्ट झूठ है।

24:13Страница 351

لَّوۡلَا جَآءُو عَلَيۡهِ بِأَرۡبَعَةِ شُهَدَآءَۚ فَإِذۡ لَمۡ يَأۡتُواْ بِٱلشُّهَدَآءِ فَأُوْلَٰٓئِكَ عِندَ ٱللَّهِ هُمُ ٱلۡكَٰذِبُونَ ١٣

Почему они не привели для подтверждения этого четырех свидетелей? Если они не привели свидетелей, то перед Аллахом они являются лжецами.

ईमान वालों की माँ आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा पर आरोप लगाने वाले, अपने इस गंभीर झूठ पर चार गवाह क्यों नहीं लाए, जो उसके सत्य होने की गवाही देते, जिसकी उन्होंने उनकी ओर निस्बत की?! अगर वे उसपर चार गवाह नहीं लाए (और वे उन्हें हरगिज़ नहीं ला सकेंगे), तो वे अल्लाह के फैसले के अनुसार झूठे हैं।

24:14Страница 351

وَلَوۡلَا فَضۡلُ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ وَرَحۡمَتُهُۥ فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِ لَمَسَّكُمۡ فِي مَآ أَفَضۡتُمۡ فِيهِ عَذَابٌ عَظِيمٌ ١٤

Если бы не милосердие и милость Аллаха к вам в этом мире и в Последней жизни, то за ваши пространные речи вас коснулись бы великие мучения.

अगर तुम पर (ऐ ईमान वालो!) अल्लाह का अनुग्रह और उसकी दया न होती कि उसने तुम्हें सज़ा देने में जल्दी नहीं की और तुममें से तौबा करने वालों की तौबा स्वीकार कर ली; तो निश्चय तुम्हारे ईमान वालों की माँ आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा पर झूठा आरोप मढ़ने के कारण तुमपर बहुत बड़ी यातना आ जाती।

24:15Страница 351

إِذۡ تَلَقَّوۡنَهُۥ بِأَلۡسِنَتِكُمۡ وَتَقُولُونَ بِأَفۡوَاهِكُم مَّا لَيۡسَ لَكُم بِهِۦ عِلۡمٞ وَتَحۡسَبُونَهُۥ هَيِّنٗا وَهُوَ عِندَ ٱللَّهِ عَظِيمٞ ١٥

Вы распространяете ложь своими языками и говорите своими устами то, о чем у вас нет никакого знания, и полагаете, что этот поступок незначителен, хотя перед Аллахом это - великий грех.

जब तुम इसे एक-दूसरे से वर्णन कर रहे थे और इसके झूठे होने के बावजूद अपने मुँह से इसे प्रसारित कर रहे थे; क्योंकि तुम्हें इसके बारे में कोई ज्ञान नहीं था। और तुम यह समझ रहे थे कि यह एक साधारण बात है। हालाँकि वह अल्लाह के यहाँ एक बहुत बड़ी बात थी। क्योंकि वह झूठ और एक निर्दोष पर आरोप लगाने पर आधारित थी।

24:16Страница 351

وَلَوۡلَآ إِذۡ سَمِعۡتُمُوهُ قُلۡتُم مَّا يَكُونُ لَنَآ أَن نَّتَكَلَّمَ بِهَٰذَا سُبۡحَٰنَكَ هَٰذَا بُهۡتَٰنٌ عَظِيمٞ ١٦

Почему, когда вы услышали это, вы не сказали: «Нам не подобает говорить такое. Пречист Ты! А это - великая клевета»?

जब तुमने यह झूठा आरोप सुना, तो क्यों नहीं कहा : हमारे लिए यह सही नहीं है कि हम इस घृणित बात को ज़बान पर लाएँ। ऐ हमारे पालनहार! हम तेरी पवित्रता बयान करते हैं। मोमिनों की माँ पर उनका लगाया हुआ यह आरोप बहुत बड़ा झूठ है।

24:17Страница 351

يَعِظُكُمُ ٱللَّهُ أَن تَعُودُواْ لِمِثۡلِهِۦٓ أَبَدًا إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ ١٧

Аллах наставляет вас никогда не повторять подобного, если вы являетесь верующими.

अल्लाह तुम्हें याद दिलाता और नसीहत करता है कि इस प्रकार का कार्य पुनः न करना और किसी पवित्र व्यक्ति पर व्यभिचार का आरोप न लगाना, अगर तुम अल्लाह पर ईमान रखते हो।

24:18Страница 351

وَيُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمُ ٱلۡأٓيَٰتِۚ وَٱللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ ١٨

Аллах разъясняет вам знамения. Аллах - Знающий, Мудрый.

अल्लाह तुम्हारे लिए अपने आदेशों एवं उपदेशों पर आधारित आयतों को स्पष्ट करता है। तथा अल्लाह तुम्हारे कार्यों से पूरी तरह अवगत है। उससे उनमें से कुछ भी छिपा नहीं है और वह तुम्हें उनका बदला देगा। वह अपने प्रबंधन और शरीयत में हिकमत वाला है।

24:19Страница 351

إِنَّ ٱلَّذِينَ يُحِبُّونَ أَن تَشِيعَ ٱلۡفَٰحِشَةُ فِي ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٞ فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِۚ وَٱللَّهُ يَعۡلَمُ وَأَنتُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ ١٩

Воистину, тем, которые любят, чтобы о верующих распространялась мерзость, уготованы мучительные страдания в этом мире и в Последней жизни. Аллах знает, а вы не знаете.

जो लोग चाहते हैं कि मोमिनों के अंदर बुराइयाँ फैलें (जिनमें व्यभिचार का आरोप भी शामिल है), उनके लिए संसार में दर्दनाक यातना है, इस प्रकार कि उनपर व्यभिचार का आरोप लगाने की 'हद' लगाई जाएगी। और आख़िरत में उनके लिए आग की यातना है। अल्लाह उनके झूठ को और अपने बंदों के अंजाम को जानता है, तथा वह उनके हितों से (भी) अवगत है। और तुम इसे नहीं जानते।

24:20Страница 351

وَلَوۡلَا فَضۡلُ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ وَرَحۡمَتُهُۥ وَأَنَّ ٱللَّهَ رَءُوفٞ رَّحِيمٞ ٢٠

Если бы не милосердие и милость Аллаха к вам и если бы Аллах не был Сострадательным и Милосердным, то грешников постигло бы скорое наказание.

(ऐ झूठे आरोप में पड़ने वालो!) अगर तुमपर अल्लाह का अनुग्रह और उसकी दया न होती और यह बात न होती कि अल्लाह तुमपर अत्यंत मेहरबान और बड़ा दयावान् है, तो तुम्हें जल्द ही सज़ा दे देता।

24:21Страница 352

۞ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَتَّبِعُواْ خُطُوَٰتِ ٱلشَّيۡطَٰنِۚ وَمَن يَتَّبِعۡ خُطُوَٰتِ ٱلشَّيۡطَٰنِ فَإِنَّهُۥ يَأۡمُرُ بِٱلۡفَحۡشَآءِ وَٱلۡمُنكَرِۚ وَلَوۡلَا فَضۡلُ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ وَرَحۡمَتُهُۥ مَا زَكَىٰ مِنكُم مِّنۡ أَحَدٍ أَبَدٗا وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يُزَكِّي مَن يَشَآءُۗ وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٞ ٢١

О те, которые уверовали! Не следуйте по стопам дьявола. А если кто следует по стопам дьявола, то ведь он призывает к мерзости и предосудительному. И если бы не милосердие и милость Аллаха к вам, то никто из вас никогда не очистился бы. Однако Аллах очищает того, кого пожелает. Аллах - Слышащий, Знающий.

ऐ अल्लाह पर ईमान लाने और उसकी शरीयत पर अमल करने वाले लोगो! असत्य को सुशोभित करने में शैतान के मार्ग का अनुसरण न करो। और जो उसके मार्ग का अनुसरण करता है, तो वह बुरे कामों और बातों तथा शरीयत विरोधी चीज़ों का आदेश देता है। और अगर (ऐ ईमान वालो!) तुमपर अल्लाह का अनुग्रह न होता, तो तुममें से कोई भी कभी तौबा करके पवित्र न होता। परंतु अल्लाह जिसे चाहता है, उसकी तौबा क़बूल करके पवित्र करता है। और अल्लाह तुम्हारी बातों को सुनने वाला, तुम्हारे कर्मों को जानने वाला है। उससे उनमें से कुछ भी छिपा नहीं रहता। और वह तुम्हें उनका बदला देगा।

24:22Страница 352

وَلَا يَأۡتَلِ أُوْلُواْ ٱلۡفَضۡلِ مِنكُمۡ وَٱلسَّعَةِ أَن يُؤۡتُوٓاْ أُوْلِي ٱلۡقُرۡبَىٰ وَٱلۡمَسَٰكِينَ وَٱلۡمُهَٰجِرِينَ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِۖ وَلۡيَعۡفُواْ وَلۡيَصۡفَحُوٓاْۗ أَلَا تُحِبُّونَ أَن يَغۡفِرَ ٱللَّهُ لَكُمۡۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٌ ٢٢

Пусть обладающие достоинствами и достатком среди вас не клянутся, что не будут помогать родственникам, беднякам и переселенцам на пути Аллаха. Пусть они простят и будут великодушны. Разве вы не желаете, чтобы Аллах простил вас? Аллах - Прощающий, Милосердный.

तथा धर्म में प्रतिष्ठा और धन में विस्तार वाले लोग, अपने ज़रूरतमंद रिश्तेदारों को (जो कि गरीबी के शिकार हैं और अल्लाह की राह में हिजरत करने वालों में से हैं) उनके द्वारा किए गए पाप के कारण, आर्थिक सहायता न देने की क़सम न खाएँ। बल्कि उन्हें चाहिए कि अपने उन रिश्तेदारों को माफ़ कर दें और दरगुज़र कर जाएँ। क्या तुम यह पसंद नहीं करते हो कि अल्लाह तुम्हारे पापों को क्षमा कर दे, यदि तुम उनको माफ़ कर दो और जाने दो?! और निश्चय अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदो को क्षमा करने वाला, उनपर दया करने वाला है। इसलिए उसके बंदों को भी उसका अनुसरण करना चाहिए। यह आयत अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु के बारे में उतरी, जब उन्होंने मिसतह (रज़ियल्लाहु अन्हु) के आयशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) पर आरोप लगाने में शामिल होने की वजह से, उनपर खर्च न करने की क़सम खा ली थी।

24:23Страница 352

إِنَّ ٱلَّذِينَ يَرۡمُونَ ٱلۡمُحۡصَنَٰتِ ٱلۡغَٰفِلَٰتِ ٱلۡمُؤۡمِنَٰتِ لُعِنُواْ فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِ وَلَهُمۡ عَذَابٌ عَظِيمٞ ٢٣

Воистину, те, которые обвиняют целомудренных верующих женщин, даже не помышляющих о грехе, будут прокляты в этом мире и в Последней жизни! Им уготованы великие мучения

निश्चय जो लोग सच्चरित्रा तथा अश्लीलता से बेखबर भोली-भाली मोमिन स्त्रियों पर तोहमत लगाते हैं, वे दुनिया एवं आख़िरत में अल्लाह की दया से दूर कर दिए गए। और आखिरत में उनके लिए बड़ी यातना है।

24:24Страница 352

يَوۡمَ تَشۡهَدُ عَلَيۡهِمۡ أَلۡسِنَتُهُمۡ وَأَيۡدِيهِمۡ وَأَرۡجُلُهُم بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ٢٤

в тот день, когда их языки, руки и ноги будут свидетельствовать против них о том, что они совершили.

यह यातना उन्हें क़ियामत के दिन दी जाएगी। जिस दिन उनकी ज़बानें, उनके विरुद्ध, उन ग़लत बातों की गवाही देंगी, जो उन्होंने बोली थीं। तथा उनके हाथ और उनके पाँव उनके विरुद्ध उसकी गवाही देंगे जो वे किया करते थे।

24:25Страница 352

يَوۡمَئِذٖ يُوَفِّيهِمُ ٱللَّهُ دِينَهُمُ ٱلۡحَقَّ وَيَعۡلَمُونَ أَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡحَقُّ ٱلۡمُبِينُ ٢٥

В тот день Аллах воздаст им в полной мере по их истинному счету, и они узнают, что Аллах есть Явная Истина.

उस दिन अल्लाह उन्हें न्याय के साथ उनका पूरा-पूरा बदला देगा और वे जान लेंगे कि अल्लाह ही सत्य है। अतः उसके द्वारा जारी होने वाली हर खबर या वादा या धमकी, एक स्पष्ट सत्य है, जिसमें कोई संदेह नहीं।

24:26Страница 352

ٱلۡخَبِيثَٰتُ لِلۡخَبِيثِينَ وَٱلۡخَبِيثُونَ لِلۡخَبِيثَٰتِۖ وَٱلطَّيِّبَٰتُ لِلطَّيِّبِينَ وَٱلطَّيِّبُونَ لِلطَّيِّبَٰتِۚ أُوْلَٰٓئِكَ مُبَرَّءُونَ مِمَّا يَقُولُونَۖ لَهُم مَّغۡفِرَةٞ وَرِزۡقٞ كَرِيمٞ ٢٦

Скверные женщины - для скверных мужчин, а скверные мужчины - для скверных женщин, и хорошие женщины - для хороших мужчин, а хорошие мужчины - для хороших женщин. Они непричастны к тому, что говорят клеветники. Им уготовано прощение и щедрый удел.

पुरुषों, महिलाओं, कार्यों और बातों में से जो भी अपवित्र है, वह उसी के लिए उपयुक्त और अनुकूल है, जो अपवित्र है। और इनमें से जो भी पवित्र है, वह उसी के लिए उपयुक्त और अनुकूल है, जो पवित्र है। ये पवित्र पुरुष और पवित्र स्त्रियाँ उससे बरी किए गए हैं, जो उनके बारे में अपवित्र पुरुष और अपवित्र स्त्रियाँ कहती हैं। उनके लिए अल्लाह की ओर से क्षमादान है, जिससे वह उनके गुनाह माफ़ कर देगा। तथा उनके लिए सम्मान वाली जीविका है, और वह जन्नत है।

24:27Страница 352

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَدۡخُلُواْ بُيُوتًا غَيۡرَ بُيُوتِكُمۡ حَتَّىٰ تَسۡتَأۡنِسُواْ وَتُسَلِّمُواْ عَلَىٰٓ أَهۡلِهَاۚ ذَٰلِكُمۡ خَيۡرٞ لَّكُمۡ لَعَلَّكُمۡ تَذَكَّرُونَ ٢٧

О те, которые уверовали! Не входите в чужие дома, пока не спросите позволения и не поприветствуете миром их обитателей. Это лучше для вас. Быть может, вы помяните назидание.

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसकी शरीयत पर चलने वालो! अपने घरों के सिवा अन्य घरों में उस समय तक प्रवेश न करो, जब तक उसके निवासियों से प्रवेश की अनुमति न ले लो और उन्हें सलाम न कर लो। सलाम करते और अनुमति लेते समय इस तरह कहो : "अस्सलामु अलैकुम, क्या मै अंदर आ सकता हूँ?" यह अनुमति प्राप्त करना जिसका तुम्हें आदेश दिया गया है, अचानक प्रवेश करने से बेहतर है। ताकि तुम अनुमति लेने के इस आदेश को याद रखो और उसका पालन करो।

24:28Страница 353

فَإِن لَّمۡ تَجِدُواْ فِيهَآ أَحَدٗا فَلَا تَدۡخُلُوهَا حَتَّىٰ يُؤۡذَنَ لَكُمۡۖ وَإِن قِيلَ لَكُمُ ٱرۡجِعُواْ فَٱرۡجِعُواْۖ هُوَ أَزۡكَىٰ لَكُمۡۚ وَٱللَّهُ بِمَا تَعۡمَلُونَ عَلِيمٞ ٢٨

Если же вы никого не найдете в них, то не входите, пока вам не позволят. Если же вам скажут: «Уйдите!». - то уходите. Так будет чище для вас. Воистину, Аллаху ведомо о том, что вы совершаете.

अगर तुम उन घरों में किसी को न पाओ, तो तुम उनमें प्रवेश न करो, यहाँ तक कि जिसके पास अनुमति देने का अधिकार हो, वह तुम्हें उनमें प्रवेश करने की अनुमति दे दे। और अगर घर के मालिक तुम्हें लौट जाने को कहें, तो लौट जाओ और उसमें प्रवेश न करो। क्योंकि यह तुम्हारे लिए अल्लाह के निकट अधिक पवित्र है। और अल्लाह, तुम जो कुछ करते हो, उससे पूरी तरह अवगत है। तुम्हारा कुछ भी काम उससे छिपा नहीं है। और वह तुम्हें उसका बदला देगा।

24:29Страница 353

لَّيۡسَ عَلَيۡكُمۡ جُنَاحٌ أَن تَدۡخُلُواْ بُيُوتًا غَيۡرَ مَسۡكُونَةٖ فِيهَا مَتَٰعٞ لَّكُمۡۚ وَٱللَّهُ يَعۡلَمُ مَا تُبۡدُونَ وَمَا تَكۡتُمُونَ ٢٩

На вас нет греха, если вы без разрешения войдете в нежилые (не принадлежащие конкретному лицу) дома, которыми вы можете пользоваться. Аллаху известно то, что вы обнаруживаете, и то, что вы скрываете.

ऐसे सार्वजनिक घरों में बिना अनुमति के प्रवेश करने में तुमपर कोई पाप नहीं, जो किसी व्यक्ति विशेष से संबंधित नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक उपयोग के लिए तैयार किए गए हैं, जैसे पुस्तकालयें और बाजारों में दुकानें। तथा तुम अपने कार्यों और अपनी स्थितियों में से जो छिपाते हो और जो ज़ाहिर करते हो, अल्लाह उन्हें भली-भाँति जानता है। उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह तुम्हें उनका बदला देगा।

24:30Страница 353

قُل لِّلۡمُؤۡمِنِينَ يَغُضُّواْ مِنۡ أَبۡصَٰرِهِمۡ وَيَحۡفَظُواْ فُرُوجَهُمۡۚ ذَٰلِكَ أَزۡكَىٰ لَهُمۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ خَبِيرُۢ بِمَا يَصۡنَعُونَ ٣٠

Скажи верующим мужчинам, чтобы они опускали свои взоры и оберегали свои половые органы. Так будет чище для них. Воистину, Аллаху ведомо о том, что они творят.

(ऐ रसूल!) आप ईमान वालों से कह दें कि वे अपनी निगाहों को उन चीज़ों की ओर देखने से रोक लें, जो उनके लिए हलाल नहीं हैं, जैसे कि (पराई) स्त्रियाँ और गुप्तांग (निजी अंग), और अपने गुप्तांगों की हराम में पड़ने से तथा उन्हें प्रकट करने से रक्षा करें। यह अल्लाह की हराम की हुई चीज़ों को देखने से बाज़ रहना और गुप्तांगों को संरक्षित करना उनके लिए अल्लाह के निकट अधिक पवित्र है। निःसंदेह अल्लाह उससे पूरी तरह अवगत है, जो वे करते हैं। उसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह उन्हें उनके कर्मों का बदला देगा।

24:31Страница 353

وَقُل لِّلۡمُؤۡمِنَٰتِ يَغۡضُضۡنَ مِنۡ أَبۡصَٰرِهِنَّ وَيَحۡفَظۡنَ فُرُوجَهُنَّ وَلَا يُبۡدِينَ زِينَتَهُنَّ إِلَّا مَا ظَهَرَ مِنۡهَاۖ وَلۡيَضۡرِبۡنَ بِخُمُرِهِنَّ عَلَىٰ جُيُوبِهِنَّۖ وَلَا يُبۡدِينَ زِينَتَهُنَّ إِلَّا لِبُعُولَتِهِنَّ أَوۡ ءَابَآئِهِنَّ أَوۡ ءَابَآءِ بُعُولَتِهِنَّ أَوۡ أَبۡنَآئِهِنَّ أَوۡ أَبۡنَآءِ بُعُولَتِهِنَّ أَوۡ إِخۡوَٰنِهِنَّ أَوۡ بَنِيٓ إِخۡوَٰنِهِنَّ أَوۡ بَنِيٓ أَخَوَٰتِهِنَّ أَوۡ نِسَآئِهِنَّ أَوۡ مَا مَلَكَتۡ أَيۡمَٰنُهُنَّ أَوِ ٱلتَّٰبِعِينَ غَيۡرِ أُوْلِي ٱلۡإِرۡبَةِ مِنَ ٱلرِّجَالِ أَوِ ٱلطِّفۡلِ ٱلَّذِينَ لَمۡ يَظۡهَرُواْ عَلَىٰ عَوۡرَٰتِ ٱلنِّسَآءِۖ وَلَا يَضۡرِبۡنَ بِأَرۡجُلِهِنَّ لِيُعۡلَمَ مَا يُخۡفِينَ مِن زِينَتِهِنَّۚ وَتُوبُوٓاْ إِلَى ٱللَّهِ جَمِيعًا أَيُّهَ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ لَعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ ٣١

Скажи верующим женщинам, чтобы они опускали свои взоры и оберегали свои половые органы. Пусть они не выставляют напоказ своих прикрас, за исключением тех, которые видны, и пусть прикрывают своими покрывалами вырез на груди и не показывают своей красы никому, кроме своих мужей, или своих отцов, или своих свекров, или своих сыновей, или сыновей своих мужей, или своих братьев, или сыновей своих братьев, или сыновей своих сестер, или своих женщин, или невольников, которыми овладели их десницы, или слуг из числа мужчин, лишенных вожделения, или детей, которые не постигли наготы женщин; и пусть они не стучат своими ногами, давая знать об украшениях, которые они скрывают. О верующие! Обращайтесь к Аллаху с покаянием все вместе, - быть может, вы преуспеете.

ईमान वाली स्त्रियों से कह दें कि जिन पर्दे की चीजों को देखना उनके लिए ह़लाल नहीं है, उनकी ओर देखने से अपनी निगाहों को बचाएँ। तथा व्यभिचार से दूर रहकर और खुद को परदे में रखकर अपने गुप्तांगों की रक्षा करें। और अपने श्रृंगार को अपरिचित व्यक्तियों के सामने ज़ाहिर न करें, सिवाय इसके कि उसमें से जो खुद से प्रकट हो जाए, जिसका छिपाना संभव न हो, जैसे कपड़े। और अपने बालों, चेहरों और गर्दनों को ढँकने के लिए अपने कपड़ों के ऊपरी हिस्से के खुले भाग पर अपनी ओढ़नियाँ (चादरें) डाल लिया करें। और अपने गुप्त श्रृंगार को किसी के सामने ज़ाहिर न करें, सिवाय अपने पतियों के, अथवा अपने पिताओं के, अथवा अपने पतियों के पिताओं के, अथवा अपने बेटों के, अथवा अपने पतियों के बेटों के, अथवा अपने भाइयों के, अथवा अपने भतीजों के, अथवा अपने भाँजों के, अथवा अपनी भरोसे के लायक़ स्त्रियों के, वह स्त्रियाँ मुसलमान हों या काफिर, अथवा उन दास-दासियों के, जिनकी वे मालिक हों, अथवा ऐसे अधीनस्थ पुरुषों के, जो स्त्रियों में किसी प्रकार की इच्छा न रखते हों, अथवा ऐसे छोटे बच्चों के, जो महिलाओं की छिपी बातों का ज्ञान न रखते हों। तथा औरतें धरती पर अपने पैर मारती हुई न चलें कि उनके छिपे हुए श्रृंगार जैसे पाज़ेब आदि का पता चल जाए। (ऐ मोमिनों!) तुम सब नज़र आदि के गुनाहों से अल्लाह के सामने तौबा करो, आशा है कि तुम अपनी अपेक्षित चीज़ को पाने में सफल हो जाओ और उस चीज़ से मुक्ति पा जाओ जिससे डरते हो।

24:32Страница 354

وَأَنكِحُواْ ٱلۡأَيَٰمَىٰ مِنكُمۡ وَٱلصَّٰلِحِينَ مِنۡ عِبَادِكُمۡ وَإِمَآئِكُمۡۚ إِن يَكُونُواْ فُقَرَآءَ يُغۡنِهِمُ ٱللَّهُ مِن فَضۡلِهِۦۗ وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٞ ٣٢

Сочетайте браком тех из вас, кто холост, и праведников из числа ваших рабов и рабынь. Если они бедны, то Аллах обогатит их из Своей милости. Аллах - Объемлющий, Знающий.

(ऐ ईमान वालो!) उन पुरुषों का विवाह कर दो, जिनकी पत्नियाँ नहीं हैं तथा उन आज़ाद महिलाओं का भी, जिनके पति नहीं हैं और अपने ईमान वाले दासों एवं दासियों का भी विवाह कर दो। यदि वे निर्धन हैं, तो अल्लाह अपने विशाल अनुग्रह से उन्हें धनी बना देगा। अल्लाह बड़ा जीविका दाता है। किसी को धनी बनाने से उसकी जीविका में कमी नहीं होती। वह अपने बंदों की स्थितियों से अवगत है।

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وَلۡيَسۡتَعۡفِفِ ٱلَّذِينَ لَا يَجِدُونَ نِكَاحًا حَتَّىٰ يُغۡنِيَهُمُ ٱللَّهُ مِن فَضۡلِهِۦۗ وَٱلَّذِينَ يَبۡتَغُونَ ٱلۡكِتَٰبَ مِمَّا مَلَكَتۡ أَيۡمَٰنُكُمۡ فَكَاتِبُوهُمۡ إِنۡ عَلِمۡتُمۡ فِيهِمۡ خَيۡرٗاۖ وَءَاتُوهُم مِّن مَّالِ ٱللَّهِ ٱلَّذِيٓ ءَاتَىٰكُمۡۚ وَلَا تُكۡرِهُواْ فَتَيَٰتِكُمۡ عَلَى ٱلۡبِغَآءِ إِنۡ أَرَدۡنَ تَحَصُّنٗا لِّتَبۡتَغُواْ عَرَضَ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۚ وَمَن يُكۡرِههُّنَّ فَإِنَّ ٱللَّهَ مِنۢ بَعۡدِ إِكۡرَٰهِهِنَّ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ٣٣

Пусть соблюдают целомудрие те, которые не находят возможности вступить в брак, пока Аллах не обогатит их из Своей милости. Если невольники, которыми овладели ваши десницы, хотят получить письмо о сумме выкупа, то дайте им такое письмо, если вы нашли в них добрые качества, и одарите их из имущества Аллаха, которое Он даровал вам. Не принуждайте своих невольниц к блуду ради обретения тленных благ мирской жизни, если они желают блюсти целомудрие. Если же кто-либо принудит их к этому, то Аллах после принуждения их будет Прощающим, Милосердным.

जो लोग अपनी गरीबी के कारण शादी करने में असमर्थ हैं, वे व्यभिचार से बचें, यहाँ तक कि अल्लाह उन्हें अपने विशाल अनुग्रह से समृद्ध कर दे। और जो दास अपने मालिकों से माल के बदले आज़ादी का अनुबंध करना चाहते हैं, उनके मालिकों को इसे स्वीकार कर लेना चाहिए, यदि वे उनके अनंदर अदा करने की क्षमता और धर्म में अच्छाई जानते हों। तथा उन्हें चाहिए कि अल्लाह के प्रदान किए हुए माल में से उन (दासों) को कुछ दें, इस प्रकार कि लिखा-पढ़ी के समय जो धन निर्धारित हुआ था, उसका कुछ भाग छोड़ दें। और माल की तलाश में अपने दासियों को व्यभिचार करने के लिए मजबूर न करो (जैसा कि अब्दुल्लाह बिन उबैय ने अपनी दो दासियों के साथ किया था जबकि वे पवित्रता और व्यभिचार से दूर रहना चाहती थीं), ताकि तुम उनकी योनि की कमाई खाओ। और तुम में से जो व्यक्ति उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर करेगा, तो अल्लाह उनके मजबूर किए जाने के बाद उन (दासियों) के पापों को क्षमा करने वाला, उनपर दया करने वाला है। क्योंकि वे मजबूर की गई हैं। और पाप उन्हें मजबूर करने वाले पर है।

24:34Страница 354

وَلَقَدۡ أَنزَلۡنَآ إِلَيۡكُمۡ ءَايَٰتٖ مُّبَيِّنَٰتٖ وَمَثَلٗا مِّنَ ٱلَّذِينَ خَلَوۡاْ مِن قَبۡلِكُمۡ وَمَوۡعِظَةٗ لِّلۡمُتَّقِينَ ٣٤

Мы уже ниспослали вам ясные знамения, и притчу о тех, которые миновали до вас, и увещевание для богобоязненных.

(ऐ लोगों!) हमने तुम्हारी ओर सच को झूठ से स्पष्ट करने वाली खुली आयतें उतारी हैं। और हमने तुम्हारे लिए तुमसे पहले गुज़रे हुए मोमिनों एवं काफिरों का उदाहरण भी प्रस्तुत किया है। तथा हमने तुमपर एक उपदेश उतारा है, जिससे वे लोग उपदेश ग्रहण करते हैं, जो अपने पालनहार से, उसके आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से बचकर, डरते हैं।

24:35Страница 354

۞ ٱللَّهُ نُورُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ مَثَلُ نُورِهِۦ كَمِشۡكَوٰةٖ فِيهَا مِصۡبَاحٌۖ ٱلۡمِصۡبَاحُ فِي زُجَاجَةٍۖ ٱلزُّجَاجَةُ كَأَنَّهَا كَوۡكَبٞ دُرِّيّٞ يُوقَدُ مِن شَجَرَةٖ مُّبَٰرَكَةٖ زَيۡتُونَةٖ لَّا شَرۡقِيَّةٖ وَلَا غَرۡبِيَّةٖ يَكَادُ زَيۡتُهَا يُضِيٓءُ وَلَوۡ لَمۡ تَمۡسَسۡهُ نَارٞۚ نُّورٌ عَلَىٰ نُورٖۚ يَهۡدِي ٱللَّهُ لِنُورِهِۦ مَن يَشَآءُۚ وَيَضۡرِبُ ٱللَّهُ ٱلۡأَمۡثَٰلَ لِلنَّاسِۗ وَٱللَّهُ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمٞ ٣٥

Аллах - Свет небес и земли. Его свет в душе верующего подобен нише, в которой находится светильник. Светильник заключен в стекло, а стекло подобно жемчужной звезде. Он возжигается от благословенного оливкового дерева, которое не освещается солнцем только с востока или только с запада. Его масло готово светиться даже без соприкосновения с огнем. Один свет поверх другого! Аллах направляет к Своему свету, кого пожелает. Аллах приводит людям притчи, и Аллах знает о всякой вещи.

अल्लाह आकाश और धरती का प्रकाश और उन दोनों में मौजूद सारी चीज़ों का मार्गदर्शन करने वाला है। मोमिन के हृदय में अल्लाह के प्रकाश की मिसाल, दीवार में एक ताक़ की तरह है, जिसमें एक चिराग़ है। वह चिराग़ एक चमकते हुए फानूस में है, जो मोती की तरह एक चमकदार तारा मालूम होता है। वह चिराग़ एक मुबारक पेड़ के तेल से जलाया जाता है, जो कि ज़ैतून का पेड़ है। उस पेड़ को सूरज से कोई चीज़ नहीं छिपाती है, न तो सुबह और न ही शाम को। उसका तेल इतना साफ़-सुथरा होता है कि मानो आग के छुए बिना ही जल उठेगा। तो फिर आग के छूने के बाद क्या हाल होगा?! चिराग़ का प्रकाश, फ़ानूस के प्रकाश पर है। यही हाल मोमिन व्यक्ति के दिल का होता है, जब उसके अंदर मार्गदर्शन का प्रकाश चमक उठे। अल्लाह अपने बंदों में से जिसे चाहता है, क़ुरआन का पालन करने का सामर्थ्य प्रदान करता है। तथा अल्लाह चीज़ों को उनके समान चीज़ों के द्वारा उदाहरण देकर स्पष्ट करता है। और अल्लाह हर चीज़ को जानने वाला है। उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है।

24:36Страница 354

فِي بُيُوتٍ أَذِنَ ٱللَّهُ أَن تُرۡفَعَ وَيُذۡكَرَ فِيهَا ٱسۡمُهُۥ يُسَبِّحُ لَهُۥ فِيهَا بِٱلۡغُدُوِّ وَٱلۡأٓصَالِ ٣٦

В домах, которые Аллах дозволил воздвигнуть, поминается Его имя. Его славят в них по утрам и перед закатом

यह चिराग़ उन मस्जिदों में जलाया जाता है, जिनके स्थान एवं भवन को अल्लाह ने उच्च रखने का आदेश दिया है। उनमें अज़ान, ज़िक्र और नमाज़ के द्वारा उसका नाम याद किया जाता है। उनके अंदर अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए दिन की शुरुआत और उसके अंत में नमाज़ पढ़ते हैं।

24:37Страница 355

رِجَالٞ لَّا تُلۡهِيهِمۡ تِجَٰرَةٞ وَلَا بَيۡعٌ عَن ذِكۡرِ ٱللَّهِ وَإِقَامِ ٱلصَّلَوٰةِ وَإِيتَآءِ ٱلزَّكَوٰةِ يَخَافُونَ يَوۡمٗا تَتَقَلَّبُ فِيهِ ٱلۡقُلُوبُ وَٱلۡأَبۡصَٰرُ ٣٧

мужи, которых ни торговля, ни купля-продажа не отвлекают от поминания Аллаха, совершения намаза и выплаты закята. Они боятся дня, когда перевернутся сердца и взоры,

वे ऐसे लोग हैं, जिन्हें ख़रीद या बिक्री अल्लाह का ज़िक्र करने, संपूर्ण तरीके से नमाज़ अदा करने और ज़कात के हक़दारों को ज़कात देने से ग़ाफ़िल नहीं करती। वे क़ियामत के दिन से डरते हैं। वह दिन, जब लोगों के दिल यातना से मुक्ति की आशा और उससे भय के बीच डोल रहे होंगे और निगाहें इधर-उधर फिर रही होंगी कि उन्हें किधर जाना है।

24:38Страница 355

لِيَجۡزِيَهُمُ ٱللَّهُ أَحۡسَنَ مَا عَمِلُواْ وَيَزِيدَهُم مِّن فَضۡلِهِۦۗ وَٱللَّهُ يَرۡزُقُ مَن يَشَآءُ بِغَيۡرِ حِسَابٖ ٣٨

чтобы Аллах воздал им за наилучшее из того, что они совершили (или лучшим, чем то, что они совершили; или наилучшим образом за то, что они совершили), и приумножил это по Своей милости. Аллах наделяет, кого пожелает, без счета.

उन्होंने ऐसे कार्य किए, ताकि अल्लाह उन्हें उनके अच्छे कामों का (उत्तम) बदला दे, तथा अपने अनुग्रह से उनके प्रतिफल में और वृद्धि कर दे। अल्लाह जिसे चाहता है, उसके कर्मों के अनुसार गिने बिना जीविका देता है। बल्कि वह उनके कर्मों से कई गुना अधिक देता है।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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