Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
الواقعة
Al-Waqi'ah
The Inevitable · Meccan · 96 ayahs
जब अनिवार्य रूप से क़ियामत घटित हो जाएगी।
कोई प्राणी ऐसा नहीं होगा, जो उसका इनकार करे, जैसे दुनिया में इनकार कर देता था।
वह पापी काफ़िरों को जहन्नम में दाखिल करके उन्हें नीचा करने वाली, और पुनीत ईमान वालों को जन्नत में दाखिल करके उन्हें ऊँचा करने वाली होगी।
जब धरती को बहुत ज़ोर से हिलाया जाएगा।
और पहाड़ बिलकुल महीन-महीन कर दिए जाएँगे।
सो वे चकना चूर होने के कारण बिखरी हुई धूल बन जाएँगे, जिसमें स्थिरता नहीं होगी।
और तुम उस दिन तीन प्रकार के लोग हो जाओगे।
56:8Page 534
فَأَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ ٨
Then the companions of the right - what are the companions of the right?1
तो दाहिने हाथ वाले, जो अपने कर्मपत्र दाहिने हाथ से लेंगे। उनका पद कितना ऊँचा और महान है!
56:9Page 534
وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡمَشۡـَٔمَةِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَشۡـَٔمَةِ ٩
And the companions of the left - what are companions of the left?1
और बाएँ हाथ वाले, जो अपने कर्मपत्र बाएँ हाथ से लेंगे। उनकी स्थिति कितनी हीन और बदतर है!
और जो लोग दुनिया में नेक काम करने में पहल करने वाले हैं, वही लोग आख़िरत में जन्नत में प्रवेश करने में दूसरों से आगे रहने वाले हैं।
यही लोग अल्लाह की (विशेष) निकटता प्राप्त किए हुए हैं।
वे नेमत के बाग़ों में विभिन्न प्रकार की नेमतों का आनंद लेते होंगे।
इस उम्मत (के अगले लोगों) में से और पिछली उम्मतों में से एक समूह होगा।
और आखिरी ज़माने के थोड़े लोग ही आगे रहने वाले समीपवर्ती लोगों में से होंगे।
सोने से बुने हुए पलंगों पर।
इन पलंगों पर तकिया लगाए आमने-सामने बैठे होंगे। उनमें से कोई दूसरे की पीठ को नहीं देखेगा।
56:17Page 535
يَطُوفُ عَلَيۡهِمۡ وِلۡدَٰنٞ مُّخَلَّدُونَ ١٧
There will circulate among them young boys made eternal
उनके पास उनकी सेवा के लिए ऐसे बालक घूम रहे होंगे, जो न कभी बूढ़े होंगे और न मरेंगे।
56:18Page 535
بِأَكۡوَابٖ وَأَبَارِيقَ وَكَأۡسٖ مِّن مَّعِينٖ ١٨
With vessels, pitchers and a cup [of wine] from a flowing spring -
वे उनके आस-पास ऐसे प्यालों के साथ जिनके दस्ते नहीं होते, ऐसी सुराहियों के साथ जिनके दस्ते होते हैं और छलकते जाम लेकर फिर रहे होंगे, जो जन्नत में बहने वाली शराब के होंगे, जिनके सोते कभी बंद नहीं होंगे।
56:19Page 535
لَّا يُصَدَّعُونَ عَنۡهَا وَلَا يُنزِفُونَ ١٩
No headache will they have therefrom, nor will they be intoxicated -
वह मदिरा दुनिया की मदिरा की तरह नहीं होगी। क्योंकि उसके पीने वाले को न सिर दर्द होगा और न ही उसकी बुद्धि प्रभावित होगी।
और ये बालक उनके पास उनकी पसंद के फल लेकर फिर रहे होंगे।
तथा पक्षियों का मांस लेकर फिर रहे होंगे, जिसकी वे इच्छा रखते हैं।
और उनके लिए जन्नत में बड़ी आँखों वाली सुंदर स्त्रियाँ होंगी।
सीपियों में संरक्षित मोतियों की तरह।
उनके लिए उन अच्छे कर्मों के प्रतिफल के तौर पर जो वे दुनिया में किया करते थे।
56:25Page 535
لَا يَسۡمَعُونَ فِيهَا لَغۡوٗا وَلَا تَأۡثِيمًا ٢٥
They will not hear therein ill speech or commission of sin -
वे जन्नत में अश्लील बातें नहीं सुनेंगे, और न ही कोई ऐसी बात जिसके कहने वाले को पाप लगे।
वे केवल अपने आपपर फ़रिश्तों का सलाम और उनका आपस में एक-दूसरे को सलाम करना सुनेंगे।
56:27Page 535
وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡيَمِينِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡيَمِينِ ٢٧
The companions of the right - what are the companions of the right?
और दाहिने हाथ वाले - जो अपने कर्मपत्र अपने दाहिने हाथ में दिए जाएँगे - अल्लाह के निकट उनकी स्थिति और उनका पद कितना महान है!
(वे) ऐसी बेरियों में होंगे जिनके काँटे काटे हुए हैं, उनमें कोई कष्ट नहीं है।
और परत दर परत लगे हुए केलों में।
और ऐसी छाया में जो अच्छी तरह फैली हुई, निरंतर रहने वाली है, जो कभी समाप्त न होगी।
और सदा बहते पानी में।
तथा ढेर सारे फलों में जो सीमित नहीं हैं।
ये फल उनके पास से कभी समाप्त नहीं होंगे। क्योंकि उनका कोई मौसम नहीं होगा। तथा जब भी वे उन्हें लेना चाहेंगे, उसमें कोई बाधा नहीं होगी।
और पलंगों पर लगे ऊँचे बिस्तरों पर (होंगे)।
56:35Page 535
إِنَّآ أَنشَأۡنَٰهُنَّ إِنشَآءٗ ٣٥
Indeed, We have produced them [i.e., the women of Paradise] in a [new] creation
हमने उपर्युक्त हूरों को असामान्य तरीके से बनाया है।
चुनाँचे हमने उन्हें कुँवारियाँ बनाया, जिन्हें पहले छुआ नहीं गया।
जो अपने पतियों को प्रिय और समान उम्र वाली हैं।
हमने उन्हें दाहिने हाथ वालों के लिए बनाया है, जिन्हें उनके सौभाग्यशाली होने की निशानी के तौर पर दाईं ओर ले जाया जाएगा।
वे पिछले नबियों की उम्मतों में से एक समूह हैं।
तथा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उम्मत में से एक समूह हैं, जो किअंतिम उम्मत है।
56:41Page 535
وَأَصۡحَٰبُ ٱلشِّمَالِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلشِّمَالِ ٤١
And the companions of the left - what are the companions of the left?
और बाएँ हाथ वाले - जो अपने कर्मपत्र अपने बाएँ हाथ में दिए जाएँगे - उनकी स्थिति और उनका परिणाम कितना खराब है!
(वे) बहुत गर्म हवा में और बहुत गर्म पानी में (होंगे)।
और काले धुएँ की छाया में होंगे।
जो न चलते हुए सुहावनी होगी और न अच्छा दिखने वाली होगी।
56:45Page 535
إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَبۡلَ ذَٰلِكَ مُتۡرَفِينَ ٤٥
Indeed they were, before that, indulging in affluence,
वे इस यातना तक पहुँचने से पहले, दुनिया की सुख-सुविधाओं का आनंद ले रहे थे, उन्हें अपनी इच्छाओं की पूर्ति के सिवा किसी चीज़ की परवाह नहीं थी।
56:46Page 535
وَكَانُواْ يُصِرُّونَ عَلَى ٱلۡحِنثِ ٱلۡعَظِيمِ ٤٦
And they used to persist in the great violation,1
और वे अल्लाह का इनकार करने और उसे छोड़कर मूर्तियों की पूजा करने पर अड़े रहते थे।
56:47Page 535
وَكَانُواْ يَقُولُونَ أَئِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ ٤٧
And they used to say, "When we die and become dust and bones, are we indeed to be resurrected?
और वे मरने के बाद पुनः जीवित किए जाने का इनकार करते थे। चुनाँचे उसका मज़ाक उड़ाते हुए और उसे असंभव समझते हुए कहते थे : क्या जब हम मर जाएँगे तथा मिट्टी और सड़ी हुई हड्डियाँ बन जाएँगे, तो क्या हम उसके बाद फिर से जीवित करके उठाए जाएँगे?!
और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी उठाए जाएँगे, जो हमसे पहले मर गए?!
56:49Page 535
قُلۡ إِنَّ ٱلۡأَوَّلِينَ وَٱلۡأٓخِرِينَ ٤٩
Say, [O Muḥammad], "Indeed, the former and later peoples
(ऐ रसूल!) आप इन पुनर्जीवन का इनकार करने वाले लोगों से कह दें : निःसंदेह अगले और पिछले (सभी) लोग।
56:50Page 535
لَمَجۡمُوعُونَ إِلَىٰ مِيقَٰتِ يَوۡمٖ مَّعۡلُومٖ ٥٠
Are to be gathered together for the appointment of a known Day."
क़ियामत के दिन हिसाब और बदले के लिए निश्चित रूप से एकत्र किए जाएँगे।
56:51–52Page 536
ثُمَّ إِنَّكُمۡ أَيُّهَا ٱلضَّآلُّونَ ٱلۡمُكَذِّبُونَ ٥١
Then indeed you, O those astray [who are] deniers,
لَأٓكِلُونَ مِن شَجَرٖ مِّن زَقُّومٖ ٥٢
Will be eating from trees of zaqqūm
फिर निःसंदेह (ऐ मरणोपरांत पुनः जीवित किए जाने का इनकार करने वालो! सीधे मार्ग से भटके हुए लोगो!) तुम निश्चय क़ियामत के दिन ज़क़्क़ूम (थूहड़) के वृक्ष का फल खाने वाले हो, जो कि सबसे बुरा और सबसे गंदा फल है।
फिर उस कड़वे पेड़ (के फल) से अपने खाली पेट भरने वाले हो।
फिर उसपर अत्यधिक गर्म (खौलता हुआ) पानी पीने वाले हो।
फिर उसे बहुत ज़्यादा पीने वाले हो, जिस तरह न बुझने वाले प्यास के रोग से पीड़ित ऊँट पीता चला जाता है।
56:56Page 536
هَٰذَا نُزُلُهُمۡ يَوۡمَ ٱلدِّينِ ٥٦
That is their accommodation on the Day of Recompense.
यह उल्लेख किया गया कड़वा भोजन और गर्म पानी उनका आतिथ्य है, जिसके साथ बदले के दिन उनका स्वागत किया जाएगा।
56:57Page 536
نَحۡنُ خَلَقۡنَٰكُمۡ فَلَوۡلَا تُصَدِّقُونَ ٥٧
We have created you, so why do you not believe?
हम ही ने (ऐ झुठलाने वालो!) तुम्हें पैदा किया, जबकि तुम कुछ नहीं थे। फिर तुम क्यों सच नहीं मानते कि हम तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हें दोबारा जीवित करके उठाएँगे?!
तो क्या (ऐ लोगो!) तुमने उस वीर्य पर विचार किया, जो तुम अपनी स्त्रियों के गर्भाशयों में टपकाते हो?!
56:59Page 536
ءَأَنتُمۡ تَخۡلُقُونَهُۥٓ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡخَٰلِقُونَ ٥٩
Is it you who creates it, or are We the Creator?
क्या तुम उस वीर्य को पैदा करते हो या हम ही उसे पैदा करते हैं?!
56:60Page 536
نَحۡنُ قَدَّرۡنَا بَيۡنَكُمُ ٱلۡمَوۡتَ وَمَا نَحۡنُ بِمَسۡبُوقِينَ ٦٠
We have decreed death among you, and We are not to be outdone
हम ही ने तुम्हारे बीच मृत्यु का समय निश्चित किया है। चुनाँचे तुममें से प्रत्येक व्यक्ति का एक निर्धारित समय है, जिससे वह न आगे बढ़ सकता है और न ही देर कर सकता है। और हम असमर्थ नहीं हैं।
56:61Page 536
عَلَىٰٓ أَن نُّبَدِّلَ أَمۡثَٰلَكُمۡ وَنُنشِئَكُمۡ فِي مَا لَا تَعۡلَمُونَ ٦١
In that We will change your likenesses and produce you in that [form] which you do not know.1
कि हम तुम्हारी वर्तमान रचना और रूप को, जिसे तुम जानते हो, बदल दें और तुम्हें ऐसी रचना और रूप में पैदा कर दें, जिसे तुम नहीं जानते।
56:62Page 536
وَلَقَدۡ عَلِمۡتُمُ ٱلنَّشۡأَةَ ٱلۡأُولَىٰ فَلَوۡلَا تَذَكَّرُونَ ٦٢
And you have already known the first creation, so will you not remember?
निश्चय तुम तो यह जान चुके हो कि हमने तुम्हें पहली बार कैसे पैदा किया, फिर तुम विचार क्यों नहीं करते और जानते कि जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया है, वह तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हें पुनर्जीवित करने में सक्षम है?!
फिर क्या तुमने उस बीज पर विचार किया जो तुम धरती में डालते हो?!
56:64Page 536
ءَأَنتُمۡ تَزۡرَعُونَهُۥٓ أَمۡ نَحۡنُ ٱلزَّٰرِعُونَ ٦٤
Is it you who makes it grow, or are We the grower?
क्या तुम उस बीज को उगाते हो, या हम ही हैं जो उसे उगाते हैं?!
56:65Page 536
لَوۡ نَشَآءُ لَجَعَلۡنَٰهُ حُطَٰمٗا فَظَلۡتُمۡ تَفَكَّهُونَ ٦٥
If We willed, We could make it [dry] debris, and you would remain in wonder,1
यदि हम उस खेती को चूर-चूर करना चाहें, तो उसके पकने और काटे जाने के निकट होने के बाद, अवश्य उसे चूर-चूर कर दें। फिर उसके बाद तुम उसे पहुँचने वाली आपदा पर आश्चर्य करते रह जाओ।
तुम कहने लगो : हमने जो कुछ खर्च किया था, उसकी हानि के द्वारा हमें दंडित किया गया है।
बल्कि हम रोज़ी से वंचित कर दिए गए हैं।
56:68Page 536
أَفَرَءَيۡتُمُ ٱلۡمَآءَ ٱلَّذِي تَشۡرَبُونَ ٦٨
And have you seen the water that you drink?
फिर क्या तुमने उस पानी पर विचार किया, जो तुम प्यास लगने पर पीते हो?!
56:69Page 536
ءَأَنتُمۡ أَنزَلۡتُمُوهُ مِنَ ٱلۡمُزۡنِ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡمُنزِلُونَ ٦٩
Is it you who brought it down from the clouds, or is it We who bring it down?
क्या तुमने उसे आसमान में बादलों से उतारा है, या हम ही ने उसे उतारा है?!
56:70Page 536
لَوۡ نَشَآءُ جَعَلۡنَٰهُ أُجَاجٗا فَلَوۡلَا تَشۡكُرُونَ ٧٠
If We willed, We could make it bitter, so why are you not grateful?
अगर हम उस पानी को अत्यंत खारा बनाना चाहें कि वह पीने या पानी देने के काम न आए, तो हम उसे अत्यंत खारा बना दें। फिर तुम अल्लाह का शुक्र अदा क्यों नहीं करते कि उसने तुमपर दया करते हुए मीठा पानी उतारा है?!
फिर क्या तुमने उस आग पर विचार किया जिसे तुम अपने फायदे के लिए जलाते हो?!
56:72Page 536
ءَأَنتُمۡ أَنشَأۡتُمۡ شَجَرَتَهَآ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡمُنشِـُٔونَ ٧٢
Is it you who produced its tree, or are We the producer?
क्या तुमने उस पेड़ को पैदा किया है, जिससे आग जलाई जाती है, या हम ही ने उसे तुमपर दया के स्वरूप पैदा किया है?!
56:73Page 536
نَحۡنُ جَعَلۡنَٰهَا تَذۡكِرَةٗ وَمَتَٰعٗا لِّلۡمُقۡوِينَ ٧٣
We have made it a reminder1 and provision for the travelers,2
हमने इस आग को तुम्हारे लिए आख़िरत की आग की याद दिलाने के लिए एक अनुस्मारक बना दिया है, तथा हमने इसे तुम्हारे यात्रियों के लिए एक लाभ बना दिया है।
अतः (ऐ रसूल) आप अपने महान पालनहार को उन चीज़ों से पवित्र ठहराएँ , जो उसके योग्य नहीं हैं।
अल्लाह ने सितारों के स्थानों और उनके गिरने की जगहों की क़सम खाई है।
56:76Page 536
وَإِنَّهُۥ لَقَسَمٞ لَّوۡ تَعۡلَمُونَ عَظِيمٌ ٧٦
And indeed, it is an oath - if you could know - [most] great.
और निःसंदेह इन स्थानों की क़सम खाना (यदि तुम उसकी महानता जानते हो) बहुत बड़ी बात है; क्योंकि इनके अंदर अनगिनत निशानियाँ और पाठ मौजूद हैं।
निश्चय (ऐ लोगो!) तुम्हारे सामने पढ़ा जाने वाला यह क़ुरआन, एक सम्मानित एवं प्रतिष्ठित क़ुरआन है। क्योंकि इसमें महान लाभ निहित हैं।
एक ऐसी किताब में अंकित है, जो लोगों की निगाहों से सुरक्षित है। और वह 'लौहे महफ़ूज़' है।
56:79Page 537
لَّا يَمَسُّهُۥٓ إِلَّا ٱلۡمُطَهَّرُونَ ٧٩
None touch it except the purified [i.e., the angels].
उसे केवल वे फरिशते छूते हैं, जो गुनाहों और दोषों से पवित्र किए गए हैं।
यह सारी सृष्टि के पालनहार की ओर से उसके नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारा गया है।
56:81Page 537
أَفَبِهَٰذَا ٱلۡحَدِيثِ أَنتُم مُّدۡهِنُونَ ٨١
Then is it to this statement that you are indifferent
तो फिर क्या (ऐ मुश्रिको!) तुम इस वाणी को झुठलाने वाले हो, उसकी पुष्टि करने वाले नहीं हो?!
56:82Page 537
وَتَجۡعَلُونَ رِزۡقَكُمۡ أَنَّكُمۡ تُكَذِّبُونَ ٨٢
And make [the thanks for] your provision that you deny [the Provider]?
और तुम अल्लाह की दी हुई नेमतों पर उसका शुक्र इस तरह अदा करते हो कि उन्हें झुठला देते हो। इसलिए बारिश का श्रेय नक्षत्र को देते हो और कहते हो : हमपर अमुक और अमुक नक्षत्र के कारण बारिश हुई?!
56:83Page 537
فَلَوۡلَآ إِذَا بَلَغَتِ ٱلۡحُلۡقُومَ ٨٣
Then why, when it [i.e., the soul at death] reaches the throat
फिर क्यों नहीं जब रूह (आत्मा) गले को पहुँचती है।
और उस समय तुम अपने सामने मरने वाले को देख रहे होते हो।
56:85Page 537
وَنَحۡنُ أَقۡرَبُ إِلَيۡهِ مِنكُمۡ وَلَٰكِن لَّا تُبۡصِرُونَ ٨٥
And We [i.e., Our angels] are nearer to him than you, but you do not see -
और हम अपने ज्ञान और सामर्थ्य से और अपने फ़रिश्तों के माध्यम से, तुम्हारे मरने वाले के तुमसे अधिक निकट होते हैं, लेकिन तुम इन फ़रिश्तों को नहीं देखते।
56:86Page 537
فَلَوۡلَآ إِن كُنتُمۡ غَيۡرَ مَدِينِينَ ٨٦
Then why do you not, if you are not to be recompensed,
फिर क्यों नहीं (यदि तुम, अपने दावे के अनुसार, अपने कर्मों का बदला दिए जाने के लिए उठाए जाने वाले नहीं हो)
इस आत्मा को वापस ले आते, जो तुम्हारे मरने वाले के शरीर से निकली है, यदि तुम सच्चे हो?! हालाँकि तुम ऐसा नहीं कर सकते।
56:88Page 537
فَأَمَّآ إِن كَانَ مِنَ ٱلۡمُقَرَّبِينَ ٨٨
And if he [i.e., the deceased] was of those brought near [to Allāh],
फिर अगर वह मरने वाला व्यक्ति अच्छे कामों में पहल करने वालों में से है।
56:89Page 537
فَرَوۡحٞ وَرَيۡحَانٞ وَجَنَّتُ نَعِيمٖ ٨٩
Then [for him is] rest and bounty and a garden of pleasure.
तो उसके लिए ऐसा आराम जिसके बाद कोई थकान नहीं, उत्तम रोज़ी और दया है, तथा उसके लिए ऐसी जन्नत है, जिसमें वह अपनी मनचाही चीज़ों का आनंद लेगा।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences