Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
التكوير
At-Takwir
The Overthrowing · Meccan · 29 ayahs
जब सूर्य की आकृति को समेट दिया जाएगा और उसकी रौशनी समाप्त हो जाएगी।
और जब तारे झड़ जाएँगे और उनकी रोशनी मिटा दी जाएगी।
और जब पर्वतों को उनके स्थानों से हटा दिया जाएगा।
और जब उन गाभिन ऊँटनियों की उपेक्षा की जाएगी, जिनके बारे में लोग आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं, क्योंकि उनके मालिक उन्हें छोड़ देंगे।
और जब जंगली जानवरों को मनुष्यों के साथ एक ही मैदान में एकत्रित किया जाएगा।
और जब सागर भड़काए जाएँगे, यहाँ तक कि वे आग बन जाएँगे।
और जब प्राणों को उनके साथ मिला दिया जाएगा, जो उनके समान होंगे। चुनाँचे पापी को पापी के साथ और सदाचारी को सदाचारी के साथ मिला दिया जाएगा।
और जब जीवित रहते हुए दफ़न कर दी गई बच्ची से अल्लाह पूछेगा।
तुझे मारने वाले ने किस अपराध के लिए मारा था?!
और जब बंदों के कर्मपत्र खोल दिए जाएँगे, ताकि हर व्यक्ति अपना कर्मपत्र पढ़ ले।
और जब आकाश की खाल उतार दी जाएगी, जैसे बकरी की खाल उतारी जाती है।
और जब जहन्नम को दहकाया जाएगा।
और जब जन्नत को अल्लाह से डरने वालों के निकट लाया जाएगा।
81:14Page 586
عَلِمَتۡ نَفۡسٞ مَّآ أَحۡضَرَتۡ ١٤
A soul will [then] know what it has brought [with it].1
जब यह सब घटित होगा, तो हर व्यक्ति जान लेगा कि उस दिन के लिए उसने क्या किया है।
अल्लाह ने उन सितारों की क़सम खाई है, जो रात में प्रकट होने से पहले छिपे रहते हैं।
अपनी कक्षाओं में चलने वाले, जो सुबह के उदय होते ही ग़ायब हो जाते हैं, वैसे ही जैसे मृग अपने घरों में प्रवेश करते हैं।
रात की शुरुआत की क़सम खाई, जब वह आने लगे, और उसके अंतिम भाग की क़सम खाई, जब वह जाने लगे।
और सुबह की क़सम खाई, जब उसकी रौशनी फैलने लगे।
81:19Page 586
إِنَّهُۥ لَقَوۡلُ رَسُولٖ كَرِيمٖ ١٩
[That] indeed, it [i.e., the Qur’ān] is a word [conveyed by] a noble messenger [i.e., Gabriel]
निश्चय मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतरने वाला क़ुरआन अल्लाह की वाणी है, जिसे एक विश्वसनीय फ़रिश्ते जिबरील अलैहिस्सलाम ने पहुँचाया है, जिन्हें अल्लाह ने इसकी ज़िम्मेवारी सौंपी थी।
81:20Page 586
ذِي قُوَّةٍ عِندَ ذِي ٱلۡعَرۡشِ مَكِينٖ ٢٠
[Who is] possessed of power and with the Owner of the Throne, secure [in position],
जो शक्तिशाली है, अर्श के मालिक के पास महान पद वाला है।
आकाश वाले उनकी बात मानते हैं, और वह जो वह़्य (प्रकाशना) पहुँचाते हैं, उसपर विश्वसनीय हैं।
81:22Page 586
وَمَا صَاحِبُكُم بِمَجۡنُونٖ ٢٢
And your companion [i.e., Prophet Muḥammad (ﷺ) ] is not [at all] mad.1
मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम, जो तुम्हारे साथ रहते हैं और जिनके विवेक, अमानतदारी और सच्चाई से तुम ख़ूब परिचित हो, कोई दीवाने नहीं हैं, जैसा कि तुम्हारा झूठा दावा है।
81:23Page 586
وَلَقَدۡ رَءَاهُ بِٱلۡأُفُقِ ٱلۡمُبِينِ ٢٣
And he has already seen him [i.e., Gabriel] in the clear horizon.1
और तुम्हारे साथी ने जिबरील को आकाश के स्पष्ट क्षितिज पर उनकी असली शक्ल में देखा है।
81:24Page 586
وَمَا هُوَ عَلَى ٱلۡغَيۡبِ بِضَنِينٖ ٢٤
And he [i.e., Muḥammad (ﷺ)] is not a withholder of [knowledge of] the unseen.1
और तुम्हारे साथी तुम्हारे लिए कृपण नहीं हैं कि वह तुम्हें वह बात पहुँचाने में कंजूसी करें, जिसका उन्हें तुमको पहुँचाने का आदेश दिया गया है। तथा वह काहिनों की तरह पारिश्रमिक भी नहीं लेते हैं।
81:25Page 586
وَمَا هُوَ بِقَوۡلِ شَيۡطَٰنٖ رَّجِيمٖ ٢٥
And it [i.e., the Qur’ān] is not the word of a devil, expelled [from the heavens].
और यह क़ुरआन अल्लाह की दया से निष्कासित एक शैतान की वाणी नहीं है।
फिर इन तर्कों के बाद, इसके अल्लाह की ओर से होने का इनकार करने के लिए कौन-सा रास्ता चल रहे हो?!
क़ुरआन इसके अलावा कुछ नहीं कि जिन्न और मानव जाति के लिए अनुस्मारक और उपदेश है।
81:28Page 586
لِمَن شَآءَ مِنكُمۡ أَن يَسۡتَقِيمَ ٢٨
For whoever wills among you to take a right course.
उसके लिए, जो तुममें से सत्य के मार्ग पर चलना चाहे।
81:29Page 586
وَمَا تَشَآءُونَ إِلَّآ أَن يَشَآءَ ٱللَّهُ رَبُّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٢٩
And you do not will except that Allāh wills - Lord of the worlds.
तथा तुम सत्य मार्ग पर दृढ़ता या कुछ और नहीं चाह सकते, सिवाय इसके कि सभी प्राणियों का पालनहार अल्लाह उसे चाहे।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences