Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
الفيل
Al-Fil
The Elephant · Meccan · 5 ayahs
105:1Page 601
أَلَمۡ تَرَ كَيۡفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصۡحَٰبِ ٱلۡفِيلِ ١
Have you not considered, [O Muḥammad], how your Lord dealt with the companions of the elephant?1
(ऐ रसूल) क्या आप नहीं जानते कि आपके पालनहार ने अबरहा और उसके हाथी वाले साथियों के साथ कैसे किया, जब उन्होंने काबा को गिराने का इरादा किया?!
105:2Page 601
أَلَمۡ يَجۡعَلۡ كَيۡدَهُمۡ فِي تَضۡلِيلٖ ٢
Did He not make their plan into misguidance?1
अल्लाह ने उनकी काबा को गिराने की बुरी चाल को अकारथ कर दिया, इसलिए उन्होंने काबा से लोगों को फेरने की जो इच्छा की थी, उसे पूरी नहीं कर सके और न ही वे काबा को कोई नुक़सान पहुँचा सके।
और उनपर झुंड के झुंड पक्षियों को भेज दिया।
जो उनरक पकी हुई मिट्टी की कंकड़ियाँ बरसा रहे थे।
चुनाँचे अल्लाह ने उन्हें उन पत्तों की तरह कर दिया, जिन्हें जानवरों ने खाया और रौंदा हो।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences