Аль-МухтасарАль‑Мааридж · 70:1–44

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

المعارج

Аль-Мааридж

Ступени · Мекканская · 44 аята

70:1Страница 568

سَأَلَ سَآئِلُۢ بِعَذَابٖ وَاقِعٖ ١

Просящий просил мучения, которые постигают

मुश्रिकों में से एक व्यक्ति ने खुद पर और अपनी जाति के लोगों पर यातना का आह्वान किया, यदि वह यातना आने वाली है। यह उसने उपहास के तौर पर किया, हालाँकि वह क़ियामत के दिन घटित होने वाली है।

70:2Страница 568

لِّلۡكَٰفِرِينَ لَيۡسَ لَهُۥ دَافِعٞ ٢

неверующих. Никто не сможет предотвратить его

(वह यातना) अल्लाह का इनकार करने वालों पर आने वाली है। इस यातना को कोई टाल नहीं सकता।

70:3Страница 568

مِّنَ ٱللَّهِ ذِي ٱلۡمَعَارِجِ ٣

вопреки Аллаху, Владыке ступеней.

अल्लाह की ओर से, जो ऊँचाइयों वाला, दर्जों वाला, अनुग्रहों और नेमतों वाला है।

70:4Страница 568

تَعۡرُجُ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ إِلَيۡهِ فِي يَوۡمٖ كَانَ مِقۡدَارُهُۥ خَمۡسِينَ أَلۡفَ سَنَةٖ ٤

Ангелы и Дух (Джибрил) восходят к Нему в течение дня, равного пятидесяти тысячам лет.

फ़रिश्ते और जिबरील (अलैहिस्सलाम) क़ियामत के दिन उन सीढ़ियों के माध्यम से उसकी ओर चढ़ेंगे, और यह एक लंबा दिन है जिसकी मात्रा पचास हज़ार साल है।

70:5Страница 568

فَٱصۡبِرۡ صَبۡرٗا جَمِيلًا ٥

Прояви же красивое терпение.

अतः (ऐ नबी) आप ऐसा धैर्य रखें, जिसमें न बेचैनी (घबराहट) हो और न शिकायत के शब्द मुँह से निकालें।

70:6Страница 568

إِنَّهُمۡ يَرَوۡنَهُۥ بَعِيدٗا ٦

Они считают его далеким.

वे लोग इस यातना को दूर तथा असंभव समझ रहे हैं।

70:7Страница 568

وَنَرَىٰهُ قَرِيبٗا ٧

Мы же видим, что оно близко.

और हम उसे निश्चित रूप से निकट ही घटित होने वाली समझते हैं।

70:8Страница 568

يَوۡمَ تَكُونُ ٱلسَّمَآءُ كَٱلۡمُهۡلِ ٨

В тот день, когда небо станет подобно расплавленному металлу (или осадку масла; или кровавому гною),

जिस दिन आकाश पिघले हुए तांबे और सोने आदि के जैसा हो जाएगा।

70:9Страница 568

وَتَكُونُ ٱلۡجِبَالُ كَٱلۡعِهۡنِ ٩

а горы станут подобны шерсти,

और पहाड़ ऊन की तरह हल्के हो जाएँगे।

70:10Страница 568

وَلَا يَسۡـَٔلُ حَمِيمٌ حَمِيمٗا ١٠

родственник не станет расспрашивать родственника,

और कोई निकट संबंधी अपने निकट संबंधी का हाल नहीं पूछेगा, क्योंकि हर कोई अपने आप में व्यस्त होगा।

70:11Страница 569

يُبَصَّرُونَهُمۡۚ يَوَدُّ ٱلۡمُجۡرِمُ لَوۡ يَفۡتَدِي مِنۡ عَذَابِ يَوۡمِئِذِۭ بِبَنِيهِ ١١

хотя они будут видеть друг друга. Грешник пожелает откупиться от мучений того дня своими сыновьями,

प्रत्येक व्यक्ति अपने निकट के संबंधी को देख रहा होगा, वह उससे छिपा नहीं होगा। फिर भी, उस स्थिति की भयावहता के कारण, कोई किसी को नहीं पूछेगा। तथा वह व्यक्ति जो जहन्नम का हक़दार बन गया होगा, यह चाहेगा कि अपने बजाय अपने बच्चों को यातना के लिए पेश कर दे।

70:12Страница 569

وَصَٰحِبَتِهِۦ وَأَخِيهِ ١٢

своей супругой и своим братом,

और वह अपनी पत्नी तथा अपने भाई को छुड़ौती के रूप में प्रस्तुत कर दे।

70:13Страница 569

وَفَصِيلَتِهِ ٱلَّتِي تُـٔۡوِيهِ ١٣

своим родом, который укрывал его,

और अपने सबसे क़रीबी परिवार वालों को छुड़ौती के रूप में प्रस्तुत कर दे, जो कठिन परिस्थितियों में उसके साथ खड़े होते थे।

70:14Страница 569

وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا ثُمَّ يُنجِيهِ ١٤

и всеми обитателями земли, чтобы затем спастись.

और धरती पर मौजूद मनुष्य, जिन्न और अन्य सहित सभी को छुड़ौती के रूप में दे दे। फिर यह फ़िदया देना उसे जहन्नम की यातना से बचा ले।

70:15Страница 569

كـَلَّآۖ إِنَّهَا لَظَىٰ ١٥

Но нет! Это - Адское пламя,

मामला वैसा नहीं है, जैसा कि इस अपराधी ने कामना की है। निश्चय वह आख़िरत की आग है, जो भड़क रही है और लपट मार रही है।

70:16Страница 569

نَزَّاعَةٗ لِّلشَّوَىٰ ١٦

сдирающее кожу с головы,

जो अपनी गर्मी और प्रज्वलन की तीव्रता से गंभीर रूप से सिर की खाल उधेड़ देगी।

70:17Страница 569

تَدۡعُواْ مَنۡ أَدۡبَرَ وَتَوَلَّىٰ ١٧

зовущее тех, кто повернулся спиной и отвернулся,

वह उस व्यक्ति को पुकारेगी, जिसने सत्य से मुँह मोड़ा और उससे दूर भागा, न उसपर ईमान लाया और न उसपर अमल किया।

70:18Страница 569

وَجَمَعَ فَأَوۡعَىٰٓ ١٨

кто копил и прятал.

और उसने धन जमा किया और उसे अल्लाह के रास्ते में खर्च करने में कंजूसी की।

70:19Страница 569

۞ إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ خُلِقَ هَلُوعًا ١٩

Воистину, человек создан нетерпеливым,

निश्चय इनसान सख़्त लालची पैदा किया गया है।

70:20Страница 569

إِذَا مَسَّهُ ٱلشَّرُّ جَزُوعٗا ٢٠

беспокойным, когда его касается беда,

जब वह बीमारी या गरीबी जैसी किसी तकलीफ से पीड़ित होता है, तो अधीर हो जाता है।

70:21Страница 569

وَإِذَا مَسَّهُ ٱلۡخَيۡرُ مَنُوعًا ٢١

и скупым, когда его касается добро.

और जब उसे उर्वरता और मालदारी जैसी कोई खुशी देने वाली चीज़ मिलती है, तो वह उसे अल्लाह के मार्ग में खर्च करने से बहुत ज़्यादा रोकने वाला होता है।

70:22Страница 569

إِلَّا ٱلۡمُصَلِّينَ ٢٢

Это не относится к молящимся,

सिवाय उन बंदों के जो नमाज़ अदा करने वाले हैं। चुनाँचे वे इन निंदनीय विशेषताओं से सुरक्षित हैं।

70:23Страница 569

ٱلَّذِينَ هُمۡ عَلَىٰ صَلَاتِهِمۡ دَآئِمُونَ ٢٣

которые регулярно совершают свой намаз,

जो हमेशा अपनी नमाज़ की पाबंदी करते हैं। वे कभी उससे ग़ाफ़िल नहीं होते तथा सदा उसे उसके निर्दिष्ट समय पर अदा करते हैं।

70:24Страница 569

وَٱلَّذِينَ فِيٓ أَمۡوَٰلِهِمۡ حَقّٞ مَّعۡلُومٞ ٢٤

которые выделяют известную долю своего имущества

और जिन लोगों के धनों में एक अनिवार्य निर्धारित हिस्सा है।

70:25Страница 569

لِّلسَّآئِلِ وَٱلۡمَحۡرُومِ ٢٥

для просящих и обездоленных,

वे उसे उस व्यक्ति को देते हैं, जो उनसे माँगता है तथा उस व्यक्ति को देते हैं, जो उनसे नहीं माँगता है, जो किसी कारण से अपनी आजीविका से वंचित है।

70:26Страница 569

وَٱلَّذِينَ يُصَدِّقُونَ بِيَوۡمِ ٱلدِّينِ ٢٦

которые веруют в День воздаяния,

और जो क़ियामत के दिन को सत्य मानते हैं, जिस दिन अल्लाह हर एक को वह बदला देगा, जिसका वह हक़दार है।

70:27Страница 569

وَٱلَّذِينَ هُم مِّنۡ عَذَابِ رَبِّهِم مُّشۡفِقُونَ ٢٧

которые трепещут перед мучениями от своего Господа,

और जो अपने पालनहार की यातना से डरने वाले हैं, जबकि वे नेकी के काम किए हुए होते हैं।

70:28Страница 569

إِنَّ عَذَابَ رَبِّهِمۡ غَيۡرُ مَأۡمُونٖ ٢٨

ведь мучения от их Господа небезопасны,

निश्चय उनके पालनहार की यातना डरने की चीज़ है, जिससे कोई समझदार व्यक्ति निश्चिंत नहीं हो सकता।

70:29Страница 569

وَٱلَّذِينَ هُمۡ لِفُرُوجِهِمۡ حَٰفِظُونَ ٢٩

которые оберегают свои половые органы от всех,

और जो अपने गुप्तांगों की, उन्हें ढंक कर और उन्हें अनैतिक आचरण से दूर रखकर, रक्षा करते हैं।

70:30Страница 569

إِلَّا عَلَىٰٓ أَزۡوَٰجِهِمۡ أَوۡ مَا مَلَكَتۡ أَيۡمَٰنُهُمۡ فَإِنَّهُمۡ غَيۡرُ مَلُومِينَ ٣٠

кроме своих жен и невольниц, которыми овладели их десницы, за что они не заслуживают порицания,

सिवाय अपनी पत्नियों और अपने स्वामित्व में आई हुई दासियों के। क्योंकि उनसे संभोग आदि से लाभ उठाने में उनपर कोई दोष नहीं है।

70:31Страница 569

فَمَنِ ٱبۡتَغَىٰ وَرَآءَ ذَٰلِكَ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡعَادُونَ ٣١

тогда как желающие сверх этого являются преступниками;

फिर जो उपर्युक्त पत्नियों और दासियों के अलावा से आनंद तलाश करे, तो वही लोग अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने वाले हैं।

70:32Страница 569

وَٱلَّذِينَ هُمۡ لِأَمَٰنَٰتِهِمۡ وَعَهۡدِهِمۡ رَٰعُونَ ٣٢

которые сохраняют доверенное им и соблюдают договоры,

और जो लोग अपने पास अमानत रखे हुए धनों और भेदों आदि की तथा लोगों से की हुई अपनी प्रतिज्ञाओं की रक्षा करने वाले हैं। न तो उनकी अमानतों में ख़यानत करते हैं और न उनकी प्रतिज्ञाओं को तोड़ते हैं।

70:33Страница 569

وَٱلَّذِينَ هُم بِشَهَٰدَٰتِهِمۡ قَآئِمُونَ ٣٣

которые стойки в своих свидетельствах

और जो लोग अपेक्षित तरीक़े से अपनी गवाही देते हैं। न तो रिश्तेदारी और न ही दुश्मनी उनकी गवाही को प्रभावित करती है।

70:34Страница 569

وَٱلَّذِينَ هُمۡ عَلَىٰ صَلَاتِهِمۡ يُحَافِظُونَ ٣٤

и которые оберегают свой намаз.

और जो अपनी नमाज़ की रक्षा करते हैं; पवित्रता और हृदय शांति के साथ तथा उसके समय पर उसकी अदायगी करके। कोई चीज़ उन्हें नमाज़ से ग़ाफ़िल नहीं होने देती।

70:35Страница 569

أُوْلَٰٓئِكَ فِي جَنَّٰتٖ مُّكۡرَمُونَ ٣٥

Им будет оказано почтение в Райских садах.

जो लोग इन गुणों से विशिष्ट हैं, वे जन्नतों में सम्मानित हों। क्योंकि उन्हें स्थायी नेमतों का आनंद और अल्लाह के चेहरे के दीदार का सौभाग्य प्राप्त होगा।

70:36Страница 569

فَمَالِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ قِبَلَكَ مُهۡطِعِينَ ٣٦

Что же с теми, которые не уверовали и бегут перед тобой

(ऐ रसूल!) आपकी जाति के इन मुश्रिकों को किस चीज़ ने आकर्षित किया कि वे आपके चारों ओर आपको झुठलाने के लिए दौड़े चले आ रहे हैं?!

70:37Страница 569

عَنِ ٱلۡيَمِينِ وَعَنِ ٱلشِّمَالِ عِزِينَ ٣٧

толпами справа и слева?

वे आपको समूहों में आपके दाहिने और बाएँ तरफ से घेरे हुए हैं।

70:38Страница 569

أَيَطۡمَعُ كُلُّ ٱمۡرِيٕٖ مِّنۡهُمۡ أَن يُدۡخَلَ جَنَّةَ نَعِيمٖ ٣٨

Неужели каждый из них надеется, что его введут в Сад блаженства?

क्या उनमें से हर आदमी यह आशा रखता है कि अल्लाह उसे नेमतों वाली जन्नत में दाख़िल करेगा, जिसमें वह उसकी सदाबहार नेमतों का आनंद लेगा, जबकि वह अपने कुफ़्र पर क़ायम है?!

70:39Страница 569

كـَلَّآۖ إِنَّا خَلَقۡنَٰهُم مِّمَّا يَعۡلَمُونَ ٣٩

Но нет! Мы сотворили их из того, что им известно.

मामला वैसा नहीं है, जैसा कि उन्होंने कल्पना की है। निश्चय हमने उन्हें उस चीज़ से पैदा किया है, जिसे वे जानते हैं। हमने उन्हें एक तुच्छ पानी से पैदा किया है। अतः वे कमज़ोर हैं, अपने लिए लाभ या हानि के मालिक नहीं हैं। फिर उन्हें अभिमान कैसे शोभा देता है?!

70:40Страница 570

فَلَآ أُقۡسِمُ بِرَبِّ ٱلۡمَشَٰرِقِ وَٱلۡمَغَٰرِبِ إِنَّا لَقَٰدِرُونَ ٤٠

Клянусь Господом востоков и западов! Мы способны

अल्लाह सर्वशक्तिमान ने स्वयं अपनी क़सम खाई है, और वह सूर्य, चंद्रमा और शेष सभी ग्रहों के उदय एवं यास्त के स्थानों का स्वामी है, कि निःसंदेह हम निश्चय सामर्थ्यवान् हैं।

70:41Страница 570

عَلَىٰٓ أَن نُّبَدِّلَ خَيۡرٗا مِّنۡهُمۡ وَمَا نَحۡنُ بِمَسۡبُوقِينَ ٤١

заменить их теми, кто лучше них, и никто не превзойдет Нас.

कि उन्हें नष्ट करके उनके बदले में ऐसे लोगों को ले आएँ, जो अल्लाह का आज्ञापालन करने वाले हों। हम ऐसा करने में असमर्थ नहीं हैं, तथा जब भी हम उन्हें नष्ट करना चाहें और उन्हें दूसरों के साथ बदलना चाहें, तो हम ऐसा करने में विवश नहीं हैं।

70:42Страница 570

فَذَرۡهُمۡ يَخُوضُواْ وَيَلۡعَبُواْ حَتَّىٰ يُلَٰقُواْ يَوۡمَهُمُ ٱلَّذِي يُوعَدُونَ ٤٢

Оставь же их погружаться в словоблудие и забавляться, пока они не встретят тот день их, который им обещан.

अतः (ऐ रसूल) आप उन्हें छोड़ दें कि वे अपने झूठ और गुमराही में पड़े रहें तथा अपने सांसारिक जीवन में खेलते रहें, यहाँ तक कि वे क़ियामत के दिन से जा मिलें, जिसका उनसे क़ुरआन में वादा किया जाता था।

70:43Страница 570

يَوۡمَ يَخۡرُجُونَ مِنَ ٱلۡأَجۡدَاثِ سِرَاعٗا كَأَنَّهُمۡ إِلَىٰ نُصُبٖ يُوفِضُونَ ٤٣

В тот день они торопливо выйдут из могил, словно устремляясь к воздвигнутой цели (или идолам; или охотничьей сети).

जिस दिन वे क़ब्रों से तेज़ दौड़ते हुए लिकलेंगे, जैसे वे किसी निशान की ओर दौड़े जा रहे हैं।

70:44Страница 570

خَٰشِعَةً أَبۡصَٰرُهُمۡ تَرۡهَقُهُمۡ ذِلَّةٞۚ ذَٰلِكَ ٱلۡيَوۡمُ ٱلَّذِي كَانُواْ يُوعَدُونَ ٤٤

Их взоры потупятся, и унижение покроет их. Это будет тот день, который им обещан!

उनकी निगाहें झुकी होंगी, उनपर अपमान छाया होगा। यह वही दिन है, जिसका उनसे दुनिया में वादा किया जाता था और वे उसकी परवाह नहीं करते थे।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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