Аль-МухтасарАль‑Вакиа · 56:1–89

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

الواقعة

Аль-Вакиа

Событие · Мекканская · 96 аятов

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إِذَا وَقَعَتِ ٱلۡوَاقِعَةُ ١

Когда наступит Событие (День воскресения),

जब अनिवार्य रूप से क़ियामत घटित हो जाएगी।

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لَيۡسَ لِوَقۡعَتِهَا كَاذِبَةٌ ٢

никто не сочтет его наступление ложью.

कोई प्राणी ऐसा नहीं होगा, जो उसका इनकार करे, जैसे दुनिया में इनकार कर देता था।

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خَافِضَةٞ رَّافِعَةٌ ٣

Оно унижает и возвышает.

वह पापी काफ़िरों को जहन्नम में दाखिल करके उन्हें नीचा करने वाली, और पुनीत ईमान वालों को जन्नत में दाखिल करके उन्हें ऊँचा करने वाली होगी।

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إِذَا رُجَّتِ ٱلۡأَرۡضُ رَجّٗا ٤

Когда земля сильно содрогнется,

जब धरती को बहुत ज़ोर से हिलाया जाएगा।

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وَبُسَّتِ ٱلۡجِبَالُ بَسّٗا ٥

когда горы раскрошатся на мелкие кусочки,

और पहाड़ बिलकुल महीन-महीन कर दिए जाएँगे।

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فَكَانَتۡ هَبَآءٗ مُّنۢبَثّٗا ٦

а затем превратятся в развеянный прах,

सो वे चकना चूर होने के कारण बिखरी हुई धूल बन जाएँगे, जिसमें स्थिरता नहीं होगी।

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وَكُنتُمۡ أَزۡوَٰجٗا ثَلَٰثَةٗ ٧

вы разделитесь на три группы.

और तुम उस दिन तीन प्रकार के लोग हो जाओगे।

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فَأَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ ٨

Одни будут по правую сторону. Кто же будет по правую сторону?

तो दाहिने हाथ वाले, जो अपने कर्मपत्र दाहिने हाथ से लेंगे। उनका पद कितना ऊँचा और महान है!

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وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡمَشۡـَٔمَةِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَشۡـَٔمَةِ ٩

Другие же будут по левую сторону. Кто же будет по левую сторону?

और बाएँ हाथ वाले, जो अपने कर्मपत्र बाएँ हाथ से लेंगे। उनकी स्थिति कितनी हीन और बदतर है!

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وَٱلسَّٰبِقُونَ ٱلسَّٰبِقُونَ ١٠

И будут опередившие их всех в добре, которые опередят их и в Раю.

और जो लोग दुनिया में नेक काम करने में पहल करने वाले हैं, वही लोग आख़िरत में जन्नत में प्रवेश करने में दूसरों से आगे रहने वाले हैं।

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أُوْلَٰٓئِكَ ٱلۡمُقَرَّبُونَ ١١

Это будут приближенные,

यही लोग अल्लाह की (विशेष) निकटता प्राप्त किए हुए हैं।

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فِي جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ ١٢

которые пребудут в Садах блаженства.

वे नेमत के बाग़ों में विभिन्न प्रकार की नेमतों का आनंद लेते होंगे।

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ثُلَّةٞ مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٣

Многие из них - из первых поколений,

इस उम्मत (के अगले लोगों) में से और पिछली उम्मतों में से एक समूह होगा।

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وَقَلِيلٞ مِّنَ ٱلۡأٓخِرِينَ ١٤

и лишь немногие - из последних.

और आखिरी ज़माने के थोड़े लोग ही आगे रहने वाले समीपवर्ती लोगों में से होंगे।

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عَلَىٰ سُرُرٖ مَّوۡضُونَةٖ ١٥

Они будут лежать на расшитых ложах

सोने से बुने हुए पलंगों पर।

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مُّتَّكِـِٔينَ عَلَيۡهَا مُتَقَٰبِلِينَ ١٦

друг против друга, прислонившись.

इन पलंगों पर तकिया लगाए आमने-सामने बैठे होंगे। उनमें से कोई दूसरे की पीठ को नहीं देखेगा।

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يَطُوفُ عَلَيۡهِمۡ وِلۡدَٰنٞ مُّخَلَّدُونَ ١٧

Вечно юные отроки будут обходить их

उनके पास उनकी सेवा के लिए ऐसे बालक घूम रहे होंगे, जो न कभी बूढ़े होंगे और न मरेंगे।

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بِأَكۡوَابٖ وَأَبَارِيقَ وَكَأۡسٖ مِّن مَّعِينٖ ١٨

с чашами, кувшинами и кубками с родниковым напитком (вином),

वे उनके आस-पास ऐसे प्यालों के साथ जिनके दस्ते नहीं होते, ऐसी सुराहियों के साथ जिनके दस्ते होते हैं और छलकते जाम लेकर फिर रहे होंगे, जो जन्नत में बहने वाली शराब के होंगे, जिनके सोते कभी बंद नहीं होंगे।

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لَّا يُصَدَّعُونَ عَنۡهَا وَلَا يُنزِفُونَ ١٩

от которого не болит голова и не теряют рассудок,

वह मदिरा दुनिया की मदिरा की तरह नहीं होगी। क्योंकि उसके पीने वाले को न सिर दर्द होगा और न ही उसकी बुद्धि प्रभावित होगी।

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وَفَٰكِهَةٖ مِّمَّا يَتَخَيَّرُونَ ٢٠

с фруктами, которые они выбирают,

और ये बालक उनके पास उनकी पसंद के फल लेकर फिर रहे होंगे।

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وَلَحۡمِ طَيۡرٖ مِّمَّا يَشۡتَهُونَ ٢١

и мясом птиц, которое они желают.

तथा पक्षियों का मांस लेकर फिर रहे होंगे, जिसकी वे इच्छा रखते हैं।

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وَحُورٌ عِينٞ ٢٢

Их женами будут черноокие, большеглазые девы,

और उनके लिए जन्नत में बड़ी आँखों वाली सुंदर स्त्रियाँ होंगी।

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كَأَمۡثَٰلِ ٱللُّؤۡلُوِٕ ٱلۡمَكۡنُونِ ٢٣

подобные сокрытым жемчужинам.

सीपियों में संरक्षित मोतियों की तरह।

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جَزَآءَۢ بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ٢٤

Таково воздаяние за то, что они совершали.

उनके लिए उन अच्छे कर्मों के प्रतिफल के तौर पर जो वे दुनिया में किया करते थे।

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لَا يَسۡمَعُونَ فِيهَا لَغۡوٗا وَلَا تَأۡثِيمًا ٢٥

Они не услышат там ни празднословия, ни греховных речей,

वे जन्नत में अश्लील बातें नहीं सुनेंगे, और न ही कोई ऐसी बात जिसके कहने वाले को पाप लगे।

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إِلَّا قِيلٗا سَلَٰمٗا سَلَٰمٗا ٢٦

а только слова: «Мир! Мир!».

वे केवल अपने आपपर फ़रिश्तों का सलाम और उनका आपस में एक-दूसरे को सलाम करना सुनेंगे।

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وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡيَمِينِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡيَمِينِ ٢٧

И будут те, кто по правую сторону. Кто же будет по правую сторону?

और दाहिने हाथ वाले - जो अपने कर्मपत्र अपने दाहिने हाथ में दिए जाएँगे - अल्लाह के निकट उनकी स्थिति और उनका पद कितना महान है!

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فِي سِدۡرٖ مَّخۡضُودٖ ٢٨

Они пребудут среди лотосов, лишенных шипов,

(वे) ऐसी बेरियों में होंगे जिनके काँटे काटे हुए हैं, उनमें कोई कष्ट नहीं है।

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وَطَلۡحٖ مَّنضُودٖ ٢٩

под бананами (или акациями камеденосными) с висящими рядами плодами,

और परत दर परत लगे हुए केलों में।

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وَظِلّٖ مَّمۡدُودٖ ٣٠

в распростертой тени,

और ऐसी छाया में जो अच्छी तरह फैली हुई, निरंतर रहने वाली है, जो कभी समाप्त न होगी।

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وَمَآءٖ مَّسۡكُوبٖ ٣١

среди разлитых вод

और सदा बहते पानी में।

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وَفَٰكِهَةٖ كَثِيرَةٖ ٣٢

и многочисленных фруктов,

तथा ढेर सारे फलों में जो सीमित नहीं हैं।

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لَّا مَقۡطُوعَةٖ وَلَا مَمۡنُوعَةٖ ٣٣

которые не кончаются и доступны.

ये फल उनके पास से कभी समाप्त नहीं होंगे। क्योंकि उनका कोई मौसम नहीं होगा। तथा जब भी वे उन्हें लेना चाहेंगे, उसमें कोई बाधा नहीं होगी।

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وَفُرُشٖ مَّرۡفُوعَةٍ ٣٤

Они будут лежать на приподнятых матрацах.

और पलंगों पर लगे ऊँचे बिस्तरों पर (होंगे)।

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إِنَّآ أَنشَأۡنَٰهُنَّ إِنشَآءٗ ٣٥

Мы сотворим их в новом облике (совершенными)

हमने उपर्युक्त हूरों को असामान्य तरीके से बनाया है।

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فَجَعَلۡنَٰهُنَّ أَبۡكَارًا ٣٦

и сделаем их девственницами,

चुनाँचे हमने उन्हें कुँवारियाँ बनाया, जिन्हें पहले छुआ नहीं गया।

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عُرُبًا أَتۡرَابٗا ٣٧

любящими и равными по возрасту.

जो अपने पतियों को प्रिय और समान उम्र वाली हैं।

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لِّأَصۡحَٰبِ ٱلۡيَمِينِ ٣٨

Это - для тех, кто по правую сторону.

हमने उन्हें दाहिने हाथ वालों के लिए बनाया है, जिन्हें उनके सौभाग्यशाली होने की निशानी के तौर पर दाईं ओर ले जाया जाएगा।

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ثُلَّةٞ مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ ٣٩

Многие из них - из первых поколений,

वे पिछले नबियों की उम्मतों में से एक समूह हैं।

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وَثُلَّةٞ مِّنَ ٱلۡأٓخِرِينَ ٤٠

а многие - из последних.

तथा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उम्मत में से एक समूह हैं, जो किअंतिम उम्मत है।

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وَأَصۡحَٰبُ ٱلشِّمَالِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلشِّمَالِ ٤١

И будут те, кто по левую сторону. Кто же будет по левую сторону?

और बाएँ हाथ वाले - जो अपने कर्मपत्र अपने बाएँ हाथ में दिए जाएँगे - उनकी स्थिति और उनका परिणाम कितना खराब है!

56:42Страница 535

فِي سَمُومٖ وَحَمِيمٖ ٤٢

Они окажутся под знойным ветром и в кипятке,

(वे) बहुत गर्म हवा में और बहुत गर्म पानी में (होंगे)।

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وَظِلّٖ مِّن يَحۡمُومٖ ٤٣

в тени черного дыма,

और काले धुएँ की छाया में होंगे।

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لَّا بَارِدٖ وَلَا كَرِيمٍ ٤٤

которая не приносит ни прохлады, ни добра.

जो न चलते हुए सुहावनी होगी और न अच्छा दिखने वाली होगी।

56:45Страница 535

إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَبۡلَ ذَٰلِكَ مُتۡرَفِينَ ٤٥

Прежде они нежились роскошью,

वे इस यातना तक पहुँचने से पहले, दुनिया की सुख-सुविधाओं का आनंद ले रहे थे, उन्हें अपनी इच्छाओं की पूर्ति के सिवा किसी चीज़ की परवाह नहीं थी।

56:46Страница 535

وَكَانُواْ يُصِرُّونَ عَلَى ٱلۡحِنثِ ٱلۡعَظِيمِ ٤٦

упорствовали в великом грехе

और वे अल्लाह का इनकार करने और उसे छोड़कर मूर्तियों की पूजा करने पर अड़े रहते थे।

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وَكَانُواْ يَقُولُونَ أَئِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ ٤٧

и говорили: «Неужели мы будем воскрешены после того, как мы умрем и станем прахом и костями?

और वे मरने के बाद पुनः जीवित किए जाने का इनकार करते थे। चुनाँचे उसका मज़ाक उड़ाते हुए और उसे असंभव समझते हुए कहते थे : क्या जब हम मर जाएँगे तथा मिट्टी और सड़ी हुई हड्डियाँ बन जाएँगे, तो क्या हम उसके बाद फिर से जीवित करके उठाए जाएँगे?!

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أَوَءَابَآؤُنَا ٱلۡأَوَّلُونَ ٤٨

Или же наши праотцы?».

और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी उठाए जाएँगे, जो हमसे पहले मर गए?!

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قُلۡ إِنَّ ٱلۡأَوَّلِينَ وَٱلۡأٓخِرِينَ ٤٩

Скажи: «Воистину, как первые, так и последние поколения

(ऐ रसूल!) आप इन पुनर्जीवन का इनकार करने वाले लोगों से कह दें : निःसंदेह अगले और पिछले (सभी) लोग।

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لَمَجۡمُوعُونَ إِلَىٰ مِيقَٰتِ يَوۡمٖ مَّعۡلُومٖ ٥٠

будут собраны в определенном месте в известный день.

क़ियामत के दिन हिसाब और बदले के लिए निश्चित रूप से एकत्र किए जाएँगे।

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ثُمَّ إِنَّكُمۡ أَيُّهَا ٱلضَّآلُّونَ ٱلۡمُكَذِّبُونَ ٥١

Тогда вы, о заблудшие, считающие лжецами посланников,

لَأٓكِلُونَ مِن شَجَرٖ مِّن زَقُّومٖ ٥٢

непременно вкусите от дерева заккум.

फिर निःसंदेह (ऐ मरणोपरांत पुनः जीवित किए जाने का इनकार करने वालो! सीधे मार्ग से भटके हुए लोगो!) तुम निश्चय क़ियामत के दिन ज़क़्क़ूम (थूहड़) के वृक्ष का फल खाने वाले हो, जो कि सबसे बुरा और सबसे गंदा फल है।

56:53Страница 536

فَمَالِـُٔونَ مِنۡهَا ٱلۡبُطُونَ ٥٣

Вы будете набивать ими животы

फिर उस कड़वे पेड़ (के फल) से अपने खाली पेट भरने वाले हो।

56:54Страница 536

فَشَٰرِبُونَ عَلَيۡهِ مِنَ ٱلۡحَمِيمِ ٥٤

и запивать их кипятком,

फिर उसपर अत्यधिक गर्म (खौलता हुआ) पानी पीने वाले हो।

56:55Страница 536

فَشَٰرِبُونَ شُرۡبَ ٱلۡهِيمِ ٥٥

как пьют больные верблюды, которые не могут спастись от жажды».

फिर उसे बहुत ज़्यादा पीने वाले हो, जिस तरह न बुझने वाले प्यास के रोग से पीड़ित ऊँट पीता चला जाता है।

56:56Страница 536

هَٰذَا نُزُلُهُمۡ يَوۡمَ ٱلدِّينِ ٥٦

Таким для них будет угощение в День воздаяния.

यह उल्लेख किया गया कड़वा भोजन और गर्म पानी उनका आतिथ्य है, जिसके साथ बदले के दिन उनका स्वागत किया जाएगा।

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نَحۡنُ خَلَقۡنَٰكُمۡ فَلَوۡلَا تُصَدِّقُونَ ٥٧

Мы сотворили вас. Почему же вы не признаете воскрешения?

हम ही ने (ऐ झुठलाने वालो!) तुम्हें पैदा किया, जबकि तुम कुछ नहीं थे। फिर तुम क्यों सच नहीं मानते कि हम तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हें दोबारा जीवित करके उठाएँगे?!

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أَفَرَءَيۡتُم مَّا تُمۡنُونَ ٥٨

Видели ли вы семя, которое вы извергаете?

तो क्या (ऐ लोगो!) तुमने उस वीर्य पर विचार किया, जो तुम अपनी स्त्रियों के गर्भाशयों में टपकाते हो?!

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ءَأَنتُمۡ تَخۡلُقُونَهُۥٓ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡخَٰلِقُونَ ٥٩

Вы создаете его или Мы создаем?

क्या तुम उस वीर्य को पैदा करते हो या हम ही उसे पैदा करते हैं?!

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نَحۡنُ قَدَّرۡنَا بَيۡنَكُمُ ٱلۡمَوۡتَ وَمَا نَحۡنُ بِمَسۡبُوقِينَ ٦٠

Мы распределили между вами смерть, и ничто не может помешать Нам

हम ही ने तुम्हारे बीच मृत्यु का समय निश्चित किया है। चुनाँचे तुममें से प्रत्येक व्यक्ति का एक निर्धारित समय है, जिससे वह न आगे बढ़ सकता है और न ही देर कर सकता है। और हम असमर्थ नहीं हैं।

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عَلَىٰٓ أَن نُّبَدِّلَ أَمۡثَٰلَكُمۡ وَنُنشِئَكُمۡ فِي مَا لَا تَعۡلَمُونَ ٦١

заменить вас подобными вам (или изменить ваше обличие) и создать вас такими, какими вы себе и не представляете.

कि हम तुम्हारी वर्तमान रचना और रूप को, जिसे तुम जानते हो, बदल दें और तुम्हें ऐसी रचना और रूप में पैदा कर दें, जिसे तुम नहीं जानते।

56:62Страница 536

وَلَقَدۡ عَلِمۡتُمُ ٱلنَّشۡأَةَ ٱلۡأُولَىٰ فَلَوۡلَا تَذَكَّرُونَ ٦٢

Вы уже знаете о первом сотворении. Почему же вы не помяните назидание?

निश्चय तुम तो यह जान चुके हो कि हमने तुम्हें पहली बार कैसे पैदा किया, फिर तुम विचार क्यों नहीं करते और जानते कि जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया है, वह तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हें पुनर्जीवित करने में सक्षम है?!

56:63Страница 536

أَفَرَءَيۡتُم مَّا تَحۡرُثُونَ ٦٣

Видели ли вы то, что вы сеете?

फिर क्या तुमने उस बीज पर विचार किया जो तुम धरती में डालते हो?!

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ءَأَنتُمۡ تَزۡرَعُونَهُۥٓ أَمۡ نَحۡنُ ٱلزَّٰرِعُونَ ٦٤

Вы ли заставляете его произрасти или Мы заставляем?

क्या तुम उस बीज को उगाते हो, या हम ही हैं जो उसे उगाते हैं?!

56:65Страница 536

لَوۡ نَشَآءُ لَجَعَلۡنَٰهُ حُطَٰمٗا فَظَلۡتُمۡ تَفَكَّهُونَ ٦٥

Если Мы пожелаем, то превратим его в труху, и тогда вы останетесь удивленными

यदि हम उस खेती को चूर-चूर करना चाहें, तो उसके पकने और काटे जाने के निकट होने के बाद, अवश्य उसे चूर-चूर कर दें। फिर उसके बाद तुम उसे पहुँचने वाली आपदा पर आश्चर्य करते रह जाओ।

56:66Страница 536

إِنَّا لَمُغۡرَمُونَ ٦٦

и скажите: «Воистину, мы потерпели убыток.

तुम कहने लगो : हमने जो कुछ खर्च किया था, उसकी हानि के द्वारा हमें दंडित किया गया है।

56:67Страница 536

بَلۡ نَحۡنُ مَحۡرُومُونَ ٦٧

Более того, мы лишились пропитания».

बल्कि हम रोज़ी से वंचित कर दिए गए हैं।

56:68Страница 536

أَفَرَءَيۡتُمُ ٱلۡمَآءَ ٱلَّذِي تَشۡرَبُونَ ٦٨

Видели ли вы воду, которую вы пьете?

फिर क्या तुमने उस पानी पर विचार किया, जो तुम प्यास लगने पर पीते हो?!

56:69Страница 536

ءَأَنتُمۡ أَنزَلۡتُمُوهُ مِنَ ٱلۡمُزۡنِ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡمُنزِلُونَ ٦٩

Вы ли ниспосылаете ее из дождевых туч или Мы ниспосылаем?

क्या तुमने उसे आसमान में बादलों से उतारा है, या हम ही ने उसे उतारा है?!

56:70Страница 536

لَوۡ نَشَآءُ جَعَلۡنَٰهُ أُجَاجٗا فَلَوۡلَا تَشۡكُرُونَ ٧٠

Если бы Мы пожелали, то сделали бы ее горькой. Почему же вы неблагодарны?

अगर हम उस पानी को अत्यंत खारा बनाना चाहें कि वह पीने या पानी देने के काम न आए, तो हम उसे अत्यंत खारा बना दें। फिर तुम अल्लाह का शुक्र अदा क्यों नहीं करते कि उसने तुमपर दया करते हुए मीठा पानी उतारा है?!

56:71Страница 536

أَفَرَءَيۡتُمُ ٱلنَّارَ ٱلَّتِي تُورُونَ ٧١

Видели ли вы огонь, который вы высекаете?

फिर क्या तुमने उस आग पर विचार किया जिसे तुम अपने फायदे के लिए जलाते हो?!

56:72Страница 536

ءَأَنتُمۡ أَنشَأۡتُمۡ شَجَرَتَهَآ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡمُنشِـُٔونَ ٧٢

Вы ли создаете деревья для него или Мы создаем?

क्या तुमने उस पेड़ को पैदा किया है, जिससे आग जलाई जाती है, या हम ही ने उसे तुमपर दया के स्वरूप पैदा किया है?!

56:73Страница 536

نَحۡنُ جَعَلۡنَٰهَا تَذۡكِرَةٗ وَمَتَٰعٗا لِّلۡمُقۡوِينَ ٧٣

Мы сделали его напоминанием и предметом пользования для путников.

हमने इस आग को तुम्हारे लिए आख़िरत की आग की याद दिलाने के लिए एक अनुस्मारक बना दिया है, तथा हमने इसे तुम्हारे यात्रियों के लिए एक लाभ बना दिया है।

56:74Страница 536

فَسَبِّحۡ بِٱسۡمِ رَبِّكَ ٱلۡعَظِيمِ ٧٤

Прославляй же имя Великого Господа твоего!

अतः (ऐ रसूल) आप अपने महान पालनहार को उन चीज़ों से पवित्र ठहराएँ , जो उसके योग्य नहीं हैं।

56:75Страница 536

۞ فَلَآ أُقۡسِمُ بِمَوَٰقِعِ ٱلنُّجُومِ ٧٥

Но нет! Клянусь местами заката звезд (или ниспослания частей Корана)!

अल्लाह ने सितारों के स्थानों और उनके गिरने की जगहों की क़सम खाई है।

56:76Страница 536

وَإِنَّهُۥ لَقَسَمٞ لَّوۡ تَعۡلَمُونَ عَظِيمٌ ٧٦

Если бы вы только знали, что это - клятва великая.

और निःसंदेह इन स्थानों की क़सम खाना (यदि तुम उसकी महानता जानते हो) बहुत बड़ी बात है; क्योंकि इनके अंदर अनगिनत निशानियाँ और पाठ मौजूद हैं।

56:77Страница 537

إِنَّهُۥ لَقُرۡءَانٞ كَرِيمٞ ٧٧

Воистину, это - благородный Коран,

निश्चय (ऐ लोगो!) तुम्हारे सामने पढ़ा जाने वाला यह क़ुरआन, एक सम्मानित एवं प्रतिष्ठित क़ुरआन है। क्योंकि इसमें महान लाभ निहित हैं।

56:78Страница 537

فِي كِتَٰبٖ مَّكۡنُونٖ ٧٨

находящийся в Хранимом Писании.

एक ऐसी किताब में अंकित है, जो लोगों की निगाहों से सुरक्षित है। और वह 'लौहे महफ़ूज़' है।

56:79Страница 537

لَّا يَمَسُّهُۥٓ إِلَّا ٱلۡمُطَهَّرُونَ ٧٩

К нему прикасаются только очищенные.

उसे केवल वे फरिशते छूते हैं, जो गुनाहों और दोषों से पवित्र किए गए हैं।

56:80Страница 537

تَنزِيلٞ مِّن رَّبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٨٠

Он ниспослан Господом миров.

यह सारी सृष्टि के पालनहार की ओर से उसके नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारा गया है।

56:81Страница 537

أَفَبِهَٰذَا ٱلۡحَدِيثِ أَنتُم مُّدۡهِنُونَ ٨١

Неужели вы не веруете в это повествование (или отворачиваетесь от него)

तो फिर क्या (ऐ मुश्रिको!) तुम इस वाणी को झुठलाने वाले हो, उसकी पुष्टि करने वाले नहीं हो?!

56:82Страница 537

وَتَجۡعَلُونَ رِزۡقَكُمۡ أَنَّكُمۡ تُكَذِّبُونَ ٨٢

и делаете ваш удел тем, что считаете ложью истину?

और तुम अल्लाह की दी हुई नेमतों पर उसका शुक्र इस तरह अदा करते हो कि उन्हें झुठला देते हो। इसलिए बारिश का श्रेय नक्षत्र को देते हो और कहते हो : हमपर अमुक और अमुक नक्षत्र के कारण बारिश हुई?!

56:83Страница 537

فَلَوۡلَآ إِذَا بَلَغَتِ ٱلۡحُلۡقُومَ ٨٣

А когда душа подступает к горлу

फिर क्यों नहीं जब रूह (आत्मा) गले को पहुँचती है।

56:84Страница 537

وَأَنتُمۡ حِينَئِذٖ تَنظُرُونَ ٨٤

и вы смотрите на умирающего,

और उस समय तुम अपने सामने मरने वाले को देख रहे होते हो।

56:85Страница 537

وَنَحۡنُ أَقۡرَبُ إِلَيۡهِ مِنكُمۡ وَلَٰكِن لَّا تُبۡصِرُونَ ٨٥

Мы находимся ближе вас к нему, хотя вы не видите этого.

और हम अपने ज्ञान और सामर्थ्य से और अपने फ़रिश्तों के माध्यम से, तुम्हारे मरने वाले के तुमसे अधिक निकट होते हैं, लेकिन तुम इन फ़रिश्तों को नहीं देखते।

56:86Страница 537

فَلَوۡلَآ إِن كُنتُمۡ غَيۡرَ مَدِينِينَ ٨٦

Почему же вы, если вы действительно не получите воздаяние

फिर क्यों नहीं (यदि तुम, अपने दावे के अनुसार, अपने कर्मों का बदला दिए जाने के लिए उठाए जाने वाले नहीं हो)

56:87Страница 537

تَرۡجِعُونَهَآ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ ٨٧

не вернете ее, если вы говорите правду?

इस आत्मा को वापस ले आते, जो तुम्हारे मरने वाले के शरीर से निकली है, यदि तुम सच्चे हो?! हालाँकि तुम ऐसा नहीं कर सकते।

56:88Страница 537

فَأَمَّآ إِن كَانَ مِنَ ٱلۡمُقَرَّبِينَ ٨٨

Если он будет одним из приближенных,

फिर अगर वह मरने वाला व्यक्ति अच्छे कामों में पहल करने वालों में से है।

56:89Страница 537

فَرَوۡحٞ وَرَيۡحَانٞ وَجَنَّتُ نَعِيمٖ ٨٩

то обретет покой (или радость; или милость), удел (или базилик) и Сад блаженства.

तो उसके लिए ऐसा आराम जिसके बाद कोई थकान नहीं, उत्तम रोज़ी और दया है, तथा उसके लिए ऐसी जन्नत है, जिसमें वह अपनी मनचाही चीज़ों का आनंद लेगा।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

Содержание

Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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