Аль-МухтасарАн‑Наджм · 53:1–62

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

النجم

Ан-Наджм

Звезда · Мекканская · 62 аята

53:1Страница 526

وَٱلنَّجۡمِ إِذَا هَوَىٰ ١

Клянусь звездой, когда она падает (или частью Корана, когда она нисходит)!

अल्लाह ने सितारे की क़सम खाई है, जब वह गिरे।

53:2Страница 526

مَا ضَلَّ صَاحِبُكُمۡ وَمَا غَوَىٰ ٢

Не заблудился ваш товарищ и не сошел с пути.

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम न हिदायत के रास्ते से भठके हैं और न टेढ़ी राह पर चले हैं, बल्कि वह सीधे रास्ते पर क़ायम हैं।

53:3Страница 526

وَمَا يَنطِقُ عَنِ ٱلۡهَوَىٰٓ ٣

Он не говорит по прихоти.

और वह इस क़ुरआन को अपनी इच्छा से नहीं बोलते हैं।

53:4Страница 526

إِنۡ هُوَ إِلَّا وَحۡيٞ يُوحَىٰ ٤

Это - всего лишь внушаемое ему откровение.

यह क़ुरआन तो केवल वह़्य (प्रकाशना) है, जिसे अल्लाह जिबरील अलैहिस्सलाम के माध्यम से आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर उतारता है।

53:5Страница 526

عَلَّمَهُۥ شَدِيدُ ٱلۡقُوَىٰ ٥

Научил его обладающий могучей силой

उसे आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को एक बहुत मज़बूत शक्ति वाले फ़रिश्ते अर्थात् जिबरील अलैहिस्सलाम ने सिखाया है।

53:6Страница 526

ذُو مِرَّةٖ فَٱسۡتَوَىٰ ٦

и прекрасным сложением (или благоразумием). Он вознесся (или выпрямился)

जिबरील अलैहिस्सलाम अच्छी आकृति वाले हैं। चुनाँचे वह अपने उस मूल स्वरूप में जिसमें अल्लाह ने उन्हें बनाया है, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सामने प्रकट हुए।

53:7Страница 526

وَهُوَ بِٱلۡأُفُقِ ٱلۡأَعۡلَىٰ ٧

на наивысшем горизонте.

और जिबरील अलैहिस्सलाम आकाश के सब से ऊँचे क्षितिज (किनारे) पर थे।

53:8Страница 526

ثُمَّ دَنَا فَتَدَلَّىٰ ٨

Потом он приблизился и спустился.

फिर जिबरील अलैहिस्सलाम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के निकट आए, सो वह आपके और भी करीब हो गए।

53:9Страница 526

فَكَانَ قَابَ قَوۡسَيۡنِ أَوۡ أَدۡنَىٰ ٩

Он находился от него (Джибрил от Мухаммада или Мухаммад от Аллаха) на расстоянии двух луков или даже ближе.

फिर आपसे उनकी निकटता दो कमानों के बराबर थी या वह उससे भी अधिक निकट थे।

53:10Страница 526

فَأَوۡحَىٰٓ إِلَىٰ عَبۡدِهِۦ مَآ أَوۡحَىٰ ١٠

Он внушил Его рабу откровение,

फिर जिबरील ने अल्लाह के बंदे मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ओर वह़्य की, जो भी वह़्य की।

53:11Страница 526

مَا كَذَبَ ٱلۡفُؤَادُ مَا رَأَىٰٓ ١١

и сердце не солгало о том, что он увидел.

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दिल ने उसे झूठ नहीं कहा जो आपकी आँखों ने देखा।

53:12Страница 526

أَفَتُمَٰرُونَهُۥ عَلَىٰ مَا يَرَىٰ ١٢

Неужели вы будете препираться с ним о том, что он увидел?

फिर क्या (ऐ मुश्रिको!) तुम मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से उस चीज़ के बारे में झगड़ते हो, जो अल्लाह ने उन्हें 'इसरा' की रात को दिखाया?!

53:13Страница 526

وَلَقَدۡ رَءَاهُ نَزۡلَةً أُخۡرَىٰ ١٣

Он уже видел его другое нисхождение

हालाँकि निश्चय मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने जिबरील को उनके असली रूप में एक और बार 'इसरा' की रात में देखा है।

53:14Страница 526

عِندَ سِدۡرَةِ ٱلۡمُنتَهَىٰ ١٤

у Лотоса крайнего предела,

सिदरतुल मुनतहा' के पास। 'सिदरतुल मुनतहा' एक बहुत ही बड़ा पेड़ है, जो सातवें आसमान में है।

53:15Страница 526

عِندَهَا جَنَّةُ ٱلۡمَأۡوَىٰٓ ١٥

возле которого находится Сад пристанища.

इसी पेड़ के पास 'जन्नतुल मावा' है।

53:16Страница 526

إِذۡ يَغۡشَى ٱلسِّدۡرَةَ مَا يَغۡشَىٰ ١٦

Тогда Лотос покрыло то, что покрыло (золотая саранча, или группы ангелов, или повеление Аллаха).

जब 'सिदरा' पर अल्लाह के आदेश से एक महान वस्तु छा रही थी, जिसकी वास्तविकता केवल अल्लाह ही जानता है।

53:17Страница 526

مَا زَاغَ ٱلۡبَصَرُ وَمَا طَغَىٰ ١٧

Его же взор не уклонился в сторону и не излишествовал,

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की निगाह दाएँ-बाएँ नहीं गई और न उस सीमा से आगे बढ़ी, जो उनके लिए निर्धारित की गई थी।

53:18Страница 526

لَقَدۡ رَأَىٰ مِنۡ ءَايَٰتِ رَبِّهِ ٱلۡكُبۡرَىٰٓ ١٨

и он увидел величайшие из знамений своего Господа.

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने 'मे'राज' की रात अपने पालनहार की कुछ बड़ी-बड़ी निशानियाँ देखीं, जो उसकी शक्ति का संकेत देती हैं। चुनाँचे आपने जन्नत, जहन्नम और अन्य कई चीज़ें देखीं।

53:19Страница 526

أَفَرَءَيۡتُمُ ٱللَّٰتَ وَٱلۡعُزَّىٰ ١٩

Не видели ли вы аль-Лат и аль-Уззу,

फिर क्या (ऐ मुश्रिको!) तुमने इन मूर्तियों : लात और उज़्ज़ा के बारे में सोचा, जिन्हें तुम अल्लाह के अलावा पूजते हो?!

53:20Страница 526

وَمَنَوٰةَ ٱلثَّالِثَةَ ٱلۡأُخۡرَىٰٓ ٢٠

и еще третью - Манат?

तथा (क्या तुमने) अपनी मूर्तियों में से एक तीसरी मूर्ति मनात पर (विचार किया?)।मुझे बताओ कि क्या ये तुम्हारे लिए किसी लाभ या हानि की मालिक हैं?!

53:21Страница 526

أَلَكُمُ ٱلذَّكَرُ وَلَهُ ٱلۡأُنثَىٰ ٢١

Неужели у вас - потомки мужского пола, а у Него - женского?

क्या (ऐ मुश्रिको!) तुम्हारे लिए लड़का है, जो तुम्हें पसंद है और पवित्र अल्लाह के लिए लड़की है, जिसे तुम नापसंद करते हो?!

53:22Страница 526

تِلۡكَ إِذٗا قِسۡمَةٞ ضِيزَىٰٓ ٢٢

Это было бы несправедливым распределением.

यह बँटवारा जो तुमने अपनी इच्छाओं के अनुसार किया है, एक अनुचित (अन्यायपूर्ण) बँटवारा है।

53:23Страница 526

إِنۡ هِيَ إِلَّآ أَسۡمَآءٞ سَمَّيۡتُمُوهَآ أَنتُمۡ وَءَابَآؤُكُم مَّآ أَنزَلَ ٱللَّهُ بِهَا مِن سُلۡطَٰنٍۚ إِن يَتَّبِعُونَ إِلَّا ٱلظَّنَّ وَمَا تَهۡوَى ٱلۡأَنفُسُۖ وَلَقَدۡ جَآءَهُم مِّن رَّبِّهِمُ ٱلۡهُدَىٰٓ ٢٣

Они - всего лишь имена, которыми нарекли их вы и ваши отцы, относительно которых Аллах не ниспослал никакого доказательства. Они следуют лишь предположениям и тому, чего желают души, хотя верное руководство от их Господа уже явилось к ним.

ये मूर्तियाँ कुछ अर्थहीन नामों के सिवा कुछ नहीं हैं। इनके अंदर पूज्य होने की कोई विशेषता नहीं पाई जाती। तुमने और तुम्हारे बाप-दादाओं ने अपनी ओर से इनके नाम रख लिए हैं, अल्लाह ने इनका कोई प्रमाण नहीं उतारा। ये मुश्रिक लोग अपनी आस्था में केवल अटकल का और उन चीज़ों का अनुसरण कर रहे हैं, जो उनके मन की इच्छा होती है, जिसे शैतान ने उनके दिलों में सुंदर बना दिया है। जबकि निश्चय उनके पास उनके पालनहार की ओर से उसके नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के माध्यम से मार्गदर्शन आ चुका है, परंतु उन्होंने उसे नहीं अपनाया।

53:24Страница 526

أَمۡ لِلۡإِنسَٰنِ مَا تَمَنَّىٰ ٢٤

Или же для человека уготовано то, чего он желает?

क्या इनसान के लिए वह कुछ है जिसकी वह कामना करे कि मूर्तियाँ अल्लाह के पास सिफ़ारिश करेंगी?!

53:25Страница 526

فَلِلَّهِ ٱلۡأٓخِرَةُ وَٱلۡأُولَىٰ ٢٥

Аллаху принадлежит Последняя жизнь и жизнь первая.

नहीं, उसके लिए वह कुछ नहीं है, जिसकी वह कामना करे। क्योंकि दुनिया और आख़िरत केवल अल्लाह के हाथ में हैं। वह उन दोनों में से जो चाहता है, देता है और जो चाहता है, रोक लेता है।

53:26Страница 526

۞ وَكَم مِّن مَّلَكٖ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ لَا تُغۡنِي شَفَٰعَتُهُمۡ شَيۡـًٔا إِلَّا مِنۢ بَعۡدِ أَن يَأۡذَنَ ٱللَّهُ لِمَن يَشَآءُ وَيَرۡضَىٰٓ ٢٦

Сколько же на небесах ангелов, заступничество которых не принесет никакой пользы, пока Аллах не позволит заступиться за тех, за кого Он пожелает и кем Он доволен!

और आकाशों में कितने ही फ़रिश्ते हैं, जिनकी सिफ़ारिश से कोई फ़ायदा नहीं होता, यदि वे किसी के लिए सिफ़ारिश करना चाहें, परंतु इसके बाद कि अल्लाह उनमें से जिसके लिए चाहे सिफ़ारिश करने की अनुमति प्रदान कर दे और जिस के लिए सिफ़ारिश की जाती है, उससे संतुष्ट हो जाए। अतः अल्लाह उसे सिफ़ारिश करने की अनुमति हरगिज़ नहीं देगा, जिसने अल्लाह का साझी ठहराया है और जिसकी वह सिफ़ारिश कर रहा है, उससे वह संतुष्ट नहीं होगा यदि वह अल्लाह को छोड़कर किसी और की उपासना करता है।

53:27Страница 527

إِنَّ ٱلَّذِينَ لَا يُؤۡمِنُونَ بِٱلۡأٓخِرَةِ لَيُسَمُّونَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ تَسۡمِيَةَ ٱلۡأُنثَىٰ ٢٧

Воистину, те, которые не веруют в Последнюю жизнь, называют ангелов женщинами.

जो लोग आख़िरत में दोबारा जीवित किए जाने पर ईमान नहीं रखते, वे फ़रिश्तों को स्त्रियों का नाम देते हैं, क्योंकि वे मानते हैं कि वे अल्लाह की पुत्रियाँ हैं। अल्लाह उनकी इस बात से बहुत ऊँचा है।

53:28Страница 527

وَمَا لَهُم بِهِۦ مِنۡ عِلۡمٍۖ إِن يَتَّبِعُونَ إِلَّا ٱلظَّنَّۖ وَإِنَّ ٱلظَّنَّ لَا يُغۡنِي مِنَ ٱلۡحَقِّ شَيۡـٔٗا ٢٨

У них нет об этом никакого знания. Они следуют лишь предположениям, хотя предположения не могут заменить истину.

हालाँकि उनके पास फ़रिश्तों को स्त्रियों के नाम देने के बारे में कोई ज्ञान नहीं है, जिसका वे सहारा ले सकें। वे इस मामले में केवल अटकल और भ्रम का पालन करते हैं। और अटकल सत्य के मुक़ाबले में कुछ भी लाभ नहीं देता कि उसका स्थान ले सके।

53:29Страница 527

فَأَعۡرِضۡ عَن مَّن تَوَلَّىٰ عَن ذِكۡرِنَا وَلَمۡ يُرِدۡ إِلَّا ٱلۡحَيَوٰةَ ٱلدُّنۡيَا ٢٩

Отвернись же от того, кто отвернулся от Нашего Напоминания и не пожелал ничего, кроме мирской жизни.

तो (ऐ रसूल!) आप उस व्यक्ति से मुँह फेर लें, जिसने अल्लाह की याद से मुँह मोड़ लिया और उसकी परवाह नहीं की, तथा उसने दुनिया के जीवन के सिवा कुछ नहीं चाहा। अतः वह अपनी आख़िरत के लिए काम नहीं करता है; क्योंकि वह उसपर ईमान नहीं रखता।

53:30Страница 527

ذَٰلِكَ مَبۡلَغُهُم مِّنَ ٱلۡعِلۡمِۚ إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعۡلَمُ بِمَن ضَلَّ عَن سَبِيلِهِۦ وَهُوَ أَعۡلَمُ بِمَنِ ٱهۡتَدَىٰ ٣٠

Таков предел их познаний. Воистину, твоему Господу лучше знать тех, кто сбился с Его пути, и лучше знать тех, кто последовал прямым путем.

वह जो ये बहुदेववादी कहते हैं (यानी फ़रिश्तों को स्त्रियों का नाम देना) यही उनके ज्ञान की सीमा है जिस तक वे पहुँचते हैं; क्योंकि वे अज्ञानी हैं। वे निश्चितता (यक़ीन) तक नहीं पहुँचे हैं। निश्चय आपका रब ही (ऐ रसूल!) उसे अधकि जानने वाला है, जो सत्य के मार्ग से भटक गया तथा वही उसे (भी) ज़्यादा जानने वाला है, जो उसके मार्ग पर चला। उससे इनमें से कुछ भी छिपा नहीं है।

53:31Страница 527

وَلِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِ لِيَجۡزِيَ ٱلَّذِينَ أَسَٰٓـُٔواْ بِمَا عَمِلُواْ وَيَجۡزِيَ ٱلَّذِينَ أَحۡسَنُواْ بِٱلۡحُسۡنَى ٣١

Аллаху принадлежит то, что на небесах, и то, что на земле, дабы Он воздал злодеям за то, что они совершили, и воздал творившим добро Наилучшим (Раем).

आकाशों की सारी चीज़ें और धरती की सारी चीज़ें अल्लाह ही की हैं, वही उनका मालिक, सृजनहार और प्रबंधन कर्ता है। ताकि अल्लाह दुनिया में बुराई करने वालों को वह सज़ा दे, जिसके वे योग्य हैं और अच्छे कार्य करने वाले मोमिनों को जन्नत प्रदान करे।

53:32Страница 527

ٱلَّذِينَ يَجۡتَنِبُونَ كَبَٰٓئِرَ ٱلۡإِثۡمِ وَٱلۡفَوَٰحِشَ إِلَّا ٱللَّمَمَۚ إِنَّ رَبَّكَ وَٰسِعُ ٱلۡمَغۡفِرَةِۚ هُوَ أَعۡلَمُ بِكُمۡ إِذۡ أَنشَأَكُم مِّنَ ٱلۡأَرۡضِ وَإِذۡ أَنتُمۡ أَجِنَّةٞ فِي بُطُونِ أُمَّهَٰتِكُمۡۖ فَلَا تُزَكُّوٓاْ أَنفُسَكُمۡۖ هُوَ أَعۡلَمُ بِمَنِ ٱتَّقَىٰٓ ٣٢

Они избегают великих грехов и мерзостей, кроме мелких и немногочисленных проступков. Воистину, твой Господь обладает необъятным прощением. Ему было лучше знать о вас, когда Он сотворил вас из земли и когда вы были зародышами в утробах ваших матерей. Не восхваляйте самих себя, ибо Ему лучше знать тех, кто богобоязнен.

जो लोग छोटे-मोटे पापों के सिवाय, बड़े गुनाहों और अवज्ञा के घृणित कार्यों से दूर रहते हैं, तो बड़े पापों को त्यागने और अधिक से अधिक नेकी के काम करने के कारण ये (छोटे पाप) क्षमा कर दिए जात हैं। निश्चय आपका पालनहार (ऐ रसूल!) व्यापक रूप से माफ़ करने वाला है, वह अपने बंदों के पापों को क्षमा कर देता है जब भी वे उनसे तौबा करें। वह महिमावान तुम्हारी स्थितियों और तुम्हारे मामलों को अधिक जानने वाला है, जब उसने तुम्हारे पिता आदम अैलहिस्सलाम को मिट्टी से पैदा किया और जब तुम अपनी माताओं के पेटों में गर्भावस्था में थे, चरण दर चरण तुम्हारी रचना की जाती थी। उससे इसमें से कोई बात छिपी नहीं है। अतः अपनी परहेज़गारी के साथ अपनी प्रशंसा न करो। क्योंकि अल्लाह अधिक जानने वाला है कि तुममें से कौन उसके आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से बचकर उससे डरता है।

53:33Страница 527

أَفَرَءَيۡتَ ٱلَّذِي تَوَلَّىٰ ٣٣

Видел ли ты того, кто отвернулся,

क्या आपने उस व्यक्ति की दुर्दशा देखी है, जिसने इस्लाम से निकट होने के बाद उससे मुँह मोड़ लिया?!

53:34Страница 527

وَأَعۡطَىٰ قَلِيلٗا وَأَكۡدَىٰٓ ٣٤

дал мало и прекратил давать вовсе?

और उसने थोड़ा-सा माल दिया, फिर रोक लिया; क्योंकि कंजूसी उसका स्वभाव है, फिर भी वह अपनी पवित्रता बयान करता है।

53:35Страница 527

أَعِندَهُۥ عِلۡمُ ٱلۡغَيۡبِ فَهُوَ يَرَىٰٓ ٣٥

Разве он обладает таким знанием о сокровенном, что он видит его?

क्या उसके पास परोक्ष (ग़ैब) का ज्ञान है कि वह सब कुछ देख रहा है और ग़ैब की बात बता रहा है?!

53:36Страница 527

أَمۡ لَمۡ يُنَبَّأۡ بِمَا فِي صُحُفِ مُوسَىٰ ٣٦

Разве ему не поведали о том, что было в свитках Мусы (Моисея)

या वह अल्लाह के बारे में झूठ बोलने वाला है?! या क्या अल्लाह पर झूठ गढ़ने वाले इस व्यक्ति को उन बातों की जानकारी नहीं दी गई, जो उन पहले शास्त्रों में हैं, जिन्हें अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम पर उतारा था?!

53:37Страница 527

وَإِبۡرَٰهِيمَ ٱلَّذِي وَفَّىٰٓ ٣٧

и Ибрахима (Авраама), который выполнил повеления Аллаха полностью?

और इबराहीम अलैहिस्सलाम के शास्त्रों (में हैं), जिसने वह सब कुछ करके दिखाया जो उसके प्रभु ने उसे सौंपा और उसे पूरा किया।

53:38Страница 527

أَلَّا تَزِرُ وَازِرَةٞ وِزۡرَ أُخۡرَىٰ ٣٨

Ни одна душа не понесет чужого бремени.

कि कोई इनसान किसी अन्य व्यक्ति के पाप को वहन नहीं करेगा।

53:39Страница 527

وَأَن لَّيۡسَ لِلۡإِنسَٰنِ إِلَّا مَا سَعَىٰ ٣٩

Человек получит только то, к чему он стремился.

और यह कि इनसान के लिए केवल अपने उसी कार्य का सवाब है, जो उसने किया।

53:40Страница 527

وَأَنَّ سَعۡيَهُۥ سَوۡفَ يُرَىٰ ٤٠

Его устремления будут увидены,

और यह कि उसका अमल जल्द ही क़ियामत के दिन देखा जाएगा।

53:41Страница 527

ثُمَّ يُجۡزَىٰهُ ٱلۡجَزَآءَ ٱلۡأَوۡفَىٰ ٤١

а затем он получит воздаяние сполна.

फिर उसे उसके कार्य का बदला कोई कमी किए बिना पूरा-पूरा दिया जाएगा।

53:42Страница 527

وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ ٱلۡمُنتَهَىٰ ٤٢

К твоему Господу предстоит конечный исход (или твоему Господу принадлежит конечный предел).

और यह कि सारे बंदों को अपनी मृत्यु के बाद (ऐ रसूल!) तेरे पालनहार ही की ओर लौटकर जाना है।

53:43Страница 527

وَأَنَّهُۥ هُوَ أَضۡحَكَ وَأَبۡكَىٰ ٤٣

Он заставляет смеяться и плакать.

और यह कि वही है, जो जिसे चाहता है खुशी देकर हँसाता है और जिसे चाहता है दुःख देकर रुलाता है।

53:44Страница 527

وَأَنَّهُۥ هُوَ أَمَاتَ وَأَحۡيَا ٤٤

Он умерщвляет и оживляет.

और यह कि वही है, जिसने दुनिया में ज़िंदा लोगों को मौत दी और क़ियामत के दिन मरे हुए लोगों को फिर से ज़िंदा करेगा।

53:45Страница 528

وَأَنَّهُۥ خَلَقَ ٱلزَّوۡجَيۡنِ ٱلذَّكَرَ وَٱلۡأُنثَىٰ ٤٥

Он сотворил пару - мужчину и женщину (или самца и самку) -

और यह कि उसी ने दोनों प्रकार : नर और मादा बनाए।

53:46Страница 528

مِن نُّطۡفَةٍ إِذَا تُمۡنَىٰ ٤٦

из капли, которая извергается.

एक बूँद (वीर्य) से, जब वह गर्भाशय में डाली जाती है।

53:47Страница 528

وَأَنَّ عَلَيۡهِ ٱلنَّشۡأَةَ ٱلۡأُخۡرَىٰ ٤٧

На Нем лежит сотворение в другой раз.

और यह कि उसी के ज़िम्मे उन दोनों को उनकी मृत्यु के बाद दोबारा पैदा करके उठाना है।

53:48Страница 528

وَأَنَّهُۥ هُوَ أَغۡنَىٰ وَأَقۡنَىٰ ٤٨

Он избавляет от нужды (или дарует богатство) и наделяет собственностью (или удовлетворяет).

और यह कि उसी ने अपने बंदों में से जिसे चाहा माल देकर धनी बनाया और ऐसा धन दिया जिसे लोग अपने पास कोष बनाकर रखते हैं।

53:49Страница 528

وَأَنَّهُۥ هُوَ رَبُّ ٱلشِّعۡرَىٰ ٤٩

Он - Господь Сириуса.

और यह कि वही 'शे'रा' का रब है। यह एक तारा है, जिसे कुछ बहुदेववादी अल्लाह के अलावा पूजते थे।

53:50Страница 528

وَأَنَّهُۥٓ أَهۡلَكَ عَادًا ٱلۡأُولَىٰ ٥٠

Он погубил первых адитов,

और यह कि उसी ने प्रथम 'आद' अर्थात् हूद अलैहिस्सलाम की जाति को विनष्ट किया, जब वे अपने कुफ़्र पर अडिग हो गए।

53:51Страница 528

وَثَمُودَاْ فَمَآ أَبۡقَىٰ ٥١

ничего не оставил от самудян,

और सालेह अलैहिस्सलाम की जाति समूद को विनष्ट किया, फिर उनमें से किसी को बाक़ी न छोड़ा।

53:52Страница 528

وَقَوۡمَ نُوحٖ مِّن قَبۡلُۖ إِنَّهُمۡ كَانُواْ هُمۡ أَظۡلَمَ وَأَطۡغَىٰ ٥٢

а еще раньше погубил народ Нуха (Ноя). Воистину, они были еще более несправедливы и непокорны.

तथा आद एवं समूद से पहले नूह अलैहिस्सलाम की जाति को विनष्ट किया। निश्चय नूह अलैहिस्सलाम की जाति के लोग आद और समूद से अधिक अत्याचारी और अधिक सरकश थे। क्योंकि नूह अलैहिस्सलाम उनके बीच साढ़े नौ सौ साल तक रहे और उन्हें अल्लाह की तौहीद (एकेश्वरवाद) की ओर बुलाते रहे, लेकिन उन्होंने उन की एक न सुनी।

53:53Страница 528

وَٱلۡمُؤۡتَفِكَةَ أَهۡوَىٰ ٥٣

Он низверг опрокинутые селения (селения народа Лута),

तथा लूत अलैहिस्सलाम की जाति के लोगों की बस्तियों को आकाश में उठाया, फिर उन्हें उलट दिया, फिर उन्हें धरती पर गिरा दिया।

53:54Страница 528

فَغَشَّىٰهَا مَا غَشَّىٰ ٥٤

которые покрыло то, что покрыло.

तो उसने उन्हें आकाश की ओर उठाकर ज़मीन पर गिराने के बाद, उन्हें पत्थरों की बारिश से ढाँप दिया।

53:55Страница 528

فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكَ تَتَمَارَىٰ ٥٥

В каких же милостях твоего Господа ты сомневаешься?

तो ऐ इनसान! तू अपने पालनहार की शक्ति को दर्शाने वाली किन-किन निशानियों के बारे में झगड़ता रहेगा और उनसे उपदेश ग्रहण नहीं करेगा?!

53:56Страница 528

هَٰذَا نَذِيرٞ مِّنَ ٱلنُّذُرِ ٱلۡأُولَىٰٓ ٥٦

Этот предостерегающий увещеватель такой же, как и первые предостерегающие увещеватели.

तुम्हारी ओर भेजा गया यह रसूल पहले रसूलों ही के वर्ग से एक (रसूल) है।

53:57Страница 528

أَزِفَتِ ٱلۡأٓزِفَةُ ٥٧

Приближающееся (День воскресения) приблизилось,

निकट आने वाली क़ियामत निकट आ गई है।

53:58Страница 528

لَيۡسَ لَهَا مِن دُونِ ٱللَّهِ كَاشِفَةٌ ٥٨

и никто, кроме Аллаха, не способен отвратить его.

अल्लाह के सिवा उसे कोई हटाने वाला और उसकी सूचना रखने वाला नहीं है।

53:59Страница 528

أَفَمِنۡ هَٰذَا ٱلۡحَدِيثِ تَعۡجَبُونَ ٥٩

Неужели вы удивляетесь этому повествованию,

तो क्या तुम इस बात पर आश्चर्य करते हो कि यह क़ुरआन, जो तुम्हारे सामने पढ़ा जाता है, अल्लाह की ओर से है ?!

53:60Страница 528

وَتَضۡحَكُونَ وَلَا تَبۡكُونَ ٦٠

смеетесь, а не плачете,

और उसका ठट्ठा करते हुए उसपर हँसते हो और उसके उपदेशों को सुनकर रोते नहीं हो?!

53:61Страница 528

وَأَنتُمۡ سَٰمِدُونَ ٦١

и забавляетесь (или поете; или надменно задираете головы)?

और तुम उससे ग़ाफ़िल हो, उसकी परवाह नहीं करते?!

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فَٱسۡجُدُواْۤ لِلَّهِۤ وَٱعۡبُدُواْ۩ ٦٢

Падите же ниц перед Аллахом и поклоняйтесь!

अतः केवल अल्लाह को सजदा करो और इबादत को उसी के लिए विशुद्ध करो।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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