Аль-МухтасарАль‑Муддассир · 74:1–56

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

المدثر

Аль-Муддассир

Завернувшийся · Мекканская · 56 аятов

74:1Страница 575

يَٰٓأَيُّهَا ٱلۡمُدَّثِّرُ ١

О завернувшийся!

ऐ कपड़े में लिपटने वाले! (अर्थात नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम)

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قُمۡ فَأَنذِرۡ ٢

Встань и увещевай!

उठ खड़े हो और अल्लाह की यातना से डराओ।

74:3Страница 575

وَرَبَّكَ فَكَبِّرۡ ٣

Господа своего величай!

और केवल अपने रब की बड़ाई बयान करो।

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وَثِيَابَكَ فَطَهِّرۡ ٤

Одежды свои очищай!

और अपने आपको गुनाहों से तथा अपने कपड़े को गंदगियों से पवित्र रखो।

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وَٱلرُّجۡزَ فَٱهۡجُرۡ ٥

Скверны (идолов) сторонись!

और मूर्तियों की पूजा से दूर रहो।

74:6Страница 575

وَلَا تَمۡنُن تَسۡتَكۡثِرُ ٦

Не оказывай милости, чтобы получить большее!

और अपने अच्छे कार्यों को अधिक समझकर अपने रब पर उपकार न जताओ।

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وَلِرَبِّكَ فَٱصۡبِرۡ ٧

Ради Господа твоего будь терпелив!

तथा अपको जिन तकलीफ़ों का सामना होता है, उनपर अल्लाह ही के लिए धैर्य रखो।

74:8Страница 575

فَإِذَا نُقِرَ فِي ٱلنَّاقُورِ ٨

Когда же протрубят в рог,

फिर जब सूर में दूसरी बार फूँक मारी जाएगी।

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فَذَٰلِكَ يَوۡمَئِذٖ يَوۡمٌ عَسِيرٌ ٩

то день тот будет Днем тяжким,

तो वह दिन बड़ा कठिन दिन होगा।

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عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ غَيۡرُ يَسِيرٖ ١٠

нелегким для неверующих.

अल्लाह का और उसके रसूलों का इनकार करने वालों पर आसान न होगा।

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ذَرۡنِي وَمَنۡ خَلَقۡتُ وَحِيدٗا ١١

Оставь Меня с тем, кого Я сотворил одиноким,

(ऐ रसूल) मुझे और उस व्यक्ति को छोड़ दें, जिसे मैंने, बिना धन या संतान के, उसकी माँ के गर्भ में अकेला पैदा किया। (वह वलीद बिन मुग़ीरा है।)

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وَجَعَلۡتُ لَهُۥ مَالٗا مَّمۡدُودٗا ١٢

даровал ему большое богатство

और मैंने उसे बहुत सारा धन दिया।

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وَبَنِينَ شُهُودٗا ١٣

и сыновей, которые находились рядом с ним,

और उसे ऐसे पुत्र दिए, जो उसके पास मौजूद रहने वाले हैं और उसके साथ सभाओं में उपस्थित होते हैं। उसे किसी यात्रा के लिए अकेला नहीं छोड़ते; क्योंकि उसके पास धन की कोई कमी नहीं है।

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وَمَهَّدتُّ لَهُۥ تَمۡهِيدٗا ١٤

и распростер перед ним этот мир полностью.

और हमने उसे जीवन, आजीविका और संतान में ख़ूब विस्तार प्रदान किया।

74:15Страница 575

ثُمَّ يَطۡمَعُ أَنۡ أَزِيدَ ١٥

После всего этого он желает, чтобы Я добавил ему.

फिर वह, मेरे साथ कुफ़्र करने के बावजूद, इस बात की लालसा रखता है कि यह सब कुछ देने के बाद, मैं उसे और अधिक प्रदान करूँ।

74:16Страница 575

كـَلَّآۖ إِنَّهُۥ كَانَ لِأٓيَٰتِنَا عَنِيدٗا ١٦

Но нет! Он упрямо отрицает Наши знамения.

मामला वैसा नहीं है, जैसा उसने समझ लिया है। वह हमारे रसूल पर उतरने वाली हमारी आयतों का विरोधी और उन्हें झुठलाने वाला है।

74:17Страница 575

سَأُرۡهِقُهُۥ صَعُودًا ١٧

Я возложу на него подъем (восхождение на гору в Аду).

शीघ्र ही मैं उसे यातना की ऐसी वेदना में डालूँगा, जिसे वह सहन न कर सकेगा।

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إِنَّهُۥ فَكَّرَ وَقَدَّرَ ١٨

Он подумал и рассчитал.

इस काफ़िर ने, जिसे हमने ये सारी नेमतें प्रदान कीं, सोच-विचार किया कि इस क़ुरआन के बारे में उसे ग़लत साबित करने के लिए क्या कहे, और अपने दिल में उसका अनुमान लगाया।

74:19Страница 576

فَقُتِلَ كَيۡفَ قَدَّرَ ١٩

Да сгинет он! Как он рассчитал?!

उसपर धिक्कार हो और उसका विनाश हो! उसने यह कैसी बात बनाई?

74:20Страница 576

ثُمَّ قُتِلَ كَيۡفَ قَدَّرَ ٢٠

Да сгинет он еще раз! Как он рассчитал?!

फिर उसपर धिक्कार हो और उसका विनाश हो! उसने कैसी बात बनाई?

74:21Страница 576

ثُمَّ نَظَرَ ٢١

Затем он задумался.

फिर उसने अपनी बात पर पुनर्विचार किया।

74:22Страница 576

ثُمَّ عَبَسَ وَبَسَرَ ٢٢

Затем он нахмурился и насупился.

फिर जब उसने कोई ऐसी बात न पाई, जिसे आधार बनाकर क़ुरआन के अंदर दोष निकाले, तो माथे पर बल दिया और मुँह बनाया।

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ثُمَّ أَدۡبَرَ وَٱسۡتَكۡبَرَ ٢٣

Затем он повернулся спиной и возгордился

फिर उसने ईमान से मुँह फेरा और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का अनुसरण करने से अहंकार किया।

74:24Страница 576

فَقَالَ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا سِحۡرٞ يُؤۡثَرُ ٢٤

и сказал: «Это - не что иное, как пересказанное колдовство.

अंततः बोला : मुहम्मद जो कुछ लेकर आए हैं, वह अल्लाह की वाणी नहीं है, बल्कि वह एक जादू है, जिसे वह किसी और से बयान करते हैं।

74:25Страница 576

إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا قَوۡلُ ٱلۡبَشَرِ ٢٥

Это - не что иное, как слова человека».

यह अल्लाह की वाणी नहीं, बल्कि वह इनसान की वाणी है।

74:26Страница 576

سَأُصۡلِيهِ سَقَرَ ٢٦

Я брошу его в Преисподнюю.

मैं इस काफ़िर को जहन्नम की आग के वर्गों में से एक वर्ग में प्रवेश करूँगा, जिसका नाम 'सक़र' है, वह उसकी गर्मी सहन करेगा।

74:27Страница 576

وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا سَقَرُ ٢٧

Откуда ты мог знать, что такое Преисподняя?

और (ऐ मुहम्मद) आपको किस चीज़ ने अवगत कराया कि 'सक़र' (जहन्नम) क्या है?!

74:28Страница 576

لَا تُبۡقِي وَلَا تَذَرُ ٢٨

Она не щадит и не оставляет.

उसमें डाली जाने वाली किसी चीज़ को वह शेष नहीं रखेगी, बल्कि उसका काम तमाम कर देगी और उसे छोड़े गी नहीं। फिर वह अपनी पहली स्थिति में लौट आएगी, तो वह फिर उसका काम तमाम कर देगी। इसी तरह यह सिलसिला चलता रहेगा।

74:29Страница 576

لَوَّاحَةٞ لِّلۡبَشَرِ ٢٩

Она сжигает кожу.

वह खाल को बुरी तरह जला देने वाली और उसकी हालत बदल देने वाली है।

74:30Страница 576

عَلَيۡهَا تِسۡعَةَ عَشَرَ ٣٠

Их (ангелов) над ней - девятнадцать.

उसपर उन्नीस फ़रिश्ते नियुक्त हैं, जो उसके रक्षक हैं।

74:31Страница 576

وَمَا جَعَلۡنَآ أَصۡحَٰبَ ٱلنَّارِ إِلَّا مَلَٰٓئِكَةٗۖ وَمَا جَعَلۡنَا عِدَّتَهُمۡ إِلَّا فِتۡنَةٗ لِّلَّذِينَ كَفَرُواْ لِيَسۡتَيۡقِنَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ وَيَزۡدَادَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِيمَٰنٗا وَلَا يَرۡتَابَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ وَٱلۡمُؤۡمِنُونَ وَلِيَقُولَ ٱلَّذِينَ فِي قُلُوبِهِم مَّرَضٞ وَٱلۡكَٰفِرُونَ مَاذَآ أَرَادَ ٱللَّهُ بِهَٰذَا مَثَلٗاۚ كَذَٰلِكَ يُضِلُّ ٱللَّهُ مَن يَشَآءُ وَيَهۡدِي مَن يَشَآءُۚ وَمَا يَعۡلَمُ جُنُودَ رَبِّكَ إِلَّا هُوَۚ وَمَا هِيَ إِلَّا ذِكۡرَىٰ لِلۡبَشَرِ ٣١

Стражами Огня мы сделали только ангелов, а количество их сделали искушением для неверующих, чтобы удостоверились те, кому было даровано Писание, чтобы усилилась вера у верующих, чтобы не сомневались те, кому было даровано Писание, и верующие, и чтобы спросили те, чьи сердца поражены недугом, и неверующие: «Что хотел Аллах этой притчей?». Так Аллах вводит в заблуждение, кого пожелает, и ведет прямым путем, кого пожелает. Воинство твоего Господа не знает никто, кроме Него. Это же - не что иное, как Напоминание для человечества.

हमने जहन्नम के रक्षक के तौर पर केवल फ़रिश्तों को नियुक्त किया है, जिनसे मुक़ाबला करने की शक्ति इनसान के पास नहीं है। तथा हमने उनकी यह संख्या केवल अल्लाह का इनकार करने वालों के परीक्षण के तौर पर रखी है, ताकि वे इस तरह की बातें कहें, फिर उनकी यातना में वृद्धि कर दी जाए। और ताकि यहूदियों को, जिन्हें तौरात दी गई है, और ईसाइयों को, जिन्हें इंजील दी गई है, क़ुरआन द्वारा उनकी किताबों की बातों की पुष्टि करने के कारण विश्वास हो जाए। तथा ईमान वालों के ईमान में वृद्धि हो जाए जब पुस्तक के लोग (यहूदी एवं ईसाई) उनके साथ सहमत हों। और यहूदी, ईसाई और ईमान वाले किसी संदेह में न पड़ें। और ताकि ईमान में संकोच करने वाले और काफ़िर लोग कहें : इस विचित्र संख्या से अल्लाह का क्या उद्देश्य है?! जिस तरह इस संख्या का इनकार करने वाले को गुमराह किया गया है और उसकी पुष्टि करने वाले को हिदायत दी गई है, उसी तरह अल्लाह जिसे गुमराह करना चाहे, उसे गुमराह करता है और जिसे हिदायत देना चाहे, उसे हिदायत देता है। और तेरे रब की सेनाओं को उनकी बहुतायत के कारण, उस महिमावान् के सिवा कोई नहीं जानता। और जहन्नम तो मनुष्यों को मात्र याद दिलाने के लिए है, जिससे वे सर्वशक्तिमान अल्लाह की महानता को जानते हैं।

74:32Страница 576

كـَلَّا وَٱلۡقَمَرِ ٣٢

О да! Клянусь луной!

बात वैसी नहीं है, जैसा कि कुछ मुश्रिकों ने दावा किया है कि उसके साथी जहन्नम की रक्षा पर नियुक्त फ़रिश्तों का काम तमाम करने के पर्याप्त हैं। अल्लाह ने चाँद की क़सम खाई है।

74:33Страница 576

وَٱلَّيۡلِ إِذۡ أَدۡبَرَ ٣٣

Клянусь ночью, когда она отступает!

और रात की क़सम खाई है, जब वह जाने लगे।

74:34Страница 576

وَٱلصُّبۡحِ إِذَآ أَسۡفَرَ ٣٤

Клянусь зарей, когда она занимается!

और सुबह की क़सम खाई है, जब वह अच्छी तरह प्रकाशित हो जाए।

74:35Страница 576

إِنَّهَا لَإِحۡدَى ٱلۡكُبَرِ ٣٥

Это есть одно из величайших явлений,

निःसंदेह जहन्नम की आग निश्चय महान आपदाओं में से एक है।

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نَذِيرٗا لِّلۡبَشَرِ ٣٦

предостерегающее человечество -

लोगों को डराने और भय दिखाने के लिए है।

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لِمَن شَآءَ مِنكُمۡ أَن يَتَقَدَّمَ أَوۡ يَتَأَخَّرَ ٣٧

тех из вас, кто желает продвигаться вперед благодаря праведным деяниям или отступать назад, совершая грехи.

तुममें से (ऐ लोगो) उस व्यक्ति के लिए, जो ईमान और सत्कर्म के साथ आगे बढ़ना चाहे या कुफ़्र एवं गुनाह के साथ पीछे हटना चाहे।

74:38Страница 576

كُلُّ نَفۡسِۭ بِمَا كَسَبَتۡ رَهِينَةٌ ٣٨

Каждый человек является заложником того, что он приобрел,

हर प्राणी की उसके किए हुए कर्मों पर पकड़ होगी। चुनाँचे या तो उसके कर्म उसका विनाश कर देंगे, और या तो उसे विनाश से बचा लेंगे।

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إِلَّآ أَصۡحَٰبَ ٱلۡيَمِينِ ٣٩

кроме людей правой стороны.

सिवाय मोमिनों के। क्योंकि उनके गुनाहों के कारण उनकी पकड़ नहीं होगी। बल्कि उनके अच्छे कामों के कारण उनके पापों को क्षमा कर दिया जाएगा।

74:40Страница 576

فِي جَنَّٰتٖ يَتَسَآءَلُونَ ٤٠

В Райских садах они будут расспрашивать друг друга

वे क़ियामत के दिन जन्नतों में एक-दूसरे से पूछेंगे।

74:41Страница 576

عَنِ ٱلۡمُجۡرِمِينَ ٤١

о грешниках.

उन काफ़िरों के बारे में, जिन्होंने पाप करके स्वयं को नष्ट कर दिया।

74:42Страница 576

مَا سَلَكَكُمۡ فِي سَقَرَ ٤٢

Что привело вас в Преисподнюю?

वे उनसे कहेंगे : तुम्हें क्या चीज़ जहन्नम में ले आई?

74:43Страница 576

قَالُواْ لَمۡ نَكُ مِنَ ٱلۡمُصَلِّينَ ٤٣

Они скажут: «Мы не были в числе тех, которые совершали намаз.

तो काफ़िर लोग उन्हें जवाब देते हुए कहेंगे : हम उन लोगों में से नहीं थे, जो दुनिया के जीवन में फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ा करते थे।

74:44Страница 576

وَلَمۡ نَكُ نُطۡعِمُ ٱلۡمِسۡكِينَ ٤٤

Мы не кормили бедняков.

और हम निर्धन को अल्लाह के दिए हुए धन से भोजन नहीं कराते थे।

74:45Страница 576

وَكُنَّا نَخُوضُ مَعَ ٱلۡخَآئِضِينَ ٤٥

Мы погружались в словоблудие вместе с погружавшимися.

हम झूठे लोगों के साथ थे, वे जहाँ भी गए हम उनके साथ घूमते थे और गुमराह तथा भटके हुए लोगों के साथ बातों में लगे रहते थे।

74:46Страница 576

وَكُنَّا نُكَذِّبُ بِيَوۡمِ ٱلدِّينِ ٤٦

Мы считали ложью Последний день,

और हम बदले के दिन को झुठलाया करते थे।

74:47Страница 576

حَتَّىٰٓ أَتَىٰنَا ٱلۡيَقِينُ ٤٧

пока к нам не явилась убежденность (смерть)».

हम इसे नकारते रहे यहाँ तक कि मौत हमारे पास आ गई और उसने हमें तौबा करने से रोक दिया।

74:48Страница 577

فَمَا تَنفَعُهُمۡ شَفَٰعَةُ ٱلشَّٰفِعِينَ ٤٨

Заступничество заступников не поможет им.

चुनाँचे सिफ़ारिश करने वाले फ़रिश्तों, नबियों और सदाचारियों की मध्यस्थता (सिफ़ारिश) क़ियामत के दिन उन्हें कुछ लाभ न देगी। क्योंकि अल्लाह के यहाँ सिफ़ारिश क़बूल होने की शर्तों में से एक अल्लाह का उस बंदे से राज़ी होना है, जिसके लिए सिफ़ारिश की जा रही है।

74:49Страница 577

فَمَا لَهُمۡ عَنِ ٱلتَّذۡكِرَةِ مُعۡرِضِينَ ٤٩

Что же с ними? Почему они отворачиваются от Напоминания,

किस चीज़ ने इन काफ़िरों को क़ुरआन से मुँह मोड़ने वाला बना दिया है?!

74:50Страница 577

كَأَنَّهُمۡ حُمُرٞ مُّسۡتَنفِرَةٞ ٥٠

словно напуганные ослы,

वे क़ुरआन से मुँह मोड़ने और उससे भागने में सख़्त बिदकने वाले जंगली गधों जैसे मालूम होते हैं।

74:51Страница 577

فَرَّتۡ مِن قَسۡوَرَةِۭ ٥١

бегущие от стрелка (или льва)?

जो शेर से डरकर भाग खड़े हुए हैं।

74:52Страница 577

بَلۡ يُرِيدُ كُلُّ ٱمۡرِيٕٖ مِّنۡهُمۡ أَن يُؤۡتَىٰ صُحُفٗا مُّنَشَّرَةٗ ٥٢

Но ведь каждый из них желает получить развернутые свитки.

बल्कि इन मुश्रिकों में से हर व्यक्ति चाहता है कि उसके सिर के पास एक खुली किताब हो, जो उसे बताए कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अल्लाह के रसूल हैं। और इसका कारण प्रमाणों की कमी या तर्कों का कमज़ोर होना नहीं है, बल्कि इसका कारण हठ और घमंड है।

74:53Страница 577

كـَلَّاۖ بَل لَّا يَخَافُونَ ٱلۡأٓخِرَةَ ٥٣

Но нет! Они не боятся Последней жизни.

मामला यह नहीं है। बल्कि उनके गुमराही में में बने रहने का कारण यह है कि वे आख़िरत की यातना पर ईमान नहीं रखते हैं। इसलिए वे अपने कुफ़्र पर बने हुए हैं।

74:54Страница 577

كـَلَّآ إِنَّهُۥ تَذۡكِرَةٞ ٥٤

Но нет! Это есть Назидание.

सुन लो, निःसंदेह यह क़ुरआन एक उपदेश और याददेहानी है।

74:55Страница 577

فَمَن شَآءَ ذَكَرَهُۥ ٥٥

Помянет его тот, кто захочет.

अतः जो क़ुरआन पढ़ना और उससे नसीहत हासिल करना चाहे, वह उसे पढ़े और उससे नसीहत हासिल करे।

74:56Страница 577

وَمَا يَذۡكُرُونَ إِلَّآ أَن يَشَآءَ ٱللَّهُۚ هُوَ أَهۡلُ ٱلتَّقۡوَىٰ وَأَهۡلُ ٱلۡمَغۡفِرَةِ ٥٦

Но они не помянут его, если этого не пожелает Аллах. Он - Тот, Кто достоин страха и способен на прощение.

वे नसीहत हासिल नहीं करेंगे, परंतु यह कि अल्लाह चाहे कि वे नसीहत हासिल करें। वह पवित्र अल्लाह इस योग्य है कि उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, उससे डरा जाए। तथा वह इस योग्य है कि अपने बंदों के गुनाहों को माफ़ कर दे, यदि वे उसके समक्ष तौबा करें।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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