Аль-МухтасарАль‑Маида · 5:26–57

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

Аль-Маида 5:26–57

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قَالَ فَإِنَّهَا مُحَرَّمَةٌ عَلَيۡهِمۡۛ أَرۡبَعِينَ سَنَةٗۛ يَتِيهُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِۚ فَلَا تَأۡسَ عَلَى ٱلۡقَوۡمِ ٱلۡفَٰسِقِينَ ٢٦

Он сказал: «Тогда она будет запретна для них в течение сорока лет. Они будут скитаться по земле. Не печалься же о нечестивых людях».

अल्लाह ने अपने नबी मूसा अलैहिस्सलाम से कहा : अल्लाह ने बनी इसराईल पर चालीस साल तक पवित्र भूमि में प्रवेश करना हराम कर दिया है। वे इस अवधि के दौरान रेगिस्तान में भ्रमित भटकते रहेंगे, वे निर्देशित नहीं होंगे। अतः (ऐ मूसा!) आप अल्लाह की अवज्ञा करने वालों पर अफ़सोस न करें। क्योंकि जो दंड उन्हें भुगतना पड़ रहा है, वह उनकी अवज्ञा और पापों के कारण है।

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۞ وَٱتۡلُ عَلَيۡهِمۡ نَبَأَ ٱبۡنَيۡ ءَادَمَ بِٱلۡحَقِّ إِذۡ قَرَّبَا قُرۡبَانٗا فَتُقُبِّلَ مِنۡ أَحَدِهِمَا وَلَمۡ يُتَقَبَّلۡ مِنَ ٱلۡأٓخَرِ قَالَ لَأَقۡتُلَنَّكَۖ قَالَ إِنَّمَا يَتَقَبَّلُ ٱللَّهُ مِنَ ٱلۡمُتَّقِينَ ٢٧

Прочти им истинный рассказ о двух сыновьях Адама. Вот они оба принесли жертву, и она была принята от одного из них и была не принята от другого. Он сказал: «Я непременно убью тебя». Он ответил: «Воистину, Аллах принимает только от богобоязненных.

तथा (ऐ रसूल!) इन ईर्ष्यालु, अत्याचारी यहूदियों को आदम के दोनों बेटों : क़ाबील और हाबील की कहानी, संदेह रहित सच्चाई के साथ सुना दें। जब उन दोनों ने अल्लाह की निकटता प्राप्त करने के लिए एक क़ुर्बानी पेश की। अल्लाह ने हाबील की पेश की हुई क़ुर्बानी स्वीकार कर ली, क्योंकि वह तक़्वा (घर्मपरायणता) वालों में से था, जबकि क़ाबील की क़ुर्बानी को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि वह तक़वा वालों में से नहीं था। क़ाबील ने ईर्ष्या के कारण हाबील की क़ुर्बानी की स्वीकृति की निंदा की और कहा : ऐ हाबील! मैं तुझे मार डालूँगा। तो हाबील ने कहा : अल्लाह केवल उसकी क़ुर्बानी स्वीकार करता है, जो उसके आदेशों का पालन करते हुए तथा उसके निषेधों से बचते हुए, उससे डरने वाला है।

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لَئِنۢ بَسَطتَ إِلَيَّ يَدَكَ لِتَقۡتُلَنِي مَآ أَنَا۠ بِبَاسِطٖ يَدِيَ إِلَيۡكَ لِأَقۡتُلَكَۖ إِنِّيٓ أَخَافُ ٱللَّهَ رَبَّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٢٨

Если ты протянешь ко мне руку, чтобы убить меня, я все равно не протяну руки, чтобы убить тебя. Воистину, я боюсь Аллаха, Господа миров.

यदि तूने मुझे मार डालने की नीयत से मेरी ओर अपना हाथ बढ़ाया, तो जो कुछ तूने किया है, मैं तुझे उसका बदला देने वाला नहीं हूँ। यह मेरी ओर से कायरता नहीं है, लेकिन मैं सृष्टि के पालनहार अल्लाह से डरता हूँ।

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إِنِّيٓ أُرِيدُ أَن تَبُوٓأَ بِإِثۡمِي وَإِثۡمِكَ فَتَكُونَ مِنۡ أَصۡحَٰبِ ٱلنَّارِۚ وَذَٰلِكَ جَزَٰٓؤُاْ ٱلظَّٰلِمِينَ ٢٩

Я хочу, чтобы ты вернулся с моим грехом и твоим грехом и оказался среди обитателей Огня. Таково воздаяние беззаконникам».

फिर उसने उसे डराते हुए कहा : मैं चाहता हूँ कि तू अपने पिछले पापों के साथ-साथ मेरी अवैध और आक्रामकता में हत्या करने के पाप के साथ लौटे। फिर तू उन आग (जहन्नम) वालों में से हो जाए, जो क़ियामत के दिन उसमें प्रवेश करेंगे। यही अत्याचारियों का बदला है, और मैं तेरी हत्या करने के पाप के साथ लौटकर उन लोगों में से नहीं होना चाहता।

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فَطَوَّعَتۡ لَهُۥ نَفۡسُهُۥ قَتۡلَ أَخِيهِ فَقَتَلَهُۥ فَأَصۡبَحَ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ ٣٠

Душа подтолкнула его на убийство своего брата, и он убил его и оказался одним из потерпевших убыток.

क़ाबील के लिए उसके 'नफ़्से अम्मारा' (बुराई का आदेश देने वाली आत्मा) ने अपने भाई की अन्यायपूर्ण तरीक़े से हत्या को सुसज्जित कर दिया, और उसने उसकी हत्या कर दी। अतः वह इसके कारण उन लोगों में से हो गया, जिनके अंश दुनिया तथा आख़िरत दोनों स्थानों में कम हो गए।

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فَبَعَثَ ٱللَّهُ غُرَابٗا يَبۡحَثُ فِي ٱلۡأَرۡضِ لِيُرِيَهُۥ كَيۡفَ يُوَٰرِي سَوۡءَةَ أَخِيهِۚ قَالَ يَٰوَيۡلَتَىٰٓ أَعَجَزۡتُ أَنۡ أَكُونَ مِثۡلَ هَٰذَا ٱلۡغُرَابِ فَأُوَٰرِيَ سَوۡءَةَ أَخِيۖ فَأَصۡبَحَ مِنَ ٱلنَّٰدِمِينَ ٣١

Аллах послал ворона, который стал разгребать землю, чтобы показать ему, как спрятать труп его брата. Он сказал: «Горе мне! Неужели я не могу поступить, как этот ворон, и спрятать труп моего брата?». Так он оказался одним из сожалеющих.

फिर अल्लाह ने एक कौआ भेजा, जो उसके सामने भूमि को कुरेदता था, ताकि उसमें एक मरे हुए कौए को गाड़कर, उसे यह सिखाए कि वह अपने भाई के शव को कैसे छिपाए। उस समय अपने भाई के हत्यारे ने कहा : हाय मेरा विनाश! क्या मैं इस कौए जैसा भी न हो सका, जिसने दूसरे मरे हुए कौवे को दफन कर दिया, कि मैं अपने भाई के शव को छिपा सकूँ, फिर उसने उस समय उसे दफ़न किया; इस तरह वह पछताने वालों में से हो गया।

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مِنۡ أَجۡلِ ذَٰلِكَ كَتَبۡنَا عَلَىٰ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ أَنَّهُۥ مَن قَتَلَ نَفۡسَۢا بِغَيۡرِ نَفۡسٍ أَوۡ فَسَادٖ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَكَأَنَّمَا قَتَلَ ٱلنَّاسَ جَمِيعٗا وَمَنۡ أَحۡيَاهَا فَكَأَنَّمَآ أَحۡيَا ٱلنَّاسَ جَمِيعٗاۚ وَلَقَدۡ جَآءَتۡهُمۡ رُسُلُنَا بِٱلۡبَيِّنَٰتِ ثُمَّ إِنَّ كَثِيرٗا مِّنۡهُم بَعۡدَ ذَٰلِكَ فِي ٱلۡأَرۡضِ لَمُسۡرِفُونَ ٣٢

По этой причине Мы предписали сынам Исраила (Израиля): кто убьет человека не за убийство или распространение нечестия на земле, тот словно убил всех людей, а кто сохранит жизнь человеку, тот словно сохранит жизнь всем людям. Наши посланники уже явились к ним с ясными знамениями, но многие из них после этого излишествуют на земле.

क़ाबील द्वारा अपने भाई की हत्या के कारण, हमने बनी इसराईल को सूचित किया कि जिसने किसी व्यक्ति की क़िसास (खून के बदले खून) या कुफ़्र अथवा विद्रोह द्वारा धरती में बिगाड़ पैदा करने के कारण के बिना हत्या कर दी, तो मानो उसने सभी लोगों की हत्या कर दी, क्योंकि उसके निकट निर्दोष और अपराधी के बीच कोई अंतर नहीं है। तथा जिसने किसी प्राणी की, जिसे अल्लाह ने हराम ठहराया है, यह मानते हुए हत्या करने से परहेज़ किया कि उसकी हत्या करना निषिद्ध (हराम) है और उसकी हत्या नहीं की; तो मानो उसने सभी लोगों को जीवन प्रदान किया; क्योंकि उसके इस व्यवहार में सभी लोगों की सुरक्षा है। निःसंदेह हमारे रसूल बनी इसराईल के पास स्पष्ट प्रमाण और खुली निशानियाँ लेकर आए, लेकिन इसके बावजूद उनमें से बहुत से लोग पाप करके तथा अपने रसूलों का विरोध करके अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने वाले हैं।

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إِنَّمَا جَزَٰٓؤُاْ ٱلَّذِينَ يُحَارِبُونَ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ وَيَسۡعَوۡنَ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَسَادًا أَن يُقَتَّلُوٓاْ أَوۡ يُصَلَّبُوٓاْ أَوۡ تُقَطَّعَ أَيۡدِيهِمۡ وَأَرۡجُلُهُم مِّنۡ خِلَٰفٍ أَوۡ يُنفَوۡاْ مِنَ ٱلۡأَرۡضِۚ ذَٰلِكَ لَهُمۡ خِزۡيٞ فِي ٱلدُّنۡيَاۖ وَلَهُمۡ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ عَذَابٌ عَظِيمٌ ٣٣

Воистину, те, которые сражаются против Аллаха и Его Посланника и стремятся сотворить на земле нечестие, в воздаяние должны быть убиты или распяты, или у них должны быть отсечены накрест руки и ноги, или они должны быть изгнаны из страны. Это будет для них позором в этом мире, а в Последней жизни для них уготованы великие мучения.

जो लोग अल्लाह और उसके रसूल से युद्ध करते हैं, और उनसे खुली दुश्मनी करते हुए हत्या, लूटमार और डकैती के द्वारा धरती में उत्पात मचाते हैं, उनकी सज़ा यही है कि उन्हें सूली पर चढ़ाए बिना क़त्ल कर दिया जाए, या उन्हें सूली पर चढ़ाकर क़त्ल कर दिया जाए, या उनका दायाँ हाथ और बायाँ पैर काट दिया जाए, यदि वह फिर से ऐसी हरकत करे, तो उसका बायाँ हाथ और दायाँ पैर काट दिया जाए, या उन्हें देश से निकाल दिया जाए। यह सज़ा उनके लिए इस दुनिया में एक अपमान है, तथा आख़िरत में उनके लिए बहुत बड़ी यातना है।

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إِلَّا ٱلَّذِينَ تَابُواْ مِن قَبۡلِ أَن تَقۡدِرُواْ عَلَيۡهِمۡۖ فَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ٣٤

Исключением являются те, которые раскаялись и вернулись до того, как вы получили власть над ними. Знайте же, что Аллах - Прощающий, Милосердный.

परंतु (ऐ अधिकार वालो!) इन लड़ाई करने वालों में से जो लोग तुम्हारी पकड़ में आने से पहले तौबा कर लें, तो जान लो कि अल्लाह तौबा के बाद उन्हें क्षमा करने वाला और उनपर दया करने वाला है। और उनपर उसकी दया में से उनसे दंड को हटा देना है।

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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَٱبۡتَغُوٓاْ إِلَيۡهِ ٱلۡوَسِيلَةَ وَجَٰهِدُواْ فِي سَبِيلِهِۦ لَعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ ٣٥

О те, которые уверовали! Бойтесь Аллаха, ищите близости к Нему и сражайтесь на Его пути, - быть может, вы преуспеете.

ऐ ईमान वालो! अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा उसने तुम्हें जिसका हुक्म दिया है, उसे पूरा करके और जिससे उसने तुम्हें मना किया है, उससे दूर रहकर उसकी निकटता तलाश करो, और उसकी प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए काफ़िरों से जिहाद करो। ताकि ऐसा करने पर तुम्हें वह चीज़ प्राप्त हो जाए, जो तुम माँगते हो और उस चीज़ से बचा लिए जाओ, जिससे तुम डरते हो।

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إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَوۡ أَنَّ لَهُم مَّا فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا وَمِثۡلَهُۥ مَعَهُۥ لِيَفۡتَدُواْ بِهِۦ مِنۡ عَذَابِ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ مَا تُقُبِّلَ مِنۡهُمۡۖ وَلَهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٞ ٣٦

Воистину, если бы у неверующих было все, что есть на земле, и еще столько же, чтобы откупиться от мучений в День воскресения, то это не было бы принято от них. Им уготованы мучительные страдания.

जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया, यदि मान लिया जाए कि उनमें से हर एक धरती की सारी धन-दौलत का मालिक हो जाए और उसके साथ उतना ही और भी हो, फिर वे क़ियामत के दिन अपने आपको अल्लाह की यातना से मुक्त करने के लिए उसे पेश कर दें, तो वह उनसे स्वीकार नहीं किया जाएगा, और उनके लिए दर्दनाक यातना है।

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يُرِيدُونَ أَن يَخۡرُجُواْ مِنَ ٱلنَّارِ وَمَا هُم بِخَٰرِجِينَ مِنۡهَاۖ وَلَهُمۡ عَذَابٞ مُّقِيمٞ ٣٧

Они захотят выйти из Огня, но не смогут выйти оттуда. Им уготованы вечные мучения.

वे जहन्नम की आग में प्रवेश करने के बाद उससे बाहर निकलना चाहेंगे, परंतु वे ऐसा कैसे कर सकते हैं?! वे उससे हाबर हरगिज़ नहीं निकलेंगे, तथा उनके लिए उसमें एक स्थायी यातना है।

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وَٱلسَّارِقُ وَٱلسَّارِقَةُ فَٱقۡطَعُوٓاْ أَيۡدِيَهُمَا جَزَآءَۢ بِمَا كَسَبَا نَكَٰلٗا مِّنَ ٱللَّهِۗ وَٱللَّهُ عَزِيزٌ حَكِيمٞ ٣٨

Вору и воровке отсекайте руки в воздаяние за то, что они совершили. Таково наказание от Аллаха, ведь Аллах - Могущественный, Мудрый.

जो चोरी करने वाला (पुरुष) और जो चोरी करने वाली (स्त्री) है (ऐ शासको!) उनमें से प्रत्येक के दाहिने हाथ को काट दो, यह उनके लिए अल्लाह की ओर से उसके बदले एवं दंड के रूप में है जो उन दोनों ने अवैध रूप से लोगों का माल लिया है, तथा उन्हें और दूसरों को डराने के लिए है। तथा अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली है, उसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता। वह अपनी (सभी चीज़ों की) पूर्वनियति (तक़दीर) और अपने विधान में हिकमत वाला है।

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فَمَن تَابَ مِنۢ بَعۡدِ ظُلۡمِهِۦ وَأَصۡلَحَ فَإِنَّ ٱللَّهَ يَتُوبُ عَلَيۡهِۚ إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٌ ٣٩

Аллах примет покаяние того, кто раскается после совершения несправедливости и исправит содеянное, ибо Аллах - Прощающий, Милосердный.

जो व्यक्ति चोरी से अल्लाह के समक्ष तौबा कर ले और अपने कार्य को सुधार ले, तो अल्लाह अपने अनुग्रह से उसकी तौबा स्वीकार कर लेगा; क्योंकि अल्लाह अपने बंदों में से तौबा करने वालों के पापों को क्षमा करने वाला, उनपर दया करने वाला है। लेकिन अगर मामला शासकों के पास पहुँच गया है, तो तौबा करने से उनका शरई ह़द समाप्त नहीं होगा।

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أَلَمۡ تَعۡلَمۡ أَنَّ ٱللَّهَ لَهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ يُعَذِّبُ مَن يَشَآءُ وَيَغۡفِرُ لِمَن يَشَآءُۗ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ٤٠

Разве ты не знаешь, что Аллаху принадлежит власть над небесами и землей? Он подвергает мучениям, кого пожелает, и прощает, кого пожелает. Аллах способен на всякую вещь.

(ऐ रसूल!) निश्चय आपको मालूम है कि अल्लाह ही के पास आकाशों तथा धरती का राज्य है। वह उनमें अपनी इच्छानुसार व्यवहार करता है। वह जिसे चाहता है, अपने न्याय से दंडित करता है और जिसे चाहता है, अपने अनुग्रह से क्षमा कर देता है। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ करने में सक्षम है, उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती।

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۞ يَٰٓأَيُّهَا ٱلرَّسُولُ لَا يَحۡزُنكَ ٱلَّذِينَ يُسَٰرِعُونَ فِي ٱلۡكُفۡرِ مِنَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ ءَامَنَّا بِأَفۡوَٰهِهِمۡ وَلَمۡ تُؤۡمِن قُلُوبُهُمۡۛ وَمِنَ ٱلَّذِينَ هَادُواْۛ سَمَّٰعُونَ لِلۡكَذِبِ سَمَّٰعُونَ لِقَوۡمٍ ءَاخَرِينَ لَمۡ يَأۡتُوكَۖ يُحَرِّفُونَ ٱلۡكَلِمَ مِنۢ بَعۡدِ مَوَاضِعِهِۦۖ يَقُولُونَ إِنۡ أُوتِيتُمۡ هَٰذَا فَخُذُوهُ وَإِن لَّمۡ تُؤۡتَوۡهُ فَٱحۡذَرُواْۚ وَمَن يُرِدِ ٱللَّهُ فِتۡنَتَهُۥ فَلَن تَمۡلِكَ لَهُۥ مِنَ ٱللَّهِ شَيۡـًٔاۚ أُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ لَمۡ يُرِدِ ٱللَّهُ أَن يُطَهِّرَ قُلُوبَهُمۡۚ لَهُمۡ فِي ٱلدُّنۡيَا خِزۡيٞۖ وَلَهُمۡ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ عَذَابٌ عَظِيمٞ ٤١

О Посланник! Пусть тебя не печалят те, которые стремятся исповедовать неверие и говорят своими устами: «Мы уверовали», - хотя их сердца не уверовали. Среди исповедующих иудаизм есть такие, которые охотно прислушиваются ко лжи и прислушиваются к другим людям, которые не явились к тебе. Они искажают слова, меняя их местами, и говорят: «Если вам дадут это, то берите, но если вам не дадут этого, то остерегайтесь». Того, кого Аллах желает подвергнуть искушению, ты не властен защитить от Аллаха. Их сердца Аллах не пожелал очистить. В этом мире их ожидает позор, а в Последней жизни им уготованы великие мучения.

ऐ रसूल! वे लोग आपको दुःखित न करें जो आपको क्रोधित करने के लिए कुफ़्र के कृत्यों को प्रकट करने में जल्दबाज़ी करते हैं, जो कि उन मुनाफ़िक़ों (पाखंडियों) में से हैं, जो ईमान को प्रदर्शित करते हैं और कुफ़्र को छिपाते हैं। इसी तरह वे यहूदी भी आपको दुखी न करें जो अपने बड़ों के झूठ को सुनते और उसे स्वीकार करते हैं, वे अपने उन नेताओं की नक़ल करते हैं, जो आपसे उपेक्षा करने के कारण आपके पास नहीं आए। ये लोग तौरात में मौजूद अल्लाह के शब्दों को अपनी इच्छाओं के अनुसार बदल देते हैं। वे अपने अनुयायियों से कहते हैं : यदि मुहम्मद का फैसला तुम्हारी इच्छाओं के अनुसार है, तो उसका अनुसरण करो और यदि वह उसके विरुद्ध हो, तो उससे सावधान रहना। तथा अल्लाह लोगों में से जिसे पथभ्रष्ट करना चाहे, तो (ऐ रसूल!) आप किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं पाएँगे, जो उससे गुमराही को हटा सके और उसे सत्य के मार्ग पर ले जाए। इन विशेषताओं से विशेषित यहूदी और मुनाफ़िक़ वे लोग हैं, जिनके दिलों को अल्लाह ने कुफ़्र से पवित्र करना नहीं चाहा, उनके लिए इस दुनिया में अपमान और तिरस्कार है और आख़िरत में उनके लिए बहुत बड़ी यातना है, जो कि आग की यातना है।

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سَمَّٰعُونَ لِلۡكَذِبِ أَكَّٰلُونَ لِلسُّحۡتِۚ فَإِن جَآءُوكَ فَٱحۡكُم بَيۡنَهُمۡ أَوۡ أَعۡرِضۡ عَنۡهُمۡۖ وَإِن تُعۡرِضۡ عَنۡهُمۡ فَلَن يَضُرُّوكَ شَيۡـٔٗاۖ وَإِنۡ حَكَمۡتَ فَٱحۡكُم بَيۡنَهُم بِٱلۡقِسۡطِۚ إِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلۡمُقۡسِطِينَ ٤٢

Они охотно выслушивают ложь и пожирают запретное. Если они явятся к тебе, то рассуди их или же отвернись от них. Если ты отвернешься от них, то они нисколько не навредят тебе. Но если ты вынесешь решение, то суди их беспристрастно. Воистину, Аллах любит беспристрастных.

ये यहूदी झूठी बातें बहुत सुनते हैं, सूद की तरह हराम धन बहुत खाते हैं। अतः यदि वे (ऐ रसूल!) आपके पास फ़ैसला करवाने के लिए आएँ, तो अगर आप चाहें, तो उनके बीच निर्णय कर दें, या अगर आप चाहें, तो उनके बीच फ़ैसला न करें। आपके पास दोनों के बीच एक विकल्प है। यदि आप उनके बीच फैसला न करें, तो वे आपको कुछ भी नुक़सान नहीं पहुँचा पाएँगे, और यदि आप उनके बीच निर्णय करें, तो उनके बीच न्याय के साथ निर्णय करें, भले ही वे अत्याचारी और दुश्मन हों। निःसंदेह अल्लाह ऐसे लोगों से प्रेम करता है, जो अपने फ़ैसले में न्याय करने वाले हैं, भले ही फ़ैसले के लिए आने वाले फ़ैसला करने वाले के दुश्मन हों।

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وَكَيۡفَ يُحَكِّمُونَكَ وَعِندَهُمُ ٱلتَّوۡرَىٰةُ فِيهَا حُكۡمُ ٱللَّهِ ثُمَّ يَتَوَلَّوۡنَ مِنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَۚ وَمَآ أُوْلَٰٓئِكَ بِٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٤٣

Но как они выберут тебя судьей, если у них есть Таурат (Тора), содержащий закон Аллаха? Даже после этого они отворачиваются, ибо они не являются верующими.

इन लोगों का मामला निश्चय आश्चर्यजनक है। वे आपपर विश्वास नहीं रखते हैं, फिर भी अपने मामले का फ़ैसला कराने के लिए आपके पास इस आशा में आते हैं कि आपका फ़ैसला उनकी इच्छाओं के अनुसार हो जाए। जबकि उनके पास तौरात है, जिसपर वे ईमान रखने का दावा करते हैं, जिसमें अल्लाह का आदेश (फ़ैसला) मौजूद है। फिर वे आपके फ़ैसले से मुँह मोड़ लेते हैं, यदि वह उनकी इच्छाओं से मेल नहीं खाता है। इस तरह उन्होंने अपनी किताब में मौजूद हुक्म का इनकार किया है और आपके फ़ैसले से मुँह फेरा है। इनका यह व्यवहार ईमान वालों का व्यवहार नहीं है। इसलिए वे आपपर और आपकी लाई हुई शरीयत पर ईमान रखने वाले नहीं हैं।

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إِنَّآ أَنزَلۡنَا ٱلتَّوۡرَىٰةَ فِيهَا هُدٗى وَنُورٞۚ يَحۡكُمُ بِهَا ٱلنَّبِيُّونَ ٱلَّذِينَ أَسۡلَمُواْ لِلَّذِينَ هَادُواْ وَٱلرَّبَّٰنِيُّونَ وَٱلۡأَحۡبَارُ بِمَا ٱسۡتُحۡفِظُواْ مِن كِتَٰبِ ٱللَّهِ وَكَانُواْ عَلَيۡهِ شُهَدَآءَۚ فَلَا تَخۡشَوُاْ ٱلنَّاسَ وَٱخۡشَوۡنِ وَلَا تَشۡتَرُواْ بِـَٔايَٰتِي ثَمَنٗا قَلِيلٗاۚ وَمَن لَّمۡ يَحۡكُم بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡكَٰفِرُونَ ٤٤

Мы ниспослали Таурат (Тору), в котором содержится верное руководство и свет. Покорившиеся пророки выносили по нему решения для исповедующих иудаизм. Раввины и первосвященники поступали таким же образом в соответствии с тем, что им было поручено сохранить из Писания Аллаха. Они свидетельствовали о нем. Не бойтесь же людей, а бойтесь Меня, и не продавайте Мои знамения за ничтожную цену. Те же, которые не принимают решений в соответствии с тем, что ниспослал Аллах, являются неверующими.

निःसंदेह हमने मूसा अलैहिस्सलाम पर तौरात उतारी, जिसमें भलाई का मार्गदर्शन और ऐसा प्रकाश है जिसके द्वारा रौशनी हासिल की जाती है। उसके अनुसार बनी इसराईल के वे नबी जो अल्लाह के आज्ञाकारी थे, फ़ैसला करते हैं। तथा उसी के अनुसार वे विद्वान और धर्मशास्त्री (फुक़हा) भी फ़ैसला करते हैं जो लोगों का प्रशिक्षण करते हैं, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें अपनी पुस्तक का निरीक्षक और संरक्षक बनाया है, जो उसे विकृति और परिवर्तन से बचाते हैं। तथा वे इस बात के गवाह हैं कि यह पुस्तक सत्य है। और लोग इस (पुस्तक) से संबंधित मामले में उन्हीं की तरफ लौटते हैं। अतः (ऐ यहूदियो!) लोगों से न डरो, केवल मुझसे डरो। तथा अल्लाह की उतारी हुई किताब के अनुसार फ़ैसला करने की बजाय सरदारी, पद-प्रतिष्ठा या धन की एक छोटी सी क़ीमत न लो। और जो अल्लाह की उतारी हुई वह़्य के अनुसार फ़ैसला न करे, उसे हलाल (अनुमेय) समझते हुए, या उसके अलावा को उसपर वरीयता देते हुए, या उसे उसके साथ बराबर ठहराते हुए, तो वही लोग वास्तव में काफ़िर हैं।

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وَكَتَبۡنَا عَلَيۡهِمۡ فِيهَآ أَنَّ ٱلنَّفۡسَ بِٱلنَّفۡسِ وَٱلۡعَيۡنَ بِٱلۡعَيۡنِ وَٱلۡأَنفَ بِٱلۡأَنفِ وَٱلۡأُذُنَ بِٱلۡأُذُنِ وَٱلسِّنَّ بِٱلسِّنِّ وَٱلۡجُرُوحَ قِصَاصٞۚ فَمَن تَصَدَّقَ بِهِۦ فَهُوَ كَفَّارَةٞ لَّهُۥۚ وَمَن لَّمۡ يَحۡكُم بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلظَّٰلِمُونَ ٤٥

Мы предписали им в нем: душа - за душу, око - за око, нос - за нос, ухо - за ухо, зуб - за зуб, а за раны - возмездие. Но если кто-нибудь пожертвует этим, то это станет для него искуплением. Те же, которые не принимают решений в соответствии с тем, что ниспослал Аллах, являются беззаконниками.

हमने तौरात में यहूदियों पर अनिवार्य कर दिया कि जो कोई जान-बूझकर किसी आत्मा को बिना हक़ के क़त्ल करेगा, तो वह उसके बदले में क़त्ल कर दिया जाएगा, और जो कोई जान-बूझकर आँख निकालेगा, उसकी आँख निकाल दी जाएगी, और जो कोई जान-बूझकर नाक काटेगा, उसकी नाक काट दी जाएगी, और जो कोई जान-बूझकर कान काटेगा, उसका कान काट दिया जाएगा, और जो कोई जान-बूझकर दाँत निकालेगा, उसका दाँत निकाल निकाल दिया जाएगा। और हमने उनपर यह भी अनिवार्य कर दिया कि घावों के मामले में अपराधी को उसके अपराध के समान ही दंडित किया जाएगा। तथा जो कोई भी स्वेच्छा से अपराधी को क्षमा कर दे, तो उसकी क्षमा उसके पापों का प्रायश्चित है; क्योंकि उसने उस व्यक्ति को क्षमा कर दिया, जिसने उसपर अत्याचार किया है। और जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे जौ अल्लाह ने 'क़िसास' के बारे में तथा उसके अलावा चीज़ों के बारे में उतारा है, तो वह अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने वाला है।

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وَقَفَّيۡنَا عَلَىٰٓ ءَاثَٰرِهِم بِعِيسَى ٱبۡنِ مَرۡيَمَ مُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهِ مِنَ ٱلتَّوۡرَىٰةِۖ وَءَاتَيۡنَٰهُ ٱلۡإِنجِيلَ فِيهِ هُدٗى وَنُورٞ وَمُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهِ مِنَ ٱلتَّوۡرَىٰةِ وَهُدٗى وَمَوۡعِظَةٗ لِّلۡمُتَّقِينَ ٤٦

Вслед за ними Мы отправили Ису (Иисуса), сына Марьям (Марии), с подтверждением истинности того, что было прежде ниспослано в Таурате (Торе). Мы даровали ему Инджил (Евангелие), в котором было верное руководство и свет, которое подтверждало то, что прежде было ниспослано в Таурате (Торе). Он был верным руководством и увещеванием для богобоязненных.

और हमने बनी इसराईल के नबियों के पद-चिन्हों पर मरयम के पुत्र ईसा को भेजा, जो उसपर ईमान रखने वाले थे जो कुछ तौरात में था और उसी के अनुसार फैसला करने वाले थे। तथा हमने उन्हें इंजील प्रदान की, जिसमें सत्य के लिए मार्गदर्शन शामिल है, तथा उसमें ऐसे प्रमाण हैं, जो संदेहों को दूर करते हैं और ऐसे प्रावधान हैं जो समस्याओं का समाधान करते हैं, तथा वह उससे पहले उतरने वाली पुस्तक तौरात के अनुकूल है, सिवाय उसके कुछ नियमों में, जिन्हें उसने निरस्त कर दिया है। तथा हमने इंजील को संयमियों (परहेज़गारों) के लिए पथप्रदर्शक और उस चीज़ को करने से रोकने वाला बना दिया जिसे उसने उनपर निषिद्ध किया था।

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وَلۡيَحۡكُمۡ أَهۡلُ ٱلۡإِنجِيلِ بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ فِيهِۚ وَمَن لَّمۡ يَحۡكُم بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡفَٰسِقُونَ ٤٧

Пусть люди Инджила (Евангелия) судят согласно тому, что Аллах ниспослал в нем. Те же, которые не принимают решений в соответствии с тем, что ниспослал Аллах, являются нечестивцами.

ईसाइयों को चाहिए कि उसपर विश्वास करें, जो अल्लाह ने इंजील में उतारा है तथा (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के उनके बीच नबी बनाकर भेजे जाने से पहले उसमें जो सच्चाई आई) उसके अनुसार फ़ैसला करें। और जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे, जो अल्लाह ने उतारा है, तो वही लोग अल्लाह की अवज्ञा करने वाले, सत्य को छोड़ने वाले तथा असत्य की ओर झुकने वाले हैं।

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وَأَنزَلۡنَآ إِلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ بِٱلۡحَقِّ مُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهِ مِنَ ٱلۡكِتَٰبِ وَمُهَيۡمِنًا عَلَيۡهِۖ فَٱحۡكُم بَيۡنَهُم بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُۖ وَلَا تَتَّبِعۡ أَهۡوَآءَهُمۡ عَمَّا جَآءَكَ مِنَ ٱلۡحَقِّۚ لِكُلّٖ جَعَلۡنَا مِنكُمۡ شِرۡعَةٗ وَمِنۡهَاجٗاۚ وَلَوۡ شَآءَ ٱللَّهُ لَجَعَلَكُمۡ أُمَّةٗ وَٰحِدَةٗ وَلَٰكِن لِّيَبۡلُوَكُمۡ فِي مَآ ءَاتَىٰكُمۡۖ فَٱسۡتَبِقُواْ ٱلۡخَيۡرَٰتِۚ إِلَى ٱللَّهِ مَرۡجِعُكُمۡ جَمِيعٗا فَيُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمۡ فِيهِ تَخۡتَلِفُونَ ٤٨

Мы ниспослали тебе Писание с истиной в подтверждение прежних Писаний, и для того, чтобы оно предохраняло их (или свидетельствовало о них; или возвысилось над ними). Суди же их согласно тому, что ниспослал Аллах, и не потакай их желаниям, уклоняясь от явившейся к тебе истины. Каждому из вас Мы установили закон и путь. Если бы Аллах пожелал, то сделал бы вас одной общиной, однако Он разделил вас, чтобы испытать вас тем, что Он даровал вам. Состязайтесь же в добрых делах. Всем вам предстоит вернуться к Аллаху, и Он поведает вам о том, в чем вы расходились во мнениях.

(ऐ रसूल!) हमने आपकी ओर क़ुरआन को सच्चाई के साथ उतारा है, जिसके अल्लाह की ओर से होने में कोई शक एवं संदेह नहीं है। जो इससे पहले उतरी हुई पुस्तकों की पुष्टि करने वाला तथा उनका संरक्षक है। अतः उनमें से जो कुछ इसके मुताबिक़ है, वह सत्य है और जो कुछ इसके विरुद्ध है, वह असत्य है। इसलिए आप लोगों के बीच उसके अनुसार फ़ैसला करें, जो अल्लाह ने इस (क़ुरआन) में आपपर उतारा है, तथा आपके ऊपर जो संदेह रहित सत्य अवतिरत किया गया है उसे छोड़कर उनकी उन इच्छाओं का पालन न करें, जो उन्होंने ग्रहण की हैं। हमने हर समुदाय के लिए व्यावहारिक नियमों का एक कानून और एक स्पष्ट तरीक़ा बनाया है जिसके द्वारा वे मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। यदि अल्लाह सारी शरीयतों को एक करना चाहता, तो वह उन्हें एक कर देता। परंतु उसने प्रत्येक समुदाय के लिए एक (स्थायी) शरीयत बनाई है, ताकि वह सबकी परीक्षा ले, और आज्ञापालन करने वाला अवज्ञाकारी से प्रगट हो जाए। अतः अच्छे काम करने और बुरे काम छोड़ने में जल्दी करो। क्योंकि क़ियामत के दिन तुम सबको अकेले अल्लाह ही की ओर लौटना है, और वह तुम्हें उससे सूचित करेगा, जिसके बारे में तुम मतभेद किया करते थे, तथा वह तुम्हें तुम्हारे द्वारा किए गए कामों का बदला देगा।

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وَأَنِ ٱحۡكُم بَيۡنَهُم بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ وَلَا تَتَّبِعۡ أَهۡوَآءَهُمۡ وَٱحۡذَرۡهُمۡ أَن يَفۡتِنُوكَ عَنۢ بَعۡضِ مَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ إِلَيۡكَۖ فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَٱعۡلَمۡ أَنَّمَا يُرِيدُ ٱللَّهُ أَن يُصِيبَهُم بِبَعۡضِ ذُنُوبِهِمۡۗ وَإِنَّ كَثِيرٗا مِّنَ ٱلنَّاسِ لَفَٰسِقُونَ ٤٩

Суди между ними согласно тому, что ниспослал Аллах, не потакай их желаниям и остерегайся их, дабы они не отвратили тебя от части того, что ниспослал тебе Аллах. Если же они отвернутся, то знай, что Аллах желает покарать их за некоторые из их грехов. Воистину, многие люди являются нечестивцами.

(ऐ रसूल!) उनके बीच उसके अनुसार निर्णय करें, जो अल्लाह ने आपकी ओर अवतिरत किया है और उनके उन विचारों का पालन न करें जो इच्छाओं का पालन करने से उत्पन्न हुए हैं, तथा उनसे सावधान रहें कि ऐसा न हो कि वे आपको किसी ऐसी चीज़ से भटका दें, जो अल्लाह ने आपपर अवतरित किया है। क्योंकि वे ऐसा करने में कोई कसर न छोड़ेंगे। यदि वे अल्लाह के द्वारा आपपर उतारी गई शरीयत के अनुसार फ़ैसला को स्वीकार करने से इनकार करें, तो आप जान लें कि अल्लाह उन्हें उनके कुछ पापों की सज़ा दुनिया ही में देना चाहता है। जबकि उन सभी पर उन्हें आख़िरत में दंडित करेगा। और सच्चाई यह है कि बहुत-से लोग अल्लाह के आज्ञापालन से निकल जाने वाले हैं।

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أَفَحُكۡمَ ٱلۡجَٰهِلِيَّةِ يَبۡغُونَۚ وَمَنۡ أَحۡسَنُ مِنَ ٱللَّهِ حُكۡمٗا لِّقَوۡمٖ يُوقِنُونَ ٥٠

Неужели они ищут суда времен невежества? Чьи решения могут быть лучше решений Аллаха для людей убежденных?

क्या वे आपके फ़ैसले को छोड़कर मूर्तिपूजा करने वाले जाहिलिय्यत (पूर्व-इस्लामिक काल) के लोगों का फ़ैसला चाहते हैं, जो अपनी इच्छाओं के अनुसार फ़ैसला करते हैं?! विश्वास रखने वालों के निकट, जो अल्लाह के बारे में उस चीज़ को समझते हैं जो उसने अपने रसूल पर उतारी है, अल्लाह से बेहतर फ़ैसला करने वाला कोई नहीं है। न कि अज्ञानता और इच्छाओं के पीछे चलने वाले लोग, जो केवल वही स्वीकार करते हैं जो उनकी इच्छाओं से मेल खाता है, भले ही वह ग़लत हो।

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۞ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَتَّخِذُواْ ٱلۡيَهُودَ وَٱلنَّصَٰرَىٰٓ أَوۡلِيَآءَۘ بَعۡضُهُمۡ أَوۡلِيَآءُ بَعۡضٖۚ وَمَن يَتَوَلَّهُم مِّنكُمۡ فَإِنَّهُۥ مِنۡهُمۡۗ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّٰلِمِينَ ٥١

О те, которые уверовали! Не считайте иудеев и христиан своими помощниками и друзьями, поскольку они помогают друг другу. Если же кто-либо из вас считает их своими помощниками и друзьями, то он сам является одним из них. Воистину, Аллах не ведет прямым путем несправедливых людей.

ऐ लोगो जो अल्लाह तथा उसके रसूल पर ईमान लाए हो! यहूदियों तथा ईसाइयों को सहयोगी एवं खास मित्र बनाकर उनसे दिली दोस्ती (वफ़ादारी) न रखो, क्योंकि यहूदी अपने धर्म वालों से दोस्ती (वफ़ादारी) रखते हैं और ईसाई अपने धर्म वालों से दोस्ती (वफ़ादारी) रखते हैं और दोनों समूह तुम्हारी दुश्मनी में एकजुट हैं। अतः तुममें से जो उनसे दोस्ती रखेगा, वह उन्हीं में गिना जाएगा। निःसंदेह अल्लाह काफ़िरों से दोस्ती (वफ़ादारी) रखकर अपने ऊपर अत्याचार करने वाले लोगों को सीधा मार्ग नहीं दिखाता।

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فَتَرَى ٱلَّذِينَ فِي قُلُوبِهِم مَّرَضٞ يُسَٰرِعُونَ فِيهِمۡ يَقُولُونَ نَخۡشَىٰٓ أَن تُصِيبَنَا دَآئِرَةٞۚ فَعَسَى ٱللَّهُ أَن يَأۡتِيَ بِٱلۡفَتۡحِ أَوۡ أَمۡرٖ مِّنۡ عِندِهِۦ فَيُصۡبِحُواْ عَلَىٰ مَآ أَسَرُّواْ فِيٓ أَنفُسِهِمۡ نَٰدِمِينَ ٥٢

Ты видишь, что те, чьи сердца поражены недугом, поспешают среди них и говорят: «Мы боимся, что нас постигнет беда». Но, может быть, Аллах явится с победой или своим повелением, и тогда они станут сожалеть о том, что утаивали в себе.

तो (ऐ रसूल!) आप कमज़ोर ईमान वाले मुनाफ़िक़ों को यहूदियों तथा ईसाइयों से दोस्ती करने के लिए दौड़ते हुए देखेंगे, कहते हैं : ''हमें डर है कि ये लोग जीत हासिल कर लेंगे, और उनके पास राज्य होगा, फिर हमें उनसे नुक़सान पहुँचेगा।'' तो संभव है कि अल्लाह अपने रसूल तथा मोमिनों को जीत प्रदान कर दे, या अपनी ओर से कोई ऐसा मामला प्रकट कर दे, जिससे यहूदियों और उनके सहयोगियों का प्रभाव (दबदबा) समाप्त हो जाए। फिर उनसे दोस्ती करने के लिए जल्दी करने वाले अपने दिलों में छिपाए हुए निफ़ाक़ पर लज्जित होंगे; क्योंकि जिन कमज़ोर कारणों का उन्होंने सहारा लिया था सब व्यर्थ हो गया।

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وَيَقُولُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ أَهَٰٓؤُلَآءِ ٱلَّذِينَ أَقۡسَمُواْ بِٱللَّهِ جَهۡدَ أَيۡمَٰنِهِمۡ إِنَّهُمۡ لَمَعَكُمۡۚ حَبِطَتۡ أَعۡمَٰلُهُمۡ فَأَصۡبَحُواْ خَٰسِرِينَ ٥٣

Те, которые уверовали, скажут: «Неужели это - те, которые приносили величайшие клятвы именем Аллаха о том, что они были с вами?». Тщетны были их деяния, и они оказались потерпевшими убыток.

ईमान वाले, इन मुनाफ़िक़ों (पाखंडियों) की स्थिति से चकित होकर कहते हैं : क्या यही लोग हैं जिन्होंने अपनी क़समों की पुष्टि करते हुए यह क़सम खाई थी : निःसंदेह वे ईमान, समर्थन और निष्ठा (वफ़ादारी) में (ऐ ईमान वालो!) तुम्हारे साथ हैं?! उनके कार्य व्यर्थ हो गए। अतः वे अपने उद्देश्य को खो देने और उनके लिए तैयार किए जाने वाले अज़ाब के कारण घाटा उठाने वाले हो गए।

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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مَن يَرۡتَدَّ مِنكُمۡ عَن دِينِهِۦ فَسَوۡفَ يَأۡتِي ٱللَّهُ بِقَوۡمٖ يُحِبُّهُمۡ وَيُحِبُّونَهُۥٓ أَذِلَّةٍ عَلَى ٱلۡمُؤۡمِنِينَ أَعِزَّةٍ عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ يُجَٰهِدُونَ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ وَلَا يَخَافُونَ لَوۡمَةَ لَآئِمٖۚ ذَٰلِكَ فَضۡلُ ٱللَّهِ يُؤۡتِيهِ مَن يَشَآءُۚ وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٌ ٥٤

О те, которые уверовали! Если кто-нибудь из вас отступит от своей религии, то Аллах приведет других людей, которых Он будет любить и которые будут любить Его. Они будут смиренны перед верующими и непреклонны перед неверующими, будут сражаться на пути Аллаха и не будут бояться порицания порицающих. Такова милость Аллаха, которую Он дарует, кому пожелает. Аллах - Объемлющий, Знающий.

ऐ ईमान वालो! तुममें से जो कोई अपने धर्म को छोड़कर कुफ़्र की ओर पलट जाए, तो अल्लाह उनके बदले ऐसे लोगों को लाएगा, जिनसे वह उनके सीधे मार्ग पर चलने के कारण प्रेम करेगा तथा वे उससे प्रेम करेंगे, वे ईमान वालों के प्रति दयालु तथा काफ़िरों पर बहुत सख़्त होंगे। वे अपने मालों और अपनी जानों के साथ (अल्लाह के मार्ग में) जिहाद करेंगे, ताकि अल्लाह का वचन सर्वोच्च हो। वे निंदा करने वालों की निंदा से नहीं डरेंगे, क्योंकि वे अल्लाह की प्रसन्नता को प्राणियों की प्रसन्नता से ऊपर रखने वाले होंगे। यह अल्लाह का प्रदान है, जिसे अल्लाह अपने बंदों में से उसे देता है, जिसे वह चाहता है। अल्लाह विस्तृत अनुग्रह और उपकार वाला है। उसे मालूम है कि कौन उसके अनुग्रह के योग्य है, तो वह उसे प्रदान करता है, तथा कौन उसके लायक़ नहीं है, तो उसे वंचित कर देता है।

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إِنَّمَا وَلِيُّكُمُ ٱللَّهُ وَرَسُولُهُۥ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱلَّذِينَ يُقِيمُونَ ٱلصَّلَوٰةَ وَيُؤۡتُونَ ٱلزَّكَوٰةَ وَهُمۡ رَٰكِعُونَ ٥٥

Вашим Покровителем является только Аллах, Его Посланник и верующие, которые совершают намаз, выплачивают закят и преклоняются.

यहूदी, ईसाई तथा अन्य काफिर तुम्हारे मित्र नहीं हैं, बल्कि तुम्हारे मित्र और सहायक केवल अल्लाह, उसके रसूल और वे ईमान वाले हैं, जो पूरी तरह से नमाज़ अदा करते हैं, और अपने धन की ज़कात देते हैं तथा वे अल्लाह के प्रति विनीत और विनम्र होते हैं।

5:56Страница 117

وَمَن يَتَوَلَّ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ فَإِنَّ حِزۡبَ ٱللَّهِ هُمُ ٱلۡغَٰلِبُونَ ٥٦

Если они считают Аллаха, Его Посланника и верующих своими покровителями и помощниками, то ведь поборники Аллаха непременно окажутся победителями.

जो कोई अल्लाह, उसके रसूल तथा मोमिनों से दोस्ती रखे और उनका समर्थन करे, वह अल्लाह के दल में से है। और अल्लाह का दल ही वे लोग हैं, जो विजयी रहने वाले हैं, क्योंकि अल्लाह उनका सहायक है।

5:57Страница 117

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَتَّخِذُواْ ٱلَّذِينَ ٱتَّخَذُواْ دِينَكُمۡ هُزُوٗا وَلَعِبٗا مِّنَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ مِن قَبۡلِكُمۡ وَٱلۡكُفَّارَ أَوۡلِيَآءَۚ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ ٥٧

О те, которые уверовали! Не считайте тех, которым Писание было даровано до вас и которые глумятся над вашей религией и считают ее развлечением, и неверующих своими помощниками и друзьями. Бойтесь Аллаха, если вы являетесь верующими.

ऐ ईमान वालो! उन यहूदियों और ईसाइयों को जो तुमसे पहले किताब दिए गए तथा मुश्रिकों को सहयोगी और दिली दोस्त न बनाओ, जो तुम्हारे धर्म का मज़ाक उड़ाते हैं और उसके साथ खिलवाड़ करते हैं। तथा अल्लाह से उस चीज़ से बचकर डरो, जो उसने तुम्हें उनकी दोस्ती से मना किया है, यदि तुम अल्लाह पर तथा उसपर ईमान रखने वाले हो, जो उसने तुमपर उतारा है।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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