Аль-МухтасарАль‑Араф · 7:122–154

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

Аль-Араф 7:122–154

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رَبِّ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ ١٢٢

Господа Мусы (Моисея) и Харуна (Аарона)».

मूसा तथा हारून अलैहिमस्सलाम के पालनहार पर, क्योंकि वही उपासना का हक़दार है। उसके सिवा अन्य तथाकथित पूज्य उपासना के हक़दार नहीं हैं।

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قَالَ فِرۡعَوۡنُ ءَامَنتُم بِهِۦ قَبۡلَ أَنۡ ءَاذَنَ لَكُمۡۖ إِنَّ هَٰذَا لَمَكۡرٞ مَّكَرۡتُمُوهُ فِي ٱلۡمَدِينَةِ لِتُخۡرِجُواْ مِنۡهَآ أَهۡلَهَاۖ فَسَوۡفَ تَعۡلَمُونَ ١٢٣

Фараон сказал: «Вы уверовали в него без моего дозволения? Воистину, это - козни, которые вы задумали в городе, чтобы изгнать из него его жителей. Но скоро вы узнаете!

जब वे एक अल्लाह पर ईमान ले आए, तो फ़िरऔन ने उन्हें धमकी देते हुए कहा : मेरी अनुमति से पहले ही तुमने मूसा को सच्चा मान लिया? निश्चय तुम्हारा मूसा पर ईमान लाना और उसके लाए हुए धर्म को सत्य मानना एक धोखा और साज़िश है, जो तुमने और मूसा ने इस नगर के निवासियों को यहाँ से निकालने के लिए रची है। तो (ऐ जादूगरो!) तुम्हें शीघ्र ही पता चल जाएगा कि तुम्हें कैसी सज़ा और यातना का सामना करना पड़ता है।

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لَأُقَطِّعَنَّ أَيۡدِيَكُمۡ وَأَرۡجُلَكُم مِّنۡ خِلَٰفٖ ثُمَّ لَأُصَلِّبَنَّكُمۡ أَجۡمَعِينَ ١٢٤

Я отрублю вам руки и ноги накрест, а затем распну всех вас».

मैं अवश्य तुममें से प्रत्येक व्यक्ति का दाहिना हाथ और बायाँ पैर, या उसका बायाँ हाथ और दाहिना पैर काट दूँगा। फिर मैं तुम सभी को खजूर के पेड़ के तने पर लटका दूँगा। ऐसा तुम्हें भयंकर सज़ा देने और इस स्थिति में तुम्हें देखने वाले सभी लोगों को डराने के लिए किया जाएगा।

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قَالُوٓاْ إِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ ١٢٥

Они сказали: «Воистину, мы возвращаемся к нашему Господу.

जादूगरों ने फिरऔन की धमकी के जवाब में कहा : निश्चय हम अकेले अपने पालनहार ही की ओर लौटने वाले हैं। इसलिए हमें तुम्हारी धमकी की परवाह नहीं है।

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وَمَا تَنقِمُ مِنَّآ إِلَّآ أَنۡ ءَامَنَّا بِـَٔايَٰتِ رَبِّنَا لَمَّا جَآءَتۡنَاۚ رَبَّنَآ أَفۡرِغۡ عَلَيۡنَا صَبۡرٗا وَتَوَفَّنَا مُسۡلِمِينَ ١٢٦

Ты мстишь нам только за то, что мы уверовали в знамения нашего Господа, когда они явились к нам. Господь наш! Ниспошли нам терпение и умертви нас мусульманами».

और तुम्हारे निकट (ऐ फिरऔन!) हमारा दोष केवल यह है कि हमने अपने रब की निशानियों को सत्य मान लिया, जब वे मूसा अलैहिसल्लाम के हाथ पर हमारे पास आईं। यदि यह कोई दोष दिया जाने वाला पाप है, तो यह हमारा पाप है। फिर वे विनयपूर्वक अपने रब से दुआ करने लगे : ऐ हमारे पालनहार! हमपर धैर्य उड़ेल दे, ताकि हम सत्य पर अडिग रहें। तथा हमें इस हाल में मौत दे कि हम तेरे प्रति समर्पित हों, तेरे आदेश का पालन करने वाले तथा तेरे रसूल का अनुसरण करने वाले हों।

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وَقَالَ ٱلۡمَلَأُ مِن قَوۡمِ فِرۡعَوۡنَ أَتَذَرُ مُوسَىٰ وَقَوۡمَهُۥ لِيُفۡسِدُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَيَذَرَكَ وَءَالِهَتَكَۚ قَالَ سَنُقَتِّلُ أَبۡنَآءَهُمۡ وَنَسۡتَحۡيِۦ نِسَآءَهُمۡ وَإِنَّا فَوۡقَهُمۡ قَٰهِرُونَ ١٢٧

Знатные люди из народа Фараона сказали: «Неужели ты позволишь Мусе (Моисею) и его народу распространять на земле нечестие и отречься от тебя и твоих богов?». Он сказал: «Мы будем убивать их сыновей и оставлять в живых их женщин. Мы обладаем непоколебимой властью над ними».

फ़िरऔन की जाति के प्रमुखों और बड़े लोगों ने, उसे मूसा तथा उनके साथ मोमिनों के खिलाफ भड़काते हुए कहा : क्या (ऐ फ़िरऔन!) तुम मूसा और उसकी जाति को छोड़े रखोगे कि वे देश में बिगाड़ फैलाएँ, तथा वे तुमसे और तुम्हारे पूज्यों से किनारा कर लें और (लोगों को) अकेले अल्लाह की इबादत की ओर बुलाएँ?! फ़िरऔन ने कहा : हम बनी इसराईल के बेटों को मार डालेंगे, और उनकी स्त्रियों को सेवा करने के लिए बाक़ी रखेंगे। और निश्चय हमें उनपर ज़ोर, ग़लबा और प्रभुत्व प्राप्त है।

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قَالَ مُوسَىٰ لِقَوۡمِهِ ٱسۡتَعِينُواْ بِٱللَّهِ وَٱصۡبِرُوٓاْۖ إِنَّ ٱلۡأَرۡضَ لِلَّهِ يُورِثُهَا مَن يَشَآءُ مِنۡ عِبَادِهِۦۖ وَٱلۡعَٰقِبَةُ لِلۡمُتَّقِينَ ١٢٨

Муса (Моисей) сказал своему народу: «Просите помощи у Аллаха и терпите. Воистину, земля принадлежит Аллаху. Он дарует ее в наследие тому из Своих рабов, кому пожелает, и благой конец уготован богобоязненным».

मूसा अलैहिस्सलाम ने अपनी जाति के लोगों को वसीयत करते हुए कहा : ऐ लोगों! केवल एक अल्लाह से सहायता माँगो कि वह तुम्हारी मुसीबत दूर कर दे तथा तुम्हें लाभ पहुँचाए, और जिस आज़माइश से तुम पीड़ित हो, उसपर धैर्य रखो। क्योंकि यह धरती अकेले अल्लाह की है। फ़िरऔन या उसके सिवा किसी और की नहीं कि वह उसमें जो चाहे, करता फिरे। अल्लाह अपनी इच्छा अनुसार लोगों को बारी-बारी उसमें अवसर देता रहता है। लेकिन धरती पर अच्छा परिणाम केवल उन ईमान वालों के लिए है, जो अपने पालनहार के आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचते हैं। अंततः यह उन्हीं के लिए है, यद्यपि उन्हें कुछ आज़माइशों और परीक्षाओं से गुज़रना पड़े।

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قَالُوٓاْ أُوذِينَا مِن قَبۡلِ أَن تَأۡتِيَنَا وَمِنۢ بَعۡدِ مَا جِئۡتَنَاۚ قَالَ عَسَىٰ رَبُّكُمۡ أَن يُهۡلِكَ عَدُوَّكُمۡ وَيَسۡتَخۡلِفَكُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَيَنظُرَ كَيۡفَ تَعۡمَلُونَ ١٢٩

Они сказали: «Нам причиняли страдания до того, как ты явился к нам, и причиняют их после твоего пришествия». Он сказал: «Быть может, ваш Господь погубит вашего врага и сделает вас их преемниками на земле, а затем посмотрит, как вы будете поступать».

मूसा अलैहिस्सलाम की जाति बनी इसराईल ने उनसे कहा : हम तुम्हारे आने से पहले भी फ़िरऔन के हाथों सताए गए। वह हमारे पुत्रों को मार देता और हमारी स्त्रियों को जीवित रहने देता था। और तुम्हारे आने के पश्चात् भी सताए जा रहे हैं! मूसा अलैहिस्सलाम ने उन्हें समझाते हुए और मुसीबत से छुटकारे की खुशख़बरी देते हुए कहा : निकट है कि तुम्हारा पालनहार तुम्हारे शत्रु फिरऔन तथा उसकी जाति को विनष्ट कर दे और उनके बाद धरती में तुम्हारा आधिपत्य क़ायम कर दे, और फिर देखे कि तुम उसके बाद क्या करते हो, शुक्र या नाशुक्री?

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وَلَقَدۡ أَخَذۡنَآ ءَالَ فِرۡعَوۡنَ بِٱلسِّنِينَ وَنَقۡصٖ مِّنَ ٱلثَّمَرَٰتِ لَعَلَّهُمۡ يَذَّكَّرُونَ ١٣٠

Мы поразили род Фараона засушливыми годами и неурожаем плодов, дабы они помянули назидание.

हमने फ़िरऔन की जाति को सूखे और अकाल से दंडित किया, तथा हमने उनका धरती के फलों और उसकी पैदावार की कमी के साथ परीक्षण किया। इस आशा में कि वे सीख और उपदेश ग्रहण करें कि उनके साथ यह जो कुछ घटित हुआ है, वह उनके कुफ़्र की सज़ा के तौर पर है, इसलिए वे अल्लाह के सामने तौबा कर लें।

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فَإِذَا جَآءَتۡهُمُ ٱلۡحَسَنَةُ قَالُواْ لَنَا هَٰذِهِۦۖ وَإِن تُصِبۡهُمۡ سَيِّئَةٞ يَطَّيَّرُواْ بِمُوسَىٰ وَمَن مَّعَهُۥٓۗ أَلَآ إِنَّمَا طَٰٓئِرُهُمۡ عِندَ ٱللَّهِ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ١٣١

Когда их постигало добро, они говорили: «Это - для нас». А когда их постигало зло, они связывали его с Мусой (Моисеем) и теми, кто был с ним. Воистину, их дурные предзнаменования были у Аллаха, но большинство из них не знает этого.

जब फ़िरऔन की जाति पर उर्वरता, अच्छे फलों और सस्ते दामों के रूप में सुखद स्थिति आती, तो वे कहते : हमें यह इसलिए दिया गया क्योंकि हम इसके हक़दार हैं और यह हमारे ही लिए विशिष्ट है। और अगर उनपर अकाल, सूखे, बीमारियों की अधिकता तथा अन्य विपत्तियों के रूप में कोई मुसीबत आती, तो वे मूसा अलैहिस्सलाम और उनके साथ मौजूद बनी इसराईल से अपशकुन लेते। जबकि सच्चाई यह है कि उन्हें इस तरह की जो भी चीज़ पहुँचती है, वह केवल अल्लाह की नियति (तक़दीर) के अनुसार पहुँचती है। इससे उनका और मूसा अलैहिस्सलाम का कोई लेना देना नहीं है, सिवाय मूसा अलैहिस्सलाम के उनपर बद्-दुआ करने के। लेकिन उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते, इसलिए वे इसे अल्लाह के अलावा किसी और से संबद्ध करते हैं।

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وَقَالُواْ مَهۡمَا تَأۡتِنَا بِهِۦ مِنۡ ءَايَةٖ لِّتَسۡحَرَنَا بِهَا فَمَا نَحۡنُ لَكَ بِمُؤۡمِنِينَ ١٣٢

Они сказали: «Какие бы знамения ты ни показывал, чтобы околдовать нас ими, мы не поверим тебе».

फ़िरऔन की जाति ने मूसा अलैहिस्सलाम से, सत्य से दुश्मनी के कारण कहा : तुम हमारे पास जो निशानी भी ले आओ, और हमें हमारे धर्म से फेरने के लिए उसे ग़लत साबित करने और अपने धर्म की सच्चाई सिद्ध करने के लिए जो भी तर्क और प्रमाण ले आओ, हम तुमपर कभी विश्वास नहीं करेंगे।

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فَأَرۡسَلۡنَا عَلَيۡهِمُ ٱلطُّوفَانَ وَٱلۡجَرَادَ وَٱلۡقُمَّلَ وَٱلضَّفَادِعَ وَٱلدَّمَ ءَايَٰتٖ مُّفَصَّلَٰتٖ فَٱسۡتَكۡبَرُواْ وَكَانُواْ قَوۡمٗا مُّجۡرِمِينَ ١٣٣

Мы наслали на них потоп, саранчу, вшей, жаб и кровь в качестве различных знамений. Однако они возгордились - они были народом грешным.

अंततः हमने उनके झुठलाने और हठ पर सज़ा के रूप में उनपर बहुत सारा पानी भेजा, जिसने उनकी फसलों और फलों को डुबो दिया। और हमने उन पर टिड्डियाँ भेजीं, जो उनकी फसलें खा गईं। और हमने उनपर जुएँ भेजीं, जो खेतियों को लग जाती हैं या इनसान के बाल में रहकर उसे कष्ट देती हैं, और हमने उन पर मेंढक भेजे, जो उनके बर्तनों में भर गए, उनके खाने-पीने की चीज़ों को खराब कर दिए और उनकी नींदें उड़ा दीं। और हमने उनपर रक्त भेजा, जिससे उनके कुएँ और उनकी नहरें रक्तमय हो गईं। हमने ये सब अलग-अलग और स्पष्ट निशानियाँ भेजीं, जो एक के बाद एक आती रहीं। परंतु ये सारी सज़ाएँ आने के बावजूद वे अल्लाह पर ईमान लाने और मूसा अलैहिस्सलाम के लाए हुए संदेश को मानने से अभिमान करते रहे। और वे ऐसे लोग थे जो पाप किया करते थे, वे न असत्य दूर रहते थे और न सत्य की राह पकड़ते थे।

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وَلَمَّا وَقَعَ عَلَيۡهِمُ ٱلرِّجۡزُ قَالُواْ يَٰمُوسَى ٱدۡعُ لَنَا رَبَّكَ بِمَا عَهِدَ عِندَكَۖ لَئِن كَشَفۡتَ عَنَّا ٱلرِّجۡزَ لَنُؤۡمِنَنَّ لَكَ وَلَنُرۡسِلَنَّ مَعَكَ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ ١٣٤

Когда наказание поражало их, они говорили: «О Муса (Моисей)! Помолись за нас твоему Господу о том, что Он обещал тебе. Если ты избавишь нас от наказания, то мы поверим тебе и отпустим с тобой сынов Исраила (Израиля)».

और जब उनपर ये सारी यातनाएँ आ पड़ीं, तो वे मूसा अलैहिस्सलाम के पास पहुँचे और कहने लगे : ऐ मूसा! तुम अपने पालनहार से, उस नुबुव्वत के हवाले से जो उसने तुम्हें प्रदान की है और उसके हवाले से जो उसने तौबा के द्वारा यातना दूर करने का तुमहें वचन दिया है, हमारे लिए दुआ करो कि हमारे ऊपर आई हुई यातना को हमसे दूर कर दे। अगर तुमने हमसे यह यातना दूर कर दी, तो अवश्य ही हम तुमपर ईमान ले आएँगे और बनी इसराईल को आज़ाद करके तुम्हारे साथ भेज देंगे।

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فَلَمَّا كَشَفۡنَا عَنۡهُمُ ٱلرِّجۡزَ إِلَىٰٓ أَجَلٍ هُم بَٰلِغُوهُ إِذَا هُمۡ يَنكُثُونَ ١٣٥

Когда же Мы избавляли их от наказания до определенного срока, которого они непременно должны были достичь, они нарушали обещание.

फिर जब हम उन्हें सागर में डुबोकर विनष्ट करने से पहले, एक निश्चित अवधि के लिए उनसे यातना को दूर कर देते, तो अचानक वे मूसा अलैहिस्सलाम पर ईमान लाने और बनी इसराईल को भेजने का अपना किया हुआ वादा तोड़ देत। चुनाँचे वे अपने कुफ़्र ही पर क़ायम रहते और बनी इसराईल को मूसा अलैहिस्सलाम के साथ भेजने से मुकर जाते।

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فَٱنتَقَمۡنَا مِنۡهُمۡ فَأَغۡرَقۡنَٰهُمۡ فِي ٱلۡيَمِّ بِأَنَّهُمۡ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا وَكَانُواْ عَنۡهَا غَٰفِلِينَ ١٣٦

Мы отомстили им и потопили их в море за то, что они сочли ложью Наши знамения и пренебрегли ими.

फिर जब उनके विनाश का निश्चित समय आ गया, तो हमने उन्हें समुद्र में डुबोकर उनपर अपनी सज़ा उतार दी, क्योंकि उन्होंने अल्लाह की निशानियों को झुठलाया और उनसे इंगति होने वाले उस सत्य से उपेक्षा किया था, जिसमें कोई संदेह नहीं।

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وَأَوۡرَثۡنَا ٱلۡقَوۡمَ ٱلَّذِينَ كَانُواْ يُسۡتَضۡعَفُونَ مَشَٰرِقَ ٱلۡأَرۡضِ وَمَغَٰرِبَهَا ٱلَّتِي بَٰرَكۡنَا فِيهَاۖ وَتَمَّتۡ كَلِمَتُ رَبِّكَ ٱلۡحُسۡنَىٰ عَلَىٰ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ بِمَا صَبَرُواْۖ وَدَمَّرۡنَا مَا كَانَ يَصۡنَعُ فِرۡعَوۡنُ وَقَوۡمُهُۥ وَمَا كَانُواْ يَعۡرِشُونَ ١٣٧

Мы даровали в наследие тем, которых считали слабыми, восточные и западные земли, которые Мы благословили. Сбылось прекрасное Слово твоего Господа о сынах Исраила (Израиля), поскольку они проявили терпение. Мы разрушили то, что содеяли Фараон и его народ и что они воздвигали.

हमने बनी इसराईल को, जिन्हें फिरऔन और उसकी जाति के लोग कमज़ोर समझ रहे थे, धरती के पूर्व और पश्चिम के भूभागों का वारिस बना दिया। इस धरती से अभिप्राय शाम के देश (लेवंत) हैं, ये वे देश हैं जिनमें अल्लाह ने उनकी फसलों और फलों को पूरी तरह से पैदा करके बरकत रखी है। और इस प्रकार (ऐ नबी!) आपके पालनहार की सर्वश्रेष्ठ बात पूरी हो गई। वह बात अल्लाह सर्वशक्तिमान के इस कथन में उल्लिखित है : {وَنُرِيدُ أَن نَّمُنَّ عَلَى الَّذِينَ اسْتُضْعِفُوا فِي الْأَرْضِ وَنَجْعَلَهُمْ أَئِمَّةً وَنَجْعَلَهُمُ الْوَارِثِينَ} (القصص: ٥) ''हम चाहते हैं कि उन लोगों पर उपकार करें, जो धरती में कमज़ोर समझ लिए गए थे और उन्हें 'इमाम' बना दें और उन्हें वारिस बना दें।'' (सूरतुल-क़सस : 5)। अतः अल्लाह ने उन्हें फ़िरऔन और उसकी जाति की ओर से पहुँचने वाले कष्ट पर धैर्य के कारण धरती में प्रभुत्व प्रदान कर दिया। तथा हमने फ़िरऔन के बनाए हुए खेतों तथा घरों और उनके द्वारा निर्मित महलों को ध्वस्त कर दिया।

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وَجَٰوَزۡنَا بِبَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ ٱلۡبَحۡرَ فَأَتَوۡاْ عَلَىٰ قَوۡمٖ يَعۡكُفُونَ عَلَىٰٓ أَصۡنَامٖ لَّهُمۡۚ قَالُواْ يَٰمُوسَى ٱجۡعَل لَّنَآ إِلَٰهٗا كَمَا لَهُمۡ ءَالِهَةٞۚ قَالَ إِنَّكُمۡ قَوۡمٞ تَجۡهَلُونَ ١٣٨

Мы переправили сынов Исраила (Израиля) через море, и они прибыли к народу, который был предан своим идолам. Они сказали: «О Муса (Моисей)! Сделай нам божество, такое же, как у них». Он сказал: «Воистину, вы - невежественные люди.

और हमने बनी इसराईल को समुद्र पार करा दिया, जब मूसा ने उसमें अपनी लाठी मारी और वह फट गया। चुनाँचे उसे पार करने के बाद वे ऐसी जाति के पास से गुज़रे, जो अपनी कुछ मूर्तियों की पूजा में लगी हुई थी, जिन्हें वह अल्लाह को छोड़कर पूजती थी। उसे देखकर बनी इसराईल ने मूसा अलैहिस्सलाम से कहा : ऐ मूसा! हमारे लिए एक ऐसी मूर्ति बना दीजिए जिसकी हम पूज करें, जैसे कि इन लोगों के पास कुछ मूर्तियों हैं, जिनकी वे अल्लाह के सिवा पूजा करते हैं। तो मूसा अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! निश्चय तुम ऐसे लोग हो जो इस बात से अनभिज्ञ हो कि अल्लाह के लिए क्या सम्मान और एकेश्वरवाद अनिवार्य है, और उसके लिए क्या चीज़ अशोभनीय है जैसे कि शिर्क और उसके अलावा की पूजा।

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إِنَّ هَٰٓؤُلَآءِ مُتَبَّرٞ مَّا هُمۡ فِيهِ وَبَٰطِلٞ مَّا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ١٣٩

У этих людей погублено будет то, что они исповедуют, и тщетно будет то, что они совершают».

ये लोग जो अपनी मूर्तियों की पूजा में लगे हुए हैं, वे अल्लाह के अलावा की पूजा के जिस काम में लगे हुए हैं, वह नष्ट किया जाने वाला है और वे जो कुछ नेकी के कार्य करते चले आ रहे हैं, वह व्यर्थ (अमान्य) है, क्योंकि उन्होंने इबादत में अल्लाह के साथ दूसरों को साझी बनाया है।

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قَالَ أَغَيۡرَ ٱللَّهِ أَبۡغِيكُمۡ إِلَٰهٗا وَهُوَ فَضَّلَكُمۡ عَلَى ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٤٠

Он сказал: «Неужели я стану искать для вас другое божество, кроме Аллаха, который возвысил вас над мирами».

मूसा अलैहिस्सलाम ने अपनी जाति से कहा : मैं तुम्हारे लिए भला अल्लाह के सिवा कोई पूज्य कैसे तलाश करूँ, जिसकी तुम इबादत करो, जबकि तुमने अल्लाह की बड़ी-बड़ी निशानियाँ देखी हैं, और अल्लाह ने तुम्हारे दुश्मनों को विनष्ट करके और तुम्हें धरती का उत्तराधिकारी बनाकर और उसमें तुम्हें प्रभुत्व प्रदान करके, तुम्हें तुम्हारे समय के सारे संसार वासियों पर श्रेष्ठता प्रदान की है?!

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وَإِذۡ أَنجَيۡنَٰكُم مِّنۡ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ يَسُومُونَكُمۡ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ يُقَتِّلُونَ أَبۡنَآءَكُمۡ وَيَسۡتَحۡيُونَ نِسَآءَكُمۡۚ وَفِي ذَٰلِكُم بَلَآءٞ مِّن رَّبِّكُمۡ عَظِيمٞ ١٤١

Вот Мы спасли вас от рода Фараона. Они подвергали вас ужасным мучениям, убивали ваших сыновей и оставляли в живых ваших женщин. Это было для вас великим испытанием (или великой милостью) от вашего Господа.

तथा (ऐ बनी इसराईल!) वह समय याद करो, जब हमने तुम्हें फ़िरऔन और उसकी जाति के अपमानजनक व्यवहार से बचाकर तुम्हें मुक्ति दिलाई, क्योंकि वे तुम्हें तरह-तरह से सताते थे; तुम्हारे पुत्रों को बुरी तरह क़त्ल कर देते थे और तुम्हारी स्त्रियों को अपनी सेवा के लिए जीवित रहने देते थे। तथा तुम्हें फ़िरऔन और उसकी जाति के चंगुल से मुक्त करने की इस घटना में तुम्हारे पालनहार की ओर से बहुत बड़ी परीक्षा है, जिसके लिए तुम्हें आभार प्रकट करने की आवश्यकता है।

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۞ وَوَٰعَدۡنَا مُوسَىٰ ثَلَٰثِينَ لَيۡلَةٗ وَأَتۡمَمۡنَٰهَا بِعَشۡرٖ فَتَمَّ مِيقَٰتُ رَبِّهِۦٓ أَرۡبَعِينَ لَيۡلَةٗۚ وَقَالَ مُوسَىٰ لِأَخِيهِ هَٰرُونَ ٱخۡلُفۡنِي فِي قَوۡمِي وَأَصۡلِحۡ وَلَا تَتَّبِعۡ سَبِيلَ ٱلۡمُفۡسِدِينَ ١٤٢

Мы определили Мусе (Моисею) тридцать ночей и добавили к ним еще десять, и поэтому срок его Господа составил сорок ночей. Муса (Моисей) сказал своему брату Харуну (Аарону): «Оставайся вместо меня среди моего народа, поступай праведно и не следуй путем распространяющих нечестие».

अल्लाह ने अपने रसूल मूसा अलैहिस्सलाम से बात करने के लिए, उनसे तीस रातों का वादा किया और फिर दस रातें बढ़ाकर यह अवधि पूरी कर दी। इस तरह यह (अवधि) चालीस रातों की हो गई। तथा मूसा ने अपने भाई हारून से, अपने पालनहार से बात करने के लिए जाते समय कहा : ऐ हारून! मेरी जाति में मेरा उत्तराधिकारी बनकर रहना और उनके मामलों को अच्छी नीति और उनके साथ नरमी के व्यवहार के साथ ठीक रखना, और पापों को अंजाम देकर भ्रष्टाचारियों के रास्ते पर मत चलना और अवज्ञाकारियों का सहायक मत बनना।

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وَلَمَّا جَآءَ مُوسَىٰ لِمِيقَٰتِنَا وَكَلَّمَهُۥ رَبُّهُۥ قَالَ رَبِّ أَرِنِيٓ أَنظُرۡ إِلَيۡكَۚ قَالَ لَن تَرَىٰنِي وَلَٰكِنِ ٱنظُرۡ إِلَى ٱلۡجَبَلِ فَإِنِ ٱسۡتَقَرَّ مَكَانَهُۥ فَسَوۡفَ تَرَىٰنِيۚ فَلَمَّا تَجَلَّىٰ رَبُّهُۥ لِلۡجَبَلِ جَعَلَهُۥ دَكّٗا وَخَرَّ مُوسَىٰ صَعِقٗاۚ فَلَمَّآ أَفَاقَ قَالَ سُبۡحَٰنَكَ تُبۡتُ إِلَيۡكَ وَأَنَا۠ أَوَّلُ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١٤٣

Когда же Муса (Моисей) пришел к назначенному Нами сроку и месту, Господь его заговорил с ним. Он сказал: «Господи! Покажись мне, чтобы я взглянул на Тебя». Он сказал: «Ты не увидишь Меня, но взгляни на гору. Если она удержится на своем месте, то ты увидишь Меня». Когда же Господь его показался горе, то разбил ее и превратил в песок, а Муса (Моисей) упал без сознания. Придя в себя, он сказал: «Пречист Ты! Я раскаиваюсь перед Тобой, и я - первый из верующих».

जब मूसा अलैहिस्सलाम अपने पालनहार से बात करने के लिए उसके लिए निर्धारित समय पर अर्थात् चालीस रातें पूरी होने के बाद आए, और उनके पालनहार ने उनसे आदेशों, निषेधों और अन्य चीजों के बारे में बात की, तो मूसा अलैहिस्सलाम के मन में अपने पालनहार को देखने की लालसा पैदा हुई और उससे अपना दर्शन कराने का अनुरोध कर दिया। तो अल्लाह ने उसे जवाब दिया : तुम दुनिया के जीवन में मुझे कदापि नहीं देखोगे। क्योंकि तुम्हारे पास इसकी क्षमता नहीं है। लेकिन पहाड़ को देखो, जब मैं खुद को उसके सामने प्रकट करूँ। अगर वह अपने स्थान पर स्थिर रहा, प्रभावित नहीं हुआ, तो तुम मुझे देख लोगे। और अगर वह धरती के साथ समतल हो गया, तो तुम मुझे इस संसार में हरगिज़ नहीं देख सकोगे। चुनाँचे जब अल्लाह ने स्वयं को पहाड़ पर प्रकट किया, तो उसे धरती के साथ समतल कर दिया, और मूसा अलैहिस्सलाम बेहोश होकर गिर पड़े। फिर जब होश में आए तो कहने लगे : (ऐ मेरे पालनहार!) मैं तुझे उन सभी चीज़ों से पवित्र मानता हूँ, जो तेरे लिए शोभनीय नहीं हैं। देख, मैं दुनिया में तेरे दर्शन की माँग करने की भूल से तौबा करता हूँ और मैं अपनी जाति का प्रथम मोमिन व्यक्ति हूँ।

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قَالَ يَٰمُوسَىٰٓ إِنِّي ٱصۡطَفَيۡتُكَ عَلَى ٱلنَّاسِ بِرِسَٰلَٰتِي وَبِكَلَٰمِي فَخُذۡ مَآ ءَاتَيۡتُكَ وَكُن مِّنَ ٱلشَّٰكِرِينَ ١٤٤

Он сказал: «О Муса (Моисей)! Я возвысил тебя над людьми благодаря Моему посланию и Моей беседе. Посему возьми то, что Я даровал тебе, и будь одним из благодарных».

अल्लाह ने कहा : ऐ मूसा! मैंने तुम्हें चुन लिया और अपने संदेशों के साथ लोगों पर तुम्हें श्रेष्ठता प्रदान की जब मैंने तुम्हें उनके पास भेजा, और मैंने तुम्हें बिना किसी मध्यस्थ के अपनी वार्ता का सौभाग्य प्रदान किया। अतः हमारे दिए हुए इस उदार सम्मान को ले लो और इस महान प्रदान पर अल्लाह का शुक्रिया अदा करने वालों में से हो जाओ।

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وَكَتَبۡنَا لَهُۥ فِي ٱلۡأَلۡوَاحِ مِن كُلِّ شَيۡءٖ مَّوۡعِظَةٗ وَتَفۡصِيلٗا لِّكُلِّ شَيۡءٖ فَخُذۡهَا بِقُوَّةٖ وَأۡمُرۡ قَوۡمَكَ يَأۡخُذُواْ بِأَحۡسَنِهَاۚ سَأُوْرِيكُمۡ دَارَ ٱلۡفَٰسِقِينَ ١٤٥

Мы написали для него на скрижалях увещевание о всякой вещи и разъяснение всего сущего: «Держи их крепко и вели твоему народу следовать наилучшему из этого. Я покажу вам Обитель нечестивцев.

हमने मूसा के लिए लकड़ी अथवा अन्य किसी वस्तु से बनी तख़्तियों में, हर वह चीज़ लिख दी, जिसकी बनी इसराईल को उनके धर्म और दुनिया के मामलों में ज़रूरत थी, ताकि उनमें से उपदेश ग्रहण करने वालों के लिए उपदेश और उन नियमों का विवरण हो जाए, जिनके विवरण की आवश्यकता हो। अब (ऐ मूसा!) इस तौरात को पूरी शक्ति से थाम लो, और अपनी जाति बनी इसराईल को आदेश दो कि वे इसकी उत्तम चीज़ों को पकड़ लें, जिनका बदला बहुत बड़ा है, जैसे आदेशों का संपूर्ण तरीके से पालन करना, और जैसे कि धैर्य रखना और माफ़ करना। मैं शीघ्र ही तुम्हें उन लोगों का परिणाम दिखाऊँगा, जिन्होंने मेरे आदेश का उल्लंघन किया और मेरी आज्ञाकारिता से निकल गए, तथा उन्हें किस तरह के विनाश और तबाही का सामना करना पड़ेगा।

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سَأَصۡرِفُ عَنۡ ءَايَٰتِيَ ٱلَّذِينَ يَتَكَبَّرُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ بِغَيۡرِ ٱلۡحَقِّ وَإِن يَرَوۡاْ كُلَّ ءَايَةٖ لَّا يُؤۡمِنُواْ بِهَا وَإِن يَرَوۡاْ سَبِيلَ ٱلرُّشۡدِ لَا يَتَّخِذُوهُ سَبِيلٗا وَإِن يَرَوۡاْ سَبِيلَ ٱلۡغَيِّ يَتَّخِذُوهُ سَبِيلٗاۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا وَكَانُواْ عَنۡهَا غَٰفِلِينَ ١٤٦

Я отвращу от Моих знамений тех, которые возгордились на земле без всякого права на то. Какое бы знамение они ни увидели, они не уверуют в него. Если они увидят правый путь, то не последуют этим путем, а если они увидят путь заблуждения, то последуют им. Это потому, что они сочли ложью Наши знамения и пренебрегли ими».

मैं संसार एवं इनसान के अंदर मौजूद अपनी निशानियों से सीख ग्रहण करने और मेरी किताब की आयतों को समझने से उन लोगों को विचलित कर दूँगा, जो अल्लाह के बंदों पर और सत्य पर नाहक़ अभिमान करते हैं। और जिनका हाल यह है कि यदि वे हर प्रकार की निशानियाँ देखते हैं, तो भी उन्हें नहीं मानते हैं; क्योंकि वे उनपर आपत्ति करते और उनसे मुँह फेरते हैं, तथा इसलिए भी कि वे अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करते हैं। और यदि वे सत्य का मार्ग देखते हैं, जो अल्लाह की प्रसन्नता की ओर ले जाता है, तो वे उसका पालन नहीं करते हैं और न उसमें कोई दिलचस्पी रखते हैं। और अगर वे अल्लाह के क्रोध की ओर ले जाने वाले गुमराही के रास्ते को देखते हैं, तो उसका अनुसरण करते हैं। यह मुसीबत जो उनपर आई, केवल इस कारण आई कि उन्होंने रसूलों के लाए हुए संदेश की सच्चाई को दर्शाने वाली अल्लाह की महान निशानियों को झुठलाया, और इसलिए कि उन्होंने उनपर सोच-विचार करने से उपेक्षा की।

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وَٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا وَلِقَآءِ ٱلۡأٓخِرَةِ حَبِطَتۡ أَعۡمَٰلُهُمۡۚ هَلۡ يُجۡزَوۡنَ إِلَّا مَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ١٤٧

Деяния тех, которые сочли ложью Наши знамения и встречу в Последней жизни, окажутся тщетными. Разве им не воздастся только за то, что они совершали?

जिन लोगों ने हमारे रसूलों की सच्चाई को दर्शाने वाली हमारी आयतों को झुठलाया तथा क़ियामत के दिन अल्लाह से मिलने को झुठलाया, उनके वे कर्म व्यर्थ हो गए, जो इबादत के वर्ग से हैं। चुनाँचे उन्हें उनका प्रतिफल नहीं मिलेगा। क्योंकि उसकी शर्त अर्थ ईमान ही मौजूद नहीं है। और क़ियामत के दिन उन्हें उसी कुफ़्र और शिर्क का बदला दिया जाएगा, जो वे किया करते थे। और उसका बदला हमेशा के लिए जहन्नम में रहना है।

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وَٱتَّخَذَ قَوۡمُ مُوسَىٰ مِنۢ بَعۡدِهِۦ مِنۡ حُلِيِّهِمۡ عِجۡلٗا جَسَدٗا لَّهُۥ خُوَارٌۚ أَلَمۡ يَرَوۡاْ أَنَّهُۥ لَا يُكَلِّمُهُمۡ وَلَا يَهۡدِيهِمۡ سَبِيلًاۘ ٱتَّخَذُوهُ وَكَانُواْ ظَٰلِمِينَ ١٤٨

В отсутствие Мусы (Моисея) его народ сделал из своих украшений изваяние тельца, который мычал. Разве они не видели, что он не разговаривал с ними и не наставлял их на прямой путь? Они стали поклоняться ему - они были несправедливы.

जब मूसा अलैहिस्सलाम अपने पालनहार से बात करने के लिए गए, तो उनकी जाति के लोगों ने अपने गहनों से बछड़े की एक मूर्ति बना ली, जिसमें कोई आत्मा नहीं थी, जबकि उसकी एक आवाज़ थी। क्या उन्हें पता नहीं कि यह बछड़ा न तो उनसे बात करता है, न किसी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भलाई का मार्ग दिखाता है और न उन्हें कोई लाभ पहुँचाता है या उनसे कोई हानि दूर करता है?! उन्होंने उसे पूज्य बना लिया तथा ऐसा करके वे अपने ऊपर अत्याचार करने वाले थे।

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وَلَمَّا سُقِطَ فِيٓ أَيۡدِيهِمۡ وَرَأَوۡاْ أَنَّهُمۡ قَدۡ ضَلُّواْ قَالُواْ لَئِن لَّمۡ يَرۡحَمۡنَا رَبُّنَا وَيَغۡفِرۡ لَنَا لَنَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ ١٤٩

Когда же они пожалели о содеянном и увидели, что впали в заблуждение, то сказали: «Если наш Господь не смилостивится над нами и не простит нас, то мы непременно окажемся в числе потерпевших убыток».

और जब वे (अपने किए पर) लज्जित और चकित हुए तथा समझ गए कि वे अल्लाह के साथ बछड़े को पूज्य बनाने के कारण सही मार्ग से भटक गए हैं, तो अल्लाह से विनयपूर्वक प्रार्थना करते हुए कहने लगे : यदि हमारे पालनहार ने अपने आज्ञापालन की तौफ़ीक़ देकर हमपर दया नहीं की, और हमने बछड़े की पूजा करके जो पाप किया है, उसे क्षमा नहीं किया, तो हम निश्चित रूप से उन लोगों में से हो जाएँगे जिन्होंने अपनी दुनिया और आख़िरत दोनों का घाटा किया।

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وَلَمَّا رَجَعَ مُوسَىٰٓ إِلَىٰ قَوۡمِهِۦ غَضۡبَٰنَ أَسِفٗا قَالَ بِئۡسَمَا خَلَفۡتُمُونِي مِنۢ بَعۡدِيٓۖ أَعَجِلۡتُمۡ أَمۡرَ رَبِّكُمۡۖ وَأَلۡقَى ٱلۡأَلۡوَاحَ وَأَخَذَ بِرَأۡسِ أَخِيهِ يَجُرُّهُۥٓ إِلَيۡهِۚ قَالَ ٱبۡنَ أُمَّ إِنَّ ٱلۡقَوۡمَ ٱسۡتَضۡعَفُونِي وَكَادُواْ يَقۡتُلُونَنِي فَلَا تُشۡمِتۡ بِيَ ٱلۡأَعۡدَآءَ وَلَا تَجۡعَلۡنِي مَعَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلظَّٰلِمِينَ ١٥٠

Когда Муса (Моисей) вернулся к своему народу, он разгневался и опечалился. Он сказал: «Скверно то, что вы совершили в мое отсутствие. Неужели вы хотели опередить повеление вашего Господа?». Он бросил скрижали, схватил своего брата за голову и потянул его к себе. Тот сказал: «О сын моей матери! Воистину, люди сочли меня слабым и готовы были убить меня. Не давай врагам повода злорадствовать и не причисляй меня к несправедливым людям».

जब मूसा अलैहिस्सलाम अपने पालनहार से वार्तालाप करके अपनी जाति के पास इस हाल में वापस आए कि वह उन्हें बछड़े की इबादत में लीन पाकर उन पर क्रोध और शोक से भरे हुए थे, तो कहने लगे : यह बहुत बुरी स्थिति है जिसके साथ तुमने (ऐ मेरी जाति के लोगो!) मेरे जाने के बाद मेरा उत्तराधिकार निभाया है, क्योंकि इसका परिणाम विनाश और दुर्भाग्य है। क्या तुम मेरी प्रतीक्षा करते-करते थक गए थे, तो बछड़े की पूजा करने लगे?! उन्होंने अपने क्रोध और शोक की तीव्रता से तख़्तियाँ फेंक दीं और अपने भाई हारून का सिर और दाढ़ी पकड़कर अपनी ओर खींचने लगे, क्योंकि वह उनके साथ रहे और उन्हें बछड़े की पूजा करते देखकर उन्हें नहीं रोका। ऐसे में हारून अलैहिस्सलाम ने मूसा अलैहिस्सलाम के आगे अपनी सफ़ाई पेश करते हुए और नर्म व्यवहार का मुतालबा करते हुए कहा : ऐ मेरी माँ के बेटे! मेरी जाति के लोगों ने मुझे कमज़ोर समझकर दबा दिया और निकट था कि मुझे मार डालते। अतः मुझे ऐसी सज़ा न दें जो मेरे शत्रुओं को प्रसन्न करे, और मुझपर अपने क्रोध के कारण मुझे उन लोगों में शामिल न करें, जो अल्लाह के सिवा अन्य की पूजा के कारण अत्याचारी हैं।

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قَالَ رَبِّ ٱغۡفِرۡ لِي وَلِأَخِي وَأَدۡخِلۡنَا فِي رَحۡمَتِكَۖ وَأَنتَ أَرۡحَمُ ٱلرَّٰحِمِينَ ١٥١

Он сказал: «Господи! Прости меня и моего брата и введи нас в Свою милость, ибо Ты - Милосерднейший из милосердных».

मूसा ने अपने पालनहार से प्रार्थना करते हुए कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे तथा मेरे भाई हारून को क्षमा कर दे और हमें अपनी दया में दाखिल कर दे और उसे इस तरह कर दे कि हर तरफ़ से हमें घेरे हुए हो। और तू (ऐ हमारे पालनहार!) हमपर हर दया करने वाले से अधिक दया करने वाला है।

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إِنَّ ٱلَّذِينَ ٱتَّخَذُواْ ٱلۡعِجۡلَ سَيَنَالُهُمۡ غَضَبٞ مِّن رَّبِّهِمۡ وَذِلَّةٞ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۚ وَكَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُفۡتَرِينَ ١٥٢

На тех, которые стали поклоняться тельцу, падут гнев их Господа и унижение в мирской жизни. Так Мы воздаем тем, кто измышляет ложь.

जिन लोगों ने बछड़े को पूज्य बनाकर उसकी पूजा शुरू कर दी, वे अपने पालनहार को क्रुद्ध करने और इसके द्वारा उसका अपमान करने के कारण, शीघ्र ही अपने पालनहार की ओर से सख़्त क्रोध और इस सांसारिक जीवन में अपमान से पीड़ित होंगे। और हम अल्लाह पर झूठ गढ़ने वालों को इसी तरह का बदला देते हैं।

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وَٱلَّذِينَ عَمِلُواْ ٱلسَّيِّـَٔاتِ ثُمَّ تَابُواْ مِنۢ بَعۡدِهَا وَءَامَنُوٓاْ إِنَّ رَبَّكَ مِنۢ بَعۡدِهَا لَغَفُورٞ رَّحِيمٞ ١٥٣

А если кто совершил злодеяния, а затем раскаялся и уверовал, то ведь твой Господь после всего этого - Прощающий, Милосердный.

जिन लोगों ने बुरे कर्म किए, जैसे अल्लाह के साथ शिर्क और पाप करना आदि, फिर अल्लाह की ओर लौट आए, अर्थात् उसपर ईमान ले आए और जो पाप किया करते थे उससे रुक गए, तो (ऐ नबी!) निश्चय आपका पालनहार इस तौबा और शिर्क से ईमान की ओर तथा पापों से आज्ञाकारिता की ओर वापसी के बाद अवश्य उनके गुनाहों को माफ़ करने वाला, उनपर दया करने वाला है।

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وَلَمَّا سَكَتَ عَن مُّوسَى ٱلۡغَضَبُ أَخَذَ ٱلۡأَلۡوَاحَۖ وَفِي نُسۡخَتِهَا هُدٗى وَرَحۡمَةٞ لِّلَّذِينَ هُمۡ لِرَبِّهِمۡ يَرۡهَبُونَ ١٥٤

Когда гнев Мусы (Моисея) спал, он взял скрижали, на которых были начертаны верное руководство и милость для тех, кто боится своего Господа.

फिर जब मूसा अलैहिस्सलाम का क्रोध शांत हो गया, तो उसने उन तख़्तियों को उठा लिया, जिन्हें उसने क्रोध में आकर फेंक दिया था। ये तख़्तियाँ पथभ्रष्टता से मार्गदर्शन और सत्य के बयान पर आधारित थीं, तथा उन लोगों के लिए दया पर आधारित थीं, जो अपने पालनहार का भय रखते और उसकी यातना से डरते हैं।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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