Аль-МухтасарАль‑Фуркан · 25:50–77

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

Аль-Фуркан 25:50–77

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وَلَقَدۡ صَرَّفۡنَٰهُ بَيۡنَهُمۡ لِيَذَّكَّرُواْ فَأَبَىٰٓ أَكۡثَرُ ٱلنَّاسِ إِلَّا كُفُورٗا ٥٠

Мы распределяем ее (дождевую воду) между ними, чтобы они помянули назидание, но большинство людей отказываются от всего, кроме неверия (или неблагодарности).

हमने क़ुरआन में उन तर्कों और प्रमाणों को विविध रूप से वर्णन किया, ताकि वे सीख ग्रहण करें। परंतु अधिकांश लोगों ने सत्य को नकारने और उससे अनजान बनने ही की नीति अपनाई।

25:51Страница 364

وَلَوۡ شِئۡنَا لَبَعَثۡنَا فِي كُلِّ قَرۡيَةٖ نَّذِيرٗا ٥١

Если бы Мы пожелали, то послали бы в каждое селение предостерегающего увещевателя.

और यदि हम चाहते तो प्रत्येक बस्ती में उन्हें चेतावनी देने और अल्लाह की सज़ा से डराने के लिए एक रसूल भेज देते। लेकिन हमने ऐसा नहीं चाहा। बल्कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को सभी लोगों के लिए रसूल बनाकर भेज दिया।

25:52Страница 364

فَلَا تُطِعِ ٱلۡكَٰفِرِينَ وَجَٰهِدۡهُم بِهِۦ جِهَادٗا كَبِيرٗا ٥٢

Посему не повинуйся неверующим и веди с ними посредством него (Корана) великую борьбу.

अतः आप काफ़िरों की उनके साथ नरमी करने की माँग और उनके दिए गए सुझावों को न मानें। तथा अपने ऊपर अवतरित इस क़ुरआन के द्वारा उनसे बड़ा जिहाद (संघर्ष) करें, उनके कष्ट पर धैर्य रखते हुए तथा उन्हें अल्लाह की ओर बुलाने में कठिनाइयों को सहते हुए।

25:53Страница 364

۞ وَهُوَ ٱلَّذِي مَرَجَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ هَٰذَا عَذۡبٞ فُرَاتٞ وَهَٰذَا مِلۡحٌ أُجَاجٞ وَجَعَلَ بَيۡنَهُمَا بَرۡزَخٗا وَحِجۡرٗا مَّحۡجُورٗا ٥٣

Он - Тот, Кто смешал два моря (вида воды): одно - приятное, пресное, а другое - соленое, горькое. Он установил между ними преграду и непреодолимое препятствие.

पवित्र अल्लाह ही है, जिसने दो समुद्रों के पानी को मिला दिया। उसने उनमें से मीठे को नमकीन के साथ मिलाया और उन दोनों के बीच एक पर्दा और मज़बूत आड़ बना दिया, जो दोनों के पानी को आपस में मिलने से रोकता है।

25:54Страница 364

وَهُوَ ٱلَّذِي خَلَقَ مِنَ ٱلۡمَآءِ بَشَرٗا فَجَعَلَهُۥ نَسَبٗا وَصِهۡرٗاۗ وَكَانَ رَبُّكَ قَدِيرٗا ٥٤

Он - Тот, Кто сотворил человека из воды и одарил его родственниками и свойственниками. Господь твой - Всемогущий.

वही है, जिसने पुरुष एवं स्त्री के वीर्य से मनुष्य को पैदा किया। तथा जिसने मनुष्यों को पैदा किया, उसने उनके बीच वंशगत रिश्ता तथा ससुराली रिश्ता बनाया। और (ऐ रसूल!) आपका पालनहार सर्वशक्तिमान है, उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती। उसकी शक्ति का एक प्रतीक यह है कि उसने पुरुष एवं स्त्री के वीर्य से मनुष्य को पैदा किया।

25:55Страница 364

وَيَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَنفَعُهُمۡ وَلَا يَضُرُّهُمۡۗ وَكَانَ ٱلۡكَافِرُ عَلَىٰ رَبِّهِۦ ظَهِيرٗا ٥٥

Они поклоняются помимо Аллаха тому, что не может ни принести им пользу, ни причинить им вред. Неверующий является помощником против своего Господа.

ये काफ़िर लोग अल्लाह के अलावा उन मूर्तियों की पूजा करते हैं, जो उनकी आज्ञा मानने से उन्हें लाभ नहीं देती हैं और यदि वे उनकी अवज्ञा करते हैं तो उन्हें नुकसान नहीं पहुँचाती हैं। तथा काफ़िर ऐसे कार्यों में शैतान का अनुयायी है, जो अल्लाह को क्रोधित करते हैं।

25:56Страница 365

وَمَآ أَرۡسَلۡنَٰكَ إِلَّا مُبَشِّرٗا وَنَذِيرٗا ٥٦

Мы отправили тебя всего лишь добрым вестником и предостерегающим увещевателем.

और हमने (ऐ रसूल!) आपको, ईमान एवं अच्छे कार्यों के द्वारा अल्लाह का आज्ञापालन करने वालों के लिए ख़ुशख़बरी देने वाला तथा कुफ़्र और पाप के द्वारा उसकी अवज्ञा करने वालों के लिए सावधान करने वाला बनाकर भेजा है।

25:57Страница 365

قُلۡ مَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍ إِلَّا مَن شَآءَ أَن يَتَّخِذَ إِلَىٰ رَبِّهِۦ سَبِيلٗا ٥٧

Скажи: «Я не прошу у вас за это никакого вознаграждения, кроме того, чтобы желающие встали на путь к своему Господу».

(ऐ रसूल!) आप कह दें : मैं तुमसे अल्लाह का संदेश पहुँचाने पर कोई बदला नहीं माँगता। परंतु तुममें से जो व्यक्ति कुछ ख़र्च करके अल्लाह की प्रसन्नता का रास्ता अपनाना चाहे, उसे ऐसा करना चाहिए।

25:58Страница 365

وَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱلۡحَيِّ ٱلَّذِي لَا يَمُوتُ وَسَبِّحۡ بِحَمۡدِهِۦۚ وَكَفَىٰ بِهِۦ بِذُنُوبِ عِبَادِهِۦ خَبِيرًا ٥٨

Уповай на Живого, Который не умирает, и прославляй Его хвалой. Довольно того, что Он ведает о грехах Своих рабов.

और (ऐ रसूल!) आप अपने सभी मामलों में उस नित्य जीवी पर भरोसा कीजिए, जिसे कभी मौत नहीं आएगी और उसकी प्रशंसा करते हुए हर प्रकार की कमी से उसकी पवित्रता बयान कीजिए। वह अपने बंदों के गुनाहों की पूरी ख़बर रखने के लिए काफ़ी है। उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह उन्हें उनका बदला देगा।

25:59Страница 365

ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَمَا بَيۡنَهُمَا فِي سِتَّةِ أَيَّامٖ ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰ عَلَى ٱلۡعَرۡشِۖ ٱلرَّحۡمَٰنُ فَسۡـَٔلۡ بِهِۦ خَبِيرٗا ٥٩

Он сотворил небеса и землю и то, что между ними, за шесть дней, а потом вознесся на Трон (или утвердился на Троне). Он - Милостивый. Спрашивай об этом Ведающего.

जिसने आकाशों तथा धरती और उनके बीच मौजूद सारी वस्तुओं को छह दिनों में पैदा किया। फिर वह अपनी महिमा के योग्य अर्श पर बुलंद हुआ। और वह अत्यंत दयावान् है। अतः (ऐ रसूल!) आप उसके बारे में किसी ज्ञाता से पूछिए। और वह अल्लाह है जो सब कुछ जानता है, उससे कुछ भी छिपा नहीं है।

25:60Страница 365

وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ٱسۡجُدُواْۤ لِلرَّحۡمَٰنِ قَالُواْ وَمَا ٱلرَّحۡمَٰنُ أَنَسۡجُدُ لِمَا تَأۡمُرُنَا وَزَادَهُمۡ نُفُورٗا۩ ٦٠

Когда им говорят: «Падайте ниц перед Милостивым!». - они говорят: «Что такое Милостивый? Неужели мы будем падать ниц перед тем, кому ты нам приказываешь?». Это приумножает их отвращение.

और जब काफ़िरों से कहा जाता है कि रह़मान (अत्यंत दयावान्) को सजदा करो, तो वे कहते हैं कि हम रहमान को सजदा नहीं करते और रह़मान क्या चीज़ है? हम उसे नहीं जानते और न ही उसे स्वीकार करते हैं। क्या हम उसे सजदा करने लगें, जिसे सजदा करने का तू हमें आदेश देता है जबकि हम उसे नहीं जानते हैं?! तथा उसका उन्हें सजदा करने के आदेश ने उन्हें अल्लाह पर ईमान लाने से दूरी में और बढ़ा दिया।

25:61Страница 365

تَبَارَكَ ٱلَّذِي جَعَلَ فِي ٱلسَّمَآءِ بُرُوجٗا وَجَعَلَ فِيهَا سِرَٰجٗا وَقَمَرٗا مُّنِيرٗا ٦١

Благословен Тот, Кто установил на небе созвездия Зодиака и установил на нем светильник и освещающую луну.

बड़ी बरकत वाला है वह, जिसने ग्रहों और गतिमान तारों के लिए आकाश में घर बनाए, तथा आकाश में एक ऐसा सूर्य बनाया जो प्रकाश बिखेरता है, तथा उसमें एक चंद्रमा बनाया जो सूर्य के प्रकाश को प्रतिबिंबित करके धरती को रोशन करता है।

25:62Страница 365

وَهُوَ ٱلَّذِي جَعَلَ ٱلَّيۡلَ وَٱلنَّهَارَ خِلۡفَةٗ لِّمَنۡ أَرَادَ أَن يَذَّكَّرَ أَوۡ أَرَادَ شُكُورٗا ٦٢

Он - Тот, Кто чередует ночь и день для тех, кто желает помнить и благодарить.

और अल्लाह ही है, जिसने रात और दिन को एक-दूसरे के आगे-पीछे आने वाला बना दिया, उस व्यक्ति के लिए जो अल्लाह की आयतों से उपदेश ग्रहण करना चाहे ताकि उसे मार्गदर्शन प्राप्त हो, अथवा अल्लाह का उसकी नेमतों पर शुक्र अदा करना चाहे।

25:63Страница 365

وَعِبَادُ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلَّذِينَ يَمۡشُونَ عَلَى ٱلۡأَرۡضِ هَوۡنٗا وَإِذَا خَاطَبَهُمُ ٱلۡجَٰهِلُونَ قَالُواْ سَلَٰمٗا ٦٣

А рабами Милостивого являются те, которые ступают по земле смиренно, а когда невежды обращаются к ним, они говорят: «Мир!»

और 'रह़मान' (अत्यंत दयावान् अल्लाह) के मोमिन बंदे वे हैं, जो धरती पर गरिमा और नम्रता के साथ चलते हैं, तथा जब अज्ञानी (अक्खड़) लोग उन्हें संबोधित करते हैं, तो वे उन्हें बदला नहीं देते। बल्कि, वे उनसे ऐसी भली बात कहते हैं, जिसमें वे अक्खड़पन नहीं दिखाते हैं।

25:64Страница 365

وَٱلَّذِينَ يَبِيتُونَ لِرَبِّهِمۡ سُجَّدٗا وَقِيَٰمٗا ٦٤

Они проводят ночи, падая ниц и стоя перед своим Господом.

और जो लोग अपने रब के सामने, अपने माथे पर सजदा करते हुए और अपने पैरों पर खड़े हुए, नमाज़ पढ़ते हुए रात बिताते हैं।

25:65Страница 365

وَٱلَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا ٱصۡرِفۡ عَنَّا عَذَابَ جَهَنَّمَۖ إِنَّ عَذَابَهَا كَانَ غَرَامًا ٦٥

Они говорят: «Господь наш! Отврати от нас мучения в Геенне, поскольку мучения там не отступают.

तथा जो अपने पालनहार से अपनी प्रार्थना में कहते हैं : ऐ हमारे पालनहार! हमसे जहन्न की यातना को हटा दे। निःसंदेह जहन्नम की यातना उस व्यक्ति से चिपक जाने वाली है जो काफ़िर होकर मरता है।

25:66Страница 365

إِنَّهَا سَآءَتۡ مُسۡتَقَرّٗا وَمُقَامٗا ٦٦

Как скверны эта обитель и местопребывание!».

वह (जहन्नम) बहुत ही बुरी जगह है उसमें ठहरने वालों के लिए तथा बहुत बुरा निवास स्थान है उसमें निवास करने वालों के लिए।

25:67Страница 365

وَٱلَّذِينَ إِذَآ أَنفَقُواْ لَمۡ يُسۡرِفُواْ وَلَمۡ يَقۡتُرُواْ وَكَانَ بَيۡنَ ذَٰلِكَ قَوَامٗا ٦٧

Когда они делают пожертвования, то не излишествуют и не скупятся, а придерживаются середины между этими крайностями.

और वे लोग कि जब अपना धन खर्च करते हैं, तो फ़िज़ूलखर्ची की सीमा तक नहीं पहुँचते और जिनपर ख़र्च करने के लिए वे बाध्य हैं, उनपर ख़र्च करने में तंगी नहीं करते हैं। बल्कि खर्च करने के मामले में फ़िज़ूलख़र्ची और कंजूसी के बीच संतुलित राह अपनाते हैं।

25:68Страница 366

وَٱلَّذِينَ لَا يَدۡعُونَ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ وَلَا يَقۡتُلُونَ ٱلنَّفۡسَ ٱلَّتِي حَرَّمَ ٱللَّهُ إِلَّا بِٱلۡحَقِّ وَلَا يَزۡنُونَۚ وَمَن يَفۡعَلۡ ذَٰلِكَ يَلۡقَ أَثَامٗا ٦٨

Они не взывают помимо Аллаха к другим богам, не убивают людей вопреки запрету Аллаха, если только они не имеют права на это, и не прелюбодействуют. А тот, кто поступает так, получит наказание.

तथा जो लोग अल्लाह के अलावा किसी अन्य पूज्य को नहीं पुकारते। तथा उस व्यक्ति को क़त्ल नहीं करते, जिसके क़त्ल को अल्लाह ने हराम किया है, सिवाय इसके कि जिसके क़त्ल को अल्लाह ने अधिकृत किया है, जैसे कि हत्यारे, या धर्मत्यागी (मुर्तद्द), या विवाहित व्यभिचारी को क़त्ल करना। तथा वे व्यभिचार नहीं करते हैं। और जो व्यक्ति इन बड़े-बड़े गुनाहों में से कोई गुनाह करेगा, वह क़ियामत के दिन उसकी सज़ा भुगतेगा।

25:69Страница 366

يُضَٰعَفۡ لَهُ ٱلۡعَذَابُ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ وَيَخۡلُدۡ فِيهِۦ مُهَانًا ٦٩

Его мучения будут приумножены в День воскресения, и он навечно останется в них униженным.

क़ियामत के दिन उसकी यातना दुगनी कर दी जाएगी और वह उस यातना में अपमानित और तिरस्कृत होकर सदा बना रहेगा।

25:70Страница 366

إِلَّا مَن تَابَ وَءَامَنَ وَعَمِلَ عَمَلٗا صَٰلِحٗا فَأُوْلَٰٓئِكَ يُبَدِّلُ ٱللَّهُ سَيِّـَٔاتِهِمۡ حَسَنَٰتٖۗ وَكَانَ ٱللَّهُ غَفُورٗا رَّحِيمٗا ٧٠

Это не относится к тем, которые раскаялись, уверовали и поступали праведно. Их злые деяния Аллах заменит добрыми, ибо Аллах - Прощающий, Милосердный.

लेकिन जिसने अल्लाह के सामने तौबा कर ली, ईमान ले आया और अच्छा कर्म किया, जो उसकी सच्ची तौबा को इंगित करता है, तो अल्लाह ऐसे लोगों के बुरे कर्मों को अच्छे कर्मों से बदल देगा। और अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदों के पापों को क्षमा करने वाला और उनपर दया करने वाला है।

25:71Страница 366

وَمَن تَابَ وَعَمِلَ صَٰلِحٗا فَإِنَّهُۥ يَتُوبُ إِلَى ٱللَّهِ مَتَابٗا ٧١

Кто раскаивается и поступает праведно, тот действительно возвращается к Аллаху.

और जो अल्लाह के सामने तौबा करता है और आज्ञाकारिता के कार्य करके तथा अवज्ञा को त्यागकर अपनी सच्ची तौबा को साबित करता है, तो निश्चय उसकी तौबा स्वीकार की जाती है।

25:72Страница 366

وَٱلَّذِينَ لَا يَشۡهَدُونَ ٱلزُّورَ وَإِذَا مَرُّواْ بِٱللَّغۡوِ مَرُّواْ كِرَامٗا ٧٢

Они не свидетельствуют лживо (или не присутствуют при лживых разговорах), а когда проходят мимо праздного, то проходят с достоинством.

तथा जो लोग असत्य में भाग नहीं लेते; जैसे पाप और और निषिद्ध मनोरंजन के स्थानों (पर उपस्थित नहीं होते)। और जब वे बेकार की बात और काम से गुज़रते हैं, तो अपने आपको उससे बचाते हुए सज्जनतापूर्वक गुज़र जाते हैं।

25:73Страница 366

وَٱلَّذِينَ إِذَا ذُكِّرُواْ بِـَٔايَٰتِ رَبِّهِمۡ لَمۡ يَخِرُّواْ عَلَيۡهَا صُمّٗا وَعُمۡيَانٗا ٧٣

Когда им напоминают о знамениях их Господа, они не падают на них глухими и слепыми.

और वे लोग कि जब उन्हें अल्लाह की सुनाई देने योग्य तथा देखने योग्य निशानियों के साथ उपदेश दिया जाता है, तो वे सुनाई देने योग्य निशानियों को सुनने से बहरे नहीं बनते, न ही देखने योग्य निशानियों को देखने से अंधे बनते हैं।

25:74Страница 366

وَٱلَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا هَبۡ لَنَا مِنۡ أَزۡوَٰجِنَا وَذُرِّيَّٰتِنَا قُرَّةَ أَعۡيُنٖ وَٱجۡعَلۡنَا لِلۡمُتَّقِينَ إِمَامًا ٧٤

Они говорят: «Господь наш! Даруй нам отраду глаз в наших супругах и потомках и сделай нас образцом для богобоязненных».

तथा जो लोग अपने पालनहार से दुआ करते हुए कहते हैं : ऐ हमारे पालनहार! हमें हमारी पत्नियों में से और हमारी संतान में से कोई ऐसा प्रदान कर, जो अपनी धर्मपरायणता और सत्य पर दृढ़ता के कारण हमारी आँखों को सुकून दे। और हमें सच्चाई में परहेज़गारों का 'इमाम' (अग्रगामी) बना कि हमारा अनुसरण किया जाए।

25:75Страница 366

أُوْلَٰٓئِكَ يُجۡزَوۡنَ ٱلۡغُرۡفَةَ بِمَا صَبَرُواْ وَيُلَقَّوۡنَ فِيهَا تَحِيَّةٗ وَسَلَٰمًا ٧٥

Они получат Наивысшее место в воздаяние за то, что были терпеливы, и их встретят там приветствием и миром.

उक्त विशेषताएँ रखने वाले ये लोग, अल्लाह की आज्ञा मानने में धैर्य रखने के कारण, जन्नतुल फ़िरदौस के अंदर उच्च भवन दिए जाएँगे और वहाँ फ़रिश्तों द्वारा अभिवादन और सलाम के साथ उनका स्वागत किया जाएगा, और वे हर प्रकार की विपत्तियों से सुरक्षित रहेंगे।

25:76Страница 366

خَٰلِدِينَ فِيهَاۚ حَسُنَتۡ مُسۡتَقَرّٗا وَمُقَامٗا ٧٦

Они пребудут там вечно. Как прекрасна эта обитель и местопребывание!

वे वहाँ हमेशा के लिए रहेंगे। वह बहुत ही अच्छी ठहरने की जगह है, जहाँ वे ठहरेंगे और बहुत अच्छा निवास स्थान है, जहाँ वे निवास करेंगे।

25:77Страница 366

قُلۡ مَا يَعۡبَؤُاْ بِكُمۡ رَبِّي لَوۡلَا دُعَآؤُكُمۡۖ فَقَدۡ كَذَّبۡتُمۡ فَسَوۡفَ يَكُونُ لِزَامَۢا ٧٧

Скажи: «Мой Господь не стал бы обращать на вас внимание, если бы не ваши молитвы. Вы сочли это ложью, и скоро оно (наказание) станет неотступным».

(ऐ रसूल!) आप कुफ़्र पर अड़े रहने वाले काफ़िरों से कह दें : मेरा पालनहार तुम्हारी परवाह नहीं करता कि उसे तुम्हारे आज्ञापालन से कोई लाभ मिलने वाला है। यदि उसके कुछ बंदे ऐसे न होते, जो उसे इबादत के तौर पर और कुछ माँगने के लिए पुकारते रहते हैं, तो वह तुम्हारी कभी परवाह न करता। क्योंकि रसूल तुम्हारे रब की ओर से तुम्हारे पास जो कुछ लाए हैं, उसमें तुमने रसूल को झुठलाया है। अतः उस झुठलाने का दंड तो तुम्हें मिलकर ही रहेगा।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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