Аль-МухтасарАт‑Тур · 52:1–49

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

الطور

Ат-Тур

Гора · Мекканская · 49 аятов

52:1Страница 523

وَٱلطُّورِ ١

Клянусь горой!

अल्लाह ने उस पर्वत की क़सम खाई है, जिसपर उसने मूसा अलैहिस्सलाम से बात की थी।

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وَكِتَٰبٖ مَّسۡطُورٖ ٢

Клянусь Писанием, начертанным

और उस किताब की क़सम खाई है, जो लिखी हुई है।

52:3Страница 523

فِي رَقّٖ مَّنشُورٖ ٣

на развернутой нежной коже!

ऐसे पन्ने में जो खुला हुआ है, जैसै कि आकाश से उतरने वाली पुस्तकें।

52:4Страница 523

وَٱلۡبَيۡتِ ٱلۡمَعۡمُورِ ٤

Клянусь домом наполненным (храмом на седьмом небе)!

और उस घर की क़सम खाई है, जिसे फ़रिश्ते आकाश में अल्लाह की इबादत से आबाद रखते हैं।

52:5Страница 523

وَٱلسَّقۡفِ ٱلۡمَرۡفُوعِ ٥

Клянусь кровлей возведенной!

और ऊँचे आकाश की क़सम खाई है, जो धरती की छत है।

52:6Страница 523

وَٱلۡبَحۡرِ ٱلۡمَسۡجُورِ ٦

Клянусь морем разожженным (или переполненным; или опустевшим; или перемешанным; или удерживаемым)!

और जल से भरे हुए समुद्र की क़सम खाई है।

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إِنَّ عَذَابَ رَبِّكَ لَوَٰقِعٞ ٧

Наказание твоего Господа непременно наступит,

निश्चय (ऐ रसूल!) आपके रब की यातना काफ़िरों पर अवश्य घटित होने वाली है।

52:8Страница 523

مَّا لَهُۥ مِن دَافِعٖ ٨

и ничто не отвратит его.

जिसे न कोई उनसे टालने वाला है, और न ही उन्हें उसके उनपर घटित होने से कोई बचाने वाला है।

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يَوۡمَ تَمُورُ ٱلسَّمَآءُ مَوۡرٗا ٩

В тот день небо содрогнется от колебаний,

जिस दिन आकाश, क़ियामत का संकेत देते हुए, बुरी तरह डगमगाएगा और हिले-डुलेगा।

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وَتَسِيرُ ٱلۡجِبَالُ سَيۡرٗا ١٠

а горы придут в движение.

और पहाड़ अपनी जगहों से चल पड़ेंगे।

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فَوَيۡلٞ يَوۡمَئِذٖ لِّلۡمُكَذِّبِينَ ١١

Горе в тот день тем, кто считает истину ложью,

तो उस दिन विनाश और घाटा है, उस सज़ा को झुठलाने वालों के लिए जिसका अल्लाह ने काफ़िरों से वादा किया है।

52:12Страница 523

ٱلَّذِينَ هُمۡ فِي خَوۡضٖ يَلۡعَبُونَ ١٢

кто забавляется, предаваясь празднословию.

जो व्यर्थ और निरर्थक बातों में पड़े खेल रहे हैं। उन्हें दोबारा जीवित और एकत्र किए जाने की कोई परवाह नहीं हैं।

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يَوۡمَ يُدَعُّونَ إِلَىٰ نَارِ جَهَنَّمَ دَعًّا ١٣

В тот день они будут нещадно ввергнуты в огонь Геенны.

जिस दिन उन्हें बल और कठोरता के साथ जहन्नम की आग में धकेला जाएगा।

52:14Страница 523

هَٰذِهِ ٱلنَّارُ ٱلَّتِي كُنتُم بِهَا تُكَذِّبُونَ ١٤

Это - тот самый Огонь, который вы считали ложью.

और उन्हें डाँटते हुए कहा जाएगा : यही है वह आग, जिसे तुम झुठलाते थे जब तुम्हारे रसूल तुम्हें उससे डराते थे।

52:15Страница 524

أَفَسِحۡرٌ هَٰذَآ أَمۡ أَنتُمۡ لَا تُبۡصِرُونَ ١٥

Неужели это колдовство? Или же вы не видите?

तो क्या यह अज़ाब जिसे तुमने देखा है, जादू है?! या तुम उसे देखते ही नहीं हो?!

52:16Страница 524

ٱصۡلَوۡهَا فَٱصۡبِرُوٓاْ أَوۡ لَا تَصۡبِرُواْ سَوَآءٌ عَلَيۡكُمۡۖ إِنَّمَا تُجۡزَوۡنَ مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ ١٦

Горите в нем! Вам все равно, будете вы терпеть или не станете проявлять терпения. Вам воздается только за то, что вы совершали.

इस आग की गर्मी का स्वाद चखो और उसे भुगतो। उसकी गर्मी को सहने में धैर्य से काम लो या उसके साथ धैर्य मत रखो, तुम्हारे लिए धैर्य रखना और न रखना दोनों बराबर हैं। आज तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम दुनिया में कुफ़्र और पाप किया करते थे।

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إِنَّ ٱلۡمُتَّقِينَ فِي جَنَّٰتٖ وَنَعِيمٖ ١٧

Воистину, богобоязненные пребудут в Райских садах и блаженстве.

निश्चय अपने रब से - उसकी आज्ञाओं का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर - डरने वाले लोग बागों और बड़ी नेमतों में होंगे, जो कभी ख़त्म नहीं होंगी।

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فَٰكِهِينَ بِمَآ ءَاتَىٰهُمۡ رَبُّهُمۡ وَوَقَىٰهُمۡ رَبُّهُمۡ عَذَابَ ٱلۡجَحِيمِ ١٨

Они будут радоваться тому, чем их одарит их Господь. Господь их уберег их от мучений в Аду.

वे अपने पालनहार के प्रदान की हुई खाने-पीने की चीज़ों और पत्नियों के सुख का आनंद उठा रहे होंगे। और उनके रब ने उन्हें जहन्नम की यातना से बचा लिया; इस तरह वे अपने इच्छित सुख प्राप्त करके और विपत्तियों से मुक्ति हासिल करके सफल हो गए।

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كُلُواْ وَٱشۡرَبُواْ هَنِيٓـَٔۢا بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ ١٩

Ешьте и пейте во здравие за то, что вы совершали!

और उनसे कहा जाएगा : तुम्हारा जो दिल चाहे, मज़े से खाओ-पिओ। जो कुछ तुम खाते-पीते हो, उससे तुम्हें किसी नुकसान या तकलीफ़ का डर नहीं है। यह दुनिया में तुम्हारे अच्छे कर्मों का बदला है।

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مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ سُرُرٖ مَّصۡفُوفَةٖۖ وَزَوَّجۡنَٰهُم بِحُورٍ عِينٖ ٢٠

Они будут, прислонившись, возлежать на ложах, выстроенных в ряд, и Мы сочетаем их с черноокими, большеглазыми гуриями.

सजे-सजाए तख़्तों पर तकिया लगाए हुए होंगे, जो एक-दूसरे के सामने बिछे होंगे और हम उनका विवाह बड़ी-बड़ी आँखों वाली गोरी स्त्रियों से कर देंगे।

52:21Страница 524

وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَٱتَّبَعَتۡهُمۡ ذُرِّيَّتُهُم بِإِيمَٰنٍ أَلۡحَقۡنَا بِهِمۡ ذُرِّيَّتَهُمۡ وَمَآ أَلَتۡنَٰهُم مِّنۡ عَمَلِهِم مِّن شَيۡءٖۚ كُلُّ ٱمۡرِيِٕۭ بِمَا كَسَبَ رَهِينٞ ٢١

Мы воссоединим верующих с их потомками, которые последовали за ними в вере, и нисколько не умалим их деяний. Каждый человек является заложником того, что он приобрел.

जो लोग ईमान लाए और उनकी संतान ने भी ईमान में उनका अनुसरण किया, हम उनकी संतान को उनके साथ मिला देंगे, ताकि उनकी आँखों को सुकून मिले, भले ही वे उनके कामों (के स्तर) तक न पहुँचें हों। तथा हम उनके कामों के प्रतिफल में कुछ भी कमी नहीं करेंगे। हर इनसान अपने किए हुए बुरे काम के बदले बंधक है। कोई अन्य व्यक्ति उसकी ओर से उसके काम का कुछ भी बोझ नहीं उठाएगा।

52:22Страница 524

وَأَمۡدَدۡنَٰهُم بِفَٰكِهَةٖ وَلَحۡمٖ مِّمَّا يَشۡتَهُونَ ٢٢

Мы наделим их фруктами и мясом таким, какое они пожелают.

और हम इन जन्नत वालों को तरह-तरह के फल देंगे, तथा वे जो भी मांस चाहेंगे, हम उन्हें प्रदान करेंगे।

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يَتَنَٰزَعُونَ فِيهَا كَأۡسٗا لَّا لَغۡوٞ فِيهَا وَلَا تَأۡثِيمٞ ٢٣

Они будут передавать друг другу чашу с вином, которое не принесет ни празднословия, ни греха.

वे जन्नत में ऐसा प्याला पिएँगे, जिसके पीने से वह ग़लत बात और पाप नहीं होगा, जो दुनिया में नशे के कारण होता है।

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۞ وَيَطُوفُ عَلَيۡهِمۡ غِلۡمَانٞ لَّهُمۡ كَأَنَّهُمۡ لُؤۡلُؤٞ مَّكۡنُونٞ ٢٤

Их будут обходить их юные слуги, подобные сокрытому жемчугу.

और उनके इर्द-गिर्द ऐसे बच्चे चक्कर लगा रहे होंगे, जो उनकी सेवा के लिए नियुक्त होंगे, जो अपनी त्वचा की शुद्धता और उसकी सफेदी में गोया सीपियों में सुरक्षित मोती लग रहे होंगे।

52:25Страница 524

وَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ يَتَسَآءَلُونَ ٢٥

Они будут расспрашивать друг друга.

और जन्नत के कुछ लोग कुछ दूसरों की ओर मुतवज्जह होकर, एक-दूसरे से दुनिया में उनकी स्थिति के बारे में पूछ रहे होंगे।

52:26Страница 524

قَالُوٓاْ إِنَّا كُنَّا قَبۡلُ فِيٓ أَهۡلِنَا مُشۡفِقِينَ ٢٦

Они скажут: «Прежде, находясь в кругу своих семей, мы трепетали от страха.

तो वे उन्हें जवाब देंगे : निःसंदेह हम दुनिया में अपने घरवालों के बीच अल्लाह की यातना से डरने वाले थे।

52:27Страница 524

فَمَنَّ ٱللَّهُ عَلَيۡنَا وَوَقَىٰنَا عَذَابَ ٱلسَّمُومِ ٢٧

Аллах же оказал нам милость и уберег нас от мучений знойного ветра (или мучений в Аду).

फिर अल्लाह ने हमपर उपकार करके हमें इस्लाम का मार्गदर्शन प्रदान किया और हमें अत्यधिक गर्मी वाली यातना से बचा लिया।

52:28Страница 524

إِنَّا كُنَّا مِن قَبۡلُ نَدۡعُوهُۖ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡبَرُّ ٱلرَّحِيمُ ٢٨

Мы взывали к Нему прежде. Воистину, Он - Добродетельный, Милосердный».

हम दुनिया के जीवन में उसी की इबादत करते थे और उससे प्रार्थना करते थे कि हमें आग की यातना से बचा ले। निःसंदेह वही उपकार करने वाला, अपने बंदों से किए हुए अपने वादे में सच्चा और उनपर दया करने वाला है। यह हमपर उसके उपकार और दया ही में से है कि उसने हमें ईमान का मार्गदर्शन प्रदान किया, तथा हमें जन्नत में दाखिल किया और जहन्नम की आग से दूर रखा।

52:29Страница 524

فَذَكِّرۡ فَمَآ أَنتَ بِنِعۡمَتِ رَبِّكَ بِكَاهِنٖ وَلَا مَجۡنُونٍ ٢٩

Напоминай же! По милости своего Господа ты не являешься ни прорицателем, ни одержимым.

तो (ऐ रसूल!) आप क़ुरआन के द्वारा नसीहत करें। क्योंकि अल्लाह ने आपको जो ईमान और विवेक दिया है, उसके कारण आप न किसी तरह काहिन हैं कि आपके पास कोई मुवक्किल जिन्न है और न ही आप कोई दीवाना हैं।

52:30Страница 524

أَمۡ يَقُولُونَ شَاعِرٞ نَّتَرَبَّصُ بِهِۦ رَيۡبَ ٱلۡمَنُونِ ٣٠

Или же они говорят: «Он - поэт! Давайте же подождем, пока время не разберется с ним».

या क्या ये झुठलाने वाले कहते हैं : मुहम्मद एक रसूल नहीं हैं, बल्कि वह एक शा'इर हैं, जिनके बारे में हम इस बात की प्रतीक्षा करते हैं कि मौत उन्हें उचक ले और हम उनसे आराम पा जाएँ।

52:31Страница 524

قُلۡ تَرَبَّصُواْ فَإِنِّي مَعَكُم مِّنَ ٱلۡمُتَرَبِّصِينَ ٣١

Скажи: «Ждите, и я подожду вместе с вами».

(ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : तुम मेरी मौत की प्रतीक्षा करो और मैं उस यातना की प्रतीक्षा कर रहा हूँ, जो तुम्हारे मेरा इनकार करने के कारण तुमपर आने वाली है।

52:32Страница 525

أَمۡ تَأۡمُرُهُمۡ أَحۡلَٰمُهُم بِهَٰذَآۚ أَمۡ هُمۡ قَوۡمٞ طَاغُونَ ٣٢

Неужели умы повелевают им такое? Или же они являются людьми преступными?

बल्कि, क्या उनकी बुद्धियाँ उन्हें यह कहने का आदेश देती हैं कि वह एक काहिन और एक पागल हैं?! चुनाँचे वे (आपके अंदर) ऐसी बातें जमा करते हैं, जो एक व्यक्ति के अंदर जमा नहीं हो सकतीं। बल्कि, दरअसल वे ऐसे लोग हैं जो सीमाओं को पार करने वाले हैं। इसलिए वे शरीयत या तर्क की ओर वापस नहीं आते हैं।

52:33Страница 525

أَمۡ يَقُولُونَ تَقَوَّلَهُۥۚ بَل لَّا يُؤۡمِنُونَ ٣٣

Или же они говорят: «Он выдумал его!». О нет! Просто они не веруют.

क्या वे कहते हैं कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इस क़ुरआन को अपनी ओर से गढ़ लिया है और उनकी ओर उसकी वह़्य (प्रकाशना) नहीं की गई है?! आपने उसे अपनी ओर से नहीं गढ़ा। बल्कि ये क़ुरआन पर ईमान लाने से अभिमान करते हैं। इसलिए वे कहते हैं : मुहम्मद ने इसे गढ़ लिया है।

52:34Страница 525

فَلۡيَأۡتُواْ بِحَدِيثٖ مِّثۡلِهِۦٓ إِن كَانُواْ صَٰدِقِينَ ٣٤

Пусть приведут подобное ему (Корану) повествование, если они говорят правду.

तो वे इस क़ुरआन जैसी एक बात ही ले आएँ, भले ही वह गढ़ी गई हो, यदि वे अपने इस दावे में सच्चे हैं कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इसे अपनी ओर से गढ़ लिया है।

52:35Страница 525

أَمۡ خُلِقُواْ مِنۡ غَيۡرِ شَيۡءٍ أَمۡ هُمُ ٱلۡخَٰلِقُونَ ٣٥

Неужели они были сотворены сами по себе (или просто так)? Или же они сами являются творцами?

क्या वे बिना किसी पैदा करने वाले के पैदा हो गए हैं?! या वे अपने आपको ख़ुद पैदा करने वाले है?! सृष्टिकर्ता के बिना सृष्टि का अस्तित्व संभव नहीं है, तथा कोई सृष्टि कोई चीज़ पैदा नहीं कर सकती। फिर वे अपने सृष्टिकर्ता की पूजा क्यों नहीं करते?!

52:36Страница 525

أَمۡ خَلَقُواْ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَۚ بَل لَّا يُوقِنُونَ ٣٦

Или же это они сотворили небеса и землю? О нет! Просто они лишены убежденности.

या उन्होंने आकाशों और धरती को पैदा किया है?! बल्कि उन्हें यक़ीन नहीं है कि अल्लाह ही उनका पैदा करने वाला है। क्योंकि अगर उन्हें इसका यक़ीन होता, तो वे अवश्य अल्लाह को एक मानते और उसके रसूल पर ईमान लाते।

52:37Страница 525

أَمۡ عِندَهُمۡ خَزَآئِنُ رَبِّكَ أَمۡ هُمُ ٱلۡمُصَۜيۡطِرُونَ ٣٧

Неужели у них находятся сокровищницы твоего Господа? Или же они сами являются владыками?

या क्या उनके पास आपके पालनहार की रोज़ी के खज़ाने हैं, जो वे जिसे चाहें उसे प्रदान करें, या (उनके पास) नुबुव्वत के खज़ाने हैं, जो वे जिसे चाहें प्रदान करें और जिसे चाहें उससे वंचित कर दें?! या वही सत्तावादी हैं जो अपनी इच्छा के अनुसार कार्य करते हैं ?!

52:38Страница 525

أَمۡ لَهُمۡ سُلَّمٞ يَسۡتَمِعُونَ فِيهِۖ فَلۡيَأۡتِ مُسۡتَمِعُهُم بِسُلۡطَٰنٖ مُّبِينٍ ٣٨

Или же у них есть лестница, на которой они подслушивают разговоры ангелов? Пусть тот из них, кто подслушивал, приведет ясное доказательство.

क्या उनके पास कोई सीढ़ी है, जिसके साथ आकाश पर चढ़कर वे उसमें अल्लाह की वह़्य (प्रकाशना) को सुनते हैं जो वह़्य करता है कि वे सत्य पर हैं?! तो उनमें से जिसने वह वह़्य सुनी है, वह कोई स्पष्ट प्रमाण लाए, जो तुम्हारी इस बात में पुष्टि करे जो तुम दावा करते हो कि तुम सत्य पर हो।

52:39Страница 525

أَمۡ لَهُ ٱلۡبَنَٰتُ وَلَكُمُ ٱلۡبَنُونَ ٣٩

Неужели у Него - дочери, а у вас - сыновья?

या उस पवित्र अल्लाह के लिए बेटियाँ हैं, जिन्हें तुम (अपने लिए) नापसंद करते हो, और तुम्हारे लिए बेटे हैं, जिन्हें तुम पसंद करते हो?!

52:40Страница 525

أَمۡ تَسۡـَٔلُهُمۡ أَجۡرٗا فَهُم مِّن مَّغۡرَمٖ مُّثۡقَلُونَ ٤٠

Или же ты просишь у них вознаграждения, и они обременены обязательствами?

या क्या (ऐ रसूल!) आप उनसे उन्हें अपने पालनहार का संदेश पहुँचाने पर पारिश्रमिक माँगते हैं?! जिसके कारण उनपर इतना बोझ पड़ जाता है कि वे वहन नहीं कर सकते।

52:41Страница 525

أَمۡ عِندَهُمُ ٱلۡغَيۡبُ فَهُمۡ يَكۡتُبُونَ ٤١

Или же они владеют сокровенным и записывают его?

या क्या उनके पास ग़ैब (परोक्ष) का ज्ञान है। इसलिए वे जिन ग़ैब की बातों से अवगत होते हैं, उन्हें लोगों के लिए लिखते हैं, फिर उनमें से जो चाहते हैं, उन्हें बताते हैं?!

52:42Страница 525

أَمۡ يُرِيدُونَ كَيۡدٗاۖ فَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ هُمُ ٱلۡمَكِيدُونَ ٤٢

Или же они желают замыслить козни? Но ведь неверующие сами станут жертвой козней.

या ये झुठलाने वाले आपके तथा आपके धर्म के साथ कोई चाल चलना चाहते हैं?! तो आप अल्लाह पर भरोसा रखें। क्योंकि जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल का इनकार किया, वही लोग चाल की चपेट में आने वाले हैं, न कि आप।

52:43Страница 525

أَمۡ لَهُمۡ إِلَٰهٌ غَيۡرُ ٱللَّهِۚ سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يُشۡرِكُونَ ٤٣

Или же у них есть другой бог наряду с Аллахом? Аллах пречист и далек от тех, кого они приобщают в сотоварищи!

या उनका अल्लाह के सिवा कोई सच्चा पूज्य है?! अल्लाह उस साझी से पाक एवं पवित्र है, जिसे वे उसके साथ संबंधित करते हैं। उपर्युक्त सभी बातें कभी घटित नहीं हुईं और किसी भी स्थिति में उनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

52:44Страница 525

وَإِن يَرَوۡاْ كِسۡفٗا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ سَاقِطٗا يَقُولُواْ سَحَابٞ مَّرۡكُومٞ ٤٤

Даже если они увидят куски неба падающими, они скажут: «Это скопились облака!».

और अगर वे आसमान से कोई टुकड़ा गिरता हुआ देख लें, तो उसके बारे में कहेंगे : यह एक बादल है जो हमेशा की तरह परत पर परत है। इसलिए वे सीख ग्रहण नहीं करते और न ईमान लाते हैं।

52:45Страница 525

فَذَرۡهُمۡ حَتَّىٰ يُلَٰقُواْ يَوۡمَهُمُ ٱلَّذِي فِيهِ يُصۡعَقُونَ ٤٥

Оставь же их, пока они не встретят тот день их, когда их постигнет погибель.

अतः (ऐ रसूल!) आप उन्हें उनके हठ और इनकार में छोड़ दें, यहाँ तक कि वे अपने उस दिन से जा मिलें, जिसमें उन्हें यातना दी जाएगी और वह क़ियामत का दिन है।

52:46Страница 525

يَوۡمَ لَا يُغۡنِي عَنۡهُمۡ كَيۡدُهُمۡ شَيۡـٔٗا وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ ٤٦

В тот день их козни не принесут им никакой пользы, и никто не поможет им.

जिस दिन उनकी चाल उन्हें थोड़ा या ज़्यादा कुछ भी फ़ायदा न देगी, और न उन्हें यातना से बचाकर उनकी मदद की जाएगी।

52:47Страница 525

وَإِنَّ لِلَّذِينَ ظَلَمُواْ عَذَابٗا دُونَ ذَٰلِكَ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٤٧

Воистину, беззаконникам уготованы мучения и перед этим, но большинство их не знает этого.

और निश्चय जिन लोगों ने शिर्क और गुनाह के द्वारा अपने ऊपर अत्याचार किया, उनके लिए आख़िरत की यातना से पहले भी एक यातना है; दुनिया में क़त्ल और क़ैद की यातना और बरज़ख़ में क़ब्र की यातना। लेकिन उनमें से अधिकतर लोग यह नहीं जानते हैं। इसलिए वे अपने कुफ़्र पर जमे रहते हैं।

52:48Страница 525

وَٱصۡبِرۡ لِحُكۡمِ رَبِّكَ فَإِنَّكَ بِأَعۡيُنِنَاۖ وَسَبِّحۡ بِحَمۡدِ رَبِّكَ حِينَ تَقُومُ ٤٨

Потерпи же до решения твоего Господа, ведь ты - у Нас на Глазах. Прославляй хвалой своего Господа, когда поднимаешься ото сна.

और (ऐ रसूल!) आप अपने रब का निर्णय और उसका शरई आदेश आने तक सब्र करें। आप हमारी निगाहों के सामने और हमारी सुरक्षा में हैं। तथा जब आप नींद से जागें, तो अपने रब की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता बयान करें।

52:49Страница 525

وَمِنَ ٱلَّيۡلِ فَسَبِّحۡهُ وَإِدۡبَٰرَ ٱلنُّجُومِ ٤٩

Среди ночи восхваляй Его и при исчезновении звезд.

और रात की कुछ घड़ियों में भी उसकी पवित्रता बयान करें और उसके लिए नमाज़ पढ़ें, तथा जब प्रातःकाल की सफ़ेदी के कारण सितारे फीके पड़कर ओझल हो जाएँ, तो फ़ज्र की नमाज़ पढ़ें।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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