Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
الأحقاف
Аль-Ахкаф
Барханы · Мекканская · 35 аятов
{हा॰ मीम॰} सूरतुल-बक़रा की शुरुआत में इस प्रकार के अक्षरों के बारे में बात गुज़र चुकी है।
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تَنزِيلُ ٱلۡكِتَٰبِ مِنَ ٱللَّهِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَكِيمِ ٢
Писание ниспослано от Аллаха Могущественного, Знающего.
क़ुरआन का उतारना अल्लाह की ओर से है, जो सबपर प्रभुत्वशाली है, उसे कोई पराजित नहीं कर सकता, अपनी रचना, तक़दीर और शरीयत में हिकमत वाला है।
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مَا خَلَقۡنَا ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَمَا بَيۡنَهُمَآ إِلَّا بِٱلۡحَقِّ وَأَجَلٖ مُّسَمّٗىۚ وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ عَمَّآ أُنذِرُواْ مُعۡرِضُونَ ٣
Мы сотворили небеса, землю и то, что между ними, только ради истины и на определенный срок. Но те, которые не веруют, отворачиваются от того, от чего их предостерегают.
हमने आकाशों और धरती को और जो कुछ उन दोनों के बीच है, व्यर्थ नहीं बनाया, बल्कि हमने उन सभी को सत्य के साथ व्यापक हिकमतों के तहत बनाया है। उन हिकमतों में से यह है कि बंदे उनके माध्यम से अपने रब को पहचानें, ताकि वे केवल उसी की इबादत करें, और उसके साथ किसी चीज़ को साझी न बनाएँ, और यह कि वे धरती पर अपने उत्तराधिकार की अपेक्षाओं को एक विशिष्ट अवधि के लिए पूरा करें जिसे केवल अल्लाह ही जानता है। लेकिन जिन लोगों ने अल्लाह का इनकार किया, वे उस चीज़ से मुँह फेरने वाले हैं, जिससे उन्हें अल्लाह की किताब में डराया गया है। वे उसकी परवाह नहीं करते।
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قُلۡ أَرَءَيۡتُم مَّا تَدۡعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ أَرُونِي مَاذَا خَلَقُواْ مِنَ ٱلۡأَرۡضِ أَمۡ لَهُمۡ شِرۡكٞ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِۖ ٱئۡتُونِي بِكِتَٰبٖ مِّن قَبۡلِ هَٰذَآ أَوۡ أَثَٰرَةٖ مِّنۡ عِلۡمٍ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ ٤
Скажи: «Видели ли вы тех, к кому взываете помимо Аллаха? Покажите мне, какую часть земли они сотворили? Или же они являются совладельцами небес? Принесите мне Писание, предшествовавшее этому, или хоть какой след знания, если вы говорите правду».
(ऐ रसूल!) आप सत्य से मुँह फेरने वाले इन मुश्रिकों से कह दें : मुझे अपने उन बुतों के बारे में बताओ, जिनकी तुम अल्लाह के अलावा पूजा करते हो कि उन्होंने धरती के हिस्सों में से क्या बनाया है? क्या उन्होंने कोई पहाड़ बनाया? क्या उन्होंने कोई नहर बनाई? या क्या आकाशों को बनाने में अल्लाह के साथ उनका कोई हिस्सा है? यदि तुम अपने इस दावे में सच्चे हो कि तुम्हारी मूर्तियाँ पूजा के योग्य हैं, तो मेरे पास क़ुरआन से पहले अल्लाह की उतारी हुई कोई किताब या पूर्वजों के छोड़े हुए ज्ञान का अवशेष ले आओ।
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وَمَنۡ أَضَلُّ مِمَّن يَدۡعُواْ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَن لَّا يَسۡتَجِيبُ لَهُۥٓ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ وَهُمۡ عَن دُعَآئِهِمۡ غَٰفِلُونَ ٥
Кто же находится в большем заблуждении, чем те, которые взывают вместо Аллаха к тем, которые не ответят им до Дня воскресения и которые не ведают об их зове?!
उस व्यक्ति से अधिक पथभ्रष्ट कोई नहीं, जो अल्लाह को छोड़कर ऐसी मूर्ति की पूजा करे, जो क़ियामत के दिन तक उसकी प्रार्थना क़बूल नहीं कर सकती। ये मूर्तियाँ जिनकी ये लोग अल्लाह के अलावा पूजा करते हैं, उन्हें लाभ या हानि पहुँचाना तो दूर की बात, अपने उपासकों की प्रार्थना तक से बेखबर हैं।
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وَإِذَا حُشِرَ ٱلنَّاسُ كَانُواْ لَهُمۡ أَعۡدَآءٗ وَكَانُواْ بِعِبَادَتِهِمۡ كَٰفِرِينَ ٦
А когда люди будут собраны, они станут их врагами и будут отвергать их поклонение.
हालाँकि ये मूर्तियाँ उन्हें इस दुनिया में कोई लाभ नहीं पहुँचा सकतीं, इसके बावजूद जब वे क़ियामत के दिन एकत्र किए जाएँगे, तो वे उनके दुश्मन हो जाएँगे जो उनकी पूजा करते थे, और उनसे अलगाव प्रकट करेंगे और इस बात का इनकार कर देंगे कि वे उनकी पूजा के बारे में जानते थे।
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وَإِذَا تُتۡلَىٰ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتُنَا بَيِّنَٰتٖ قَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لِلۡحَقِّ لَمَّا جَآءَهُمۡ هَٰذَا سِحۡرٞ مُّبِينٌ ٧
Когда им читаются Наши ясные аяты, то те, которые не уверовали в истину, когда она явилась к ним, говорят: «Это - очевидное колдовство».
और जब उनके सामने हमारे रसूल पर उतरने वाली आयतें पढ़ी जाती हैं, तो काफ़िर लोग क़ुरआन के बारे में, जब वह रसूल के माध्यम से उनके पास आ गया, कहते हैं : यह स्पष्ट जादू है, और यह अल्लाह की ओर से कोई वह़्य नहीं है।
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أَمۡ يَقُولُونَ ٱفۡتَرَىٰهُۖ قُلۡ إِنِ ٱفۡتَرَيۡتُهُۥ فَلَا تَمۡلِكُونَ لِي مِنَ ٱللَّهِ شَيۡـًٔاۖ هُوَ أَعۡلَمُ بِمَا تُفِيضُونَ فِيهِۚ كَفَىٰ بِهِۦ شَهِيدَۢا بَيۡنِي وَبَيۡنَكُمۡۖ وَهُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ ٨
Или же они говорят: «Он измыслил его». Скажи: «Если я измыслил его, то вы нисколько не защитите меня от Аллаха. Ему лучше знать о том, о чем вы разглагольствуете. Довольно того, что Он является Свидетелем между мною и вами. Он - Прощающий, Милосердный».
क्या ये मुश्रिक लोग कहते हैं : मुहम्मद ने इस क़ुरआन को गढ़कर अल्लाह की ओर मनसूब कर दिया है?! (ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : यदि मैंने इसे अपनी मर्ज़ी से गढ़ लिया है और इसके कारण अल्लाह मुझे यातना देना चाहे, तो तुम मुझे बचा नहीं सकते। तो फिर मैं इसे अल्लाह पर गढ़कर अपने आपको यातना से कैसे पीड़ित कर सकता हूं?! तुम क़ुरआन पर जो आरोप और मुझपर जो लांछन लगा रहे हो, उसे अल्लाह बहुत अच्छी तरह से जानता है। वह महिमावान मेरे और तुम्हारे बीच गवाह के रूप में पर्याप्त है। तथा वह अपने तौबा करने वाले बंदों के गुनाहों को माफ़ करने वाला, उनपर दया करने वाला है।
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قُلۡ مَا كُنتُ بِدۡعٗا مِّنَ ٱلرُّسُلِ وَمَآ أَدۡرِي مَا يُفۡعَلُ بِي وَلَا بِكُمۡۖ إِنۡ أَتَّبِعُ إِلَّا مَا يُوحَىٰٓ إِلَيَّ وَمَآ أَنَا۠ إِلَّا نَذِيرٞ مُّبِينٞ ٩
Скажи: «Я не являюсь первым из посланников и не знаю, что произойдет со мной и с вами. Я следую только тому, что внушается мне в откровении. Я - всего лишь разъясняющий и предостерегающий увещеватель».
(ऐ रसूल!) आप इन मुश्रिकों से, जो आपकी नुबुव्वत को झुठलाते हैं, कह दें : मैं कोई पहला रसूल नहीं हूँ, जिसे अल्लाह ने भेजा है, कि तुम मेरे आह्वान पर आश्चर्यचकित हो। मुझसे पहले बहुत-से रसूल गुज़र चुके हैं। और मैं नहीं जानता कि अल्लाह दुनिया में मेरे साथ क्या करेगा और तुम्हारे साथ क्या करेगा। मैं तो केवल अल्लाह की वह़्य (प्रकाशना) का पालन करता हूँ। मैं केवल वही कहता और करता हूँ जो वह मुझे वह़्य द्वारा निर्देश देता है। मैं तो केवल एक सावधान करने वाला हूँ, तुम्हें अल्लाह की यातना से, स्पष्ट तौर पर, सावधान करता हूँ।
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قُلۡ أَرَءَيۡتُمۡ إِن كَانَ مِنۡ عِندِ ٱللَّهِ وَكَفَرۡتُم بِهِۦ وَشَهِدَ شَاهِدٞ مِّنۢ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ عَلَىٰ مِثۡلِهِۦ فَـَٔامَنَ وَٱسۡتَكۡبَرۡتُمۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّٰلِمِينَ ١٠
Скажи: «А что, если Коран - от Аллаха, а вы не уверовали в него? Свидетель из числа сынов Исраила (Израиля) засвидетельствовал о том, что было подобно ему, и уверовал в него, а вы возгордились. Воистину, Аллах не наставляет на прямой путь беззаконников!».
(ऐ रसूल!) इन झुठलाने वालों से कह दें : मुझे बताओ कि यदि यह क़ुरआन अल्लाह की ओर से है और तुमने इसका इनकार कर दिया, जबकि बनी इसराईल के एक व्यक्ति ने, उसके बारे में तौरात के अंदर जो कुछ उल्लेख हुआ हुआ है, उसके आधार पर गवाही दी कि यह अल्लाह की ओर से है, फिर वह उसपर ईमान ले आया और तुमने उसपर ईमान लाने से घमंड किया - क्या ऐसी स्थिति में तुम अत्याचारी नहीं हो?! निःसंदेह अल्लाह अत्याचारियों को सत्य की तौफ़ीक़ नहीं देता।
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وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لِلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَوۡ كَانَ خَيۡرٗا مَّا سَبَقُونَآ إِلَيۡهِۚ وَإِذۡ لَمۡ يَهۡتَدُواْ بِهِۦ فَسَيَقُولُونَ هَٰذَآ إِفۡكٞ قَدِيمٞ ١١
Неверующие сказали верующим: «Если бы это было благом, то они не опередили бы нас в этом». Они не стали руководствоваться им, и поэтому они скажут: «Это - старое измышление».
तथा क़ुरआन और रसूल के लाए हुए संदेश का इनकार करने वालों ने ईमान वालों के बारे में कहा : यदि मुहम्मद जो लेकर आए हैं वह सत्य होता, जो भलाई का मार्गदर्शन करता, तो ये ग़रीब, ग़ुलाम और कमज़ोर लोग हमसे पहले उसकी ओर न आते। चूँकि उनके रसूल उनके पास जो कुछ लाए थे, उससे उन्होंने मार्गदर्शन प्राप्त नहीं किया, इसलिए वे यही कहेंगे : यह जो मुहम्मद हमारे पास लाए हैं, पुराना झूठ है और हम झूठ पर नहीं चलते।
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وَمِن قَبۡلِهِۦ كِتَٰبُ مُوسَىٰٓ إِمَامٗا وَرَحۡمَةٗۚ وَهَٰذَا كِتَٰبٞ مُّصَدِّقٞ لِّسَانًا عَرَبِيّٗا لِّيُنذِرَ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ وَبُشۡرَىٰ لِلۡمُحۡسِنِينَ ١٢
До него было Писание Мусы (Моисея), которое было руководством и милостью. А это Писание на арабском языке, подтверждающее предыдущие Писания, ниспослано для того, чтобы предостеречь тех, которые поступают несправедливо, и обрадовать творящих добро.
और इस क़ुरआन से पहले, तौरात, वह किताब जिसे अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम पर पेशवा के रूप में उतारा, जिसका सच्चाई में पालन किया जाता था, तथा उन लोगों के लिए दया के रूप में थी, जो बनी इसराईल में से उसपर ईमान लाए और उसका पालन किया। और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारा गया यह क़ुरआन, एक ऐसी किताब है जो अपने से पहली किताबों की पुष्टि करने वाली, अरबी भाषा में है; ताकि इसके द्वारा उन लोगों को डराया जाए, जिन्होंने अल्लाह के साथ शिर्क करके और पाप करके अपने ऊपर अत्याचार किया है। तथा यह उन उपकारकों के लिए शुभ सूचना है, जिन्होंने अपने स्रष्टा के साथ अपने संबंध को तथा उसकी सृष्टि के साथ अपने संबंध को बेहतर बनाया।
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إِنَّ ٱلَّذِينَ قَالُواْ رَبُّنَا ٱللَّهُ ثُمَّ ٱسۡتَقَٰمُواْ فَلَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ ١٣
Воистину, те, которые сказали: «Наш Господь - Аллах», - и последовали прямым путем, не познают страха и не будут опечалены.
निःसंदेह जिन लोगों ने कहा : हमारा रब अल्लाह है, उसके सिवा हमारा कोई रब नहीं, फिर वे ईमान और अच्छे कर्म पर जमे रहे, तो वे आख़िरत में जिस चीज़ का सामना करेंगे उसके बारे में उन्हें कोई भय न होगा, और न ही उन्हें उसपर कोई शोक होगा, जो दुनिया के सुखों में से उनसे छूट गया है या जो उन्होंने अपने पीछे छोड़ा है।
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أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِ خَٰلِدِينَ فِيهَا جَزَآءَۢ بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ١٤
Они являются обитателями Рая, в котором они пребудут вечно в воздаяние за то, что они совершали.
इन विशेषताओं से परिपूर्ण लोग जन्नत वाले हैं, जिसमें वे हमेशा रहेंगे; यह उनके उन अच्छे कार्यों का बदला है, जो उन्होंने दुनिया में किए थे।
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وَوَصَّيۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ بِوَٰلِدَيۡهِ إِحۡسَٰنًاۖ حَمَلَتۡهُ أُمُّهُۥ كُرۡهٗا وَوَضَعَتۡهُ كُرۡهٗاۖ وَحَمۡلُهُۥ وَفِصَٰلُهُۥ ثَلَٰثُونَ شَهۡرًاۚ حَتَّىٰٓ إِذَا بَلَغَ أَشُدَّهُۥ وَبَلَغَ أَرۡبَعِينَ سَنَةٗ قَالَ رَبِّ أَوۡزِعۡنِيٓ أَنۡ أَشۡكُرَ نِعۡمَتَكَ ٱلَّتِيٓ أَنۡعَمۡتَ عَلَيَّ وَعَلَىٰ وَٰلِدَيَّ وَأَنۡ أَعۡمَلَ صَٰلِحٗا تَرۡضَىٰهُ وَأَصۡلِحۡ لِي فِي ذُرِّيَّتِيٓۖ إِنِّي تُبۡتُ إِلَيۡكَ وَإِنِّي مِنَ ٱلۡمُسۡلِمِينَ ١٥
Мы заповедали человеку делать добро его родителям. Матери тяжело носить его и рожать его, а беременность и кормление до отнятия его от груди продолжаются тридцать месяцев. Когда же он достигает зрелого возраста и достигает сорока лет, то говорит: «Господи! Внуши мне благодарность за милость, которой Ты облагодетельствовал меня и моих родителей, и помоги мне совершать праведные деяния, которыми Ты доволен. Сделай для меня моих потомков праведниками. Я раскаиваюсь перед Тобой. Воистину, я - один из мусульман».
हमने निश्चित रूप से मनुष्य को आदेश दिया है कि अपने माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करे। उनका उनके जीवन के दौरान और उनकी मृत्यु के बाद इस तरह से आदर-सम्मान करे कि उसमें शरीयत का उल्लंघन न हो। विशेष रूप से अपनी माँ का ध्यान रखे, जिसने उसे कठिनाई से (गर्भ में) उठाए रखा और कठिनाई से उसे जन्म दिया। उसके गर्भ में रहने और दूध छुड़ाने की शुरुआत तक की अवधि : तीस महीना है। यहाँ तक कि जब वह अपनी मानसिक और शारीरिक शक्ति की पूर्णता को पहुँच गया और चालीस वर्ष का हो गया, तो उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे प्रेरणा दे कि मैं तेरी उस नेमत का शुक्र अदा करूँ, जो तूने मुझे तथा मेरे माता-पिता को प्रदान की है, तथा मुझे प्रेरणा दे कि मैं वह नेक काम करूँ, जिसे तू पसंद करता है और उसे मेरी ओर से क़बूल कर ले, और मेरे लिए मेरी संतान को सुधार दे। मैं तेरे सामने अपने गुनाहों से तौबा करता हूँ, तथा मैं उन लोगों में से हूँ जो तेरी आज्ञाकारिता के अधीन हैं और तेरे आदेशों के प्रति समर्पित हैं।
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أُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ نَتَقَبَّلُ عَنۡهُمۡ أَحۡسَنَ مَا عَمِلُواْ وَنَتَجَاوَزُ عَن سَيِّـَٔاتِهِمۡ فِيٓ أَصۡحَٰبِ ٱلۡجَنَّةِۖ وَعۡدَ ٱلصِّدۡقِ ٱلَّذِي كَانُواْ يُوعَدُونَ ١٦
Они являются теми из обитателей Рая, от которых Мы принимаем наилучшее из того, что они совершили, и которым Мы прощаем их злодеяния согласно истинному обещанию, которое им было дано.
यही वे लोग हैं कि हम उनके द्वारा किए गए सबसे अच्छे कामों को स्वीकार करते हैं और उनके बुरे कामों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, इसलिए हम उनपर उनकी पकड़ नहीं करते हैं। तथा वे जन्नत वालों में शामिल हैं। यह वादा जो उनसे किया गया है, बिलकुल सच्चा वादा है, अनिवार्य रूप से पूरा होगा।
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وَٱلَّذِي قَالَ لِوَٰلِدَيۡهِ أُفّٖ لَّكُمَآ أَتَعِدَانِنِيٓ أَنۡ أُخۡرَجَ وَقَدۡ خَلَتِ ٱلۡقُرُونُ مِن قَبۡلِي وَهُمَا يَسۡتَغِيثَانِ ٱللَّهَ وَيۡلَكَ ءَامِنۡ إِنَّ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقّٞ فَيَقُولُ مَا هَٰذَآ إِلَّآ أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٧
А есть такой, который говорит своим родителям: «Тьфу вам! Неужели вы угрожаете мне тем, что меня вытащат из могилы, в то время как до меня уже прошло много поколений?». Они просят Аллаха о помощи: «Горе тебе! Уверуй, ведь обещание Аллаха истинно!». Он же говорит: «Это - всего лишь легенды древних народов».
और जिसने अपने माता-पिता से कहा : तुम्हारा नाश हो! क्या तुम दोनों मुझे डराते हो कि मैं अपनी मृत्यु के बाद अपनी क़ब्र से जीवित निकाला जाऊँगा, हालाँकि कई शताब्दियाँ बीत चुकी हैं, और लोग उनमें मरे हैं, परंतु उनमें से कोई भी जीवित नहीं उठाया गया है?! जबकि उसके माता-पिता अल्लाह से फ़रयाद कर रहे होते हैं कि उनके बेटे को ईमान की राह पर लगा दे और अपने बेटे से कहते हैं : तेरा सर्वनाश हो यदि तू पुनर्जीवन पर ईमान नहीं लाया। अतः उसपर ईमान ले आ। निश्चय पुनर्जीवन का अल्लाह का वादा सच है, जिसमें कोई संदेह नहीं। किंतु वह फिर से पुनर्जीवन का इनकार करते हुए कहता है : पुनर्जीवन के बारे में जो कुछ कहा जा रहा है, वह पहले लोगों की पुस्तकों और उनकी लिखी हुई बातों से नक़ल (कॉपी) किया गया है, अल्लाह से प्रमाणित नहीं है।
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أُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ حَقَّ عَلَيۡهِمُ ٱلۡقَوۡلُ فِيٓ أُمَمٖ قَدۡ خَلَتۡ مِن قَبۡلِهِم مِّنَ ٱلۡجِنِّ وَٱلۡإِنسِۖ إِنَّهُمۡ كَانُواْ خَٰسِرِينَ ١٨
Сбылось Слово относительно них и живших до них народов из числа джиннов и людей. Воистину, они были потерпевшими убыток.
यही वे लोग हैं जिनके लिए यातना अनिवार्य हो गई, जिन्नों और मनुष्यों के उन समुदायों के साथ जो इनसे पहले थे। निश्चय वे घाटा उठाने वाले लोग थे। क्योंकि उन्होंने जहन्नम में प्रवेश करके खुद को तथा अपने परिवार को घाटे में डाल दिया।
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وَلِكُلّٖ دَرَجَٰتٞ مِّمَّا عَمِلُواْۖ وَلِيُوَفِّيَهُمۡ أَعۡمَٰلَهُمۡ وَهُمۡ لَا يُظۡلَمُونَ ١٩
Для всех будут ступени, соответствующие тому, что они совершили, дабы Аллах воздал им сполна за их деяния, и с ними не поступят несправедливо.
और दोनों समूहों (जन्नत के समूह और जहन्नम के समूह) के लिए उनके कर्मों के अनुसार (अलग-अलग) दर्जे होंगे। चुनाँचे जन्नत वालों के दर्जे ऊँचे होंगे और जहन्नम वालों के दर्जे नीचे। और ताकि अल्लाह उन्हें उनके कर्मों का पूरा बदला दे। तथा क़ियामत के दिन उनकी नेकियों को घटाकर या उनके गुनाहों को बढ़ाकर उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
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وَيَوۡمَ يُعۡرَضُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ عَلَى ٱلنَّارِ أَذۡهَبۡتُمۡ طَيِّبَٰتِكُمۡ فِي حَيَاتِكُمُ ٱلدُّنۡيَا وَٱسۡتَمۡتَعۡتُم بِهَا فَٱلۡيَوۡمَ تُجۡزَوۡنَ عَذَابَ ٱلۡهُونِ بِمَا كُنتُمۡ تَسۡتَكۡبِرُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ بِغَيۡرِ ٱلۡحَقِّ وَبِمَا كُنتُمۡ تَفۡسُقُونَ ٢٠
В тот день, когда неверующих представят Огню, им скажут: «Вы растратили свои блага в свой мирской жизни и попользовались ими. Сегодня вашим воздаянием будут унизительные мучения за то, что вы превозносились на земле без всякого права, и за то, что вы были нечестивцами».
और जिस दिन अल्लाह का इनकार करने वालों और उसके रसूलों को झुठलाने वालों को आग के सामने लाया जाएगा, ताकि उन्हें उसमें यातना दी जाए और उन्हें डाँट-फटकार लगाते हुए उनसे कहा जाएगा : तुम अपनी अच्छी चीज़ें अपने सांसारिक जीवन में ले जा चुके और उसमें पाए जाने वाले सुखों का आनंद ले चुके। लेकिन आज के दिन तो तुम्हें धरती में नाहक़ अहंकार करने तथा कुफ़्र और पाप के द्वारा अल्लाह की आज्ञाकारिता से निकलने के कारण, अपमानजनक यातना दी जाएगी।
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۞ وَٱذۡكُرۡ أَخَا عَادٍ إِذۡ أَنذَرَ قَوۡمَهُۥ بِٱلۡأَحۡقَافِ وَقَدۡ خَلَتِ ٱلنُّذُرُ مِنۢ بَيۡنِ يَدَيۡهِ وَمِنۡ خَلۡفِهِۦٓ أَلَّا تَعۡبُدُوٓاْ إِلَّا ٱللَّهَ إِنِّيٓ أَخَافُ عَلَيۡكُمۡ عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٖ ٢١
Помяни брата адитов. Вот он предостерег свой народ среди барханов, хотя перед ним и позади него уже были предостережения: «Не поклоняйтесь никому, кроме Аллаха! Воистину, я боюсь, что вас постигнут мучения в Великий день».
(ऐ रसूल!) आद समुदाय के नसबी भाई हूद (अलैहिस्सलाम) को याद करें, जब उन्होंने अपनी जाति के लोगों को उनपर अल्लाह की यातना उतरने से डराया। यह उस समय की बात है, जब वे अरब प्रायद्वीप के दक्षिण में स्थित 'अहक़ाफ़' नामी स्थान में अपने घरों में थे। जबकि हूद (अलैहिस्सलाम) से पहले और उनके बाद बहुत-से रसूल अपनी जातियों को सावधान करने वाले आ चुके थे। उन्होंने अपने समुदायों से कहा : केवल अल्लाह की इबादत करो। उसके साथ उसके अलावा की इबादत न करो। निःसंदेह मुझे (ऐ मेरी जाति के लोगो!) तुमपर एक बहुत बड़े दिन की यातना का भय है और वह क़ियामत का दिन है।
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قَالُوٓاْ أَجِئۡتَنَا لِتَأۡفِكَنَا عَنۡ ءَالِهَتِنَا فَأۡتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ ٢٢
Они сказали: «Неужели ты пришел для того, чтобы отвратить нас от наших богов? Яви же нам то, чем ты нам угрожаешь, если ты - один из тех, кто говорит правду».
उनकी जाति ने उनसे कहा : क्या तुम हमारे पास हमें हमारे पूज्यों की उपासना से रोकने के लिए आए हो?! ऐसा हरगिज़ नहीं हो सकता। इसलिए अगर तुम अपने दावे में सच्चे हो, तो हमपर वह यातना ले आओ, जिसकी तुम हमें धमकी देते हो।
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قَالَ إِنَّمَا ٱلۡعِلۡمُ عِندَ ٱللَّهِ وَأُبَلِّغُكُم مَّآ أُرۡسِلۡتُ بِهِۦ وَلَٰكِنِّيٓ أَرَىٰكُمۡ قَوۡمٗا تَجۡهَلُونَ ٢٣
Он сказал: «Знание - у Аллаха, а я лишь довожу до вашего сведения то, с чем я послан. Но я вижу, что вы являетесь невежественными людьми».
हूद (अलैहिस्सलाम) ने कहा : यातना के समय को तो केवल अल्लाह ही जानता है। मुझे इसका कोई ज्ञान नहीं है। मैं तो केवल एक रसूल हूँ, तुम्हें वह संदेश पहुँचाता हूँ, जो मुझे देकर तुम्हारी ओर भेजा गया है। लेकिन मैं तुम लोगों को देखता हूँ कि तुम उस चीज़ से अनभिज्ञ हो जिसमें तुम्हारा लाभ है, इसलिए तुम उसे छोड़ देते हो, तथा उस चीज़ से भी (अनभिज्ञ हो) जिसमें तुम्हारी हानि है, इसलिए तुम उसे करते हो।
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فَلَمَّا رَأَوۡهُ عَارِضٗا مُّسۡتَقۡبِلَ أَوۡدِيَتِهِمۡ قَالُواْ هَٰذَا عَارِضٞ مُّمۡطِرُنَاۚ بَلۡ هُوَ مَا ٱسۡتَعۡجَلۡتُم بِهِۦۖ رِيحٞ فِيهَا عَذَابٌ أَلِيمٞ ٢٤
Когда же они увидели его (наказание) в виде тучи, надвигающейся на их долины, они сказали: «Это - туча, которая прольет на нас дождь». О нет! Вот то, что вы торопили, - ветер, несущий с собой мучительные страдания.
फिर जब उनके पास वह यातना आ गई, जिसके लिए उन्होंने जल्दी मचा रखी थी, तो उन्होंने उसे आकाश के एक किनारे पर फैले हुए बादल के रूप में देखा, जो उनकी वादियों की ओर आ रहा था, सो कहने लगे : यह बादल है, जो हमपर बारिश बरसाने वाला है। हूद (अलैहिस्सलाम) ने उनसे कहा : मामला ऐसा नहीं है जैसा तुमने सोचा था कि वह बादल है जो तुम पर बरसने वाला है। बल्कि यह वह यातना है, जिसके लिए तुमने जल्दी मचा रखी थी। दरअसल, यह एक आँधी है, जिसमें दर्दनाक यातना है।
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تُدَمِّرُ كُلَّ شَيۡءِۭ بِأَمۡرِ رَبِّهَا فَأَصۡبَحُواْ لَا يُرَىٰٓ إِلَّا مَسَٰكِنُهُمۡۚ كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلۡمُجۡرِمِينَ ٢٥
Он уничтожает всякую вещь по велению своего Господа. А на утро от них остались видны только их жилища. Так Мы воздаем грешным людям.
वह जहाँ से गुज़रेगी, हर उस चीज़ को विनष्ट कर देगी, जिसे विनष्ट करने का अल्लाह ने उसे आदेश दिया होगा। चुनाँचे वे इस प्रकार नष्ट हो गए कि केवल उनके वे घर दिखाई देते थे जिनमें वे रहा करते थे, जो उनके वहाँ कभी आबाद होने का पता दे रहे थे। ऐसी ही दर्दनाक यातना हम उन अपराधियों को देते हैं जो अपने कुफ़्र और पाप पर अडिग रहते हैं।
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وَلَقَدۡ مَكَّنَّٰهُمۡ فِيمَآ إِن مَّكَّنَّٰكُمۡ فِيهِ وَجَعَلۡنَا لَهُمۡ سَمۡعٗا وَأَبۡصَٰرٗا وَأَفۡـِٔدَةٗ فَمَآ أَغۡنَىٰ عَنۡهُمۡ سَمۡعُهُمۡ وَلَآ أَبۡصَٰرُهُمۡ وَلَآ أَفۡـِٔدَتُهُم مِّن شَيۡءٍ إِذۡ كَانُواْ يَجۡحَدُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ ٢٦
Мы укрепили их в том, в чем не укрепляли вас, и даровали им слух, зрение и сердца. Но ни их слух, ни их зрение, ни их сердца нисколько не помогли им, поскольку они отвергали знамения Аллаха, и их окружило (или поразило) то, над чем они насмехались.
और हमने हूद (अलैहिस्सलाम) की जाति को सशक्तीकरण के ऐसे साधन प्रदान किए थे, जो हमने तुम्हें नहीं दिए। तथा हमने उन्हें सुनने के लिए कान दिए, देखने के लिए आँखें दीं और समझने के लिए दिल दिए। लेकिन उनके कानों, उनकी आँखों और उनकी बुद्धि ने उन्हें कुछ भी लाभ नहीं दिया। चुनाँचे जब उनपर अल्लाह की यातना आई, तो ये उसे उनसे टाल नहीं सके। क्योंकि वे अल्लाह की आयतों का इनकार करते थे और उनपर वही यातना टूट पड़ी, जिसका वे मज़ाक़ उड़ाया करते थे, जिससे उनके नबी हूद (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें डराया था।
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وَلَقَدۡ أَهۡلَكۡنَا مَا حَوۡلَكُم مِّنَ ٱلۡقُرَىٰ وَصَرَّفۡنَا ٱلۡأٓيَٰتِ لَعَلَّهُمۡ يَرۡجِعُونَ ٢٧
Мы уже погубили селения, которые были вокруг вас, и разъяснили знамения, чтобы они могли вернуться на прямой путь.
निश्चय हमने (ऐ मक्का वालो!) तुम्हारे आस-पास की बस्तियों को नष्ट कर दिया। चुनाँचे हमने आद, समूद, लूत (अलैहिस्सलाम) की जाति तथा मदयन वालों को नष्ट कर दिया और हमने उनके लिए विविध प्रकार के प्रमाण और तर्क प्रस्तुत किए; इस आशा में कि वे अपने कुफ़्र से बाज़ आ जाएँ।
46:28Страница 505
فَلَوۡلَا نَصَرَهُمُ ٱلَّذِينَ ٱتَّخَذُواْ مِن دُونِ ٱللَّهِ قُرۡبَانًا ءَالِهَةَۢۖ بَلۡ ضَلُّواْ عَنۡهُمۡۚ وَذَٰلِكَ إِفۡكُهُمۡ وَمَا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ ٢٨
Почему же им не помогли, те божества, которым они поклонялись вместо Аллаха для того, чтобы приблизиться к Нему? Напротив, они скрылись от них. Вот их ложь и то, что они измышляли!
फिर उन मूर्तियों ने उनकी सहायता क्यों न की, जिन्हें उन्होंने अल्लाह के अलावा पूज्य बना लिया था, जिनकी वे पूजा और बलिदान के माध्यम से निकटता प्राप्त करते थे?! उन्होंने उनकी बिल्कुल भी मदद नहीं की। बल्कि वे उनसे उस समय लुप्त हो गईं जब उन्हें उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। यह उनका झूठ और मिथ्यारोपण है, जिसकी वे अपने आपको आशा दिला रहे थे कि ये मूर्तियाँ उन्हें लाभ पहुँचाएँगी और अल्लाह के पास उनके लिए सिफ़ारिश करेंगी।
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وَإِذۡ صَرَفۡنَآ إِلَيۡكَ نَفَرٗا مِّنَ ٱلۡجِنِّ يَسۡتَمِعُونَ ٱلۡقُرۡءَانَ فَلَمَّا حَضَرُوهُ قَالُوٓاْ أَنصِتُواْۖ فَلَمَّا قُضِيَ وَلَّوۡاْ إِلَىٰ قَوۡمِهِم مُّنذِرِينَ ٢٩
Вот Мы направили к тебе нескольких джиннов, чтобы они послушали Коран. Когда они пришли к нему, то сказали: «Молчите и слушайте!». Когда же оно (чтение Корана) было завершено, они вернулись к своему народу, чтобы предостеречь его.
और (ऐ रसूल!) उस समय को याद करें, जब हमने आपकी ओर जिन्नों का एक समूह भेजा कि वे आपपर उतरने वाले क़ुरआन को सुनें। जब वे क़ुरआन सुनने के लिए आए, तो उन्होंने एक-दूसरे से कहा : खामोश हो जाओ, ताकि हम इसे ठीक से सुन सकें। फिर जब रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने क़ुरआन पढ़ना समाप्त किया, तो वे अपनी जाति के लोगों के पास लौटे, उन्हें डराते थे कि यदि वे इस क़ुरआन पर ईमान न लाए, तो उन्हें अल्लाह की यातना का सामना करना पड़ेगा।
46:30Страница 506
قَالُواْ يَٰقَوۡمَنَآ إِنَّا سَمِعۡنَا كِتَٰبًا أُنزِلَ مِنۢ بَعۡدِ مُوسَىٰ مُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهِ يَهۡدِيٓ إِلَى ٱلۡحَقِّ وَإِلَىٰ طَرِيقٖ مُّسۡتَقِيمٖ ٣٠
Они сказали: «О народ наш! Воистину, мы услышали Писание, ниспосланное после Мусы (Моисея), подтверждающее то, что было до него. Оно направляет к истине и прямому пути.
उन्होंने अपनी जाति से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! हमने एक किताब सुनी है, जिसे अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) के बाद उतारा है। वह अल्लाह की ओर से अपने से पहले उतरने वाली किताबों की पुष्टि करती है। यह किताब जो हमने सुनी है, सत्य की ओर मार्गदर्शन करती है और सीधा मार्ग दिखाती है और वह इस्लाम का मार्ग है।
46:31Страница 506
يَٰقَوۡمَنَآ أَجِيبُواْ دَاعِيَ ٱللَّهِ وَءَامِنُواْ بِهِۦ يَغۡفِرۡ لَكُم مِّن ذُنُوبِكُمۡ وَيُجِرۡكُم مِّنۡ عَذَابٍ أَلِيمٖ ٣١
О народ наш! Ответьте проповеднику Аллаха и уверуйте в него, и тогда Он простит вам некоторые из ваших грехов и спасет вас от мучительных страданий».
ऐ मेरी जाति के लोगो! मुहम्मद ने तुम्हें जिस सत्य की ओर बुलाया है, उसे स्वीकार कर लो और इस बात पर ईमान ले आओ कि वह अपने पालनहार की ओर से एक रसूल हैं, अल्लाह तुम्हारे पापों को क्षमा कर देगा और तुम्हें उस दर्दनाक यातना से बचा लेगा, जो तुम्हारी प्रतीक्षा कर रही है, यदि तुमने उस सत्य को स्वीकार न किया जिसकी ओर उन्होंने तुम्हें बुलाया है और इस बात पर ईमान न लाए कि वह अपने पालनहार की ओर से रसूल बनाकर भेजे गए हैं।
46:32Страница 506
وَمَن لَّا يُجِبۡ دَاعِيَ ٱللَّهِ فَلَيۡسَ بِمُعۡجِزٖ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَيۡسَ لَهُۥ مِن دُونِهِۦٓ أَوۡلِيَآءُۚ أُوْلَٰٓئِكَ فِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ ٣٢
А тот, кто не ответит проповеднику Аллаха, не спасется на земле, и не будет у него покровителей и помощников вместо Него. Такие находятся в очевидном заблуждении.
और जो उस सत्य को नहीं मानेगा, जिसकी ओर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बुला रहे हैं, वह धरती में कहीं भागकर अल्लाह के वश से निकल नहीं सकता। और अल्लाह के सिवा उसके कोई सहायक नहीं होंगे, जो उसे यातना से बचा सकें। ये लोग स्पष्ट रूप से सत्य से भटके हुए हैं।
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أَوَلَمۡ يَرَوۡاْ أَنَّ ٱللَّهَ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَلَمۡ يَعۡيَ بِخَلۡقِهِنَّ بِقَٰدِرٍ عَلَىٰٓ أَن يُحۡـِۧيَ ٱلۡمَوۡتَىٰۚ بَلَىٰٓۚ إِنَّهُۥ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ٣٣
Разве они не видят, что Аллах, Который сотворил небеса и землю и не утомился от их сотворения, способен оживить мертвых? О да! Он способен на всякую вещь.
क्या पुनर्जीवन को झुठलाने वाले इन मुश्रिकों ने यह नहीं देखा कि वह अल्लाह जिसने आकाशों और धरती की रचना की और उनकी भव्यता और विशालता के बावजूद उन्हें बनाने में अक्षम नहीं हुआ, वह मुर्दों को हिसाब-किताब और बदले के लिए जीवित करने में सक्षम है?! क्यों नहीं! निश्चित रूप से वह उन्हें पुनर्जीवित करने में सक्षम है, क्योंकि वह महिमावान हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है। इसलिए वह मृतकों को पुनर्जीवित करने में असमर्थ नहीं हो सकता है।
46:34Страница 506
وَيَوۡمَ يُعۡرَضُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ عَلَى ٱلنَّارِ أَلَيۡسَ هَٰذَا بِٱلۡحَقِّۖ قَالُواْ بَلَىٰ وَرَبِّنَاۚ قَالَ فَذُوقُواْ ٱلۡعَذَابَ بِمَا كُنتُمۡ تَكۡفُرُونَ ٣٤
В тот день, когда неверующих представят Огню, им скажут: «Разве это не есть истина?». Они скажут: «Да! Клянемся нашим Господом!». Он скажет: «Вкусите же мучения за то, что вы не верили».
और जिस दिन अल्लाह और उसके रसूल का इनकार करने वालों को आग के सामने लाया जाएगा, ताकि उन्हें उसकी यातना में डाला जाए और उन्हें फटकार लगाते हुए कहा जाएगा : क्या यह यातना जो तुम देख रहे हो, सत्य नहीं है?! या यह झूठ है जैसा कि तुम दुनिया में कहा करते थे?! वे कहेंगे : क्यों नहीं, हमारे पालनहार की क़सम! यह निश्चय सत्य है। तो उनसे कहा जाएगा : अल्लाह का इनकार करने के कारण यातना का स्वाद चखो।
46:35Страница 506
فَٱصۡبِرۡ كَمَا صَبَرَ أُوْلُواْ ٱلۡعَزۡمِ مِنَ ٱلرُّسُلِ وَلَا تَسۡتَعۡجِل لَّهُمۡۚ كَأَنَّهُمۡ يَوۡمَ يَرَوۡنَ مَا يُوعَدُونَ لَمۡ يَلۡبَثُوٓاْ إِلَّا سَاعَةٗ مِّن نَّهَارِۭۚ بَلَٰغٞۚ فَهَلۡ يُهۡلَكُ إِلَّا ٱلۡقَوۡمُ ٱلۡفَٰسِقُونَ ٣٥
Терпи же, как терпели твердые духом посланники, и не торопи Меня с наказанием для них. В тот день, когда они увидят то, что им обещано, им покажется, что они пробыли на земле всего лишь час дня. Таково послание! Разве будет погублен кто-либо, кроме нечестивых людей?
(ऐ रसूल!) आप अपनी जाति के लोगों के आपको झुठलाने पर उसी तरह धैर्य रखें, जिस तरह दृढ़ संकल्प वाले रसूलों : नूह, इबराहीम, मूसा और ईसा अलैहिमुस्सलाम ने धैर्य रखा। तथा उनके लिए यातना की जल्दी न करें। आपकी जाति के ये झुठलाने वाले लोग जब आख़िरत में वह यातना देख लेंगे, जिसका उनसे वादा किया जाता है, तो उन्हें अपनी यातना की दीर्घता के कारण ऐसा लगेगा कि वे दुनिया में दिन के एक घंटे से अधिक नहीं रहे। मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतरने वाला यह क़ुरआन तो संदेश का पहुँचा देना है और (यह) इनसानों एवं जिन्नों के लिए काफ़ी है। (अब) यातना से केवल वही लोग नष्ट किए जाएँगे, जो कुफ़्र और पापों के द्वारा अल्लाह की आज्ञाकारिता से निकल जाने वाले हैं।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии