Аль-МухтасарАль‑Кияма · 75:1–40

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

القيامة

Аль-Кияма

Воскресение · Мекканская · 40 аятов

75:1Страница 577

لَآ أُقۡسِمُ بِيَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ ١

Нет, клянусь Днем воскресения!

अल्लाह ने क़ियामत के दिन की क़सम खाई है, जिस दिन लोग सर्व संसार के पालनहार के सामने खड़े होंगे।

75:2Страница 577

وَلَآ أُقۡسِمُ بِٱلنَّفۡسِ ٱللَّوَّامَةِ ٢

Клянусь душой попрекающей!

तथा अल्लाह ने अच्छी आत्मा की क़सम खाई है, जो इनसान को अच्छे काम में कोताही करने पर और बुरे कामों के करने पर मलामत (निंदा) करती है। अल्लाह ने इन दोनों चीज़ों की क़सम खाकर कहा है कि वह लोगों को हिसाब और बदले के लिए ज़रूर पुनर्जीवित करेगा।

75:3Страница 577

أَيَحۡسَبُ ٱلۡإِنسَٰنُ أَلَّن نَّجۡمَعَ عِظَامَهُۥ ٣

Неужели человек полагает, что Мы не соберем его костей?

क्या इनसान यह सोचता है कि पुनर्जीवित करने के लिए उसकी मृत्यु के बाद हम उसकी हड्डियों को इकट्ठा नहीं करेंगे?!

75:4Страница 577

بَلَىٰ قَٰدِرِينَ عَلَىٰٓ أَن نُّسَوِّيَ بَنَانَهُۥ ٤

Конечно! Мы способны восстановить даже кончики его пальцев (или сделать всего его пальцы одинаковыми, так что он не сможет пользоваться ими, как прежде).

क्यों नहीं? हम उनको एकत्र करने के साथ-साथ, उसकी उँगलियों की पोरों को पहले की तरह बिलकुल ठीक करने की भी शक्ति रखते हैं।

75:5Страница 577

بَلۡ يُرِيدُ ٱلۡإِنسَٰنُ لِيَفۡجُرَ أَمَامَهُۥ ٥

Но человек желает и впредь совершать грехи.

बल्कि इनसान मरणोपरांत दोबारा उठाए जाने का इनकार करके यह चाहता है कि वह आगे भी किसी रोक-टोक के बिना कुकर्म करता चला जाए।

75:6Страница 577

يَسۡـَٔلُ أَيَّانَ يَوۡمُ ٱلۡقِيَٰمَةِ ٦

Он спрашивает, когда же наступит День воскресения?

वह असंभव समझते हुए क़ियामत के दिन के बारे में पूछता है : वह कब होगा?

75:7Страница 577

فَإِذَا بَرِقَ ٱلۡبَصَرُ ٧

Когда взор будет ошеломлен,

जब आँख उस चीज़ को देखकर चौंधिया जाएगी और चकित रह जाएगी, जिसे वह दुनिया में झुठलाया करता था।

75:8Страница 577

وَخَسَفَ ٱلۡقَمَرُ ٨

луна затмится,

और चाँद की रोशनी चली जाएगी।

75:9Страница 577

وَجُمِعَ ٱلشَّمۡسُ وَٱلۡقَمَرُ ٩

а солнце и луна сойдутся.

और सूरज एवं चाँद इकट्ठे कर दिए जाएँगे।

75:10Страница 577

يَقُولُ ٱلۡإِنسَٰنُ يَوۡمَئِذٍ أَيۡنَ ٱلۡمَفَرُّ ١٠

В тот день человек скажет: «Куда бежать?».

उस दिन कुकर्मी इनसान कहेगा कि भागने का स्थान कहाँ है?!

75:11Страница 577

كـَلَّا لَا وَزَرَ ١١

О нет! Не будет убежища!

उस दिन भागने का कोई अवसर न होगा और न ही कोई शरण स्थल होगा, जहाँ कुकर्मी शरण ले सके और न कोई बचने का स्थान होगा, जहाँ पहुँचकर बच सके।

75:12Страница 577

إِلَىٰ رَبِّكَ يَوۡمَئِذٍ ٱلۡمُسۡتَقَرُّ ١٢

В тот день возвращение будет к твоему Господу.

उस दिन (ऐ रसूल) तेरे पालनहार ही की ओर हिसाब और प्रतिफल के लिए लौटकर जाना होगा।

75:13Страница 577

يُنَبَّؤُاْ ٱلۡإِنسَٰنُ يَوۡمَئِذِۭ بِمَا قَدَّمَ وَأَخَّرَ ١٣

В тот день человеку возвестят о том, что он совершил заранее и что оставил после себя.

उस दिन इनसान को उसके कर्मों के बारे में सूचित किया जाएगा कि क्या उसने आगे भेजा और क्या उसने पीछे छोड़ा।

75:14Страница 577

بَلِ ٱلۡإِنسَٰنُ عَلَىٰ نَفۡسِهِۦ بَصِيرَةٞ ١٤

Но человек будет свидетельствовать против самого себя,

बल्कि मनुष्य खुद के खिलाफ़ एक गवाह है, क्योंकि उसके शरीर के अंग उसके खिलाफ़ गवाही देंगे कि उसने क्या पाप किए हैं।

75:15Страница 577

وَلَوۡ أَلۡقَىٰ مَعَاذِيرَهُۥ ١٥

даже если он будет оправдываться.

यद्यपि वह तरह-तरह के बहाने पेश करके अपने बारे में यह तर्क दे कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है, लेकिन इसका उसे कुछ लाभ नहीं होगा।

75:16Страница 577

لَا تُحَرِّكۡ بِهِۦ لِسَانَكَ لِتَعۡجَلَ بِهِۦٓ ١٦

Не шевели своим языком, повторяя его (Коран), чтобы поскорее запомнить.

(ऐ रसूल) क़ुरआन के साथ अपनी ज़ुबान को न हिलाएँ इस बात के लिए जल्दी करते हुए कि कहीं वह आपकी याददाश्त से निकल न जाए।

75:17Страница 577

إِنَّ عَلَيۡنَا جَمۡعَهُۥ وَقُرۡءَانَهُۥ ١٧

Нам надлежит собрать его и прочесть.

निश्चय यह काम हमारे ही ज़िम्मे है कि हम उसे आपके सीने में एकत्र कर दें और उसके पठन को आपकी ज़ुबान पर साबित कर दें।

75:18Страница 577

فَإِذَا قَرَأۡنَٰهُ فَٱتَّبِعۡ قُرۡءَانَهُۥ ١٨

Когда же Мы прочтем его, то читай его следом.

अतः जब हमारे संदेष्टा जिबरील उसे आपके सामने पढ़ें, तो आप उसके पठन को कान लगाकर सुनें और ख़ामोश रहें।

75:19Страница 577

ثُمَّ إِنَّ عَلَيۡنَا بَيَانَهُۥ ١٩

Нам надлежит разъяснять его.

फिर उसकी व्याख्या करना और आपको उसका अर्थ बताना भी हमारी ज़िम्मेदारी है।

75:20Страница 578

كـَلَّا بَلۡ تُحِبُّونَ ٱلۡعَاجِلَةَ ٢٠

Но нет! Вы любите жизнь ближнюю

हरगिज़ नहीं, मामला वैसा नहीं है, जैसा तुमने मरणोपरांत पुनर्जीवित होने की असंभवता का दावा किया है। क्योंकि तुम खुद जानते हो कि जो तुम्हें शुरुआत में पैदा करने में सक्षम है, वह तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हें पुनर्जीवित करने में असमर्थ नहीं होगा। लेकिन तुम्हारे मरणोपरांत पुनर्जीवित होकर उठने के इनकार का कारण इस नश्वर दुनिया से तुम्हारा प्यार है।

75:21Страница 578

وَتَذَرُونَ ٱلۡأٓخِرَةَ ٢١

и пренебрегаете Последней жизнью.

तथा तुम्हारा आख़िरत के जीवन को छोड़ देना है, जिसका रास्ता अल्लाह के आदेशों का पालन करना और उसकी हराम की हुई चीज़ों से बचना है।

75:22Страница 578

وُجُوهٞ يَوۡمَئِذٖ نَّاضِرَةٌ ٢٢

Одни лица в тот день будут сиять

उस दिन ईमान और सौभाग्य वालों के चेहरे सुंदर और प्रकाशमान् होंगे।

75:23Страница 578

إِلَىٰ رَبِّهَا نَاظِرَةٞ ٢٣

и взирать на своего Господа.

वे अपने रब की ओर देख रहे होंगे और उससे आनंदित हो रहे होंगे।

75:24Страница 578

وَوُجُوهٞ يَوۡمَئِذِۭ بَاسِرَةٞ ٢٤

Другие же лица в тот день будут омрачены.

और काफ़िरों तथा दुर्भाग्यशाली लोगों के चेहरे उस दिन बिगड़े हुए होंगे।

75:25Страница 578

تَظُنُّ أَن يُفۡعَلَ بِهَا فَاقِرَةٞ ٢٥

Они убедятся о том, что их поразит беда.

उन्हें विश्वास होगा कि उनपर बड़ी सज़ा और दर्दनाक यातना उतरने वाली है।

75:26Страница 578

كـَلَّآ إِذَا بَلَغَتِ ٱلتَّرَاقِيَ ٢٦

Но нет! Когда душа достигнет ключицы,

मामला वैसा नहीं है, जैसा मुश्रिकों ने समझ लिया है कि जब वे मर जाएँगे तो उन्हें यातना का सामना नहीं होगा। जब तुममें से किसी का प्राण उसके सीने के ऊपरी भाग (हँसली) तक पहुँच जाएगा।

75:27Страница 578

وَقِيلَ مَنۡۜ رَاقٖ ٢٧

будет сказано: «Кто же прочтет заклинание?».

और कुछ लोग एक-दूसरे से कहेंगे : कौन इसकी झाड़-फूँक करेगा, शायद वह ठीक हो जाए!?

75:28Страница 578

وَظَنَّ أَنَّهُ ٱلۡفِرَاقُ ٢٨

Умирающий поймет, что наступило расставание.

और जो उस समय मरणासन्न दशा में होगा, उसे विश्वास हो जाएगा कि यह मौत के द्वारा दुनिया से जुदाई की घड़ी है।

75:29Страница 578

وَٱلۡتَفَّتِ ٱلسَّاقُ بِٱلسَّاقِ ٢٩

Голень сойдется с голенью (тяготы мирской жизни объединятся с тяготами последней жизни или голени человека будут сложены вместе в саване),

इस दुनिया के अंत और इसके बाद की दुनिया (आख़रित) की शुरुआत में कठिनाइयाँ एकत्र हो जाएँगी।

75:30Страница 578

إِلَىٰ رَبِّكَ يَوۡمَئِذٍ ٱلۡمَسَاقُ ٣٠

и в тот день его пригонят к твоему Господу.

ऐसा घटित होने पर मृतक को उसके पालनहार के पास ले जाया जाएगा।

75:31Страница 578

فَلَا صَدَّقَ وَلَا صَلَّىٰ ٣١

Он не уверовал и не совершал намаз.

काफ़िर ने न तो रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के लाए हुए संदेश को सत्य माना, और न सर्वशक्तिमान अल्लाह के लिए नमाज़ पढ़ी।

75:32Страница 578

وَلَٰكِن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ ٣٢

Напротив, он счел это ложью и отвернулся,

लेकिन उसने रसूल के लाए हुए संदेश को झुठलाया और उससे दूर हो गया।

75:33Страница 578

ثُمَّ ذَهَبَ إِلَىٰٓ أَهۡلِهِۦ يَتَمَطَّىٰٓ ٣٣

а затем горделиво отправился к своей семье.

फिर यह काफ़िर अहंकार से अकड़ता हुआ अपने परिवार के पास गया।

75:34Страница 578

أَوۡلَىٰ لَكَ فَأَوۡلَىٰ ٣٤

Горе тебе, горе!

इसलिए अल्लाह ने काफ़िर को धमकी दी कि अल्लाह की यातना उसके निकट आ चुकी है।

75:35Страница 578

ثُمَّ أَوۡلَىٰ لَكَ فَأَوۡلَىٰٓ ٣٥

Еще раз горе тебе, горе!

फिर अल्लाह ने बल देने के लिए इस वाक्य को दोहराया। चुनाँचे फरमाया : ''फि तेरे लिए विनाश है, फिर तेरे लिए बर्बादी है।''

75:36Страница 578

أَيَحۡسَبُ ٱلۡإِنسَٰنُ أَن يُتۡرَكَ سُدًى ٣٦

Неужели человек полагает, что он будет оставлен без присмотра?

क्या इनसान यह समझता है कि अल्लाह उसे शरीयत का बाध्य किए बिना यूँ ही बेकार छोड़ देगा?!

75:37Страница 578

أَلَمۡ يَكُ نُطۡفَةٗ مِّن مَّنِيّٖ يُمۡنَىٰ ٣٧

Разве он не был каплей из семени источаемого?

क्या यह इनसान किसी दिन गर्भाशय में गिराए जाने वाले वीर्य की एक बूँद नहीं था?!

75:38Страница 578

ثُمَّ كَانَ عَلَقَةٗ فَخَلَقَ فَسَوَّىٰ ٣٨

Потом он превратился в сгусток крови, после чего Он создал его и придал ему соразмерный облик.

फिर उसके बाद वह जमे हुए रक्त का टुकड़ा हो गया, फिर अल्लाह ने उसे पैदा किया और उसकी रचना को ठीक-ठाक बनाया।

75:39Страница 578

فَجَعَلَ مِنۡهُ ٱلزَّوۡجَيۡنِ ٱلذَّكَرَ وَٱلۡأُنثَىٰٓ ٣٩

Он сотворил из него чету: мужчину и женщину.

फिर उसने उसकी जाति से दो प्रकार : नर और मादा बनाए।

75:40Страница 578

أَلَيۡسَ ذَٰلِكَ بِقَٰدِرٍ عَلَىٰٓ أَن يُحۡـِۧيَ ٱلۡمَوۡتَىٰ ٤٠

Неужели Он не способен воскресить мертвых?

क्या जिसने मनुष्य को वीर्य फिर जमे हुए रक्त से पैदा किया, वह मरे हुए लोगों को हिसाब और बदले के लिए पुन: जीवित करने में सक्षम नहीं है?! क्यों नहीं, निश्चय वह अवश्य सक्षम है।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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