Аль-МухтасарАль‑Хашр · 59:1–24

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

الحشر

Аль-Хашр

Сбор · Мединская · 24 аята

59:1Страница 545

سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۖ وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ ١

Славит Аллаха то, что на небесах, и то, что на земле. Он - Могущественный, Мудрый.

आकाशों में और धरती पर जो भी प्राणी हैं, सब अल्लाह की महानता का वर्णन करते हैं तथा हर उस चीज़ से उसे पवित्र ठहराते हैं, जो उसकी महिमा के योग्य नहीं है। तथा वह प्रभुत्वशाली है, जिसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता, अपनी रचना, शरीयत और निर्णय (तक़दीर) में हिकमत वाला है।

59:2Страница 545

هُوَ ٱلَّذِيٓ أَخۡرَجَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ مِن دِيَٰرِهِمۡ لِأَوَّلِ ٱلۡحَشۡرِۚ مَا ظَنَنتُمۡ أَن يَخۡرُجُواْۖ وَظَنُّوٓاْ أَنَّهُم مَّانِعَتُهُمۡ حُصُونُهُم مِّنَ ٱللَّهِ فَأَتَىٰهُمُ ٱللَّهُ مِنۡ حَيۡثُ لَمۡ يَحۡتَسِبُواْۖ وَقَذَفَ فِي قُلُوبِهِمُ ٱلرُّعۡبَۚ يُخۡرِبُونَ بُيُوتَهُم بِأَيۡدِيهِمۡ وَأَيۡدِي ٱلۡمُؤۡمِنِينَ فَٱعۡتَبِرُواْ يَٰٓأُوْلِي ٱلۡأَبۡصَٰرِ ٢

Он - Тот, Кто изгнал неверующих людей Писания из их жилищ при первом сборе. Вы не полагали, что они уйдут. Они же думали, что их крепости защитят их от Аллаха. Но Аллах настиг их оттуда, откуда они не предполагали, и бросил в их сердца страх. Они разрушают свои дома собственными руками и руками верующих. Прислушайтесь же к назиданию, о обладающие зрением!

वही है, जिसने अल्लाह के साथ कुफ़्र करने और उसके रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को झुठलाने वाले बनी नज़ीर को, मदीना में स्थित उनके घरों से, मदीना से शाम (लेवांत) की ओर उनके पहले ही देश-निकाला के समय निष्कासित कर दिया। ये तौरात वाले यहूदियों में से थे। यह उनके अपनी प्रतिज्ञा को तोड़ देने और उसपर मुश्रिकों के साथ हो जाने के बाद हुआ। अल्लाह ने उन्हें शाम की ओर निकाल दिया। जबकि वे इस क़दर शक्तिशाली और ताक़तवर थे कि तुमने (ऐ मोमिनो!) सोचा भी नहीं था कि उन्हें कभी अपने घरों से निकलना पड़ेगा। और वे खुद भी समझ रहे थे कि उनके बनाए हुए क़िले उन्हें अल्लाह की पकड़ और यातना से बचा लेंगे। लेकिन अल्लाह की पकड़ उनके पास वहाँ से आई, जहाँ से आने का उन्हें अनुमान नहीं था। चुनाँचे अल्लाह ने अपने रसूल को उनसे युद्ध करने और उन्हें उनके घरों से निकाल बाहर करने का आदेश दे दिया। साथ ही अल्लाह ने उनके दिलों में अत्यधिक भय डाल दिया। वे अपने घरों को अंदर से अपने ही हाथों से विध्वंस कर रहे थे, ताकि मुसलमान उनसे लाभ न उठा सकें तथा मुसलमान उन्हें बाहर से विध्वंस कर रहे थे। अतः ऐ समझ-बूझ रखने वालो! इन लोगों को इनके कुफ़्र के कारण जिस चीज़ का सामना करना पड़ा, उससे सीख ग्रहण करो। इसलिए उनकी तरह मत बनो, अन्यथा उन्हीं के जैसे बदले और सज़ा का सामना करना पड़ेगा।

59:3Страница 545

وَلَوۡلَآ أَن كَتَبَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمُ ٱلۡجَلَآءَ لَعَذَّبَهُمۡ فِي ٱلدُّنۡيَاۖ وَلَهُمۡ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ عَذَابُ ٱلنَّارِ ٣

Если бы Аллах не предписал им исход, то Он непременно наказал бы их в этом мире. А в Последней жизни им уготованы мучения в Огне.

और अगर अल्लाह ने उनपर उन्हें उनके घरों से बाहर निकाल दिया जाना न लिख दिया होता, तो निश्चय वह दुनिया में उन्हें क़त्ल और क़ैद की सज़ा देता, और उनके लिए आख़िरत में आग की यातना है, जो उनकी प्रतीक्षा कर रही है, जिसमें वे हमेशा के लिए रहेंगे।

59:4Страница 546

ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ شَآقُّواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥۖ وَمَن يُشَآقِّ ٱللَّهَ فَإِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ ٤

Это - за то, что они воспротивились Аллаху и Его Посланнику. Если же кто-либо противится Аллаху, то ведь Аллах суров в наказании.

यह जो उनके साथ हुआ, वह इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने कुफ़्र करके और प्रतिज्ञाएँ तोड़कर अल्लाह का विरोध किया और उसके रसूल का विरोध किया। और जो अल्लाह का विरोध करे, तो अल्लाह बहुत कड़ी सज़ा देने वाला है। इसलिए उसे उसकी कड़ी सज़ा मिलकर रहेगी।

59:5Страница 546

مَا قَطَعۡتُم مِّن لِّينَةٍ أَوۡ تَرَكۡتُمُوهَا قَآئِمَةً عَلَىٰٓ أُصُولِهَا فَبِإِذۡنِ ٱللَّهِ وَلِيُخۡزِيَ ٱلۡفَٰسِقِينَ ٥

Срубили ли вы финиковые пальмы или оставили их стоять на их стволах - на то было соизволение Аллаха, дабы опозорить нечестивцев.

तुमने (ऐ मोमिनो के समुदाय) बनी नज़ीर के युद्ध के दौरान, अल्लाह के दुश्मनों को भड़काने के लिए जो भी खजूर के पेड़ काटे या जो पेड़ उनके तनों पर खड़े छोड़ दिए ताकि उनसे लाभ उठाओ, वह अल्लाह के आदेश से था। वह धरती में बिगाड़ पैदा करना नहीं था, जैसा कि उन्होंने दावा किया है। यह सब इसलिए हुआ ताकि अल्लाह अपनी अवज्ञा से निकल जाने वाले उन यहूदियों को अपमानित करे, जिन्होंने वचन तोड़ा और वफादारी के रास्ते को त्यागकर विश्वासघात का रास्ता चुना।

59:6Страница 546

وَمَآ أَفَآءَ ٱللَّهُ عَلَىٰ رَسُولِهِۦ مِنۡهُمۡ فَمَآ أَوۡجَفۡتُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ خَيۡلٖ وَلَا رِكَابٖ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يُسَلِّطُ رُسُلَهُۥ عَلَىٰ مَن يَشَآءُۚ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ٦

К добыче, которую Аллах вернул Своему Посланнику, вы не скакали рысью ни на конях, ни на верблюдах, но Аллах дарует Своим посланникам власть, над кем пожелает. Аллах способен на всякую вещь.

और अल्लाह ने बनी नज़ीर की संपत्ति में से अपने रसूल को जो कुछ दिया, तो उसे पाने के लिए तुमने घोड़े और ऊँट नहीं दौड़ाए और तुम्हें उसके लिए कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन अल्लाह अपने रसूल को जिसपर चाहता है, प्रभुत्व प्रदान कर देता है। चुनाँचे उसने अपने रसूल को बनी नज़ीर पर प्रभुत्व प्रदान कर दिया। इसलिए आपने बिना युद्ध किए उनके नगर पर विजय प्राप्त कर ली। और अल्लाह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है। उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती।

59:7Страница 546

مَّآ أَفَآءَ ٱللَّهُ عَلَىٰ رَسُولِهِۦ مِنۡ أَهۡلِ ٱلۡقُرَىٰ فَلِلَّهِ وَلِلرَّسُولِ وَلِذِي ٱلۡقُرۡبَىٰ وَٱلۡيَتَٰمَىٰ وَٱلۡمَسَٰكِينِ وَٱبۡنِ ٱلسَّبِيلِ كَيۡ لَا يَكُونَ دُولَةَۢ بَيۡنَ ٱلۡأَغۡنِيَآءِ مِنكُمۡۚ وَمَآ ءَاتَىٰكُمُ ٱلرَّسُولُ فَخُذُوهُ وَمَا نَهَىٰكُمۡ عَنۡهُ فَٱنتَهُواْۚ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۖ إِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ ٧

Добыча, которую Аллах вернул Своему Посланнику от жителей селений, принадлежит Аллаху, Посланнику, родственникам Пророка, сиротам, бедным и путникам, дабы не досталась она богатым среди вас. Берите же то, что дал вам Посланник, и сторонитесь того, что он запретил вам. Бойтесь Аллаха, ведь Аллах суров в наказании.

अल्लाह ने अपने रसूल को बस्तियों वालों की संपत्ति में से जो कुछ बिना युद्ध किए दिया है, वह अल्लाह के लिए है, वह जिसे चाहे प्रदान करे, तथा उसके रसूल के लिए है जो उनके स्वामित्व में है, तथा बनी हाशिम और बनी मुत्तलिब में से आपके रिश्तेदारों के लिए है; उनके लिए उसके मुआवज़े के रूप में है जो उन्हें दान से रोक दिया गया है, तथा अनाथों के लिए, ग़रीबों के लिए और उस पथिक के लिए है जिसका खर्च समाप्त हो गया हो। यह आदेश इसलिए दिया गया है, ताकि ऐसा न हो कि धन केवल अमीरों के बीच घूमता रहे और ग़रीब लोग उससे वंचित रह जाएँ। और रसूल तुम्हें बिना युद्ध के प्राप्त होने वाले धन में से जो कुछ दें, उसे (ऐ ईमान वालो!) ले लो और जिससे तुम्हें रोक दें, उससे रुक जाओ। और अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करते हुए और उसके निषेधों से बचते हुए, डरते रहो। निश्चय अल्लाह बहुत कठोर सज़ा देने वाला है। अतः उसकी सज़ा से बचो।

59:8Страница 546

لِلۡفُقَرَآءِ ٱلۡمُهَٰجِرِينَ ٱلَّذِينَ أُخۡرِجُواْ مِن دِيَٰرِهِمۡ وَأَمۡوَٰلِهِمۡ يَبۡتَغُونَ فَضۡلٗا مِّنَ ٱللَّهِ وَرِضۡوَٰنٗا وَيَنصُرُونَ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥٓۚ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلصَّٰدِقُونَ ٨

А также неимущим мухаджирам, которые были изгнаны из своих жилищ и лишены своего имущества. Они стремятся к милости Аллаха и довольству и помогают Аллаху и Его Посланнику. Они являются правдивыми.

इस धन का कुछ हिस्सा अल्लाह की ख़ातिर घर-बार छोड़ने वाले उन ग़रीबों पर खर्च किया जाएगा, जो अपने धनों और बाल-बच्चों को छोड़ने के लिए मजबूर किए गए। वे आशा करते हैं कि अल्लाह उन्हें इस दुनिया में जीविका और आख़िरत में अपनी प्रसन्नता प्रदान करेगा। वे अल्लाह के रास्ते में जिहाद करके अल्लाह की मदद तथा उसके रसूल की मदद करते हैं। जो इन गुणों से विशिष्ट हैं, वही लोग वास्तव में ईमान में दृढ़ हैं।

59:9Страница 546

وَٱلَّذِينَ تَبَوَّءُو ٱلدَّارَ وَٱلۡإِيمَٰنَ مِن قَبۡلِهِمۡ يُحِبُّونَ مَنۡ هَاجَرَ إِلَيۡهِمۡ وَلَا يَجِدُونَ فِي صُدُورِهِمۡ حَاجَةٗ مِّمَّآ أُوتُواْ وَيُؤۡثِرُونَ عَلَىٰٓ أَنفُسِهِمۡ وَلَوۡ كَانَ بِهِمۡ خَصَاصَةٞۚ وَمَن يُوقَ شُحَّ نَفۡسِهِۦ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُفۡلِحُونَ ٩

А те, которые жили в доме (Медине) и обрели веру до них, любят переселившихся к ним и не ощущают никакой нужды к тому, что даровано им. Они отдают им предпочтение перед собой, даже если они сами нуждаются. А те, кто уберегся от собственной скупости, являются преуспевшими.

और वे अंसार, जो मुहाजिरों से पहले से मदीना में निवास करते थे तथा उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान को चुन लिया था, वे उन लोगों से प्रेम करते हैं, जो मक्का से हिजरत करके उनके यहाँ आए हैं। तथा अपने दिलों में अल्लाह के रास्ते में हिजरत करने वाले लोगों के बारे में कोई क्रोध तथा ईर्ष्या नहीं पाते, जब मुहाजिरों को बिना युद्ध के प्राप्त होने वाले धन में से कुछ दिया जाता है और उन्हें नहीं दिया जाता। और वे सांसारिक फायदों के मामले में, मुहाजिरों को खुद से आगे रखते हैं, यद्यपि खुद ग़रीब और ज़रूरतमंद हों। और जिसके दिल को अल्लाह धन की लालच से बचा ले, और वह उसे अल्लाह की राह में खर्च करने लगे, तो ऐसे ही लोग हैं जो अपनी आकांक्षाओं की प्राप्ति और जिस चीज़ से डरते हैं उससे मुक्ति में सफल होने वाले हैं।

59:10Страница 547

وَٱلَّذِينَ جَآءُو مِنۢ بَعۡدِهِمۡ يَقُولُونَ رَبَّنَا ٱغۡفِرۡ لَنَا وَلِإِخۡوَٰنِنَا ٱلَّذِينَ سَبَقُونَا بِٱلۡإِيمَٰنِ وَلَا تَجۡعَلۡ فِي قُلُوبِنَا غِلّٗا لِّلَّذِينَ ءَامَنُواْ رَبَّنَآ إِنَّكَ رَءُوفٞ رَّحِيمٌ ١٠

А те, которые пришли после них, говорят: «Господь наш! Прости нас и наших братьев, которые уверовали раньше нас! Не насаждай в наших сердцах ненависти и зависти к тем, кто уверовал. Господь наш! Воистину, Ты - Сострадательный, Милосердный».

और जो इन लोगों के बाद आए और क़ियामत के दिन तक भलाई के साथ उनका अनुसरण किया, वे कहते हैं : ऐ हमारे पालनहार! हमें क्षमा कर दे और हमारे उन इस्लामी भाइयों को भी क्षमा कर दे, जो हमसे पहले अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए हैं। तथा हमारे दिलों में किसी मोमिन के प्रति घृणा तथा द्वेष न रख। ऐ हामारे पालनहार! निश्चय तू अपने बंदों के प्रति बहुत स्नेहक, उनपर अत्यंत दयालु है।

59:11Страница 547

۞ أَلَمۡ تَرَ إِلَى ٱلَّذِينَ نَافَقُواْ يَقُولُونَ لِإِخۡوَٰنِهِمُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ لَئِنۡ أُخۡرِجۡتُمۡ لَنَخۡرُجَنَّ مَعَكُمۡ وَلَا نُطِيعُ فِيكُمۡ أَحَدًا أَبَدٗا وَإِن قُوتِلۡتُمۡ لَنَنصُرَنَّكُمۡ وَٱللَّهُ يَشۡهَدُ إِنَّهُمۡ لَكَٰذِبُونَ ١١

Разве ты не видишь, что лицемеры говорят своим неверующим братьям из числа людей Писания: «Если вас изгонят, то мы уйдем вместе с вами и никогда никому не подчинимся против вас. А если с вами сразятся, то мы обязательно поможем вам». Аллах свидетельствует о том, что они являются лжецами.

क्या (ऐ रसूल) आपने उन लोगों को नहीं देखा, जिन्होंने कुफ़्र को छिपाया और ईमान का प्रदर्शन किया कि वे विकृत तौरात को मानने वाले यहूदियों में से अपने काफ़िर भाइयों से कहते हैं : अपने घरों के अंदर डटे रहो, हम तुम्हारी सहायता से पीछे नहीं हटेंगे और तुम्हें असहाय नहीं छोड़ेंगे। यदि मुसलमानों ने तुम्हें यहाँ से बाहर निकाल दिया, तो हम भी तुम्हारे साथ एकजुटता दिखाते हुए निकल खड़े होंगे। तथा हम किसी की भी बात नहीं मानेंगे, जो हमें तुम्हारे साथ बाहर जाने से रोकना चाहेगा। और अगर मुसलमानों ने तुमसे युद्ध किया, तो हम उनके विरुद्ध तुम्हारी मदद करेंगे। हालाँकि अल्लाह गवाही देता है कि निःसंदेह मुनाफ़िक़ अपने इस दावे में झूठे हैं कि यदि यहूदियों को निकाला गया तो वे उनके साथ निकल खड़े होंगे और यदि उनसे युद्ध किया गया तो वे उनकी ओर से युद्ध करेंगे।

59:12Страница 547

لَئِنۡ أُخۡرِجُواْ لَا يَخۡرُجُونَ مَعَهُمۡ وَلَئِن قُوتِلُواْ لَا يَنصُرُونَهُمۡ وَلَئِن نَّصَرُوهُمۡ لَيُوَلُّنَّ ٱلۡأَدۡبَٰرَ ثُمَّ لَا يُنصَرُونَ ١٢

Если они будут изгнаны, то те не уйдут вместе с ними. Если с ними сразятся, то они не помогут им. А если даже они помогут им, то повернут вспять, после чего уже никто не поможет им.

अगर मुसलमानों ने यहूदियों को निकाल दिया, तो वे उनके साथ नहीं निकलेंगे। और अगर मुसलमानों ने उनसे युद्ध किया, तो वे उनकी सहायता और मदद नहीं करेंगे। और अगर उनकी मदद और सहायता करने के लिए निकले भी, तो उनसे पीठ फेरकर भाग खड़े होंगे। फिर इसके बाद मुनाफ़िक़ों की मदद नहीं की जाएगी, बल्कि अल्लाह उन्हें अपमानित और तिरस्कृत करेगा।

59:13Страница 547

لَأَنتُمۡ أَشَدُّ رَهۡبَةٗ فِي صُدُورِهِم مِّنَ ٱللَّهِۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ قَوۡمٞ لَّا يَفۡقَهُونَ ١٣

Воистину, они страшатся вас в сердцах сильнее, чем Аллаха, поскольку они являются людьми непонимающими.

निश्चय मुनाफ़िकों और यहूदियों के दिलों में (ऐ मोमिनो) तुम्हारा भय अल्लाह (के भय) से अधिक है। और यह (अर्थात् उनका तुमसे अत्यधिक डरना और अल्लाह का डर कमज़ोर होना) इस कारण है कि वे ऐसे लोग हैं, जो कुछ नहीं समझते। क्योंकि यदि वे समझते होते, तो उन्हें पता होता कि अल्लाह डरने और भयभीत होने के अधिक योग्य है। क्योंकि उसी ने तुम्हें उनपर प्रभुत्व प्रदान किया है।

59:14Страница 547

لَا يُقَٰتِلُونَكُمۡ جَمِيعًا إِلَّا فِي قُرٗى مُّحَصَّنَةٍ أَوۡ مِن وَرَآءِ جُدُرِۭۚ بَأۡسُهُم بَيۡنَهُمۡ شَدِيدٞۚ تَحۡسَبُهُمۡ جَمِيعٗا وَقُلُوبُهُمۡ شَتَّىٰۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ قَوۡمٞ لَّا يَعۡقِلُونَ ١٤

Они не станут сражаться с вами вместе, разве что в укрепленных селениях или из-за стен. Меж собой у них жестокая вражда. Ты полагаешь, что они едины, но сердца их разобщены. Это потому, что они - люди неразумные.

यहूदी तुमसे (ऐ मोमिनो) इकट्ठे होकर युद्ध नहीं करेंगे, परंतु क़िलेबंद बस्तियों में या दीवारों के पीछे से। क्योंकि वे अपनी कायरता के कारण तुम्हारा सामना नहीं कर सकते। उनके बीच दुश्मनी के कारण उनकी आपस की लड़ाई बहुत सख़्त है। आप समझते हैं कि वे एकजुट हैं और उनके अंदर एकता है, जबकि सच्चाई यह है कि उनके दिल अलग-अलग हैं। यह विभेद और दुश्मनी इस कारण है कि वे बुद्धि नहीं रखते। क्योंकि यदि वे बुद्धि रखते, तो सत्य को जानते और उसका पालन करते और उसके बारे में विभेद न करते।

59:15Страница 547

كَمَثَلِ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡ قَرِيبٗاۖ ذَاقُواْ وَبَالَ أَمۡرِهِمۡ وَلَهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٞ ١٥

Они подобны своим недавним предшественникам, которые вкусили пагубность своих деяний и которым уготованы мучительные страдания.

इन यहूदियों का उदाहरण उनके कुफ़्र तथा यातना ग्रस्त होने में, ठीक उसी तरह है, जैसे हाल ही में उन लोगों का था जो इनसे पहले मक्का के बहुदेववादियों में से थे। चुनाँचे उन्होंने अपने कुफ़्र का बुरा परिणाम चख लिया और बद्र के दिन उनमें से कुछ लोग मारे गए और कुछ लोग पकड़ लिए गए। तथा आख़िरत में उनके लिए दर्दनाक यातना है।

59:16Страница 547

كَمَثَلِ ٱلشَّيۡطَٰنِ إِذۡ قَالَ لِلۡإِنسَٰنِ ٱكۡفُرۡ فَلَمَّا كَفَرَ قَالَ إِنِّي بَرِيٓءٞ مِّنكَ إِنِّيٓ أَخَافُ ٱللَّهَ رَبَّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٦

Они подобны дьяволу, который говорит человеку: «Не веруй!». Когда же тот становится неверующим, он говорит: «Я не причастен к тебе! Я боюсь Аллаха, Господа миров».

मुनाफ़िक़ों की बात सुनने के मामले में इन (यहूदियों) का उदाहरण शैतान की तरह है जब वह इनसान के लिए कुफ़्र करने को सुंदर बनाकर पेश करता है, फिर जब वह उसके लिए कुफ़्र को शोभित करने के कारण कुफ़्र कर बैठता है, तो कहता है : मैं तुम्हारे इस कुफ़्र करने से बरी हूँ। मैं प्राणियों के पालनहार अल्लाह से डरता हूँ।

59:17Страница 548

فَكَانَ عَٰقِبَتَهُمَآ أَنَّهُمَا فِي ٱلنَّارِ خَٰلِدَيۡنِ فِيهَاۚ وَذَٰلِكَ جَزَٰٓؤُاْ ٱلظَّٰلِمِينَ ١٧

Концом тех и других станет попадание в Огонь, в котором они пребудут вечно. Таково воздаяние беззаконникам!

अतः शैतान और उसकी बात मानने वाले इनसान, दोनों का अंतिम परिणाम यह हुआ कि दोनों क़ियामत के दिन जहन्नम में जाएँगे, जिसमें हमेशा के लिए रहेंगे। और यह प्रतिफल जो उन दोनों की प्रतीक्षा कर रहा है, यही उन लोगों का बदला है, जो अल्लाह की मर्यादाओं को लांघ कर अपने आपपर अत्याचार करने वाले हैं।

59:18Страница 548

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَلۡتَنظُرۡ نَفۡسٞ مَّا قَدَّمَتۡ لِغَدٖۖ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۚ إِنَّ ٱللَّهَ خَبِيرُۢ بِمَا تَعۡمَلُونَ ١٨

О те, которые уверовали! Бойтесь Аллаха, и пусть душа посмотрит, что она приготовила на завтрашний день. Бойтесь Аллаха, ведь Аллах ведает о том, что вы совершаете.

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसकी शरीयत पर अमल करने वालो! अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करते हुए और उसके निषेधों से बचते हुए, डरते रहो। और हर आदमी यह विचार करे कि उसने क़ियामत के दिन के लिए क्या नेक कार्य आगे भेजा है। तथा अल्लाह से डरो। निश्चय वह तुम्हारे कर्मों से अच्छी तरह अवगत है। उससे तुम्हारा कोई कार्य छिपा नहीं है। और वह तुम्हें तुम्हारे कर्मों का बदला देगा।

59:19Страница 548

وَلَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ نَسُواْ ٱللَّهَ فَأَنسَىٰهُمۡ أَنفُسَهُمۡۚ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡفَٰسِقُونَ ١٩

Не будьте подобны тем, которые забыли Аллаха, и Он заставил забыть самих себя. Они являются нечестивцами.

और उन लोगों की तरह न हो जाओ, जिन्होंने अल्लाह को, उसके आदेशों का पालन करना और उसके निषेधों से बचना छोड़कर, भुला दिया। तो अल्लाह ने उन्हें ऐसा कर दिया कि वे अपने आप ही को भूल गए। चुनाँचे उन्होंने अपने आपको अल्लाह के क्रोध और उसके दंड से बचाने के लिए कार्य नहीं किया। यही लोग, जिन्होंने अल्लाह को भुला दिया - चुनाँचे उसके आदेश का पालन नहीं किया और उसके निषेध से नहीं बचे - अल्लाह की आज्ञाकारिता से बाहर निकलने वाले हैं।

59:20Страница 548

لَا يَسۡتَوِيٓ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِ وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِۚ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِ هُمُ ٱلۡفَآئِزُونَ ٢٠

Обитатели Огня не равны обитателям Рая. Обитатели Рая являются преуспевшими.

जहन्नम वाले और जन्नत वाले बराबर नहीं हो सकते। बल्कि जैसे दुनिया में उनके कर्म अलग-अलग थे, वैसे ही आख़िरत में उनके प्रतिफल अलग-अलग होंगे। जन्नत वाले लोग ही अपनी इच्छित चीज़ों को प्राप्त करने और अपने भय की चीज़ों से बचने में सफल लोग हैं।

59:21Страница 548

لَوۡ أَنزَلۡنَا هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانَ عَلَىٰ جَبَلٖ لَّرَأَيۡتَهُۥ خَٰشِعٗا مُّتَصَدِّعٗا مِّنۡ خَشۡيَةِ ٱللَّهِۚ وَتِلۡكَ ٱلۡأَمۡثَٰلُ نَضۡرِبُهَا لِلنَّاسِ لَعَلَّهُمۡ يَتَفَكَّرُونَ ٢١

Если бы Мы ниспослали этот Коран горе, то ты увидел бы, как она смиренно раскалывается от страха перед Аллахом. Такие притчи Мы приводим людям для того, чтобы они поразмыслили.

अगर हमने इस क़ुरआन को किसी पहाड़ पर उतारा होता, तो (ऐ रसूल!) आप देखते कि वह पहाड़ अपनी कठोरता के बावजूद, अल्लाह के भय की गंभीरता से दब कर टूट जाता; क्योंकि उसमें निरोधात्मक उपदेश और कड़ी चेतावनियाँ हैं। ये उदाहरण हम लोगों के लिए इसलिए बयान करते हैं, ताकि वे अपनी बुद्धियों से काम लें और इस क़ुरआन की आयतों में जो उपदेश और शिक्षाएँ हैं, उनसे सीख प्राप्त करें।

59:22–23Страница 548

هُوَ ٱللَّهُ ٱلَّذِي لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ عَٰلِمُ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِۖ هُوَ ٱلرَّحۡمَٰنُ ٱلرَّحِيمُ ٢٢

Он - Аллах, и нет божества, кроме Него, Ведающего сокровенное и явное. Он - Милостивый, Милосердный.

هُوَ ٱللَّهُ ٱلَّذِي لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلۡمَلِكُ ٱلۡقُدُّوسُ ٱلسَّلَٰمُ ٱلۡمُؤۡمِنُ ٱلۡمُهَيۡمِنُ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡجَبَّارُ ٱلۡمُتَكَبِّرُۚ سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يُشۡرِكُونَ ٢٣

Он - Аллах, и нет божества, кроме Него, Властелина, Святого, Пречистого, Оберегающего, Хранителя, Могущественного, Могучего, Гордого. Пречист Аллах и далек от того, что они приобщают в сотоварищи.

वही अल्लाह है, जिसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं, वह परोक्ष तथा प्रत्यक्ष का जानने वाला है, उसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। वह दुनिया तथा आख़िरत में अत्यंत दयावान् और असीम दया करने वाला है, उसकी दया सभी लोकों पर विस्तारित है, वह बादशाह है, हर कमी से पाक और पवित्र है, हर दोष से रहित है। स्पष्ट निशानियों (चमत्कारों) के द्वारा अपने रसूलों की पुष्टि करने वाला है, अपने बंदों के कर्मों पर निरीक्षक है, सब पर प्रभुत्वशाली है, जिसपर कोई विजय प्राप्त नहीं कर सकता, शक्तिशाली है जिसने हर वस्तु को अपनी शक्ति से वशीभूत कर रखा है, बहुत बड़ाई वाला है। अल्लाह उन मूर्तियों आदि से पवित्र है, जिन्हें मुश्रिक लोग उसके साथ साझी बनाते हैं।

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هُوَ ٱللَّهُ ٱلۡخَٰلِقُ ٱلۡبَارِئُ ٱلۡمُصَوِّرُۖ لَهُ ٱلۡأَسۡمَآءُ ٱلۡحُسۡنَىٰۚ يُسَبِّحُ لَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ ٢٤

Он - Аллах, Творец, Создатель, Дарующий облик. У Него - самые прекрасные имена. Славит Его то, что на небесах и на земле. Он - Могущественный, Мудрый.

वही अल्लाह रचयिता है, जिसने हर चीज़ की रचना की। वह चीज़ों को अस्तित्व प्रदान करनेवाला है, वह जैसा चाहता है, उसके अनुसार अपनी मखलूक़ात को रूप देने वाला है। उस महिमावान के सबसे सुंदर नाम हैं जो उसकी सर्वोच्च विशेषताओं पर आधारित हैं। हर वह चीज़ जो आकाशों और धरती में है उसके हर कमी से पवित्र और उत्कृष्ट होने का वर्णन करती है, वह प्रभुत्वशाली है, जिसपर कोई विजय प्राप्त नहीं कर सकता, वह अपनी रचना, विधान और निर्णय में ह़िकमत वाला है।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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