Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
Аль-Маида 5:58–91
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وَإِذَا نَادَيۡتُمۡ إِلَى ٱلصَّلَوٰةِ ٱتَّخَذُوهَا هُزُوٗا وَلَعِبٗاۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ قَوۡمٞ لَّا يَعۡقِلُونَ ٥٨
Когда вы призываете на намаз, они насмехаются над ним и считают его развлечением. Это потому, что они - люди неразумные.
इसी तरह, वे उस समय (भी) मज़ाक उड़ाते और खेलते हैं, जब तुम नमाज़ के लिए अज़ान देते हो, जो कि अल्लाह की निकटता का सबसे महान कार्य है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे ऐसे लोग हैं जो अल्लाह की उपासना के अर्थ और उन विधानों को नहीं समझते जो उसने लोगों के लिए बनाए हैं।
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قُلۡ يَٰٓأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ هَلۡ تَنقِمُونَ مِنَّآ إِلَّآ أَنۡ ءَامَنَّا بِٱللَّهِ وَمَآ أُنزِلَ إِلَيۡنَا وَمَآ أُنزِلَ مِن قَبۡلُ وَأَنَّ أَكۡثَرَكُمۡ فَٰسِقُونَ ٥٩
Скажи: «О люди Писания! Неужели вы упрекаете нас только в том (или питаете к нам злобу только из-за того), что мы уверовали в Аллаха, в то, что ниспослано нам и что было ниспослано прежде, и в то, что большинство из вас являются нечестивцами?».
(ऐ रसूल!) आप अह्ले किताब के उपहास करने वालों से कह दें : क्या तुम हमें केवल इस बात का दोष देते हो कि हम अल्लाह पर ईमान लाए, और उसपर जो हमारी ओर उतारा गया और उसपर भी जो हमसे पहले के लोगों पर उतारा गया, तथा इस बात पर ईमान लाए कि तुममें से अधिकांश लोग ईमान और आदेशों का पालन छोड़कर अल्लाह की आज्ञाकारिता से बाहर हैं?! इस तरह तुम हमें जिस चीज़ का दोष देते हो, वह हमारे लिए प्रशंसा की बात है, निंदनीय नहीं।
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قُلۡ هَلۡ أُنَبِّئُكُم بِشَرّٖ مِّن ذَٰلِكَ مَثُوبَةً عِندَ ٱللَّهِۚ مَن لَّعَنَهُ ٱللَّهُ وَغَضِبَ عَلَيۡهِ وَجَعَلَ مِنۡهُمُ ٱلۡقِرَدَةَ وَٱلۡخَنَازِيرَ وَعَبَدَ ٱلطَّٰغُوتَۚ أُوْلَٰٓئِكَ شَرّٞ مَّكَانٗا وَأَضَلُّ عَن سَوَآءِ ٱلسَّبِيلِ ٦٠
Скажи: «Сообщить ли вам о тех, кто получит еще худшее воздаяние от Аллаха? Это - те, кого Аллах проклял, на кого Он разгневался, кого Он превратил в обезьян и свиней и кто поклонялся тагуту. Они займут еще более скверное место и еще больше сбились с прямого пути».
(ऐ रसूल!) आप कह दें : क्या मैं तुम्हें उन लोगों के बारे में बताऊँ, जो इनकी तुलना में दोष के अधिक योग्य हैं और अधिक कठोर सज़ा के हक़दार हैं? वे इनके पूर्वज ही हैं, जिन्हें अल्लाह ने अपनी दया से निकाल दिया, उनपर क्रोधित हुआ, उन्हें विरूपण के बाद वानर और सूअर बना दिया और उनमें से कुछ लोगों को ताग़ूत का पुजारी बना दिया। 'ताग़ूत' कहते हैं जिसकी अल्लाह के अलावा इस हाल में पूजा कि जाए कि वह उससे सहमत हो। ये लोग जिनका उल्लेख किया गया है, क़ियामत के दिन सबसे खराब स्थिति में होंगे, तथा सीधे रास्ते से बहुत भटके हुए होंगे।
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وَإِذَا جَآءُوكُمۡ قَالُوٓاْ ءَامَنَّا وَقَد دَّخَلُواْ بِٱلۡكُفۡرِ وَهُمۡ قَدۡ خَرَجُواْ بِهِۦۚ وَٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِمَا كَانُواْ يَكۡتُمُونَ ٦١
Придя к вам, они сказали: «Мы уверовали». Однако они вошли с неверием и вышли с ним. Аллаху лучше знать, что они утаивали.
(ऐ ईमान वालो!) जब उनमें से मुनाफ़िक़ लोग तुम्हारे पास आते हैं, तो वे अपने निफ़ाक़ के कारण तुम्हारे सामने ईमान को ज़ाहिर करते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि वे प्रवेश करते और निकलते समय कुफ़्र में लिप्त होते हैं, उससे अलग नहीं होते। तथा अल्लाह उस कुफ़्र को अच्छी तरह जानता है जो वे अपने दिलों में छिपाते हैं, यदि वे तुम्हारे सामने ईमान को ज़ाहिर करते हैं और वह शीघ्र ही उन्हें उसका प्रतिफल देगा।
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وَتَرَىٰ كَثِيرٗا مِّنۡهُمۡ يُسَٰرِعُونَ فِي ٱلۡإِثۡمِ وَٱلۡعُدۡوَٰنِ وَأَكۡلِهِمُ ٱلسُّحۡتَۚ لَبِئۡسَ مَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ٦٢
Ты видишь, что многие из них поспешают грешить, преступать границы дозволенного ипожирать запретное. Воистину, скверно то, что они совершают.
(ऐ रसूल!) आप देखेंगे कि बहुत से यहूदी और मुनाफ़िक़ पाप करने के लिए जल्दी करते हैं, जैसे कि झूठ बोलना, दूसरों पर अत्याचार करना और लोगों के माल को निषिद्ध तरीक़े से खाना। बहुत बुरा है जो कुछ वे कर रहे हैं।
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لَوۡلَا يَنۡهَىٰهُمُ ٱلرَّبَّٰنِيُّونَ وَٱلۡأَحۡبَارُ عَن قَوۡلِهِمُ ٱلۡإِثۡمَ وَأَكۡلِهِمُ ٱلسُّحۡتَۚ لَبِئۡسَ مَا كَانُواْ يَصۡنَعُونَ ٦٣
Почему же раввины и первосвященники не удерживают их от греховных речей и пожирания запретного? Воистину, скверно то, что они творят.
उनके इमाम (पथ-प्रदर्शक) और विद्वान उन्हें झूठ बोलने, झूठी गवाही देने तथा अवैध रूप से लोगों का धन खाने से क्यों नहीं रोकते? उनके इमामों और विद्वानों का रवैया जो उन्हें बुराई करने से मना नहीं करते, बहुत बुरा है।
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وَقَالَتِ ٱلۡيَهُودُ يَدُ ٱللَّهِ مَغۡلُولَةٌۚ غُلَّتۡ أَيۡدِيهِمۡ وَلُعِنُواْ بِمَا قَالُواْۘ بَلۡ يَدَاهُ مَبۡسُوطَتَانِ يُنفِقُ كَيۡفَ يَشَآءُۚ وَلَيَزِيدَنَّ كَثِيرٗا مِّنۡهُم مَّآ أُنزِلَ إِلَيۡكَ مِن رَّبِّكَ طُغۡيَٰنٗا وَكُفۡرٗاۚ وَأَلۡقَيۡنَا بَيۡنَهُمُ ٱلۡعَدَٰوَةَ وَٱلۡبَغۡضَآءَ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ كُلَّمَآ أَوۡقَدُواْ نَارٗا لِّلۡحَرۡبِ أَطۡفَأَهَا ٱللَّهُۚ وَيَسۡعَوۡنَ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَسَادٗاۚ وَٱللَّهُ لَا يُحِبُّ ٱلۡمُفۡسِدِينَ ٦٤
Иудеи сказали: «Рука Аллаха скована». Это их руки скованы, и они прокляты за то, что они сказали (или да будут скованы их руки, и да будут они прокляты за то, что они сказали). Его обе Руки простерты, и Он расходует, как пожелает. Ниспосланное тебе от твоего Господа приумножает во многих из них несправедливость и неверие. Мы посеяли между ними вражду и ненависть вплоть до Дня воскресения. Всякий раз, когда они разжигают огонь войны, Аллах тушит его. Они стремятся распространить на земле нечестие, но Аллах не любит распространяющих нечестие.
जब यहूदी कठिनाई और अकाल से पीड़ित हुए, तो कहने लगे : अल्लाह का हाथ दान करने तथा प्रदान करने से रुका हुआ है, उसके पास जो कुछ है उसे हमसे रोक रखा है। सुन लो, उनके हाथ भलाई करने और दान करने से बाँध दिए गए, और वे अपने इस कथन के कारण अल्लाह की दया से वंचित कर दिए गए। बल्कि अल्लाह सर्वशक्तिमान के दोनों हाथ भलाई और दान के साथ खुले हुए हैं, वह जैसे चाहता है, खर्च करता है। कभी विस्तार करता और कभी तंगी करता है। न कोई उसे रोकने वाला है, न कोई मजबूर करने वाला। और (ऐ रसूल!) आपकी ओर जो उतारा गया है, वह यहूदियों को सीमा के उल्लंघन और इनकार ही में बढ़ाता है; क्योंकि उनके दिल ईर्ष्या से भरे हुए हैं। तथा हमने यहूदियों के संप्रदायों के बीच शत्रुता और द्वेष डाल दिया। जब भी वे युद्ध के लिए इकट्ठे होते हैं और उसकी तैयारी करते हैं या उसे भड़काने की साज़िश रचते हैं, तो अल्लाह उन्हें तितर-बितर कर देता है और उनकी शक्ति छीन लेता है। तथा वे निरंतर ऐसा कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे धरती पर उपद्रव हो, जैसे कि इस्लाम को खत्म करने और उसके विरुद्ध साज़िश रचने का प्रयास। और अल्लाह उपद्रव करने वालों से प्रेम नहीं करता।
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وَلَوۡ أَنَّ أَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ ءَامَنُواْ وَٱتَّقَوۡاْ لَكَفَّرۡنَا عَنۡهُمۡ سَيِّـَٔاتِهِمۡ وَلَأَدۡخَلۡنَٰهُمۡ جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ ٦٥
Если бы люди Писания уверовали и устрашились, то Мы простили бы им злодеяния и ввели бы их в Сады блаженства.
यदि यहूदी और ईसाई मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम द्वारा लाई हुई शरीयत पर ईमान ले आते तथा पापों से बचकर अल्लाह से डरते, तो हम अवश्य उनके द्वारा किए गए पापों को उनसे दूर कर देते, भले ही वे बहुत थे। तथा हम अवश्य उन्हें क़ियामत के दिन नेमतों वाली जन्नतों में दाख़िल करते, जिसमें वे निर्बाध नेमतों का आनंद लेते।
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وَلَوۡ أَنَّهُمۡ أَقَامُواْ ٱلتَّوۡرَىٰةَ وَٱلۡإِنجِيلَ وَمَآ أُنزِلَ إِلَيۡهِم مِّن رَّبِّهِمۡ لَأَكَلُواْ مِن فَوۡقِهِمۡ وَمِن تَحۡتِ أَرۡجُلِهِمۚ مِّنۡهُمۡ أُمَّةٞ مُّقۡتَصِدَةٞۖ وَكَثِيرٞ مِّنۡهُمۡ سَآءَ مَا يَعۡمَلُونَ ٦٦
Если бы они руководствовались Тауратом (Торой), Инджилом (Евангелием) и тем, что было ниспослано им от их Господа, то они питались бы тем, что над ними, и тем, что у них под ногами. Среди них есть умеренные люди (праведники, уверовавшие в Пророка Мухаммада, избегающие чрезмерности в религии и не делающие упущений), но плохо то, что совершают многие из них.
यदि यहूदी उसके अनुसार काम करते जो तौरात में है, तथा ईसाई उसके अनुसार काम करते जो इंजील में है और वे सभी उसके अनुसार काम करते जो उनपर क़ुरआन उतारा गया है - तो मैं उनके लिए बारिश उतारने और अन्न उगाने जैसे जीविका के साधन सुगम कर देता। किताब वालों में से कुछ लोग सत्य पर स्थिर मध्यम मार्ग वाले हैं। जबकि उनमें से बहुत से लोग ईमान न होने के कारण बुरे कार्य करने वाले हैं।
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۞ يَٰٓأَيُّهَا ٱلرَّسُولُ بَلِّغۡ مَآ أُنزِلَ إِلَيۡكَ مِن رَّبِّكَۖ وَإِن لَّمۡ تَفۡعَلۡ فَمَا بَلَّغۡتَ رِسَالَتَهُۥۚ وَٱللَّهُ يَعۡصِمُكَ مِنَ ٱلنَّاسِۗ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلۡكَٰفِرِينَ ٦٧
О Посланник! Возвести то, что ниспослано тебе от своего Господа. Если ты не сделаешь этого, то не донесешь Его послания. Аллах защитит тебя от людей. Воистину, Аллах не наставляет на прямой путь неверующих людей.
ऐ रसूल! जो कुछ आपके पालनहार की ओर से आपपर उतारा गया है, उसे पूरी तरह से पहुँचा दें, उसमें से कुछ भी न छिपाएँ। यदि आपने उसमें से कुछ भी छिपा लिया, तो आप अपने रब के संदेश को पहुँचाने वाले नहीं माने जाएँगे। (वस्तुतः अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हर उस चीज़ को पहुँचा दिया है, जिसके पहुँचाने का आपको आदेश दिया गया था। अतः जो कोई भी इसके विपरीत दावा करे, तो निःसंदेह उसने अल्लाह के खिलाफ़ सबसे बड़ा झूठ बोला है)। तथा अल्लाह आज के बाद लोगों से आपकी रक्षा करेगा। इसलिए वे आप तक बुराई के साथ नहीं पहुँच सकते। अतः आपका काम केवल पहुँचा देना है। और अल्लाह उन काफ़िरों को मार्गदर्शन नहीं प्रदान करता, जो मार्गदर्शन नहीं चाहते हैं।
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قُلۡ يَٰٓأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لَسۡتُمۡ عَلَىٰ شَيۡءٍ حَتَّىٰ تُقِيمُواْ ٱلتَّوۡرَىٰةَ وَٱلۡإِنجِيلَ وَمَآ أُنزِلَ إِلَيۡكُم مِّن رَّبِّكُمۡۗ وَلَيَزِيدَنَّ كَثِيرٗا مِّنۡهُم مَّآ أُنزِلَ إِلَيۡكَ مِن رَّبِّكَ طُغۡيَٰنٗا وَكُفۡرٗاۖ فَلَا تَأۡسَ عَلَى ٱلۡقَوۡمِ ٱلۡكَٰفِرِينَ ٦٨
Скажи: «О люди Писания! Вы не будете идти прямым путем, пока не станете руководствоваться Тауратом (Торой), Инджилом (Евангелием) и тем, что ниспослано вам от вашего Господа». Ниспосланное тебе от твоего Господа приумножает во многих из них несправедливость и неверие. Не печалься же о неверующих людях.
(ऐ रसूल!) आप कह दें : (ऐ यहूदियो तथा ईसाइयो!) तुम धर्म की किसी गणनीय चीज़ पर नहीं हो, यहाँ तक कि तुम उसके अनुसार काम करो जो कुछ तौरात और इंजील में है तथा उस क़ुरआन पर अमल करो जो तुमपर उतारा गया है, कि जिसपर ईमान लाए और उसकी शिक्षाओं पर अमल किए बिना तुम्हारा ईमान सही नहीं हो सकता। तथा निश्चय ही आपकी ओर आपके पालनहार की तरफ़ से जो पुस्तक उतारी गई है, वह बहुत से किताब वालों को, उनकी ईर्ष्या के कारण, सरकशी और कुफ़्र में अवश्य बढ़ा देगी।अतः आप इन काफ़िरों पर खेद न करें। तथा ईमान वालों में से जो आपका अनुसरण करने वाले हैं, वही आपके लिए काफ़ी हैं।
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إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَٱلَّذِينَ هَادُواْ وَٱلصَّٰبِـُٔونَ وَٱلنَّصَٰرَىٰ مَنۡ ءَامَنَ بِٱللَّهِ وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡأٓخِرِ وَعَمِلَ صَٰلِحٗا فَلَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ ٦٩
Воистину, верующие, а также иудеи, сабии и христиане, которые уверовали в Аллаха и в Последний день и поступали праведно, не познают страха и не будут опечалены.
मोमिन, यहूदी, साबी (ये किसी नबी को मानने वालों का एक समूह था) तथा ईसाई, इनमें से जो कोई भी अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान लाए और अच्छे कर्म करे, तो ऐसे लोगों को उस चीज़ के बारे में जिसका वे सामना करने वाले हैं न कोई भय है, और न ही दुनिया में से जो चीज़ उनसे छूट गई है, उसके लिए उन्हें कोई मलाल होगा।
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لَقَدۡ أَخَذۡنَا مِيثَٰقَ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ وَأَرۡسَلۡنَآ إِلَيۡهِمۡ رُسُلٗاۖ كُلَّمَا جَآءَهُمۡ رَسُولُۢ بِمَا لَا تَهۡوَىٰٓ أَنفُسُهُمۡ فَرِيقٗا كَذَّبُواْ وَفَرِيقٗا يَقۡتُلُونَ ٧٠
Мы уже заключили завет с сынами Исраила (Израиля) и отправили к ним посланников. Каждый раз, когда посланники приносили им то, что им было не по душе, они нарекали лжецами одних и убивали других.
हमने बनी इसराईल से सुनने और मानने का दृढ़ वचन लिया, और हमने उनकी ओर रसूल भेजे ताकि उन्हें अल्लाह की शरीयत (नियम) पहुँचाएँ। परंतु उन्होंने उस वचन को तोड़ दिया जो उनसे लिया गया था, तथा उन्होंने अपनी इच्छाओं के पीछे चलते हुए उस चीज़ से उपेक्षा की जो उनके रसूल उनके पास लेकर आए थे, तथा उनमें से कुछ को झुठला दिया तथा कुछ को क़त्ल कर दिया।
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وَحَسِبُوٓاْ أَلَّا تَكُونَ فِتۡنَةٞ فَعَمُواْ وَصَمُّواْ ثُمَّ تَابَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمۡ ثُمَّ عَمُواْ وَصَمُّواْ كَثِيرٞ مِّنۡهُمۡۚ وَٱللَّهُ بَصِيرُۢ بِمَا يَعۡمَلُونَ ٧١
Они посчитали, что не будет искушения, и потому стали слепы и глухи. Затем Аллах принял их покаяние, после чего многие из них снова стали слепы и глухи. Аллах видит то, что они совершают.
उन्होंने सोचा कि उनके अनुबंधों और वचनों को तोड़ने, तथा नबियों को झुठलाने और उन्हें क़त्ल करने के परिणामस्वरूप उन्हें कोई नुक़सान नहीं होगा। परंतु उसका वह परिणाम सामने आया जो उन्होंने नहीं सोचा था। चुनाँचे वे सत्य से अंधे हो गए, उन्हें उसका रास्ता नज़र नहीं आता, तथा वे उसे स्वीकार करने के इरादे से सुनने से बहरे हो गए। फिर अल्लाह ने अपने अनुग्रह से उनकी तौबा क़बूल की। फिर इसके बाद वे पुनः सत्य से अंधे हो गए, और उसे सुनने से बहरे हो गए। उनमें से बहुतों के साथ ऐसा हुआ। तथा वे जो कुछ करते हैं, अल्लाह उसे ख़ूब देखने वाला है। इसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह उन्हें इसका बदला देगा।
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لَقَدۡ كَفَرَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ إِنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡمَسِيحُ ٱبۡنُ مَرۡيَمَۖ وَقَالَ ٱلۡمَسِيحُ يَٰبَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ ٱعۡبُدُواْ ٱللَّهَ رَبِّي وَرَبَّكُمۡۖ إِنَّهُۥ مَن يُشۡرِكۡ بِٱللَّهِ فَقَدۡ حَرَّمَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِ ٱلۡجَنَّةَ وَمَأۡوَىٰهُ ٱلنَّارُۖ وَمَا لِلظَّٰلِمِينَ مِنۡ أَنصَارٖ ٧٢
Не уверовали те, которые говорят: «Аллах - это Мессия, сын Марьям (Марии)». Мессия сказал: «О сыны Исраила (Израиля)! Поклоняйтесь Аллаху, Господу моему и Господу вашему». Воистину, кто приобщает к Аллаху сотоварищей, тому Он запретил Рай. Его пристанищем будет Геенна, и у беззаконников не будет помощников.
निःसंदेह उन ईसाइयों ने कुफ़्र किया, जिन्होंने कहा कि "अल्लाह तो ईसा बिन मरयम ही है।" क्योंकि उन्होंने अल्लाह के सिवा दूसरे को पूज्य बना दिया। जबकि स्वयं ईसा बिन मरयम ने उनसे कहा था : ऐ बनी इसराईल! केवल अल्लाह की इबादत करो। क्योंकि वही मेरा पालनहार और तुम्हारा पालनहार है। इसलिए हम उसके बंदे होने में बराबर हैं। इसका कारण यह है कि जो कोई भी अल्लाह के साथ उसके अलावा किसी भी चीज़ को साझी ठहराता है, तो अल्लाह ने उसे हमेशा के लिए जन्नत में प्रवेश करने से रोक दिया है, और उसका ठिकाना जहन्नम की आग है। उसके लिए अल्लाह के पास न कोई सहायक है, न कोई मददगार, और न ही कोई उद्धारकर्ता है जो उसे उस यातना से बचा सके, जिसकी वह प्रतीक्षा कर रहा है।
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لَّقَدۡ كَفَرَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ إِنَّ ٱللَّهَ ثَالِثُ ثَلَٰثَةٖۘ وَمَا مِنۡ إِلَٰهٍ إِلَّآ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞۚ وَإِن لَّمۡ يَنتَهُواْ عَمَّا يَقُولُونَ لَيَمَسَّنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۡهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٌ ٧٣
Не уверовали те, которые говорят: «Аллах является третьим в троице». Нет божества, кроме Единственного Бога! Если они не отрекутся от того, что говорят, то неверующих из их числа коснутся мучительные страдания.
उन ईसाइयों ने (भी) कुफ़्र किया, जो कहते हैं : अल्लाह तीन से बना है, वे हैं : पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा। अल्लाह उनकी इन बातों से बहुत बुलंद है। क्योंकि अल्लाह अनेक नहीं है। बल्कि वह केवल एक पूज्य है, जिसका कोई साझी नहीं। यदि वे इस जघन्य बात से नहीं रुके, तो उन्हें एक दर्दनाक यातना पहुँचेगी।
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أَفَلَا يَتُوبُونَ إِلَى ٱللَّهِ وَيَسۡتَغۡفِرُونَهُۥۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ ٧٤
Неужели они не раскаются перед Аллахом и не попросят у Него прощения? Ведь Аллах - Прощающий, Милосердный.
तो क्या ये लोग अपनी इस बात से, अल्लाह के समक्ष उससे तौबा करते हुए, पीछे नहीं हटते और उस शिर्क के लिए उससे क्षमा नहीं माँगते जो उन्होंने किया था?! तथा अल्लाह किसी भी गुनाह से तौबा करने वाले को क्षमा कर देने वाला है, भले ही वह गुनाह कुफ़्र ही क्यों न हो, वह ईमान वालों पर बहुत मेहरबान है।
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مَّا ٱلۡمَسِيحُ ٱبۡنُ مَرۡيَمَ إِلَّا رَسُولٞ قَدۡ خَلَتۡ مِن قَبۡلِهِ ٱلرُّسُلُ وَأُمُّهُۥ صِدِّيقَةٞۖ كَانَا يَأۡكُلَانِ ٱلطَّعَامَۗ ٱنظُرۡ كَيۡفَ نُبَيِّنُ لَهُمُ ٱلۡأٓيَٰتِ ثُمَّ ٱنظُرۡ أَنَّىٰ يُؤۡفَكُونَ ٧٥
Мессия, сын Марьям (Марии), был всего лишь посланником. До него тоже были посланники, а его мать была правдивейшей женщиной. Оба они принимали пищу. Посмотри, как Мы разъясняем им знамения. А затем посмотри, до чего они отвращены от истины.
मरयम के पुत्र ईसा मसीह (अल्लाह के) रसूलों में से एक रसूल के अलावा कुछ नहीं हैं। उन्हें भी उन्हीं रसूलों की तरह मौत से गुज़रना पड़ेगा। तथा उनकी माँ मरयम - अलैहस्सलाम - बहुत सच्ची तथा अल्लाह की बातों की पुष्टि करने वाली थीं और वे दोनों ही खाना खाया करते थे, क्योंकि उन्हें इसकी आवश्यकता थी। फिर भला वे भोजन की आवश्यकता के साथ पूज्य कैसे हो सकते हैं?! (ऐ रसूल!) आप चिंतनशील दृष्टि से देखें : हम उनके लिए उन निशानियों को किस प्रकार खोल-खोलकर बयान करते हैें, जो अल्लाह के एकेश्वरवाद को दर्शाती हैं तथा अल्लाह के अलावा की ओर उलूहियत (पूज्य होने) की निस्बत करने में उनकी अतिशयोक्ति की अमान्यता को इंगित करती हैं। इसके बावजूद वे इन निशानियों की उपेक्षा करते हैं। फिर आप एक चिंतनशील दृष्टि से देखें : अल्लाह के एकत्व को दर्शाने वाली इन स्पष्ट निशानियों के बावजूद, वे किस प्रकार सत्य से पूरी तरह से फेरे जाते हैं।
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قُلۡ أَتَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَمۡلِكُ لَكُمۡ ضَرّٗا وَلَا نَفۡعٗاۚ وَٱللَّهُ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ ٧٦
Скажи: «Неужели вы станете поклоняться вместо Аллаха тому, что не властно принести вам ни вреда, ни пользы? Это Аллах является Слышащим, Знающим!».
(ऐ रसूल!) आप उनके अल्लाह के अलावा की इबादत करने में उनके विरुद्ध तर्क देते हुए कह दें : क्या तुम ऐसी चीज़ की इबादत करते हो, जो न तुम्हें कोई लाभ पहुँचा सकती है और न तुमसे कोई नुक़सान दूर कर सकती है?! अतः वह अक्षम और विवश है, और अल्लाह विवशता से पाक है। तथा केवल अल्लाह ही तुम्हारी सभी बातों को सुनने वाला है, इसलिए उनमें से कोई भी चीज़ उससे नहीं छूटती है, तुम्हारे सभी कर्मों को जानने वाला है, इसलिए उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। तथा वह तुम्हें उनका बदला देगा।
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قُلۡ يَٰٓأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لَا تَغۡلُواْ فِي دِينِكُمۡ غَيۡرَ ٱلۡحَقِّ وَلَا تَتَّبِعُوٓاْ أَهۡوَآءَ قَوۡمٖ قَدۡ ضَلُّواْ مِن قَبۡلُ وَأَضَلُّواْ كَثِيرٗا وَضَلُّواْ عَن سَوَآءِ ٱلسَّبِيلِ ٧٧
Скажи: «О люди Писания! Не проявляйте чрезмерности в вашей религии вопреки истине и не потакайте желаниям людей, которые еще раньше впали в заблуждение, ввели в заблуждение многих других и сбились с прямого пути».
(ऐ रसूल!) आप ईसाइयों से कह दें : तुम्हें सत्य का अनुसरण करने का जो आदेश दिया गया है, उसमें सीमा से आगे न बढ़ो, तथा तुम्हें जिनके सम्मान का हुक्म दिया गया है (जैसे कि नबी गण), उनका सम्मान करने में अतिशयोक्ति न करो कि उनके बारे में ईश्वरत्व की आस्था रखने लगो, जैसा कि तुमने ईसा बिन मरयम के साथ किया। तुमने ऐसा अपने उन पथभ्रष्ट पूर्वजों का अनुसरण करने के कारण किया है, जिन्होंने बहुत-से लोगों को सीधे मार्ग से भटकाया और खुद भी सत्य के मार्ग से भटक गए।
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لُعِنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۢ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ عَلَىٰ لِسَانِ دَاوُۥدَ وَعِيسَى ٱبۡنِ مَرۡيَمَۚ ذَٰلِكَ بِمَا عَصَواْ وَّكَانُواْ يَعۡتَدُونَ ٧٨
Неверующие сыны Исраила (Израиля) были прокляты языком Давуда (Давида) и Исы (Иисуса), сына Марьям (Марии). Это произошло потому, что они ослушались и преступали границы дозволенного.
अल्लाह तआला बता रहा है कि उसने बनी इसराईल के काफ़िरों को अपनी दया से निष्कासित कर दिया। इसका वर्णन उस किताब में है, जो उसने दाऊद अलैहिस्सलाम पर उतारी अर्थात् ज़बूर, तथा उस किताब में है, जो उसने ईसा बिन मरयम पर अवतिरत की और वह इंजील है। दया से यह निष्कासन उनके द्वारा किए गए पापों और अल्लाह की वर्जनाओं की पवित्रता भंग करने के कारण था।
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كَانُواْ لَا يَتَنَاهَوۡنَ عَن مُّنكَرٖ فَعَلُوهُۚ لَبِئۡسَ مَا كَانُواْ يَفۡعَلُونَ ٧٩
Они не удерживали друг друга от предосудительных поступков, которые они совершали. Как же скверно было то, что они делали!
वे एक-दूसरे को बुराई करने से रोकते नहीं थे। बल्कि उनमें से अवज्ञाकारी लोग उन पापों और बुराइयों को सार्वजनिक रूप से किया करते थे। क्योंकि उन्हें बुराई से रोकने वाला कोई नहीं था। बुराई से रोकना छोड़कर वे बहुत बुरा कर रहे थे।
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تَرَىٰ كَثِيرٗا مِّنۡهُمۡ يَتَوَلَّوۡنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْۚ لَبِئۡسَ مَا قَدَّمَتۡ لَهُمۡ أَنفُسُهُمۡ أَن سَخِطَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمۡ وَفِي ٱلۡعَذَابِ هُمۡ خَٰلِدُونَ ٨٠
Ты видишь, что многие из них дружат с неверующими. Скверно то, что уготовили им их души, ведь поэтому Аллах разгневался на них. Они будут мучаться вечно.
(ऐ रसूल!) इन यहूदियों में से बहुत-से काफ़िरों को आप देखेंगे कि वे काफ़िरों से प्रेम करते हैं तथा उनकी ओर झुकाव रखते हैं, जबकि वे आपके प्रति शत्रुतापूर्ण हैं और एकेश्वरवादियों से शत्रुता रखते हैं। उनका काफ़िरों से दोस्ती रखने का यह कार्य बहुत बुरा है। क्योंकि यह अल्लाह के उनपर क्रोधित होने और उन्हें नरक की आग में डालने का कारण है, जिसमें वे हमेशा के लिए रहेंगे, वहाँ से वे कभी न निकलेंगे।
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وَلَوۡ كَانُواْ يُؤۡمِنُونَ بِٱللَّهِ وَٱلنَّبِيِّ وَمَآ أُنزِلَ إِلَيۡهِ مَا ٱتَّخَذُوهُمۡ أَوۡلِيَآءَ وَلَٰكِنَّ كَثِيرٗا مِّنۡهُمۡ فَٰسِقُونَ ٨١
Если бы они уверовали в Аллаха, Пророка и то, что было ниспослано ему, то не стали бы брать их себе в помощники и друзья. Но многие из них являются нечестивцами.
यदि ये यहूदी वास्तव में अल्लाह तथा उसके रसूल पर ईमान रखते होते, तो बहुदेववादियों को मित्र न बनाते कि मोमिनों को छोड़कर उनसे प्यार करते और उनकी ओर झुकाव रखते। क्योंकि उन्हें काफ़िरों को दोस्त बनाने से मना किया गया था। लेकिन इन यहूदियों में से बहुत-से लोग अल्लाह की आज्ञाकारिता और उसकी संरक्षकता तथा मोमिनों की संरक्षकता से बाहर हैं।
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۞ لَتَجِدَنَّ أَشَدَّ ٱلنَّاسِ عَدَٰوَةٗ لِّلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱلۡيَهُودَ وَٱلَّذِينَ أَشۡرَكُواْۖ وَلَتَجِدَنَّ أَقۡرَبَهُم مَّوَدَّةٗ لِّلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ إِنَّا نَصَٰرَىٰۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّ مِنۡهُمۡ قِسِّيسِينَ وَرُهۡبَانٗا وَأَنَّهُمۡ لَا يَسۡتَكۡبِرُونَ ٨٢
Ты непременно найдешь самыми лютыми врагами верующих иудеев и многобожников. Ты также непременно найдешь, что ближе всех в любви к верующим, являются те, которые говорят: «Мы - христиане». Это потому, что среди них есть священники и монахи, и потому, что они не проявляют высокомерия.
(ऐ रसूल!) आप उन लोगों के लिए, जो आपपर और आपकी लाई हुई शरीयत पर ईमान लाने वाले हैं, सभी लोगों में सबसे बड़ी दुश्मनी रखने वाला यहूदियों को पाएँगे; क्योंकि उनके अंदर द्वेष, ईर्ष्या और अहंकार पाया जाता है, तथा मूर्तिपूजकों और अन्य शिर्क करने वालों को पाएँगे। तथा आप उन लोगों के लिए, जो आपपर और आपकी लाई हुई शरीयत पर ईमान लाने वाले हैं, उनमें से दोस्ती में सबसे निकट उन लोगों को पाएँगे, जो अपने बारे में कहते हैं कि : वे ईसाई हैं। ईमान वालों के साथ उनके स्नेह की निकटता का कारण यह है कि उनमें विद्वान हैं और उपासक हैं। और यह कि वे विनीत हैं, अभिमानी नहीं हैं, क्योंकि अभिमानी के हृदय में अच्छी बात प्रवेश नहीं करती।
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وَإِذَا سَمِعُواْ مَآ أُنزِلَ إِلَى ٱلرَّسُولِ تَرَىٰٓ أَعۡيُنَهُمۡ تَفِيضُ مِنَ ٱلدَّمۡعِ مِمَّا عَرَفُواْ مِنَ ٱلۡحَقِّۖ يَقُولُونَ رَبَّنَآ ءَامَنَّا فَٱكۡتُبۡنَا مَعَ ٱلشَّٰهِدِينَ ٨٣
Когда они слышат то, что было ниспослано Посланнику, ты видишь, как их глаза переполняются слезами по причине истины, которую они узнают. Они говорят: «Господь наш! Мы уверовали. Запиши же нас в число свидетелей.
और इन लोगों (जैसे नजाशी और उनके साथियों) के दिल बड़े नरम हैं। यही कारण है कि क़ुरआन का पाठ सुनने के समय जब उन्हें पता चलता है कि वह सत्य है, तो विनम्रता से रोते हैं; क्योंकि वे उसे पहचानते हैं जो ईसा अलैहिस्सलाम लेकर आए थे। वे कहते हैं : ऐ हमारे रब! हम उसपर ईमान लाए, जो तूने अपने रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारा है। अतः (ऐ हमारे रब!) हमें मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उम्मत के साथ लिख ले, जो क़ियामत के दिन लोगों के ख़िलाफ हुज्जत (गवाही देने वाले) होंगे।
5:84Страница 122
وَمَا لَنَا لَا نُؤۡمِنُ بِٱللَّهِ وَمَا جَآءَنَا مِنَ ٱلۡحَقِّ وَنَطۡمَعُ أَن يُدۡخِلَنَا رَبُّنَا مَعَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلصَّٰلِحِينَ ٨٤
Отчего нам не веровать в Аллаха и ту истину, которая явилась к нам? Мы желаем, чтобы наш Господь ввел нас вРай вместе с праведными людьми».
वह कौन-सा कारण है जो हमें अल्लाह पर तथा उस सत्य पर ईमान लाने से रोकता है, जो मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लेकर आए हैं?! हालाँकि हम नबियों तथा उनके अनुयायियों के साथ जन्नत में प्रवेश करने की आशा करते हैं, जो अल्लाह के आज्ञाकारी हैं और उसकी सज़ा से डरने वाले हैं।
5:85Страница 122
فَأَثَٰبَهُمُ ٱللَّهُ بِمَا قَالُواْ جَنَّٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَاۚ وَذَٰلِكَ جَزَآءُ ٱلۡمُحۡسِنِينَ ٨٥
Аллах вознаградил их за то, что они сказали, Райскими садами, в которых текут реки и в которых они пребудут вечно. Таково воздаяние творящим добро.
इसलिए अल्लाह ने उनके ईमान लाने तथा सत्य को मानने के बदले में उन्हें ऐसे बाग़ प्रदान किए, जिनके महलों तथा पेड़ों के नीचे से नहरें बहती हैं, जिनमें वे सदा सर्वदा के लिए रहेंगे। तथा यही उत्तमता के साथ सत्य का पालन करने और बिना शर्त के उसके अधीन होने वालों का प्रतिफल है।
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وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَكَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَآ أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَحِيمِ ٨٦
А те, которые не уверовали и сочли ложью Наши знамения, являются обитателями Ада.
जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया, तथा अल्लाह की उन आयतों को झुठलाया, जो उसने अपने रसूल पर उतारी थीं, वही लोग सदैव धधकती आग में रहने वाले हैं, वे कभी भी उससे बाहर नहीं निकलेंगे।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تُحَرِّمُواْ طَيِّبَٰتِ مَآ أَحَلَّ ٱللَّهُ لَكُمۡ وَلَا تَعۡتَدُوٓاْۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ ٱلۡمُعۡتَدِينَ ٨٧
О те, которые уверовали! Не запрещайте блага, которые Аллах сделал дозволенными для вас, и не преступайте границы дозволенного. Воистину, Аллах не любит преступников.
ऐ ईमान वालो! खाने, पीने और महिलाओं में से आनंददायक वैध चीज़ों को हराम न ठहराओ, उन्हें ज़ुह्द (दुनिया से अरूचि) या उपासना के रूप में निषिद्ध मत करो, तथा उसकी सीमा से आगे न बढ़ो, जो अल्लाह ने तुमपर हराम किया है। निःसंदेह अल्लाह उन लोगों से प्यार नहीं करता, जो उसकी सीमाओं का उल्लंघन करते हैं, बल्कि वह उनसे नफ़रत करता है।
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وَكُلُواْ مِمَّا رَزَقَكُمُ ٱللَّهُ حَلَٰلٗا طَيِّبٗاۚ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ ٱلَّذِيٓ أَنتُم بِهِۦ مُؤۡمِنُونَ ٨٨
Ешьте из того, чем Аллах наделил вас, дозволенное и благое, и бойтесь Аллаха, в Которого вы веруете.
अल्लाह अपनी जीविका में से जो कुछ तुम्हें प्रदान करता है, उसमें से इस हाल में खाओ कि वह हलाल और पवित्र (अच्छी) हो, उस समय नहीं अगर वह हराम हो जैसे कि बलपूर्वक ली गई या गंदी चीज़। तथा अल्लाह से, उसकी आज्ञाओं का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, डरो। क्योंकि अल्लाह वही है जिसपर तुम ईमान रखते हो और तुम्हारा उसपर ईमान रखना तुम्हारे लिए यह आवश्यक कर देता है कि तुम उससे डरो।
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لَا يُؤَاخِذُكُمُ ٱللَّهُ بِٱللَّغۡوِ فِيٓ أَيۡمَٰنِكُمۡ وَلَٰكِن يُؤَاخِذُكُم بِمَا عَقَّدتُّمُ ٱلۡأَيۡمَٰنَۖ فَكَفَّٰرَتُهُۥٓ إِطۡعَامُ عَشَرَةِ مَسَٰكِينَ مِنۡ أَوۡسَطِ مَا تُطۡعِمُونَ أَهۡلِيكُمۡ أَوۡ كِسۡوَتُهُمۡ أَوۡ تَحۡرِيرُ رَقَبَةٖۖ فَمَن لَّمۡ يَجِدۡ فَصِيَامُ ثَلَٰثَةِ أَيَّامٖۚ ذَٰلِكَ كَفَّٰرَةُ أَيۡمَٰنِكُمۡ إِذَا حَلَفۡتُمۡۚ وَٱحۡفَظُوٓاْ أَيۡمَٰنَكُمۡۚ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمۡ ءَايَٰتِهِۦ لَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ ٨٩
Аллах не взыщет с вас за празднословные клятвы, но взыщет за то, что вы скрепили клятвами. В искупление этого необходимо накормить десятерых бедняков средним (или лучшим) из того, чем вы кормите свои семьи, или одеть их, или освободить раба. Кто не сможет сделать этого, тот должен поститься в течение трех дней. Таково искупление ваших клятв, если вы поклялись инарушили клятву. Оберегайте же свои клятвы. Так Аллах разъясняет вам Свои знамения, - быть может, вы будете благодарны.
ऐ मोमिनो! अल्लाह तुमसे उन क़समों का कोई हिसाब नहीं लेगा, जो तुम्हारी ज़बानों पर बिना इरादे के आ जाती हैं। वह केवल तुमसे उस क़सम का हिसाब लेगा, जिसका तुमने दृढ़ निश्चय किया और अपने दिल से उसका पक्का इरादा किया और फिर उसे तोड़ दिया। जब तुम ऐसी क़सम को तोड़ दो, जिसका तुमने दृढ़ निश्चय किया था, तो तीन चीज़ों में से किसी एक चीज़ का करना तुमसे उसके पाप को मिटा देगा : अपने शहर के औसत भोजन से दस ग़रीबों को प्रत्येक ग़रीब के लिए आधा सा' के हिसाब से खाना खिलाना, या उन्हें ऐसे कपड़े पहनाना जो प्रथागत कपड़ा माना जाता है, अथवा एक मोमिन दास मुक्त करना। यदि अपनी क़सम का प्रायश्चित करने वाला इन तीनों चीज़ों में से कोई एक भी न पाए, तो वह अपनी क़सम का प्रायश्चित तीन दिन के रोज़े रखकर करेगा। (ऐ मोमिनो!) यह जिसका उल्लेख किया गया है, तुम्हारी क़समों का प्रायश्चित है - जब तुम अल्लाह की क़सम खा लो और उसे तोड़ दो। तथा अपनी क़समों की हिफ़ाज़त करते हुए अल्लाह की झूठी क़सम खाने से, तथा अल्लाह की बहुत अधिक क़सम खाने से और क़सम को न पूरी करने से बचो, सिवाय इसके कि क़सम पूरी न करना बेहतर हो। तो ऐसी स्थिति में जो कर्म अच्छा हो उसे करो तथा अपनी क़समों का प्रायश्चित करो। जिस प्रकार अल्लाह ने तुम्हारे लिए क़सम का कफ़्फ़ारा वर्णन किया है, उसी तरह वह तुम्हारे लिए हलाल व हराम को स्पष्ट करने वाले प्रावधानों को स्पष्ट करता है, ताकि तुम अल्लाह के आभारी बनो कि उसने तुम्हें उन चीज़ों का ज्ञान प्रदान किया है, जो तुम नहीं जानते थे।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِنَّمَا ٱلۡخَمۡرُ وَٱلۡمَيۡسِرُ وَٱلۡأَنصَابُ وَٱلۡأَزۡلَٰمُ رِجۡسٞ مِّنۡ عَمَلِ ٱلشَّيۡطَٰنِ فَٱجۡتَنِبُوهُ لَعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ ٩٠
О те, которые уверовали! Воистину, опьяняющие напитки, азартные игры, каменные жертвенники (или идолы) и гадальные стрелы являются скверной из деяний дьявола. Сторонитесь же ее, - быть может, вы преуспеете.
ऐ ईमान वालो! नशा पैदा करने वाली चीज़ जिससे चेतना शून्य हो जाए, जुआ जिसमें दोनों पक्षों की ओर से धन लगा हो, वह पत्थर जिसके पास मुश्रिक लोग उसके सम्मान में जानवर ज़बह करते हैं अथवा जिसे उसकी पूजा करने के लिए लगाते हैं, और पाँसे के तीर जिनके द्वारा वे अपना अनदेखा भाग्य जानने की कोशिश करते थे, ये सब शैतान द्वारा शोभित किए गए पाप के काम हैं। अतः इनसे दूर रहो, ताकि तुम्हें दुनिया में अच्छा जीवन तथा आख़िरत में जन्नत का आनंद प्राप्त हो।
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إِنَّمَا يُرِيدُ ٱلشَّيۡطَٰنُ أَن يُوقِعَ بَيۡنَكُمُ ٱلۡعَدَٰوَةَ وَٱلۡبَغۡضَآءَ فِي ٱلۡخَمۡرِ وَٱلۡمَيۡسِرِ وَيَصُدَّكُمۡ عَن ذِكۡرِ ٱللَّهِ وَعَنِ ٱلصَّلَوٰةِۖ فَهَلۡ أَنتُم مُّنتَهُونَ ٩١
Воистину, дьявол при помощи опьяняющих напитков и азартных игр хочет посеять между вами вражду и ненависть и отвратить вас от поминания Аллаха и намаза. Неужели вы не прекратите?
मादक पदार्थों तथा जुए को सुंदर बनाकर शैतान का इरादा तो सिर्फ दिलों के बीच दुश्मनी और नफरत पैदा करना, तथा अल्लाह के स्मरण से और नमाज़ से ध्यान भटकाना है। तो क्या तुम (ऐ मोमिनो!) इन बुरे कामों को छोड़ने वाले हो? इसमें कोई संदेह नहीं कि यही तुम्हारे लिए उपयुक्त है, इसलिए बाज़ आ जाओ।
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