Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
Аз-Зумар 39:41–75
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إِنَّآ أَنزَلۡنَا عَلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ لِلنَّاسِ بِٱلۡحَقِّۖ فَمَنِ ٱهۡتَدَىٰ فَلِنَفۡسِهِۦۖ وَمَن ضَلَّ فَإِنَّمَا يَضِلُّ عَلَيۡهَاۖ وَمَآ أَنتَ عَلَيۡهِم بِوَكِيلٍ ٤١
Мы ниспослали тебе Писание для людей с истиной. Тот, кто последовал прямым путем, поступил во благо себе. А тот, кто впал в заблуждение, поступает во вред только себе, и ты не являешься их попечителем и хранителем.
निःसंदेह हमने (ऐ रसूल!) आपपर यह क़ुरआन लोगों के लिए सत्य के साथ उतारा है, ताकि आप उन्हें सावधान करें। अतः जो सीधे रास्ते पर आ गया, तो उसके सीधे रास्ते पर आने का लाभ उसी को होगा। उसके सीधे रास्ते पर आने से अल्लाह को कोई लाभ नहीं होगा। क्योंकि अल्लाह को उसकी आवश्यकता नहीं है। तथा जो सीधे मार्ग से भटक गया, तो उसके सीधे मार्ग से भटकने का नुकसान उसी को होगा। उसके पथ-भ्रष्ट होने से अल्लाह को कोई नुकसान नहीं पहुँचता। तथा आप उनके ऊपर नियुक्त नहीं हैं कि उन्हें सीधा रास्ता ग्रहण करने पर मजबूर करें। आपका काम केवल उन्हें वह बात पहुँचा देना है, जिसे पहुँचाने का आपको आदेश दिया गया है।
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ٱللَّهُ يَتَوَفَّى ٱلۡأَنفُسَ حِينَ مَوۡتِهَا وَٱلَّتِي لَمۡ تَمُتۡ فِي مَنَامِهَاۖ فَيُمۡسِكُ ٱلَّتِي قَضَىٰ عَلَيۡهَا ٱلۡمَوۡتَ وَيُرۡسِلُ ٱلۡأُخۡرَىٰٓ إِلَىٰٓ أَجَلٖ مُّسَمًّىۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يَتَفَكَّرُونَ ٤٢
Аллах забирает души в момент смерти, а ту, которая пока не умирает, - во время сна. Он удерживает ту, которой предопределил смерть, а другую отпускает до определенного срока. Воистину, в этом - знамения для людей размышляющих.
अल्लाह ही उन प्राणों को क़ब्ज़ करता है, जिनका निर्धारित समय खत्म हो चुका हो। और रहे वह, जिनका निर्धारित समय खत्म नही हुआ है, तो उनको नींद के समय क़ब्ज़ करता है। फिर जिसकी मौत का फ़ैसला हो चुका हो, उसे रोक लेता है और जिसकी मौत का फ़ैसला न हुआ हो, उसे अपने ज्ञान के उनुसार एक निर्धारित समय तक छोड़ देता है। अवश्य इस क़ब्ज़ करने तथा छोड़ने और मौत देने तथा जीवित रखने में, उन लोगों के लिए निशानियाँ हैं, जो इस बिंदु पर सोचते हैं कि वह हस्ती जो ऐसा करने की क्षमता रखती है, वह लोगों को मरने के पश्चात हिसाब व प्रतिफ़ल के लिए दोबारा ज़िंदा भी कर सकती है।
39:43Страница 463
أَمِ ٱتَّخَذُواْ مِن دُونِ ٱللَّهِ شُفَعَآءَۚ قُلۡ أَوَلَوۡ كَانُواْ لَا يَمۡلِكُونَ شَيۡـٔٗا وَلَا يَعۡقِلُونَ ٤٣
Или же они взяли себе заступников помимо Аллаха? Скажи: «А если они не владеют ничем и не разумеют?».
इन मुश्रिकों ने अपने कुछ बुतों को अपना सिफ़ारिशी बना लिया है और अल्लाह के स्थान पर उन्हीं से लाभ की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐ रसूल! आप कह दें: क्या तुम इनको सिफ़ारिशी बनाकर ही रहोगे, यद्यपि वे अपने लिए और तुम्हारे लिए किसी चीज़ के मालिक न हों, और न ही कुछ समझ सकते हों? ये तो चेतना से खाली जड़ पदार्थ हैं, जो न बोलते हैं, न सुनते है, न देखते हैं, न लाभ दे सकते हैं और न क्षति पहुँचा सकते हैं।
39:44Страница 463
قُل لِّلَّهِ ٱلشَّفَٰعَةُ جَمِيعٗاۖ لَّهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ ثُمَّ إِلَيۡهِ تُرۡجَعُونَ ٤٤
Скажи: «Аллаху принадлежит заступничество целиком. Ему принадлежит власть над небесами и землей, и к Нему вы будете возвращены».
ऐ रसूल! आप इन बहुदेववादियों से कह दें कि सारी अनुशंसा तो अल्लाह के अधिकार में है। उसकी अनुमति के बग़ैर कोई सिफ़ारिश नहीं कर सकता और सिफ़ारिश भी उसी की कर सकता है, जिससे अल्लाह राज़ी हो। आकाशों तथा धरती का राज्य उसी के लिए है। फिर उसी की ओर तुम क़ियामत के दिन लौटाए जाओगे, और वह तुम्हें तुम्हारे कर्मों का प्रतिफल देगा।
39:45Страница 463
وَإِذَا ذُكِرَ ٱللَّهُ وَحۡدَهُ ٱشۡمَأَزَّتۡ قُلُوبُ ٱلَّذِينَ لَا يُؤۡمِنُونَ بِٱلۡأٓخِرَةِۖ وَإِذَا ذُكِرَ ٱلَّذِينَ مِن دُونِهِۦٓ إِذَا هُمۡ يَسۡتَبۡشِرُونَ ٤٥
Когда поминают одного лишь Аллаха, содрогаются от отвращения сердца тех, которые не веруют в Последнюю жизнь. А когда поминают тех, которые ниже Него, они радуются.
और जब अकेले अल्लाह का ज़िक्र किया जाता है, तो उन मुश्रिकों के दिल संकीर्ण होने लगते हैं, जो आख़िरत तथा उस दिन के जीवित होकर उठने, हिसाब-किताब और जज़ा-सज़ा पर ईमान नहीं रखते। परन्तु जब उन मूर्तियों का ज़िक्र किया जाता है, जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पूजते हैं , तो बड़े प्रसन्न हो जाते हैं।
39:46Страница 463
قُلِ ٱللَّهُمَّ فَاطِرَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ عَٰلِمَ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِ أَنتَ تَحۡكُمُ بَيۡنَ عِبَادِكَ فِي مَا كَانُواْ فِيهِ يَخۡتَلِفُونَ ٤٦
Скажи: «О Аллах, Творец небес и земли, Ведающий сокровенное и явное! Ты рассудишь Своих рабов в том, в чем они расходились во мнениях».
(ऐ रसूल!) आप कह दें: ऐ अल्लाह, आकाशों तथा धरती को किसी पूर्व नमूने के बिना पैदा करने वाले, परोक्ष तथा प्रत्यक्ष के जानने वाले, जिससे कोई वस्तु छिपी नही है! तू ही क़ियामत के दिन अपने बंदों के बीच उस बात का निर्णय करेगा, जिसके बारे में वे दुनिया में झगड़ रहे थे। अतः तू स्पष्ट कर देगा कि कौन सत्य पर था और कौन असत्य पर तथा कौन सौभाग्यशाली था और कौन दुर्भाग्यशाली।
39:47Страница 463
وَلَوۡ أَنَّ لِلَّذِينَ ظَلَمُواْ مَا فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا وَمِثۡلَهُۥ مَعَهُۥ لَٱفۡتَدَوۡاْ بِهِۦ مِن سُوٓءِ ٱلۡعَذَابِ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ وَبَدَا لَهُم مِّنَ ٱللَّهِ مَا لَمۡ يَكُونُواْ يَحۡتَسِبُونَ ٤٧
Если бы у тех, которые поступали несправедливо, было все, что на земле, и еще столько же, то они непременно попытались бы откупиться этим от ужасных мучений в День воскресения. Но откроется им от Аллаха то, о чем они даже не предполагали.
अगर शिर्क और पापों के द्वारा स्वयं पर अत्याचार करने वालों के पास वह सब कुछ हो जाए, जो धरती पर क़ीमती वस्तुएँ, धन, आदि मौजूद है, और उसके साथ उतना ही और मिलकर दोगुना हो जाए; तो वे उस गंभीर यातना से बचने के लिए जो उन्होंने (क़ियामत के दिन) अपने पुनः जीवित होने के बाद देखी थी, वह सब कुछ फ़िदया (छुड़ौती) में दे देंगे। लेकिन धरती की सारी चीज़ें उनकी नहीं हो सकतीं। और यदि यह मान लिया जाए कि वे उनकी हो भी गईं, तो उन्हें उनकी ओर से स्वीकार नहीं किया जाएगा। तथा उनके लिए अल्लाह की ओर से ऐसी-ऐसी यातनाएँ सामने आएँगी, जिनकी उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी।
39:48Страница 464
وَبَدَا لَهُمۡ سَيِّـَٔاتُ مَا كَسَبُواْ وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ ٤٨
Им откроются злые деяния, которые они приобрели, а то, над чем они издевались, окружит (или поразит) их.
और उनके किए हुए शिर्क और गुनाह का दुष्परिणाम उनके सामने आ जाएगा और वही यातना उन्हें घेर लेगी, जिससे दुनिया में उन्हें डराया जाता, तो उसका मज़ाक उड़ाने लगते थे।
39:49Страница 464
فَإِذَا مَسَّ ٱلۡإِنسَٰنَ ضُرّٞ دَعَانَا ثُمَّ إِذَا خَوَّلۡنَٰهُ نِعۡمَةٗ مِّنَّا قَالَ إِنَّمَآ أُوتِيتُهُۥ عَلَىٰ عِلۡمِۭۚ بَلۡ هِيَ فِتۡنَةٞ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٤٩
Когда человека касается вред, он взывает к Нам. Когда же Мы предоставляем ему благо от Нас, он говорит: «Воистину, это даровано мне благодаря знанию (знанию Аллаха о моих заслугах или моему знанию)». О нет, это - искушение, но большинство их не знает этого.
जब काफ़िर इनसान को कोई बीमारी या ग़रीबी आदि आती है, तो हमसे उसे दूर करने की प्रार्थाना करता है। फिर जब हम उसे स्वास्थ्य एवं धन आदि के रूप में कोई नेमत देते हैं, तो कहता हैः "मुझे अल्लाह ने यह सब कुछ इस लिए प्रदान किया है, क्योंकि उसे पता है कि मैं इसका हक़दार हूँ।" जबकि सच्चाई यह है कि यह अल्लाह की ओर से आज़माइश और ढील है। किन्तु अधिकतर काफ़िर लोग इससे परिचित नहीं हैंं। यही कारण है कि वे अल्लाह की नेमतों के धोखे में पड़ जाते हैं।
39:50Страница 464
قَدۡ قَالَهَا ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡ فَمَآ أَغۡنَىٰ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يَكۡسِبُونَ ٥٠
Так уже говорили их предшественники, но их не спасло то, что они приобретали.
यही बात उनके पूर्ववर्ती काफ़िरों ने भी कही थीं। परन्तु उनका कमाया हुआ धन-सम्मान उनके कुछ काम न आया।
39:51Страница 464
فَأَصَابَهُمۡ سَيِّـَٔاتُ مَا كَسَبُواْۚ وَٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ مِنۡ هَٰٓؤُلَآءِ سَيُصِيبُهُمۡ سَيِّـَٔاتُ مَا كَسَبُواْ وَمَا هُم بِمُعۡجِزِينَ ٥١
Их поразили злые деяния, которые они приобрели. Тех, которые поступали несправедливо, из этих также поразят злые деяния, которые они приобрели, и им не удастся спастись.
तो उन्हें अपने किए हुए शिर्क और गुनाह की बुराई के बदले ने घेर लिया। और इन उपस्थित लोगों में से भी जिन लोगों ने शिर्क और गुनाह के ज़रिए अपने ऊपर अत्याचार किया है, उन्हें भी पिछले लोगों की तरह उनके बुरे कर्मों का बदला घेर लेगा। और वे न अल्लाह की पकड़ से निकल सकते हैं और न उसे विवश कर सकते हैं।
39:52Страница 464
أَوَلَمۡ يَعۡلَمُوٓاْ أَنَّ ٱللَّهَ يَبۡسُطُ ٱلرِّزۡقَ لِمَن يَشَآءُ وَيَقۡدِرُۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ ٥٢
Разве они не знают, что Аллах увеличивает или ограничивает удел, кому пожелает? Воистину, в этом - знамения для верующих людей.
क्या इन मुश्रिकों ने यह बात कहते समय इस तथ्य को ध्यान में नहीं रखा कि अल्लाह जिसके लिए चाहता है, रोज़ी को फैला देता है, यह आज़माने के लिए कि वह शुक्र करता है या नाशुक्री?! और जिसके लिए चाहता है, रोज़ी को तंग कर देता है, यह जानने के लिए कि वह सब्र करता है या अल्लाह के निर्णय पर नाराज़गी जताता है?! निश्चित रूप से इस रोज़ी को फैलाने और तंग करने में, उन लोगों के लिए बहुत-से निर्देश हैं, जो ईमान रखते हैं, क्योंकि वही निर्देशों का लाभ उठाते हैं। रही बात काफ़िरों की, तो वे उनसे मुँह फेरकर गुज़र जाते हैं।
39:53Страница 464
۞ قُلۡ يَٰعِبَادِيَ ٱلَّذِينَ أَسۡرَفُواْ عَلَىٰٓ أَنفُسِهِمۡ لَا تَقۡنَطُواْ مِن رَّحۡمَةِ ٱللَّهِۚ إِنَّ ٱللَّهَ يَغۡفِرُ ٱلذُّنُوبَ جَمِيعًاۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ ٥٣
Скажи Моим рабам, которые излишествовали во вред самим себе: «Не отчаивайтесь в милости Аллаха. Воистину, Аллах прощает грехи полностью, ибо Он - Прощающий, Милосердный».
(ऐ रसूल!) आप मेरे उन बंदों से कह दें, जिन्होंने अल्लाह के साथ शिर्क करके और गुनाहों में पड़कर अपने ऊपर अत्याचार किए हैं कि अल्लाह की दया और गुनाहों की माफ़ी से निराश न हों। अवश्य अल्लाह क्षमा याचना करने वालों के सारे पाप क्षमा कर देता है। निश्चय वह तौबा करने वालों के गुनाहों को क्षमा करने वाला और दयालु है।
39:54Страница 464
وَأَنِيبُوٓاْ إِلَىٰ رَبِّكُمۡ وَأَسۡلِمُواْ لَهُۥ مِن قَبۡلِ أَن يَأۡتِيَكُمُ ٱلۡعَذَابُ ثُمَّ لَا تُنصَرُونَ ٥٤
Обратитесь к вашему Господу и покоритесь Ему до того, как мучения явятся к вам, ведь тогда вам уже не будет оказана помощь.
अपने पालनहार की आेर तौबा और अच्छे कर्मों के ज़रिए लाैट चलो और उसी के कहे के अनुसार चलो, इससे पहले कि प्रलय की यातना आ पहुँचे, फ़िर तुम अपनी मूर्तियों तथा परिवार के लोगों में से किसी को न पाओ, जो तुम्हें जहन्नम की यातना से बचाने में तुम्हारी सहायता करे।
39:55Страница 464
وَٱتَّبِعُوٓاْ أَحۡسَنَ مَآ أُنزِلَ إِلَيۡكُم مِّن رَّبِّكُم مِّن قَبۡلِ أَن يَأۡتِيَكُمُ ٱلۡعَذَابُ بَغۡتَةٗ وَأَنتُمۡ لَا تَشۡعُرُونَ ٥٥
Следуйте за наилучшим из того, что ниспослано вам вашим Господом, прежде чем мучения явятся к вам внезапно, когда вы даже не почувствуете их приближения.
तथा उस क़ुरआन का पालन करो, जो तुम्हारे पालनहार की ओर से उसके रसूल पर उतरने वाली सबसे उत्तम वाणी है। चुनांचे उसके आदेशों पर अमल करो और उसकी मना की हुई बातों से बचो, इससे पहले कि तुमपर अचानक यातना आ जाए और तुम्हें उसकी आहट तक महसूस न हो कि तौबा करके उसके लिए कुछ तैयारी कर सको।
39:56Страница 464
أَن تَقُولَ نَفۡسٞ يَٰحَسۡرَتَىٰ عَلَىٰ مَا فَرَّطتُ فِي جَنۢبِ ٱللَّهِ وَإِن كُنتُ لَمِنَ ٱلسَّٰخِرِينَ ٥٦
Чтобы не пришлось человеку говорить: «О горе мне за то, что я был нерадив по отношению к Аллаху! Я был всего лишь одним из насмехающихся!».
यह काम करते रहो। डर है कि क़ियामत के दिन कोई व्यक्ति मारे अफ़सोस के यह न कहे कि अफ़सोस है उस कोताही पर, जो मैंने कुफ़्र और गुनाह पर क़ायम रहकर अल्लाह के हक़ में की है और ईमान वालों तथा आज्ञाकारियों का मज़ाक उड़ाया है।
39:57Страница 465
أَوۡ تَقُولَ لَوۡ أَنَّ ٱللَّهَ هَدَىٰنِي لَكُنتُ مِنَ ٱلۡمُتَّقِينَ ٥٧
Или чтобы не пришлось ему говорить: «Если бы Аллах наставил меня на прямой путь, то я был бы одним из богобоязненных».
अथवा तक़दीर का बहाना बनाते हुए कहे कि यदि अल्लाह मुझे सामर्थ्य देता, तो मैं उससे डरने वाला बन जाता; उसके आदेशों का पालन करता तथा उसकी मना की हुई वस्तुओं से बचता।
39:58Страница 465
أَوۡ تَقُولَ حِينَ تَرَى ٱلۡعَذَابَ لَوۡ أَنَّ لِي كَرَّةٗ فَأَكُونَ مِنَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ ٥٨
Или чтобы не пришлось ему говорить, когда он увидит мучения: «Если бы у меня была еще одна возможность, то я стал бы одним из творящих добро».
या जब यातना नज़र आने लगे, तो कामना करते हुए कहे कि काश मुझे संसार मे फ़िरकर जाने मिलता, तो मैं अल्लाह से क्षमा याचना करता और उन लोगों में शामिल हो जाता, जो अच्छे कार्य करते हैं।
39:59Страница 465
بَلَىٰ قَدۡ جَآءَتۡكَ ءَايَٰتِي فَكَذَّبۡتَ بِهَا وَٱسۡتَكۡبَرۡتَ وَكُنتَ مِنَ ٱلۡكَٰفِرِينَ ٥٩
О нет! К тебе явились Мои знамения, но ты счел их ложью, возгордился и был одним из неверующих.
तुम्हारी यह हिदायत की कामना सच्ची नहीं है। क्योंकि तुम्हारे पास हमारी निशानियाँ आई थीं, तो तुमने उन्हें झुठला दिया था और अभिमान किया था तथा तुम थे ही अल्लाह, उसकी निशानियों और उसके रसूलों का इनकार करने वाले लोग।
39:60Страница 465
وَيَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ تَرَى ٱلَّذِينَ كَذَبُواْ عَلَى ٱللَّهِ وُجُوهُهُم مُّسۡوَدَّةٌۚ أَلَيۡسَ فِي جَهَنَّمَ مَثۡوٗى لِّلۡمُتَكَبِّرِينَ ٦٠
В День воскресения ты увидишь тех, которые возводили навет на Аллаха, с почерневшими лицами. Разве не в Геенне обитель возгордившихся?
आप देखेंगे कि क़ियामत के दिन उन लोगों के चेहरे काले पड़े होंगे, जिन्होंने अल्लाह का साझी और संतान ठहराकर उसपर झूठ घड़ा था। यह उनके दुर्भाग्यशाली होने का प्रमाण होगा। क्या जहन्नम में उन लोगों का ठिकाना नहीं होगा, जो अल्लाह और उसके रसूल को अहंकार दिखाते हैं?! यकीनन, उसीमें उनका ठिकाना होगा।
39:61Страница 465
وَيُنَجِّي ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ بِمَفَازَتِهِمۡ لَا يَمَسُّهُمُ ٱلسُّوٓءُ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ ٦١
Аллах спасет богобоязненных, и они обретут успех (или по причине их успеха). Зло не коснется их, и они не будут опечалены.
तथा अल्लाह उन लोगों को यातना से बचा लेगा, जो उसके आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचकर, उससे डरते रहे। वह उन्हें उनकी सफलता के स्थान अर्थात जन्नत में दाखिल करेगा। वहाँ न उन्हें पीड़ा छुएगा और न वे दुनिया के सुखों के छूटने पर शोक करेंगे।
39:62Страница 465
ٱللَّهُ خَٰلِقُ كُلِّ شَيۡءٖۖ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ وَكِيلٞ ٦٢
Аллах - Творец всякой вещи. Он - Попечитель и Хранитель всякой вещи.
अल्लाह ही प्रत्येक वस्तु का पैदा करने वाला है, अतः उसके अलावा कोई दूसरा पैदा करने वाला नहीं है। तथा वही प्रत्येक वस्तु का संरक्षक है। वही सारे विषयों का प्रबंध करता है और जैसे चाहता है, दुनिया को चलाता है।
39:63Страница 465
لَّهُۥ مَقَالِيدُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ ٦٣
Ему принадлежат ключи небес и земли. А те, которые не веруют в знамения Аллаха, являются потерпевшими убыток.
आकाशों तथा धरती की धन-संपत्तियों के खज़ानों की कुंजियाँ केवल उसी के पास हैं। वह जिसे चाहता है, धन-दौलत प्रदान करता है और जिसे चाहता है वंचित रखता है। तथा जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों का इनकार किया, वही लोग क्षति में हैं। क्योंकि वे सांसारिक जीवन में ईमान की दौलत से वंचित रहे और आख़िरत में जहन्नम में प्रवेश करेंगे, जहाँ उन्हें हमेशा रहना पड़ेगा।
39:64Страница 465
قُلۡ أَفَغَيۡرَ ٱللَّهِ تَأۡمُرُوٓنِّيٓ أَعۡبُدُ أَيُّهَا ٱلۡجَٰهِلُونَ ٦٤
Скажи: «Неужели вы повелеваете мне поклоняться кому-либо другому вместо Аллаха, о невежды?».
ऐ रसूल! आप इन मुश्रिकों से कह दें, जो आपसे अपनी मूर्तियों की पूजा का मुतालबा करते हैंः ऐ नादानो! क्या तुम मुझे आदेश देते हो कि मैं अल्लाह के सिवा किसी और की वंदना करुँ? तो सुन लोः एक अल्लाह के सिवा कोई वंदना का हक़दार नहीं है। मैं उसके सिवा किसी की पूजा हरगिज़ नहीं करुँगा।
39:65Страница 465
وَلَقَدۡ أُوحِيَ إِلَيۡكَ وَإِلَى ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِكَ لَئِنۡ أَشۡرَكۡتَ لَيَحۡبَطَنَّ عَمَلُكَ وَلَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ ٦٥
Тебе и твоим предшественникам уже было внушено: «Если ты станешь приобщать сотоварищей, то тщетными будут твои деяния и ты непременно окажешься одним из потерпевших убыток».
(ऐ रसूल) अल्लाह ने आपकी ओर तथा आपसे पहले आने वाले रसूलों की आेर वह्य की है कि यदि तुमने अल्लाह के साथ किसी और की पूजा की, तो तुम्हारे सारे अच्छे कर्मों की नेकियाँ नष्ट हो जाएँगी और तुम घाटे में पड़ने वालों में से हो जाओगे। दुनिया में इस्लाम से वंचित होने का घाटा और आख़िरत में यातना में पड़ने का घाटा।
39:66Страница 465
بَلِ ٱللَّهَ فَٱعۡبُدۡ وَكُن مِّنَ ٱلشَّٰكِرِينَ ٦٦
Поклоняйся же одному Аллаху и будь в числе благодарных.
बल्कि आप केवल एक अल्लाह की वंदना करें और किसी को उसका साझी न बनाएँ। तथा उसने आपको जो नेमतें प्रदान की हैं, उनपर उसका शुक्र अदा करें।
39:67Страница 465
وَمَا قَدَرُواْ ٱللَّهَ حَقَّ قَدۡرِهِۦ وَٱلۡأَرۡضُ جَمِيعٗا قَبۡضَتُهُۥ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ وَٱلسَّمَٰوَٰتُ مَطۡوِيَّٰتُۢ بِيَمِينِهِۦۚ سُبۡحَٰنَهُۥ وَتَعَٰلَىٰ عَمَّا يُشۡرِكُونَ ٦٧
Не ценили они Аллаха должным образом, а ведь вся земля в День воскресения будет всего лишь Пригоршней Его, а небеса будут свернуты Его Десницей. Пречист Он и превыше того, что они приобщают к Нему в сотоварищи.
तथा बहुदेववादियों ने अल्लाह का सम्मान नहीं किया, जैसा सम्मान करना चाहिए था, जब उन्होंने अल्लाह की कमज़ोर एवं विवश मख़लूक़ को उसका साझी बनाया और उसकी क्षमता की अनदेखी की, जबकि उसकी क्षमता का एक प्रमाण यह है कि क़ियामत के दिन धरती अपने पर्वतों, पेड़ों तथा नहरों एवं समुद्रों समेत उसकी एक मुट्ठी में होगी, तथा सातों आकाश उसके दाहिने हाथ में लिपटे होंगे। इस शान का मालिक अल्लाह पवित्र तथा उच्च है उस शिर्क से, जो वे कर रहे हैं।
39:68Страница 466
وَنُفِخَ فِي ٱلصُّورِ فَصَعِقَ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ إِلَّا مَن شَآءَ ٱللَّهُۖ ثُمَّ نُفِخَ فِيهِ أُخۡرَىٰ فَإِذَا هُمۡ قِيَامٞ يَنظُرُونَ ٦٨
Но подуют в Рог, и тогда потеряют сознание (или умрут) те, кто на небесах, и те, кто на земле, кроме тех, кого Аллах пожелает оставить. Потом в нее подуют еще раз, и тогда они встанут и будут смотреть.
जिस दिन सूर फूँकने पर नियुक्त फ़रिश्ता नरसिंघा में फूँक मारेगा, तो जो भी आकाशों में और जो भी धरती पर हैं, सभी की मृत्यु हो जाएगी, सिवाय उसके जिसका मरना अल्लाह न चाहे। फिर वह फ़रिश्ता लोगों के पुन: जीवित होने के लिए उसमें दूसरी बार फूँकेगा, तो एकाएक सभी जीवित लोग खड़े होकर देख रहे होंगे कि अल्लाह उनके साथ क्या करता है।
39:69Страница 466
وَأَشۡرَقَتِ ٱلۡأَرۡضُ بِنُورِ رَبِّهَا وَوُضِعَ ٱلۡكِتَٰبُ وَجِاْيٓءَ بِٱلنَّبِيِّـۧنَ وَٱلشُّهَدَآءِ وَقُضِيَ بَيۡنَهُم بِٱلۡحَقِّ وَهُمۡ لَا يُظۡلَمُونَ ٦٩
Земля озарится светом своего Господа. Будет положено Писание, и будут приведены пророки и свидетели. Между ними рассудят по справедливости, и с ними не поступят несправедливо.
जब महिमावान पालनहार अपने बंदों के बीच निर्णय करने के लिए प्रकट होगा, तो धरती चमक उठेगी, और लोगों के कर्मपत्र खोलकर सामने रख दिए जाएँगे, और नबियों को लाया जाएगा, तथा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उम्मत को नबियों के पक्ष में उनकी जातियों के विरुद्ध गवाही देने के लिए उपस्थित किया जाएगा, और अल्लाह समस्त लोगों के बीच न्याय के साथ फ़ैसला कर देगा और उस दिन लोगों पर किसी प्रकार का कोई अत्याचार नहीं होगा। अतः न किसी इनसान के गुनाह में कोई वृद्धि की जाएगी और न किसी की नेकी को घटाया जाएगा।
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وَوُفِّيَتۡ كُلُّ نَفۡسٖ مَّا عَمِلَتۡ وَهُوَ أَعۡلَمُ بِمَا يَفۡعَلُونَ ٧٠
Каждой душе воздастся сполна за то, что она совершила. Ему лучше знать о том, что они делают.
और अल्लाह प्रत्येक प्राणी को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा। चाहे वह कर्म अच्छे हों अथवा बुरे। अल्लाह उनके कर्मों को भली-भाँति जानता है। उनके सुकर्म तथा कुकर्म में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। वह उद दिन उन्हें उनके कर्मों का बदला भी देगा।
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وَسِيقَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِلَىٰ جَهَنَّمَ زُمَرًاۖ حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءُوهَا فُتِحَتۡ أَبۡوَٰبُهَا وَقَالَ لَهُمۡ خَزَنَتُهَآ أَلَمۡ يَأۡتِكُمۡ رُسُلٞ مِّنكُمۡ يَتۡلُونَ عَلَيۡكُمۡ ءَايَٰتِ رَبِّكُمۡ وَيُنذِرُونَكُمۡ لِقَآءَ يَوۡمِكُمۡ هَٰذَاۚ قَالُواْ بَلَىٰ وَلَٰكِنۡ حَقَّتۡ كَلِمَةُ ٱلۡعَذَابِ عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ ٧١
Тех, которые не уверовали, толпами погонят в Геенну. Когда они подойдут в ней, ее врата будут распахнуты, и ее стражи скажут им: «Разве не приходили к вам посланники из вас самих, которые читали вам аяты вашего Господа и предупреждали вас о встрече с этим днем вашим?». Они скажут: «Конечно!». Но сбылось относительно неверующих Слово о мучениях.
तथा फ़रिश्ते, अल्लाह का इनकार करने वाले लोगों को अपमानित गिरोहों की शक्ल में जहन्नम की ओर हाँककर ले जाएँगे। यहाँ तक कि जब वे जहन्नम के पास पहुँच जाएँगे, तो उसके रक्षक के तौर पर नियुक्त फ़रिश्ते उसके द्वार खोल देंगे और उन्हें यह कहकर डाँटते हुए उनका स्वागत करेंगेः क्या तुम्हारे पास, तुम्हारे ही जैसे रसूल नहीं आए, जो तुम्हें तुम्हारे पालनहार की आयतें सुनाते तथा क़ियामत के दिन के सामना करने और उसकी यातना से डराते? तो काफ़िर लोग अपने गुनाह का इकरार करते हुए कहेंगेः क्यों नहीं?! आए तो थे। लेकिन काफ़िरों के हक में यातना की बात सिद्ध हो चुकी थी और हम काफ़िर थे।
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قِيلَ ٱدۡخُلُوٓاْ أَبۡوَٰبَ جَهَنَّمَ خَٰلِدِينَ فِيهَاۖ فَبِئۡسَ مَثۡوَى ٱلۡمُتَكَبِّرِينَ ٧٢
Будет сказано: «Войдите во врата Геенны и пребудьте там вечно!». Как же скверна обитель возгордившихся!
उनका अपमान करते हुए और उन्हें अल्लाह की दया से तथा जहन्नम से बाहर निकलने से निराश करते हुए कहा जाएगा : जहन्नम के द्वारों से उसमें प्रवेश कर जाओ, तुम्हें उसी में हमेशा के लिए रहना है। चुनाँचे घमंड करने वालों, सत्य पर अभिमान दिखाने वालों का ठिकाना बहुत बुरा है।
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وَسِيقَ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ رَبَّهُمۡ إِلَى ٱلۡجَنَّةِ زُمَرًاۖ حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءُوهَا وَفُتِحَتۡ أَبۡوَٰبُهَا وَقَالَ لَهُمۡ خَزَنَتُهَا سَلَٰمٌ عَلَيۡكُمۡ طِبۡتُمۡ فَٱدۡخُلُوهَا خَٰلِدِينَ ٧٣
А тех, которые боялись своего Господа, толпами проводят в Рай. Когда они приблизятся, и его врата распахнутся, его стражи скажут им: «Мир вам! Вы были хороши. Входите же сюда навечно!».
और फ़रिश्ते उन मोमिनों को, जो अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई वस्तुओं से बचकर उससे डरते थे, सम्मानित गिरोहों की शक्ल में, बड़ी विनम्रता से, जन्नत की ओर ले जाएँगे। यहाँ तक कि जब वे वहाँ पहुँच जाएँगे, तो जन्नत के द्वार खोल दिए जाएँगे, और वहाँ नियुक्त फ़रिश्ते उनसे कहेंगेः तुम्हारे लिए हर कष्ट तथा हर अप्रिय वस्तु से सलामती है। तुम्हारे दिल एवं कर्म पवित्र हैं। अतः, जन्नत में हमेशा रहने को प्रवेश कर जाओ।
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وَقَالُواْ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ ٱلَّذِي صَدَقَنَا وَعۡدَهُۥ وَأَوۡرَثَنَا ٱلۡأَرۡضَ نَتَبَوَّأُ مِنَ ٱلۡجَنَّةِ حَيۡثُ نَشَآءُۖ فَنِعۡمَ أَجۡرُ ٱلۡعَٰمِلِينَ ٧٤
Они скажут: «Хвала Аллаху, Который дал нам правдивое обещание и позволил нам унаследовать райскую землю. Мы можем поселиться в Раю, где пожелаем. Как же прекрасна награда тружеников!».
और जब ईमान वाले जन्नत में प्रवेश करेंगे, तो कहेंगेः सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने अपने रसूल के माध्यम से हमें जो वचन दिया था, उसे सच कर दिखाया। चुनांचे उसने वचन दिया था कि हमें जन्नत में प्रवेश करने का सौभाग्य प्रदान करेगा तथा हमें जन्नत की धरती का उत्तराधिकारी बनाएगा, हम स्वर्ग के अंदर जहाँ चाहेंगे, रहेंगे। चुनांचे उन लोगों का प्रतिफल क्या ही अच्छा है, जो अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए अच्छे कार्य करते हैं।
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وَتَرَى ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ حَآفِّينَ مِنۡ حَوۡلِ ٱلۡعَرۡشِ يُسَبِّحُونَ بِحَمۡدِ رَبِّهِمۡۚ وَقُضِيَ بَيۡنَهُم بِٱلۡحَقِّۚ وَقِيلَ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٧٥
Ты увидишь ангелов, окружающих Трон и прославляющих хвалой своего Господа. Между ними рассудят по справедливости, и будет сказано: «Хвала Аллаху, Господу миров!».
उस दिन फ़रिश्ते अर्श को घेरे हुए होंगे। वे अल्लाह की, काफ़िरों की उन बातों से पाकी बयान कर रहे होंगे, जो उसकी शान के अनुरूप नहीं हैं। और अल्लाह सारी मखलूक़ के बीच न्याय के साथ निर्णय कर देगा और जिसे नेमतें देनी होंगी उसे नेमतें देगा तथा जिसे यातना देनी होगी, उसे यातना देगा। और कहा जाएगाः सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो सारी मख़लूकों का पालनहार है और जिसने अपने मोमिन बंदों के साथ दया का निर्णय किया तथा काफ़िरों को यातनाग्रस्त करने का निर्णय किया।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии