Аль-МухтасарАс‑Сафф · 61:1–14

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

الصف

Ас-Сафф

Ряды · Мединская · 14 аятов

61:1Страница 551

سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۖ وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ ١

Славит Аллаха то, что на небесах, и то, что на земле. Он - Могущественный, Мудрый.

आकाशों और धरती में जो कुछ है, सबने अल्लाह के हर उस चीज़ से पाक एवं पवित्र होने का गान किया, जो उसकी महिमा के योग्य नहीं है। और वह प्रभुत्वशाली है, जिसे कोई परास्त नहीं कर सकता, वह अपनी रचना, तक़दीर एवं शरीयत में हिकमत वाला है।

61:2Страница 551

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لِمَ تَقُولُونَ مَا لَا تَفۡعَلُونَ ٢

О те, которые уверовали! Почему вы говорите то, чего не делаете?

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने वालो! तुम क्यों कहते हो : हमने ऐसा किया है, जबकि वास्तव में तुमने उसे नहीं किया है?! जैसे तुममें से कोई कहे कि मैं अपनी तलवार से लड़ा और मारा। जबकि वह अपनी तलवार से न लड़ा है और न मारा है।

61:3Страница 551

كَبُرَ مَقۡتًا عِندَ ٱللَّهِ أَن تَقُولُواْ مَا لَا تَفۡعَلُونَ ٣

Велика ненависть Аллаха к тому, что вы говорите то, чего не делаете.

यह अल्लाह के निकट बहुत घृणित और अप्रिय बात है कि तुम वह कहो जो तुम करते नहीं। इसलिए मोमिन के लिए उचित यही है कि वह अल्लाह के साथ सच्चा हो। उसकी करनी उसकी कथनी की पुष्टि करे।

61:4Страница 551

إِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلَّذِينَ يُقَٰتِلُونَ فِي سَبِيلِهِۦ صَفّٗا كَأَنَّهُم بُنۡيَٰنٞ مَّرۡصُوصٞ ٤

Воистину, Аллах любит тех, которые сражаются на Его пути рядами, словно они - прочное строение.

निःसंदेह अल्लाह उन मोमिन बंदों से प्रेम करता है, जो उसके मार्ग में उसकी प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए इस तरह पंक्तिबद्ध होकर युद्ध करते हैं, गोया वे एक सीसा पिलाई हुई इमारत हैं।

61:5Страница 551

وَإِذۡ قَالَ مُوسَىٰ لِقَوۡمِهِۦ يَٰقَوۡمِ لِمَ تُؤۡذُونَنِي وَقَد تَّعۡلَمُونَ أَنِّي رَسُولُ ٱللَّهِ إِلَيۡكُمۡۖ فَلَمَّا زَاغُوٓاْ أَزَاغَ ٱللَّهُ قُلُوبَهُمۡۚ وَٱللَّهُ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلۡفَٰسِقِينَ ٥

Вот сказал Муса (Моисей) своему народу: «О мой народ! Почему вы причиняете мне страдания, зная, что я послан к вам Аллахом?». Когда же они уклонились, Аллах совратил их сердца. Аллах не ведет прямым путем людей нечестивых.

और (ऐ रसूल) उस समय को याद करें, जब मूसा अलैहिस्लाम ने अपनी जाति के लोगों से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम मेरे आदेश का उल्लंघन करके मुझे कष्ट क्यों देते हो, जबकि तुम जानते हो कि मैं तुम्हारी ओर अल्लाह का रसूल हूँ?! फिर जब वे उस सत्य से विचलित हो गए और हट गए, जो मूसा अलैहिस्सलाम उनके पास लेकर आए थे, तो अल्लाह ने उनके दिलों को सत्य और सत्यनिष्ठा (धर्मपरायणता) से हटा दिया। और अल्लाह उन लोगों को सत्य की तौफ़ीक़ नहीं देता, जो उसकी अवज्ञा करने वाले हों।

61:6Страница 552

وَإِذۡ قَالَ عِيسَى ٱبۡنُ مَرۡيَمَ يَٰبَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ إِنِّي رَسُولُ ٱللَّهِ إِلَيۡكُم مُّصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيَّ مِنَ ٱلتَّوۡرَىٰةِ وَمُبَشِّرَۢا بِرَسُولٖ يَأۡتِي مِنۢ بَعۡدِي ٱسۡمُهُۥٓ أَحۡمَدُۖ فَلَمَّا جَآءَهُم بِٱلۡبَيِّنَٰتِ قَالُواْ هَٰذَا سِحۡرٞ مُّبِينٞ ٦

А вот Иса (Иисус), сын Марьям (Марии), сказал: «О сыны Исраила (Израиля)! Я послан к вам Аллахом, чтобы подтвердить правдивость того, что было в Таурате (Торе) до меня, и чтобы сообщить благую весть о Посланнике, который придет после меня, имя которого будет Ахмад (Мухаммад)». Когда же он явился к ним с ясными знамениями, они сказали: «Это - очевидное колдовство».

और (ऐ रसूल) उस समय को याद करें, जब ईसा बिन मर्यम अलैहिस्सलाम ने कहा : ऐ बनी इसराईल, मैं अल्लाह का रसूल हूँ, जिसने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, अपने से पहले अवतरित किताब तौरात की पुष्टि करने वाला हूँ। अतः, मैं कोई नया रसूल नहीं हूँ, तथा एक रसूल की शुभ सूचना देने वाला हूँ, जो मेरे बाद आएगा, जिसका नाम अहमद होगा। फिर जब ईसा अलैहिस्सलाम उनके पास अपनी सच्चाई को दर्शाने वाले प्रमाण लेकर आए, तो उन्होंने कहा : यह खुला हुआ जादू है। अतः हम इसका पालन नहीं करेंगे।

61:7Страница 552

وَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّنِ ٱفۡتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ ٱلۡكَذِبَ وَهُوَ يُدۡعَىٰٓ إِلَى ٱلۡإِسۡلَٰمِۚ وَٱللَّهُ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّٰلِمِينَ ٧

Кто же может быть несправедливее того, кто измышляет ложь об Аллахе, когда его призывают к исламу? Аллах не ведет прямым путем несправедливых людей.

और उससे अधिक अत्याचारी कोई नहीं है, जो अल्लाह के विरुद्ध झूठ गढ़े और उसके समकक्ष ठहराकर उसे छोड़कर उनकी पूजा करे, जबकि उसे अल्लाह के लिए विशुद्ध एकेश्वरवाद के धर्म इस्लाम की ओर बुलाया जा रहा है। और अल्लाह उन लोगों को हिदायत और सत्य का रास्ता नहीं दिखाता, जो शिर्क और गुनाहों के द्वारा अपने आप पर अत्याचार करने वाले हैं।

61:8Страница 552

يُرِيدُونَ لِيُطۡفِـُٔواْ نُورَ ٱللَّهِ بِأَفۡوَٰهِهِمۡ وَٱللَّهُ مُتِمُّ نُورِهِۦ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡكَٰفِرُونَ ٨

Они хотят погасить свет Аллаха своими ртами, но Аллах сохранит Свой свет, даже если это ненавистно неверующим.

ये झुठलाने वाले अपने द्वारा जारी होने वाली भ्रष्ट बातों तथा सत्य को विकृत करने के माध्यम से अल्लाह के प्रकाश को बुझाना चाहते हैं, और अल्लाह उनके नापसंद करने के बावजूद अपने धर्म को धरती के चारों कोनों में फैलाकर तथा अपने शब्द को ऊँचा करके अपने प्रकाश को पूरा करने वाला है।

61:9Страница 552

هُوَ ٱلَّذِيٓ أَرۡسَلَ رَسُولَهُۥ بِٱلۡهُدَىٰ وَدِينِ ٱلۡحَقِّ لِيُظۡهِرَهُۥ عَلَى ٱلدِّينِ كُلِّهِۦ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡمُشۡرِكُونَ ٩

Он - Тот, Кто отправил Своего Посланника с верным руководством и религией истины, чтобы превознести ее над всеми остальными религиями, даже если это ненавистно многобожникам.

अल्लाह वही है, जिसने अपने रसूल मुहम्मद सल्ल्लाहु अलैहि व सल्लम को इस्लाम धर्म के साथ भेजा, जो भलाई के लिए मार्गदर्शन का धर्म तथा लाभकारी ज्ञान और अच्छे कर्मों का धर्म है। ताकि उसे, मुश्रिकों के न चाहने के बावजूद, सभी धर्मों पर हावी (सर्वोच्च) कर दे, जो यह नहीं चाहते कि धरती में उसका बोल बाला हो।

61:10Страница 552

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ هَلۡ أَدُلُّكُمۡ عَلَىٰ تِجَٰرَةٖ تُنجِيكُم مِّنۡ عَذَابٍ أَلِيمٖ ١٠

О те, которые уверовали! Указать ли вам на торговлю, которая спасет вас от мучительных страданий?

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने वालो और उसकी शरीयत पर अमल करने वालो! क्या मैं तुम्हें एक लाभदायक व्यापार के लिए मार्गदर्शन करूँ, जो तुम्हें दर्दनाक यातना से बचा ले?

61:11Страница 552

تُؤۡمِنُونَ بِٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ وَتُجَٰهِدُونَ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ بِأَمۡوَٰلِكُمۡ وَأَنفُسِكُمۡۚ ذَٰلِكُمۡ خَيۡرٞ لَّكُمۡ إِن كُنتُمۡ تَعۡلَمُونَ ١١

Веруйте в Аллаха и Его Посланника и сражайтесь на пути Аллаха своим имуществом и своими душами. Так будет лучше для вас, если бы вы только знали.

यह लाभदायक व्यापार यह है कि तुम अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान ले आओ, और उसकी प्रसन्नता तलाश करते हुए, अपने धन को खर्च करके और अपनी जान न्योछावर करके, उसके मार्ग में जिहाद करो। यह उपर्युक्त कार्य तुम्हारे लिए बेहतर है। यदि तुम जानते हो, तो इसके लिए जल्दी करो।

61:12Страница 552

يَغۡفِرۡ لَكُمۡ ذُنُوبَكُمۡ وَيُدۡخِلۡكُمۡ جَنَّٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ وَمَسَٰكِنَ طَيِّبَةٗ فِي جَنَّٰتِ عَدۡنٖۚ ذَٰلِكَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ ١٢

Он простит вам ваши грехи, введет вас в Райские сады, в которых текут реки, и в прекрасные жилища в садах Эдема. Это - великое преуспеяние.

इस व्यापार का लाभ यह है कि अल्लाह तुम्हारे गुनाहों को क्षमा कर देगा और तुम्हें ऐसी जन्नतों में दाखिल करेगा, जिनके महलों और पेड़ों के नीचे से नहरें जारी होंगी, और तुम्हें स्थायी जन्नतों के अंदर अच्छे आवासों में दाखिल करेगा, जहाँ से कोई प्रस्थान नहीं होगा। यह उपर्युक्त बदला ही वह महान सफलता है जिसके बराबर कोई अन्य सफलता नहीं हो सकती।

61:13Страница 552

وَأُخۡرَىٰ تُحِبُّونَهَاۖ نَصۡرٞ مِّنَ ٱللَّهِ وَفَتۡحٞ قَرِيبٞۗ وَبَشِّرِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١٣

Будет еще то, что вы любите: помощь от Аллаха и близкая победа. Сообщи же благую весть верующим!

इस व्यापार से लाभ की एक और विशेषता है, जो तुम्हें प्रिय है और वह इसी दुनिया में प्राप्त होने वाली है। वह यह है कि अल्लाह तुम्हारे दुश्मन के विरुद्ध तुम्हारी मदद करेगा और तुम्हें एक निकट विजय प्रदान करेगा, जो मक्का वग़ैरह की विजय है। और (ऐ रसूल) मोमिनों को इस दुनिया में विजय और आखिरत में जन्नत की प्राप्ति की हर्षदायक सूचना दे दें।

61:14Страница 552

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ كُونُوٓاْ أَنصَارَ ٱللَّهِ كَمَا قَالَ عِيسَى ٱبۡنُ مَرۡيَمَ لِلۡحَوَارِيِّـۧنَ مَنۡ أَنصَارِيٓ إِلَى ٱللَّهِۖ قَالَ ٱلۡحَوَارِيُّونَ نَحۡنُ أَنصَارُ ٱللَّهِۖ فَـَٔامَنَت طَّآئِفَةٞ مِّنۢ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ وَكَفَرَت طَّآئِفَةٞۖ فَأَيَّدۡنَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ عَلَىٰ عَدُوِّهِمۡ فَأَصۡبَحُواْ ظَٰهِرِينَ ١٤

О те, которые уверовали! Будьте помощниками Аллаха. Иса (Иисус), сын Марьям (Марии), сказал апостолам: «Кто будет моим помощником на пути к Аллаху?». Апостолы ответили: «Мы - помощники Аллаха». Часть сынов Исраила (Израиля) уверовала, а другая часть не уверовала. Мы поддержали тех, которые уверовали, в борьбе с их врагами, и они вышли победителями.

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने वालो और उसकी शरीयत पर अमल करने वालो! तुम अपने रसूल के लाए हुए धर्म की मदद करके अल्लाह के मददगार बन जाओ, वैसे ही जैसे ह़वारियों ने मदद की थी, जब ईसा अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा था : अल्लाह की ओर मेरे सहायक कौन हैं? तो उन्होंने अविलंब उत्तर दिया : हम अल्लाह के सहायक हैं! चुनाँचे बनी इसराईल का एक समूह ईसा अलैहिस्सलाम पर ईमान ले आया और दूसरे समूह ने उन्हें मानने से इनकार कर दिया। अतः हमने ईसा अलैहिस्सलाम को मानने वालों का उन लोगों के विरुद्ध समर्थन किया, जिन्होंने उनका इनकार किया था। तो वे उनपर विजयी रहे।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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