Аль-МухтасарФуссилят · 41:46–54

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

Фуссилят 41:46–54

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مَّنۡ عَمِلَ صَٰلِحٗا فَلِنَفۡسِهِۦۖ وَمَنۡ أَسَآءَ فَعَلَيۡهَاۗ وَمَا رَبُّكَ بِظَلَّٰمٖ لِّلۡعَبِيدِ ٤٦

Кто поступает праведно, тот поступает во благо себе. А кто творит зло, тот поступает во вред себе. Господь твой не поступает несправедливо со Своими рабами.

जो सदाचार करेगा, उसके सदाचार का लाभ उसीको होगा। किसी का सुकर्म अल्लाह को लाभ नहीं देगा। और जो दुराचार करेगा, उसका खामियाज़ा उसे ही भुगतना होगा। अल्लाह को किसी बंदे के पाप से कुछ क्षति नहीं होने वाली। अल्लाह हर एक को उसके कर्म के अनुसार बदला देगा। (ऐ रसूल) आपका पालनहार अपने बंदो पर तनिक भी अत्याचार नहीं करता। न किसी की एक नेकी घटाता है, न किसी का एक गुनाह बढ़ाता है।

41:47Страница 482

۞ إِلَيۡهِ يُرَدُّ عِلۡمُ ٱلسَّاعَةِۚ وَمَا تَخۡرُجُ مِن ثَمَرَٰتٖ مِّنۡ أَكۡمَامِهَا وَمَا تَحۡمِلُ مِنۡ أُنثَىٰ وَلَا تَضَعُ إِلَّا بِعِلۡمِهِۦۚ وَيَوۡمَ يُنَادِيهِمۡ أَيۡنَ شُرَكَآءِي قَالُوٓاْ ءَاذَنَّٰكَ مَا مِنَّا مِن شَهِيدٖ ٤٧

К Нему восходит знание о Часе. Не вырастет ни один плод из завязи, не понесет и не родит ни одна самка без Его ведома. В тот день, когда Он воззовет к ним: «Где же Мои сотоварищи?». - они скажут: «Мы дали Тебе знать, что никто из нас не станет свидетельствовать».

क़ियामत का ज्ञान केवल अल्लाह की ओर लौटाया जाता है; क्योंकि केवल वही जानता है कि क़ियामत कब घटित होगी, इसे कोई और नहीं जानता। तथा जो फल अपने गाभों से निकलते हैं और जो मादा गर्भ धारण करती है और बच्चा जनती है, सबका ज्ञान अल्लाह को है। इनमें से कोई भी चीज़ उससे नहीं छूटती। और जिस दिन अल्लाह उन बहुदेववादियों को, जो उसके साथ मूर्तियों की पूजा किया करते थे, पुकारकर ; उन्हें इन मूर्तियों की इबादत पर फटकार लगाते हुए कहेगा : कहाँ हैं मेरे वे साझी, जिन्हें तुमने साझेदार समझ रखा था? मुश्रिक कहेंगे : हम तेरे सामने स्वीकार करते हैं कि अब हममें से कोई भी इस बात की गवाही नहीं देता कि तेरा कोई साझी है।

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وَضَلَّ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يَدۡعُونَ مِن قَبۡلُۖ وَظَنُّواْ مَا لَهُم مِّن مَّحِيصٖ ٤٨

Те, к кому они взывали прежде, покинут их, и они обретут уверенность в том, что не смогут сбежать.

और वे मूर्तियाँ उनसे ग़ायब हो जाएँगी, जिन्हें वे पुकारा करते थे और उन्हें यह विश्वास हो जाएगा कि उनके लिए अल्लाह की यातना से भागने और शरण लेने का कोई स्थान नहीं है।

41:49Страница 482

لَّا يَسۡـَٔمُ ٱلۡإِنسَٰنُ مِن دُعَآءِ ٱلۡخَيۡرِ وَإِن مَّسَّهُ ٱلشَّرُّ فَيَـُٔوسٞ قَنُوطٞ ٤٩

Человеку не наскучивает молить о добре, но если его коснется вред, то он отчаивается и теряет надежду.

मनुष्य स्वास्थ्य, धन एवं संतान आदि नेमतें माँगने से नहीं थकता है, लेकिन यदि वह ग़रीबी या बीमारी आदि चीज़ों से ग्रस्त होता है, तो अल्लाह की दया से बहुत निराश और हताश हो जाता है।

41:50Страница 482

وَلَئِنۡ أَذَقۡنَٰهُ رَحۡمَةٗ مِّنَّا مِنۢ بَعۡدِ ضَرَّآءَ مَسَّتۡهُ لَيَقُولَنَّ هَٰذَا لِي وَمَآ أَظُنُّ ٱلسَّاعَةَ قَآئِمَةٗ وَلَئِن رُّجِعۡتُ إِلَىٰ رَبِّيٓ إِنَّ لِي عِندَهُۥ لَلۡحُسۡنَىٰۚ فَلَنُنَبِّئَنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِمَا عَمِلُواْ وَلَنُذِيقَنَّهُم مِّنۡ عَذَابٍ غَلِيظٖ ٥٠

Если Мы дадим ему вкусить милость от Нас после того, как его коснется несчастье, то он непременно скажет: «Вот это - для меня, и я не думаю, что настанет Час. Если же я буду возвращен к моему Господу, то у Него для меня обязательно будет уготовано наилучшее». Мы непременно поведаем неверующим о том, что они совершили, и дадим им вкусить жестокие мучения.

और यदि हम उसे विपत्ति और बीमारी के बाद स्वास्थ्य, धन और सुख का स्वाद चखाएँ, तो निश्चय वह कहेगा : यह तो मेरे ही लिए है; क्योंकि मैं इसका योग्य और हक़दार हूँ। और मैं नहीं समझता कि क़ियामत आने वाली है। यदि मान भी लिया जाए कि क़ियामत आएगी, तो अल्लाह के पास भी मुझे संपन्नता और धन प्राप्त होगा। अतः जिस तरह उसने मेरे उसका हक़दार होने के कारण इस दुनिया में मुझ पर अनुग्रह किया है, उसी तरह आख़िरत में भी मुझ पर अनुग्रह करेगा। तो हम अल्लाह के साथ कुफ़्र करने वालों को ज़रूर उनके कुफ़्र और पापों से सूचित करेंगे और उन्हें ज़रूर कठोरतम यातना का स्वाद चखाएँगे।

41:51Страница 482

وَإِذَآ أَنۡعَمۡنَا عَلَى ٱلۡإِنسَٰنِ أَعۡرَضَ وَنَـَٔا بِجَانِبِهِۦ وَإِذَا مَسَّهُ ٱلشَّرُّ فَذُو دُعَآءٍ عَرِيضٖ ٥١

Если Мы одаряем человека благами, он отворачивается и удаляется (или превозносится). Если же зло касается его, он начинает произносить пространные молитвы.

और जब हम मनुष्य को स्वास्थ्य और सुख आदि प्रदान करते हैं, तो वह अल्लाह को याद करने और उसका आज्ञापालन करने से लापरवाह हो जाता है और अहंकार में आकर मुँह मोड़ लेता है। परंतु जब वह बीमारी और ग़रीबा आदि से ग्रस्त होता है, तो अल्लाह से बहुत दुआएँ करता है; उससे अपनी विपत्ति की शिकायत करता है, ताकि वह उसे उससे दूर कर दे। इस तरह, वह न तो अनुग्रह प्राप्त होने पर अपने पालनहार का शुक्रिया अदा करता है और न ही किसी विपत्ति से पीड़ित होने पर धैर्य से काम लेता है।

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قُلۡ أَرَءَيۡتُمۡ إِن كَانَ مِنۡ عِندِ ٱللَّهِ ثُمَّ كَفَرۡتُم بِهِۦ مَنۡ أَضَلُّ مِمَّنۡ هُوَ فِي شِقَاقِۭ بَعِيدٖ ٥٢

Скажи: «Что вы думаете, а если Коран - от Аллаха, и вы не веруете в него? Кто может быть более заблудшим, чем тот, кто находится в глубоком разладе с истиной?».

(ऐ रसूल!) आप इन झुठलाने वाले मुश्रिकों से कह दें : मुझे बताओ कि यदि यह क़ुरआन अल्लाह की ओर से है, फिर भी तुम इसका इनकार कर रहे हो और इसे झुठला रहे हो, तो (अल्लाह के पास) तुम्हारा क्या हाल होगा?! और उससे अधिक पथभ्रष्ट कौन है, जो सत्य से दुश्मनी रखे, जबकि वह प्रकट हो चुका है तथा उसका तर्क और उसकी प्रबलता स्पष्ट है?!

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سَنُرِيهِمۡ ءَايَٰتِنَا فِي ٱلۡأٓفَاقِ وَفِيٓ أَنفُسِهِمۡ حَتَّىٰ يَتَبَيَّنَ لَهُمۡ أَنَّهُ ٱلۡحَقُّۗ أَوَلَمۡ يَكۡفِ بِرَبِّكَ أَنَّهُۥ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ شَهِيدٌ ٥٣

Мы покажем им Наши знамения по свету и в них самих, пока им не станет ясно, что это есть истина. Неужели не достаточно того, что твой Господь является Свидетелем всякой вещи?

हम शीघ्र ही मुसलमानों को विजय प्रदान करके क़ुरैश के काफ़िरों को धरती के कोने-कोने में अपनी निशानियाँ दिखाएँगे, तथा मक्का पर विजय देकर स्वयं उनके अपने भीतर भी अपनी निशानियाँ दिखाएँगे; यहाँ तक कि उनके लिए इस तरह स्पष्ट हो जाए जो शक को दूर कर दे कि यह क़ुरआन वह सत्य पुस्तक है जिसमें कोई संदेह नहीं है। क्या इन मुश्रिकों को यह जानने के लिए कि यह कुरआन सत्य है, अल्लाह की यह गवाही काफ़ी नहीं है कि यह उसी की ओर से उतरा है?! भला अल्लाह से बड़ी गवाही किसकी हो सकती है?! यदि उन्हें सत्य की तलाश होती, तो उनके लिए अपने पालनहार की गवाही पर्याप्त होती।

41:54Страница 482

أَلَآ إِنَّهُمۡ فِي مِرۡيَةٖ مِّن لِّقَآءِ رَبِّهِمۡۗ أَلَآ إِنَّهُۥ بِكُلِّ شَيۡءٖ مُّحِيطُۢ ٥٤

Воистину, они сомневаются во встрече со своим Господом. Воистину, Он объемлет всякую вещь.

सुन लो! ये मुश्रिक, मरणोपरांत पुनः जीवित किए जाने का इनकार करने के कारण, क़ियामत के दिन अपने पालनहार से मिलने के बारे में संदेह में हैं। अतः वे आख़िरत पर ईमान नहीं रखते हैं। यही कारण है कि वे अच्छे कार्यों के द्वारा उसके लिए तैयारी नहीं करते हैं। सुन लो, अल्लाह ने हर वस्तु को अपने ज्ञान और शक्ति के घेरे में ले रखा है।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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