Al-Mukhtasar · Tafsir · in Hindi
Ash-Shu'ara 26:147–219
बाग़ों तथा बहते जल स्राेतों में।
26:148Page 373
وَزُرُوعٖ وَنَخۡلٖ طَلۡعُهَا هَضِيمٞ ١٤٨
And fields of crops and palm trees with softened fruit?
तथा खेतों और खजूर के बागों में, जिनके फल मुलायम और पके हुए हैं।
26:149Page 373
وَتَنۡحِتُونَ مِنَ ٱلۡجِبَالِ بُيُوتٗا فَٰرِهِينَ ١٤٩
And you carve out of the mountains, homes, with skill.
और तुम पर्वतों को काटकर रहने के लिए घर बनाते हो और तुम उनको तराशने में कुशल हो।
अतः तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा जो मैंने तुम्हें आदेश दिया है और जो तुम्हें करने से मना किया है, उसमें मेरा कहा मानो।
26:151Page 373
وَلَا تُطِيعُوٓاْ أَمۡرَ ٱلۡمُسۡرِفِينَ ١٥١
And do not obey the order of the transgressors,
तथा उन लोगों के आदेश का पालन न करो, जो पाप करके अपने ऊपर अत्याचार करने वाले हैं।
26:152Page 373
ٱلَّذِينَ يُفۡسِدُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا يُصۡلِحُونَ ١٥٢
Who cause corruption in the land and do not amend."
जो पाप फैलाकर धरती में बिगाड़ पैदा करते हैं और अल्लाह का आज्ञापालन करके अपने आपको सुधारने का काम नहीं करते हैं।
26:153Page 373
قَالُوٓاْ إِنَّمَآ أَنتَ مِنَ ٱلۡمُسَحَّرِينَ ١٥٣
They said, "You are only of those affected by magic.
उसकी जाति के लोगों ने कहा : तू तो उन लोगों में से है, जिनपर बार-बार जादू किया गया है। यहाँ तक कि जादू उनके दिमाग पर हावी हो गया है और उसे निष्क्रिय कर दिया है।
26:154Page 373
مَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُنَا فَأۡتِ بِـَٔايَةٍ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ ١٥٤
You are but a man like ourselves, so bring a sign, if you should be of the truthful."
तू केवल हमारे ही जैसा एक मनुष्य है। इसलिए तुझे हमारे ऊपर कोई विशेषता हासिल नहीं है कि तू रसूल बन सके। अतः यदि तुम अपने रसूल होने के दावे में सच्चे हो, तो कोई ऐसी निशानी ले आओ, जो प्रमाणित करे कि तुम रसूल हो।
26:155Page 373
قَالَ هَٰذِهِۦ نَاقَةٞ لَّهَا شِرۡبٞ وَلَكُمۡ شِرۡبُ يَوۡمٖ مَّعۡلُومٖ ١٥٥
He said, "This is a she-camel.1 For her is a [time of] drink, and for you is a [time of] drink, [each] on a known day.
सालेह अलैहिस्सलाम ने (जिन्हें अल्लाह ने एक निशानी दी थी, जो एक ऊँटनी थी जिसे अल्लाह ने चट्टान से निकाला था) उनसे कहा : यह ऊँटनी है जिसे देखा और छुआ जा सकता है। इसके लिए पानी का एक हिस्सा है, और तुम्हारे लिए भी एक ज्ञात हिस्सा है। यह उस दिन पानी नहीं पिएगी, जिस दिन तुम्हारा हिस्सा है और जिस दिन उसका हिस्सा है, उस दिन तुम पानी नही पिओगे।
26:156Page 373
وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُوٓءٖ فَيَأۡخُذَكُمۡ عَذَابُ يَوۡمٍ عَظِيمٖ ١٥٦
And do not touch her with harm, lest you be seized by the punishment of a terrible day."
तथा तुम इसे हानि पहुँचाने जैसे कि हत्या करने या मारने-पीटने की नीयत से हाथ न लगाना, अन्यथा इसके कारण तुम्हें अल्लाह की ओर से ऐसी यातना आ पकड़ेगी जो तुम्हें नष्ट कर देगी एक ऐसे दिन में, जो उसमें तुमपर उतरने वाली विपत्ति के कारण बहुत भयानक होगा।
26:157Page 373
فَعَقَرُوهَا فَأَصۡبَحُواْ نَٰدِمِينَ ١٥٧
But they hamstrung her and so became regretful.
सो वे उसकी हत्या करने पर सहमत हो गए और उनमें से सबसे अभागे व्यक्ति ने उसे मार डाला। फिर वे अपने किए पर पछताने लगे, जब उन्हें पता चला कि यातना अनिवार्य रूप से उनपर आने वाली है। लेकिन यातना देख लेने के समय पछताने से कोई लाभ नहीं होता।
26:158Page 373
فَأَخَذَهُمُ ٱلۡعَذَابُۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ١٥٨
And the punishment seized them. Indeed in that is a sign, but most of them were not to be believers.
अंततः उन्हें उस यातना ने पकड़ लिया, जिसका उन्हें वादा किया गया था, जो भूकंप और तेज़ चीख थी। सालेह तथा उसकी जाति की इस कहानी में सीख ग्रहण करने वालों के लिए निश्चय बड़ी सीख है। तथा उनमें से अधिकतर ईमान लाने वाले नहीं थे।
26:159Page 373
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ١٥٩
And indeed, your Lord - He is the Exalted in Might, the Merciful.
और निःसंदेह (ऐ रसूल!) आपका पालनहार ही वह प्रभुत्वशाली है, जो अपने दुश्मनों से बदला लेता है, तथा उनमें से तौबा करने वालों पर बहुत दयालु है।
लूत अलैहिस्सलाम की जाति ने (भी) अपने नबी लूत अलैहिस्सलाम को झुठलाकर समस्त रसूलों को झुठला दिया।
26:161Page 374
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ لُوطٌ أَلَا تَتَّقُونَ ١٦١
When their brother Lot said to them, "Will you not fear Allāh?
जब उनके वंश के भाई लूत ने उनसे कहा : क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं कि उसके भय के कारण उसके साथ किसी को साझी ठहराना छोड़ दो?!
निःसंदेह मैं तुम्हारा रसूल हूँ, अल्लाह ने मुझे तुम्हारी ओर भेजा है। (मैं) अल्लाह का संदेश पहुँचाने के कार्य में अमानतदार हूँ, उसमें कोई कमी-बेशी नहीं करता।
अतः तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा जिसका मैं तुम्हें आदेश देता हूँ और जिससे मैं तुम्हें मना करता हूँ, उसमें मेरा कहा मानो।
26:164Page 374
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٦٤
And I do not ask you for it any payment. My payment is only from the Lord of the worlds.
और जो कुछ मैं अपने रब की ओर से तुम्हें संदेश पहुँचाता हूँ, मैं तुमसे उसका बदला नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारी सृष्टि के रब अल्लाह के ज़िम्मे है, किसी अन्य के नहीं।
26:165Page 374
أَتَأۡتُونَ ٱلذُّكۡرَانَ مِنَ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٦٥
Do you approach males among the worlds1
क्या तुम लोगों में से पुरुषों के साथ गुदा संभोग करते हाे?!
26:166Page 374
وَتَذَرُونَ مَا خَلَقَ لَكُمۡ رَبُّكُم مِّنۡ أَزۡوَٰجِكُمۚ بَلۡ أَنتُمۡ قَوۡمٌ عَادُونَ ١٦٦
And leave what your Lord has created for you as mates? But you are a people transgressing."
और तुम अपनी पत्नियों की अगली शर्मगाहों में संभोग करना छोड़ देते हो, जिन्हें अल्लाह ने इसलिए बनाया है ताकि तुम उनसे अपनी वासनाओं को पूरा करो?! बल्कि इस घृणित विकृति से तुम अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने वाले हो।
26:167Page 374
قَالُواْ لَئِن لَّمۡ تَنتَهِ يَٰلُوطُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُخۡرَجِينَ ١٦٧
They said, "If you do not desist, O Lot, you will surely be of those evicted."
उनकी जाति के लोगों ने उनसे कहा : ऐ लूत! यदि तुम हमें इस कार्य से मना करने और इसपर हमारी निंदा करने से बाज़ नहीं आए, तो तुम्हें तथा तुम्हारे संगियों को हमारे गाँव से निकाल दिया जाएगा।
26:168Page 374
قَالَ إِنِّي لِعَمَلِكُم مِّنَ ٱلۡقَالِينَ ١٦٨
He said, "Indeed, I am, toward your deed, of those who detest [it].
लूत अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : मैं तुम्हारे इस कार्य से जिसे तुम करते हो, सख़्त नफ़रत और घृणा करने वालों में से हूँ।
26:169Page 374
رَبِّ نَجِّنِي وَأَهۡلِي مِمَّا يَعۡمَلُونَ ١٦٩
My Lord, save me and my family from [the consequence of] what they do."
उन्होंने अपने पालनहार से दुआ करते हुए कहा : ऐ मेरे पालनहार! तू मुझे और मेरे परिवार को उस यातना से बचा ले, जो इन लोगों पर इनके द्वारा किए जाने वाले घिनौने कार्य के कारण आने वाली है।
तो हमने उनकी दुआ स्वीकार कर ली तथा उन्हें और उनके पूरे परिवार को बचा लिया।
26:171Page 374
إِلَّا عَجُوزٗا فِي ٱلۡغَٰبِرِينَ ١٧١
Except an old woman1 among those who remained behind.
उनकी पत्नी को छोड़कर। क्योंकि वह काफ़िर थी। अतः वह भी नष्ट होने वालों में से थी।
फिर जब लूत और उनके परिवार ने (सदूम) गाँव छोड़ दिया, तो हमने उनके बाद उनके शेष रह जाने वाले लोगों को बुरी तरह से नष्ट कर दिया।
26:173Page 374
وَأَمۡطَرۡنَا عَلَيۡهِم مَّطَرٗاۖ فَسَآءَ مَطَرُ ٱلۡمُنذَرِينَ ١٧٣
And We rained upon them a rain [of stones], and evil was the rain of those who were warned.
और हमने उनपर बारिश बरसाने की तरह आकाश से पत्थर बरसाए। तो उन लोगों की बारिश बहुत बुरी थी, जिन्हें लूत अलैहिस्सलाम डराते थे और उन्हें चेतावनी देते थे कि अगर वे अपने बुरे कामों में लगे रहे, तो उन्हें अल्लाह की सज़ा भुगतनी पड़ेगी।
26:174Page 374
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ١٧٤
Indeed in that is a sign, but most of them were not to be believers.
कुकर्म के कारण लूत की जाति पर उतरने वाले उपर्युक्त अज़ाब में, सीख ग्रहण करने वालों के लिए निश्चय बड़ी सीख है। और उनमें से अधिकांश लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।
26:175Page 374
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ١٧٥
And indeed, your Lord - He is the Exalted in Might, the Merciful.
और निःसंदेह (ऐ रसूल!) आपका पालनहार ही वह प्रभुत्वशाली है, जो अपने दुश्मनों से बदला लेता है, तथा उनमें से तौबा करने वालों पर बहुत दयालु है।
26:176Page 374
كَذَّبَ أَصۡحَٰبُ لۡـَٔيۡكَةِ ٱلۡمُرۡسَلِينَ ١٧٦
The companions of the thicket [i.e., the people of Madyan] denied the messengers
घने-पेड़ वाली बस्ती के लोगों ने रसूलों को झुठलाया, जब उन्होंने अपने रसूल शुऐब अलैहिस्सलाम को झुठला दिया।
26:177Page 374
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ شُعَيۡبٌ أَلَا تَتَّقُونَ ١٧٧
When Shuʿayb said to them, "Will you not fear Allāh?
जब उनके नबी शुऐब ने उनसे कहा : क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं कि उसके भय से किसी को उसका साझी बनाना छोड़ दो?!
निःसंदेह मैं तुम्हारा रसूल हूँ, अल्लाह ने मुझे तुम्हारी ओर भेजा है। (मैं) अल्लाह का संदेश पहुँचाने के कार्य में अमानतदार हूँ। जो कुछ उसने मुझे पहुँचाने का आदेश दिया है, उसमें कोई कमी-बेशी नहीं करता।
अतः तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरो, तथा जो मैंने तुम्हें आदेश दिया है और जो तुम्हें करने से मना किया है, उसमें मेरा कहा मानो।
26:180Page 374
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٨٠
And I do not ask you for it any payment. My payment is only from the Lord of the worlds.
और जो कुछ मैं अपने रब की ओर से तुम्हें संदेश पहुँचाता हूँ, मैं तुमसे उसका बदला नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारी सृष्टि के रब अल्लाह के ज़िम्मे है, किसी अन्य के नहीं।
26:181Page 374
۞ أَوۡفُواْ ٱلۡكَيۡلَ وَلَا تَكُونُواْ مِنَ ٱلۡمُخۡسِرِينَ ١٨١
Give full measure and do not be of those who cause loss.
जब तुम लोगों से कुछ बेचो तो उन्हें पूरा-पूरा नाप कर दो तथा उन लोगों में से न हो जाओ, जो लोगों से कुछ बेचते हैं तो कम नाप कर देते हैं।
26:182Page 374
وَزِنُواْ بِٱلۡقِسۡطَاسِ ٱلۡمُسۡتَقِيمِ ١٨٢
And weigh with an even [i.e., honest] balance.
तथा जब तुम दूसरों को तौलकर दो तो सीधी तराज़ू से तौला करो।
26:183Page 374
وَلَا تَبۡخَسُواْ ٱلنَّاسَ أَشۡيَآءَهُمۡ وَلَا تَعۡثَوۡاْ فِي ٱلۡأَرۡضِ مُفۡسِدِينَ ١٨٣
And do not deprive people of their due and do not commit abuse on earth, spreading corruption.
लोगों को उनके अधिकार कम न दो और पाप करके धरती में बिगाड़ न बढ़ाओ।
26:184Page 375
وَٱتَّقُواْ ٱلَّذِي خَلَقَكُمۡ وَٱلۡجِبِلَّةَ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٨٤
And fear He who created you and the former creation."1
तथा उस अस्तित्व से भय खाते हुए तक़वा धारण करो, जिसने तुमको तथा पहले के समुदायों को पैदा किया है कि कहीं वह तुमपर अपनी यातना न भेज दे।
26:185Page 375
قَالُوٓاْ إِنَّمَآ أَنتَ مِنَ ٱلۡمُسَحَّرِينَ ١٨٥
They said, "You are only of those affected by magic.
शुऐब की जाति ने शुऐब अलैहिस्सलाम से कहा : तुम तो बस उन लोगों में से हो जिनपर बार-बार जादू किया गया है, यहाँ तक कि जादू तुम्हारे दिमाग पर हावी हो गया है तथा उसे गायब (निष्क्रिय) कर दिया है।
26:186Page 375
وَمَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُنَا وَإِن نَّظُنُّكَ لَمِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ ١٨٦
You are but a man like ourselves, and indeed, we think you are among the liars.
तथा तू तो हमारे ही जैसा एक साधारण इनसान है। इसलिए तुझे हमपर कोइ श्रेष्ठता प्राप्त नहीं है। फिर तू रसूल कैसे हो सकता है? और तू जो यह रसूल होने का दावा कर रहा है, इसमें हम तुझे झूठा समझते हैं।
26:187Page 375
فَأَسۡقِطۡ عَلَيۡنَا كِسَفٗا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ ١٨٧
So cause to fall upon us fragments of the sky, if you should be of the truthful."
यदि तू अपने दावे में सच्चा है, तो हमपर आसमान से कोई टुकड़ा गिरा दे।
26:188Page 375
قَالَ رَبِّيٓ أَعۡلَمُ بِمَا تَعۡمَلُونَ ١٨٨
He said, "My Lord is most knowing of what you do."
शुऐब ने उनसे कहा : मेरा रब अधिक जानने वाला है, जो कुछ तुम शिर्क और पाप कर रहे हो, उससे तुम्हारे कर्मों में से कुछ भी छिपा नहीं है।
26:189Page 375
فَكَذَّبُوهُ فَأَخَذَهُمۡ عَذَابُ يَوۡمِ ٱلظُّلَّةِۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٍ ١٨٩
And they denied him, so the punishment of the day of the black cloud seized them. Indeed, it was the punishment of a terrible day.
चुनाँचे वे शुऐब अलैहिस्सलाम को झुठलाते रहे, तो उनपर एक बड़ी यातना आ पड़ी।एक भीषण गरमी वाले दिन के बाद, उनपर बादल छा गया, फिर उनपर आग बरसाकर उन्हें जला दिया। निश्चय उनके विनाश का दिन बड़े भय का दिन था।
26:190Page 375
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ١٩٠
Indeed in that is a sign, but most of them were not to be believers.
निश्चय शुऐब अलैहिस्सलाम की जाति के उपर्युक्त विनाश में सीख ग्रहण करने वालों के लिए बड़ी सीख है। और उनमें से अधिकांश लोग ईमान वाले नहीं थे।
26:191Page 375
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ١٩١
And indeed, your Lord - He is the Exalted in Might, the Merciful.
और निःसंदेह (ऐ रसूल!) आपका पालनहार ही वह प्रभुत्वशाली है, जो अपने दुश्मनों से बदला लेता है, तथा उनमें से तौबा करने वालों पर बहुत दयालु है।
26:192Page 375
وَإِنَّهُۥ لَتَنزِيلُ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ ١٩٢
And indeed, it [i.e., the Qur’ān] is the revelation of the Lord of the worlds.
निःसंदेह मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतरने वाला यह क़ुरआन सारी सृष्टि के पालनहार की ओर से उतारा गया है।
26:193Page 375
نَزَلَ بِهِ ٱلرُّوحُ ٱلۡأَمِينُ ١٩٣
The Trustworthy Spirit [i.e., Gabriel] has brought it down
इसे लेकर जिबरील अमीन अलैहिस्सलाम उतरे हैं।
26:194Page 375
عَلَىٰ قَلۡبِكَ لِتَكُونَ مِنَ ٱلۡمُنذِرِينَ ١٩٤
Upon your heart, [O Muḥammad] - that you may be of the warners
वह इसे लेकर (ऐ रसूल!) आपके दिल पर उतरे हैं, ताकि आप उन रसूलों में से हो जाएँ, जो लोगों को चेतावनी देते हैं और उन्हें अल्लाह की यातना से डराते हैं।
वह इसे शुद्ध एवं स्पष्ट अरबी भाषा में लेकर उतरे हैं।
26:196Page 375
وَإِنَّهُۥ لَفِي زُبُرِ ٱلۡأَوَّلِينَ ١٩٦
And indeed, it is [mentioned] in the scriptures of former peoples.
और इस क़ुरआन का वर्णन पिछले लोगों की किताबों में भी आया है। चुनाँचे इसकी ख़ुशख़बरी पिछली आसमानी किताबों में भी दी गई है।
26:197Page 375
أَوَلَمۡ يَكُن لَّهُمۡ ءَايَةً أَن يَعۡلَمَهُۥ عُلَمَٰٓؤُاْ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ ١٩٧
And has it not been a sign to them that it is recognized by the scholars of the Children of Israel?
क्या आपको झुठलाने वाले इन लोगों के लिए यह तथ्य आपकी सच्चाई की निशानी नहीं है कि आपपर उतरने वाली किताब की सच्चाई को बनी इसराईल के विद्वान जैसे अब्दुल्लाह बिन सलाम (भी) जानते हैं?
26:198Page 375
وَلَوۡ نَزَّلۡنَٰهُ عَلَىٰ بَعۡضِ ٱلۡأَعۡجَمِينَ ١٩٨
And even if We had revealed it to one among the foreigners1
और यदि हम यह क़ुरआन किसी अजमी (ग़ैर अरब) पर उतार देते, जो अरबी भाषा नहीं बोलता।
26:199Page 375
فَقَرَأَهُۥ عَلَيۡهِم مَّا كَانُواْ بِهِۦ مُؤۡمِنِينَ ١٩٩
And he had recited it to them [perfectly],1 they would [still] not have been believers in it.
फिर वह इसे उनके सामने पढ़ता, तो भी ये लोग उसपर ईमान लाने वाले न होते; क्योंकि वे कहते : हम इसे नहीं समझते हैं। इसलिए उन्हें अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए की यह (क़ुरआन) उनकी भाषा (अरबी) में उतरा है।
26:200Page 375
كَذَٰلِكَ سَلَكۡنَٰهُ فِي قُلُوبِ ٱلۡمُجۡرِمِينَ ٢٠٠
Thus have We inserted it [i.e., disbelief] into the hearts of the criminals.
इसी प्रकार हमने झुठलाने तथा इनकार की प्रवृति को अपराधियों के दिलों में डाल दिया है।
26:201Page 375
لَا يُؤۡمِنُونَ بِهِۦ حَتَّىٰ يَرَوُاْ ٱلۡعَذَابَ ٱلۡأَلِيمَ ٢٠١
They will not believe in it until they see the painful punishment.
वे अपने कुफ़्र से टस से मस नहीं होंगे और ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि वे दर्दनाक यातना देख लें।
26:202Page 375
فَيَأۡتِيَهُم بَغۡتَةٗ وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ ٢٠٢
And it will come to them suddenly while they perceive [it] not.
सो यह यातना उनपर अचानक आ पड़े, और वे इसके आने से वाक़िफ़ न हों यहाँ तक कि यह अचानक उन्हें धर ले।
फिर वे, जब उनपर अचानक यातना आ जाए, अफ़सोस करते हुए कहें : क्या हम मोहलत दिए जाने वाले हैं ताकि हम अल्लाह के समक्ष तौबा करें?!
तो क्या ये काफिर लोग हमारी यातना के लिए जल्दी मचा रहे हैं, यह कहते हुए कि : हम तुझपर कदापि ईमान नहीं लाएँगे, जब तक तू अपने दावे के अनुसार हमपर आसमान का कोई टुकड़ा न गिरा दे।
26:205Page 375
أَفَرَءَيۡتَ إِن مَّتَّعۡنَٰهُمۡ سِنِينَ ٢٠٥
Then have you considered if We gave them enjoyment for years
तो (ऐ रसूल!) आप मुझे बताएँ कि यदि हम इन काफिरों को, जो उसपर ईमान लाने से मुँह फेरने वाले हैं जो आप लेकर आए हैं, एक लंबी अवधि के लिए नेमतों से लाभ उठाने का अवसर प्रदान कर दें।
26:206Page 375
ثُمَّ جَآءَهُم مَّا كَانُواْ يُوعَدُونَ ٢٠٦
And then there came to them that which they were promised?
फिर उस अवधि के बाद जिसमें उन्होंने उन नेमतों का लाभ उठाया, वह यातना आ जाए, जिसकी उन्हें धमकी दी जा रही थी।
26:207Page 376
مَآ أَغۡنَىٰ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يُمَتَّعُونَ ٢٠٧
They would not be availed by the enjoyment with which they were provided.
तो इस दुनिया में उनके पास जो नेमतें थी, उनके क्या काम आएँगी?! क्योंकि वे सारी नेमतें समाप्त हो गईं और कुछ लाभ न दे सकीं।
26:208Page 376
وَمَآ أَهۡلَكۡنَا مِن قَرۡيَةٍ إِلَّا لَهَا مُنذِرُونَ ٢٠٨
And We did not destroy any city except that it had warners
हमने (पिछले समुदायों में से) किसी भी समुदाय को विनष्ट नहीं किया, परंतु इसके बाद कि रसूलों को भेजकर और किताबें उतारकर उनके लिए बहाना का रास्ता बंद कर दिया।
उन्हें नसीहत करने और याद दिलाने के लिए। तथा रसूलों को भेजकर और किताबें उतारकर उनके लिए बहाना का रास्ता बंद करने के बाद, हम उन्हें यातना देकर अन्याय नहीं कर रहे थे।
26:210Page 376
وَمَا تَنَزَّلَتۡ بِهِ ٱلشَّيَٰطِينُ ٢١٠
And the devils have not brought it [i.e., the revelation] down.1
इस क़ुरआन को रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दिल पर, शैतान लेकर नहीं उतरे।
26:211Page 376
وَمَا يَنۢبَغِي لَهُمۡ وَمَا يَسۡتَطِيعُونَ ٢١١
It is not allowable for them, nor would they be able.
और इसे लेकर आपके दिल पर उतरना उनके योग्य नहीं है, और न वे ऐसा कर सकते हैं।
26:212Page 376
إِنَّهُمۡ عَنِ ٱلسَّمۡعِ لَمَعۡزُولُونَ ٢١٢
Indeed they, from [its] hearing, are removed.1
वे ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि वे आकाश में उसके स्थान से अलग कर दिए गए हैं, तो वे उस तक कैसे पहुँच सकते हैं और उसे लेकर कैसे उतर सकते हैं?!
26:213Page 376
فَلَا تَدۡعُ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ فَتَكُونَ مِنَ ٱلۡمُعَذَّبِينَ ٢١٣
So do not invoke1 with Allāh another deity and [thus] be among the punished.
अतः आप अल्लाह के साथ किसी अन्य पूज्य की इबादत न करें जिसे आप उसके साथ साझी बना लें। नहीं तो उसके कारण, आप भी यातना दिए जाने वालों में से हो जाएँगे।
और (ऐ रसूल!) आप अपने समुदाय में से निकटतम फिर निकटतर लोगों को सावधान करें, ताकि अगर वे शिर्क पर क़ायम रहें तो अल्लाह की यातना से पीड़ित न हों।
26:215Page 376
وَٱخۡفِضۡ جَنَاحَكَ لِمَنِ ٱتَّبَعَكَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٢١٥
And lower your wing [i.e., show kindness] to those who follow you of the believers.
तथा ईमान वालों में से जो आपका अनुसरण करें, उनपर दया एवं नरमी करते हुए उनके साथ विनम्रता का व्यवहार करें।
26:216Page 376
فَإِنۡ عَصَوۡكَ فَقُلۡ إِنِّي بَرِيٓءٞ مِّمَّا تَعۡمَلُونَ ٢١٦
And if they disobey you, then say, "Indeed, I am disassociated from what you are doing."
फिर यदि वे आपकी अवज्ञा करें और उसको न मानें जो आपने उन्हें अल्लाह को एकमात्र पूज्य मानने और उसकी आज्ञा का पालन करने का आदेश दिया है, तो आप उनसे कह दें : तुम जो शिर्क और पाप करते हो, मैं उससे बिलकुल अलग-थलग हूँ।
26:217Page 376
وَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱلۡعَزِيزِ ٱلرَّحِيمِ ٢١٧
And rely upon the Exalted in Might, the Merciful,
तथा आप अपने सभी मामलों में उस प्रभुत्वशाली पर भरोसा करें, जो अपने दुश्मनों से बदला लेता है, तथा वह उनमें से तौबा करने वाले पर बहुत दया करने वाला है।
जो पवित्र अल्लाह आपको उस समय देखता है, जब आप नमाज़ के लिए खड़े होते हैं।
तथा वह पवित्र अल्लाह नमाज़ियों में आपके एक हाल से दूसरे हाल में जाने को भी देखता है। उससे आपका तथा आपके सिवा अन्य लोगों का कोई काम छिपा नहीं है।
Text: Quranic Universal Library (Tarteel), via spa5k/tafsir_api (MIT), at a fixed version. The ayahs: Quran Foundation. Sources and licences