Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
الرحمن
Ар-Рахман
Милостивый · Мединская · 78 аятов
अर-रहमान' व्यापक दया वाला।
उसने लोगों को क़ुरआन सिखाया, उसका याद करना आसान करके और उसके अर्थ को समझना सुगम बनाकर।
उसने इनसान को ठीक-ठाक बनाया और उसे अच्छी शक्ल-सूरत दी।
उसे सिखाया कि अपने दिल की बात को मौखिक और लिखित रूप में कैसे व्यक्त करे।
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ٱلشَّمۡسُ وَٱلۡقَمَرُ بِحُسۡبَانٖ ٥
Солнце и луна движутся согласно рассчитанному порядку.
सूरज और चाँद दोनों की गति निर्धारित की। दोनों एक सटीक गणना के अनुसार चल रहे हैं; ताकि लोगों को वर्षों की गिनती और हिसाब का ज्ञान प्राप्त हो।
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وَٱلنَّجۡمُ وَٱلشَّجَرُ يَسۡجُدَانِ ٦
Травы (или звезды) и деревья совершают поклоны.
और बिना तने वाले पौधे और पेड़ अल्लाह को, उसके आदेश के अधीन होकर और उसके प्रति समर्पित होकर सजदा करते हैं।
तथा उसने आकाश को धरती के ऊपर उसके छत के रूप में ऊँचा किया। तथा धरती पर न्याय को स्थापित किया और अपने बंदों को उसका आदेश दिया।
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أَلَّا تَطۡغَوۡاْ فِي ٱلۡمِيزَانِ ٨
чтобы вы не преступали границы дозволенного на весах.
उसने न्याय को इसलिए स्थापित किया, ताकि (ऐ लोगो!) तुम अन्याय न करो और माप-तौल में धोखाधड़ी से काम न लो।
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وَأَقِيمُواْ ٱلۡوَزۡنَ بِٱلۡقِسۡطِ وَلَا تُخۡسِرُواْ ٱلۡمِيزَانَ ٩
Взвешивайте беспристрастно и не занижайте вес.
और अपने बीच न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और जब तुम दूसरों को नाप या तौलकर दो, तो नाप या तौल में कमी न करो।
और उसने धरती को प्राणियों के लिए उसपर रहने योग्य बनाया।
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فِيهَا فَٰكِهَةٞ وَٱلنَّخۡلُ ذَاتُ ٱلۡأَكۡمَامِ ١١
На ней есть фрукты и финиковые пальмы с чашечками (или волокнами),
उसमें ऐसे पेड़ हैं जो फल देते हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं जिनमें से खजूर बनते हैं।
55:12Страница 531
وَٱلۡحَبُّ ذُو ٱلۡعَصۡفِ وَٱلرَّيۡحَانُ ١٢
а также злаки с листьями и травы благоуханные.
और उसमें भूसे वाले अनाज जैसे गेहूँ और जौ हैं, तथा उसमें ऐसे पौधे हैं, जिनकी सुगंध तुम्हें अच्छी लगती है।
55:13Страница 531
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ١٣
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:14Страница 531
خَلَقَ ٱلۡإِنسَٰنَ مِن صَلۡصَٰلٖ كَٱلۡفَخَّارِ ١٤
Он создал человека из сухой (или звенящей) глины, подобной гончарной,
उसने आदम अलैहिस्सलाम को पकी हुई मिट्टी की तरह, बजने वाली सूखी मिट्टी से पैदा किया।
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وَخَلَقَ ٱلۡجَآنَّ مِن مَّارِجٖ مِّن نَّارٖ ١٥
и создал джиннов из чистого пламени (или из пламени, смешанного с дымом).
और जिन्नों के पिता को धुआँ रहित आग की ज्वाला से पैदा किया।
55:16Страница 531
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ١٦
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:17Страница 532
رَبُّ ٱلۡمَشۡرِقَيۡنِ وَرَبُّ ٱلۡمَغۡرِبَيۡنِ ١٧
Господь обоих востоков и Господь обоих западов!
वह सर्दी और गर्मी में सूर्य के उदय होने के दोनों स्थानों और उसके अस्त होने के दोनों स्थानों का रब है।
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فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ١٨
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:19Страница 532
مَرَجَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ يَلۡتَقِيَانِ ١٩
Он смешал два моря, которые встречаются друг с другом.
अल्लाह ने खारे और मीठे दो सागरों को मिला दिया, जो आँखों को आपस में मिलते हुए दिखते हैं।
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بَيۡنَهُمَا بَرۡزَخٞ لَّا يَبۡغِيَانِ ٢٠
Между ними существует преграда, которую они не могут преступить.
(जबकि) उन दोनों के बीच एक अवरोध है, जो उन्हें एक-दूसरे पर हावी होने से रोकता है; ताकि मीठा पानी, मीठा और नमकीन पानी, नमकीन बना रहे।
55:21Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٢١
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:22Страница 532
يَخۡرُجُ مِنۡهُمَا ٱللُّؤۡلُؤُ وَٱلۡمَرۡجَانُ ٢٢
Из них обоих вылавливают жемчуг и кораллы.
दोनों सागरों से छोटे और बड़े मोती निकलते हैं।
55:23Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٢٣
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:24Страница 532
وَلَهُ ٱلۡجَوَارِ ٱلۡمُنشَـَٔاتُ فِي ٱلۡبَحۡرِ كَٱلۡأَعۡلَٰمِ ٢٤
Ему принадлежат плывущие по морю с поднятыми парусами корабли, подобные горам.
और केवल उसी पवित्र और महान अल्लाह का अधिकार चलता है, पहाड़ों की तरह समुद्र में चलने वाले जहाज़ों पर।
55:25Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٢٥
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
धरती के ऊपर मौजूद सभी प्राणी अनिवार्य रूप से नष्ट होने वाले हैं।
55:27Страница 532
وَيَبۡقَىٰ وَجۡهُ رَبِّكَ ذُو ٱلۡجَلَٰلِ وَٱلۡإِكۡرَامِ ٢٧
Вечен лишь Лик Господа твоего, обладающий величием и великодушием.
और (ऐ रसूल!) आपके रब का चेहरा, जो महानता और अपने बंदों पर उपकार और कृतज्ञता वाला है, बाक़ी रहेगा। उसपर कभी भी विनाश नहीं आएगा।
55:28Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٢٨
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:29Страница 532
يَسۡـَٔلُهُۥ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ كُلَّ يَوۡمٍ هُوَ فِي شَأۡنٖ ٢٩
Его просят те, кто на небесах и на земле, и каждый день Он занят делом.
आकाशों में जो भी फ़रिश्ते हैं तथा धरती पर जो भी जिन्न और इनसान हैं, सब अपनी ज़रूरतें उसी से माँगते हैं। हर दिन वह अपने बंदों से संबंधित किसी कार्य में होता है; जैसे जीवन देना, मारना, रोज़ी देना, इत्यादि।
55:30Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٣٠
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:31Страница 532
سَنَفۡرُغُ لَكُمۡ أَيُّهَ ٱلثَّقَلَانِ ٣١
Скоро Мы займемся только вами, о два весомых (или обремененных) рода!
हम जल्द ही (ऐ जिन्नो और इनसानो!) तुम्हारे हिसाब के लिए फ़ारिग़ होंगे और हर एक को वह सवाब या सज़ा देंगे, जिसका वह हक़दार है।
55:32Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٣٢
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:33Страница 532
يَٰمَعۡشَرَ ٱلۡجِنِّ وَٱلۡإِنسِ إِنِ ٱسۡتَطَعۡتُمۡ أَن تَنفُذُواْ مِنۡ أَقۡطَارِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ فَٱنفُذُواْۚ لَا تَنفُذُونَ إِلَّا بِسُلۡطَٰنٖ ٣٣
О сонмище джиннов и людей! Если вы можете проникнуть за пределы небес и земли, то проникните. Но вы не проникните, не обладая властью (или ясным доводом)!
जब अल्लाह क़ियामत के दिन जिन्नों और इनसानों को इकट्ठा करेगा, तो कहेगा : ऐ जिन्नों और इनसानों के समूह! अगर तुम अपने लिए आकाशों और धरती के किसी किनारे से भाग निकलने का कोई रास्ता खोज सको, तो ऐसा करो। लेकिन तुम बिना शक्ति और प्रमाण के ऐसा हरगिज़ नहीं कर पाओगे। और तुम्हारे पास वह कहाँ है?
55:34Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٣٤
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:35Страница 532
يُرۡسَلُ عَلَيۡكُمَا شُوَاظٞ مِّن نَّارٖ وَنُحَاسٞ فَلَا تَنتَصِرَانِ ٣٥
На вас нашлют зеленое пламя (или пламя без дыма) и расплавленную медь (или дым), и вы не поможете друг другу.
तुम दोनों पर (ऐ जिन्नो और इनसानो!) धुआँ रहित आग का ज्वाला और लौ से मुक्त धुआँ छोड़ा जाएगा, फिर तुम अपने आपको को उससे बचा नहीं पाओगे।
55:36Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٣٦
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:37Страница 532
فَإِذَا ٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتۡ وَرۡدَةٗ كَٱلدِّهَانِ ٣٧
И вот небо разверзнется и станет красным, как кипящее масло (или покрасневшая кожа; или расплавленный свинец).
फिर जब आसमान फट जाएगा, ताकि उससे फ़रिश्ते उतरें, तो वह अपने रंग की चमक में तेल की तरह लाल हो जाएगा।
55:38Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٣٨
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:39Страница 532
فَيَوۡمَئِذٖ لَّا يُسۡـَٔلُ عَن ذَنۢبِهِۦٓ إِنسٞ وَلَا جَآنّٞ ٣٩
В тот день ни человек, ни джинн не будет спрошен о его грехе.
फिर उस महान दिन किसी इनसान या किसी जिन्न से उसके गुनाह के बारे में नहीं पूछा जाएगा। क्योंकि अल्लाह उनके कर्मों को जानता है।
55:40Страница 532
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٤٠
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:41Страница 533
يُعۡرَفُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ بِسِيمَٰهُمۡ فَيُؤۡخَذُ بِٱلنَّوَٰصِي وَٱلۡأَقۡدَامِ ٤١
Грешников будут узнавать по их признакам, а затем хватать за хохлы и стопы.
क़ियामत के दिन अपराधियों को उनके निशान से पहचाना जाएगा, जो उनके चेहरे का कालापन और उनकी आँखों का नीलापन है। फिर उनके माथे के बालों को उनके पैरों से मिलाकर पकड़ा जाएगा और उन्हें जहन्नम में डाल दिया जाएगा।
55:42Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٤٢
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:43Страница 533
هَٰذِهِۦ جَهَنَّمُ ٱلَّتِي يُكَذِّبُ بِهَا ٱلۡمُجۡرِمُونَ ٤٣
Вот Геенна, которую грешники считали ложью.
और उन्हें फटकारते हुए कहा जाएगा : यह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग दुनिया में झुठलाते थे, उनकी आँखों के सामने है और वे इसका इनकार नहीं कर सकते।
55:44Страница 533
يَطُوفُونَ بَيۡنَهَا وَبَيۡنَ حَمِيمٍ ءَانٖ ٤٤
Они будут ходить между нею и кипящей водой.
वे उसके और अत्यंत गर्म पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।
55:45Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٤٥
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:46Страница 533
وَلِمَنۡ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِۦ جَنَّتَانِ ٤٦
Тем же, которые боялись предстать перед своим Господом, уготовано два сада.
जो व्यक्ति आख़िरत में अपने रब के सामने खड़े होने से डरा, अतः वह ईमान लाया और नेक कार्य किया - उसके लिए दो बाग़ हैं।
55:47Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٤٧
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
वे दोनों बाग़ बड़ी-बड़ी, ताज़ी और फलदार शाखाओं वाले हैं।
55:49Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٤٩
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
उन दोनों बाग़ों में दो जल स्रोत हैं, जो उनके बीच पानी के साथ गुज़रते हैं।
55:51Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٥١
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
उन दोनों बाग़ों में हर तरह के स्वादिष्ट फलों के दो प्रकार हैं।
55:53Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٥٣
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:54Страница 533
مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ فُرُشِۭ بَطَآئِنُهَا مِنۡ إِسۡتَبۡرَقٖۚ وَجَنَى ٱلۡجَنَّتَيۡنِ دَانٖ ٥٤
Они будут лежать, прислонившись, на матрацах, выстланных снизу парчой, а свежие плоды этих двух садов будут склоняться низко.
वे ऐसे बिछौनों पर तकिया लगाए होंगे, जिनके अस्तर मोटे रेशम के होंगे। तथा दोनों बाग़ों से तोड़े जाने वाले फल एवं मेवे बहुत निकट होंगे, जिन्हें आदमी खड़े, बैठे और लेटे हुए तोड़ सकेगा।
55:55Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٥٥
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:56Страница 533
فِيهِنَّ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ ٥٦
Там будут девы, потупляющие взоры, с которыми прежде не имели близости ни человек, ни джинн.
उनमें ऐसी स्त्रियाँ हैं, जिनकी निगाहें अपने पतियों तक ही सीमित हैं। उन्हें उनके पतियों से पहले किसी जिन्न या इनसान ने हाथ नहीं लगाया।
55:57Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٥٧
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
वे इतनी सुंदर और निखरे हुए रंग की होंगी, मानो माणिक और मूँगा हैं।
55:59Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٥٩
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:60Страница 533
هَلۡ جَزَآءُ ٱلۡإِحۡسَٰنِ إِلَّا ٱلۡإِحۡسَٰنُ ٦٠
Воздают ли за добро иначе, чем добром?
जिसने अपने रब का आज्ञापालन उत्तम ढंग से किया, उसका बदला इसके सिवा क्या है कि अल्लाह उसे उत्तम प्रतिफल प्रदान करे?!
55:61Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٦١
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
तथा इन दोनों पूर्वोक्त बाग़ों के अलावा दो अन्य बाग़ हैं।
55:63Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٦٣
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
इन दोनों बाग़ों की हरियाली बहुत अधिक है।
55:65Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٦٥
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
इन दोनों बाग़ों में दो जल स्रोत हैं, जिनसे बड़ी तेज़ी से पानी उबल रहा है, उनके पानी का उबलना बंद नहीं होता।
55:67Страница 533
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٦٧
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:68Страница 534
فِيهِمَا فَٰكِهَةٞ وَنَخۡلٞ وَرُمَّانٞ ٦٨
В них обоих есть фрукты, финиковые пальмы, гранаты.
इन दोनों बाग़ों में बहुत-से फल, बड़े-बड़े खजूर के पेड़ और अनार हैं।
55:69Страница 534
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٦٩
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
इन जन्नतों में अच्छी नैतिकता और सुंदर चेहरों वाली स्त्रियाँ हैं।
55:71Страница 534
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٧١
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:72Страница 534
حُورٞ مَّقۡصُورَٰتٞ فِي ٱلۡخِيَامِ ٧٢
Они - черноокие и большеглазые, удерживаемые в шатрах.
हूरें, जो उनकी रक्षा के लिए खेमों में रखी गई होंगी।
55:73Страница 534
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٧٣
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:74Страница 534
لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ ٧٤
С ними прежде не имели близости ни человек, ни джинн.
उनके पतियों से पहले कोई इनसान या जिन्न उनके पास नहीं आया।
55:75Страница 534
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٧٥
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:76Страница 534
مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ رَفۡرَفٍ خُضۡرٖ وَعَبۡقَرِيٍّ حِسَانٖ ٧٦
Они будут лежать, прислонившись, на зеленых подушках и прекрасных матрацах.
वे हरे गिलाफों वाले तकियों और सुंदर बिछौनों पर टेक लगाए हुए होंगे।
55:77Страница 534
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ٧٧
Какую же из милостей вашего Господа вы считаете ложью?
तो (ऐ जिन्नों और इनसानों के समुदाय!) तुम अपने ऊपर अल्लाह की ढेरों नेमतों में से किस-किस का इनकार करोगे?
55:78Страница 534
تَبَٰرَكَ ٱسۡمُ رَبِّكَ ذِي ٱلۡجَلَٰلِ وَٱلۡإِكۡرَامِ ٧٨
Благословенно имя Господа твоего, Обладающего величием и великодушием!
तुम्हारे पालनहार के नाम की भलाई बहुत अधिक और बड़ी है, जो महानता और अपने बंदों पर उपकार और कृतज्ञता वाला है।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии