Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
Аль Имран 3:111–148
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لَن يَضُرُّوكُمۡ إِلَّآ أَذٗىۖ وَإِن يُقَٰتِلُوكُمۡ يُوَلُّوكُمُ ٱلۡأَدۡبَارَ ثُمَّ لَا يُنصَرُونَ ١١١
Они не причинят вам никакого вреда, кроме досаждения. Если же они станут сражаться с вами, то повернутся к вам спиной, после чего им не будет оказана помощь.
वे चाहे जितनी भी दुश्मनी कर लें, वे तुम्हें - ऐ ईमान वालो - तुम्हारे धर्म तथा तुम्हारी जानों के संबंध में कोई हानि नहीं पहुँचा सकते। वे केवल अपनी ज़बान से धर्म पर दोषारोपण करके तथा तुम्हारा मज़ाक उड़ाकर, तुम्हें कष्ट दे सकते हैं। यदि वे तुम्हारे साथ युद्ध करें, तो तुम्हारे सामने पराजित होकर भाग खड़े होंगे और तुम्हारे विरुद्ध उनकी कभी भी सहायता नहीं की जाएगी।
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ضُرِبَتۡ عَلَيۡهِمُ ٱلذِّلَّةُ أَيۡنَ مَا ثُقِفُوٓاْ إِلَّا بِحَبۡلٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَحَبۡلٖ مِّنَ ٱلنَّاسِ وَبَآءُو بِغَضَبٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَضُرِبَتۡ عَلَيۡهِمُ ٱلۡمَسۡكَنَةُۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ كَانُواْ يَكۡفُرُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَيَقۡتُلُونَ ٱلۡأَنۢبِيَآءَ بِغَيۡرِ حَقّٖۚ ذَٰلِكَ بِمَا عَصَواْ وَّكَانُواْ يَعۡتَدُونَ ١١٢
Где бы их ни застали, их постигает унижение, если только они не окажутся под покровительством Аллаха и покровительством людей. Они попали под гнев Аллаха, и их постигла бедность. Это - за то, что они не веровали в знамения Аллаха и несправедливо убивали пророков. Это - за то, что они ослушались и преступали границы дозволенного.
यहूदी जहाँ भी रहें, अपमान और तिरस्कार उन्हें घेरे हुए और उनपर हावी है। अतः वे उसी समय सुरक्षित रह सकते हैं, जब उन्हें सर्वशक्तिमान अल्लाह की ओर से या लोगों की ओर से वचन अथवा शरण (सुरक्षा) मिल जाए। तथा वे अल्लाह के प्रकोप व क्रोध के पात्र बन गए हैं और ज़रूरत और दरिद्रता उनपर चारों ओर से घेर दी गई है। और यह सब इस कारण हुआ कि वे अल्लाह की निशानियों का इनकार करते और अल्लाह के नबियों की अन्यायपूर्वक हत्या करते थे। और ऐसा इसलिए - भी - हुआ कि वे अवज्ञा करते और अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करते थे।
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۞ لَيۡسُواْ سَوَآءٗۗ مِّنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ أُمَّةٞ قَآئِمَةٞ يَتۡلُونَ ءَايَٰتِ ٱللَّهِ ءَانَآءَ ٱلَّيۡلِ وَهُمۡ يَسۡجُدُونَ ١١٣
Не все они одинаковы. Среди людей Писания есть праведные люди, которые читают аяты Аллаха по ночам, падая ниц.
किताब वाले अपनी स्थिति में समान नहीं हैं। बल्कि उनमें से एक समूह अल्लाह के धर्म पर सुदृढ़ है और अल्लाह के आदेश व निषेध का पालन करता हैं। वे रात की घड़ियों में अल्लाह की आयतों का पाठ करते हैं जबकि वे अल्लाह के लिए नमाज़ पढ़ रहे होते हैं। यह समूह पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के नबी बनाए जाने से पहले था और उनमें से जिसे नुबुव्वत का समय काल मिला, उसने इस्लाम ग्रहण कर लिया।
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يُؤۡمِنُونَ بِٱللَّهِ وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡأٓخِرِ وَيَأۡمُرُونَ بِٱلۡمَعۡرُوفِ وَيَنۡهَوۡنَ عَنِ ٱلۡمُنكَرِ وَيُسَٰرِعُونَ فِي ٱلۡخَيۡرَٰتِۖ وَأُوْلَٰٓئِكَ مِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ ١١٤
Они веруют в Аллаха и в Последний день, велят творить одобряемое, запрещают предосудительное и торопятся совершать добрые дела. Они являются одними из праведников.
वे अल्लाह तथा अंतिम दिन पर दृढ़ विश्वास रखते हैं, और अच्छी बातों और भलाई का आदेश देते हैं, तथा घृणित बातों और बुराई से रोकते हैं, और अच्छे कार्यों में जल्दी करते हैं, तथा नेकियों के अवसरों का लाभ उठाते हैं। और इन गुणों से विशिष्ट लोग ही अल्लाह के ऐसे बंदे हैं, जिनके इरादे और कार्य अच्छे हैं।
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وَمَا يَفۡعَلُواْ مِنۡ خَيۡرٖ فَلَن يُكۡفَرُوهُۗ وَٱللَّهُ عَلِيمُۢ بِٱلۡمُتَّقِينَ ١١٥
Какой бы добрый поступок они ни совершили, ничто не будет отвергнуто от них. Ведь Аллах знает богобоязненных.
ये लोग जो भी थोड़ा या बहुत अच्छा कार्य करेंगे, उसका पुण्य कदापि अकारथ नहीं जाएगा और उसके प्रतिफल में कमी नहीं की जाएगी। और अल्लाह उन परहेज़गार लोगों को भली-भाँति जानता है, जो उसके आदेशों का पालन करते तथा उसकी मना की हुई चीज़ों से बचते हैं। उनके कार्यों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह उन्हें उनका बदला देगा।
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إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَن تُغۡنِيَ عَنۡهُمۡ أَمۡوَٰلُهُمۡ وَلَآ أَوۡلَٰدُهُم مِّنَ ٱللَّهِ شَيۡـٔٗاۖ وَأُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ ١١٦
Ни имущество, ни дети ничем не помогут перед Аллахом тем, которые не уверовали. Они будут обитателями Огня и пребудут там вечно.
निःसंदेह जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल का इनकार किया, उनके धन और उनकी संतान अल्लाह के मुक़ाबले में उनके कुछ भी काम नहीं आएंगे। वे न उनसे उसके अज़ाब को दूर करेंगे और न उनके लिए उसकी दया को लाएंगे। बल्कि उनकी पीड़ा और खेद में वृद्धि कर देंगे। तथा वही लोग नरक वाले हैं जो उसमें हमेशा रहेंगे।
3:117Страница 65
مَثَلُ مَا يُنفِقُونَ فِي هَٰذِهِ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا كَمَثَلِ رِيحٖ فِيهَا صِرٌّ أَصَابَتۡ حَرۡثَ قَوۡمٖ ظَلَمُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ فَأَهۡلَكَتۡهُۚ وَمَا ظَلَمَهُمُ ٱللَّهُ وَلَٰكِنۡ أَنفُسَهُمۡ يَظۡلِمُونَ ١١٧
То, что они расходуют в этой мирской жизни, подобно морозному (или завывающему; или огненному) ветру, который поразил ниву людей, поступивших несправедливо по отношению к себе, а затем погубил ее. Аллах не был несправедлив к ним - они сами поступали несправедливо по отношению к себе.
ये काफ़िर (नास्तिक) लोग पुण्य के रास्तों में जो कुछ खर्च करते हैं और वे उसके प्रतिफल की जो प्रतीक्षा करते हैं, उसका उदाहरण उस हवा की तरह है जिसमें अत्यधिक ठंड हो, जो किसी ऐसी क़ौम की खेती को लग जाए जिन्होंने पापों आदि के द्वारा अपने आप पर अत्याचार किया हो, और वह उसे बर्बाद कर दे, हालाँकि उन्हें उससे अच्छी पैदावार की आशा थी। तो जिस तरह इस हवा ने खेती को नष्ट कर दिया और उससे लाभ नहीं उठाया जा सका, उसी प्रकार कुफ्र उनके उन कार्यों के प्रतिफल को व्यर्थ (अमान्य) कर देगा जिसकी वे आशा रखते हैं। अल्लाह ने उनपर अत्याचार नहीं किया - अल्लाह ऐसा करने से सर्वोच्च है -, बल्कि उन्होंने अल्लाह का इनकार करके तथा उसके रसूलों को झुठलाकर स्वयं अपने आप पर अत्याचार किया।
3:118Страница 65
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَتَّخِذُواْ بِطَانَةٗ مِّن دُونِكُمۡ لَا يَأۡلُونَكُمۡ خَبَالٗا وَدُّواْ مَا عَنِتُّمۡ قَدۡ بَدَتِ ٱلۡبَغۡضَآءُ مِنۡ أَفۡوَٰهِهِمۡ وَمَا تُخۡفِي صُدُورُهُمۡ أَكۡبَرُۚ قَدۡ بَيَّنَّا لَكُمُ ٱلۡأٓيَٰتِۖ إِن كُنتُمۡ تَعۡقِلُونَ ١١٨
О те, которые уверовали! Не берите своими помощниками тех, кто не из вас. Они не упускают случая навредить вам и радуются вашим трудностям. Ненависть уже проявилась у них на устах, но в их сердцах кроется еще большая ненависть. Мы уже разъяснили вам знамения, если вы только разумеете!
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! तुम ईमान वालों को छोड़कर दूसरों को अपना जिगरी दोस्त और अंतरंग मित्र न बनाओ, जिन्हें तुम अपने भेदों और विशिष्ट स्थितियों की जानकारी दो। क्योंकि वे तुम्हारी स्थिति बिगाड़ने और तुम्हें नुकसान पहुँचाने में कोई कमी नहीं करते हैं। उनकी इच्छा है कि तुम्हें हानि और कष्ट पहुँचे। तुम्हारे धर्म पर आरोप लगाकर, तुम्हारे बीच फूट डालकर और तुम्हारे भेदों को प्रकट करके उन्होंने अपने मुँह से घृणा और दुश्मनी को प्रकट कर दिया है। और जो नफ़रत वे अपने ह्रदय में छिपाए बैठे हैं, वह इससे कहीं बढ़कर है। (ऐ मोमिनो) हमने तुम्हारे सामने उस चीज़ के स्पष्ट प्रमाण रख दिए हैं, जिसमें तुम्हारे लोक और परलेक के हित निहित हैं, यदि तुम अपने पालनहार की ओर उतारी गई आयतों को समझ सकते हो।
3:119Страница 65
هَٰٓأَنتُمۡ أُوْلَآءِ تُحِبُّونَهُمۡ وَلَا يُحِبُّونَكُمۡ وَتُؤۡمِنُونَ بِٱلۡكِتَٰبِ كُلِّهِۦ وَإِذَا لَقُوكُمۡ قَالُوٓاْ ءَامَنَّا وَإِذَا خَلَوۡاْ عَضُّواْ عَلَيۡكُمُ ٱلۡأَنَامِلَ مِنَ ٱلۡغَيۡظِۚ قُلۡ مُوتُواْ بِغَيۡظِكُمۡۗ إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ ١١٩
Вот вы любите их, а они вас не любят. И вы верите во все Писания. Когда они встречаются с вами, то говорят: «Мы уверовали». Когда же остаются одни, то кусают кончики пальцев от злобы к вам. Скажи: «Умрите от своей злобы! Аллаху известно о том, что в груди».
देखो (ऐ ईमान वालो!) तुम उन लोगों से प्रेम करते हो और उनके लिए अच्छाई की आशा करते हो, जबकि वे तुमसे प्रेम नहीं करते और न तुम्हारे लिए अच्छाई की कामना करते हैं, बल्कि इसके विपरीत वे तुमसे द्वेष रखते हैं। तथा तुम सभी पुस्तकों पर विश्वास रखते हो, जिनमें उनकी पुस्तकें भी शामिल हैं। परंतु वे उस पुस्तक पर ईमान नहीं रखते जो अल्लाह ने तुम्हारे नबी पर उतारी है। जब वे तुमसे मिलते हैं, तो अपनी ज़बान से कहते हैं कि हमने सत्य को मान लिया, परंतु जब वे अकेले में होते हैं, तो तुम्हारी एकता, अखंडता और इस्लाम की गरिमा तथा अपना अपमान देखकर शोक और क्रोध में अपनी उँगलियों के पोरों को काटते हैं। (ऐ नबी!) आप उन लोगों से कह दीजिए : तुम इसी हाल में रहो यहाँ तक कि शोक और क्रोध में मर जाओ। निःसंदेह अल्लाह दिलों में पाए जाने वाले ईमान और कुफ़्र तथा अच्छाई और बुराई को जानता है।
3:120Страница 65
إِن تَمۡسَسۡكُمۡ حَسَنَةٞ تَسُؤۡهُمۡ وَإِن تُصِبۡكُمۡ سَيِّئَةٞ يَفۡرَحُواْ بِهَاۖ وَإِن تَصۡبِرُواْ وَتَتَّقُواْ لَا يَضُرُّكُمۡ كَيۡدُهُمۡ شَيۡـًٔاۗ إِنَّ ٱللَّهَ بِمَا يَعۡمَلُونَ مُحِيطٞ ١٢٠
Если с вами случается доброе, это огорчает их; если же вас постигает беда, они радуются. Но если вы будете терпеливы и богобоязненны, то их козни не причинят вам никакого вреда. Воистину, Аллах объемлет все, что они совершают.
यदि (ऐ ईमान वालो!) तुम्हें कोई नेमत मिल जाए, जैसे शत्रुओं पर विजय अथवा धन और संतान में वृद्धि; तो उन्हें दु:ख और चिंता घेर लेती है, और यदि तुम्हें कोई विपत्ति पहुँचे, जैसे दुश्मनों की जीत अथवा धन एवं संतान में कमी, तो इससे वे प्रसन्न होते हैं और तुम्हारी विपदा पर खुश होते हैं। लेकिन यदि तुम अल्लाह के आदेशों तथा उसके निर्धारित भाग्यों पर धैर्य से काम लो और अपने ऊपर उसके क्रोध से बचते रहो; तो उनके छल करने और कष्ट देने से तुम्हें कोई नुकसान नहीं होगा। नि:संदेह अल्लाह उनकी चालबाज़ियों से अवगत है और वह उन्हें निराश लौटाएगा।
3:121Страница 65
وَإِذۡ غَدَوۡتَ مِنۡ أَهۡلِكَ تُبَوِّئُ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ مَقَٰعِدَ لِلۡقِتَالِۗ وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ ١٢١
Вот ты покинул свою семью рано утром, чтобы расставить верующих по местам для сражения при Ухуде. Аллах - Слышащий, Знающий.
तथा (ऐ नबी) आप उस समय को याद कीजिए, जब आप मदीना से, उहुद के मैदान में, मुश्रिकों से युद्ध के लिए निकल पड़े, जहाँ आपने ईमान वालों को उनके युद्ध के स्थानों पर नियुक्त करना आरंभ किया। चुनांचे आपने प्रत्येक व्यक्ति को उसका स्थान बताया। और अल्लाह तुम्हारी बातों को सुनने वाला, तुम्हारे कामों को जानने वाला है।
3:122Страница 66
إِذۡ هَمَّت طَّآئِفَتَانِ مِنكُمۡ أَن تَفۡشَلَا وَٱللَّهُ وَلِيُّهُمَاۗ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ ١٢٢
Когда два отряда среди вас готовы были пасть духом, Аллах был их Покровителем. Пусть же на Аллаха уповают верующие!
(ऐ नबी) याद कीजिए जो कुछ विश्वासियों के दो समूहों बनू सलिमा और बनू हारिसा के साथ घटित हुआ, जिस समय वे साहसहीन हो गए और मुनाफिक़ों (पाखंडियों) के वापस आने पर वापसी का इरादा कर लिया, हालाँकि अल्लाह उन्हें लड़ाई पर सुदृढ़ रखकर तथा उन्हें उनके उस इरादे से फेरकर उनकी सहायता करने वाला है। और मोमिनों को अपनी सभी स्थितियों में अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
3:123Страница 66
وَلَقَدۡ نَصَرَكُمُ ٱللَّهُ بِبَدۡرٖ وَأَنتُمۡ أَذِلَّةٞۖ فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ ١٢٣
Аллах уже оказал вам поддержку при Бадре, когда вы были слабы. Бойтесь же Аллаха, - быть может, вы будете благодарны.
और अल्लाह बद्र के युद्ध में बहुदेववादियों के विरुद्ध तुम्हारी सहायता कर चुका है, जबकि तुम अपनी संख्या और उपकरणों की कमी के कारण कमज़ोर थे। अतः अल्लाह से डरो, ताकि तुम अपने ऊपर उसकी नेमतों के लिए आभारी हो सको।
3:124Страница 66
إِذۡ تَقُولُ لِلۡمُؤۡمِنِينَ أَلَن يَكۡفِيَكُمۡ أَن يُمِدَّكُمۡ رَبُّكُم بِثَلَٰثَةِ ءَالَٰفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ مُنزَلِينَ ١٢٤
Вот ты сказал верующим: «Разве вам не достаточно того, что ваш Господь ниспосылает вам в помощь три тысячи ангелов?».
(ऐ नबी) उस समय को याद कीजिए, जब विश्वासियों के बहुदेववादियों के लिए आने वाली सहायता के बारे में सुनने के बाद आपने उन्हें बद्र की लड़ाई में साहस दिलाते हुए उनसे कहा : क्या तुम्हारे लिए यह पर्याप्त नहीं होगा कि अल्लाह तुम्हें लड़ाई में मजबूत करने के लिए अपनी ओर से उतारे हुऐ तीन हज़ार फरिश्तों के द्वारा तुम्हारी सहायता करे?!
3:125Страница 66
بَلَىٰٓۚ إِن تَصۡبِرُواْ وَتَتَّقُواْ وَيَأۡتُوكُم مِّن فَوۡرِهِمۡ هَٰذَا يُمۡدِدۡكُمۡ رَبُّكُم بِخَمۡسَةِ ءَالَٰفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ مُسَوِّمِينَ ١٢٥
Конечно, да! Если же вы будете терпеливы и богобоязненны, и если враги нападут на вас прямо сейчас, то ваш Господь поможет вам пятью тысячами меченых ангелов.
हाँ (क्यों नहीं), तुम्हारे लिए इतना ही काफी है। जबकि तुम्हारे लिए अल्लाह की ओर से एक अन्य मदद की शुभ सूचना है : यदि तुम लड़ाई में धैर्य से काम लो और अल्लाह से डरते रहो, और तुम्हारे दुश्मनों को त्वरित मदद मिल जाए और वे तुमपर चढ़ दौड़ें, यदि ऐसा होता है, तो तुम्हरा पालनहार पाँच हज़ार फरिश्तों के द्वारा तुम्हारी सहायता करेगा, जो स्वयं को और अपने घोड़ों को स्पष्ट निशान के साथ चिह्नित किए होंगे।
3:126Страница 66
وَمَا جَعَلَهُ ٱللَّهُ إِلَّا بُشۡرَىٰ لَكُمۡ وَلِتَطۡمَئِنَّ قُلُوبُكُم بِهِۦۗ وَمَا ٱلنَّصۡرُ إِلَّا مِنۡ عِندِ ٱللَّهِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَكِيمِ ١٢٦
Аллах сделал это всего лишь благой вестью для вас и сделал это, чтобы ваши сердца утешились благодаря этому, поскольку победа приходит только от Могущественного и Мудрого Аллаха,
और अल्लाह ने फरिश्तों के द्वारा इस सहायता और इस आपूर्ति को केवल तुम्हारे लिए एक शुभ सूचना बनाया है, जिससे तुम्हारे दिलों को आश्वासन हो जाए। अन्यथा, वास्तव में सहायता मात्र इन ज़ाहिरी कारणों से नहीं होती, बल्कि वास्तविक सहायता उस प्रभुत्वशाली अल्लाह की ओर से आती है, जिसे कोई पराजित नहीं कर सकता, और जो अपने आकलन व अनुमान और अपने विधान में हिकमत वाला (तत्वदर्शी) है।
3:127Страница 66
لِيَقۡطَعَ طَرَفٗا مِّنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ أَوۡ يَكۡبِتَهُمۡ فَيَنقَلِبُواْ خَآئِبِينَ ١٢٧
и дабы отсечь от неверующих одну часть или разгромить их так, чтобы они вернулись разочарованными.
यह मदद (जीत) जो तुम्हें बद्र की लड़ाई में प्राप्त हुई है, उससे अल्लाह का उद्देश्य यह था कि काफ़िरों के एक समूह को हत्या कर नष्ट कर दे और दूसरे समूह को अपमानित कर दे तथा उनकी पराजय से उन्हें क्रोधित कर दे, फिर वे विफलता और अपमान के साथ लौटें।
3:128Страница 66
لَيۡسَ لَكَ مِنَ ٱلۡأَمۡرِ شَيۡءٌ أَوۡ يَتُوبَ عَلَيۡهِمۡ أَوۡ يُعَذِّبَهُمۡ فَإِنَّهُمۡ ظَٰلِمُونَ ١٢٨
Ты не принимаешь никакого решения. Аллах же либо примет их покаяния, либо накажет их, ведь они являются беззаконниками.
उहुद की लड़ाई में बहुदेववादियों की ओर से जो कुछ अत्याचार हुआ उसके बाद जब रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उन्हें विनाश का शाप दिया, तो अल्लाह ने आपसे फरमाया : उनके मामले में आपको कोई अधिकार नहीं, बल्कि सारा मामला अल्लाह के हाथ में है। अतः आप धैर्य रखें यहाँ तक कि अल्लाह तुम्हारे बीच फैसला कर दे, या उन्हें तौबा की तौफ़ीक प्रदान कर दे और वे इस्लाम ग्रहण करलें, या वे निरंतर अपने कुफ्र (अविश्वास) ही पर बने रहें तो अल्लाह उन्हें यातना से पीड़ित करे, क्योंकि वे यातना के पात्र हैं।
3:129Страница 66
وَلِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ يَغۡفِرُ لِمَن يَشَآءُ وَيُعَذِّبُ مَن يَشَآءُۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ١٢٩
Аллаху принадлежит то, что на небесах, и то, что на земле. Он прощает, кого пожелает, и подвергает мучениям, кого пожелает. Аллах - Прощающий, Милосердный.
जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है, सब अल्लाह का है, रचना की दृष्टि से भी और प्रबंधन की दृष्टि से भी है। वह अपने बंदों में से जिसे चाहता है, अपनी दया से क्षमा कर देता है, और जिसे चाहता है अपने न्याय से सज़ा देता है। और अल्लाह अपने तौबा (पश्चाताप) करने वाले बंदों को क्षमा करने वाला, उनपर दया करने वाला है।
3:130Страница 66
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَأۡكُلُواْ ٱلرِّبَوٰٓاْ أَضۡعَٰفٗا مُّضَٰعَفَةٗۖ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ ١٣٠
О те, которые уверовали! Не пожирайте лихву в многократно умноженном размере и бойтесь Аллаха, - быть может, вы преуспеете.
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! अपने मूल धन जो तुमने उधार दिए थे, उस पर कई गुणा बढ़ाकर ब्याज लेने से बचो, जैसा कि जाहिलियत (अज्ञानता) काल के लोग किया करते थे। और अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से बचकर उससे डरो, ताकि तुम दुनिया और आख़िरत की जो भलाई चाहते हो, उसे प्राप्त कर सको।
3:131Страница 66
وَٱتَّقُواْ ٱلنَّارَ ٱلَّتِيٓ أُعِدَّتۡ لِلۡكَٰفِرِينَ ١٣١
Бойтесь Огня, который уготован неверующим.
और तुम अच्छे कार्य करके और वर्जनाओं को छोड़कर, अपने और उस आग के बीच जिसे अल्लाह ने काफिरों के लिए तैयार कर रखी है, बचाव या संरक्षण का साधन अपनाओ।
3:132Страница 66
وَأَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَٱلرَّسُولَ لَعَلَّكُمۡ تُرۡحَمُونَ ١٣٢
Повинуйтесь Аллаху и Посланнику, - быть может, вы будете помилованы.
तथा तुम आदेशों का पालन कर और वर्जनाओं को त्याग कर अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो। ताकि तुम दुनिय एवं आख़िरत में उसकी दया प्राप्त कर सको।
3:133Страница 67
۞ وَسَارِعُوٓاْ إِلَىٰ مَغۡفِرَةٖ مِّن رَّبِّكُمۡ وَجَنَّةٍ عَرۡضُهَا ٱلسَّمَٰوَٰتُ وَٱلۡأَرۡضُ أُعِدَّتۡ لِلۡمُتَّقِينَ ١٣٣
Стремитесь к прощению вашего Господа и Раю, ширина которого равна небесам и земле, уготованному для богобоязненных,
अच्छे काम करने और विभिन्न प्रकार के नेकी के कामों के द्वारा अल्लाह की निकटता प्राप्त करने में जल्दी और पहल करो, ताकि तुम्हें अल्लाह की महान क्षमा मिल सके और तुम ऐसी जन्नत में प्रवेश कर सको, जिसकी चौड़ाई आकाशों और धरती के बराबर है, जिसे अल्लाह ने अपने डरने वाले बंदों के लिए तैयार किया है।
3:134Страница 67
ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ فِي ٱلسَّرَّآءِ وَٱلضَّرَّآءِ وَٱلۡكَٰظِمِينَ ٱلۡغَيۡظَ وَٱلۡعَافِينَ عَنِ ٱلنَّاسِۗ وَٱللَّهُ يُحِبُّ ٱلۡمُحۡسِنِينَ ١٣٤
которые делают пожертвования в радости и в горе, сдерживают гнев и прощают людей. Воистину, Аллах любит творящих добро.
अल्लाह से डरने वाले (तक़्वा वाले) वे लोग हैं, जो कठिनाई एवं आसानी की स्थिति में अपना धन अल्लाह के मार्ग में खर्च करते हैं, तथा बदला लेने की क्षमता होने के उपरांत भी अपने क्रोध को रोकने वाले और जिसने उनके साथ अन्याय किया है उसे क्षमा कर देने वाले हैं। और अल्लाह ऐसी नैतिकता से सुसज्जित परोपकारी लोगों से प्यार करता है।
3:135Страница 67
وَٱلَّذِينَ إِذَا فَعَلُواْ فَٰحِشَةً أَوۡ ظَلَمُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ ذَكَرُواْ ٱللَّهَ فَٱسۡتَغۡفَرُواْ لِذُنُوبِهِمۡ وَمَن يَغۡفِرُ ٱلذُّنُوبَ إِلَّا ٱللَّهُ وَلَمۡ يُصِرُّواْ عَلَىٰ مَا فَعَلُواْ وَهُمۡ يَعۡلَمُونَ ١٣٥
Тем же, которые, совершив мерзкий поступок или несправедливо поступив против самих себя, помянули Аллаха и попросили прощения за свои грехи, - ведь кто прощает грехи, кроме Аллаха? - и тем, которые сознательно не упорствуют в том, что они совершили,
और वे ऐसे लोग हैं कि जब वे कोई बड़ा गुनाह कर बैठते हैं या छोटे गुनाह में पड़कर अपना भाग कम कर लेते हैं, तो अल्लाह को याद करते हैं, तथा अवज्ञाकारियों के लिए उसकी धमकी और आज्ञाकारियों के लिए उसके वचन को याद करते हैं, फिर वे अपने पालनहार से पश्चातापी (लज्जित) होकर अपने गुनाहों को छिपाने और उनपर पकड़ न करने की याचना करते हैं। क्योंकि गुनाहों को केवल अल्लाह ही क्षमा कर सकता है। और वे अपने गुनाहों पर अडिग नहीं रहते हैं, जबकि वे जानते हैं कि वे दोषी हैं और यह कि अल्लाह सभी गुनाहों को क्षमा कर देता है।
3:136Страница 67
أُوْلَٰٓئِكَ جَزَآؤُهُم مَّغۡفِرَةٞ مِّن رَّبِّهِمۡ وَجَنَّٰتٞ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَاۚ وَنِعۡمَ أَجۡرُ ٱلۡعَٰمِلِينَ ١٣٦
воздаянием будут прощение от их Господа и Райские сады, в которых текут реки и в которых они пребудут вечно. Как же прекрасно воздаяние тружеников!
इन अच्छे गुणों और गौरवशाली विशेषताओं से सुसज्जित लोगों का बदला यह है कि अल्लाह उनके गुनाहों पर पर्दा डाल देगा और उन्हें क्षमा कर देगा। तथा उनके लिए आख़िरत में ऐसे बाग़ हैं, जिनके महलों के नीचे नहरें बहती होंगी, जिनमें वे हमेशा रहेंगे। और अल्लाह का आज्ञापालन करने वालों के लिए यह बदला क्या ही अच्छा है।
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قَدۡ خَلَتۡ مِن قَبۡلِكُمۡ سُنَنٞ فَسِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَٱنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُكَذِّبِينَ ١٣٧
До вас также случалось подобное (люди подвергались искушению, подобному тому, которому верующие подверглись во время сражения при Ухуде). Постранствуйте по земле и посмотрите, каким был конец тех, кто считал лжецами посланников.
जब उहुद के दिन मोमिनों को उनपर उतरने वाली विपदा के द्वारा आज़माया गया, तो अल्लाह ने उन्हें सांत्वना देते हुए फ़रमाया : तुमसे पूर्व भी काफिरों के विनाश किए जाने तथा मोमिनों की परीक्षा के पश्चात उन का अंत सुमंगल होने के कई ईश्वरीय परंपराएं गुज़र चुकी हैं। अतः तुम धरती में चलो-फिरो और सीख प्राप्त करते हुए देखो कि अल्लाह और उसके रसूल को झुठलाने वालों का अंत कैसे हुआ। उनके घर उजड़ गए और उनका राज्य समाप्त हो गया।
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هَٰذَا بَيَانٞ لِّلنَّاسِ وَهُدٗى وَمَوۡعِظَةٞ لِّلۡمُتَّقِينَ ١٣٨
Это есть разъяснение людям, верное руководство и увещевание для богобоязненных.
यह क़ुरआन सभी लोगों के लिए सत्य का वर्णन और असत्य से चेतावनी है, तथा वह अल्लाह से डरने वालों (धर्मियों) के लिए मार्गदर्शन का संकेत और (बुराई का) प्रतिरोधक है। क्योंकि यही लोग उसके मार्गदर्शन और निर्देश से लाभ उठाने वाले हैं।
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وَلَا تَهِنُواْ وَلَا تَحۡزَنُواْ وَأَنتُمُ ٱلۡأَعۡلَوۡنَ إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ ١٣٩
Не слабейте и не печальтесь, в то время как вы будете на высоте, если вы действительно являетесь верующими.
(ऐ ईमान वालो) तुम कमज़ोर न पड़ो और न ही उहुद के दिन पहुँचने वाली तक्लीफ पर शोक करो, और न ही तुम्हारे लिए ऐसा करना उचित है। क्योंकि अपने ईमान के कारण तुम ही सर्वोच्च हो, तथा अल्लाह की सहायता और उसकी मदद की आशा रखने के कारण तुम ही बुलंद हो, यदि तुम अल्लाह और उसके अपने सदाचारी बंदों से किए हुए वादे पर विश्वास रखने वाले हो।
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إِن يَمۡسَسۡكُمۡ قَرۡحٞ فَقَدۡ مَسَّ ٱلۡقَوۡمَ قَرۡحٞ مِّثۡلُهُۥۚ وَتِلۡكَ ٱلۡأَيَّامُ نُدَاوِلُهَا بَيۡنَ ٱلنَّاسِ وَلِيَعۡلَمَ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَيَتَّخِذَ مِنكُمۡ شُهَدَآءَۗ وَٱللَّهُ لَا يُحِبُّ ٱلظَّٰلِمِينَ ١٤٠
Если вам нанесена рана, то ведь подобная рана уже была нанесена и тем людям. Мы чередуем дни (счастье и несчастье) для людей, чтобы Аллах узнал уверовавших и избрал среди вас павших мучеников, ведь Аллах не любит беззаконников,
(ऐ ईमान वालो) यदि उहुद के दिन तुम्हें घाव लगे हैं और तुम में से कुछ लोग शहीद हुए हैं, तो इसी प्रकार काफिरों को भी घाव लगे हैं और उनके भी लोग मारे गए हैं। और अल्लाह दिनों को मोमिनों और काफ़िरों के बीच जैसे चाहता है, विजय और पराजय के साथ फेरता (बदलता) रहता है; जिसके पीछे व्यापक हिकमतें हैं, जिनमें से एक यह है कि : सच्चे ईमान वाले, मुनाफ़िक़ों (पाखंडियों) से स्पष्ट हो जाएँ। तथा एक हिकमत यह भी है कि : अल्लाह जिसे चाहे अपने रास्ते में शहादत से सम्मानित करे। और अल्लाह अपने रास्ते में जिहाद को छोड़कर खुद पर अत्याचार करने वालों से प्यार नहीं करता।
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وَلِيُمَحِّصَ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَيَمۡحَقَ ٱلۡكَٰفِرِينَ ١٤١
и чтобы Аллах очистил тех, которые уверовали, и уничтожил неверующих.
इन हिकमतों में से एक हिकमत, ईमान वालों को पापों से शुद्ध करना और उनके पक्ष को मुनाफिकों (पाखंडियों) से पवित्र करना है, और ताकि अल्लाह काफिरों का विनाश कर दे और उन्हें मिटा दे।
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أَمۡ حَسِبۡتُمۡ أَن تَدۡخُلُواْ ٱلۡجَنَّةَ وَلَمَّا يَعۡلَمِ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ جَٰهَدُواْ مِنكُمۡ وَيَعۡلَمَ ٱلصَّٰبِرِينَ ١٤٢
Или вы полагали, что войдете в Рай, пока Аллах не узнал тех из вас, кто сражался и кто был терпелив?
(ऐ ईमान वालो) क्या तुमने समझ रखा है कि बिना किसी ऐसी परीक्षण और धैर्य के जन्नत में प्रवेश कर जाओगे, जिससे अल्लाह के रास्ते में सच्चे दिल से जिहाद करने वालों और इस रास्ते में आने वाली मुसीबतों के समय सब्र करने वालों की पहचान हो जाए?!
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وَلَقَدۡ كُنتُمۡ تَمَنَّوۡنَ ٱلۡمَوۡتَ مِن قَبۡلِ أَن تَلۡقَوۡهُ فَقَدۡ رَأَيۡتُمُوهُ وَأَنتُمۡ تَنظُرُونَ ١٤٣
Вы действительно желали смерти, пока не встретились с ней. Теперь вы увидели ее воочию.
(ऐ ईमान वालो) तुम तो मौत और उसकी कठिनाइयों का सामना करने से पहले, काफिरों से मुठभेड़ की कामना किया करते थे, ताकि तुम्हें भी अल्लाह के रास्ते में शहीद होने का सौभाग्य प्राप्त हो जाए, जिस तरह कि बद्र की लड़ाई में तुम्हारे भाइयों को उसका सौभाग्य प्राप्त हुआ था। लो, अब तुमने उहुद की लड़ाई के दिन वह भी देख लिया, जिसकी तुमने कामना की थी, और अब तुम उसे खुली आँखों से देख रहे हो।
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وَمَا مُحَمَّدٌ إِلَّا رَسُولٞ قَدۡ خَلَتۡ مِن قَبۡلِهِ ٱلرُّسُلُۚ أَفَإِيْن مَّاتَ أَوۡ قُتِلَ ٱنقَلَبۡتُمۡ عَلَىٰٓ أَعۡقَٰبِكُمۡۚ وَمَن يَنقَلِبۡ عَلَىٰ عَقِبَيۡهِ فَلَن يَضُرَّ ٱللَّهَ شَيۡـٔٗاۚ وَسَيَجۡزِي ٱللَّهُ ٱلشَّٰكِرِينَ ١٤٤
Мухаммад является всего лишь Посланником. До него тоже были посланники. Неужели, если он умрет или будет убит, вы обратитесь вспять? Кто обратится вспять, тот ничуть не навредит Аллаху. Аллах же вознаградит благодарных.
और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम भी अपने पूर्ववर्ती अल्लाह के रसूलों की जाति के एक रसूल हैं, जो मर गए या मार दिए गए। तो क्या यदि वह मर जाएँ अथवा मार दिए जाएँ, तो तुम अपने धर्म से पलट जाओगे और जिहाद छोड़ दोगे?! और तुम में से जो भी अपने धर्म से फिर जाएगा, वह अल्लाह को कुछ भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा; क्योंकि वह बड़ा शक्तिवान, प्रभुत्वशाली है। बल्कि धर्मत्यागी खुद को नुकसान पहुँचाएगा, क्योंकि इस प्रकार वह अपने आपको दुनिया और आख़िरत दोनों जगहों के घाटे में डाल देगा। और अल्लाह अपने कृतज्ञों को, उनके उसके धर्म पर जमे रहने और उसके रास्ते में जिहाद करने के कारण, सबसे अच्छा बदला प्रदान करेगा।
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وَمَا كَانَ لِنَفۡسٍ أَن تَمُوتَ إِلَّا بِإِذۡنِ ٱللَّهِ كِتَٰبٗا مُّؤَجَّلٗاۗ وَمَن يُرِدۡ ثَوَابَ ٱلدُّنۡيَا نُؤۡتِهِۦ مِنۡهَا وَمَن يُرِدۡ ثَوَابَ ٱلۡأٓخِرَةِ نُؤۡتِهِۦ مِنۡهَاۚ وَسَنَجۡزِي ٱلشَّٰكِرِينَ ١٤٥
Ни одна душа не умирает, кроме как с дозволения Аллаха, в предписанный срок. Тому, кто желает вознаграждения в этом мире, Мы дадим его, и тому, кто желает вознаграждения в Последней жизни, Мы дадим его. Мы вознаградим благодарных.
और कोई भी प्राणी अल्लाह के फैसले ही से मरता है, जब वह उस अवधि को पूरा कर लेता है जिसे अल्लाह ने लिखी थी और उसे उसका अंत बना दिया था, न वह उससे आगे बढ़ सकता है, न पीछे रह सकता। और जो अपने कर्म से दुनिया का बदला चाहता है, हम उसे उतना ही देते हैं जितना उसके नसीब में होता है, और आख़िरत में उसका कोई हिस्सा नहीं होगा। और जो व्यक्ति अपने कर्म से आख़िरत में अल्लाह का बदला चाहता है, हम उसे उसका बदला देंगे। और हम शीघ्र ही उन लोगों को बड़ा बदला देंगे, जो अपने पालनहार के आभारी हैं।
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وَكَأَيِّن مِّن نَّبِيّٖ قَٰتَلَ مَعَهُۥ رِبِّيُّونَ كَثِيرٞ فَمَا وَهَنُواْ لِمَآ أَصَابَهُمۡ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ وَمَا ضَعُفُواْ وَمَا ٱسۡتَكَانُواْۗ وَٱللَّهُ يُحِبُّ ٱلصَّٰبِرِينَ ١٤٦
Сколько было пророков, рядом с которыми сражалось много набожных верующих! Они не пали духом оттого, что постигло их на пути Аллаха, не проявили слабости и не смирились. Ведь Аллах любит терпеливых.
और अल्लाह के नबियों में से कितने ही नबी ऐसे हैं, जिनके साथ मिलकर उनके अनुयायियों में से अनेक समूहों ने लड़ाई लड़ी। तो वे अल्लाह के रास्ते में पहुँचने वाली हत्या और घाव के कारण जिहाद से कायर नहीं हुए और न वे दुश्मन से लड़ने में कमज़ोर पड़े और न उनके सामने घुटने टेके। बल्कि उन्होंने धैर्य से काम लिया और डटे रहे। और अल्लाह अपने रास्ते में कष्टों और कठिनाइयों पर धैर्य से काम लेने वालों से प्रेम करता है।
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وَمَا كَانَ قَوۡلَهُمۡ إِلَّآ أَن قَالُواْ رَبَّنَا ٱغۡفِرۡ لَنَا ذُنُوبَنَا وَإِسۡرَافَنَا فِيٓ أَمۡرِنَا وَثَبِّتۡ أَقۡدَامَنَا وَٱنصُرۡنَا عَلَى ٱلۡقَوۡمِ ٱلۡكَٰفِرِينَ ١٤٧
Они не произносили ничего, кроме слов: «Господь наш! Прости нам наши грехи и излишества, которые мы допустили в нашем деле, утверди наши стопы и даруй нам победу над людьми неверующими».
जब इन धैर्य से काम लेने वालों पर यह विपत्ति आई, तो उनका केवल यह कहना था कि : ऐ हमारे पालनहार! हमारे पापों और हमारे अपने मामले में सीमाओं के उल्लंघन को माफ़ कर दे, और हमारे दुश्मन से मुठभेड़ के समय हमारे पैर जमाए रख और अपने साथ कुफ़्र करने वालों पर हमें विजय प्रदान कर।
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فَـَٔاتَىٰهُمُ ٱللَّهُ ثَوَابَ ٱلدُّنۡيَا وَحُسۡنَ ثَوَابِ ٱلۡأٓخِرَةِۗ وَٱللَّهُ يُحِبُّ ٱلۡمُحۡسِنِينَ ١٤٨
Аллах даровал им вознаграждение в этом мире и прекрасное вознаграждение в Последней жизни. Ведь Аллах любит творящих добро.
तो अल्लाह ने उन्हें विजय और सशक्तीकरण प्रदान कर दुनिया का बदला दिया, और आखिरत में अच्छा बदला इस तरह दिया कि उनसे प्रसन्न हो गया तथा नेमतों वाली जन्नतों में हमेशा बाकी रहने वाली नेमतें प्रदान कीं। और अल्लाह अच्छी तरह इबादत और अच्छा व्यवहार करने वाले लोगों से प्रेम करता है।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии