Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
الفرقان
Аль-Фуркан
аль-Фуркан · Мекканская · 77 аятов
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تَبَارَكَ ٱلَّذِي نَزَّلَ ٱلۡفُرۡقَانَ عَلَىٰ عَبۡدِهِۦ لِيَكُونَ لِلۡعَٰلَمِينَ نَذِيرًا ١
Благословен Тот, Кто ниспослал Своему рабу Различение (Коран), чтобы он предостерег миры.
उस अस्तित्व की भलाई बहुत अधिक और बहुल है, जिसने अपने बंदे और रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर सत्य और असत्य के बीच अंतर करने वाला क़ुरआन उतारा, ताकि वह मानव जाति और जिन्न की ओर, उन्हें अल्लाह की यातना से डराने वाला रसूल हो जाए।
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ٱلَّذِي لَهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَلَمۡ يَتَّخِذۡ وَلَدٗا وَلَمۡ يَكُن لَّهُۥ شَرِيكٞ فِي ٱلۡمُلۡكِ وَخَلَقَ كُلَّ شَيۡءٖ فَقَدَّرَهُۥ تَقۡدِيرٗا ٢
Ему принадлежит власть над небесами и землей. Он не взял Себе сына и ни с кем не делил власть. Он сотворил всякую вещь и придал ей соразмерную меру (или предопределил ее).
वह अस्तित्व कि केवल उसी के लिए आकाशों और धरती का राज्य है। उसने कोई संतान नहीं बनाई। और उसके राज्य में कभी उसका कोई शरीक नहीं रहा है। तथा उसने सारी चीज़ों को पैदा किया, और अपने ज्ञान एवं हिकमत के अनुसार उनकी रचना का ऐसा अंदाज़ा नियत किया, जो उनके लिए उपयुक्त हो।
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وَٱتَّخَذُواْ مِن دُونِهِۦٓ ءَالِهَةٗ لَّا يَخۡلُقُونَ شَيۡـٔٗا وَهُمۡ يُخۡلَقُونَ وَلَا يَمۡلِكُونَ لِأَنفُسِهِمۡ ضَرّٗا وَلَا نَفۡعٗا وَلَا يَمۡلِكُونَ مَوۡتٗا وَلَا حَيَوٰةٗ وَلَا نُشُورٗا ٣
Они стали поклоняться вместо Него другим божествам, которые ничего не создают, хотя сами были сотворены. Они не властны принести вред или пользу даже самим себе и не распоряжаются ни смертью, ни жизнью, ни воскрешением.
मुश्रिकों ने अल्लाह को छोड़कर ऐसे पूज्य बना लिए, जो कोई भी छोटी या बड़ी चीज़ नहीं पैदा कर सकते। बल्कि वे स्वयं पैदा किए जाते हैं। अल्लाह ने उन्हें अनस्तित्व से अस्तित्व प्रदान किया है। वे अपने किसी हानि को दूर करने, या अपने लिए कोई लाभ प्राप्त करने की भी शक्ति नहीं रखते। वे न किसी जीवित को मार सकते और न किसी मृत को जीवित कर सकते। तथा वे मुर्दों को उनकी क़ब्रों से उठा भी नहीं सकते।
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وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّآ إِفۡكٌ ٱفۡتَرَىٰهُ وَأَعَانَهُۥ عَلَيۡهِ قَوۡمٌ ءَاخَرُونَۖ فَقَدۡ جَآءُو ظُلۡمٗا وَزُورٗا ٤
Неверующие говорят: «Это - всего лишь ложь, которую он выдумал с помощью других людей». Воистину, они поступают несправедливо и лгут.
और अल्लाह एवं उसके रसूल के साथ कुफ़्र करने वालों ने कहा : यह क़ुरआन केवल एक झूठ है, जिसे मुह़म्मद ने गढ़ लिया है और झूठमूठ अल्लाह से संबद्ध कर दिया है। इसे गढ़ने में अन्य लोगों ने भी उसका साथ दिया है। निश्चय इन काफ़िरों ने एक असत्य बात गढ़ी है। क्योंकि क़ुरआन अल्लाह की वाणी है। कोई इनसान या जिन्न इस तरह की वाणी कदापि नहीं ला सकता।
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وَقَالُوٓاْ أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ ٱكۡتَتَبَهَا فَهِيَ تُمۡلَىٰ عَلَيۡهِ بُكۡرَةٗ وَأَصِيلٗا ٥
Они говорят: «Это - легенды древних народов. Он попросил записать их, и их читают ему утром и после полудня».
और इन क़ुरआन को झुठलाने वालों ने कहा : क़ुरआन पहले लोगों की कहानियाँ और उनकी लिखी हुई बे सिर पैर की बातें हैं। मुहम्मद ने उन्हें लिखवा लिया है और वही उनके सामने सुबह-शाम पढ़ी जाती हैं।.
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قُلۡ أَنزَلَهُ ٱلَّذِي يَعۡلَمُ ٱلسِّرَّ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ إِنَّهُۥ كَانَ غَفُورٗا رَّحِيمٗا ٦
Скажи: «Ниспослал его Тот, Кому известны тайны на небесах и на земле. Он - Прощающий, Милосердный».
(ऐ रसूल!) इन झुठलाने वालों से कह दें : क़ुरआन को उस अल्लाह ने उतारा है, जो आकाशों और धरती की हर बात को जानता है। क़ुरआन गढ़ा हुआ नहीं है, जैसा कि तुमने दावा किया है। फिर उन्हें तौबा की प्रेरणा देते हुए कहा : अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदों को माफ़ करने वाला, उनपर दया करने वाला है।
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وَقَالُواْ مَالِ هَٰذَا ٱلرَّسُولِ يَأۡكُلُ ٱلطَّعَامَ وَيَمۡشِي فِي ٱلۡأَسۡوَاقِ لَوۡلَآ أُنزِلَ إِلَيۡهِ مَلَكٞ فَيَكُونَ مَعَهُۥ نَذِيرًا ٧
Они сказали: «Что это за посланник? Он ест пищу и ходит по рынкам. Почему к нему не был ниспослан ангел, который предостерегал бы вместе с ним?
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को झुठलाने वाले मुश्रिकों ने कहा : यह व्यक्ति जो अल्लाह की ओर से रसूल होने का दावा करता है, इसे क्या है कि अन्य लोगों की तरह खाना खाता है और रोज़ी की तलाश में बाज़ारों में चलता-फिरता है? अल्लाह ने इसके साथ कोई फ़रिश्ता क्यों न उतारा, जो इसके साथ रहकर इसकी पुष्टि करता और इसका सहयोग करता?
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أَوۡ يُلۡقَىٰٓ إِلَيۡهِ كَنزٌ أَوۡ تَكُونُ لَهُۥ جَنَّةٞ يَأۡكُلُ مِنۡهَاۚ وَقَالَ ٱلظَّٰلِمُونَ إِن تَتَّبِعُونَ إِلَّا رَجُلٗا مَّسۡحُورًا ٨
Почему ему не даровано сокровище? Почему у него нет сада, из которого он бы вкушал?». Беззаконники сказали: «Воистину, вы следуете лишь за околдованным мужем».
या उसपर आकाश से कोई खज़ाना उतारा जाता, या उसके पास कोई बाग़ होता, जिसके वह फल खाता और रोज़ी की तलाश में बाज़ारों के चक्कर लगाने से बच जाता। तथा इन ज़ालिमों ने यह भी कहा : (ऐ मोमिनो!) तुम किसी रसूल का पालन नहीं करते। बल्कि एक ऐसे व्यक्ति का अनुसरण कर रहे हो, जो जादू के असर से विवेकहीन हो गया है।
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ٱنظُرۡ كَيۡفَ ضَرَبُواْ لَكَ ٱلۡأَمۡثَٰلَ فَضَلُّواْ فَلَا يَسۡتَطِيعُونَ سَبِيلٗا ٩
Посмотри, как они приводят тебе притчи! Они впали в заблуждение и не могут найти дороги.
(ऐ रसूल!) उनका यह आश्चर्यजनक रवैया देखिए कि उन्होंने कैसे आपके बारे में झूठी और बेबुनियाद बातें की हैं। चुनाँचे कभी उन्होंने आपको जादूगर कहा, कभी कहा कि आप जादू से प्रभावित हैं तथा कभी आपको पागल और दीवाना कहा। यही कारण है कि वे सत्य से भटक गए और अब वे हिदायत का मार्ग नहीं अपना सकते, तथा आपकी सच्चाई और अमानतदारी पर वार करने का भी कोई रास्ता नहीं पा सकते।
25:10Страница 360
تَبَارَكَ ٱلَّذِيٓ إِن شَآءَ جَعَلَ لَكَ خَيۡرٗا مِّن ذَٰلِكَ جَنَّٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ وَيَجۡعَل لَّكَ قُصُورَۢا ١٠
Благословен Тот, Кто дарует тебе, если пожелает, нечто лучшее - Райские сады, в которых текут реки, а также дворцы.
बहुत बरकत वाला है वह अल्लाह, जो यदि चाहे तो आपको उससे उत्तम चीज़ें प्रदान कर दे, जो उन्होंने आपके लिए प्रस्तावित किया है। इस प्रकार कि वह आपके लिए दुनिया में ऐसे बाग़ बना दे, जिनके महलों और पेड़ों के नीचे से नहरें बहती हों, जिनके आप फल खाएँ, और आपके लिए ऐसे महल बना दे, जिनमें आप सुख-सुविधा के साथ रहें।
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بَلۡ كَذَّبُواْ بِٱلسَّاعَةِۖ وَأَعۡتَدۡنَا لِمَن كَذَّبَ بِٱلسَّاعَةِ سَعِيرًا ١١
Но они считают ложью Час, а для тех, кто считает ложью Час, Мы приготовили Пламя.
उन्होंने ये बातें सत्य की खोज और प्रमाण की तलाश में नहीं कही हैं, बल्कि असल बात यह है कि उन्होंने क़ियामत के दिन को झुठलाया है। और हमने उस आदमी के लिए जो क़ियामत के दिन को झुठलाए, एक बहुत बड़ी अत्यंत भड़कती हुई आग तैयार कर रखी है।
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إِذَا رَأَتۡهُم مِّن مَّكَانِۭ بَعِيدٖ سَمِعُواْ لَهَا تَغَيُّظٗا وَزَفِيرٗا ١٢
Когда оно завидит их издалека, они услышат его яростное шипение и тяжелое дыхание.
जब जहन्नम काफ़िरों को देखेगी, जबकि वे एक दूर स्थान से उसकी ओर हाँककर ले जाए जा रहे होंगे, तो वे उसे ज़ोर से उबलते हुए, और उनपर उसके क्रोध की तीव्रता के कारण एक आकुल करने वाली आवाज़ सुनेंगे।
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وَإِذَآ أُلۡقُواْ مِنۡهَا مَكَانٗا ضَيِّقٗا مُّقَرَّنِينَ دَعَوۡاْ هُنَالِكَ ثُبُورٗا ١٣
Когда их скованными бросят в тесное место, там они будут призывать погибель.
और जब इन काफ़िरों को जहन्नम के एक तंग स्थान में, उनके हाथों को गरदनों के साथ मिलाकर ज़ंजीरों से बाँधकर फेंका जाएगा, तो वे उससे छुटकारा पाने की आशा में ख़ुद के लिए विनाश का आह्वान करेंगे।
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لَّا تَدۡعُواْ ٱلۡيَوۡمَ ثُبُورٗا وَٰحِدٗا وَٱدۡعُواْ ثُبُورٗا كَثِيرٗا ١٤
Не призывайте сегодня одну погибели, а призывайте много погибелей!
(ऐ काफ़िरो!) आज एक विनाश को मत पुकारो, बल्कि बहुत अधिक विनाशों को पुकारो। लेकिन तुम्हारी फ़रियाद सुनी नहीं जाएगी, बल्कि तुम दर्दनाक यातना में हमेशा पड़े रहोगे।
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قُلۡ أَذَٰلِكَ خَيۡرٌ أَمۡ جَنَّةُ ٱلۡخُلۡدِ ٱلَّتِي وُعِدَ ٱلۡمُتَّقُونَۚ كَانَتۡ لَهُمۡ جَزَآءٗ وَمَصِيرٗا ١٥
Скажи: «Это лучше или же Сад вечности, который обещан богобоязненным и будет им воздаянием и местом прибытия?».
(ऐ रसूल!) उनसे कह दें : क्या यह उक्त यातना, जिसका तुम्हारे सामने वर्णन किया गया है, बेहतर है या अमरता की जन्नत, जिसकी नेमतें सदा उपलब्ध रहेंगी और कभी भी ख़त्म नहीं होंगी? तथा यही वह जन्नत है, जिसका अल्लाह ने अपने मोमिन बंदों से वादा किया है कि वह उनके लिए प्रतिफल और ठिकाना होगी, जहाँ वे क़ियामत के दिन लौटकर जाएँगे।
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لَّهُمۡ فِيهَا مَا يَشَآءُونَ خَٰلِدِينَۚ كَانَ عَلَىٰ رَبِّكَ وَعۡدٗا مَّسۡـُٔولٗا ١٦
Там они получат все, что пожелают, и останутся навечно. Твой Господь взял на себя это испрошенное обещание.
उनके लिए इस जन्नत में वे सारी नेमतें होंगी, जो वे चाहेंगे। यह अल्लाह पर एक ऐसा वादा है, जिसकी उसके डरने वाले बंदे उससे माँग करेंगे। और अल्लाह का वादा पूरा होकर रहता है। क्योंकि वह अपना वादा कभी नहीं तोड़ता।
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وَيَوۡمَ يَحۡشُرُهُمۡ وَمَا يَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ فَيَقُولُ ءَأَنتُمۡ أَضۡلَلۡتُمۡ عِبَادِي هَٰٓؤُلَآءِ أَمۡ هُمۡ ضَلُّواْ ٱلسَّبِيلَ ١٧
В тот день Он соберет их и тех, кому они поклонялись вместо Аллаха, и скажет: «Это вы ввели в заблуждение этих Моих рабов, или же они сами сбились с пути?».
जिस दिन अल्लाह झुठलाने वाले मुश्रिकों को एकत्र करेगा, तथा उन्हें भी एकत्र करेगा जिनकी वे अल्लाह के सिवा पूजा करते थे। फिर अल्लाह पूज्यों से, उनके पूजकों को फटकार लगाने हेतु, कहेगा : क्या तुमने मेरे बंदों को उन्हें अपनी पूजा का आदेश देकर पथभ्रष्ट किया था, या वे अपने आप भटक गए थे?!
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قَالُواْ سُبۡحَٰنَكَ مَا كَانَ يَنۢبَغِي لَنَآ أَن نَّتَّخِذَ مِن دُونِكَ مِنۡ أَوۡلِيَآءَ وَلَٰكِن مَّتَّعۡتَهُمۡ وَءَابَآءَهُمۡ حَتَّىٰ نَسُواْ ٱلذِّكۡرَ وَكَانُواْ قَوۡمَۢا بُورٗا ١٨
Они скажут: «Пречист Ты! Не подобало нам брать покровителей и помощников вместо Тебя. Однако Ты позволил им и их отцам пользоваться благами, так что они забыли Напоминание. Они были пропащим народом».
वे पूज्य कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! तू इस बात से पवित्र है कि तेरा कोई साझी हो। हमारे लिए यह उचित नहीं था कि तुझे छोड़कर अन्य लोगों को संरक्षक बनाकर उनका संरक्षण ग्रहण करते, तो फिर हम तेरे बंदों से किस तरह आह्वान कर सकते थे कि वे तुझे छोड़कर हमारी पूजा करें?! लेकिन असल बात यह है कि तूने इन मुश्रिकों को दुनिया की सुख-सुविधाएँ प्रदान कीं और इनसे पहले इनके बाप-दादों को भी ढील देने के लिए धन-संपन्नता प्रदान की थी, यहाँ तक कि वे तेरी याद को भूला गए। इसलिए उन्होंने तेरे साथ दूसरों की पूजा की, तथा वे अपने दुर्भाग्य के कारण विनष्ट होने वाले लोग थे।
25:19Страница 361
فَقَدۡ كَذَّبُوكُم بِمَا تَقُولُونَ فَمَا تَسۡتَطِيعُونَ صَرۡفٗا وَلَا نَصۡرٗاۚ وَمَن يَظۡلِم مِّنكُمۡ نُذِقۡهُ عَذَابٗا كَبِيرٗا ١٩
Они опровергли то, что вы говорите, и вы не можете ни отвратить наказание, ни помочь себе. Тем из вас, кто поступал несправедливо, Мы дадим вкусить великие мучения.
(ऐ मुश्रिको!) तुम्हारे उन पूज्यों ने, जिनकी तुमने अल्लाह के अलावा पूजा की थी, तुम्हें उसमें झूठा ठहरा दिया, जो तुम उनपर दावा करते हो। अतः तुम अपनी अक्षमता के कारण अपने आपसे न यातना टाल सकते हो और न ही अपनी मदद कर सकते हो। तथा (ऐ मोमिनो!) तुम में से जो व्यक्ति अल्लाह का साझी बनाकर अत्याचार करेगा, हम उसे बहुत बड़ी यातना चखाएँगे, जैसा कि हम ऊपर उल्लिखित लोगों को चखा चुके हैं।
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وَمَآ أَرۡسَلۡنَا قَبۡلَكَ مِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ إِلَّآ إِنَّهُمۡ لَيَأۡكُلُونَ ٱلطَّعَامَ وَيَمۡشُونَ فِي ٱلۡأَسۡوَاقِۗ وَجَعَلۡنَا بَعۡضَكُمۡ لِبَعۡضٖ فِتۡنَةً أَتَصۡبِرُونَۗ وَكَانَ رَبُّكَ بَصِيرٗا ٢٠
Мы не ниспосылали до тебя посланников, которые не принимали бы пищи и не ходили бы по рынкам. Мы сделали одних из вас искушением для других: проявите ли вы терпение? Твой Господь - Видящий.
(ऐ रसूल!) हमने आपसे पहले जितने भी रसूल भेजे, वे सभी इनसान थे, जो खाना खाते थे और बाज़ारों में चलते-फिरते थे। अतः इस मामले में आप कोई अनूठे नबी नहीं हैं। तथा (ऐ लोगो!) हमने तुम्हें खुशहाली एवं ग़रीबी तथा स्वास्थ्य एवं बीमारी आदि अलग-अलग अवस्थाओं में रखकर, एक-दूसरे के लिए परीक्षण बनाया है। क्या तुम अपने इस परीक्षण में धैर्य से काम लोगे, कि अल्लाह तुम्हें तुम्हारे धैर्य का प्रतिफल प्रदान करे?! और तुम्हारा रब देख रहा है कि कौन सब्र करता है और कौन सब्र नहीं करता, तथा कौन उसका आज्ञापालन करता है और कौन उसकी अवज्ञा करता है।
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۞ وَقَالَ ٱلَّذِينَ لَا يَرۡجُونَ لِقَآءَنَا لَوۡلَآ أُنزِلَ عَلَيۡنَا ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ أَوۡ نَرَىٰ رَبَّنَاۗ لَقَدِ ٱسۡتَكۡبَرُواْ فِيٓ أَنفُسِهِمۡ وَعَتَوۡ عُتُوّٗا كَبِيرٗا ٢١
Те, которые не надеются на встречу с Нами, говорят: «Почему к нам не ниспосланы ангелы? И почему мы не видим нашего Господа?». Они надменно возгордились в душе собой и проявили великое неповиновение.
और जो काफ़िर हमसे मिलने की आशा नहीं रखते और हमारी सज़ा से नहीं डरते, उन्होंने कहा : अल्लाह ने हमारे पास फ़रिश्ते क्यों नहीं भेजे, जो हमें मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सत्यता के विषय में बताते, अथवा हम अपने पालनहार को अपनी आँखों से देख लेते और वह हमें इस विषय में सब कुछ बता देता? निश्चित रूप से इन लोगों के दिलों में अहंकार इतना बढ़ गया है कि उसने इन्हें ईमान से रोक दिया है और वे ऐसा कहकर कुफ़्र और सरकशी में सीमा को पार कर चुके हैं।
25:22Страница 362
يَوۡمَ يَرَوۡنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ لَا بُشۡرَىٰ يَوۡمَئِذٖ لِّلۡمُجۡرِمِينَ وَيَقُولُونَ حِجۡرٗا مَّحۡجُورٗا ٢٢
В тот день, когда они увидят ангелов, для грешников не будет никакой благой вести, и они (ангелы) скажут: «Вот преграда непреодолимая!».
जिस दिन काफ़िर लोग फ़रिश्तों को देखेंगे अपनी मौत के समय, क़ब्र की ज़िंदगी में, दोबारा जीवित किए जाते समय तथा उस समय जब वे हिसाब-किताब के लिए धकेलकर ले जाए जाएँगे और जब वे जहन्नम में डाले जाएँगे- तो इन सभी स्थितियों में उनके लिए कोई अच्छी खबर नहीं होगी। जबकि ईमान वालों का मामला इसके विपरीत होगा। तथा फ़रिश्ते उन अपराधियों से कहेंगे : अल्लाह की ओर से तुम्हें कोई खुशख़बरी मिलने वाली नहीं है।
25:23Страница 362
وَقَدِمۡنَآ إِلَىٰ مَا عَمِلُواْ مِنۡ عَمَلٖ فَجَعَلۡنَٰهُ هَبَآءٗ مَّنثُورًا ٢٣
Мы займемся деяниями, которые они совершили, и обратим их в развеянный прах.
तथा काफ़िरों ने इस दुनिया में नेकी और भलाई के जो कार्य किए होंगे, हम उसकी ओर बढ़कर उसे उनके कुफ़्र के कारण उस बिखरी हुई धूल की तरह अमान्य और बेकार कर देंगे, जिसे देखने वाला खिड़की से अंदर आने वाली सूर्य की किरणों में देखता है।
25:24Страница 362
أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِ يَوۡمَئِذٍ خَيۡرٞ مُّسۡتَقَرّٗا وَأَحۡسَنُ مَقِيلٗا ٢٤
У обитателей Рая в тот день будет более хорошая обитель и более прекрасное место отдыха.
उस दिन जन्नत वाले मोमिन इन काफ़िरों से बेहतर स्थिति और आराम की बेहतर जगह में होंगे। यह उनके अल्लाह पर ईमान और उनके अच्छे कर्मों के कारण होगा।
25:25Страница 362
وَيَوۡمَ تَشَقَّقُ ٱلسَّمَآءُ بِٱلۡغَمَٰمِ وَنُزِّلَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ تَنزِيلًا ٢٥
В тот день небо разверзнется и покроется облаками, и будут низведены ангелы.
तथा (ऐ रसूल!) उस दिन को याद करें, जब आकाश फट जाएगा और पतले सफ़ेद बादल दिखाई देंगे, तथा फ़रिश्तों को उनकी बड़ी संख्या के कारण निरंतर 'महशर' की भूमि में उतारा जाएगा।
25:26Страница 362
ٱلۡمُلۡكُ يَوۡمَئِذٍ ٱلۡحَقُّ لِلرَّحۡمَٰنِۚ وَكَانَ يَوۡمًا عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ عَسِيرٗا ٢٦
В тот день власть будет истинной и будет принадлежать Милостивому, и день тот будет тяжким для неверующих.
उस दिन वास्तविक राज्य एवं हक़ीक़ी बादशाहत केवल 'रहमान' की होगी और वह दिन काफ़िरों के लिए बड़ा कठिन होगा। जबकि ईमान वालों की स्थिति इसके विपरीत होगी। उनके लिए वह बहुत आसान होगा।
25:27Страница 362
وَيَوۡمَ يَعَضُّ ٱلظَّالِمُ عَلَىٰ يَدَيۡهِ يَقُولُ يَٰلَيۡتَنِي ٱتَّخَذۡتُ مَعَ ٱلرَّسُولِ سَبِيلٗا ٢٧
В тот день беззаконник станет кусать свои руки и скажет: «Лучше бы я последовал путем Посланника!
और (ऐ रसूल!) उस दिन को याद करें, जिस दिन अत्याचारी रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का अनुसरण न करने के कारण, घोर पछतावे से अपने दोनों हाथ चबाएगा और कहेगा : ऐ काश! मैंने रसूल का उस चीज़ में पालन किया होता जो कुछ वह अपने पालनहार की ओर से लाए थे और उसके साथ उद्धार का मार्ग अपनाया होता।
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يَٰوَيۡلَتَىٰ لَيۡتَنِي لَمۡ أَتَّخِذۡ فُلَانًا خَلِيلٗا ٢٨
О горе мне! Лучше бы я не брал такого-то себе в друзья!
तथा वह बड़े अफसोस के साथ अपने आपको अभिशाप देते हुए कहेगा : हाय मेरा विनाश! काश मैंने फलाँ काफ़िर व्यक्ति को मित्र न बनाया होता।
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لَّقَدۡ أَضَلَّنِي عَنِ ٱلذِّكۡرِ بَعۡدَ إِذۡ جَآءَنِيۗ وَكَانَ ٱلشَّيۡطَٰنُ لِلۡإِنسَٰنِ خَذُولٗا ٢٩
Это он отвратил меня от Напоминания (Корана) после того, как оно дошло до меня». Воистину, дьявол оставляет человека без поддержки.
निश्चय इस काफ़िर मित्र ने मुझे क़ुरआन से भटका दिया, जब कि वह रसूल के माध्यम से मेरे पास पहुँच चुका था। तथा शैतान मनुष्य को हमेशा छोड़ जाने वाला है। जब उसपर कोई मुसीबत आती है, तो उससे किनारा कर लेता है।
25:30Страница 362
وَقَالَ ٱلرَّسُولُ يَٰرَبِّ إِنَّ قَوۡمِي ٱتَّخَذُواْ هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانَ مَهۡجُورٗا ٣٠
Посланник сказал: «Господи! Мой народ забросил этот Коран».
तथा उस दिन रसूल अपनी जाति की हालत के बारे में शिकायत करते हुए कहेगा : ऐ मेरे पालनहार! मेरी क़ौम के लोग, जिनकी ओर तूने मुझे भेजा था, इस क़ुरआन को को छोड़कर इससे दूर हो गए थे।
25:31Страница 362
وَكَذَٰلِكَ جَعَلۡنَا لِكُلِّ نَبِيٍّ عَدُوّٗا مِّنَ ٱلۡمُجۡرِمِينَۗ وَكَفَىٰ بِرَبِّكَ هَادِيٗا وَنَصِيرٗا ٣١
Так для каждого пророка Мы создали врагов из числа грешников, но довольно того, что твой Господь наставляет на прямой путь и помогает.
ऐ रसूल! जिस प्रकार आपको आपके समुदाय द्वारा कष्ट दिया गया और लोगों को आपकी राह से रोका गया, उसी प्रकार हमने आपसे पूर्व नबियों में से प्रत्येक नबी के लिए उसके समुदाय के अपराधियों में से एक दुश्मन बना दिया। तथा आपका रब एक पथ-प्रदर्शक के रूप में पर्याप्त है जो सत्य का मार्गदर्शन करता है, तथा वह एक सहायक के रूप में पर्याप्त है, जो आपके शत्रु के विरुद्ध आपकी सहायता करता है।
25:32Страница 362
وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَوۡلَا نُزِّلَ عَلَيۡهِ ٱلۡقُرۡءَانُ جُمۡلَةٗ وَٰحِدَةٗۚ كَذَٰلِكَ لِنُثَبِّتَ بِهِۦ فُؤَادَكَۖ وَرَتَّلۡنَٰهُ تَرۡتِيلٗا ٣٢
Неверующие сказали: «Почему Коран не ниспослан ему целиком за один раз?». Мы поступили так, чтобы укрепить им твое сердце, и разъяснили его самым прекрасным образом.
और अल्लाह का इनकार करने वालों ने कहा : यह क़ुरआन रसूल पर एक ही बार में क्यों नहीं उतार दिया गया? इस तरह थोड़ा-थोड़ा करके क्यों उतारा गया? (अल्लाह कहता है :) हमने क़ुरआन को ऐसे ही थोड़ा-थोड़ा करके इसलिए उतारा, ताकि (ऐ रसूल!) हम समय-समय पर इसे उतारकर आपके दिल को दृढ़ता प्रदान करें। तथा हमने इसे थोड़ा-थोड़ा इसलिए भी उतारा, ताकि इसे समझना और याद करना आसान हो जाए।
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وَلَا يَأۡتُونَكَ بِمَثَلٍ إِلَّا جِئۡنَٰكَ بِٱلۡحَقِّ وَأَحۡسَنَ تَفۡسِيرًا ٣٣
Какую бы притчу они ни приводили тебе, Мы открывали тебе истину и наилучшее толкование.
और ये शिर्क करने वाले लोग (ऐ रसूल!) आपके पास कोई प्रस्तावित उदाहरण नहीं लाते, परंतु हम आपके पास उसका सच्चा और सटीक जवाब ले आते हैं तथा आपके सामने उससे बेहतर व्याख्या प्रस्तुत कर देते हैं।
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ٱلَّذِينَ يُحۡشَرُونَ عَلَىٰ وُجُوهِهِمۡ إِلَىٰ جَهَنَّمَ أُوْلَٰٓئِكَ شَرّٞ مَّكَانٗا وَأَضَلُّ سَبِيلٗا ٣٤
Тем, которые будут собраны в Геенну ничком, уготовано наихудшее место, и они более других сбились с пути.
जो लोग क़ियामत के दिन अपने मुख के बल नरक की ओर घसीटकर ले जाए जाएँगे, वही सबसे बुरे स्थान पर हैं; क्योंकि उनका स्थान नरक है। तथा वे सत्य के मार्ग से सबसे अधिक भटके हुए हैं; क्योंकि उनका मार्ग कुफ़्र और पथभ्रष्टता का मार्ग है।
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وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ وَجَعَلۡنَا مَعَهُۥٓ أَخَاهُ هَٰرُونَ وَزِيرٗا ٣٥
Воистину, Мы даровали Мусе (Моисею) Писание и сделали его брата Харуна (Аарона) помощником ему.
हमने मूसा (अलैहिस्सलाम) को तौरात प्रदान की तथा उनके साथ उनके भाई हारून (अलैहिस्सलाम) को भी रसूल बना दिया, ताकि वह उनके सहायक बन जाएँ।
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فَقُلۡنَا ٱذۡهَبَآ إِلَى ٱلۡقَوۡمِ ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا فَدَمَّرۡنَٰهُمۡ تَدۡمِيرٗا ٣٦
Мы повелели: «Ступайте вдвоем к народу, который счел ложью Наши знамения». А потом Мы уничтожили его до основания.
फिर हमने उन दोनों से कहा कि तुम फ़िरऔन तथा उसके समुदाय के पास जाओ, जिन्होंने मेरी आयतों को झुठलाया। चुनाँचे उन दोनों ने मेरा आज्ञापालन किया और उन लोगों के पास गए और उन्हें अल्लाह को एकमात्र पूज्य मानने की ओर आमंत्रित किया। परंतु उन्होंने उन दोनों को झुठला दिया, इसलिए हमने उन्हें बुरी तरह नष्ट कर दिया।
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وَقَوۡمَ نُوحٖ لَّمَّا كَذَّبُواْ ٱلرُّسُلَ أَغۡرَقۡنَٰهُمۡ وَجَعَلۡنَٰهُمۡ لِلنَّاسِ ءَايَةٗۖ وَأَعۡتَدۡنَا لِلظَّٰلِمِينَ عَذَابًا أَلِيمٗا ٣٧
Мы потопили народ Нуха (Ноя), когда они сочли лжецами посланников, и сделали их знамением для людей. Мы приготовили беззаконникам мучительные страдания.
और नूह की क़ौम को भी, जब उन्होंने नूह अलैहिस्सलाम को झुठलाकर, सभी रसूलों को झुठलाने का कार्य किया, तो हमने उन्हें समुद्र में डुबाकर नाश कर दिया और उनके विनाश को इस बात की निशानी बना दिया कि हम ज़ालिमों को जड़ से उखाड़ फेंकने की पूरी शक्ति रखते हैं। तथा हमने इन अत्याचारियों के लिए क़ियामत के दिन दर्दनाक यातना तैयार कर रखी है।
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وَعَادٗا وَثَمُودَاْ وَأَصۡحَٰبَ ٱلرَّسِّ وَقُرُونَۢا بَيۡنَ ذَٰلِكَ كَثِيرٗا ٣٨
А также адитов, самудян, жителей Расса и многие поколения, которые были между ними.
तथा हमने विनष्ट कर दिया हूद के समुदाय आद को, सालेह के समुदाय समूद को और कुएँ वालों को। तथा हमने इन तीनों के बीच की अवधि में भी बहुत-से समुदायों को विनष्ट कर दिया।
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وَكُلّٗا ضَرَبۡنَا لَهُ ٱلۡأَمۡثَٰلَۖ وَكُلّٗا تَبَّرۡنَا تَتۡبِيرٗا ٣٩
Каждому из них Мы приводили притчи, и каждый из них Мы подвергли полному истреблению.
इन नष्ट किए गए समुदायों में से प्रत्येक समुदाय के समक्ष हमने पिछले समुदायों के विनाश और उसके कारणों का वर्णन किया, ताकि वे उपदेश ग्रहण करें। तथा हमने प्रत्येक समुदाय को उनके कुफ़्र एवं हठ के कारण बुरी तरह नष्ट कर दिया।
25:40Страница 363
وَلَقَدۡ أَتَوۡاْ عَلَى ٱلۡقَرۡيَةِ ٱلَّتِيٓ أُمۡطِرَتۡ مَطَرَ ٱلسَّوۡءِۚ أَفَلَمۡ يَكُونُواْ يَرَوۡنَهَاۚ بَلۡ كَانُواْ لَا يَرۡجُونَ نُشُورٗا ٤٠
Они уже проходили мимо селения, на которое выпал недобрый дождь. Разве они не видели его? О нет! Они не надеялись на то, что будут воскрешены.
(ऐ नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम!) आपके समुदाय के ये झुठलाने वाले लोग - शाम के देश की यात्रा के समय - लूत की जाति की बस्ती के पास से गुज़रते हैं, जिस पर, उसकी अभद्रता की सज़ा के रूप में पत्थरों की वर्षा हुई थी, ताकि वे शिक्षा ग्रहण करें। तो क्या उन्होंने इस बस्ती से आँखें मूंद लीं, इसलिए उन्होंने इसे नहीं देखा? नहीं, बल्कि वे मरने के बाद पुनः जीवित होकर उठने की आशा ही नहीं रखते थे जिसके बाद उनका हिसाब-किताब लिया जाएगा।
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وَإِذَا رَأَوۡكَ إِن يَتَّخِذُونَكَ إِلَّا هُزُوًا أَهَٰذَا ٱلَّذِي بَعَثَ ٱللَّهُ رَسُولًا ٤١
Завидев тебя, они лишь насмехаются над тобой: «Неужели это - тот, кого Аллах отправил посланником?
और जब ये झुठलाने वाले (ऐ रसूल!) आपसे मिलते हैं, तो आपका उपहास करते हैं तथा ठट्ठा और इनकार के रूप में कहते हैं : क्या यही है, जिसे अल्लाह ने हमारी ओर रसूल बनाकर भेजा है?!
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إِن كَادَ لَيُضِلُّنَا عَنۡ ءَالِهَتِنَا لَوۡلَآ أَن صَبَرۡنَا عَلَيۡهَاۚ وَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ حِينَ يَرَوۡنَ ٱلۡعَذَابَ مَنۡ أَضَلُّ سَبِيلًا ٤٢
Он готов был отвратить нас от наших богов, если бы мы не проявили терпение». Когда они увидят наказание, они узнают, кто больше других сбился с пути.
निश्चय यह हमें हमारे देवताओं की पूजा करने से दूर करने वाला था। यदि हम उनकी पूजा करने पर जमे न रहते, तो वह अपने तर्कों और सबूतों के साथ हमें उससे दूर कर देता। तथा जब वे अपनी क़ब्रों में और क़ियामत के दिन अज़ाब देखेंगे, तो जान लेंगे कि कौन सबसे अधिक रास्ते से भटका हुआ था? क्या वे लोग का अथवा रसूल? तथा यह भी जान लेंगे कि उनमें से कौन सबसे ज़्यादा गुमराह था।
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أَرَءَيۡتَ مَنِ ٱتَّخَذَ إِلَٰهَهُۥ هَوَىٰهُ أَفَأَنتَ تَكُونُ عَلَيۡهِ وَكِيلًا ٤٣
Видел ли ты того, кто обожествил свою прихоть? Разве ты являешься его попечителем и хранителем?
क्या (ऐ रसूल!) आपने उस व्यक्ति को देखा, जिसने अपनी इच्छा को अपना पूज्य बना लिया और उसकी आज्ञा का पालन किया, तो क्या आप उसके संरक्षक होंगे कि उसे ईमान की ओर लौटा लें और उसे कुफ़्र से रोक दें?!
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أَمۡ تَحۡسَبُ أَنَّ أَكۡثَرَهُمۡ يَسۡمَعُونَ أَوۡ يَعۡقِلُونَۚ إِنۡ هُمۡ إِلَّا كَٱلۡأَنۡعَٰمِ بَلۡ هُمۡ أَضَلُّ سَبِيلًا ٤٤
Или ты полагаешь, что большинство их способны слышать или разуметь? Они - всего лишь подобие скотов, но они еще больше сбились с пути.
बल्कि, क्या (ऐ रसूल!) आप यह समझते हैं कि जिन लोगों को आप अल्लाह के एकेश्वरवाद और उसकी आज्ञाकारिता की ओर बुला रहे हैं, उनमें से अधिकांश लोग आपकी बात को स्वीकार करने के लिए सुनते या तर्कों और प्रमाणों को समझते हैं?! वे सुनने एवं समझने के मामले में पशुओं के समान हैं, बल्कि वे पशुओं से भी अधिक पथभ्रष्ट हैं।
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أَلَمۡ تَرَ إِلَىٰ رَبِّكَ كَيۡفَ مَدَّ ٱلظِّلَّ وَلَوۡ شَآءَ لَجَعَلَهُۥ سَاكِنٗا ثُمَّ جَعَلۡنَا ٱلشَّمۡسَ عَلَيۡهِ دَلِيلٗا ٤٥
Разве ты не видишь, как твой Господь простирает тень? Если бы Он захотел, то сделал бы ее неподвижной. Затем Мы делаем солнце ее путеводителем
क्या (ऐ रसूल!) क्या आपने अल्लाह की रचना की निशानियों को नहीं देखा, जब उसने धरती के चेहरे पर छाया फैला दी। यदि वह चाहता कि उसे स्थिर कर दे और वह न हिले, तो निश्चय वह उसे ऐसा ही बनाता। फिर हमने सूर्य को उसका संकेत देने वाला बना दिया, जिसके साथ वह लंबा और छोटा होता है।
25:46Страница 364
ثُمَّ قَبَضۡنَٰهُ إِلَيۡنَا قَبۡضٗا يَسِيرٗا ٤٦
и затем постепенно сжимаем ее к Себе.
फिर जैसे-जैसे सूरज बुलंद होता है, हम छाया को धीरे-धीरे कम करते हुए समेट लेते हैं।
25:47Страница 364
وَهُوَ ٱلَّذِي جَعَلَ لَكُمُ ٱلَّيۡلَ لِبَاسٗا وَٱلنَّوۡمَ سُبَاتٗا وَجَعَلَ ٱلنَّهَارَ نُشُورٗا ٤٧
Он - Тот, Кто сделал для вас ночь покровом, сон - отдыхом, а день - оживлением.
और अल्लाह ही वह हस्ती है, जिसने तुम्हारे लिए रात को वस्त्र के समान बनाया, जो तुम्हें ढाँप लेता है तथा अन्य चीज़ों को छिपाता है। तथा वही है जिसने तुम्हारे लिए नींद को विश्राम बनाया, जिसके आग़ोश में तुम अपने कार्यों से आराम करते हो तथा वही है जिसने दिन को तुम्हारे लिए अपने कामों पर जाने का समय बनाया।
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وَهُوَ ٱلَّذِيٓ أَرۡسَلَ ٱلرِّيَٰحَ بُشۡرَۢا بَيۡنَ يَدَيۡ رَحۡمَتِهِۦۚ وَأَنزَلۡنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ طَهُورٗا ٤٨
Он - Тот, Кто посылает ветры с доброй вестью о Своей милости. Мы ниспосылаем с неба чистую и очищающую воду,
वही है जिसने हवाओं को बारिश की शुभ सूचना देने वाली बनाकर भेजा, जो अल्लाह की अपने बंदों पर दया में से है। तथा हमने आकाश से बारिश का साफ पानी उतारा, जिससे वे अपने आप को शुद्ध (पाक) करते हैं।
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لِّنُحۡـِۧيَ بِهِۦ بَلۡدَةٗ مَّيۡتٗا وَنُسۡقِيَهُۥ مِمَّا خَلَقۡنَآ أَنۡعَٰمٗا وَأَنَاسِيَّ كَثِيرٗا ٤٩
чтобы оживить ею мертвую землю и напоить ею многочисленный скот и многих людей из тех, кого Мы сотворили.
ताकि हम उस उतरने वाले पानी से पौधे रहित बंजर भूमि को, विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों के साथ उगाकर और उसमें हरियाली फैलाकर, पुनर्जीवित करें और ताकि उस पानी से हम अपने पैदा किए हुए बहुत-से पशुओं और इनसानों को सेराब करें।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии