Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
النبإ
An-Naba
The Tidings · Meccan · 40 ayahs
ये मुश्रिक लोग, रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के उनकी ओर भेजे जाने के बाद, किस चीज़ के बारे में एक-दूसरे से पूछ रहे हैं?!
वे एक-दूसरे से बहुत बड़ी ख़बर के विषय में पूछ रहे हैं। और वह उनके रसूल पर अवतरित यह क़ुरआन है, जिसमें दोबारा उठाए जाने की सूचना है।
यह क़ुरआन है, जिसका वर्णन करने में उनका मतभेद है कि वह जादू है, या कविता, या ज्योतिष या पहले लोगों की कहानियाँ।
मामला वैसा नहीं है, जैसा वे समझते हैं। क़ुरआन को झुठलाने वाले ये लोग शीघ्र ही अपने झुठलाने के बुरे परिणाम को जान लेंगे।
फिर उनके लिए इसकी पुष्टि हो जाएगी।
क्या हमने धरती को उनके लिए सपाट नहीं बनाया, जो उनके उसपर बसने के लिए उपयुक्त है?!
और हमने पहाड़ों को धरती के ऊपर मेखों की तरह बनाया, जो उसे हिलने-डुलने से रोकते हैं।
और (ऐ लोगो) हमने तुम्हें नर और मादा के रूप में पैदा किया।
और हमने तुम्हारी नींद को गतिविधि से रुकने का कारण बनाया, ताकि तुम आराम कर सको।
और हमने रात को अपने अंधेरे के साथ तुम्हारे लिए आवरण बनाया, जैसे तुम कपड़े से अपनी शर्मगाहों को छिपाते हो।
और हमने दिन को कमाने और रोज़ी तलाश करने का समय बनाया।
78:12Page 582
وَبَنَيۡنَا فَوۡقَكُمۡ سَبۡعٗا شِدَادٗا ١٢
And constructed above you seven strong [heavens]
और हमने तुम्हारे ऊपर मज़बूत तथा सुदृढ़ रूप से निर्मित सात आकाश बनाए।
और हमने सूरज को तेज़ जलने वाला और रौशनी देने वाला दीप बनाया।
78:14Page 582
وَأَنزَلۡنَا مِنَ ٱلۡمُعۡصِرَٰتِ مَآءٗ ثَجَّاجٗا ١٤
And sent down from the rain clouds pouring water
और हमने उन बादलों से, जो बरसने ही वाले थे, बहुत बरसने वाला पानी उतारा।
78:15Page 582
لِّنُخۡرِجَ بِهِۦ حَبّٗا وَنَبَاتٗا ١٥
That We may bring forth thereby grain and vegetation
ताकि हम उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अन्न और नाना प्रकार की वनस्पतियाँ उगाएँ।
और उसके द्वारा ऐसे बाग़ उगाएँ, जो अपने पेड़ों की शाखाओं के आपस में गुथे होने के कारण गुंजान और घने हैं।
78:17Page 582
إِنَّ يَوۡمَ ٱلۡفَصۡلِ كَانَ مِيقَٰتٗا ١٧
Indeed, the Day of Judgement is an appointed time -
निःसंदेह प्राणियों के बीच निर्णय के दिन का एक समय निर्धारित है, जो टल नहीं सकता।
78:18Page 582
يَوۡمَ يُنفَخُ فِي ٱلصُّورِ فَتَأۡتُونَ أَفۡوَاجٗا ١٨
The Day the Horn is blown and you will come forth in multitudes
जिस दिन फ़रिश्ता सूर में दूसरी बार फूँक मारेगा, तो (ऐ लोगो) तुम गिरोह के गिरोह चले आओगे।
78:19Page 582
وَفُتِحَتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتۡ أَبۡوَٰبٗا ١٩
And the heaven is opened and will become gateways
और आकाश को खोल दिया जाएगा, तो उसमें खुले दरवाज़ों की तरह छेद और दरारें हो जाएँगी।
78:20Page 582
وَسُيِّرَتِ ٱلۡجِبَالُ فَكَانَتۡ سَرَابًا ٢٠
And the mountains are removed and will be [but] a mirage.
और पहाड़ों को चलाया जाएगा, यहाँ तक कि वे बिखरे हुए धूल में बदल जाएँगे और मरीचिका की तरह हो जाएँगे।
निश्चय जहन्नम घात लगाकर प्रतीक्षा में है।
ज़ालिमों के लिए लौटने की जगह है, जहाँ वे लौटकर जाएँगे।
जिसमें वे अंतहीन युगों और कालों तक रहेंगे।
78:24Page 582
لَّا يَذُوقُونَ فِيهَا بَرۡدٗا وَلَا شَرَابًا ٢٤
They will not taste therein [any] coolness or drink.
वे उसमें न ठंडी हवा का स्वाद ले सकेंगे, जो उनसे दोज़ख़ की गर्मी को शांत कर सके, और न ही वे उसमें कोई आनंददायक पेय चखेंगे।
वे अत्यंत गर्म पानी और जहन्नम के लोगों से बहने वाले मवाद के अलावा कुछ भी नहीं चखेंगे।
यह उनके कुफ़्र एवं गुमराही के अनुरूप बदला है।
निश्चय वे दुनिया में इस बात से नहीं डरते थे कि अल्लाह आख़िरत में उनका हिसाब लेगा। क्योंकि वे मरणोपरांत दोबारा जीवित होने में विश्वास नहीं करते थे। अगर वे दोबारा ज़िंदा होने का भय रखते, तो अल्लाह पर अवश्य ईमान लाते और अच्छे कार्य करते।
तथा उन्होंने हमारे रसूल पर उतरने वाली हमारी आयतों को बुरी तरह झुठलाया।
और हमने उनके हर कार्य को संरक्षित कर लिया है और उसे गिन रखा है। और वह उनके कर्मपत्रों में लिखा हुआ है।
78:30Page 582
فَذُوقُواْ فَلَن نَّزِيدَكُمۡ إِلَّا عَذَابًا ٣٠
"So taste [the penalty], and never will We increase you except in torment."1
अब (ऐ सरकशो) तुम इस स्थायी यातना का मज़ा चखो। हम तुम्हारे लिए यातना पर यातना ही बढ़ाते रहेंगे।
निश्चय जो लोग अपने पालनहार से, उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, डरते हैं, उनके लिए कामयाबी का एक स्थान है, जिसमें वे अपनी मुराद प्राप्त कर लेंगे और वह जन्नत है।
बाग़ और अंगूर हैं।
और समान आयु वाली नवयुवतियाँ हैं।
और शराब से भरे हुए जाम हैं।
78:35Page 583
لَّا يَسۡمَعُونَ فِيهَا لَغۡوٗا وَلَا كِذَّٰبٗا ٣٥
No ill speech will they hear therein or any falsehood -
वे जन्नत में कोई निरर्थक बात नहीं सुनेंगे और न कोई झूठ सुनेंगे और न वे एक-दूसरे को झुठलाएँगे।
78:36Page 583
جَزَآءٗ مِّن رَّبِّكَ عَطَآءً حِسَابٗا ٣٦
[As] reward from your Lord, [a generous] gift [made due by] account,1
यह सब अल्लाह ने उन्हें अपने उपकार एवं एहसान स्वरूप ऐसा प्रदान दिया है जो व्याप्त एवं पर्याप्त है।
78:37Page 583
رَّبِّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا ٱلرَّحۡمَٰنِۖ لَا يَمۡلِكُونَ مِنۡهُ خِطَابٗا ٣٧
[From] the Lord of the heavens and the earth and whatever is between them, the Most Merciful. They possess not from Him [authority for] speech.1
जो आकाशों और धरती का पालनहार तथा उन दोनों के बीच की समस्त चीज़ों का पालनहार है, जो दुनिया तथा आख़िरत में अत्यंत दयावान् है। धरती या आकाश में मोजूद लोगों में से किसी को भी उससे पूछने का अधिकार नहीं होगा, सिवाय इसके कि वह उन्हें अनुमति प्रदान कर दे।
78:38Page 583
يَوۡمَ يَقُومُ ٱلرُّوحُ وَٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ صَفّٗاۖ لَّا يَتَكَلَّمُونَ إِلَّا مَنۡ أَذِنَ لَهُ ٱلرَّحۡمَٰنُ وَقَالَ صَوَابٗا ٣٨
The Day that the Spirit [i.e., Gabriel] and the angels will stand in rows, they will not speak except for one whom the Most Merciful permits, and he will say what is correct.
जिस दिन जिबरील और फ़रिश्ते पंक्तिबद्ध खड़े होंगे, वे किसी की सिफ़ारिश के लिए ज़बान नहीं खोलेंगे, सिवाय उसके जिसके लिए अत्यंत दयावान् (अल्लाह) सिफ़ारिश करने की अनुमति प्रदान कर देगा, और वह ठीक बात कहेगा, जैसे तौह़ीद (एकेश्वरवाद) का कलिमा।
78:39Page 583
ذَٰلِكَ ٱلۡيَوۡمُ ٱلۡحَقُّۖ فَمَن شَآءَ ٱتَّخَذَ إِلَىٰ رَبِّهِۦ مَـَٔابًا ٣٩
That is the True [i.e., certain] Day; so he who wills may take to his Lord a [way of] return.1
यह (दिन) जिसका तुम्हारे सामने वर्णन हुआ, वह दिन है जिसके आने में कोई संदेह नहीं है। अतः जो उस दिन अल्लाह की यातना से बचना चाहता है, वह अपने पालनहार को प्रसन्न करने वाले कार्य करके उसके लिए रास्ता बना ले।
78:40Page 583
إِنَّآ أَنذَرۡنَٰكُمۡ عَذَابٗا قَرِيبٗا يَوۡمَ يَنظُرُ ٱلۡمَرۡءُ مَا قَدَّمَتۡ يَدَاهُ وَيَقُولُ ٱلۡكَافِرُ يَٰلَيۡتَنِي كُنتُ تُرَٰبَۢا ٤٠
Indeed, We have warned you of an impending punishment on the Day when a man will observe what his hands have put forth1 and the disbeliever will say, "Oh, I wish that I were dust!"
हमने (ऐ लोगो) तुम्हें एक ऐसी यातना से सावधान कर दिया है, जो निकट ही घटित होने वाली है। जिस दिन मनुष्य इस दुनिया में अपने किए हुए काम को देख लेगा, और काफ़िर व्यक्ति यातना से मुक्ति की कामना करते हुए कहेगा : ऐ काश कि मैं जानवरों की तरह मिट्टी हो जाता! यह उस समय कहेगा, जब क़ियामत के दिन जानवरों से कहा जाएगा : तुम मिट्टी हो जाओ।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences