Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди
الإنفطار
Аль-Инфитар
Раскалывание · Мекканская · 19 аятов
जब आकाश फट जाएगा, ताकि उससे फ़रिश्ते उतर सकें।
और जब तारे झड़कर बिखर जाएँगे।
और जब समुद्रों को एक-दूसरे पर लिए खोल दिया जाएगा और वे मिश्रित हो जाएँगे।
और जब क़ब्रों की मिट्टी को पलट दिया जाएगा, ताकि उनमें मौजूद मुर्दों को पुनर्जीवित किया जाए।
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عَلِمَتۡ نَفۡسٞ مَّا قَدَّمَتۡ وَأَخَّرَتۡ ٥
тогда каждая душа узнает, что она совершила и что оставила после себя.
उस समय हर प्राणी जान लेगा, जो काम उसने किया है और जो काम उसने विलंबित कर दिया और उसे नहीं किया।
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلۡإِنسَٰنُ مَا غَرَّكَ بِرَبِّكَ ٱلۡكَرِيمِ ٦
О человек! Что ввело тебя в заблуждение относительно твоего Великодушного Господа,
ऐ अपने रब का इनकार करने वाले इनसान! आख़िर किस बात ने तुझे अपने रब के आदेश का उल्लंघन करने पर उभारा, जब उसने तुझे मोहलत दी और अपने अनुग्रह से तुझे दंडित करने में जल्दी नहीं की?!
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ٱلَّذِي خَلَقَكَ فَسَوَّىٰكَ فَعَدَلَكَ ٧
Который сотворил тебя и сделал твой облик совершенным и соразмеренным?
जो तुझे अनस्तित्व से अस्तित्व में लाया और उसने तुझे ठीक-ठाक अंगों वाला, संतुलित शरीर वाला बनाया।
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فِيٓ أَيِّ صُورَةٖ مَّا شَآءَ رَكَّبَكَ ٨
Он сложил тебя в том облике, в каком пожелал.
उसने तुझे जिस रूप में बनाना चाहा, बना दिया। और उसने तुझपर यह उपकार किया कि तुझे गधे, बंदर, कुत्ते या किसी और चीज़ के रूप में नहीं बनाया।
(ऐ धोखे में पड़े हुए लोगो) मामला ऐसा नहीं है, जैसा तुमने समझ रखा है। बल्कि सच्चाई यह है कि तुम बदले के दिन को झुठलाते हो, इसलिए उसके लिए तैयारी नहीं करते हो।
निःसंदेह तुमपर ऐसे फ़रिश्ते नियुक्त हैं, जो तुम्हारे कर्मों का संरक्षण करते हैं।
जो अल्लाह के यहाँ सम्माननीय हैं, लिखने वाले हैं, तुम्हारे कर्मों को लिखते हैं।
तुम जो कार्य भी करते हो, वे उसे जानते हैं। इसलिए वे उसे लिख लेते हैं।
निःसंदेह बहुत अधिक भलाई और नेकी करने वाले लोग क़ियामत के दिन स्थायी आनंद में होंगे।
और दुराचारी लोग ऐसी आग में होंगे, जो उनपर भड़क रही होगी।
वे उसमें बदले के दिन प्रवेश करेंगे और उसकी गरमी को झेलेंगे।
और वे उससे कभी ग़ायब होने वाले नहीं हैं, बल्कि उसमें हमेशा रहेंगे।
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وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا يَوۡمُ ٱلدِّينِ ١٧
Откуда ты мог знать, что такое День воздаяния?
और (ऐ रसूल) आपको किस चीज़ ने मालूम करवाया कि बदले का दिन क्या है?!
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ثُمَّ مَآ أَدۡرَىٰكَ مَا يَوۡمُ ٱلدِّينِ ١٨
Да, откуда ты мог знать, что такое День воздаяния?
फिर आपको किस चीज़ ने मालूम करवाया कि बदले का दिन क्या है?!
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يَوۡمَ لَا تَمۡلِكُ نَفۡسٞ لِّنَفۡسٖ شَيۡـٔٗاۖ وَٱلۡأَمۡرُ يَوۡمَئِذٖ لِّلَّهِ ١٩
В тот день ни одна душа не сможет ничем помочь другой, и власть в тот день будет принадлежать Аллаху.
जिस दिन कोई किसी को लाभ नहीं पहुँचा सकेगा और उस दिन सारा मामला केवल अल्लाह के हाथ में होगा। वह जो चाहेगा, करेगा। किसी के हाथ में कुछ नहीं होगा।
Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии