Аль-МухтасарАль‑Бурудж · 85:1–22

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

البروج

Аль-Бурудж

Созвездия Зодиака · Мекканская · 22 аята

85:1Страница 590

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلۡبُرُوجِ ١

Клянусь небом с созвездиями Зодиака!

अल्लाह ने आसमान की क़सम खाई है, जिसमें सूर्य एवं चाँद की मंज़िलें (कक्षाएँ) हैं।

85:2Страница 590

وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡمَوۡعُودِ ٢

Клянусь днем обещанным!

और क़ियामत के दिन की क़सम खाई है, जिसमें उसने सभी प्राणियों को इकट्ठा करने का वादा किया है।

85:3Страница 590

وَشَاهِدٖ وَمَشۡهُودٖ ٣

Клянусь свидетельствующим и засвидетельствованным!

और अल्लाह ने हर गवाही देने वाले की क़सम खाई, जैसे कि नबी अपनी उम्मत पर गवाही देगा, और उसकी क़सम खाई है, जिसके बारे में गवाही दी जाएगी, जैसे कि उम्मत, जिसपर उसका नबी गवाही देगा।

85:4Страница 590

قُتِلَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡأُخۡدُودِ ٤

Да сгинут собравшиеся у рва -

उन लोगों को शापित किया गया, जिन्होंने ज़मीन में बहुत बड़ी खाई खोदी थी।

85:5Страница 590

ٱلنَّارِ ذَاتِ ٱلۡوَقُودِ ٥

огненного, поддерживаемого растопкой!

और उन्होंने उसमें आग जलाई और ईमान वालों को उसमें ज़िंदा डाल दिया।

85:6Страница 590

إِذۡ هُمۡ عَلَيۡهَا قُعُودٞ ٦

Вот они уселись возле него,

जबकि वे उस आग से भरी हुई खाई के किनारों पर बैठे हुए थे।

85:7Страница 590

وَهُمۡ عَلَىٰ مَا يَفۡعَلُونَ بِٱلۡمُؤۡمِنِينَ شُهُودٞ ٧

будучи свидетелями того, что творят с верующими.

और वे मोमिनों को जो यातना दे रहे थे, उसके गवाह थे; क्योंकि वे वहाँ उपस्थित थे।

85:8Страница 590

وَمَا نَقَمُواْ مِنۡهُمۡ إِلَّآ أَن يُؤۡمِنُواْ بِٱللَّهِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَمِيدِ ٨

Они вымещали им только за то, что те уверовали в Аллаха Могущественного, Достохвального,

और इन काफ़िरों को ईमान वालों की केवल यह बात अप्रिय लगी कि वे उस अल्लाह पर ईमान रखते थे, जो प्रभुत्वशाली है, जिसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता, तथा हर चीज़ में प्रशंसनीय हैं।

85:9Страница 590

ٱلَّذِي لَهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ شَهِيدٌ ٩

Которому принадлежит власть над небесами и землей. Аллах же - Свидетель всякой вещи!

वह कि जिसके लिए अकेले आसमानों और धरती का राज्य है और वह हर चीज़ से अवगत है। उसके बंदों की कोई बात उससे छिपी नहीं है।

85:10Страница 590

إِنَّ ٱلَّذِينَ فَتَنُواْ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ وَٱلۡمُؤۡمِنَٰتِ ثُمَّ لَمۡ يَتُوبُواْ فَلَهُمۡ عَذَابُ جَهَنَّمَ وَلَهُمۡ عَذَابُ ٱلۡحَرِيقِ ١٠

Тем, которые подвергли искушению (или сожгли в огне) верующих мужчин и женщин и не раскаялись, уготованы мучения в Геенне, мучения от обжигающего Огня.

निश्चय जिन लोगों ने ईमान वाले पुरुषों और ईमान वाली औरतों को आग की यातना दी, ताकि उन्हें एक अल्लाह पर ईमान लाने से फेर दें, फिर उन्होंने अपने गुनाहों से तौबा नहीं की, तो उनके लिए क़ियामत के दिन जहन्नम की यातना है, तथा उनके लिए ऐसी आग की यातना है, जो उन्हें जला डालेगी; यह उसका बदला है जो उन्होंने ईमान वालों को आग से जलाया था।

85:11Страница 590

إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ لَهُمۡ جَنَّٰتٞ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُۚ ذَٰلِكَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡكَبِيرُ ١١

Тем же, которые уверовали и совершали праведные деяния, уготованы Райские сады, в которых текут реки. Это - великое преуспеяние!

निश्चय जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और अच्छे कार्य किए, उनके लिए ऐसे बाग़ हैं, जिनके महलों एवं पेड़ों के नीचे से नहरें बहती हैं। यह बदला, जो उनके लिए तैयार किया गया है, यही बहुत बड़ी सफलता है, जिसके बराबर कोई अन्य सफलता नहीं हो सकती।

85:12Страница 590

إِنَّ بَطۡشَ رَبِّكَ لَشَدِيدٌ ١٢

Воистину, Хватка твоего Господа сурова!

निश्चय (ऐ रसूल) आपके पालनहार का ज़ालिम को पकड़ना बहुत मज़बूत है (यद्यपि वह उसे थोड़ी मोहलत दे दे)।

85:13Страница 590

إِنَّهُۥ هُوَ يُبۡدِئُ وَيُعِيدُ ١٣

Воистину, Он начинает и повторяет (создает творение в первый раз и воссоздает его или начинает наказывать в этом мире и возобновляет наказание в Последней жизни).

वही सृजन और यातना की शुरुआत करता है, और वही इन्हें दोबारा करेगा।

85:14Страница 590

وَهُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلۡوَدُودُ ١٤

Он - Прощающий, Любящий (или Любимый),

और वही है जो अपने तौबा करने वाले बंदों के पापों को क्षमा करने वाला है, और वह अपने परहेज़गार दोस्तों से प्रेम करता है।

85:15Страница 590

ذُو ٱلۡعَرۡشِ ٱلۡمَجِيدُ ١٥

Владыка Трона, Славный (или Владыка Трона славного).

वह महिमाशाली अर्श (सिंहासन) का स्वामी है।

85:16Страница 590

فَعَّالٞ لِّمَا يُرِيدُ ١٦

Он вершит то, что пожелает.

वह जो चाहे कर गुज़रने वाला है। जिसके गुनाहों को चाहे माफ़ कर दे और जिसे चाहे सज़ा दे। उसे कोई मजबूर करने वाला नहीं है।

85:17Страница 590

هَلۡ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ٱلۡجُنُودِ ١٧

Дошел ли до тебя рассказ о воинствах,

(ऐ रसूल) क्या तुम्हें उन सेनाओं की खबर पहुँची है, जो सत्य से लड़ने और उससे रोकने के लिए एकत्रित हुई थीं?!

85:18Страница 590

فِرۡعَوۡنَ وَثَمُودَ ١٨

о Фараоне и самудянах?

फ़िरऔन, तथा सालेह अलैहिस्सलाम के समुदाय समूद की?

85:19Страница 590

بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ فِي تَكۡذِيبٖ ١٩

Но неверующие считают это ложью,

उनके ईमान न लाने का कारण यह नहीं है कि उनके पास झुठलाने वाले समुदायों और उनके विनाश की खबरें नहीं आई हैं, बल्कि बात यह है कि वे अपनी इच्छाओं के पीछे चलते हुए उस चीज़ को झुठलाते हैं, जो रसूल उनके पास लेकर आए।

85:20Страница 590

وَٱللَّهُ مِن وَرَآئِهِم مُّحِيطُۢ ٢٠

Аллах же окружает их сзади.

अल्लाह उनके कर्मों से अवगत है, उन्हें गिन रखा है, उनमें से कोई चीज़ भी उससे नहीं छूटती है, और वह उन्हें उनका बदला देगा।

85:21Страница 590

بَلۡ هُوَ قُرۡءَانٞ مَّجِيدٞ ٢١

Да, это - славный Коран

क़ुरआन कोई काव्य या तुकबंदी नहीं है, जैसा कि झुठलाने वालों का दावा है, बल्कि वह गौरव वाला क़ुरआन हा।

85:22Страница 590

فِي لَوۡحٖ مَّحۡفُوظِۭ ٢٢

в Хранимой скрижали.

वह ऐसी तख्ती में अंकित है, जो परिवर्तन, विरूपण, कमी और वृद्धि से संरक्षित है।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

Содержание

Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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