Аль-МухтасарАль‑Касас · 28:43–83

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

Аль-Касас 28:43–83

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وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ مِنۢ بَعۡدِ مَآ أَهۡلَكۡنَا ٱلۡقُرُونَ ٱلۡأُولَىٰ بَصَآئِرَ لِلنَّاسِ وَهُدٗى وَرَحۡمَةٗ لَّعَلَّهُمۡ يَتَذَكَّرُونَ ٤٣

Погубив первые поколения, Мы даровали Мусе (Моисею) Писание в качестве наглядного наставления для людей, верного руководства и милости, чтобы они могли помянуть назидание.

हमने मूसा अलैहिस्सलाम को तौरात प्रदान की, इसके पश्चात कि जब हमने पिछली जातियों की ओर अपने रसूल भेजे, लेकिन उन्होंने उन्हें झुठला दिया, तो हमने उन्हें झुठलाने के कारण उनका विनाश कर दिया। इसमें लोगों के लिए यह व्याख्या मौजूद है कि उनके लिए क्या लाभदायक है, कि वे उसपर अमल करें और उनके लिए क्या हानिकारक है, कि वे उसे छोड़ दें। तथा इसमें भलाई की ओर उनका मार्गदर्शन और दया है क्योंकि इसमें दुनिया एवं आख़िरत की भलाई है, ताकि वे अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों को याद करें और उसका शुक्र करें और उसपर ईमान लाएँ।

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وَمَا كُنتَ بِجَانِبِ ٱلۡغَرۡبِيِّ إِذۡ قَضَيۡنَآ إِلَىٰ مُوسَى ٱلۡأَمۡرَ وَمَا كُنتَ مِنَ ٱلشَّٰهِدِينَ ٤٤

Тебя не было на западном склоне, когда Мы возложили на Мусу (Моисея) наши повеления, и тебя не было в числе присутствовавших.

और (ऐ रसूल!) आप मूसा अलैहिस्सलाम के हिसाब से पहाड़ के पश्चिमी किनारे पर मौजूद नहीं थे, जब हमने मूसा को फ़िरऔन तथा उसके प्रमुखों की ओर रसूल बनाकर भेजने का आदेश संपन्न किया, और न ही आप वहाँ उपस्थित होने वालों में से थे कि आप उसके समाचार से अवगत होते और उसे लोगों को बताते। इसलिए आप लोगों को जो कुछ बता रहे हैं, वह अल्लाह ने आपकी ओर वह़्य की है।

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وَلَٰكِنَّآ أَنشَأۡنَا قُرُونٗا فَتَطَاوَلَ عَلَيۡهِمُ ٱلۡعُمُرُۚ وَمَا كُنتَ ثَاوِيٗا فِيٓ أَهۡلِ مَدۡيَنَ تَتۡلُواْ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتِنَا وَلَٰكِنَّا كُنَّا مُرۡسِلِينَ ٤٥

Но Мы сотворили поколения после Мусы (Моисея), и долгим оказался для них срок. Тебя не было среди жителей Мадьяна, и ты не читал им Наши аяты, но Мы отправили посланников.

लेकिन हमने मूसा के बाद कई समुदायों और प्राणियों को पैदा किया, फिर उनपर लंबी अवधि बीत गई, यहाँ तक कि वे अल्लाह के वचनों को भूल गए। तथा आप मदयन वालों के साथ नहीं रह रहे थे कि उनके सामने हमारी आयतें पढ़ते। किंतु हमने आपको अपने पास से रसूल बनाकर भेजा और आपकी ओर मूसा और उनके मदयन में निवास के समाचार की वह़्य की। अतः आपने लोगों को उसके बारे में बताया जो अल्लाह ने आपकी ओर वह़्य की।

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وَمَا كُنتَ بِجَانِبِ ٱلطُّورِ إِذۡ نَادَيۡنَا وَلَٰكِن رَّحۡمَةٗ مِّن رَّبِّكَ لِتُنذِرَ قَوۡمٗا مَّآ أَتَىٰهُم مِّن نَّذِيرٖ مِّن قَبۡلِكَ لَعَلَّهُمۡ يَتَذَكَّرُونَ ٤٦

Тебя не было на склоне горы, когда Мы воззвали, но это было милостью твоего Господа, чтобы ты предостерег народ, к которому до тебя не приходил предостерегающий увещеватель. Быть может, они помянут назидание.

और न ही आप उस समय तूर (पर्वत) के किनारे पर थे, जब हमने मूसा को पुकारा और उनकी ओर वह़्य की जो कुछ वह़्य की, कि आप लोगों को उस घटना के बारे में बता सकें। परंतु हमने आपको आपके पालनहार की ओर से लोगों के लिए रहमत बनाकर भेजा और आपकी ओर उसके समाचार की वह़्य की, ताकि आप उन लोगों को सावधान करें, जिनके पास आपसे पूर्व कोई सचेत करने वाला रसूल नहीं आया, ताकि वे उपदेश ग्रहण करें और आप अल्लाह के पास से जो कुछ लेकर आए हैं उसपर ईमान लाएँ।

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وَلَوۡلَآ أَن تُصِيبَهُم مُّصِيبَةُۢ بِمَا قَدَّمَتۡ أَيۡدِيهِمۡ فَيَقُولُواْ رَبَّنَا لَوۡلَآ أَرۡسَلۡتَ إِلَيۡنَا رَسُولٗا فَنَتَّبِعَ ءَايَٰتِكَ وَنَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٤٧

А если бы этого не произошло и если бы их постигло несчастье за то, что приготовили их руки, то они бы сказали: «Господь наш! Почему Ты не отправил к нам посланника, чтобы мы последовали за Твоими знамениями и стали одними из верующих?».

और यदि ऐसा न होता कि उन्हें उनके कुफ़्र एवं पाप के कारण कोई ईश्वरीय दंड पहुँचे, तो वे अपने पास रसूल न भेजे जाने को हुज्जत बनाकर कहने लगें : (ऐ हमारे पालनहार!) तूने हमारे पास कोई रसूल क्यों न भेजा कि हम तेरी आयतों का अनुसरण करते और उनपर अमल करते तथा हम उन ईमान वालों में से हो जाते, जो अपने रब के आदेश का पालन करने वाले हैं। यदि यह बात न होती तो हम शीघ्र ही उन्हें दंड देते। परंतु हमने उसे उनसे उस समय तक विलंब कर दिया जब तक कि उनके पास रसूल भेजकर उनके बहाने को समाप्त न कर दें।

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فَلَمَّا جَآءَهُمُ ٱلۡحَقُّ مِنۡ عِندِنَا قَالُواْ لَوۡلَآ أُوتِيَ مِثۡلَ مَآ أُوتِيَ مُوسَىٰٓۚ أَوَلَمۡ يَكۡفُرُواْ بِمَآ أُوتِيَ مُوسَىٰ مِن قَبۡلُۖ قَالُواْ سِحۡرَانِ تَظَٰهَرَا وَقَالُوٓاْ إِنَّا بِكُلّٖ كَٰفِرُونَ ٤٨

Когда же к ним явилась истина от Нас, они сказали: «Почему ему не даровано то, что было даровано Мусе (Моисею)?». Разве они не отвергли то, что прежде было даровано Мусе (Моисею)? Они сказали: «Эти два колдовства (Коран и Тора) поддерживают друг друга». Они также сказали: «Мы не веруем ни в одно из них».

जब मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम क़ुरैश के पास अपने रब का संदेश लेकर आए, तो क़ुरैश ने आपके विषय में यहूदियों से पूछा। यहूदियों ने उन्हें यह तर्क सुझाया, तो उन्होंने कहा : मुहम्मद को मूसा की तरह ऐसी निशानियाँ क्यों न दी गईं, जो उनके रसूल होने को प्रमाणित करतीं; जैसे हाथ का चमकना और लाठी। (ऐ रसूल!) आप उन्हें उत्तर देते हुए कह दें : क्या यहूदियों ने उन निशानियों का इनकार नहीं किया जो मूसा को दी गई थीं? तथा उन्होंने तौरात और क़ुरआन दोनों के बारे में कहा : ये दोनों जादू हैं, जो एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। तथा उन्होंने कहा : हम क़ुरआन तथा तौरात में से हर एक का इनकार करते हैं।

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قُلۡ فَأۡتُواْ بِكِتَٰبٖ مِّنۡ عِندِ ٱللَّهِ هُوَ أَهۡدَىٰ مِنۡهُمَآ أَتَّبِعۡهُ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ ٤٩

Скажи: «Если вы говорите правду, то принесите Писание от Аллаха, которое было бы более верным руководством, чем эти два Писания, и я последую за ним».

(ऐ रसूल!) आप इनसे कह दें : तुम अल्लाह की ओर से अवतरित कोई ऐसी किताब ले आओ, जो तौरात और क़ुरआन से अधिक मार्गदर्शन करने वाली हो। यदि तुम उसे ले आए, तो मैं उसका अनुसरण करूँगा, यदि तुम अपने इस दावे में सच्चे हो कि तौरात और क़ुरआन दोनों जादू हैं।

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فَإِن لَّمۡ يَسۡتَجِيبُواْ لَكَ فَٱعۡلَمۡ أَنَّمَا يَتَّبِعُونَ أَهۡوَآءَهُمۡۚ وَمَنۡ أَضَلُّ مِمَّنِ ٱتَّبَعَ هَوَىٰهُ بِغَيۡرِ هُدٗى مِّنَ ٱللَّهِۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّٰلِمِينَ ٥٠

Если они не ответят тебе, то знай, что они лишь потакают своим желаниям. А кто может быть более заблудшим, чем тот, кто потакает своим желаниям без верного руководства от Аллаха? Воистину, Аллах не ведет прямым путем несправедливых людей.

फिर यदि क़ुरैश तौरात एवं क़ुरआन से अधिक मार्गदर्शन करने वाली कोई किताब लाने के मुतालबे को स्वीकार न करें, तो आप निश्चित रूप से जान लें कि उनका इन दोनों को झुठलाना सबूत पर आधारित नहीं है, बल्कि इच्छा का पालन करने के कारण है। और उससे अधिक पथभ्रष्ट कोई नहीं है जो सर्वशक्तिमान अल्लाह के मार्गदर्शन के बिना अपनी इच्छा का अनुसरण करे। निःसंदेह अल्लाह उन लोगों को मार्गदर्शन का सामर्थ्य नहीं देता, जो अल्लाह का इनकार करके अपने आपपर अत्याचार करने वाले हैं।

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۞ وَلَقَدۡ وَصَّلۡنَا لَهُمُ ٱلۡقَوۡلَ لَعَلَّهُمۡ يَتَذَكَّرُونَ ٥١

Мы довели до них Слово, чтобы они могли помянуть назидание.

निःसंदेह हमने मुश्रिकों और बनी इसराईल के यहूदियों को पिछली जातियों की कहानियों और उस यातना की बात निरंतर पहुँचा दी, जो हमने उनपर उतारी जब उन्होंने हमारे रसूलों को झुठलाया; इस आशा में कि वे इससे उपदेश ग्रहण करते हुए ईमान ले आएँ। ताकि उन्हें (भी) उस यातना का सामना न करना पड़े, जो पिछले समुदायों को पहुँची थी।

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ٱلَّذِينَ ءَاتَيۡنَٰهُمُ ٱلۡكِتَٰبَ مِن قَبۡلِهِۦ هُم بِهِۦ يُؤۡمِنُونَ ٥٢

Те, кому Мы прежде даровали Писание, уверовали в него (Коран).

जो लोग क़ुरआन के अवतरण से पहले तौरात पर ईमान रखने में दृढ़ थे, वे क़ुरआन पर ईमान लाते हैं। क्योंकि वे अपनी किताबों में इसकी सूचना और वर्णन पाते हैं।

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وَإِذَا يُتۡلَىٰ عَلَيۡهِمۡ قَالُوٓاْ ءَامَنَّا بِهِۦٓ إِنَّهُ ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّنَآ إِنَّا كُنَّا مِن قَبۡلِهِۦ مُسۡلِمِينَ ٥٣

Когда им читают его, они говорят: «Мы уверовали в него! Это - истина от нашего Господа. Мы и прежде были мусульманами».

जब उनके सामने क़ुरआन पढ़ा जाता है, तो कहते हैं : हम इसपर ईमान लाए। निश्चय यह निर्विवाद सत्य है, जो हमारे रब की ओर से उतारा गया है। निःसंदेह इस क़ुरआन से पहले हम मुसलमान थे। क्योंकि इससे पहले रसूल जो कुछ लाए थे, हम उसपर ईमान रखते थे।

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أُوْلَٰٓئِكَ يُؤۡتَوۡنَ أَجۡرَهُم مَّرَّتَيۡنِ بِمَا صَبَرُواْ وَيَدۡرَءُونَ بِٱلۡحَسَنَةِ ٱلسَّيِّئَةَ وَمِمَّا رَزَقۡنَٰهُمۡ يُنفِقُونَ ٥٤

Они получат свою награду в двойном размере за то, что были терпеливы. Они отвращают зло добром и расходуют из того, чем Мы наделили их.

उपर्युक्त गुणों के साथ वर्णित लोगों को अल्लाह उनके कर्मों का दोहरा सवाब देगा। इस कारण कि उन्होंने अपनी किताब पर ईमान रखने में धैर्य रखा और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के नबी बनाए जाने के पश्चात उनपर भी ईमान लाए। तथा वे अपने अच्छे कर्मों के साथ उन पापों को दूर करते हैं, जो उन्होंने कमाए हैं, तथा जो कुछ हमने उन्हें दिया है, उसमें से भलाई के कामों में खर्च करते हैं।

28:55Страница 392

وَإِذَا سَمِعُواْ ٱللَّغۡوَ أَعۡرَضُواْ عَنۡهُ وَقَالُواْ لَنَآ أَعۡمَٰلُنَا وَلَكُمۡ أَعۡمَٰلُكُمۡ سَلَٰمٌ عَلَيۡكُمۡ لَا نَبۡتَغِي ٱلۡجَٰهِلِينَ ٥٥

А услышав праздные речи, они отворачиваются от них и говорят: «Нам достанутся наши деяния, а вам - ваши. Мир вам! Мы не желаем следовать путем невежд».

और जब किताब वाले लोगों में से ये ईमान वाले कोई व्यर्थ बात सुनते हैं, तो उसपर ध्यान दिए बिना उससे किनारा कर लेते हैं और अपने साथियों को संबोधित करके कहते हैं : हमारे लिए हमारे कर्मों का प्रतिफल है और तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्मों का प्रतिफल। तुम हमारी ओर से अपशब्द और कष्ट से सुरक्षित हो। हम जाहिलों की संगत नहीं चाहते। क्योंकि इसमें धर्म और दुनिया की हानि और कष्ट है।

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إِنَّكَ لَا تَهۡدِي مَنۡ أَحۡبَبۡتَ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يَهۡدِي مَن يَشَآءُۚ وَهُوَ أَعۡلَمُ بِٱلۡمُهۡتَدِينَ ٥٦

Воистину, ты не сможешь наставить на прямой путь тех, кого возлюбил. Только Аллах наставляет на прямой путь тех, кого пожелает. Он лучше знает тех, кто следует прямым путем.

(ऐ रसूल!) आप जिसे चाहें, जैसे अबू तालिब आदि, उसे ईमान का सामर्थ्य प्रदान करके मार्गदर्शन पर नहीं ला सकते। लेकिन केवल अल्लाह ही है, जो जिसे चाहता है मार्गदर्शन का सामर्थ्य प्रदान करता है। तथा वह उसे सबसे अधिक जानने वाला है, जो उसके पूर्व ज्ञान के अनुसार सीधे रास्ते पर चलने वालों में से है।

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وَقَالُوٓاْ إِن نَّتَّبِعِ ٱلۡهُدَىٰ مَعَكَ نُتَخَطَّفۡ مِنۡ أَرۡضِنَآۚ أَوَلَمۡ نُمَكِّن لَّهُمۡ حَرَمًا ءَامِنٗا يُجۡبَىٰٓ إِلَيۡهِ ثَمَرَٰتُ كُلِّ شَيۡءٖ رِّزۡقٗا مِّن لَّدُنَّا وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٥٧

Они (неверующие мекканцы) сказали: «Если мы последуем за верным руководством вместе с тобой, то мы будем выброшены из нашей земли». Разве Мы не закрепили за ними безопасного святилища, в которое привозят плоды любых видов в качестве пропитания от Нас? Однако большинство их не ведает этого.

मक्का के मुश्रिकों ने इस्लाम का पालन करने और उसपर ईमान लाने से बहाना करते हुए कहा : यदि हम इस इस्लाम का पालन करें जो आप लाए हैं, तो बहुत जल्द हमारे दुश्मन हमें हमारी भूमि से उठा ले जाएँगे। क्या हमने उन्हें ऐसे हरम में ठिकाना नहीं दिया, जिसमें रक्तपात और अत्याचार निषिद्ध है, जिसमें वे दूसरों के आक्रमण से सुरक्षित रहते हैं। जहाँ हर चीज़ के फल हमारी ओर से जीविका के तौर पर लाए जाते हैं?! परंतु उनमें से अधिकांश लोग अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों को जानते ही नहीं कि उनके लिए उसका आभार व्यक्त करें।

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وَكَمۡ أَهۡلَكۡنَا مِن قَرۡيَةِۭ بَطِرَتۡ مَعِيشَتَهَاۖ فَتِلۡكَ مَسَٰكِنُهُمۡ لَمۡ تُسۡكَن مِّنۢ بَعۡدِهِمۡ إِلَّا قَلِيلٗاۖ وَكُنَّا نَحۡنُ ٱلۡوَٰرِثِينَ ٥٨

Сколько селений, которых обуяла гордыня из-за дарованных им средств, Мы погубили! Вот их жилища, в которых никто не проживает после них, за исключением немногих. Мы унаследовали все это.

कितनी ही बस्तियाँ ऐसी हैं, जिन्होंने अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों का इनकार किया और पापों तथा अवज्ञा में हद से बढ़ गईं। तो हमने उनपर एक अज़ाब भेजकर उसके साथ उन्हें नष्ट कर दिया। तो ये उनके घर उजड़े पड़े हैं, जहाँ से लोग गुज़रते हैं, परंतु कुछ राहगीरों को छोड़कर यहाँ उनके बाद कोई निवास नहीं किया। और अंततः हम ही वारिस हैं, जो आसमानों और ज़मीन के और उनमें रहने वालों के वारिस होते हैं।

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وَمَا كَانَ رَبُّكَ مُهۡلِكَ ٱلۡقُرَىٰ حَتَّىٰ يَبۡعَثَ فِيٓ أُمِّهَا رَسُولٗا يَتۡلُواْ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتِنَاۚ وَمَا كُنَّا مُهۡلِكِي ٱلۡقُرَىٰٓ إِلَّا وَأَهۡلُهَا ظَٰلِمُونَ ٥٩

Твой Господь не уничтожал селения, пока не отправлял в важнейшее из них посланника, который читал им Наши аяты. Мы не уничтожали селения, если только их жители не были беззаконниками.

और (ऐ रसूल!) आपका रब बस्तियों को विनाश नहीं करता, जब तक कि उनमें से प्रमुख बस्ती में एक रसूल भेजकर उसके वासियों के बहाने को समाप्त न कर दे, जिस तरह कि उसने आपको उम्मुल-कु़रा अर्थात् मक्का में भेजा। तथा हम कभी बस्तियों के लोगों को नष्ट नहीं करते जबकि वे सत्य पर क़ायम रहने वाले हों। लेकिन यदि वे कुफ़्र और पाप करके अत्याचार करने वाले हो जाते हैं, तो हम उन्हें नष्ट कर देते हैं।

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وَمَآ أُوتِيتُم مِّن شَيۡءٖ فَمَتَٰعُ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَزِينَتُهَاۚ وَمَا عِندَ ٱللَّهِ خَيۡرٞ وَأَبۡقَىٰٓۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ ٦٠

Все, что вам даровано, является всего лишь преходящим благом мирской жизни и ее украшением, а у Аллаха - нечто более прекрасное и долговечное. Неужели вы не разумеете?

और तुम्हारे रब ने तुम्हें जो कुछ भी दिया है, वह ऐसी चीज़ है जिसका तुम दुनिया के जीवन में आनंद लेते और शृंगार करते हो, फिर वह समाप्त हो जाती है। किंतु परलोक में अल्लाह के पास जो महान प्रतिफल है, वह इस दुनिया के सामान और अलंकरण से बेहतर और अधिक बाक़ी रहने वाला है। क्या तुम इस बात को नहीं समझते, ताकि जो बाक़ी रहने वाला है, उसे समाप्त हो जाने वाले पर प्राथमिकता दो?!

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أَفَمَن وَعَدۡنَٰهُ وَعۡدًا حَسَنٗا فَهُوَ لَٰقِيهِ كَمَن مَّتَّعۡنَٰهُ مَتَٰعَ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا ثُمَّ هُوَ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ مِنَ ٱلۡمُحۡضَرِينَ ٦١

Неужели тот, кому Мы дали прекрасное обещание, с которым он непременно встретится, равен тому, кого Мы наделили преходящими благами мирской жизни и кто в День воскресения предстанет в числе обитателей Ада?

तो क्या वह व्यक्ति जिससे हमने आख़िरत में जन्नत और उसके शाश्वत आनंद का वादा किया है, जिसकी ओर वह अनिवार्य रूप से जाने वाला है, वह उस व्यक्ति के समान हो सकता है, जिसे हमने दुनिया के जीवने में धन और अलंकरण प्रदान किया है जिसका वह आनंद लेता है। फिर वह क़ियामत के दिन जहन्नम की आग में डाले जाने वाले लोगों में होगा?!

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وَيَوۡمَ يُنَادِيهِمۡ فَيَقُولُ أَيۡنَ شُرَكَآءِيَ ٱلَّذِينَ كُنتُمۡ تَزۡعُمُونَ ٦٢

В тот день Он воззовет к ним и скажет: «Где же Мои сотоварищи, о существовании которых вы предполагали?».

और जिस दिन उनका पवित्र एवं सर्वोच्च रब उन्हें पुकारकर कहेगा : मेरे वे साझीदार कहाँ हैं, जिनकी तुम मेरे अलावा पूजा करते थे और दावा करते थे कि वे मेरे साझी हैं?

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قَالَ ٱلَّذِينَ حَقَّ عَلَيۡهِمُ ٱلۡقَوۡلُ رَبَّنَا هَٰٓؤُلَآءِ ٱلَّذِينَ أَغۡوَيۡنَآ أَغۡوَيۡنَٰهُمۡ كَمَا غَوَيۡنَاۖ تَبَرَّأۡنَآ إِلَيۡكَۖ مَا كَانُوٓاْ إِيَّانَا يَعۡبُدُونَ ٦٣

Тогда те, относительно которых подтвердилось Слово, скажут: «Господь наш! Вот те, которых мы ввели в заблуждение. Мы ввели их в заблуждение, потому что сами были заблудшими. Мы отрекаемся от них перед Тобой. Не нам они поклонялись».

कुफ़्र की ओर बुलाने वाले वे लोग जिन पर हमारी यातना सिद्ध हो चुकी, कहेंगे : ऐ हमारे रब! ये हैं वे लोग जिन्हें हमने गुमराह किया, हमने उन्हें उसी तरह गुमराह किया जैसे हम गुमराह हुए। हम तेरे समक्ष इनसे अलग होने की घोषणा करते हैं। ये हमारी पूजा नहीं करते थे। बल्कि ये लोग शैतान की पूजा करते थे।

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وَقِيلَ ٱدۡعُواْ شُرَكَآءَكُمۡ فَدَعَوۡهُمۡ فَلَمۡ يَسۡتَجِيبُواْ لَهُمۡ وَرَأَوُاْ ٱلۡعَذَابَۚ لَوۡ أَنَّهُمۡ كَانُواْ يَهۡتَدُونَ ٦٤

Им скажут: «Призовите своих сотоварищей!». Они призовут их, но те не ответят им, и тогда они увидят наказание. О, если бы они следовали прямым путем!

और उनसे कहा जाएगा : अपने साझीदारों को पुकारो, कि वे तुम्हें उस अपमान से बचाएँ, जिसमें तुम हो। अतः वे अपने साझीदारों को पुकारेंगे, किंतु वे उनकी पुकार का उत्तर नहीं देंगे। तथा वे अपने लिए तैयार की गई यातना को देखेंगे, तो कामना करेंगे कि काश वे दुनिया में सत्य मार्ग पर चले होते।

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وَيَوۡمَ يُنَادِيهِمۡ فَيَقُولُ مَاذَآ أَجَبۡتُمُ ٱلۡمُرۡسَلِينَ ٦٥

В тот день Он воззовет к ним и скажет: «Что вы ответили посланникам?».

और जिस दिन उनका रब उन्हें पुकारकर कहेगा : तुमने मेरे उन रसूलों को, जिन्हें मैंने तुम्हारी ओर भेजा था, क्या उत्तर दिया?

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فَعَمِيَتۡ عَلَيۡهِمُ ٱلۡأَنۢبَآءُ يَوۡمَئِذٖ فَهُمۡ لَا يَتَسَآءَلُونَ ٦٦

В тот день известия будут сокрыты от них, и они не будут расспрашивать друг друга.

तो उनसे तर्क लुप्त हो जाएगा और वे कुछ भी जवाब नहीं देंगे, और न ही यह हो सकेगा कि एक-दूसरे से पूछ लें; क्योंकि वे यातना से ग्रस्त होने का यक़ीन हो जाने के कारण गंभीर सदमें में होंगे।

28:67Страница 393

فَأَمَّا مَن تَابَ وَءَامَنَ وَعَمِلَ صَٰلِحٗا فَعَسَىٰٓ أَن يَكُونَ مِنَ ٱلۡمُفۡلِحِينَ ٦٧

А тот, кто раскаялся, уверовал и поступал праведно, возможно, окажется в числе преуспевших.

परंतु इन मुश्रिकों में से जिसने अपने कुफ़्र से तौबा कर ली और अल्लाह तथा उसके रसूलों पर ईमान ले आया और अच्छा कर्म किया; तो आशा है की वह अपनी मुराद को पाने वालों और भय से मुक्ति प्राप्त करने वालों में से होगा।

28:68Страница 393

وَرَبُّكَ يَخۡلُقُ مَا يَشَآءُ وَيَخۡتَارُۗ مَا كَانَ لَهُمُ ٱلۡخِيَرَةُۚ سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ وَتَعَٰلَىٰ عَمَّا يُشۡرِكُونَ ٦٨

Твой Господь создает, что пожелает, и избирает, но у них нет выбора. Аллах пречист и превыше тех, кого они приобщают в сотоварищи!

और (ऐ रसूल!) आपका पालनहार जो कुछ पैदा करना चाहता है, पैदा करता है तथा जिसे चाहता है अपनी आज्ञाकारिता और नुबुव्वत के लिए चुन लेता है। मुश्रिकों को कोई अधिकार प्राप्त नहीं है कि वे अल्लाह पर आपत्ति करेंl अल्लाह पाक और पवित्र है उन साझीदारों से जिन्हें वे उसके साथ पूजते हैं।

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وَرَبُّكَ يَعۡلَمُ مَا تُكِنُّ صُدُورُهُمۡ وَمَا يُعۡلِنُونَ ٦٩

Твой Господь знает то, что кроется в их груди, и то, что они обнаруживают.

और आपका रब जानता है जो कुछ उनके सीने छिपाते है और जो कुछ प्रकट करते हैं, उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह उन्हें इसके लिए प्रतिफल देगा।

28:70Страница 393

وَهُوَ ٱللَّهُ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ لَهُ ٱلۡحَمۡدُ فِي ٱلۡأُولَىٰ وَٱلۡأٓخِرَةِۖ وَلَهُ ٱلۡحُكۡمُ وَإِلَيۡهِ تُرۡجَعُونَ ٧٠

Он - Аллах, кроме Которого нет иного божества. Ему надлежит хвала в первой жизни и в Последней жизни. Он принимает решения, и к Нему вы будете возвращены.

तथा वही पवित्र अल्लाह है, जिसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। केवल उसी के लिए इस दुनिया में सब प्रशंसा है, और उसी के लिए आख़िरत में सब प्रशंसा है, और उसी का निर्णय लागू होने वाला है, जिसे कोई टाल नहीं सकता। तथा तुम क़ियामत के दिन हिसाब और बदला के लिए केवल उसी (अल्लाह) की ओर लौटाए जाओगे।

28:71Страница 394

قُلۡ أَرَءَيۡتُمۡ إِن جَعَلَ ٱللَّهُ عَلَيۡكُمُ ٱلَّيۡلَ سَرۡمَدًا إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ مَنۡ إِلَٰهٌ غَيۡرُ ٱللَّهِ يَأۡتِيكُم بِضِيَآءٍۚ أَفَلَا تَسۡمَعُونَ ٧١

Скажи: «Как вы думаете, какой бог, кроме Аллаха, сможет принести вам свет, если Аллах продлит вам ночь до Дня воскресения? Неужели вы не слышите?».

(ऐ रसूल!) आप इन मुश्रिकों से कह दें : मुझे बताओ कि यदि अल्लाह तुमपर हमेशा क़ियामत के दिन तक लगातार रात ही रात कर दे, तो अल्लाह के सिवा कौन पूज्य है, जो तुम्हारे पास दिन के उजाले के समान कोई प्रकाश ले आए?! क्या तुम इन तर्कों को नहीं सुनते तथा नहीं जानते कि अल्लाह के अलावा कोई पूज्य नहीं, जो तुम्हारे पास इसे ला सके?!

28:72Страница 394

قُلۡ أَرَءَيۡتُمۡ إِن جَعَلَ ٱللَّهُ عَلَيۡكُمُ ٱلنَّهَارَ سَرۡمَدًا إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ مَنۡ إِلَٰهٌ غَيۡرُ ٱللَّهِ يَأۡتِيكُم بِلَيۡلٖ تَسۡكُنُونَ فِيهِۚ أَفَلَا تُبۡصِرُونَ ٧٢

Скажи: «Как вы думаете, какой бог, кроме Аллаха, сможет принести вам ночь, чтобы вы могли отдохнуть во время нее, если Аллах продлит вам день до Дня воскресения? Неужели вы не видите?».

(ऐ रसूल!) आप इनसे कह दें : मुझे बताओ कि यदि अल्लाह तुमपर हमेशा क़ियामत के दिन तक दिन ही दिन कर दे, तो अल्लाह के सिवा कौन पूज्य है, जो तुम्हारे पास कोई रात ले आए, जिसमें तुम दिन में काम की थकावट से राहत हासिल करने के लिए आराम कर सको?! क्या तुम इन निशानियों को नहीं देखते और यह नहीं जानते कि अल्लाह के अलावा कोई पूज्य नहीं, जो तुम्हारे पास यह सब ला सके?!

28:73Страница 394

وَمِن رَّحۡمَتِهِۦ جَعَلَ لَكُمُ ٱلَّيۡلَ وَٱلنَّهَارَ لِتَسۡكُنُواْ فِيهِ وَلِتَبۡتَغُواْ مِن فَضۡلِهِۦ وَلَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ ٧٣

По милости Своей Он сотворил для вас ночь и день, чтобы вы отдыхали во время нее и искали Его милость, - быть может, вы будете благодарны.

और पवित्र अल्लाह की दया ही से है कि उसने (ऐ लोगो!) तुम्हारे लिए रात को अँधेरा बनाया; ताकि तुम दिन में काम से कष्ट सहने के बाद उसमें आराम कर सको, तथा उसने तुम्हारे लिए दिन को प्रकाशमान बनाया; ताकि तुम उसमें रोज़ी की तलाश के लिए दौड़-धूप करो, और ताकि तुम अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करो और उनकी नाशुक्री न करो।

28:74Страница 394

وَيَوۡمَ يُنَادِيهِمۡ فَيَقُولُ أَيۡنَ شُرَكَآءِيَ ٱلَّذِينَ كُنتُمۡ تَزۡعُمُونَ ٧٤

В тот день Он воззовет к ним и скажет: «Где же Мои сотоварищи, о существовании которых вы предполагали?».

और जिस दिन उनका पवित्र एवं सर्वोच्च रब उन्हें पुकारकर कहेगा : मेरे वे साझीदार कहाँ हैं, जिनकी तुम मेरे अलावा पूजा करते थे और दावा करते थे कि वे मेरे साझीदार हैं?

28:75Страница 394

وَنَزَعۡنَا مِن كُلِّ أُمَّةٖ شَهِيدٗا فَقُلۡنَا هَاتُواْ بُرۡهَٰنَكُمۡ فَعَلِمُوٓاْ أَنَّ ٱلۡحَقَّ لِلَّهِ وَضَلَّ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ ٧٥

Из каждой общины Мы выберем свидетеля и скажем: «Приведите ваше доказательство!». Тогда они узнают, что истина - с Аллахом. И покинет их (или исчезнет) то, что они измышляли.

और हम हर समुदाय से उसके नबी को लाएँगे, जो उसके खिलाफ उस कुफ़्र और झुठलाने (इनकार) की गवाही देगा, जिसपर वह क़ायम था। फिर हम उन समुदायों के झुठलाने वालों से कहेंगे : तुम जिस कुफ़्र और इनकार पर क़ायम थे, उसपर अपने तर्क और प्रमाण प्रस्तुत करो। तो उनके सारे तर्क समाप्त हो जाएँगे और उन्हें यक़ीन हो जाएगा कि निःसंदेह निर्विवाद सत्य केवल अल्लाह का है। और वे उस पवित्र अल्लाह के लिए जो साझीदार गढ़ा करते थे, वे सब उनसे लुप्त हो जाएँगे।

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۞ إِنَّ قَٰرُونَ كَانَ مِن قَوۡمِ مُوسَىٰ فَبَغَىٰ عَلَيۡهِمۡۖ وَءَاتَيۡنَٰهُ مِنَ ٱلۡكُنُوزِ مَآ إِنَّ مَفَاتِحَهُۥ لَتَنُوٓأُ بِٱلۡعُصۡبَةِ أُوْلِي ٱلۡقُوَّةِ إِذۡ قَالَ لَهُۥ قَوۡمُهُۥ لَا تَفۡرَحۡۖ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ ٱلۡفَرِحِينَ ٧٦

Воистину, Карун (Корей) был соплеменником Мусы, но притеснял их. Мы даровали ему столько сокровищ, что ключи от них были обременительны даже для нескольких силачей. Соплеменники сказали ему: «Не ликуй, ведь Аллах не любит тех, кто ликует.

निःसंदेह क़ारून मूसा अलैहिस्सलाम की जाति में से था। फिर उसने उनके विरुद्ध सरकशी दिखाई। हमने उसे धनों के इतने ख़ज़ाने दिए थे कि उसके ख़ज़ानों की चाबियाँ उठाना एक बलशाली दल पर भारी पड़ता था। जब उसकी जाति के लोगों ने उससे कहा : तू खुशी से मत इतरा, निश्चय अल्लाह खुशी से इतराने वालों से प्रेम नहीं करता। बल्कि उनसे नफरत करता है और उन्हें इसके लिए यातना देता है।

28:77Страница 394

وَٱبۡتَغِ فِيمَآ ءَاتَىٰكَ ٱللَّهُ ٱلدَّارَ ٱلۡأٓخِرَةَۖ وَلَا تَنسَ نَصِيبَكَ مِنَ ٱلدُّنۡيَاۖ وَأَحۡسِن كَمَآ أَحۡسَنَ ٱللَّهُ إِلَيۡكَۖ وَلَا تَبۡغِ ٱلۡفَسَادَ فِي ٱلۡأَرۡضِۖ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ ٱلۡمُفۡسِدِينَ ٧٧

А посредством того, что Аллах даровал тебе, стремись к Последней обители, но не забывай о своей доле в этом мире! Твори добро, подобно тому, как Аллах сотворил добро для тебя, и не стремись распространять нечестие на земле, ведь Аллах не любит распространяющих нечестие».

और अल्लाह ने तुझे जो धन-संपत्ति दी है, उसे पुण्य के कार्यों में खर्च करके आख़िरत का सवाब तलब कर, तथा बिना फ़िज़ूलखर्ची और अभिमान के खाने, पीने, कपड़े और अन्य नेमतों से अपना हिस्सा मत भूल। तथा अपने पालनहार के साथ तथा उसके बंदों के साथ अच्छा व्यवहार कर, जैसे अल्लाह पाक ने तेरा भला किया है। तथा पाप करके और आज्ञाकारिता छोड़कर धरती में बिगाड़ की तलाश न कर। निःसंदेह अल्लाह ऐसा करके धरती में बिगाड़ करने वालों से प्रेम नहीं करता, बल्कि उनसे नफरत करता है।

28:78Страница 395

قَالَ إِنَّمَآ أُوتِيتُهُۥ عَلَىٰ عِلۡمٍ عِندِيٓۚ أَوَلَمۡ يَعۡلَمۡ أَنَّ ٱللَّهَ قَدۡ أَهۡلَكَ مِن قَبۡلِهِۦ مِنَ ٱلۡقُرُونِ مَنۡ هُوَ أَشَدُّ مِنۡهُ قُوَّةٗ وَأَكۡثَرُ جَمۡعٗاۚ وَلَا يُسۡـَٔلُ عَن ذُنُوبِهِمُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ ٧٨

Он сказал: «Все это даровано мне благодаря знанию, которым я обладаю». Неужели он не знал, что до него Аллах погубил целые поколения, которые превосходили его мощью и накоплениями? Грешники не будут спрошены об их грехах.

क़ारून ने कहा : मुझे यह धन-संपत्ति मेरे ज्ञान तथा क्षमता के आधार पर दी गई है। इसलिए मैं इसके योग्य हूँ। क्या क़ारून ने यह नहीं जाना कि अल्लाह उससे पूर्व कई जातियों को विनष्ट कर चुका है, जो उससे कहीं अधिक शक्तिशाली और अधिक संपत्ति एकत्र करने वाली थीं?! परंतु उनकी शक्ति या संपत्ति ने उन्हें कोई लाभ नहीं पहुँचाया। तथा क़ियामत के दिन अपराधियों से उनके पापों के बारे में नहीं पूछा जाएगा क्योंकि अल्लाह उन्हें जानता है। इसलिए उनसे जो सवाल होगा, वह उन्हें डाँटने-फटकारने के लिए होगा।

28:79Страница 395

فَخَرَجَ عَلَىٰ قَوۡمِهِۦ فِي زِينَتِهِۦۖ قَالَ ٱلَّذِينَ يُرِيدُونَ ٱلۡحَيَوٰةَ ٱلدُّنۡيَا يَٰلَيۡتَ لَنَا مِثۡلَ مَآ أُوتِيَ قَٰرُونُ إِنَّهُۥ لَذُو حَظٍّ عَظِيمٖ ٧٩

Он вышел к своему народу в своих украшениях. Те, которые желали мирской жизни, сказали: «Вот если бы у нас было то, что даровано Каруну (Корею)! Воистину, он обладает великой долей».

क़ारून अपना वैभव (शान-शौकत) दिखाते हुए अपनी शोभा में निकला। क़ारून के लोगों में से जो सांसारिक जीवन की शोभा की आकांक्षा रखते थे, उन्होंने कहा : ऐ काश! हमें इस दुनिया की शोभा से वैसा ही दिया जाता जैसा कि क़ारून को दिया गया है। निश्चय क़ारून एक बड़े पर्याप्त नसीब वाला है।

28:80Страница 395

وَقَالَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡعِلۡمَ وَيۡلَكُمۡ ثَوَابُ ٱللَّهِ خَيۡرٞ لِّمَنۡ ءَامَنَ وَعَمِلَ صَٰلِحٗاۚ وَلَا يُلَقَّىٰهَآ إِلَّا ٱلصَّٰبِرُونَ ٨٠

А те, которым было даровано знание, сказали: «Горе вам! Вознаграждение Аллаха будет лучше для тех, которые уверовали и поступали праведно. Но не обретет этого никто, кроме терпеливых».

जबकि उन लोगों ने जिन्हें ज्ञान दिया गया था, जब क़ारून को उसकी शोभा में देखा तथा उसके साथियों की कामनाएँ सुनीं, तो कहा : तुम्हारा बुरा हो! आख़िरत में मिलने वाला अल्लाह का प्रतिफल और उसपर ईमान लाने और नेक अमल करने वालों के लिए तैयार की गई नेमत, दुनिया के उस ठाठ-बाट से बेहतर हैं, जो क़ारून को दिया गया है। लेकिन इस बात को कहने और इसकी अपेक्षाओं के अनुसार कार्य करने का सामर्थ्य केवल उन धैर्यवानों को मिलता है, जो दुनिया के नश्वर आनंद पर अल्लाह के पास मिलने वाले बदले को वरीयता देने में धैर्य रखते हैं।

28:81Страница 395

فَخَسَفۡنَا بِهِۦ وَبِدَارِهِ ٱلۡأَرۡضَ فَمَا كَانَ لَهُۥ مِن فِئَةٖ يَنصُرُونَهُۥ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَمَا كَانَ مِنَ ٱلۡمُنتَصِرِينَ ٨١

Мы заставили землю поглотить его вместе с его домом. Не было у него сторонников, которые помогли бы ему вместо Аллаха, и сам он не мог помочь себе.

अन्ततः हमने उसकी सरकशी के प्रतिशोध में, उसे और उसके घर को, तथा उसमें मौजूद लोगों को धरती में धँसा दिया। तो उसके पास कोई ऐसा दल नहीं था जो अल्लाह के मुक़ाबले में उसकी सहायता करता और न ही वह स्वंय अपनी सहायता करने वालों में से था।

28:82Страница 395

وَأَصۡبَحَ ٱلَّذِينَ تَمَنَّوۡاْ مَكَانَهُۥ بِٱلۡأَمۡسِ يَقُولُونَ وَيۡكَأَنَّ ٱللَّهَ يَبۡسُطُ ٱلرِّزۡقَ لِمَن يَشَآءُ مِنۡ عِبَادِهِۦ وَيَقۡدِرُۖ لَوۡلَآ أَن مَّنَّ ٱللَّهُ عَلَيۡنَا لَخَسَفَ بِنَاۖ وَيۡكَأَنَّهُۥ لَا يُفۡلِحُ ٱلۡكَٰفِرُونَ ٨٢

А те, которые накануне желали оказаться на его месте, наутро сказали: «Ох! Аллах увеличивает или ограничивает удел тому из Своих рабов, кому пожелает? Если бы Аллах не оказал нам милость, то Он заставил бы землю поглотить нас. Ох! Неверующие не преуспеют».

और जिन लोगों ने क़ारून के धँसने से पहले उसे प्राप्त धन और शोभा की कामना की थी, वे अफसोस और विचार करते हुए कहने लगे : क्या हम नहीं जानते थे कि अल्लाह अपने बंदों में से जिसके लिए चाहता है, रोज़ी कुशादा कर देता है और जिसके लिए चाहता है रोज़ी तंग कर देता है?! यदि हमपर अल्लाह का उपकार न होता कि उसने हमारी कही हुई बात पर हमको दंडित नहीं किया; तो वह अवश्य हमें क़ारून की तरह धँसा देता। वास्तव में काफ़िर लोग सफल नहीं होते, न दुनिया में और न आख़िरत में। बल्कि उनका अंजाम और परिणाम दोनों जगहों में नाकामी है।

28:83Страница 395

تِلۡكَ ٱلدَّارُ ٱلۡأٓخِرَةُ نَجۡعَلُهَا لِلَّذِينَ لَا يُرِيدُونَ عُلُوّٗا فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا فَسَادٗاۚ وَٱلۡعَٰقِبَةُ لِلۡمُتَّقِينَ ٨٣

Ту Последнюю обитель Мы определили для тех, которые не желают превозноситься на земле и распространять нечестие. Добрый исход уготован только для богобоязненных.

यह आख़िरत का घर, हम उन लोगों के लिए आनंद और सम्मान का घर बनाते हैं, जो धरती में सत्य को मानने और उसका पालन करने से अभिमान का इरादा नहीं रखते और उसमें बिगाड़ नहीं चाहते। तथा प्रशंसनीय परिणाम, जो कि जन्नत की नेमत और उसमें उतरने वाली अल्लाह की प्रसन्नता है, उन लोगों के लिए है, जो अपने पालनहार से उसके आदेशों का पालन करके और उनके निषेधों से बचकर डरते हैं।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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