Аль-МухтасарАль‑Аляк · 96:1–19

Аль-Мухтасар · Тафсир · на хинди

العلق

Аль-Аляк

Сгусток крови · Мекканская · 19 аятов

96:1Страница 597

ٱقۡرَأۡ بِٱسۡمِ رَبِّكَ ٱلَّذِي خَلَقَ ١

Читай во имя твоего Господа, Который сотворил все сущее,

(ऐ रसलू) अल्लाह आपकी ओर जो वह़्य कर रहा है, उसे अपने उस पालनहार के नाम से शुरू करते हुए पढ़िए, जिसने सभी प्राणियों को पैदा किया है।

96:2Страница 597

خَلَقَ ٱلۡإِنسَٰنَ مِنۡ عَلَقٍ ٢

сотворил человека из сгустка крови.

जिसने इनसान को एक जमे हुए रक्त के लोथड़े से पैदा किया, जो पहले पानी की बूँद था।

96:3Страница 597

ٱقۡرَأۡ وَرَبُّكَ ٱلۡأَكۡرَمُ ٣

Читай, ведь твой Господь - Самый великодушный.

(ऐ रसलू) अल्लाह आपकी ओर जो वह़्य कर रहा है, उसे पढ़ें, और आपका पालनहार सबसे बड़ा उदार है, जिसकी उदारता की कोई उदार बराबरी नहीं कर सकता। क्योंकि वह बहुत उदारता और उपकार वाला है।

96:4Страница 597

ٱلَّذِي عَلَّمَ بِٱلۡقَلَمِ ٤

Он научил посредством письменной трости -

जिसने क़लम से सुलेख और लिखना सिखाया।

96:5Страница 597

عَلَّمَ ٱلۡإِنسَٰنَ مَا لَمۡ يَعۡلَمۡ ٥

научил человека тому, чего тот не знал.

उसने इनसान को वह कुछ सिखाया, जो वह नहीं जानता था।

96:6Страница 597

كـَلَّآ إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ لَيَطۡغَىٰٓ ٦

Но нет! Человек преступает границы дозволенного,

वास्तव में, अबू जह्ल की तरह दुराचारी व्यक्ति अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने में हद को पार कर जाता है।

96:7Страница 597

أَن رَّءَاهُ ٱسۡتَغۡنَىٰٓ ٧

когда ему кажется, что он ни в чем не нуждается.

इसलिए कि वह खुद को देखता है कि वह अपने पास मौजूद प्रतिष्ठा और धन के कारण बेनियाज़ हो गया है।

96:8Страница 597

إِنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ ٱلرُّجۡعَىٰٓ ٨

Но к твоему Господу предстоит возвращение.

निश्चय (ऐ इनसान) क़ियामत के दिन तेरे रब ही की ओर वापस लौटना है। फिर वह हर एक को वह बदला देगा, जिसका वह हक़दार है।

96:9Страница 597

أَرَءَيۡتَ ٱلَّذِي يَنۡهَىٰ ٩

Что ты думаешь о том, кто мешает

क्या आपने अबू जह्ल के मामले से अधिक आश्चर्यजनक कुछ देखा, जो रोकता है।

96:10Страница 597

عَبۡدًا إِذَا صَلَّىٰٓ ١٠

рабу, когда тот молится?

हमारे बंदे मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को, जब वह काबा के पास नमाज़ पढ़ते हैं।

96:11Страница 597

أَرَءَيۡتَ إِن كَانَ عَلَى ٱلۡهُدَىٰٓ ١١

Что ты думаешь, а если он был на правом пути

क्या आपने देखा कि यदि यह व्यक्ति जिसे रोका जा रहा है, अपने पालनहार की ओर से मार्गदर्शन और अंतर्दृष्टि पर है?!

96:12Страница 597

أَوۡ أَمَرَ بِٱلتَّقۡوَىٰٓ ١٢

или призывал к богобоязненности?

या वह लोगों को अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचकर उससे डरने का आदेश देता हो, क्या इस तरह के व्यक्ति को रोका जाना चाहिए?!

96:13Страница 597

أَرَءَيۡتَ إِن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰٓ ١٣

Что ты думаешь, а если он счел ложью истину и отвернулся?

भला बतलाओ तो सही कि यदि इस रोकने वाले न रसूल के लाए हुए संदेश को झुठलाया और उससे मुँह फेर लिया, तो क्या वह अल्लाह से डरता नहीं है?!

96:14Страница 597

أَلَمۡ يَعۡلَم بِأَنَّ ٱللَّهَ يَرَىٰ ١٤

Неужели он не знал, что Аллах видит его?

क्या इस बंदे को नमाज़ से रोकने वाले व्यक्ति ने नहीं जाना कि वह जो कुछ कर रहा है, अल्लाह उसे देख रहा है, उससे उसकी कोई चीज़ छिपी नहीं है?!

96:15Страница 597

كـَلَّا لَئِن لَّمۡ يَنتَهِ لَنَسۡفَعَۢا بِٱلنَّاصِيَةِ ١٥

Но нет, если он не перестанет, то Мы схватим его за хохол -

मामला वैसा नहीं है, जैसा इस मूर्ख ने समझ रखा है, यदि उसने हमारे बंदे को कष्ट पहुँचाना और उसे झुठलाना बंद नहीं किया, तो हम उसके माथे की लट पकड़कर जहन्नम की ओर घसीटेंगे।

96:16Страница 597

نَاصِيَةٖ كَٰذِبَةٍ خَاطِئَةٖ ١٦

хохол лживый, грешный.

उस माथे की लट वाला अपने कथन में झूठा और अपने कार्य में गलत है।

96:17Страница 597

فَلۡيَدۡعُ نَادِيَهُۥ ١٧

Пусть он зовет свое сборище.

तो - जिस समय उसे उसके माथे की लट पकड़कर आग की ओर घसीटा जाएगा - वह अपने साथियों और अपनी सभा के लोगों को उनसे मदद लेने के लिए बुलाए ताकि वे उसे अज़ाब से बचा लें।

96:18Страница 597

سَنَدۡعُ ٱلزَّبَانِيَةَ ١٨

Мы же позовем адских стражей!

हम भी जहन्नम के कठोर दिल फ़रिश्तों को बुला लेंगे, जो अल्लाह के आदेश का उल्लंघन नहीं करते और वे वही करते हैं, जिसका उन्हें आदेश दिया जाता है। फिर वह देखे कि दोनों में से कौन-सा समूह अधिक शक्तिशाली और अधिक सक्षम है।

96:19Страница 597

كـَلَّا لَا تُطِعۡهُ وَٱسۡجُدۡۤ وَٱقۡتَرِب۩ ١٩

Так нет! Не повинуйся ему, а пади ниц и приближайся к Аллаху.

मामला वैसा नहीं है, जैसा इस ज़ालिम ने समझ रखा है कि वह आपको कोई नुक़सान पहुँचा सकता है। अतः आप उसके किसी आदेश या निषेध को न मानें, बल्कि अल्लाह को सजदा करें और आज्ञाकारिता के कार्यों के द्वारा उसके निकट हो जाएँ, क्योंकि वे उससे निकट कर देती हैं।

Текст: Quranic Universal Library (Tarteel) через spa5k/tafsir_api (MIT), в зафиксированной версии. Аяты: Quran Foundation. Источники и лицензии

Содержание

Аят аль-Курси36Аль-Кахфстр. 42джуз 15Бухари 1Муслим 2999

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