Аль-МухтасарАль‑Араф · 7:42–76

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

Аль-Араф 7:42–76

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وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ لَا نُكَلِّفُ نَفۡسًا إِلَّا وُسۡعَهَآ أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ ٤٢

Те, которые уверовали и совершали праведные деяния, будут обитателями Рая и пребудут там вечно. Мы не возлагаем на человека сверх его возможностей.

और जो लोग अपने रब पर ईमान लाए और जितना हो सका अच्छे कर्म किए - और अल्लाह किसी आत्मा पर उसकी क्षमता से अधिक बोझ नहीं डालता - वही जन्नत वाले हैं, जो उसमें प्रवेश करके हमेशा के लिए उसी में रहेंगे।

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وَنَزَعۡنَا مَا فِي صُدُورِهِم مِّنۡ غِلّٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهِمُ ٱلۡأَنۡهَٰرُۖ وَقَالُواْ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ ٱلَّذِي هَدَىٰنَا لِهَٰذَا وَمَا كُنَّا لِنَهۡتَدِيَ لَوۡلَآ أَنۡ هَدَىٰنَا ٱللَّهُۖ لَقَدۡ جَآءَتۡ رُسُلُ رَبِّنَا بِٱلۡحَقِّۖ وَنُودُوٓاْ أَن تِلۡكُمُ ٱلۡجَنَّةُ أُورِثۡتُمُوهَا بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ ٤٣

Мы исторгнем из их сердец злобу, и под ними будут протекать реки. Они скажут: «Хвала Аллаху, Который привел нас к этому! Мы не последовали бы прямым путем, если бы Аллах не наставил нас. И посланники Господа нашего принесли истину». Им будет возвещено: «Вот Рай, который вы унаследовали за то, что совершали».

जन्नत में उनके आनंद की पूर्णता में से एक यह है कि अल्लाह उनके दिलों में जो भी द्वेष और ईर्ष्या होगी निकालकर दूर कर देगा और उनके नीचे से नहरें जारी कर देगा। तथा वे अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों को स्वीकार करते हुए कहेंगे : हर प्रकार की स्तुति अल्लाह के लिए है, जिसने हमें इस नेक कार्य की तौफ़ीक़ दी जिसके कारण हमें यह स्थान प्राप्त हुआ। तथा हम अपने दम पर इसमें सफल नहीं हो सकते थे, यदि ऐसा न होता कि अल्लाह ने हमें उसकी ओर मार्गदर्शन किया। निश्चय हमारे रब के रसूल निर्विवाद सत्य तथा वा'दे और वईद (धमकी) में सच्चाई के साथ आए, और एक पुकारने वाला उनके बीच पुकारकर कहेगा : यही वही जन्नत है जिसके बारे में मेरे रसूलों ने तुम्हें दुनिया में बताया था। यह जन्नत अल्लाह ने तुम्हें उन नेक कामों के बदले में दी है जो तुम करते थे, जिनसे तुम अल्लाह की प्रसन्नता चाहते थे।

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وَنَادَىٰٓ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِ أَصۡحَٰبَ ٱلنَّارِ أَن قَدۡ وَجَدۡنَا مَا وَعَدَنَا رَبُّنَا حَقّٗا فَهَلۡ وَجَدتُّم مَّا وَعَدَ رَبُّكُمۡ حَقّٗاۖ قَالُواْ نَعَمۡۚ فَأَذَّنَ مُؤَذِّنُۢ بَيۡنَهُمۡ أَن لَّعۡنَةُ ٱللَّهِ عَلَى ٱلظَّٰلِمِينَ ٤٤

Обитатели Рая воззовут к обитателям Огня: «Мы уже убедились в том, что обещанное нам нашим Господом - истина. Убедились ли вы в том, что обещанное вашим Господом - истина?». Они скажут: «Да». Тогда глашатай возвестит среди них: «Да пребудет проклятие Аллаха над беззаконниками,

जब जन्नत वाले जन्नत में और जहन्नम वाले जहन्नम में चले जाएँगे, तो जन्नत के निवासी जहन्नम वालों को आवाज़ देंगे : हमारे रब ने हमसे जिस जन्नत का वादा किया था, निश्चय हमने उसे सच्चा व सिद्ध पाया और हम उसमें प्रवेश पा चुके हैं। तो क्या (ऐ काफ़िरों!) अल्लाह ने तुम्हें जिस जहन्नम की धमकी दी थी तुमने उसको सच्चा व सिद्ध पाया? काफिर कहेंगे : वास्तव में, हमने भी उसे सच्चा पाया जो उसने हमें जहन्नम की धमकी दी थी। फिर एक आवाज़ देने वाला अल्लाह से दुआ करते हुए आवाज़ देगा कि अल्लाह ज़ालिमों को अपनी दया से दूर कर दे। क्योंकि उसने दुनिया के जीवन में उनके लिए अपनी दया के द्वार खोल दिए, परंतु उन्होंने उससे मुँह फेर लिया।

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ٱلَّذِينَ يَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ وَيَبۡغُونَهَا عِوَجٗا وَهُم بِٱلۡأٓخِرَةِ كَٰفِرُونَ ٤٥

которые сбивали других с пути Аллаха, пытались исказить его и не верили в Последнюю жизнь».

ये ज़ालिम वही हैं, जो खुद भी अल्लाह की राह से दूर रहते थे और दूसरों को भी उससे दूर कर रहे थे, और आशा करते थे कि सत्य का रास्ता टेढ़ा हो जाए, ताकि लोग उसपर न चलें, तथा ये लोग आख़िरत का इनकार करने वाले हैं, उसके लिए तैयारी करने वाले नहीं हैं।

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وَبَيۡنَهُمَا حِجَابٞۚ وَعَلَى ٱلۡأَعۡرَافِ رِجَالٞ يَعۡرِفُونَ كُلَّۢا بِسِيمَىٰهُمۡۚ وَنَادَوۡاْ أَصۡحَٰبَ ٱلۡجَنَّةِ أَن سَلَٰمٌ عَلَيۡكُمۡۚ لَمۡ يَدۡخُلُوهَا وَهُمۡ يَطۡمَعُونَ ٤٦

Между ними будет изгородь, а на оградах будут люди, которые распознают каждого из них по их признакам. Они воззовут к обитателям Рая: «Мир вам!». Они пока не войдут в Рай, хотя будут желать этого.

इन दो समूहों : जन्नत के निवासियों तथा दोज़ख के निवासियों के बीच एक ऊँची आड़ होगी, जिसका नाम 'आराफ़' है, और इस ऊँची आड़ पर वे लोग होंगे जिनके अच्छे और बुरे कर्म बराबर होंगे। वे जन्नतियों को उनके लक्षणों, जैसे कि उनके चेहरे की सफेदी से, तथा जहन्नमियों को उनके लक्षणों, जैसे कि उनके चेहरों के कालेपन से पहचान लेंगे। ये लोग जन्नत वालों को उनके सम्मान में आवाज़ देकर कहेंगे : "तुम पर शांति हो"। 'आराफ़' वाले अभी जन्नत में दाखिल नहीं हुए होंगे और वे अल्लाह की दया से उसमें प्रवेश करने की आशा रखते होंगे।

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۞ وَإِذَا صُرِفَتۡ أَبۡصَٰرُهُمۡ تِلۡقَآءَ أَصۡحَٰبِ ٱلنَّارِ قَالُواْ رَبَّنَا لَا تَجۡعَلۡنَا مَعَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلظَّٰلِمِينَ ٤٧

Когда же их взоры обратятся к обитателям Огня, они скажут: «Господь наш! Не помещай нас с людьми несправедливыми!».

और जब 'आराफ़' वालों की निगाहें आग वालों की ओर फेरी जाएँगी और वे उनकी गंभीर यातना को देखेंगे, तो अल्लाह से प्रार्थना करते हुए कहेंगे : ऐ हमारे रब! हमें कुफ़्र एवं शिर्क करने वाले इन ज़ालिमों के साथ मत कर।

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وَنَادَىٰٓ أَصۡحَٰبُ ٱلۡأَعۡرَافِ رِجَالٗا يَعۡرِفُونَهُم بِسِيمَىٰهُمۡ قَالُواْ مَآ أَغۡنَىٰ عَنكُمۡ جَمۡعُكُمۡ وَمَا كُنتُمۡ تَسۡتَكۡبِرُونَ ٤٨

Люди на оградах обратятся к мужчинам, которых они узнают по их признакам, и скажут: «Не помогло вам то, что вы собирали, и ваше высокомерие.

और 'आराफ़' वाले काफ़िरों में से कुछ नरकवासी लोगों को, जिन्हें वे उनके लक्षणों, जैसे कि उनके चेहरे के कालेपन और उनकी आँखों के नीलेपन से पहचानते होंगे, आवाज़ देकर कहेंगे : तुम्हारा धन और संख्या में बहुत अधिक होना तुम्हारे कुछ काम न आया, और न ही अभिमान और अहंकार में तुम्हारे सत्य से मुँह फेर लेने से तुम्हें कुछ फायदा हुआ।

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أَهَٰٓؤُلَآءِ ٱلَّذِينَ أَقۡسَمۡتُمۡ لَا يَنَالُهُمُ ٱللَّهُ بِرَحۡمَةٍۚ ٱدۡخُلُواْ ٱلۡجَنَّةَ لَا خَوۡفٌ عَلَيۡكُمۡ وَلَآ أَنتُمۡ تَحۡزَنُونَ ٤٩

Разве это не те, о которых вы клялись, что Аллах никогда не проявит к ним милости?». Им будет сказано: «Войдите в Рай! Вы не познаете страха и не будете опечалены».

और अल्लाह काफ़िरों को फटकार लगाते हुए कहेगा : क्या ये वही लोग हैं, जिनके बारे में तुमने क़सम खाई थी कि अल्लाह उन्हें अपने पास से कोई दया प्रदान नहीं करेगा?! तथा अल्लाह मोमिनों से कहेगा : (ऐ मोमिनो!) जन्नत में प्रवेश कर जाओ। न तुम्हें आगे कोई डर है और न ही तुम दुनिया के छूटे हुए आनंद पर शोक करोगे; क्योंकि तुम्हें शाश्वत आनंद प्राप्त हो चुका है।

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وَنَادَىٰٓ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِ أَصۡحَٰبَ ٱلۡجَنَّةِ أَنۡ أَفِيضُواْ عَلَيۡنَا مِنَ ٱلۡمَآءِ أَوۡ مِمَّا رَزَقَكُمُ ٱللَّهُۚ قَالُوٓاْ إِنَّ ٱللَّهَ حَرَّمَهُمَا عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ ٥٠

Обитатели Огня воззовут к обитателям Рая: «Пролейте на нас воду или то, чем вас наделил Аллах». Они скажут: «Аллах запретил это для неверующих,

नरक वाले जन्नत के निवासियों को आवाज़ देकर उनसे याचना करते हुए कहेंगे : (ऐ जन्नत वालो!) हमपर थोड़ा-सा पानी बहा दो, अथवा उस खाने में से कुछ (दे दो) जो अल्लाह ने तुम्हें प्रदान किया है। जन्नत वाले जवाब देंगे : अल्लाह ने ये दोनों चीज़ें काफ़िरों पर उनके कुफ़्र के कारण हराम कर दी हैं और हम उस चीज़ के साथ तुम्हारी कदापि मदद नहीं करेंगे जो अल्लाह ने तुमपर हराम कर दी है।

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ٱلَّذِينَ ٱتَّخَذُواْ دِينَهُمۡ لَهۡوٗا وَلَعِبٗا وَغَرَّتۡهُمُ ٱلۡحَيَوٰةُ ٱلدُّنۡيَاۚ فَٱلۡيَوۡمَ نَنسَىٰهُمۡ كَمَا نَسُواْ لِقَآءَ يَوۡمِهِمۡ هَٰذَا وَمَا كَانُواْ بِـَٔايَٰتِنَا يَجۡحَدُونَ ٥١

которые обратили свою религию в потеху и игру и обольстились мирской жизнью». Сегодня Мы предадим их забвению, подобно тому, как они предали забвению встречу в этот день и отвергли Наши знамения.

ये काफ़िर वही लोग हैं, जिन्होंने अपने धर्म को उपहास और मनोरंजन बना लिया और दुनिया के जीवन ने उन्हें अपने अलंकरण और शोभा से धोखे में डाल दिया। इसलिए क़ियामत के दिन अल्लाह उन्हें भुला देगा और उन्हें यातना भुगतने के लिए छोड़ देगा, जिस तरह वे क़ियामत के दिन की भेंट को भूल गए थे। जिसके कारण उन्होंने इसके लिए काम नहीं किया और तैयारी नहीं की। और इसलिए भी कि वे अल्लाह के तर्कों और प्रमाणों को नकारते तथा यह जानने के बावजूद कि वह सत्य है उसका इनकार करते थे।

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وَلَقَدۡ جِئۡنَٰهُم بِكِتَٰبٖ فَصَّلۡنَٰهُ عَلَىٰ عِلۡمٍ هُدٗى وَرَحۡمَةٗ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ ٥٢

Мы преподнесли им Писание, которое разъяснили на основании знания, как верное руководство и милость для верующих людей.

निश्चय हम उनके पास यह क़ुरआन लाए हैं, जो मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारी गई एक किताब है। हमने उसे अपने ज्ञान के आधार पर स्पष्ट रूप से बयान किया है। यह किताब मोमिनों को धार्मिकता और सच्चाई के मार्ग पर ले जाने वाली है, तथा उनके लिए एक दया है क्योंकि इसमें दुनिया और आख़िरत की भलाई के बारे में मार्गदर्शन मौजूद है।

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هَلۡ يَنظُرُونَ إِلَّا تَأۡوِيلَهُۥۚ يَوۡمَ يَأۡتِي تَأۡوِيلُهُۥ يَقُولُ ٱلَّذِينَ نَسُوهُ مِن قَبۡلُ قَدۡ جَآءَتۡ رُسُلُ رَبِّنَا بِٱلۡحَقِّ فَهَل لَّنَا مِن شُفَعَآءَ فَيَشۡفَعُواْ لَنَآ أَوۡ نُرَدُّ فَنَعۡمَلَ غَيۡرَ ٱلَّذِي كُنَّا نَعۡمَلُۚ قَدۡ خَسِرُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ وَضَلَّ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ ٥٣

Неужели они дожидаются чего-либо, кроме исполнения пророчества? В тот день, когда оно исполнится, те, которые предали его забвению прежде, скажут: «Посланники нашего Господа принесли истину. Найдутся ли для нас заступники, которые заступились бы за нас? И не вернут ли нас обратно, чтобы мы совершили не то, что совершили прежде?». Они потеряют самих себя, и покинет их (или исчезнет) то, что они измышляли.

काफ़िर लोग केवल उस दर्दनाक यातना के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसके बारे में उन्हें बताया गया है और जो आख़िरत में उनका अंजाम होने वाले है। जिस दिन वह यातना आ जाएगी जिसके बारे में उन्हें बताया गया है और वह प्रतिफल भी सामने आ जाएगा जिसके बारे में ईमान वालों को बताया गया है, तो वे लोग जिन्होंने इस दुनिया में क़ुरआन को भुला दिया और उसके निर्देशों के अनुसार काम नहीं किया, कहेंगे : निश्चय हमारे रब के रसूल उस सच्चाई के साथ आए थे जिसमें कोई संदेह नहीं, और इसमें कोई संदेह नहीं कि यह अल्लाह की ओर से है। तो काश! हमारे लिए कोई मध्यस्थ होते जो हमारे लिए अल्लाह के पास सिफ़ारिश करते कि वह हमें यातना से मुक्त कर दे, या काश! हम दुनिया के जीवन में वापस भेज दिए जाते ताकि हम उन बुरे कामों के बजाय जो हम किया करते थे, अच्छे कर्म करके मोक्ष प्राप्त कर लेते। इन काफ़िरों ने अपने कुफ़्र के कारण अपने आपको विनाश के संसाधनों पर लाकर खुद को घाटे में डाल दिया, और जिनकी वे अल्लाह को छोड़कर पूजा करते थे, वे उनसे लुप्त हो गए, इसलिए वे उनके कुछ भी काम न आए।

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إِنَّ رَبَّكُمُ ٱللَّهُ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٖ ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰ عَلَى ٱلۡعَرۡشِۖ يُغۡشِي ٱلَّيۡلَ ٱلنَّهَارَ يَطۡلُبُهُۥ حَثِيثٗا وَٱلشَّمۡسَ وَٱلۡقَمَرَ وَٱلنُّجُومَ مُسَخَّرَٰتِۭ بِأَمۡرِهِۦٓۗ أَلَا لَهُ ٱلۡخَلۡقُ وَٱلۡأَمۡرُۗ تَبَارَكَ ٱللَّهُ رَبُّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٥٤

Воистину, ваш Господь - Аллах, Который сотворил небеса и землю за шесть дней, а затем вознесся на Трон (или утвердился на Троне). Он покрывает ночью день, который поспешно за ней следует. Солнце, луна и звезды - все они покорны Его воле. Несомненно, Он творит и повелевает. Благословен Аллах, Господь миров!

निःसंदेह (ऐ लोगो!) तुम्हारा रब वह अल्लाह है, जिसने आकाशों तथा धरती को बिना किसी पूर्व उदाहरण के छः दिनों में बनाया। फिर वह सर्वशक्तिमान अपनी महिमा के अनुरूप अर्श पर बुलंद हुआ, जिसकी कैफ़ियत (विवरण) हम नहीं जानते। वह दिन के उजाले से रात के अँधेरे को और रात के अँधेरे से दिन के उजाले को दूर करता है। रात और दिन में से प्रत्येक दूसरे के पीछे इस तरह तेज़ी से पहुँच जाता है कि उससे विलंब नहीं होता। एक गया कि दूसरा आ गया। तथा उस महिमावान ने सूरज बनाया, चाँद बनाया और सितारे बनाए, इस हाल में कि वे उसके आदेश के अधीन किए हुए हैं। सुन लो! सारी चीज़ों का पैदा करना केवल अल्लाह ही का काम है, तो क्या उसके अलावा भी कोई पैदा करने वाला है?! तथा केवल उसी का काम है आदेश देना। उसकी भलाई महान और उसका उपकार बहुत अधिक है। क्योंकि वह ऐश्वर्य और पूर्णता के गुणों से विशेषित है, जो सारे संसारों का पालनहार है।

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ٱدۡعُواْ رَبَّكُمۡ تَضَرُّعٗا وَخُفۡيَةًۚ إِنَّهُۥ لَا يُحِبُّ ٱلۡمُعۡتَدِينَ ٥٥

Взывайте к Господу своему со смирением и в тайне. Воистину, Он не любит преступников.

(ऐ ईमान वालो!) अपने रब को पूरी विनम्रता के साथ और गुप्त रूप से पुकारो, निष्ठावान होकर केवल उसी से दुआ करो, दिखावा करने वाले या दुआ में उसके साथ किसी को साझी करने वाले न हो। निःसंदेह वह उन लोगों को पसंद नहीं करता, जो दुआ में उसकी सीमाओं का उल्लंघन करने वाले हैं, और दुआ में उसकी सीमाओं का सबसे बड़ा उल्लंघन उसके साथ किसी अन्य को पुकारना है, जैसा कि बहुदेववादी करते हैं।

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وَلَا تُفۡسِدُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ بَعۡدَ إِصۡلَٰحِهَا وَٱدۡعُوهُ خَوۡفٗا وَطَمَعًاۚ إِنَّ رَحۡمَتَ ٱللَّهِ قَرِيبٞ مِّنَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ ٥٦

Не распространяйте нечестия на земле после того, как она приведена в порядок. Взывайте к Нему со страхом и надеждой. Воистину, милость Аллаха близка к творящим добро.

तथा पाप करके धरती में बिगाड़ न फैलाओ, जबकि अल्लाह ने रसूलों को भेजकर और उसे केवल अपनी आज्ञाकारिता के साथ आबाद करके उसे सुधारा है। और केवल अल्लाह को पुकारो, उसकी सज़ा से डर महसूस करते हुए, और उसके प्रतिफल के प्राप्त होने की प्रतीक्षा करते हुए। निःसंदेह अल्लाह की दया अच्छे कर्म करने वालों के क़रीब है, अतः तुम भी उन्हीं में शामिल हो जाओ।

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وَهُوَ ٱلَّذِي يُرۡسِلُ ٱلرِّيَٰحَ بُشۡرَۢا بَيۡنَ يَدَيۡ رَحۡمَتِهِۦۖ حَتَّىٰٓ إِذَآ أَقَلَّتۡ سَحَابٗا ثِقَالٗا سُقۡنَٰهُ لِبَلَدٖ مَّيِّتٖ فَأَنزَلۡنَا بِهِ ٱلۡمَآءَ فَأَخۡرَجۡنَا بِهِۦ مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِۚ كَذَٰلِكَ نُخۡرِجُ ٱلۡمَوۡتَىٰ لَعَلَّكُمۡ تَذَكَّرُونَ ٥٧

Он - Тот, Кто направляет ветры добрыми вестниками Своей милости. Когда же они приносят тяжелые облака, Мы пригоняем их к мертвой земле, проливаем воду и посредством этого взращиваем всевозможные плоды. Таким же образом Мы воскрешаем мертвых. Быть может, вы помяните назидание.

और अल्लाह ही है जो बारिश की शुभ सूचना देने वाली हवाओं को भेजता है, यहाँ तक कि जब हवाएँ पानी से लदे बादल को उठाती हैं, तो हम बादल को किसी बंजर भूमि की ओर ले जाते हैं। फिर हम उस भूमि पर पानी बरसाते हैं। फिर पानी से सभी प्रकार के कुछ फल पैदा करते हैं। इस रूप से फल को निकालने के समान ही, हम मृतकों को उनकी कब्रों से जीवित करके निकालेंगे। हमने ऐसा इस आशा में किया है कि (ऐ लोगो!) तुम अल्लाह की शक्ति और उसके अद्भुत कार्य को याद रखो, और यह कि वह मरे हुओं को पुनर्जीवित करने में सक्षम है।

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وَٱلۡبَلَدُ ٱلطَّيِّبُ يَخۡرُجُ نَبَاتُهُۥ بِإِذۡنِ رَبِّهِۦۖ وَٱلَّذِي خَبُثَ لَا يَخۡرُجُ إِلَّا نَكِدٗاۚ كَذَٰلِكَ نُصَرِّفُ ٱلۡأٓيَٰتِ لِقَوۡمٖ يَشۡكُرُونَ ٥٨

На хорошей земле растения растут по воле ее Господа, а на плохой земле они растут с трудом. Так Мы разъясняем знамения для благодарных людей.

अच्छी भूमि अल्लाह की अनुमति से अपने पौधे अच्छे और पूर्ण रूप से निकालती है। यही हाल ईमान वाले का है, वह उपदेश को सुनता और उससे लाभ उठाता है, जिसके परिणामस्वरूप वह अच्छे कार्य करता है। जबकि दलदली और खारी भूमि अपना पौधा कठिनाई से निकालती है, जिसमें कोई अच्छाई नहीं होती। यही हाल काफ़िर का है, वह उपदेशों से लाभ नहीं उठाता है, इसलिए उसके परिणामस्वरूप वह नेक कार्य नहीं करता है, जिससे उसे लाभ प्राप्त हो। इस अद्भुत विविधीकरण की तरह, हम उन लोगों के लिए सत्य को साबित करने के लिए प्रमाणों और तर्कों में विविधता लाते हैं, जो अल्लाह की नेमतों का शुक्रिया अदा करते हैं। इसलिए वे उनकी नाशुक्री नहीं करते हैं, और अपने रब की आज्ञा का पालन करते हैं।

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لَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوۡمِهِۦ فَقَالَ يَٰقَوۡمِ ٱعۡبُدُواْ ٱللَّهَ مَا لَكُم مِّنۡ إِلَٰهٍ غَيۡرُهُۥٓ إِنِّيٓ أَخَافُ عَلَيۡكُمۡ عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٖ ٥٩

Мы послали Нуха (Ноя) к его народу, и он сказал: «О мой народ! Поклоняйтесь Аллаху, ибо нет у вас другого божества, кроме Него. Я боюсь, что вас постигнут мучения в Великий день».

निःसंदेह हमने नूह को उनकी जाति की ओर रसूल बनाकर भेजा, जो उन्हें अल्लाह को एकमात्र पूज्य मानने और उसके अलावा की पूजा छोड़ने के लिए बुला रहे थे। चुनाँचे उन्होंने अपनी जाति से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! केवल अल्लाह की इबादत करो, क्योंकि उसके सिवा तुम्हारा कोई सत्य पूज्य नहीं है। निश्चय मुझे तुमपर एक महान दिन की यातना का डर है, यदि तुम अपने कुफ़्र पर अड़े रहे।

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قَالَ ٱلۡمَلَأُ مِن قَوۡمِهِۦٓ إِنَّا لَنَرَىٰكَ فِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٖ ٦٠

Знатные люди из его народа сказали: «Мы видим, что ты находишься в очевидном заблуждении».

उनकी जाति के सरदारों और प्रमुखों ने उनसे कहा : निःसंदेह (ऐ नूह!) हम तुम्हें सत्य से स्पष्ट दूरी पर देख रहे हैं।

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قَالَ يَٰقَوۡمِ لَيۡسَ بِي ضَلَٰلَةٞ وَلَٰكِنِّي رَسُولٞ مِّن رَّبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٦١

Он сказал: «О мой народ! Я не заблуждаюсь. Напротив, я - посланник Господа миров.

नूह ने अपनी जाति के प्रमुखों से कहा : जैसा तुम कहते हो, मैं पथभ्रष्ट नहीं हूँ। मैं तो अपने रब की ओर से मार्गदर्शन पर हूँ। क्योंकि मैं उस अल्लाह की ओर से तुम्हारी ओर भेजा हुआ (रसूल) हूँ, जो मेरा रब, तुम्हारा रब और सारे संसारों का रब है।

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أُبَلِّغُكُمۡ رِسَٰلَٰتِ رَبِّي وَأَنصَحُ لَكُمۡ وَأَعۡلَمُ مِنَ ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ ٦٢

Я сообщаю вам послания моего Господа и даю вам искренние советы. Я узнаю от Аллаха то, чего вы не знаете.

अल्लाह ने मेरी ओर जो वह़्य की है, उसमें से जिसके साथ अल्लाह ने मुझे तुम्हारी ओर भेजा है, उसे मैं तुम्हें पहुँचाता हूँ। तथा तुम्हें अल्लाह के आदेश का पालन करने और उसपर निष्कर्षित होने वाले प्रतिफल के लिए प्रोत्साहित करके, तथा तुम्हें उसके निषेधों को करने और उसपर निष्कर्षित होने वाले दंड से भयभीत करके, मैं तुम्हारा भला चाहता हूँ। और मैं सर्वशक्तिमान अल्लाह की ओर से वह (बातें) जानता हूँ जो तुम नहीं जानते, जो उसने मुझे वह़्य के माध्यम से सिखाया है।

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أَوَعَجِبۡتُمۡ أَن جَآءَكُمۡ ذِكۡرٞ مِّن رَّبِّكُمۡ عَلَىٰ رَجُلٖ مِّنكُمۡ لِيُنذِرَكُمۡ وَلِتَتَّقُواْ وَلَعَلَّكُمۡ تُرۡحَمُونَ ٦٣

Неужели вы удивляетесь тому, что напоминание от вашего Господа явилось к вам через мужчину из вашей среды, чтобы он мог предостеречь вас и чтобы вы стали богобоязненны? Быть может, тогда вы будете помилованы».

क्या यह बात तुम्हारे आश्चर्य और विस्मय का कारण है कि तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से वह़्य तथा उपदेश तुममें से एक ऐसे व्यक्ति द्वारा आया, जिसे तुम पहचानते हो?! क्योंकि वह तुम्हारे ही बीच पला-बढ़ा, और वह न तो झूठा था, न पथभ्रष्ट था, न ही किसी अन्य जाति का था। वह तुम्हारे पास तुम्हें अल्लाह की सज़ा से डराने के लिए आया था, यदि तुमने झुठलाया और अवज्ञा किया, और ताकि तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, उससे डरो, तथा इस आशा में कि तुम पर दया की जाए, अगर तुम उसपर ईमान ले आओ।

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فَكَذَّبُوهُ فَأَنجَيۡنَٰهُ وَٱلَّذِينَ مَعَهُۥ فِي ٱلۡفُلۡكِ وَأَغۡرَقۡنَا ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَآۚ إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَوۡمًا عَمِينَ ٦٤

Они сочли его лжецом, а Мы спасли его и тех, кто был с ним, в ковчеге, и потопили тех, кто счел ложью Наши знамения. Воистину, они были слепыми людьми.

परंतु उनकी क़ौम ने उन्हें झुठला दिया और उनपर ईमान न लाए, बल्कि अपने कुफ़्र पर बने रहे। इसलिए नूह अलैहिस्सलाम ने उनपर बद्दुआ की कि अल्लाह उन्हें विनष्ट कर दे। अतः हमने उन्हें और उनके साथ नाव में सवार मोमिनों को डूबने से बचा लिया और उन लोगों को, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया और अपने झुठलाने की रीति पर बने रहे, उनके लिए दंड के रूप में उतरने वाले तूफ़ान (बाढ़) में डुबोकर नष्ट कर दिया। निश्चय उनके हृदय सत्य से अंधे थे।

7:65Страница 158

۞ وَإِلَىٰ عَادٍ أَخَاهُمۡ هُودٗاۚ قَالَ يَٰقَوۡمِ ٱعۡبُدُواْ ٱللَّهَ مَا لَكُم مِّنۡ إِلَٰهٍ غَيۡرُهُۥٓۚ أَفَلَا تَتَّقُونَ ٦٥

Мы отправили к адитам их брата Худа. Он сказал: «О мой народ! Поклоняйтесь Аллаху, ибо нет у вас другого божества, кроме Него. Неужели вы не устрашитесь?».

और हमने आद के गोत्र की ओर उन्ही में से एक व्यक्ति हूद - अलैहिस्सलाम - को रसूल बनाकर भेजा। उन्होंने कहा : ऐ मेरी क़ौम के लोगो! केवल अल्लाह की इबादत करो। क्योंकि उसके सिवा तुम्हारा कोई सत्य पूज्य नहीं। तो क्या तुम उसके आदेशों का पालन करके तथा उसके निषेधों से बचकर, उससे नहीं डरते, ताकि तुम उसकी यातना से बच जाओ?!

7:66Страница 158

قَالَ ٱلۡمَلَأُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِن قَوۡمِهِۦٓ إِنَّا لَنَرَىٰكَ فِي سَفَاهَةٖ وَإِنَّا لَنَظُنُّكَ مِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ ٦٦

Знатные люди из его народа, которые не уверовали, сказали: «Мы видим, что ты глупец, и считаем тебя одним из лжецов».

उनकी जाति के प्रमुख तथा सरदार, जिन्होंने अल्लाह का इनकार किया और उसके रसूल को झुठलाया था, कहने लगे : निश्चय हम जानते हैं कि (ऐ हूद!) तुम मंदबुद्धिता और मूर्खता से ग्रस्त हो, जब तुम हमें अकेले अल्लाह की इबादत करने और मूर्तिपूजा को त्यागने के लिए आमंत्रित करते हो। तथा हमारा निश्चित रूप से मानना है कि तुम अपने रसूल होने के दावे में बिलकुल झूठे हो।

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قَالَ يَٰقَوۡمِ لَيۡسَ بِي سَفَاهَةٞ وَلَٰكِنِّي رَسُولٞ مِّن رَّبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٦٧

Он сказал: «О мой народ! Я не являюсь глупцом, а являюсь посланником Господа миров.

हूद ने अपनी क़ौम को उत्तर देते हुए कहा : ऐ मेरी क़ौम के लोगो! मेरे अंदर कोई मंदबुद्धिता और मूर्खता नहीं है। बल्कि मैं सारे संसारों के पालनहार की ओर से भेजा हुआ (दूत) हूँ।

7:68Страница 159

أُبَلِّغُكُمۡ رِسَٰلَٰتِ رَبِّي وَأَنَا۠ لَكُمۡ نَاصِحٌ أَمِينٌ ٦٨

Я доношу до вас послания от вашего Господа, и я для вас - надежный и добрый советчик.

मैं तुम्हें अल्लाह की वह तौहीद (एकेश्वरवाद) और उसकी शरीयत पहुँचाता हूँ, जिसका उसने मुझे तुमको पहुँचाने का आदेश दिया है, तथा जो मुझे पहुँचाने का आदेश दिया गया है, उसमें मैं तुम्हारा विश्वस्त हितैषी हूँ, न तो उसमें कुछ वृद्धि करता हूँ और न ही उसमें कमी करता हूँ।

7:69Страница 159

أَوَعَجِبۡتُمۡ أَن جَآءَكُمۡ ذِكۡرٞ مِّن رَّبِّكُمۡ عَلَىٰ رَجُلٖ مِّنكُمۡ لِيُنذِرَكُمۡۚ وَٱذۡكُرُوٓاْ إِذۡ جَعَلَكُمۡ خُلَفَآءَ مِنۢ بَعۡدِ قَوۡمِ نُوحٖ وَزَادَكُمۡ فِي ٱلۡخَلۡقِ بَصۜۡطَةٗۖ فَٱذۡكُرُوٓاْ ءَالَآءَ ٱللَّهِ لَعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ ٦٩

Неужели вы удивляетесь тому, что напоминание от вашего Господа дошло до вас через мужчину, который является одним из вас, чтобы он мог предостеречь вас? Помните о том, как Он сделал вас преемниками народа Нуха (Ноя) и сделал вас еще более рослыми. Помните о милостях Аллаха, - быть может, вы преуспеете».

क्या तुम्हें इस बात पर आश्चर्य हो रहा है कि तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से एक ऐसे व्यक्ति के माध्यम से सदुपदेश आया जो तुम्हारी ही जाति में से है, फ़रिश्तों या जिन्नो की जाति से नहीं है, ताकि वह तुम्हें सचेत करे?! तुम अपने पालनहार की स्तुति करो और उसका शुक्र अदा करो कि उसने तुम्हें धरती में प्रभुत्व प्रदान किया और तुम्हें नूह की जाति का उत्तराधिकारी बनाया, जिन्हें अल्लाह ने उनके कुफ़्र के कारण नष्ट कर दिया था। तथा अल्लाह का शुक्र अदा करो कि उसने तुम्हें भारी-भरकम डील-डौल और शक्ति-बल प्रदान की, और अपने ऊपर अल्लाह की विशाल नेमतों को याद करो, इस आशा में कि तुम अपनी वांछित चीज़ को प्राप्त कर सको और उस चीज़ से बच सको जिससे तुम डरते हो।

7:70Страница 159

قَالُوٓاْ أَجِئۡتَنَا لِنَعۡبُدَ ٱللَّهَ وَحۡدَهُۥ وَنَذَرَ مَا كَانَ يَعۡبُدُ ءَابَآؤُنَا فَأۡتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ ٧٠

Они сказали: «Неужели ты пришел к нам для того, чтобы мы поклонялись одному Аллаху и отреклись от того, чему поклонялись наши отцы? Ниспошли нам то, чем ты угрожаешь (или что ты обещаешь), если ты говоришь правду».

उनकी जाति के लोगों ने उनसे कहा : (ऐ हूद!) क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि हमें अकेले अल्लाह की इबादत का आदेश दो, और ताकि हम उन्हें छोड़ दें जिनकी पूजा हमारे बाप-दादा करते थे?! तो हमपर वह अज़ाब ले आओ जिसकी तुम हमें धमकी देते हो, यदि तुम अपने दावे में सच्चे हो।

7:71Страница 159

قَالَ قَدۡ وَقَعَ عَلَيۡكُم مِّن رَّبِّكُمۡ رِجۡسٞ وَغَضَبٌۖ أَتُجَٰدِلُونَنِي فِيٓ أَسۡمَآءٖ سَمَّيۡتُمُوهَآ أَنتُمۡ وَءَابَآؤُكُم مَّا نَزَّلَ ٱللَّهُ بِهَا مِن سُلۡطَٰنٖۚ فَٱنتَظِرُوٓاْ إِنِّي مَعَكُم مِّنَ ٱلۡمُنتَظِرِينَ ٧١

Он сказал: «Наказание и гнев вашего Господа уже поразили вас. Неужели вы станете пререкаться со мной относительно имен, которые придумали вы и ваши отцы? Аллах не ниспосылал о них никакого доказательства. Ждите, и я подожду вместе с вами».

हूद अलैहिस्सलाम ने उन्हें उत्तर देते हुए कहा : निश्चय तुम अल्लाह की यातना और प्रकोप के हक़दार बन चुके हो, इसलिए वह निश्चित रूप से तुमपर टूट पड़ने वाला है। क्या तुम मुझसे उन मूर्तियों के बारे में बहस करते हो, जिन्हें तुमने और तुम्हारे बाप-दादा ने पूज्य का नाम दे दिया है, जबकि उनकी कोई वास्तविकता नहीं है?! क्योंकि अल्लाह ने कोई प्रमाण नहीं उतारा है, जिसे तुम इनके पूज्य होने के अपने दावे पर तर्क बना सको। अतः जिस यातना को जल्दी लाने की तुमने माँग की है, उसकी प्रतीक्षा करो, मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में से हूँ। क्योंकि उसे तो आना ही है।

7:72Страница 159

فَأَنجَيۡنَٰهُ وَٱلَّذِينَ مَعَهُۥ بِرَحۡمَةٖ مِّنَّا وَقَطَعۡنَا دَابِرَ ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَاۖ وَمَا كَانُواْ مُؤۡمِنِينَ ٧٢

Мы спасли его и тех, кто был с ним, по Своей милости и искоренили тех, которые сочли ложью Наши знамения и не стали верующими.

अंततः हमने हूद - अलैहिस्सलाम - तथा उनके साथ जो मोमिन थे, उन्हें अपनी दया से बचा लिया और उन लोगों को नष्ट कर दिया, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया। वे ईमान वाले न थे, बल्कि वे झुठलाने वाले थे। इस कारण वे यातना के भागी थे।

7:73Страница 159

وَإِلَىٰ ثَمُودَ أَخَاهُمۡ صَٰلِحٗاۚ قَالَ يَٰقَوۡمِ ٱعۡبُدُواْ ٱللَّهَ مَا لَكُم مِّنۡ إِلَٰهٍ غَيۡرُهُۥۖ قَدۡ جَآءَتۡكُم بَيِّنَةٞ مِّن رَّبِّكُمۡۖ هَٰذِهِۦ نَاقَةُ ٱللَّهِ لَكُمۡ ءَايَةٗۖ فَذَرُوهَا تَأۡكُلۡ فِيٓ أَرۡضِ ٱللَّهِۖ وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُوٓءٖ فَيَأۡخُذَكُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٞ ٧٣

Мы отправили к самудянам их брата Салиха. Он сказал: «О мой народ! Поклоняйтесь Аллаху, ибо нет у вас другого божества, кроме Него. К вам явилось ясное знамение от вашего Господа. Эта верблюдица Аллаха является знамением для вас. Позвольте ей пастись на земле Аллаха и не причиняйте ей зла, а не то вас постигнут мучительные страдания.

और हमने 'समूद' के गोत्र की ओर उनके भाई सालेह - अलैहिस्सलाम - को भेजा, कि वह उन्हें अल्लाह की तौहीद (एकेश्वरवाद) और उसकी इबादत की ओर बुलाएँ। सालेह ने उनसे कहा : ऐ मेरी क़ौम के लोगो! केवल अल्लाह की इबादत करो। क्योंकि तुम्हारे लिए उसके सिवा कोई पूज्य नहीं, जो इबादत के योग्य हो। तुम्हारे पास अल्लाह की ओर से उस चीज़ की सच्चाई पर स्पष्ट निशानी आ चुकी है, जो कुछ मैं तुम्हारे पास लेकर आया हूँ, जो एक चट्टान से निकलने वाली एक ऊँटनी के रूप में है। उसके पानी पीने का एक समय निर्धारित है और तुम्हारे पीने का भी एक ज्ञात दिन है। अतः उसे अल्लाह की भूमि में खाने के लिए छोड़ दो, क्योंकि तुमपर इसके भोजन में से किसी चीज़ की ज़िम्मेदारी नहीं है, तथा उसे कोई नुक़सान न पहुँचाओ। क्योंकि उसे नुक़सान पहुँचाने के कारण तुम्हें दर्दनाक यातना का सामना करना पड़ेगा।

7:74Страница 160

وَٱذۡكُرُوٓاْ إِذۡ جَعَلَكُمۡ خُلَفَآءَ مِنۢ بَعۡدِ عَادٖ وَبَوَّأَكُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ تَتَّخِذُونَ مِن سُهُولِهَا قُصُورٗا وَتَنۡحِتُونَ ٱلۡجِبَالَ بُيُوتٗاۖ فَٱذۡكُرُوٓاْ ءَالَآءَ ٱللَّهِ وَلَا تَعۡثَوۡاْ فِي ٱلۡأَرۡضِ مُفۡسِدِينَ ٧٤

Помните о том, как Он сделал вас преемниками адитов и расселил вас на земле, на равнинах которой вы воздвигаете дворцы, а в горах высекаете жилища. Помните о милостях Аллаха и не творите на земле зла, распространяя нечестие».

अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो, जब उसने तुम्हें 'आद' जाति का उत्तराधिकारी बनाया और तुम्हें तुम्हारी भूमि में उतारा, जिससे तुम लाभान्वित होते हो और अपने उद्देश्यों को प्राप्त करते हो। ऐसा आद जाति को विनाश करने के बाद हुआ, जब वे अपने कुफ़्र तथा झुठलाने में चरम पर पहुँच गए। तुम पृथ्वी के मैदानों में महलों का निर्माण करते हो और पहाड़ों को तराश कर अपने लिए घर बनाते हो। सो अपने ऊपर अल्लाह की इन नेमतों को याद करो, ताकि उनपर अल्लाह का शुक्रिया अदा कर सको। तथा अल्लाह पर अविश्वास और पापों को त्यागकर, धरती में बिगाड़ फैलाना छोड़ दो।

7:75Страница 160

قَالَ ٱلۡمَلَأُ ٱلَّذِينَ ٱسۡتَكۡبَرُواْ مِن قَوۡمِهِۦ لِلَّذِينَ ٱسۡتُضۡعِفُواْ لِمَنۡ ءَامَنَ مِنۡهُمۡ أَتَعۡلَمُونَ أَنَّ صَٰلِحٗا مُّرۡسَلٞ مِّن رَّبِّهِۦۚ قَالُوٓاْ إِنَّا بِمَآ أُرۡسِلَ بِهِۦ مُؤۡمِنُونَ ٧٥

Знатные люди из его народа, которые превозносились, сказали уверовавшим из числа тех, кто был слаб: «Знаете ли вы, что Салих послан своим Господом?». Они сказали: «Мы веруем в то, с чем он послан».

उनकी जाति के घमंडी प्रमुखों और सरदारों ने उनकी जाति के मोमिनों से कहा, जिन्हें वे कमज़ोर समझते थे : क्या (ऐ ईमान वालो!) तुम जानते हो कि सालेह सच में अल्लाह का रसूल है? मोमिनों ने उन्हें उत्तर दिया : निःसंदेह सालेह - अलैहिस्सलाम - को जो कुछ देकर हमारी ओर भेजा गया है, हम उसकी पुष्टि करते, स्वीकारते और अनुसरण करते हैं तथा उनकी लाई हुई शरीयत के अनुसार कार्य करने वाले हैं।

7:76Страница 160

قَالَ ٱلَّذِينَ ٱسۡتَكۡبَرُوٓاْ إِنَّا بِٱلَّذِيٓ ءَامَنتُم بِهِۦ كَٰفِرُونَ ٧٦

Те, которые превозносились, сказали: «А мы отказываемся уверовать в то, во что уверовали вы».

उनकी जाति के अभिमानी लोगों ने कहा : निःसंदेह हम उसका इनकार करने वाले हैं, जिसपर (ऐ मोमिनो!) तुम ईमान लाए हो। अतः हम उसपर ईमान नहीं लाएँगे और उसकी शरीयत के अनुसार कार्य नहीं करेंगे।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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