Аль-МухтасарАн‑Наба · 78:1–40

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

النبإ

Ан-Наба

Весть · Мекканская · 40 аятов

78:1Страница 582

عَمَّ يَتَسَآءَلُونَ ١

О чем они расспрашивают друг друга?

ये मुश्रिक लोग, रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के उनकी ओर भेजे जाने के बाद, किस चीज़ के बारे में एक-दूसरे से पूछ रहे हैं?!

78:2Страница 582

عَنِ ٱلنَّبَإِ ٱلۡعَظِيمِ ٢

О великой вести,

वे एक-दूसरे से बहुत बड़ी ख़बर के विषय में पूछ रहे हैं। और वह उनके रसूल पर अवतरित यह क़ुरआन है, जिसमें दोबारा उठाए जाने की सूचना है।

78:3Страница 582

ٱلَّذِي هُمۡ فِيهِ مُخۡتَلِفُونَ ٣

относительно которой они расходятся во мнениях.

यह क़ुरआन है, जिसका वर्णन करने में उनका मतभेद है कि वह जादू है, या कविता, या ज्योतिष या पहले लोगों की कहानियाँ।

78:4Страница 582

كـَلَّا سَيَعۡلَمُونَ ٤

Но нет, они узнают!

मामला वैसा नहीं है, जैसा वे समझते हैं। क़ुरआन को झुठलाने वाले ये लोग शीघ्र ही अपने झुठलाने के बुरे परिणाम को जान लेंगे।

78:5Страница 582

ثُمَّ كـَلَّا سَيَعۡلَمُونَ ٥

Еще раз нет, они узнают!

फिर उनके लिए इसकी पुष्टि हो जाएगी।

78:6Страница 582

أَلَمۡ نَجۡعَلِ ٱلۡأَرۡضَ مِهَٰدٗا ٦

Разве Мы не сделали землю ложем,

क्या हमने धरती को उनके लिए सपाट नहीं बनाया, जो उनके उसपर बसने के लिए उपयुक्त है?!

78:7Страница 582

وَٱلۡجِبَالَ أَوۡتَادٗا ٧

а горы - колышками?

और हमने पहाड़ों को धरती के ऊपर मेखों की तरह बनाया, जो उसे हिलने-डुलने से रोकते हैं।

78:8Страница 582

وَخَلَقۡنَٰكُمۡ أَزۡوَٰجٗا ٨

Мы сотворили вас парами,

और (ऐ लोगो) हमने तुम्हें नर और मादा के रूप में पैदा किया।

78:9Страница 582

وَجَعَلۡنَا نَوۡمَكُمۡ سُبَاتٗا ٩

и сделали ваш сон отдыхом,

और हमने तुम्हारी नींद को गतिविधि से रुकने का कारण बनाया, ताकि तुम आराम कर सको।

78:10Страница 582

وَجَعَلۡنَا ٱلَّيۡلَ لِبَاسٗا ١٠

и сделали ночь покрывалом,

और हमने रात को अपने अंधेरे के साथ तुम्हारे लिए आवरण बनाया, जैसे तुम कपड़े से अपनी शर्मगाहों को छिपाते हो।

78:11Страница 582

وَجَعَلۡنَا ٱلنَّهَارَ مَعَاشٗا ١١

и сделали день жалованием,

और हमने दिन को कमाने और रोज़ी तलाश करने का समय बनाया।

78:12Страница 582

وَبَنَيۡنَا فَوۡقَكُمۡ سَبۡعٗا شِدَادٗا ١٢

и воздвигли над вами семь твердынь,

और हमने तुम्हारे ऊपर मज़बूत तथा सुदृढ़ रूप से निर्मित सात आकाश बनाए।

78:13Страница 582

وَجَعَلۡنَا سِرَاجٗا وَهَّاجٗا ١٣

и установили пылающий светильник,

और हमने सूरज को तेज़ जलने वाला और रौशनी देने वाला दीप बनाया।

78:14Страница 582

وَأَنزَلۡنَا مِنَ ٱلۡمُعۡصِرَٰتِ مَآءٗ ثَجَّاجٗا ١٤

и низвели из облаков обильно льющуюся воду,

और हमने उन बादलों से, जो बरसने ही वाले थे, बहुत बरसने वाला पानी उतारा।

78:15Страница 582

لِّنُخۡرِجَ بِهِۦ حَبّٗا وَنَبَاتٗا ١٥

чтобы взрастить ею зерна и растения

ताकि हम उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अन्न और नाना प्रकार की वनस्पतियाँ उगाएँ।

78:16Страница 582

وَجَنَّٰتٍ أَلۡفَافًا ١٦

и густые сады.

और उसके द्वारा ऐसे बाग़ उगाएँ, जो अपने पेड़ों की शाखाओं के आपस में गुथे होने के कारण गुंजान और घने हैं।

78:17Страница 582

إِنَّ يَوۡمَ ٱلۡفَصۡلِ كَانَ مِيقَٰتٗا ١٧

Воистину, День различения назначен на определенное время.

निःसंदेह प्राणियों के बीच निर्णय के दिन का एक समय निर्धारित है, जो टल नहीं सकता।

78:18Страница 582

يَوۡمَ يُنفَخُ فِي ٱلصُّورِ فَتَأۡتُونَ أَفۡوَاجٗا ١٨

В тот день затрубят в Рог, и вы придете толпами,

जिस दिन फ़रिश्ता सूर में दूसरी बार फूँक मारेगा, तो (ऐ लोगो) तुम गिरोह के गिरोह चले आओगे।

78:19Страница 582

وَفُتِحَتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتۡ أَبۡوَٰبٗا ١٩

и небо раскроется и станет вратами,

और आकाश को खोल दिया जाएगा, तो उसमें खुले दरवाज़ों की तरह छेद और दरारें हो जाएँगी।

78:20Страница 582

وَسُيِّرَتِ ٱلۡجِبَالُ فَكَانَتۡ سَرَابًا ٢٠

и горы придут в движение и станут маревом.

और पहाड़ों को चलाया जाएगा, यहाँ तक कि वे बिखरे हुए धूल में बदल जाएँगे और मरीचिका की तरह हो जाएँगे।

78:21Страница 582

إِنَّ جَهَنَّمَ كَانَتۡ مِرۡصَادٗا ٢١

Воистину, Геенна является засадой

निश्चय जहन्नम घात लगाकर प्रतीक्षा में है।

78:22Страница 582

لِّلطَّٰغِينَ مَـَٔابٗا ٢٢

и местом возвращения для тех, кто преступает границы дозволенного.

ज़ालिमों के लिए लौटने की जगह है, जहाँ वे लौटकर जाएँगे।

78:23Страница 582

لَّٰبِثِينَ فِيهَآ أَحۡقَابٗا ٢٣

Они пробудут там долгие годы,

जिसमें वे अंतहीन युगों और कालों तक रहेंगे।

78:24Страница 582

لَّا يَذُوقُونَ فِيهَا بَرۡدٗا وَلَا شَرَابًا ٢٤

не вкушая ни прохлады, ни питья,

वे उसमें न ठंडी हवा का स्वाद ले सकेंगे, जो उनसे दोज़ख़ की गर्मी को शांत कर सके, और न ही वे उसमें कोई आनंददायक पेय चखेंगे।

78:25Страница 582

إِلَّا حَمِيمٗا وَغَسَّاقٗا ٢٥

а только кипяток и гной.

वे अत्यंत गर्म पानी और जहन्नम के लोगों से बहने वाले मवाद के अलावा कुछ भी नहीं चखेंगे।

78:26Страница 582

جَزَآءٗ وِفَاقًا ٢٦

Это будет подобающим возмездием.

यह उनके कुफ़्र एवं गुमराही के अनुरूप बदला है।

78:27Страница 582

إِنَّهُمۡ كَانُواْ لَا يَرۡجُونَ حِسَابٗا ٢٧

Воистину, они не надеялись на расчет

निश्चय वे दुनिया में इस बात से नहीं डरते थे कि अल्लाह आख़िरत में उनका हिसाब लेगा। क्योंकि वे मरणोपरांत दोबारा जीवित होने में विश्वास नहीं करते थे। अगर वे दोबारा ज़िंदा होने का भय रखते, तो अल्लाह पर अवश्य ईमान लाते और अच्छे कार्य करते।

78:28Страница 582

وَكَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا كِذَّابٗا ٢٨

и полностью отрицали Наши знамения.

तथा उन्होंने हमारे रसूल पर उतरने वाली हमारी आयतों को बुरी तरह झुठलाया।

78:29Страница 582

وَكُلَّ شَيۡءٍ أَحۡصَيۡنَٰهُ كِتَٰبٗا ٢٩

Мы же всякую вещь подсчитали и записали.

और हमने उनके हर कार्य को संरक्षित कर लिया है और उसे गिन रखा है। और वह उनके कर्मपत्रों में लिखा हुआ है।

78:30Страница 582

فَذُوقُواْ فَلَن نَّزِيدَكُمۡ إِلَّا عَذَابًا ٣٠

Вкушайте же! Мы не прибавим вам ничего, кроме мучений.

अब (ऐ सरकशो) तुम इस स्थायी यातना का मज़ा चखो। हम तुम्हारे लिए यातना पर यातना ही बढ़ाते रहेंगे।

78:31Страница 583

إِنَّ لِلۡمُتَّقِينَ مَفَازًا ٣١

Воистину, богобоязненных ожидает место спасения,

निश्चय जो लोग अपने पालनहार से, उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, डरते हैं, उनके लिए कामयाबी का एक स्थान है, जिसमें वे अपनी मुराद प्राप्त कर लेंगे और वह जन्नत है।

78:32Страница 583

حَدَآئِقَ وَأَعۡنَٰبٗا ٣٢

Райские сады и виноградники,

बाग़ और अंगूर हैं।

78:33Страница 583

وَكَوَاعِبَ أَتۡرَابٗا ٣٣

и полногрудые сверстницы,

और समान आयु वाली नवयुवतियाँ हैं।

78:34Страница 583

وَكَأۡسٗا دِهَاقٗا ٣٤

и полные чаши.

और शराब से भरे हुए जाम हैं।

78:35Страница 583

لَّا يَسۡمَعُونَ فِيهَا لَغۡوٗا وَلَا كِذَّٰبٗا ٣٥

Они не услышат там ни пустословия, ни лжи.

वे जन्नत में कोई निरर्थक बात नहीं सुनेंगे और न कोई झूठ सुनेंगे और न वे एक-दूसरे को झुठलाएँगे।

78:36Страница 583

جَزَآءٗ مِّن رَّبِّكَ عَطَآءً حِسَابٗا ٣٦

Это будет воздаянием от твоего Господа и даром исчисленным (или щедрым, или достаточным),

यह सब अल्लाह ने उन्हें अपने उपकार एवं एहसान स्वरूप ऐसा प्रदान दिया है जो व्याप्त एवं पर्याप्त है।

78:37Страница 583

رَّبِّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا ٱلرَّحۡمَٰنِۖ لَا يَمۡلِكُونَ مِنۡهُ خِطَابٗا ٣٧

Господа небес и земли и того, что между ними, Милостивого, с Которым они не посмеют даже заговорить.

जो आकाशों और धरती का पालनहार तथा उन दोनों के बीच की समस्त चीज़ों का पालनहार है, जो दुनिया तथा आख़िरत में अत्यंत दयावान् है। धरती या आकाश में मोजूद लोगों में से किसी को भी उससे पूछने का अधिकार नहीं होगा, सिवाय इसके कि वह उन्हें अनुमति प्रदान कर दे।

78:38Страница 583

يَوۡمَ يَقُومُ ٱلرُّوحُ وَٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ صَفّٗاۖ لَّا يَتَكَلَّمُونَ إِلَّا مَنۡ أَذِنَ لَهُ ٱلرَّحۡمَٰنُ وَقَالَ صَوَابٗا ٣٨

В тот день, когда Дух (Джибрил) и ангелы станут рядами, не будет говорить никто, кроме тех, кому позволит Милостивый, и говорить они будут правду.

जिस दिन जिबरील और फ़रिश्ते पंक्तिबद्ध खड़े होंगे, वे किसी की सिफ़ारिश के लिए ज़बान नहीं खोलेंगे, सिवाय उसके जिसके लिए अत्यंत दयावान् (अल्लाह) सिफ़ारिश करने की अनुमति प्रदान कर देगा, और वह ठीक बात कहेगा, जैसे तौह़ीद (एकेश्वरवाद) का कलिमा।

78:39Страница 583

ذَٰلِكَ ٱلۡيَوۡمُ ٱلۡحَقُّۖ فَمَن شَآءَ ٱتَّخَذَ إِلَىٰ رَبِّهِۦ مَـَٔابًا ٣٩

Это будет истинный день, и всякий, кто пожелает, найдет способ вернуться к своему Господу.

यह (दिन) जिसका तुम्हारे सामने वर्णन हुआ, वह दिन है जिसके आने में कोई संदेह नहीं है। अतः जो उस दिन अल्लाह की यातना से बचना चाहता है, वह अपने पालनहार को प्रसन्न करने वाले कार्य करके उसके लिए रास्ता बना ले।

78:40Страница 583

إِنَّآ أَنذَرۡنَٰكُمۡ عَذَابٗا قَرِيبٗا يَوۡمَ يَنظُرُ ٱلۡمَرۡءُ مَا قَدَّمَتۡ يَدَاهُ وَيَقُولُ ٱلۡكَافِرُ يَٰلَيۡتَنِي كُنتُ تُرَٰبَۢا ٤٠

Мы предостерегли вас от наказания близкого. В тот день человек увидит, что уготовили его руки, а неверующий скажет: «Эх, если бы я был прахом!».

हमने (ऐ लोगो) तुम्हें एक ऐसी यातना से सावधान कर दिया है, जो निकट ही घटित होने वाली है। जिस दिन मनुष्य इस दुनिया में अपने किए हुए काम को देख लेगा, और काफ़िर व्यक्ति यातना से मुक्ति की कामना करते हुए कहेगा : ऐ काश कि मैं जानवरों की तरह मिट्टी हो जाता! यह उस समय कहेगा, जब क़ियामत के दिन जानवरों से कहा जाएगा : तुम मिट्टी हो जाओ।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

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Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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