Al-MukhtasarAs‑Saffat · 37:1–67

Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi

الصافات

As-Saffat

Those who set the Ranks · Meccan · 182 ayahs

37:1Page 446

وَٱلصَّٰٓفَّٰتِ صَفّٗا ١

By those [angels] lined up in rows

मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ जो अपनी इबादत में एक दूसरे से मिलकर पंक्तिबद्ध खड़े होते हैं।

37:2Page 446

فَٱلزَّٰجِرَٰتِ زَجۡرٗا ٢

And those who drive [the clouds]

और मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ, जो बादलों को डाँटते हैं और उन्हें हाँक कर वहाँ ले जाते हैं, जहाँ अल्लाह उन्हें बरसाना चाहाता है।

37:3Page 446

فَٱلتَّٰلِيَٰتِ ذِكۡرًا ٣

And those who recite the message,1

तथा मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ, जो अल्लाह की वाणी की तिलावत करते हैं।

37:4Page 446

إِنَّ إِلَٰهَكُمۡ لَوَٰحِدٞ ٤

Indeed, your God is One,

निःसंदेह (ऐ लोगो!) तुम्हारा सत्य पूज्य निश्चय एक ही है, जिसका कोई साझी नहीं और वह अल्लाह है।

37:5Page 446

رَّبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا وَرَبُّ ٱلۡمَشَٰرِقِ ٥

Lord of the heavens and the earth and that between them and Lord of the sunrises.1

वह आकाशों का स्वामी, धरती का स्वामी और उन दोनों के बीच मौजूद सभी चीज़ों का स्वामी है, तथा सूर्य का स्वामी है उसके साल भर उदय होने और यास्त होने के स्थानों में।

37:6Page 446

إِنَّا زَيَّنَّا ٱلسَّمَآءَ ٱلدُّنۡيَا بِزِينَةٍ ٱلۡكَوَاكِبِ ٦

Indeed, We have adorned the nearest heaven with an adornment of stars

हमने पृथ्वी के निकटतम आकाश को एक सुंदर सजावट के साथ सुशोभित किया है, जो कि वे सितारे हैं जो देखने में चमचमाते रत्नों की तरह हैं।

37:7Page 446

وَحِفۡظٗا مِّن كُلِّ شَيۡطَٰنٖ مَّارِدٖ ٧

And as protection against every rebellious devil

तथा हमने निचले आकाश को अल्लाह की आज्ञाकारिता से निकल जाने वाले हर विद्रोही शैतान से सितारों के साथ सुरक्षित किया है। चुनाँचे उसे तारों के द्वारा मारा जाता है।

37:8Page 446

لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى ٱلۡمَلَإِ ٱلۡأَعۡلَىٰ وَيُقۡذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٖ ٨

[So] they may not listen to the exalted assembly [of angels] and are pelted from every side,1

ये शैतान आसमान में मौजूद फ़रिश्तों की बात नहीं सुन सकते, जब वे उस बारे में बात करते हैं जो उनका पालनहार अपने विधान या अपनी नियति से संबंधित उनकी ओर वह़्य करता है, और उन्हें हर तरफ़ से उल्काओं (आग के दहकते हुए अंगारों) के द्वारा मारा जाता है।

37:9Page 446

دُحُورٗاۖ وَلَهُمۡ عَذَابٞ وَاصِبٌ ٩

Repelled; and for them is a constant punishment,

उन्हें फ़रिश्तों की बात सुनने से भगाने और दूर रखने के लिए। तथा उनके लिए आखिरत में दर्दनाक स्थायी यातना है, जो कभी खत्म नहीं होगी।

37:10Page 446

إِلَّا مَنۡ خَطِفَ ٱلۡخَطۡفَةَ فَأَتۡبَعَهُۥ شِهَابٞ ثَاقِبٞ ١٠

Except one who snatches [some words] by theft, but they are pursued by a burning flame, piercing [in brightness].

परंतु यह कि कोई शैतान अचानक किसी बात को उचक ले जाए। जो कि वह बात होती है, जिसके विषय में फ़रिश्ते आपस में बातचीत करते हैं और उनके बीच उसकी चर्चा होती है और उसकी जानकारी धरती के लोगों तक नहीं पहुँची होती है। तो ऐसी स्थिति में एक उज्ज्वल उल्का उसका पीछा करता है और उसे जला देता है। कभी तो वह शैतान उल्का के द्वारा जलाए जाने से पहले उस बात को अपने भाइयों तक पहुँचा देता है। फिर वह बात काहिनों तक पहुँच जाती है, जो उसमें सौ झूठ मिला देते हैं।

37:11Page 446

فَٱسۡتَفۡتِهِمۡ أَهُمۡ أَشَدُّ خَلۡقًا أَم مَّنۡ خَلَقۡنَآۚ إِنَّا خَلَقۡنَٰهُم مِّن طِينٖ لَّازِبِۭ ١١

Then inquire of them, [O Muḥammad], "Are they a stronger [or more difficult] creation or those [others] We have created?" Indeed, We created them [i.e., men] from sticky clay.

अतः (ऐ मुहम्मद!) मरणोपरांत पुनः उठाए जाने का इनकार करने वाले इन काफ़िरों से पूछें कि क्या वे हमारी पैदा की हुई रचनाओं जैसे आकाशों, धरती और फ़रिश्तों आदि से भी अधिक कठिन रचना वाले, शक्तिशाली शरीर वाले और बड़े-बड़े अंगों वाले हैं? निःसंदेह हमने उन्हें चिपचिपी मिट्टी से पैदा किया है। तो फिर वे मरणोपरांत पुनर्जीवित किए जाने का इनकार कैसे करते हैं, जबकि वे एक कमज़ोर चीज़ अर्थात् चिपकने वाली मिट्टी से पैदा किए गए हैं?

37:12Page 446

بَلۡ عَجِبۡتَ وَيَسۡخَرُونَ ١٢

But you wonder, while they mock,

बल्कि (ऐ मुहम्मद!) आपको अल्लाह के सामर्थ्य और उसके अपनी रचना के मामलों का प्रबंधन करने पर आश्चर्य हो रहा है, तथा आपको मुश्रिकों के मरणोपरांत पुनर्जीवित किए जाने का इनकार करने पर आश्चर्य होता है, और इन मुश्रिकों का हाल यह है कि वे मरणोपरांत पुनर्जीवित किए जाने को झुठलाने की तीव्रता से, उसके बारे में आप जो कुछ कहते हैं, उसका मज़ाक उड़ाते हैं।

37:13Page 446

وَإِذَا ذُكِّرُواْ لَا يَذۡكُرُونَ ١٣

And when they are reminded, they remember not.

और जब इन बहुदेववादियों को कोई उपदेश दिया जाता है, तो वे अपने दिलों की कठोरता के कारण उससे उपदेश ग्रहण नहीं करते और उससे लाभ नहीं उठाते।

37:14Page 446

وَإِذَا رَأَوۡاْ ءَايَةٗ يَسۡتَسۡخِرُونَ ١٤

And when they see a sign, they ridicule.

और जब वे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की कोई निशानी देखते हैं, जो आपके सच्चे होने को दर्शाती है, तो उसका खूब मज़ाक़ उड़ाते हैं और उस पर आश्चर्य प्रकट करते हैं।

37:15Page 446

وَقَالُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا سِحۡرٞ مُّبِينٌ ١٥

And say, "This is not but obvious magic.

तथा वे कहते हैं : मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जो कुछ लेकर आए हैं, वह स्पष्ट जादू के अलावा कुछ नहीं है।

37:16Page 446

أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ ١٦

When we have died and become dust and bones, are we indeed to be resurrected?

क्या जब हम मर गए और मिट्टी तथा सड़ी-गली हड्डियाँ हो गए, तो क्या उसके बाद भी हम पुनर्जीवित करके अवश्य उठाए जाएँगे?! इसकी संभावना तो नहीं है।

37:17Page 446

أَوَءَابَآؤُنَا ٱلۡأَوَّلُونَ ١٧

And our forefathers [as well]?"

और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी दोबारा उठाए जाएँगे, जो हमसे पहले मर चुके हैं?!

37:18Page 446

قُلۡ نَعَمۡ وَأَنتُمۡ دَٰخِرُونَ ١٨

Say, "Yes, and you will be [rendered] contemptible."

(ऐ मुहम्मद!) आप उन्हें जवाब देते हुए कह दीजिए : हाँ, तुम मिट्टी और सड़ी-गली हड्डियाँ होने के बाद भी उठाए जाओगे और तुम्हारे पहले बाप-दादा भी उठाए जाएँगे। तुम सभी को इस हाल में उठाया जाएगा कि तुम तुच्छ और अपमानित होगे।

37:19Page 446

فَإِنَّمَا هِيَ زَجۡرَةٞ وَٰحِدَةٞ فَإِذَا هُمۡ يَنظُرُونَ ١٩

It will be only one shout, and at once they will be observing.

वह तो मात्र सूर (नरसिंघा) में मारी जाने वाली एक फूँक (दूसरी फूँक) होगी, तो अचानक वे सभी लोग क़ियामत के दिन के भयावह दृृश्यों को देख रहे होंगे और इस बात की प्रतीक्षा कर रहे होंगे कि अल्लाह उनके साथ क्या करने वाला है।

37:20Page 446

وَقَالُواْ يَٰوَيۡلَنَا هَٰذَا يَوۡمُ ٱلدِّينِ ٢٠

They will say, "O woe to us! This is the Day of Recompense."

तथा मरणोपरांत पुनर्जीवन को झुठलाने वाले अनेकेश्वरवादी कहेंगे : हाय हमारा विनाश! यह तो बदले का दिन है, जिसमें अल्लाह अपने बंदों को उनके दुनिया के जीवन में किए हुए कार्यों का बदला देगा।

37:21Page 446

هَٰذَا يَوۡمُ ٱلۡفَصۡلِ ٱلَّذِي كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ ٢١

[They will be told], "This is the Day of Judgement which you used to deny."

तो उनसे कहा जाएगा : यह बंदों के बीच निर्णय का वही दिन है, जिसका तुम दुनिया में इनकार किया करते थे और उसे झुठलाया करते थे।

37:22–23Page 446

۞ ٱحۡشُرُواْ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ وَأَزۡوَٰجَهُمۡ وَمَا كَانُواْ يَعۡبُدُونَ ٢٢

[The angels will be ordered], "Gather those who committed wrong, their kinds,1 and what they used to worship

مِن دُونِ ٱللَّهِ فَٱهۡدُوهُمۡ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلۡجَحِيمِ ٢٣

Other than Allāh, and guide them to the path of Hellfire

उस दिन फ़रिश्तों से कहा जाएगा : उन बहुदेववादियों को इकट्ठा करो, जो शिर्क के द्वारा अपने आप पर ज़ुल्म करने वाले हैं, उन्हें तथा उनके जैसे अन्य शिर्क करने वालों और झुठलाने में उनका साथ देने वालों को, तथा उन मूर्तियों को भी, जिनकी वे अल्लाह को छोड़कर पूजा किया करते थे। फिर उन्हें जहन्नम का रास्ता दिखा दो और उसकी ओर हाँककर ले जाओ। क्योंकि वही उनका ठिकाना है।

37:24Page 446

وَقِفُوهُمۡۖ إِنَّهُم مَّسۡـُٔولُونَ ٢٤

And stop them; indeed, they are to be questioned."

और उन्हें जहन्नम में दाखिल करने से पहले हिसाब के लिए रोको। क्योंकि उनसे पूछताछ की जानी है। फिर उसके बाद उन्हें जहन्नम की ओर हाँककर ले जाओ।

37:25Page 447

مَا لَكُمۡ لَا تَنَاصَرُونَ ٢٥

[They will be asked], "What is [wrong] with you? Why do you not help each other?"

उन्हें फटकारते हुए कहा जाएगा : तुम्हें क्या हो गया कि तुम एक-दूसरे की मदद नहीं करते, जिस तरह कि तुम दुनिया में एक-दूसरे की मदद किया करते थे और यह दावा करते थे कि तुम्हारी मूर्तियाँ तुम्हारी मदद करेंगी?!

37:26Page 447

بَلۡ هُمُ ٱلۡيَوۡمَ مُسۡتَسۡلِمُونَ ٢٦

But they, that Day, are in surrender.

बल्कि, आज वे अल्लाह के आदेश के प्रति आज्ञाकारी और विनीत हैं। वे अपनी लाचारी और उपाय की कमी के कारण एक-दूसरे का समर्थन नहीं कर रहे हैं।

37:27Page 447

وَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ يَتَسَآءَلُونَ ٢٧

And they will approach one another asking [i.e., blaming] each other.

और वे एक-दूसरे को संबोधित करके आपस में बुरा-भला कहेंगे और झगड़ा करेंगे, जबकि उस दिन एक-दूसरे को बुरा-भला कहने और आपस में झगड़ा करने से कुछ लाभ नहीं होगा।

37:28Page 447

قَالُوٓاْ إِنَّكُمۡ كُنتُمۡ تَأۡتُونَنَا عَنِ ٱلۡيَمِينِ ٢٨

They will say, "Indeed, you used to come at us from the right."1

उस दिन अनुयायी उन लोगों से जिनका वे अनुसरण किया करते थे, कहेंगे : (ऐ हमारे प्रमुखो!) तुम हमारे पास धर्म और सत्य का चोला पहनकर आते थे और हमारे लिए अल्लाह के साथ कुफ़्र एवं शिर्क और पाप करने को सुंदर बनाकर पेश करते थे और हमें उस सत्य से घृणित कर देते थे, जो रसूलगण अल्लाह के पास से लाए थे।

37:29Page 447

قَالُواْ بَل لَّمۡ تَكُونُواْ مُؤۡمِنِينَ ٢٩

They [i.e., the oppressors] will say, "Rather, you [yourselves] were not believers,

जिन लोगों का अनुसरण किया गया था, वे अनुसरण करने वालों से कहेंगे : मामला ऐसा नहीं है - जैसा तुमने दावा किया है - सच्चाई यह है कि तुम कुफ़्र पर थे, तुम ईमान लाने वाले नहीं थे। बल्कि, तुम इनकार करने वाले थे।

37:30Page 447

وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيۡكُم مِّن سُلۡطَٰنِۭۖ بَلۡ كُنتُمۡ قَوۡمٗا طَٰغِينَ ٣٠

And we had over you no authority, but you were a transgressing people.

ऐ अनुयायियो! हमारा तुम पर कोई ज़ोर नहीं चलता था कि हम तुम्हें कुफ़्र, शिर्क और गुनाह की राह में ज़बरदस्ती डाल देते। बल्कि तुम खुद ही कुफ़्र और गुमराही में सीमा पार करने वाले थे।

37:31Page 447

فَحَقَّ عَلَيۡنَا قَوۡلُ رَبِّنَآۖ إِنَّا لَذَآئِقُونَ ٣١

So the word [i.e., decree] of our Lord has come into effect upon us; indeed, we will taste [punishment].

तो हम पर और तुम पर अल्लाह का वह वादा सिद्ध हो गया, जो उसने अपने इस कथन में किया था : ﴾لأَمْلأَنَّ جَهَنَّمَ مِنْكَ وَمِمَّنْ تَبِعَكَ مِنْهُمْ أَجْمَعِينَ﴿ ''निश्चय मैं जहन्नम को तुझसे और उन तमाम लोगों से भर दूँगा, जो उनमें से तेरा अनुसरण करेंगे।'' [सूरत साद : 85] अतः हम - अनिवार्य रूप से - वह यातना चखनने वाले हैं, जिसका हमारे पालनहार ने वादा किया था।

37:32Page 447

فَأَغۡوَيۡنَٰكُمۡ إِنَّا كُنَّا غَٰوِينَ ٣٢

And we led you to deviation; indeed, we were deviators."

इसलिए हमने तुम्हें गुमराही और कुफ़्र की ओर बुलाया। क्योंकि हम ख़ुद हिदायत की राह से भटके हुए थे।

37:33Page 447

فَإِنَّهُمۡ يَوۡمَئِذٖ فِي ٱلۡعَذَابِ مُشۡتَرِكُونَ ٣٣

So indeed they, that Day, will be sharing in the punishment.

क़ियामत के दिन अनुसरण करने वाले और जिनका वे अनुसरण करते थे, सब के सब यातना में सहभागी होंगे।

37:34Page 447

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَفۡعَلُ بِٱلۡمُجۡرِمِينَ ٣٤

Indeed, that is how We deal with the criminals.

वास्तव में, जैसा हमने इन लोगों के साथ किया है कि उन्हें यातना चखाई है, वैसे ही हम दूसरे अपराधियों के साथ भी करते हैं।

37:35Page 447

إِنَّهُمۡ كَانُوٓاْ إِذَا قِيلَ لَهُمۡ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا ٱللَّهُ يَسۡتَكۡبِرُونَ ٣٥

Indeed they, when it was said to them, "There is no deity but Allāh," were arrogant

इन मुश्रिकों से जब दुनिया में कहा जाता था कि अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, ताकि उसकी अपेक्षाओं के अनुसार कार्य करें और उसके विपरीत चीज़ों को छोड़ दें, तो वे सत्य से अभिमान और घमंड करते हुए उसे क़बूल करने और मानने से इनकार कर देते थे।

37:36Page 447

وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُوٓاْ ءَالِهَتِنَا لِشَاعِرٖ مَّجۡنُونِۭ ٣٦

And were saying, "Are we to leave our gods for a mad poet?"

और वे अपने कुफ़्र के लिए तर्क देते हुए कहते थे : क्या हम अपने देवताओं की पूजा एक दीवाने कवि के कहने पर छोड़ दें?! ऐसा कहने से उनका तात्पर्य अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम थे।

37:37Page 447

بَلۡ جَآءَ بِٱلۡحَقِّ وَصَدَّقَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ ٣٧

Rather, he [i.e., the Prophet (ﷺ)] has come with the truth and confirmed the [previous] messengers.

वास्तव में, उन्होंने बहुत बड़ा झूठा आरोप लगाया है। क्योंकि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दीवाने या कवि नहीं थे। बल्कि आप वह क़ुरआन लेकर आए हैं, जो अल्लाह को एक मानने (एकेश्वरवाद) और उसके रसूल का अनुसरण करने का आह्वान करता है। तथा रसूलगण अल्लाह के पास से जो तौहीद (एकेश्वरवाद) और आख़िरत का प्रमाण लेकर आए थे, उसमें उनकी पुष्टि की है और किसी भी चीज़ में उनका विरोध नहीं किया है।

37:38Page 447

إِنَّكُمۡ لَذَآئِقُواْ ٱلۡعَذَابِ ٱلۡأَلِيمِ ٣٨

Indeed, you [disbelievers] will be tasters of the painful punishment,

(ऐ मुश्रिको!) तुम निश्चय अपने कुफ़्र और रसूलों को झुठलाने के कारण क़ियामत के दिन दर्दनाक यातना चखने वाले हो।

37:39Page 447

وَمَا تُجۡزَوۡنَ إِلَّا مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ ٣٩

And you will not be recompensed except for what you used to do -

(ऐ मुश्रिको!) तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम दुनिया में अल्लाह के साथ कुफ़्र और गुनाह के कार्य किया करते थे।

37:40Page 447

إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ ٤٠

But not the chosen servants of Allāh.

लेकिन अल्लाह के वे मोमिन बंदे, जिन्हें अल्लाह ने अपनी इबादत के लिए ख़ालिस (विशुद्ध) कर लिया है और उन्होंने खालिस अल्लाह की इबादत की है, वे इस यातना से छुटकारा पाने वाले हैं।

37:41Page 447

أُوْلَٰٓئِكَ لَهُمۡ رِزۡقٞ مَّعۡلُومٞ ٤١

Those will have a provision determined -

उन ख़ालिस (विशुद्ध) किए हुए बंदों के लिए अल्लाह की ओर से प्रदान की हुई रोज़ी है, जिसका पाकीज़ा, अच्छा और स्थायी होना सर्वज्ञात है।

37:42Page 447

فَوَٰكِهُ وَهُم مُّكۡرَمُونَ ٤٢

Fruits;1 and they will be honored

वह जीविका विभिन्न प्रकार के फल हैं, जो उन सबसे अच्छी चीज़ों में से होंगे जो वे खाना चाहेंगे हैं और जिसकी वे इच्छा करेंगे। इससे बढ़कर, वे दर्जों की बुलंदी और अल्लाह के सम्मानित चेहरे को देखने की प्रतिष्ठा से सम्मानित किए गए होंगे।

37:43Page 447

فِي جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ ٤٣

In gardens of pleasure

यह सब उन्हें स्थायी एवं निरंतर नेमत के बागों में प्राप्त होगा, जो न कभी बाधित होगी और न समाप्त होगी।

37:44Page 447

عَلَىٰ سُرُرٖ مُّتَقَٰبِلِينَ ٤٤

On thrones facing one another.

वे तख़्तों पर आमने-सामने बैठे होंगे और एक-दूसरे को देख रहे होंगे।

37:45Page 447

يُطَافُ عَلَيۡهِم بِكَأۡسٖ مِّن مَّعِينِۭ ٤٥

There will be circulated among them a cup [of wine] from a flowing spring,

उनपर ऐसी शराब के प्याले फिराए जाएँगे, जो बहते पानी की तरह साफ़ होगी।

37:46Page 447

بَيۡضَآءَ لَذَّةٖ لِّلشَّٰرِبِينَ ٤٦

White and delicious to the drinkers;

उसका रंग सफ़ेद होगा। जो उसे पिएगा, भरपूर आनंद उठाएगा।

37:47Page 447

لَا فِيهَا غَوۡلٞ وَلَا هُمۡ عَنۡهَا يُنزَفُونَ ٤٧

No bad effect is there in it, nor from it will they be intoxicated.

वह दुनिया की शराब की तरह नहीं होगी। चुनाँचे उसमें ऐसा नशा नहीं होगा जो आदमी को मदहोश कर दे। तथा उसका सेवन करने वाले के सिर में दर्द नहीं होगा। बल्कि उसके पीने वाले का शरीर और उसकी बुद्धि सलामत रहेगी।

37:48Page 447

وَعِندَهُمۡ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ عِينٞ ٤٨

And with them will be women limiting [their] glances,1 with large, [beautiful] eyes,

और उनके पास जन्नत में पवित्र औरतें होंगी, जिनकी नज़रें उनके पतियों के सिवा किसी की ओर नहीं उठेंगी, तथा सुंदर आँखों वाली होंगी।

37:49Page 447

كَأَنَّهُنَّ بَيۡضٞ مَّكۡنُونٞ ٤٩

As if they were [delicate] eggs, well-protected.

मानो वे पीलापन लिए हुए अपने रंगों की सफेदी में पक्षी का संरक्षित अंडा हों, जिसे हाथों ने न छुआ हो।

37:50Page 447

فَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ يَتَسَآءَلُونَ ٥٠

And they will approach one another, inquiring of each other.

फिर कुछ जन्नती दूसरे जन्नतियों से उनके अतीत और दुनिया में उनके साथ पेश आने वाले हालात के बारे में पूछेंगे।

37:51Page 447

قَالَ قَآئِلٞ مِّنۡهُمۡ إِنِّي كَانَ لِي قَرِينٞ ٥١

A speaker among them will say, "Indeed, I had a companion [on earth].

इन ईमान वालों में से एक कहने वाला कहेगा : दुनिया में मेरा एक साथी था, जो दोबारा जीवित होकर उठने का इनकार करता था।

37:52Page 448

يَقُولُ أَءِنَّكَ لَمِنَ ٱلۡمُصَدِّقِينَ ٥٢

Who would say, 'Are you indeed of those who believe

वह मुझसे इनकार करते हुए और व्यंग्यात्मक रूप से कहा करता था : क्या - ऐ मेरे दोस्त - तू भी उन लोगों में से है जो मृतकों के फिर से जीवित किए जाने में विश्वास करते हैं?

37:53Page 448

أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَدِينُونَ ٥٣

That when we have died and become dust and bones, we will indeed be recompensed?'"

क्या जब हम मर गए और हम सड़ी-गली हड्डियाँ हो गए, तो क्या हम अवश्य दोबारा उठाए जाएँगे और हमें हमारे दुनिया में किए हुए कार्यों का बदला दिया जाएगा?

37:54Page 448

قَالَ هَلۡ أَنتُم مُّطَّلِعُونَ ٥٤

He will say,1 "Would you [care to] look?"

उसका ईमान वाला साथी अपने जन्नती दोस्तों से कहेगा : मेरे साथ झाँको, ताकि हम उस साथी का अंजाम देखें, जो मरने के बाद दोबारा उठाए जाने का इनकार किया करता था?

37:55Page 448

فَٱطَّلَعَ فَرَءَاهُ فِي سَوَآءِ ٱلۡجَحِيمِ ٥٥

And he will look and see him1 in the midst of the Hellfire.

चुनाँचे वह झांककर देखेगा, तो अपने साथी को जहन्नम के बीचों-बीच देखेगा।

37:56Page 448

قَالَ تَٱللَّهِ إِن كِدتَّ لَتُرۡدِينِ ٥٦

He will say, "By Allāh, you almost ruined me.

वह कहेगा : अल्लाह की क़सम! (ऐ साथी!) तू क़रीब था कि मुझे कुफ़्र और मरने के बाद दोबारा जीवित होकर उठने के इनकार की ओर बुलाकर मुझे जहन्नम में दाख़िल करके, नष्ट कर देता।

37:57Page 448

وَلَوۡلَا نِعۡمَةُ رَبِّي لَكُنتُ مِنَ ٱلۡمُحۡضَرِينَ ٥٧

If not for the favor of my Lord, I would have been of those brought in [to Hell].

अगर अल्लाह ने ईमान के लिए मार्गदर्शन और उसका सामर्थ्य प्रदान करके मुझपर उपकार न किया होता, तो मैं भी तेरी तरह यातना में उपस्थित किए गए लोगों में शामिल होता।

37:58Page 448

أَفَمَا نَحۡنُ بِمَيِّتِينَ ٥٨

Then, are we not to die

तो हम (जन्नत वाले) कभी मरने वाले नहीं हैं।

37:59Page 448

إِلَّا مَوۡتَتَنَا ٱلۡأُولَىٰ وَمَا نَحۡنُ بِمُعَذَّبِينَ ٥٩

Except for our first death, and we will not be punished?"

दुनिया के जीवन में हमारी पहली मौत के अलावा। बल्कि हम जन्नत में हमेशा के लिए रहेंगे। तथा हमे काफ़िरों की तरह कोई यातना नहीं दी जाएगी।

37:60Page 448

إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ ٦٠

Indeed, this is the great attainment.

यह बदला जो हमारे पालनहार ने हमें दिया है (अर्थात् जन्नत में प्रवेश करना, उसमें हमेशा के लिए रहना और नरक की आग से सुरक्षित रहना) बहुत बड़ी सफलता है, जिसके बराबर कोई सफलता नहीं हो सकती।

37:61Page 448

لِمِثۡلِ هَٰذَا فَلۡيَعۡمَلِ ٱلۡعَٰمِلُونَ ٦١

For the like of this let the workers [on earth] work.

इसी जैसे बड़े बदले के लिए कार्य करने वालों को कार्य करना चाहिए। क्योंकि यही लाभदायक व्यापार है।

37:62Page 448

أَذَٰلِكَ خَيۡرٞ نُّزُلًا أَمۡ شَجَرَةُ ٱلزَّقُّومِ ٦٢

Is that [i.e., Paradise] a better accommodation or the tree of zaqqūm?

क्या यह उल्लेख की गई नेमत जिसे अल्लाह ने अपने उन बंदों के लिए तैयार कर रखी है, जिन्हें अपने आज्ञापालन के लिए विशिष्ट कर लिया है, अधिक अच्छी और बेहतर स्थिति एवं गरिमा वाली है, या क़ुरआन में शापित ज़क़्क़ूम (थोहड़) का पेड़, जो कि काफ़िरों का भोजन है, जो न मोटा करेगा और न भूख मिटाएगा।

37:63Page 448

إِنَّا جَعَلۡنَٰهَا فِتۡنَةٗ لِّلظَّٰلِمِينَ ٦٣

Indeed, We have made it a torment for the wrongdoers.

हमने इस पेड़ को एक परीक्षा बनाया है, जिसके द्वारा उन लोगों को परीक्षा में डाला जाता है, जो कुफ़्र और गुनाहों के द्वारा अत्याचार करने वाले हैं। जैसा कि उन्होंने कहा : आग पेड़ों को खा जाती है; इसलिए यह संभव नहीं है कि आग में पेड़ उगे।

37:64Page 448

إِنَّهَا شَجَرَةٞ تَخۡرُجُ فِيٓ أَصۡلِ ٱلۡجَحِيمِ ٦٤

Indeed, it is a tree issuing from the bottom of the Hellfire,

थोहड़ का पेड़ गंदी जगह में उगने वाला पेड़ है। चुनाँचे वह जहन्नम के तल में उगता है।

37:65Page 448

طَلۡعُهَا كَأَنَّهُۥ رُءُوسُ ٱلشَّيَٰطِينِ ٦٥

Its emerging fruit as if it was heads of the devils.

इसका जो फल निकलता है, वह देखने में बद्सूरत होता है, मानो वह शैतानों का सिर हो, और दृष्टि की कुरूपता अंतरमन की कुरूपता का प्रमाण है। और इसका अर्थ यह है कि इसके फल का स्वाद बहुत खराब है।

37:66Page 448

فَإِنَّهُمۡ لَأٓكِلُونَ مِنۡهَا فَمَالِـُٔونَ مِنۡهَا ٱلۡبُطُونَ ٦٦

And indeed, they will eat from it and fill with it their bellies.

काफ़िर लोग निश्चय उसका कड़वा, बदसूरत फल खाएँगे और उससे अपने खाली पेट भरेंगे।

37:67Page 448

ثُمَّ إِنَّ لَهُمۡ عَلَيۡهَا لَشَوۡبٗا مِّنۡ حَمِيمٖ ٦٧

Then indeed, they will have after it a mixture of scalding water.

फिर उन्हें उन फलों को खाने के बाद पीने के लिए जो चीज़ दी जाएगी, वह एक बदसूरत, गर्म मिश्रण होगा।

Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences

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Ayat al-Kursi36Al-Kahfpage 42juz 15Bukhari 1Muslim 2999

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