Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
الليل
Al-Layl
The Night · Meccan · 21 ayahs
अल्लाह ने रात की क़सम खाई है, जब वह आसमान और ज़मीन के बीच को अपने अंधेरे के साथ ढाँप ले।
और दिन की क़सम खाई है, जब वह प्रकट होकर प्रकाशमान हो जाए।
तथा उसने अपने नर और मादा को पैदा करने की क़सम खाई है।
(ऐ लोगो) निश्चय तुम्हारे काम अलग-अलग प्रकार के हैं। कुछ अच्छे कर्म हैं, जो जन्नत में प्रवेश करने का कारण हैं, और कुछ बुरे कर्म हैं, जो नरक में प्रवेश करने का कारण हैं।
फिर जिसने उस चीज़ को दिया, जिसे देने के लिए वह बाध्य है; जैसे ज़कात, गुज़ारा-भत्ता और कफ़्फ़ारा आदि, और उससे बचा, जिससे अल्लाह ने मना किया है।
और अल्लाह ने बदले का जो वादा किया है, उसे सच्चा माना।
हम उसके लिए नेक काम करना और अल्लाह के मार्ग में ख़र्च करना आसान बना देंगे।
92:8Page 595
وَأَمَّا مَنۢ بَخِلَ وَٱسۡتَغۡنَىٰ ٨
But as for he who withholds and considers himself free of need
रहा वह व्यक्ति जिसने अपने माल में कंजूसी की और उसे उस चीज़ में खर्च नहीं किया, जिसमें उसका ख़र्च करना उसके लिए अनिवार्य था, तथा अपने माल के साथ अल्लाह से बेपरवाह हो गया। इसलिए अल्लाह से उसके अनुग्रह में से कुछ नहीं मांगा।
और अल्लाह ने उससे प्रतिकार का और अपने रास्ते में धन खर्च करने पर सवाब का जो वादा किया है, उसे झुठलाया।
हम उसके लिए बुराई करना आसान बना देंगे और अच्छा काम करना मुश्किल कर देंगे।
92:11Page 595
وَمَا يُغۡنِي عَنۡهُ مَالُهُۥٓ إِذَا تَرَدَّىٰٓ ١١
And what will his wealth avail him when he falls?1
जब वह विनष्ट होकर जहन्नम में प्रवेश करेगा, तो उसका वह धन जिसे खर्च करने में उसने कंजूसी की थी, उसके कुछ काम नहीं आएगा।
निःसंदेह असत्य से सत्य का मार्ग स्पष्ट करना हमारे ही ज़िम्मे है।
92:13Page 595
وَإِنَّ لَنَا لَلۡأٓخِرَةَ وَٱلۡأُولَىٰ ١٣
And indeed, to us belongs the Hereafter and the first [life].
निःसंदेह हमारे ही अधिकार में आख़िरत का जीवन और हमारे ही अधिकार में सांसारिक जीवन है। हम जो कुछ भी चाहते हैं, उनमें करते हैं और यह अधिकार हमारे अलावा किसी और को नहीं है।
तो (ऐ लोगो) यदि तुम अल्लाह की अवज्ञा करते हो, तो मैंने तुम्हें भड़कती हुई आग से सावधान कर दिया है।
92:15Page 596
لَا يَصۡلَىٰهَآ إِلَّا ٱلۡأَشۡقَى ١٥
None will [enter to] burn therein except the most wretched one
इस आग की गर्मी को केवल वही व्यक्ति झेलेगा, जो सबसे बड़ा अभागा है और वह काफ़िर है।
जिसने रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के लाए हुए संदेश को झुठला दिया और अल्लाह के आदेश का पालन करने से मुँह फेरा।
और उससे सबसे बड़े परहेज़गार व्यक्ति अर्थात् अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु को बचा लिया जाएगा।
92:18Page 596
ٱلَّذِي يُؤۡتِي مَالَهُۥ يَتَزَكَّىٰ ١٨
[He] who gives [from] his wealth to purify himself
जो गुनाहों से पवित्र होने के लिए अपना धन नेकी के रास्तों में ख़र्च करता है।
92:19Page 596
وَمَا لِأَحَدٍ عِندَهُۥ مِن نِّعۡمَةٖ تُجۡزَىٰٓ ١٩
And not [giving] for anyone who has [done him] a favor to be rewarded1 –
वह अपना माल इसलिए नहीं खर्च करता कि उसपर किसी का उपकार है, जिसे वह चुकाना चाहता है।
92:20Page 596
إِلَّا ٱبۡتِغَآءَ وَجۡهِ رَبِّهِ ٱلۡأَعۡلَىٰ ٢٠
But only seeking the face [i.e., acceptance] of his Lord, Most High.
वह जो माल ख़र्च करता है, उससे वह केवल अपने रब का चेहरा चाहता है, जो अपनी मखलूक़ पर सर्वोच्च है।
और निश्चय वह उस उदार बदले से संतुष्ट हो जाएगा, जो अल्लाह उसे प्रदान करेगा।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences