Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
المطففين
Al-Mutaffifin
The Defrauding · Meccan · 36 ayahs
नाप-तौल में कमी करने वालों के लिए विनाश और हानि है।
83:2Page 587
ٱلَّذِينَ إِذَا ٱكۡتَالُواْ عَلَى ٱلنَّاسِ يَسۡتَوۡفُونَ ٢
Who, when they take a measure from people, take in full.
वे ऐसे लोग हैं जो दूसरों से नापकर लेते समय अपना हक़ बिना किसी कमी के पूरा लेते हैं।
83:3Page 587
وَإِذَا كَالُوهُمۡ أَو وَّزَنُوهُمۡ يُخۡسِرُونَ ٣
But if they give by measure or by weight to them, they cause loss.
और जब वे लोगों को नापकर या तौलकर देते हैं, तो नाप और तौल में कमी करते हैं। जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम मदीना की ओर हिजरत करके आए, तो वहाँ के लोगों की यही स्थिति थी।
83:4Page 587
أَلَا يَظُنُّ أُوْلَٰٓئِكَ أَنَّهُم مَّبۡعُوثُونَ ٤
Do they not think that they will be resurrected
क्या इस बुराई को करने वाले ये लोग इस बात पर विश्वास (यक़ीन) नहीं रखते कि वे (मरने के बाद दोबारा) अल्लाह की ओर उठाए जाने वाले हैं?!
हिसाब और बदले के लिए, एक ऐसे दिन में, जो उसमें पाए जाने वाले क्लेशों और भयावहताओं के कारण बहुत बड़ा और सख़्त होगा।
83:6Page 587
يَوۡمَ يَقُومُ ٱلنَّاسُ لِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٦
The Day when mankind will stand before the Lord of the worlds?
जिस दिन लोग सभी प्राणियों के पालनहार के सामने हिसाब के लिए खड़े होंगे।
83:7Page 588
كـَلَّآ إِنَّ كِتَٰبَ ٱلۡفُجَّارِ لَفِي سِجِّينٖ ٧
No! Indeed, the record of the wicked is in sijjeen.
मामला ऐसा नहीं है, जैसा तुमने समझ रखा है कि मौत के बाद दोबारा जीवित नहीं होना है। निश्चय काफ़िरों और मुनाफ़िकों जैसे दुराचारियों का कर्म-पत्र निचली धरती के एक तंग स्थान में है।
और (ऐ रसूल) आपको क्या मालूम कि 'सिज्जीन' क्या है?!
उनका कर्म-पत्र लिखा हुआ है, जो मिट नहीं सकता, और न उसमें कुछ बढ़ाया जा सकता है और न ही घटाया जा सकता है।
उस दिन झुठलाने वालों के लिए विनाश और नुकसान है।
जो बदले के दिन को झुठलाते हैं, जिस दिन अल्लाह अपने बंदों को दुनिया में उनके किए हुए कामों का बदला देगा।
83:12Page 588
وَمَا يُكَذِّبُ بِهِۦٓ إِلَّا كُلُّ مُعۡتَدٍ أَثِيمٍ ١٢
And none deny it except every sinful transgressor.
और उस दिन को केवल वही झुठलाता है, जो अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने वाला, बहुत बड़ा पापी है।
83:13Page 588
إِذَا تُتۡلَىٰ عَلَيۡهِ ءَايَٰتُنَا قَالَ أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٣
When Our verses are recited to him, he says, "Legends of the former peoples."
जब उसके सामने हमारे रसूल पर अवतिरत होने वाली हमारी आयतों को पढ़ा जाता है, तो वह कहता है : यह तो पहले समुदायों की कहानियाँ हैं, अल्लाह की ओर से नहीं हैं।
83:14Page 588
كـَلَّاۖ بَلۡۜ رَانَ عَلَىٰ قُلُوبِهِم مَّا كَانُواْ يَكۡسِبُونَ ١٤
No! Rather, the stain has covered their hearts of that which they were earning.1
मामला वैसा नहीं है, जैसा इन झुठलाने वालों ने समझ रखा है। बल्कि वे जो कुछ पाप किया करते थे, वह उनकी बुद्धियों पर छा गया है और उन्हें ढाँप दिया है। इसलिए वे सत्य को अपने दिलों से नहीं देख सकते।
83:15Page 588
كـَلَّآ إِنَّهُمۡ عَن رَّبِّهِمۡ يَوۡمَئِذٖ لَّمَحۡجُوبُونَ ١٥
No! Indeed, from their Lord, that Day, they will be partitioned.1
वे सचमुच क़ियामत के दिन अपने पालनहार को देखने से वंचित कर दिए जाएँँगे।
83:16Page 588
ثُمَّ إِنَّهُمۡ لَصَالُواْ ٱلۡجَحِيمِ ١٦
Then indeed, they will [enter and] burn in Hellfire.
फिर वे अवश्य जहन्नम में दाख़िल होकर उसकी गर्मी को झेलेंगे।
83:17Page 588
ثُمَّ يُقَالُ هَٰذَا ٱلَّذِي كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ ١٧
Then it will be said [to them], "This is what you used to deny."
फिर उनसे क़ियामत के दिन उन्हें फटकार लगाते हुए कहा जाएगा : यह यातना जो तुम्हें झेलनी पड़ी है, यह वही है, जिसे तुम दुनिया में झुठलाया करते थे, जब तुम्हारे रसूल तुम्हें इसके बारे में बताते थे।
83:18Page 588
كـَلَّآ إِنَّ كِتَٰبَ ٱلۡأَبۡرَارِ لَفِي عِلِّيِّينَ ١٨
No! Indeed, the record of the righteous is in ʿilliyyūn.
मामला वैसा नहीं है, जैसा तुमने समझ रखा है कि न हिसाब होगा, न बदला दिया जाएगा। निःसंदेह नेक लोगों का कर्म-पत्र निश्चय 'इल्लिय्यीन' में है।
और (ऐ रसूल) आपको क्या मालूम कि 'इल्लिय्यीन' क्या है?!
उनका कर्म-पत्र लिखा हुआ है, जो मिट नहीं सकता, और न उसमें कुछ बढ़ाया जा सकता है और न ही घटाया जा सकता है।
इस कर्म-पत्र के पास हर आसमान के निकटवर्ती फ़रिश्ते उपस्थित रहते हैं।
निःसंदेह बहुत अधिक नेकी करने वाले लोग क़ियामत के दिन स्थायी आनंद में होंगे।
वे अलंकृत बिस्तरों पर बैठे अपने पालनहार को तथा हर उस चीज़ को देख रहे होंगे, जो उनके दिलों को प्रसन्न और हर्षित कर देगी।
83:24Page 588
تَعۡرِفُ فِي وُجُوهِهِمۡ نَضۡرَةَ ٱلنَّعِيمِ ٢٤
You will recognize in their faces the radiance of pleasure.
आप जब उन्हें देखेंगे, तो आपको उनके चेहरों पर सुंदरता और मनोहरता के रूप में उनके नेमतों से आनंदित होने का निशान दिखाई देगा।
83:25Page 588
يُسۡقَوۡنَ مِن رَّحِيقٖ مَّخۡتُومٍ ٢٥
They will be given to drink [pure] wine1 [which was] sealed.
उनके सेवक उन्हें ऐसी शुद्ध शराब पिलाएँगे, जिसके बर्तन पर मुहर लगी होगी।
83:26Page 588
خِتَٰمُهُۥ مِسۡكٞۚ وَفِي ذَٰلِكَ فَلۡيَتَنَافَسِ ٱلۡمُتَنَٰفِسُونَ ٢٦
The last of it1 is musk. So for this let the competitors compete.
उससे उसके अंत तक कस्तूरी की खुशबू आ रही होगी। अतः प्रतिस्पर्धा करने वालों को, अल्लाह को प्रसन्न करने वाले कार्य करके और उसे क्रोधित करने वाले कार्य छोड़कर, इस उदार बदले (को प्राप्त करने) में प्रतिस्पर्धा करना चाहिए।
और इस मुहरबंद शराब में तसनीम नामी चश्मे का पानी मिलाया जाएगा।
83:28Page 588
عَيۡنٗا يَشۡرَبُ بِهَا ٱلۡمُقَرَّبُونَ ٢٨
A spring from which those near [to Allāh] drink.
यह जन्नत के शीर्ष पर एक चश्मा है, जिससे अल्लाह के निकटवर्ती बंदे शुद्ध पानी पिएँगे। जबकि अन्य सभी ईमान वाले उसका पानी दूसरे पेय के साथ मिश्रित करके पिएँगे।
83:29Page 588
إِنَّ ٱلَّذِينَ أَجۡرَمُواْ كَانُواْ مِنَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ يَضۡحَكُونَ ٢٩
Indeed, those who committed crimes used to laugh at those who believed.
निश्चय जिन लोगों ने कुफ़्र की राह पर क़ायम रहकर जुर्म किया, वे ईमान वालों पर उनका मज़ाक़ उड़ाते हुए हँसते थे।
83:30Page 588
وَإِذَا مَرُّواْ بِهِمۡ يَتَغَامَزُونَ ٣٠
And when they passed by them, they would exchange derisive glances.
और जब वे ईमान वालों के पास से गुज़रते, तो एक-दूसरे को मज़ाक़ और उपहास के तौर पर आँखों से इशारे करते थे।
83:31Page 588
وَإِذَا ٱنقَلَبُوٓاْ إِلَىٰٓ أَهۡلِهِمُ ٱنقَلَبُواْ فَكِهِينَ ٣١
And when they returned to their people, they would return jesting.
और जब वे अपने परिवारों में लौटते, तो वे अपने कुफ़्र और मोमिनों के परिहास का आनंद लेते हुए लौटते थे।
83:32Page 588
وَإِذَا رَأَوۡهُمۡ قَالُوٓاْ إِنَّ هَٰٓؤُلَآءِ لَضَآلُّونَ ٣٢
And when they saw them, they would say, "Indeed, those are truly lost."
और जब वे मुसलमानों को देखते, तो कहते थे : निश्चय ये लोग सत्य के मार्ग से भटके हुए हैं, क्योंकि उन्होंने अपने माता-पिता के धर्म को छोड़ दिया है।
83:33Page 588
وَمَآ أُرۡسِلُواْ عَلَيۡهِمۡ حَٰفِظِينَ ٣٣
But they had not been sent as guardians over them.
जबकि अल्लाह ने उन्हें इन (ईमान वालों) के कामों को संरक्षित करने की ज़िम्मेवारी नहीं सौंपी थी कि वे इस तरह की बात कहते।
83:34Page 588
فَٱلۡيَوۡمَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مِنَ ٱلۡكُفَّارِ يَضۡحَكُونَ ٣٤
So Today1 those who believed are laughing at the disbelievers,
तो क़ियामत के दिन, अल्लाह पर ईमान रखने वाले काफ़िरों पर हँसेंगे, जैसे कि काफिर दुनिया में उन पर हँसा करते थे।
वे सजाए गए बिस्तरों पर बैठे उस स्थायी आनंद को देख रहे होंगे, जो अल्लाह ने उनके लिए तैयार किया है।
83:36Page 589
هَلۡ ثُوِّبَ ٱلۡكُفَّارُ مَا كَانُواْ يَفۡعَلُونَ ٣٦
Have the disbelievers [not] been rewarded [this Day] for what they used to do?
निश्चय काफ़िरों को उनके उन कर्मों का, जो उन्होंने दुनिया में किया था, अपमानजनक यातना के रूप में बदला दिया गया।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences