Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
الدخان
Ad-Dukhan
The Smoke · Meccan · 59 ayahs
{हा, मीम।} सूरतुल-बक़रा की शुरुआत में इस प्रकार के अक्षरों के बारे में बात गुज़र चुकी है।
अल्लाह ने सत्य का मार्ग दर्शाने वाले क़ुरआन की क़सम खाई है।
44:3Page 496
إِنَّآ أَنزَلۡنَٰهُ فِي لَيۡلَةٖ مُّبَٰرَكَةٍۚ إِنَّا كُنَّا مُنذِرِينَ ٣
Indeed, We sent it down during a blessed night.1 Indeed, We were to warn [mankind].
निःसंदेह हमने क़ुरआन को लैलतुल-क़द्र (सम्मानित रात) में उतारा है, जो बहुत अच्छाइयों वाली रात है। हम इस क़ुरआन के माध्यम से डराने वाले हैं।
44:4Page 496
فِيهَا يُفۡرَقُ كُلُّ أَمۡرٍ حَكِيمٍ ٤
Therein [i.e., on that night] is made distinct1 every precise matter -
इसी रात में आजीविका और मृत्यु (नियत समय) इत्यादि से संबंधित उस साल घटित होने वाले सभी सुदृढ़ मामलों का फैसला किया जाता है।
44:5Page 496
أَمۡرٗا مِّنۡ عِندِنَآۚ إِنَّا كُنَّا مُرۡسِلِينَ ٥
[Every] matter [proceeding] from Us. Indeed, We were to send [a messenger]
हम प्रत्येक सुदृढ़ मामले का फैसला अपनी ओर से करते हैं। निःसंदेह हम ही रसूलों को भेजने वाले हैं।
44:6Page 496
رَحۡمَةٗ مِّن رَّبِّكَۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ ٦
As mercy from your Lord. Indeed, He is the Hearing, the Knowing,
हम रसूलों को (ऐ रसूल!) आपके पालनहार की ओर से, उन लोगों पर दया के रूप में भेजते हैं, जिनकी ओर उन्हें भेजा जाता है। निःसंदेह वह महिमावान अल्लाह अपने बंदों की बातों को सुनने वाला, उनके कामों और इरादों को जानने वाला है। इनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है।
44:7Page 496
رَبِّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَآۖ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ ٧
Lord of the heavens and the earth and that between them, if you would be certain.
वह आकाशों का पालनहार, धरती का पालनहार और उन दोनों के बीच की चीज़ों का पालनहार है। यदि तुम इसपर विश्वास करने वाले हो, तो मेरे रसूल पर ईमान लाओ।
44:8Page 496
لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ يُحۡيِۦ وَيُمِيتُۖ رَبُّكُمۡ وَرَبُّ ءَابَآئِكُمُ ٱلۡأَوَّلِينَ ٨
There is no deity except Him; He gives life and causes death. [He is] your Lord and the Lord of your first forefathers.
उसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। वही जीवित करता और मारता है। उसके सिवा कोई जीवन तथा मृत्यु देने वाला नहीं है। वही तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पहले बाप-दादाओं का पालनहार है।
ये मुश्रिक उसपर विश्वास करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे उसके बारे में संदेह में पड़े हुए हैं और वे जिस झूठ पर क़ायम हैं उसके कारण उससे ग़ाफ़िल हैं।
44:10Page 496
فَٱرۡتَقِبۡ يَوۡمَ تَأۡتِي ٱلسَّمَآءُ بِدُخَانٖ مُّبِينٖ ١٠
Then watch for the Day when the sky will bring a visible smoke
तो (ऐ रसूल!) आप अपनी जाति पर जल्द ही आने वाली यातना की प्रतीक्षा करें, जो उस दिन आएगी, जिस दिन आकाश स्पष्ट धुएँ के साथ आएगा, जिसे वे गंभीर भूख के कारण अपनी आँखों से देख रहे होंगे।
44:11Page 496
يَغۡشَى ٱلنَّاسَۖ هَٰذَا عَذَابٌ أَلِيمٞ ١١
Covering the people; this is a painful torment.
वह यातना आपकी पूरी जाति को अपनी चपेट में ले लेगी और उनसे कहा जाएगा : यह यातना जो तुम्हें पहुँची है, एक दर्दनाक यातना है।
44:12Page 496
رَّبَّنَا ٱكۡشِفۡ عَنَّا ٱلۡعَذَابَ إِنَّا مُؤۡمِنُونَ ١٢
[They will say], "Our Lord, remove from us the torment; indeed, we are believers."
तो वे अपने पालनहार से गिड़गिड़ाते हुए कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! हमसे उस अज़ाब को दूर कर दे, जिसे तूने हमपर भेजा है। अगर तूने उसे हमसे दूर कर दिया, तो हम तुझपर और तेरे रसूल पर ईमान ले आएँगे।
44:13Page 496
أَنَّىٰ لَهُمُ ٱلذِّكۡرَىٰ وَقَدۡ جَآءَهُمۡ رَسُولٞ مُّبِينٞ ١٣
How will there be for them a reminder [at that time]? And there had come to them a clear Messenger.
उनके लिए नसीहत हासिल करने और पश्चाताप कर अपने पालनहार की ओर लौटने का अवसर अब कहाँ रहा, जबकि उनके पास एक स्पष्ट संदेश वाला रसूल आ चुका है और वे उसकी सच्चाई और अमानतदारी से भी अवगत हैं?!
44:14Page 496
ثُمَّ تَوَلَّوۡاْ عَنۡهُ وَقَالُواْ مُعَلَّمٞ مَّجۡنُونٌ ١٤
Then they turned away from him and said, "[He was] taught [and is] a madman."
फिर उन्होंने उस पर विश्वास करने से मुँह फेर लिया और उन्होंने उसके बारे में कहा : वह एक सिखाया हुआ व्यक्ति है, जिसे कोई दूसरा सिखाता है, वह संदेशवाहक नहीं है। तथा उन्होंने उसके बारे में कहा कि : वह पागल है।
44:15Page 496
إِنَّا كَاشِفُواْ ٱلۡعَذَابِ قَلِيلًاۚ إِنَّكُمۡ عَآئِدُونَ ١٥
Indeed, We will remove the torment for a little. Indeed, you [disbelievers] will return [to disbelief].
जब हम तुम पर से यातना को थोड़ा टाल देंगे, तो तुम अपने कुफ़्र और झुठलाने के रवैये की ओर लौट जाओगे।
44:16Page 496
يَوۡمَ نَبۡطِشُ ٱلۡبَطۡشَةَ ٱلۡكُبۡرَىٰٓ إِنَّا مُنتَقِمُونَ ١٦
The Day We will strike with the greatest assault, indeed, We will take retribution.
(ऐ रसूल!) उनके लिए उस दिन की प्रतीक्षा करें, जब हम बद्र के दिन आपकी जाति के काफ़िरों की बड़ी पकड़ करेंगे। निश्चय ही हम उनसे, उनके अल्लाह के साथ कुफ़्र करने और उसके रसूल को झुठलाने के कारण, बदला लेने वाले हैं।
44:17Page 496
۞ وَلَقَدۡ فَتَنَّا قَبۡلَهُمۡ قَوۡمَ فِرۡعَوۡنَ وَجَآءَهُمۡ رَسُولٞ كَرِيمٌ ١٧
And We had already tried before them the people of Pharaoh, and there came to them a noble messenger [i.e., Moses],
निश्चय ही हमने उनसे पहले फ़िरऔन की जाति को आज़माया और उनके पास अल्लाह की ओर से एक सम्मानित रसूल आया, जिसने उन्हें अल्लाह के एकेश्वरवाद (अल्लाह को एकमात्र पूज्य मानने) और उसकी इबादत की ओर आमंत्रित किया। और वह मूसा अलैहिस्सलाम हैं।
44:18Page 496
أَنۡ أَدُّوٓاْ إِلَيَّ عِبَادَ ٱللَّهِۖ إِنِّي لَكُمۡ رَسُولٌ أَمِينٞ ١٨
[Saying], "Render to me the servants of Allāh.1 Indeed, I am to you a trustworthy messenger,"
मूसा ने फ़िरऔन और उसके लोगों से कहा : बनी इसराईल को मेरे लिए छोड़ दो। क्योंकि वे अल्लाह के बंदे हैं। तुम्हें उन्हें दास बनाने का कोई अधिकार नहीं है। मैं तुम्हारे लिए अल्लाह की ओर से एक रसूल बनाकर भेजा गया हूँ। उस बात के प्रति विश्वसनीय हूँ, जिसे उसने मुझे तुमको पहुँचाने का आदेश दिया है, मैं उसमें कुछ कमी या वृद्धि नहीं करता हूँ।
44:19Page 497
وَأَن لَّا تَعۡلُواْ عَلَى ٱللَّهِۖ إِنِّيٓ ءَاتِيكُم بِسُلۡطَٰنٖ مُّبِينٖ ١٩
And [saying], "Be not haughty with Allāh. Indeed, I have come to you with clear evidence.
और तुम लोग अल्लाह की इबादत छोड़कर और उसके बंदों पर आधिपत्य जमाकर, उसके सामने घमंड मत करो। निश्चय मैं तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाण लेकर आया हूँ।
44:20Page 497
وَإِنِّي عُذۡتُ بِرَبِّي وَرَبِّكُمۡ أَن تَرۡجُمُونِ ٢٠
And indeed, I have sought refuge in my Lord and your Lord, lest you stone me.1
मैंने अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की शरण ली है, इस बात से कि तुम पत्थर मार-मारकर मेरी हत्या कर डालो।
44:21Page 497
وَإِن لَّمۡ تُؤۡمِنُواْ لِي فَٱعۡتَزِلُونِ ٢١
But if you do not believe me, then leave me alone."
और अगर तुम मेरे लाए हुए संदेश पर विश्वास नहीं करते, तो मुझसे अलग रहो और किसी बुराई के साथ मेरे निकट न आओ।
44:22Page 497
فَدَعَا رَبَّهُۥٓ أَنَّ هَٰٓؤُلَآءِ قَوۡمٞ مُّجۡرِمُونَ ٢٢
And [finally] he called to his Lord that these were a criminal people.
अंततः मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने पालनहार से प्रार्थना की : ये लोग - अर्थात् फ़िरऔन और उसके प्रमुख - अपराधी हैं, जो जल्द सज़ा दिए जाने के पात्र हैं।
44:23Page 497
فَأَسۡرِ بِعِبَادِي لَيۡلًا إِنَّكُم مُّتَّبَعُونَ ٢٣
[Allāh said], "Then set out with My servants by night. Indeed, you are to be pursued.
तब अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम को अपनी जाति के लोगों को लेकर रातों-रात निकल जाने का आदेश दिया और उन्हें यह भी बता दिया कि फ़िरऔन और उसकी जाति के लोग उनका पीछा करेंगे।
44:24Page 497
وَٱتۡرُكِ ٱلۡبَحۡرَ رَهۡوًاۖ إِنَّهُمۡ جُندٞ مُّغۡرَقُونَ ٢٤
And leave the sea in stillness.1 Indeed, they are an army to be drowned."
तथा उन्हें आदेश दिया कि जब वह और बनी इसराईल समुद्र पार कर लें, तो उसे उसी तरह स्थिर छोड़ दें, जैसा कि वह था। निःसंदेह फ़िरऔन और उसके सैनिक समुद्र में डूबकर विनष्ट होने वाले हैं।
44:25Page 497
كَمۡ تَرَكُواْ مِن جَنَّٰتٖ وَعُيُونٖ ٢٥
How much they left behind of gardens and springs
फ़िरऔन और उसकी जाति के लोग अपने पीछे कितने ही बाग़ और बहते हुए स्रोत छोड़ गए!
तथा वे अपने पीछे कितनी ही खेतियाँ तथा अच्छी सभाएँ छोड़ गए!
और वे अपने पीछे कितनी ही सुख-सामग्रियाँ छोड़ गए, जिनका वे आनंद ले रहे थे।
44:28Page 497
كَذَٰلِكَۖ وَأَوۡرَثۡنَٰهَا قَوۡمًا ءَاخَرِينَ ٢٨
Thus. And We caused to inherit it another people.
उनके साथ ऐसा ही हुआ, जिसका तुमसे वर्णन किया गया है। और हमने उनके बाग़ों, जल स्रोतों, खेतियों और घरों का वारिस अन्य लोगों अर्थात बनी इसराईल को बना दिया।
44:29Page 497
فَمَا بَكَتۡ عَلَيۡهِمُ ٱلسَّمَآءُ وَٱلۡأَرۡضُ وَمَا كَانُواْ مُنظَرِينَ ٢٩
And the heaven and earth wept not for them, nor were they reprieved.
जब फ़िरऔन तथा उसकी जाति के लोग डूब गए, तो उनपर न तो आकाश और धरती ने विलाप किया और न उन्हें तौबा करने की मोहलत दी गई।
44:30Page 497
وَلَقَدۡ نَجَّيۡنَا بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ مِنَ ٱلۡعَذَابِ ٱلۡمُهِينِ ٣٠
And We certainly saved the Children of Israel from the humiliating torment -
वस्तुतः हमने बनी इसराईल को अपमानजनक यातना से बचा लिया। क्योंकि फ़िरऔन और उसकी जाति के लोग उनके बेटों को मार डालते थे और उनकी स्त्रियों को जीवित रहने देते थे।
44:31Page 497
مِن فِرۡعَوۡنَۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَالِيٗا مِّنَ ٱلۡمُسۡرِفِينَ ٣١
From Pharaoh. Indeed, he was a haughty one among the transgressors.
हमने उन्हें फ़िरऔन के उत्पीड़न से बचा लिया। निश्चय वह अल्लाह के आदेश तथा उसके धर्म का उल्लंघन करने वालों में से एक घमंडी व्यक्ति था।
44:32Page 497
وَلَقَدِ ٱخۡتَرۡنَٰهُمۡ عَلَىٰ عِلۡمٍ عَلَى ٱلۡعَٰلَمِينَ ٣٢
And We certainly chose them by knowledge over [all] the worlds.
तथा हमने बनी इसराईल को अपने ज्ञान के आधार पर उनके समय के लोगों पर चुन लिया, उनके नबियों की अधिकता के कारण।
44:33Page 497
وَءَاتَيۡنَٰهُم مِّنَ ٱلۡأٓيَٰتِ مَا فِيهِ بَلَٰٓؤٞاْ مُّبِينٌ ٣٣
And We gave them of signs that in which there was a clear trial.
और हमने उन्हें मूसा अलैहिस्सलाम के समर्थन में ऐसे प्रमाण और सबूत दिए, जिसमें उनके लिए स्पष्ट अनुग्रह थी, जैसे कि मन्न और सलवा इत्यादि।
निश्चय ये झुठलाने वाले मुश्रिक मरणोपरांत पुनर्जीवित किए जाने का इनकार करते हुए कहते हैं :
44:35Page 497
إِنۡ هِيَ إِلَّا مَوۡتَتُنَا ٱلۡأُولَىٰ وَمَا نَحۡنُ بِمُنشَرِينَ ٣٥
"There is not but our first death, and we will not be resurrected.
यह केवल हमारी पहली मृत्यु है, इसके बाद कोई जीवन नहीं है। तथा हम इस मृत्यु के बाद पुनर्जीवित नहीं किए जाएँगे।
44:36Page 497
فَأۡتُواْ بِـَٔابَآئِنَآ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ ٣٦
Then bring [back] our forefathers, if you should be truthful."
तो (ऐ मुहम्मद!) तुम और तुम्हारे साथ मौजूद तुम्हारे अनुयायी, हमारे उन बाप-दादाओं को जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जीवित करके ले आओ, यदि तुम अपने इस दावे में सच्चे हो कि अल्लाह मरे हुए लोगों को हिसाब और बदले के लिए पुनः जीवित करके उठाएगा।
44:37Page 497
أَهُمۡ خَيۡرٌ أَمۡ قَوۡمُ تُبَّعٖ وَٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡ أَهۡلَكۡنَٰهُمۡۚ إِنَّهُمۡ كَانُواْ مُجۡرِمِينَ ٣٧
Are they better or the people of Tubbaʿ1 and those before them? We destroyed them, [for] indeed, they were criminals.
क्या (ऐ रसूल!) आपको झुठलाने वाले ये मुश्रिक शक्ति और ताकत में बेहतर हैं या तुब्बा' समुदाय और वे लोग जो उनसे पहले थे, जैसे आद और समूद। हमने उन सभी को नष्ट कर दिया। निःसंदेह वे अपराधी थे।
44:38Page 497
وَمَا خَلَقۡنَا ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَمَا بَيۡنَهُمَا لَٰعِبِينَ ٣٨
And We did not create the heavens and earth and that between them in play.
हमने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है, उन्हें खेल के रूप में नहीं बनाया।
44:39Page 497
مَا خَلَقۡنَٰهُمَآ إِلَّا بِٱلۡحَقِّ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ ٣٩
We did not create them except in truth, but most of them do not know.
हमने आकाशों तथा धरती को एक बड़ी हिकमत के तहत पैदा किया है, लेकिन अधिकांश बहुदेववादियों को इसकी जानकारी नहीं है।
44:40Page 498
إِنَّ يَوۡمَ ٱلۡفَصۡلِ مِيقَٰتُهُمۡ أَجۡمَعِينَ ٤٠
Indeed, the Day of Judgement is the appointed time for them all -
निःसंदेह क़ियामत का दिन, जिस दिन अल्लाह बंदों के बीच निर्णय करेगा, सभी प्राणियों के लिए एक नियत समय है, जिसमें अल्लाह उन्हें इकट्ठा करेगा।
44:41Page 498
يَوۡمَ لَا يُغۡنِي مَوۡلًى عَن مَّوۡلٗى شَيۡـٔٗا وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ ٤١
The Day when no relation1 will avail a relation at all, nor will they be helped -
जिस दिन कोई रिश्तेदार अपने रिश्तेदार को और कोई मित्र अपने मित्र को कुछ लाभ नहीं पहुँचाएगा, और न ही वे अल्लाह की यातना से बचाए जाएँगे। क्योंकि उस दिन सत्ता केवल अल्लाह के हाथ में होगी। कोई भी उसका दावा नहीं कर सकता।
44:42Page 498
إِلَّا مَن رَّحِمَ ٱللَّهُۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ٤٢
Except those [believers] on whom Allāh has mercy. Indeed, He is the Exalted in Might, the Merciful.
सिवाय उस व्यक्ति के, जिसपर अल्लाह दया करे, तो उसे अपने किए हुए अच्छे कामों का लाभ होगा। निःसंदेह अल्लाह वह प्रभुत्वशाली है, जिसे कोई परास्त नहीं कर सकता, जो अपने तौबा करने वाले बंदों पर अत्यंत दयालु है।
निःसंदेह ज़क़्क़ूम (थूहड़) का पेड़, जिसे अल्लाह ने जहन्नम के पाताल में उगाया है।
(वह) महा पाप वाले व्यक्ति अर्थात् काफ़िर का खाना है, जो उसके दुष्ट फल को खाएगा।
यह फल काले तेल की तरह होगा, जो तीव्र गर्मी से उनके पेट में खौलता होगा।
जिस तरह अत्यंत गर्म पानी खौलता है।
44:47Page 498
خُذُوهُ فَٱعۡتِلُوهُ إِلَىٰ سَوَآءِ ٱلۡجَحِيمِ ٤٧
[It will be commanded], "Seize him and drag him into the midst of the Hellfire,
और जहन्नम के पहरेदारों से कहा जाएगा : इसे पकड़ो, तथा सख़्ती एवं कठोरता के साथ घसीटकर जहन्नम के बीच तक ले जाओ।
44:48Page 498
ثُمَّ صُبُّواْ فَوۡقَ رَأۡسِهِۦ مِنۡ عَذَابِ ٱلۡحَمِيمِ ٤٨
Then pour over his head from the torment of scalding water."
फिर इस यातना दिए जाने वाले व्यक्ति के सिर पर गरम पानी उंडेल दो। चुनाँचे यातना उसका पीछा नहीं छोड़ेगी।
44:49Page 498
ذُقۡ إِنَّكَ أَنتَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡكَرِيمُ ٤٩
[It will be said], "Taste! Indeed, you are the honored, the noble!1
तथा उसे व्यंग्यपूर्वक कहा जाएगा : इस दर्दनाक यातना का स्वाद चख; निःसंदेह तू ही वह व्यक्ति है, जो बड़ा शक्तिशाली और अपनी जाति के अंदर बड़ा सम्मानित और आदरणीय था।
यह वही यातना है, जिसके क़ियामत के दिन घटित होने के बारे में तुम संदेह करते थे। परंतु अब उसे अपनी आँखों से देखकर तुम्हारा संदेह दूर हो गया।
44:51Page 498
إِنَّ ٱلۡمُتَّقِينَ فِي مَقَامٍ أَمِينٖ ٥١
Indeed, the righteous will be in a secure place:
निःसंदेह अपने पालनहार से, उसके आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई चीज़ों से दूर रहकर, डरने वाले लोग, एक ऐसे निवास की जगह में होंगे, जहाँ हर बुराई और नुकसान से सुरक्षित होंगे।
बाग़ों तथा बहते जल स्राेतों में होंगेl
44:53Page 498
يَلۡبَسُونَ مِن سُندُسٖ وَإِسۡتَبۡرَقٖ مُّتَقَٰبِلِينَ ٥٣
Wearing [garments of] fine silk and brocade, facing each other.
वे जन्नत में पतले और मोटे रेशम के कपड़े पहने हुए, एक-दूसरे के आमने-सामने बैठे होंगे। कोई किसी की पीठ नहीं देखेगा।
44:54Page 498
كَذَٰلِكَ وَزَوَّجۡنَٰهُم بِحُورٍ عِينٖ ٥٤
Thus. And We will marry them to fair women with large, [beautiful] eyes.
जिस तरह हमने उन्हें उपर्युक्त चीज़ों से सम्मानित किया, उसी तरह हम जन्नत में उनका विवाह ऐसी सुंदर स्त्रियों से कर देंगे, जो बड़ी-बड़ी आँखों वाली होंगी और उन आँखों की सफेदी बहुत सफेद तथा उनका कालापन बहुत काला होगा।
44:55Page 498
يَدۡعُونَ فِيهَا بِكُلِّ فَٰكِهَةٍ ءَامِنِينَ ٥٥
They will call therein for every [kind of] fruit - safe and secure.
वे वहाँ अपने सेवकों से इच्छानुसार हर प्रकार के फल मंगवाएँगे। वे उन फलों के खत्म होने और उनके हानिकारक प्रभावों से सुरक्षित होंगे।
44:56Page 498
لَا يَذُوقُونَ فِيهَا ٱلۡمَوۡتَ إِلَّا ٱلۡمَوۡتَةَ ٱلۡأُولَىٰۖ وَوَقَىٰهُمۡ عَذَابَ ٱلۡجَحِيمِ ٥٦
They will not taste death therein except the first death, and He will have protected them from the punishment of Hellfire
उसी में सदैव रहेंगे। वे दुनिया के जीवन में होने वाली पहली मौत के सिवा, उसमें मौत का स्वाद नहीं चखेंगे। तथा उनका पालनहार उन्हें जहन्नम की यातना से सुरक्षित रखेगा।
44:57Page 498
فَضۡلٗا مِّن رَّبِّكَۚ ذَٰلِكَ هُوَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ ٥٧
As bounty from your Lord. That is what is the great attainment.
यह आपके पालनहार की ओर से उनपर अनुग्रह और उपकार के तौर पर होगा। यह उपर्युक्त - अर्थात उन्हें जन्नत में प्रवेश देना और जहन्नम से बचाना - ही बड़ी सफलता है, जिसकी बराबरी कोई सफलता नहीं कर सकती।
44:58Page 498
فَإِنَّمَا يَسَّرۡنَٰهُ بِلِسَانِكَ لَعَلَّهُمۡ يَتَذَكَّرُونَ ٥٨
And indeed, We have eased it [i.e., the Qur’ān] in your tongue that they might be reminded.
हमने इस क़ुरआन को (ऐ रसूल!) आपकी अरबी भाषा में उतारकर सरल और आसान कर दिया है, ताकि वे नसीहत पकड़ें।
44:59Page 498
فَٱرۡتَقِبۡ إِنَّهُم مُّرۡتَقِبُونَ ٥٩
So watch, [O Muḥammad]; indeed, they are watching [for your end].
अतः आप अपनी जीत और उनके विनाश की प्रतीक्षा करें। निःसंदेह वे (भी) आपके विनाश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences